सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

सुल्तानपुर जिले के पर्यटन स्थल - Sultanpur Tourist Places

सुल्तानपुर जिले के दर्शनीय स्थल - Places to visit in Sultanpur district / सुल्तानपुर जिले के आसपास घूमने वाली प्रमुख जगह 


सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश का प्रमुख जिला है। सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से करीब 140 किलोमीटर दूर है। सुल्तानपुर जिले को प्राचीन समय में कुशभवनपुर के नाम से जाना जाता था। इस जिले की स्थापना श्री राम के पुत्र कुश के द्वारा की गई थी। धीरे-धीरे कुशभवनपुर का नाम परिवर्तित होकर सुल्तानपुर हो गया। सुल्तानपुर जिले से मोक्षदायिनी गोमती नदी बहती है। सुल्तानपुर में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है। चलिए जानते हैं - सुल्तानपुर में घूमने लायक कौन कौन सी जगह है। 


सुल्तानपुर जिले में घूमने वाली जगह - Sultanpur mein ghumne ki jagah


कल्पवृक्ष (पारिजात वृक्ष) सुल्तानपुर - Kalpavriksha (Parijat tree) Sultanpur

कल्पवृक्ष सुल्तानपुर जिले में घूमने के लिए एक धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको कल्पवृक्ष देखने के लिए मिलता है। कल्पवृक्ष के बारे में कहा जाता है, कि आप इस वृक्ष के पास कोई भी मनोकामना या इच्छा लेकर आते हैं, तो यह वृक्ष आपकी मनोकामना जरूर पूरी करता है। यहां पर आपको मंदिर भी देखने के लिए मिल जाता है। यहां पर शिव शंकर जी का मंदिर बना हुआ है। कल्पवृक्ष के पास में बहुत सारी घंटियां देखने के लिए मिलती है और कल्पवृक्ष के चारों तरफ बाउंड्री बना दी गई है। 

आप इस वृक्ष को दूर से ही देख सकते हैं और बहुत सारे लोग इसमें धागा भी बांधते हैं। वेद पुराणों में मान्यता है, कि माता कुंती के आदेश पर अर्जुन स्वर्ग से इस वृक्ष को माता की पूजा के फूल हेतु लाए थे। यह दुर्लभ वृक्ष सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन से मात्र डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर जिला उद्योग केंद्र के प्रांगण में स्थित है। आप यहां पर आकर इस वृक्ष के दर्शन कर सकते हैं। 


पर्यावरण पार्क सुलतानपुर - Paryavaran park sultanpur

पर्यावरण पार्क सुलतानपुर जिले का एक सुंदर स्थल है। यह एक खूबसूरत गार्डन है। यह गार्डन गोमती नदी के किनारे बना हुआ है। यह गार्डन चारों तरफ से पेड़ पौधे और फूल वाले पौधों से घिरा हुआ है। यहां पर आपको बहुत सारे रंगों के गुलाब देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर लोकल लोग सुबह के समय और शाम के समय घूमने के लिए आते हैं। यहां पर आपको गोमती नदी का सुंदर दृश्य भी देखने के लिए मिल जाएगा। आप यहां पर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। इस पार्क में झूले भी लगे हुए हैं, जो बच्चों को बहुत पसंद आते हैं। यह सुल्तानपुर जिले में घूमने लायक जगह है। 


सीता कुंड धाम सुलतानपुर - Sita Kund Dham Sultanpur

सीता कुंड धाम सुलतानपुर शहर का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। इस जगह गोमती नदी का सुंदर घाट बना हुआ है। कहा जाता है, कि भगवती सीता ने अपने वन गमन के समय इसी स्थान पर स्नान किया था। यहां पर बहुत सारे मंदिर है। यहां पर हनुमान जी का मंदिर बना हुआ है, जिसे हनुमानगढ़ी कहा जाता है। मंदिर में हनुमान जी की बहुत सुंदर प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। इसके अलावा यहां पर महाकालेश्वर मंदिर बना हुआ है। महाकालेश्वर मंदिर में शिव भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आकर आप अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। 

कहा जाता है कि राम के पुत्र कुश ने इस नगर को बसाया था और इस नगर को कुशभवननगर के नाम से जाना जाता है। यहां पर आकर अच्छा लगता है। गोमती नदी में आप स्नान कर सकते हैं और गोमती नदी में बोटिंग का मजा भी लिया जा सकता है। यहां पर शाम के समय आकर समय बिताना बहुत अच्छा लगता है। यह सुल्तानपुर जिले की सबसे अच्छी जगह है। 


