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बलरामपुर जिले के पर्यटन स्थल - Balrampur Tourist Places

बलरामपुर जिला के दर्शनीय स्थल - Places to visit in Balrampur / बलरामपुर जिले के आसपास घूमने वाली प्रमुख जगह 


बलरामपुर रामानुजगंज छत्तीसगढ़ का एक मुख्य जिला है। बलरामपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से करीब 480 किलोमीटर दूर है। बलरामपुर रामानुजगंज छत्तीसगढ़ राज्य के उत्तरी भाग में स्थित है। बलरामपुर रामानुजगंज पहले सरगुजा जिले का एक हिस्सा हुआ करता था। 2012 में यह 1 जिले के रूप में अस्तित्व में आया। बलरामपुर उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित है। बलरामपुर रामानुजगंज में कनहर नदी बहती है। बलरामपुर रामानुजगंज में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है, जहां पर आप अपना बहुत अच्छा समय बिताते हैं। चलिए जानते हैं - कि बलरामपुर में कौन-कौन सी जगह घूमने के लिए है। 


बलरामपुर रामानुजगंज में घूमने की जगह
Balrampur Ramanujganj mein ghumne ki jagah


तातापानी बलरामपुर - Tatapani Balrampur

तातापानी बलरामपुर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह स्थल पूरे छत्तीसगढ़ में प्रसिद्ध है। तातापानी का अर्थ है - ताता का अर्थ होता है गर्म और पानी का अर्थ होता है जल। अर्थात यहां पर गर्म पानी के प्राकृतिक स्त्रोत आपको देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर छोटे-छोटे कुंड बने हुए हैं, जहां से जमीन के अंदर से गर्म पानी निकलता है। यह गर्म पानी के स्त्रोत से साल भर पानी निकलता रहता है। यहां पर शिव भगवान जी का प्रसिद्ध मंदिर भी है। छत्तीसगढ़ पर्यटन के द्वारा यहां पर विकास किया गया है और यहां पर गर्म पानी के स्त्रोतों को पक्का बना दिया गया है। 

तातापानी पर शिव भगवान जी का एक बहुत ही सुंदर मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां शिव भगवान जी का एक बहुत बड़ी मूर्ति देखने के लिए मिलती है। यह मूर्ति करीब 85 फीट ऊंची है। यह मूर्ति आपको मुख्य हाईवे सड़क से ही देखने के लिए मिल जाती है। यहां पर आपको ततेश्वर महादेव मंदिर भी देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर से भगवान शिव जी को समर्पित है और मंदिर के गर्भ गृह में शिवलिंग विराजमान है। यहां पर शिव भगवान जी की बड़ी सी मूर्ति के सामने एक बड़ा सा जलाशय बनाया गया है। यहां पर आप आकर भगवान शिव के दर्शन करने के साथ-साथ इन प्राकृतिक कुंड को भी देख सकते हैं। यहां पर पार्क बना हुआ है, जहां पर आप बैठ सकते हैं और इस जगह की शांति का आनंद ले सकते हैं। यहां हेलीपैड भी बना हुआ है। यहां पर तातापानी महोत्सव मनाया जाता है। इस समय यहां पर बहुत सारे लोग घूमने के लिए आते हैं। 


औरझरिया जलप्रपात बलरामपुर - Aurajhariya Waterfall Balarampur

औरझरिया जलप्रपात बलरामपुर का एक प्रमुख प्राकृतिक स्थल है। यह एक सुंदर झरना है। यह झरना बलरामपुर वन परिक्षेत्र में स्थित है। यह झरना रामानुजगंज की तरफ जाने वाली सड़क पर स्थित है। यह झरना जंगल के अंदर स्थित है। चारों तरफ का दृश्य बहुत सुंदर रहता है। बरसात में यह झरना अपनी चरम सुंदरता दिखाता है। आप यहां पर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आप नहाने का मजा ले सकते हैं। चट्टानों से ऊपर बहता हुआ पानी बहुत ही सुंदर लगता है। यहां पर चट्टान सीढ़ी नुमा है, जिसके ऊपर से यह झरना बहता है। जिससे यह झरना दो तीन स्तरों में बहता है और बहुत ही सुंदर लगता है। यहां पर आप पिकनिक मनाने आ सकते हैं। 


