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सीतापुर जिले के पर्यटन स्थल - Sitapur Tourist Places

सीतापुर जिले के दर्शनीय स्थल - Places to visit in Sitapur district / सीतापुर जिले के आसपास घूमने वाली प्रमुख जगह


सीतापुर उत्तर प्रदेश का प्रमुख जिला है। सीतापुर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से करीब 90 किलोमीटर दूर है। सीतापुर में सराय नदी बहती है। सराय नदी सीतापुर की मुख्य नदी है। सीतापुर मे सीतापुर नेत्र अस्पताल भी बहुत प्रसिद्ध है। यह अस्पताल उत्तर प्रदेश में आंख के रोगियों की सेवा प्रदान करता है। इसमें 32 शाखा अस्पताल है। सीतापुर शहर का नाम राजा विक्रमादित्य ने भगवान राम की पत्नी सीता के नाम पर रखा था। सीतापुर जिले में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है। चलिए जानते हैं - सीतापुर में कौन-कौन सी जगह घूमने लायक है। 


सीतापुर में घूमने की जगह - Sitapur jile mein ghumne wali jagah

 


बाबा श्याम नाथ जी मंदिर सीतापुर - Baba Shyam Nath Ji Temple Sitapur

बाबा श्याम नाथ जी का मंदिर सीतापुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है।  यह प्राचीन शिव मंदिर है। मंदिर में शिव भगवान जी के शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के पास एक कुंड भी बना हुआ है। कुंड के बीच में शंकर जी की प्रतिमा को रखा गया है। यह प्रतिमा बहुत ही सुंदर लगती है। कुंड के चारों तरफ सीढ़ियां बनी हुई है। यहां पर नंदी भगवान जी की प्रतिमा भी देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही सुंदर लगती है। यह मंदिर करीब 400 वर्ष पुराना है। यहां पर सावन सोमवार और महाशिवरात्रि के समय बहुत सारे लोग भोलेनाथ के दर्शन करने के लिए आते हैं। 

श्यामनाथ मंदिर पर आपको बंदर भी देखने के लिए मिल जाएंगे। इस मंदिर का गर्भ ग्रह बहुत ही सुंदर है। गर्भ ग्रह में काले पत्थर से बने हुए शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। शिवलिंग की जलहरी सफेद संगमरमर से बनी हुई है। जलहरी के पास में ही नंदी भगवान जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। गर्भग्रह में और भी बहुत सारी प्रतिमाएं रखी गई है, जिनके दर्शन किए जा सकते हैं। मंदिर के प्रवेश द्वार में गणेश जी की बहुत ही सुंदर प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। इस मंदिर का शिखर भी बहुत सुंदर है। यह मंदिर पूरे सीतापुर में प्रसिद्ध है और आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह सीतापुर जिले में घूमने लायक जगह है। 


साईं बाबा मंदिर सीतापुर - Sai Baba Mandir Sitapur

साईं बाबा का मंदिर सीतापुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर में साईं बाबा जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यह मंदिर सरायन नदी के किनारे बना हुआ है। यहां सरायन नदी का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। मंदिर में और भी बहुत सारे देवी देवताओं के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर शिव जी और हनुमान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। बहुत शांति मिलती है। आप यहां पर अपना अच्छा समय व्यतीत कर सकते हैं। 


तड़कनाथ मंदिर सीतापुर - Tadaknath Temple Sitapur

तड़कनाथ मंदिर सीतापुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यह मंदिर सरायन नदी के किनारे बना हुआ है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं और शिव भगवान जी के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर और भी बहुत सारे देवी देवताओं के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यह मंदिर सीतापुर जिले के बीचो-बीच स्थित है। आप यहां आराम से पहुंच सकते हैं। 


शिव मंदिर खैराबाद सीतापुर - Shiv Mandir Khairabad Sitapur

शिव मंदिर सीतापुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर सीतापुर जिले में खैराबाद में स्थित है। यहां पर एक तालाब देखने के लिए मिलता है। यह तालाब चौकोर आकार में बना है। तालाब के चारों तरफ सीढ़ियां बनी हुई है और तालाब के किनारे शिव भगवान जी का मंदिर बना हुआ है, जो बहुत ही सुंदर लगता है। यह जगह प्राचीन हैं और आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यह जगह बहुत ही अच्छी है। 


गौरी देवी मंदिर सीतापुर - Gauri Devi Temple Sitapur

गौरी देवी मंदिर सीतापुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर प्राचीन है। यह मंदिर सीतापुर जिले में खैराबाद में स्थित है। आप इस मंदिर में आकर घूम सकते हैं। आपको अच्छा लगेगा। कहा जाता है, कि गौरी देवी अपने भक्तों की इच्छाओं को पूरा करती है। यहां पर सभी की मनोकामना पूरी होती है। आप भी यहां पर दर्शन करके अपनी मनोकामना मांग सकते हैं। 


रामेश्वरम धाम गंगासागर तीर्थ सीतापुर - Rameshwaram Dham Gangasagar Shrine Sitapur