धोपाप मंदिर सुल्तानपुर - Dhopap Mandir Sultanpur

धोपाप मंदिर सुल्तानपुर का एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर सुल्तानपुर जिले में लंभुआ तहसील में स्थित है। इस मंदिर में आप खुद के वाहन से पहुंचा जा सकता है या यहां पर आप पब्लिक ट्रांसपोर्ट से भी घूमने के लिए आ सकते हैं। यह मंदिर गोमती नदी के किनारे बना हुआ है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब श्री राम जी, रावण का वध करके वापस अयोध्या लौट रहे थे। तब उन्हें ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्ति के लिए, गंगा रूपी गोमती नदी में स्नान किया और सारे पापों से उन्हें मुक्ति मिल गई। इसलिए यहां पर लोग आकर स्नान करते हैं और अपने पापों से मुक्ति पाते हैं। 

धोपाप मंदिर में आपको गोमती नदी का सुंदर घाट देखने के लिए मिलता है और यहां पर श्री राम जी, माता सीता जी, लक्ष्मण जी और हनुमान जी का मंदिर भी बना हुआ है। यहां पर शंकर जी का मंदिर पर बना हुआ है। चारों तरफ का नजारा बहुत अच्छा है। यहां पर प्राकृतिक वातावरण देखने के लिए मिलता है। दशहरे के समय यहां पर बहुत बड़ा मेला लगता है। बहुत सारे लोग यहां पर घूमने के लिए आते हैं। आप भी यहां पर आकर अच्छा समय बिता सकते हैं। यह सुल्तानपुर का पिकनिक स्पॉट है। 


गौरी शंकर धाम सुल्तानपुर - Gauri Shankar Dham Sultanpur

गौरी शंकर धाम या शिव धाम इको पर्यटन स्थल सुल्तानपुर का एक सुंदर स्थल है। यहां पर आपको गोमती नदी का घाट देखने के लिए मिलता है और यहां पर मंदिर बना हुआ है, जहां पर शिव भगवान जी का बहुत बड़ा शिवलिंग विराजमान है। यहां पर हनुमान जी के भी दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यह जगह इको पर्यटन की तरह विकसित की गई है। यहां पर बहुत सारे मेडिकल प्लांट लगाए गए हैं। यहां पर आप आकर गोमती नदी में स्नान कर सकते हैं और बोटिंग का मजा ले सकते हैं। यहां पर आकर अच्छा लगता है और आप यहां पर अच्छा समय बिता सकते हैं। शिव धाम इको पर्यटन स्थल सुल्तानपुर में कादीपुर तहसील में शाहपुर में स्थित है। 


बिजेथुआ महावीरन मंदिर सुल्तानपुर - Bijethua Mahaveeran Temple Sultanpur

बिजेथुआ महावीरन मंदिर सुल्तानपुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर सुल्तानपुर जिले में कादीपुर तहसील के पास स्थित है। इस मंदिर में हनुमान जी की अद्भुत प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। इस हनुमान प्रतिमा के बारे में कहा जाता है, कि इनका एक पैर धरती के अंदर है। कहा जाता है, कि त्रेता युग में जब श्री हनुमान जी, लक्ष्मण जी के लिए संजीवनी बूटी लेने के लिए जा रहे थे। तब उन्होंने यहां पर रुक कर मकड़ी कुंड में स्नान किया था और उसके बाद कालनेमि नाम के राक्षस का वध किया था। यह जगह एक सिद्ध पीठ के रूप में प्रसिद्ध है। कहा जाता है, कि यहां पर मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है। 

हनुमान मंदिर के पास में मकड़ी कुंड बना हुआ है। मकड़ी कुंड एक सुंदर तालाब है। तालाब के चारों तरफ सीढ़ियां बनी हुई है। यहां पर बहुत सारे लोग आकर स्नान करते हैं। त्रेता युग में हनुमान जी ने मकड़ी नाम के मगरमच्छ राक्षस का उद्धार किया था। इसलिए इस कुंड को मकड़ी कुंड कहा जाता है। हनुमान जी के मंदिर के सामने ही श्री राम जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर मंगलवार और शनिवार को बहुत भीड़ रहती है। आप अगर सुल्तानपुर घूमने के लिए जाते हैं, तो आपको इस मंदिर में जरूर घूमने के लिए आना चाहिए। 


लोहरामऊ भवानी मंदिर सुल्तानपुर - Lohramau Bhavani Temple Sultanpur

लोहरामऊ भवानी मंदिर सुल्तानपुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर सुल्तानपुर शहर में लोहरामऊ में स्थित है। यह मंदिर सुलतानपुर वाराणसी हाईवे रोड से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है। यह मुख्य शहर सुल्तानपुर से करीब 8 किलोमीटर दूर है। यह मंदिर मां दुर्गा को समर्पित है। यहां पर मां दुर्गा की बहुत ही सुंदर प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। नवरात्रि के समय यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। बहुत सारे भक्तों मां के दर्शन करने के लिए आते हैं। 