पवई जलप्रपात बलरामपुर - Powai Falls Balrampur

पवई जलप्रपात बलरामपुर का एक प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थल है। यह एक शानदार झरना है। यह झरना घने जंगलों के अंदर स्थित है। यहां पर पहुंचने का मार्ग भी थोड़ा सा कठिन है। यहां पर रोड उतनी अच्छी नहीं है। मगर झरने में पहुंचकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यहां झरने तक पहुंचने के लिए ट्रैकिंग करनी पड़ती है। मगर ट्रैकिंग में भी आपको बहुत मजा आएगा, क्योंकि यहां पर पूरा जंगल का परिदृश्य आपको देखने के लिए मिलेगा। यहां पर झरने के पास नीचे की तरफ पहुंचने के लिए भी रास्ता है। मगर यह रास्ता कच्चा है। छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग यहां पर विकास कर रहा है। आप इस झरने में बरसात के समय घूमने के लिए आ सकते हैं। 

पवई झरना करीब 100 फीट ऊपर से नीचे गिरता है। नीचे एक कुंड में पानी गिरता है और आगे जाकर एक छोटा सा झरना भी देखने के लिए मिलता है, जो बहुत अच्छा लगता है। यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आप आ सकते हैं। झरने के ऊपर से आप दृश्य देखते हैं, तो आपको हरियाली भरा खूबसूरत वादी देखने के लिए मिलती है। यह झरना सेमरसोत अभ्यारण के अंदर स्थित है। यह झरना चानन नदी पर बना हुआ है। आपको यहां पर आकर मजा आएगा। 


सेमरसोत अभयारण्य बलरामपुर - Semarsot Sanctuary Balrampur

सेमरसोत अभयारण्य बलरामपुर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह अभयारण्य सरगुजा और बलरामपुर जिले में फैला हुआ है। इस अभ्यारण में सेमरसोत नदी बहती है, जिसके कारण अभयारण्य को सेमरसोत अभ्यारण के नाम से जाना जाता है। सेमरसोत नदी अभयारण्य के अधिकांश हिस्सों में बहती है। इस अभयारण्य में सेंदूर, सेमरसोत, चेतन और सासू नदियां बहते हैं। यह अभयारण्य अंबिकापुर और रामानुजगंज मार्ग पर स्थित है। इस अभयारण्य का क्षेत्रफल 430.36 वर्ग किलोमीटर है। इस अभयारण्य की स्थापना 1968 में की गई थी। इस अभयारण्य में पेड़ पौधों की बहुत सारी प्रजातियां पाई जाती है, उनमें से मुख्य प्रजातियां हैं - साल, सरई, आम, तेंदू, आदि। 

सेमरसोत अभयारण्य में आपको वन्य जीव की बहुत सारी प्रजातियां भी देखने के लिए मिल जाती है। यहां पर आपको तेंदुआ, गौर, नीलगाय, चीतल, सांभर, जंगली कुत्ते, सियार, भालू जैसे जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं, जो यहां पर स्वतंत्रता पूर्वक घूमते रहते हैं। अभयारण्य के अंदर और भी दर्शनीय स्थल देखने के लिए है। अभयारण्य के अंदर आपको सुंदर झरने और पहाड़ों का दृश्य देखने के लिए मिलता है, जो अद्भुत रहता है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह बलरामपुर में घूमने लायक प्रमुख जगह है। 


परेवा डहा जलप्रपात बलरामपुर - Pereva Daha Falls Balrampur

परेवा डहा जलप्रपात बलरामपुर का एक प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थल है। यह जलप्रपात घने जंगल के अंदर स्थित है। यहां पर आपको एक सुंदर जलप्रपात देखने के लिए मिलता है। यह जलप्रपात सेमरसोत अभयारण्य के अंदर स्थित है। यहां पर आप बरसात के समय घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आपको चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है और जलप्रपात में बहता हुआ तीव्र गति से पानी देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही सुंदर लगता है। यहां पर आप अपनी बाइक से पहुंच सकते हैं। 