रामेश्वरम धाम गंगासागर तीर्थ सीतापुर का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह सीतापुर जिले के रामकोट गांव में स्थित है। यहां पर आपको प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलता है। इस मंदिर में एक कुंड बना हुआ है। इस कुंड के गंगासागर तीर्थ के नाम से जाना जाता है। इस कुंड का पानी पवित्र है। लोग यहां पर स्नान करते हैं और भगवान शिव के दर्शन करने के लिए जाते हैं। भगवान शिव का मंदिर बहुत प्राचीन है और यहां पर आपको शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते है। यह जगह बहुत सुंदर है और यहां पर आकर शांति मिलती है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


दधीचि मंदिर एवं कुंड सीतापुर - Dadhichi Temple and Kund Sitapur

दधीचि मंदिर एवं कुंड सीतापुर का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। दधीचि जी एक महान ऋषि थे। उन्होंने जन कल्याण के लिए अपने शरीर की हड्डियों को दान दिया था। यहां पर आपको दधीचि ऋषि का मंदिर और एक कुंड देखने के लिए मिलता है। मंदिर में दधीचि ऋषि की प्रतिमा विराजमान है। यहां पर इंद्र भगवान जी की भी प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। जब इंद्र भगवान जी दधीचि ऋषि के पास उनकी हड्डी से अस्त्र बनाने के लिए प्रार्थना करने के लिए आए थे। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है और शांति मिलती है। यहां पर जो कुंड बना हुआ है।

दधीचि कुंड बहुत सुंदर है। दधीचि कुंड में बहुत सारी मछलियां देखने के लिए मिलती हैं। यहां पर कलरफुल मछलियां है। यहां पर आकर शांति से बैठ जा सकता है। कहा जाता है, कि इस कुंड में स्नान करने से सारे तीर्थों का पुण्य मिलता है। इस कुंड में सभी तीर्थों के जल को मिलाया गया है। इसलिए इस तीर्थ को मिश्रित तीर्थ के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर दधिचि कुंड के चारों तरफ और भी प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। आप यहां पर आकर शिव भगवान जी के भी दर्शन कर सकते हैं। यह जगह सीतापुर जिले के मिश्रिख तहसील में है। यह सीतापुर जिले की सबसे अच्छी जगह है। 


देवदेवेश्वर धाम सीतापुर - Devdeveshwar Dham Sitapur

देवदेवेश्वर धाम सीतापुर का एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर गोमती नदी के किनारे बना हुआ है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। मंदिर में शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। देवदेवेश्वर मंदिर सीतापुर जिले में सीतापुर हरदोई रोड में स्थित है। यहां पर मुख्य सड़क से थोड़ा अंदर जाना पड़ता है। यह मंदिर प्राचीन है। यहां आकर बहुत अच्छा लगता है। चारों तरफ प्राकृतिक वातावरण है। 

देवदेवेश्वर मंदिर के थोड़ा ही आगे, श्री सेतुबंध रामेश्वर मंदिर है। यह मंदिर भी बहुत सुंदर है और शिव भगवान जी को समर्पित है। यहां पर प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर आप आकर गोमती नदी में स्नान कर सकते हैं। यहां आकर बहुत अच्छा लगता है। 


रूद्रावर्त मंदिर सीतापुर - Rudravart Temple Sitapur

रूद्रावर्त मंदिर सीतापुर में स्थित एक प्रसिद्ध चमत्कारिक मंदिर है। यह मंदिर गोमती नदी के किनारे बना हुआ है। इस मंदिर में एक कुंड में शिव भगवान जी का शिवलिंग पानी के अंदर विराजमान है। इस शिवलिंग को लेकर मान्यता है, कि यहां पर एक निश्चित स्थान पर ही बेलपत्र जल के अंदर जाती है और इसके लिए भक्तों को पहले ओम नमः शिवाय का जप करना होता है। रूद्रावर्त में बेलपत्र ही नहीं, गाय के दूध को इस कुंड के जल में अंदर तक एक ही धार के साथ जाते हुए देखा जाता है। 

रूद्रावर्त में हैरान कर देने वाली तस्वीरें तब दिखाई देती है। जब भगवान शिव को अर्पित किया गए फलों को जल में डालने पर चंद क्षणों में प्रसाद के रूप में उनमें से एक या दो फल वापस जल में ऊपर तैरने लगते हैं, जिसको श्रद्धालु प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको यहां पर गोमती नदी का सुंदर किनारा देखने के लिए मिलेगा और यहां पर शिव भगवान जी का मंदिर भी बना हुआ है, जिसमें भगवान शिव रूद्र अवतार में विराजमान है। यहां पर आकर बहुत शांति मिलती है। 


महमूदाबाद का किला सीतापुर - Mahmudabad Fort Sitapur

महमूदाबाद का किला सीतापुर का एक ऐतिहासिक स्थल है। यह एक प्राचीन किला है। यह किला सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील में स्थित है। यह किला बहुत सुंदर है। इस किले मे बहुत सारी फिल्म की शूटिंग हो चुकी है। आप यहां पर आकर किले को देख सकते हैं। यहां आपको सुंदर खिड़कियां दरवाजे और प्राचीन सामान देखने के लिए मिल जाएगा। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यह सीतापुर का पिकनिक स्पॉट है। 