नेकराही दरगाह शरीफ सुल्तानपुर


आजमगढ़ दर्शनीय स्थल

मऊ दर्शनीय स्थल

अयोध्या दर्शनीय स्थल

ललितपुर दर्शनीय स्थल

रायबरेली दर्शनीय स्थल


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

रामघाट चित्रकूट के पास धर्मशाला - Dharamshala near Ramghat Chitrakoot

चित्रकूट में धर्मशाला - Dharamshala in Chitrakoot /  रामघाट के पास धर्मशाला /  चित्रकूट में ठहरने की जगह रामघाट चित्रकूट में एक प्रसिद्ध जगह है। चित्रकूट में बहुत सारी धर्मशालाएं हैं। मगर चित्रकूट में रामघाट के पास जो धर्मशालाएं हैं। वहां पर समय बिताने में बहुत अच्छा लगता है। उन्हीं में से एक धर्मशाला में हम लोगों ने समय बिताया और हमें अच्छा लगा।  राम घाट के किनारे पर आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर बहुत सारी धर्मशालाएं भी है, जहां पर आप रुक सकते हैं। हम लोग भी राम घाट के किनारे पर इन्हीं धर्मशाला में रुके थे। धर्मशाला का किराया बहुत ही कम रहा। हमारा एक कमरे का किराया 250 था। जिसमें बाथरूम अटैच नहीं थी। अगर आप बाथरूम अटैच कमरा लेना चाहते हैं, तो उसका किराया यहां पर 400 था। हम जिस धर्मशाला में रुके थे। वह धर्मशाला मंदाकिनी आरती स्थल के सामने ही थी, जिससे हमें मंदाकिनी नदी का खूबसूरत नजारा भी देखने का आनंद मिल ही रहा था।  रामघाट के दोनों तरफ बहुत सारी धर्मशाला है, जिनमें आप जाकर रुक सकते हैं।  हम लोगों का रामघाट के किनारे पर बनी धर्मशाला में रुकने का

मैहर पर्यटन स्थल - Maihar Tourist place | Places to visit in maihar

मैहर के दर्शनीय स्थल - Maihar tourist place in hindi | Maihar tourist places list |  मैहर शारदा देवी मंदिर मैहर में घूमने की जगह  Maihar me ghumne ki jagah मैहर का शारदा मंदिर - M aihar ka sharda mandir मैहर में सबसे प्रसिद्ध शारदा माता जी का मंदिर है। शारदा माता जी का मंदिर पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए पूरे देश से भक्तगण आते हैं। मंदिर में विशेष कर नवरात्रि के समय बहुत भीड़ रहती है। यहां पर इस टाइम पर मेला भी भरता है। वैसे मंदिर में आप साल के किसी भी समय घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर हमेशा ही मेले जैसा ही माहौल रहता है। मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर में पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर पर आप रोपवे की मदद से भी पहुंच सकते हैं। मंदिर में आपको शारदा माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के परिसर में और भी देवी देवता विराजमान हैं, जिनके आप दर्शन कर सकते हैं। मंदिर से मैहर के चारों तरफ का दृश्य आपको देखने के लिए मिलता है। खूबसूरत पहाड़ देखने के लिए मिलते हैं। आपको मंदिर आकर बहुत अच्छा लगेगा।  नीलकंठ मंदिर और आश्रम मैहर -  Neelkanth Temple

कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni

कटनी में घूमने वाली जगह | Katni paryatan sthal | Places to visit near Katni |  कटनी जिले के पर्यटन स्थल |  कटनी जिले के दर्शनीय स्थल कटनी जिले के बारे में जानकारी Information about Katni district कटनी मध्य प्रदेश का एक जिला है। कटनी जिलें को मुडवारा के नाम से भी जाना जाता है। कटनी का संभागीय मुख्यालय जबलपुर है। 28 मई 1998 को कटनी को जिलें के रूप में घोषित किया गया है। कटनी में कटनी नदी बहती है, जो पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत है। कटनी जिलें में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन है। कटनी रेल्वे जंक्शन में 6 प्लेटफार्म है। यहां पर हमेशा भीड रहती है। कटनी की 8 तहसील कटनी शहर, कटनी ग्रामीण, रीठी, बड़वारा, बहोरीबंद, विजयराघवगढ, ढीमरखेड़ा, बरही है। कटनी जिले की सीमाएं उमरिया, जबलपुर , दमोह, पन्ना, और सतना जिले की सीमाओं को छूती हैं। कटनी जिले में बहुत सारी ऐतिहासिक और प्राकृतिक जगह है, जहां पर आप जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं।  Katni places to visit कटनी में घूमने की जगहें जागृति पार्क - Jagriti Park Katni जागृति पार्क कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है।