परेवा डहा जलप्रपात अंबिकापुर से रामानुजगंज सड़क मार्ग पर स्थित है। आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां आने के लिए मार्ग थोड़ा सा खराब है। मगर यहां पर पहुंच कर आपको बहुत अच्छा लगेगा। 


पहाड़ी मंदिर बलरामपुर - Pahari Mandir Balrampur

पहाड़ी मंदिर बलरामपुर का एक प्रमुख दर्शनीय स्थल है। यह एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर वैष्णो माता जी को समर्पित है। यह मंदिर वैष्णो धाम के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है और मंदिर से आपको चारों तरफ का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। मंदिर के चारों तरफ पेड़ पौधे, जंगल और पहाड़ी देखने के लिए मिलती है। मंदिर तक जाने के लिए सीढ़ियां है। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यह मंदिर बलरामपुर में रामानुजगंज में स्थित है। 

वैष्णो माता जी का मंदिर मालकेतु पर्वत पर स्थित है और यहां पर आकर बहुत शांति मिलती है। शाम के समय यहां पर आकर सूर्यास्त का दृश्य देखना बहुत ही अच्छा लगता है। 


बलरामपुर पार्क - Balrampur Park

बलरामपुर पार्क रामानुजगंज मे स्थित एक सुंदर जगह है। यहां पर आपको एक सुंदर पार्क देखने के लिए मिलता है, जिसके चारों तरफ हरियाली है और पेड़ पौधे लगे हुए हैं। यहां पर आपको एक तालाब भी देखने के लिए मिलता है, जो बहुत सुंदर है। आप यहां पर आकर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। इस तालाब को रामानुजगंज तालाब के नाम से भी जाना जाता है। 


डीपाडीह सामत सरना - Deepadih Samat Sarna

डीपाडीह सामत सरना बलरामपुर का एक पुरातात्विक स्थल है।  यहां पर आपको बहुत सारे मंदिरों के प्राचीन अवशेष देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर एक बावली भी देखने के लिए मिलती है। यह बलरामपुर के शंकरगढ़ तहसील के अंतर्गत आता है।  डीपाडीह कान्हार और गलफुल्ला नदी के संगम पर स्थित एक महत्वपूर्ण स्थल है। यहा 1 किलोमीटर के क्षेत्र में प्राचीन मंदिरों के अवशेष देखने के लिए मिलते हैं, जो यहां पर फैले हुए हैं। डीपाडीह सरगुजा जिले से 75 किलोमीटर दूर है। यहां पर 74 मुख्य मंदिर प्राप्त हुए हैं, जहां पर अधिकतर मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यहां पर रानीपोखर और चामुंडा मंदिर भी प्राप्त किया गया है, जो बहुत सुंदर है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। 

लोगों के अनुसार यहां पर टांगीनाथ और सामत राजा के मध्य युद्ध हुआ था, जिसमें राजा के वीरगति प्राप्त करने के पश्चात उसकी रानियां बावड़ी में कूद कर प्राण त्याग दी थी। अतः यह स्थल सामत सरना के नाम से प्रसिद्ध है। डीपाडीह में 1986 से उत्खनन कार्य प्रारंभ कर भग्नावशेष को प्राप्त किया गया है। उत्खनन से यहां पर शिव, विष्णु और शक्ति के मंदिर के अवशेष प्राप्त हुए हैं। यहां की शिल्पकला में शास्त्रीय परंपरा और स्थानीय प्रवृत्तियों का मिश्रण है। यह मंदिर आठवीं शताब्दी से 12वीं शताब्दी के बीच के हैं। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं और इस जगह की प्राचीन खूबसूरती को देख सकते हैं। यह बलरामपुर में घूमने लायक जगह है। 


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