संकटा देवी मंदिर - Sankata Devi Temple

संकटा देवी मंदिर सीतापुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर सीतापुर जिले में महमूदाबाद तहसील में स्थित है। यह मंदिर संकटा देवी को समर्पित है। मंदिर में संकटा देवी की बहुत ही सुंदर प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के पास में ही तालाब बना हुआ है। तालाब का दृश्य बहुत ही सुंदर रहता है। इस मंदिर में नवरात्रि के समय बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। बहुत सारे भक्त माता के दर्शन करने के लिए आते हैं। 


नैमिषारण्य धाम सीतापुर - Naimisharanya Dham Sitapur

नैमिषारण्य धार्मिक स्थल सीतापुर का एक प्रसिद्ध जगह है। यहां पर बहुत सारे धार्मिक मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर प्राचीन मंदिर बने हुए हैं। यह धार्मिक स्थल सीतापुर जिले में मिश्रिख तहसील में स्थित है। यह गोमती नदी के किनारे बना हुआ है। गोमती नदी के किनारे यहां पर बहुत सारे प्राचीन मंदिर, घाट, कुंड, आश्रम देखने के लिए मिलते हैं। कहा जाता है, कि यहां पर श्री हरि विष्णु जी की सुदर्शन चक्र की नेमी यहां पर गिरी थी। इसलिए इस जगह को नैमिषारण्य के नाम से जाना जाता है। 

नैमिषारण्य पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। यह भारत का एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। यहां पर बहुत सारे लोग पूरे भारत से लोग आते हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से करीब 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पर मार्कंडेय पुराण के अनुसार यहां पर 88000 ऋषियों ने तप किया था। यहां पर आप विभिन्न मंदिर घूम सकते हैं। नैमिषारण्य धाम में घूमने वाली प्रमुख मंदिर

चक्रतीर्थ - चक्रतीर्थ एक बहुत बड़ा गोलाकार कुंड है। इस कुंड से पानी बाहर बहता रहता है और यहां पर सभी लोग नहाते हैं। कहा जाता है, कि यह कुंड पवित्र है और सभी लोगों की इसमें बहुत श्रद्धा है। कुंड के पास में ही है आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। 

व्यास गद्दी - व्यास गद्दी नैमिषारण्य का एक मुख्य धार्मिक स्थल है। यहीं पर व्यास जी ने सभी ग्रंथों की रचना की थी। यहां पर एक पेड़ है, जिसके नीचे बैठकर व्यास जी ने रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथ लिखे थे। 

श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर - लक्ष्मी नारायण मंदिर नैमिषारण्य का एक प्रमुख मंदिर है। यहां पर श्री विष्णु भगवान जी और लक्ष्मी माता जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर और भी बहुत सारे देवी देवताओं के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यह मंदिर दक्षिण भारतीय वास्तुकला में बनाया गया है और बहुत ही सुंदर लगता है। 

हनुमानगढ़ी मंदिर - हनुमानगढ़ी मंदिर में हनुमान जी की बहुत ही सुंदर प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। प्रतिमा को देखकर ऐसा लगता है, कि जैसे यह मूर्तियां सजीव है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। 

खाटू जी श्याम मंदिर - यहां पर श्री कृष्ण जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। 

श्री सूत गद्दी मंदिर - यहां पर श्री सूत भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। 

गोमती नदी का घाट - यहां पर आपको गोमती नदी का सुंदर घाट देखने के लिए मिल जाता है। 

पांडू किला - पांडू किला के बारे में कहा जाता है, कि पांडव अपने अज्ञातवास के दौरान यहां पर 12 वर्षों तक रुके थे। आप यहां पर उनका किला देख सकते हैं और उनकी मूर्तियों के दर्शन कर सकते हैं। 

श्री ललिता देवी टेंपल - श्री ललिता देवी टेंपल नैमिषारण्य का एक मुख्य टेंपल है। यह मंदिर बहुत सुंदर है और ललिता देवी को समर्पित है। 


सीतापुर जिले के अन्य प्रसिद्ध स्थल - Famous Places of Sitapur District

पंच प्रयाग
श्री बालाजी मंदिर नैमिषारण्य 
देवपुरी मंदिर नैमिषारण्य 
महर्षि सूत गद्दी मंदिर नैमिषारण्य 
खाटू श्याम जी मंदिर नैमिषारण्य 
काशी कुंड नैमिषारण्य 
बलराम मंदिर नैमिषारण्य 
महावीर पार्क 
सरोजिनी वाटिका 
वैदेही वाटिका 
शहीद कैप्टन मनोज पांडे स्मारक
गौरी माता का मंदिर मिश्रिख तहसील सीतापुर
रामकोट का किला सीतापुर
पत्थर शिवाला



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