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दिल्ली के पर्यटन स्थल - Delhi tourist places

दिल्ली के दर्शनीय स्थल - दिल्ली में बच्चों की घूमने की जगह / दिल्ली में घूमने वाली जगह / दिल्ली में घूमने लायक जगह 


दिल्ली को भारत का हृदय स्थल कहा जाता है। दिल्ली शहर में घूमने की बहुत सारी जगह है। यहां पर बहुत सारे ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक जगह मौजूद है, जहां पर आप जाकर घूम सकते हैं। 


दिल्ली में घूमने की जगह

Delhi mein ghumne ki jagah


लाल किला दिल्ली - Red Fort, Delhi

लाल किला दिल्ली शहर का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। लाल किला पूरे देश में प्रसिद्ध है। लाल किला अपने इतिहास के लिए प्रसिद्ध है। लाल किला बादशाह शाहजहां द्वारा बनवाया गया था। लाल किले में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है। यहां पर आप रंग महल, खास महल, दीवान ए खास, मोती मस्जिद, हीरा महल,  दीवान ए आम,  इंडिया फर्स्ट वॉर ऑफ म्यूजियम, पुरातन संग्रहालय, स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय, नेताजी सुभाष चंद्र बोस संग्रहालय, शाह बुर्ज, दिल्ली गेट। यह सभी जगह लाल किले में घूमने के लिए है। आप यहां पर एंट्री टिकट ले सकते हैं और इन सभी जगह में घूम सकते हैं। 

लाल किले के अंदर मोती मस्जिद एक सुंदर धार्मिक स्थल है। मोती मस्जिद का निर्माण औरंगजेब ने अपने निजी उपयोग के लिए करवाया था। विभिन्न पहरों में इबादत करने के लिए अपने शयनकक्ष से कुछ ही दूरी पर इस मस्जिद का निर्माण करवाया था। इस मस्जिद का उपयोग महिलाओं द्वारा भी किया जाता था। यह मस्जिद एक ऊंचे चबूतरे पर बनी हुई है। मस्जिद का बाहरी दरवाजा लाल पत्थरों से बना हुआ है और मंदिर का आंतरिक हिस्सा संगमरमर से बना हुआ है, जो बहुत ही सुंदर लगता है। 

यहां पर आपको हमाम देखने के लिए मिलता है। हमाम शाही स्नान घर है। मुगल सम्राटों का यह प्रिय विश्राम स्थल था, जहां राजकाज से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए जाते थे। 

दीवान ए खास शाही महल के नाम से भी जाना जाता था। यह बादशाह द्वारा खास दरबारियों एवं मेहमानों से चर्चा हेतु "निजी मुलाकात कक्ष" के रूप में प्रयोग किया जाता था। 

खास महल यह बादशाह का निजी महल था। लाल किले के अंदर म्यूजियम भी स्थित हैं। आप इन म्यूजियम में भी घूम सकते हैं। आप दिल्ली घूमने के लिए आते हैं, तो आपको लाल किला जरूर आना चाहिए। 


सलीमगढ़ का किला दिल्ली - Salimgarh Fort Delhi

सलीमगढ़ का किला दिल्ली शहर का एक पर्यटन स्थल है। इस किले का निर्माण 1546 ईस्वी में सलीम शाह सूरी ने करवाया था। सलीम शाह सूरी शेरशाह सूरी के बेटे थे। यह किला यमुना नदी के किनारे बना हुआ है। यह किला लाल किले के पास ही में है। आप इस किले में भी घूमने के लिए जा सकते हैं। 

सलीमगढ़ का किला प्राचीन समय में जेल के रूप में प्रयोग किया जाता था। यहां पर कैदियों को रखा जाता था। 1857 की क्रांति में यहां पर बहुत सारे कैदियों को रखा गया था। इस किले को स्वतंत्रता सेनानी स्मारक के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर बहुत सारे कैदी मारे भी गए थे। यह दिल्ली शहर में घूमने की अच्छी जगह है। 


राजघाट दिल्ली - Rajghat Delhi

राजघाट दिल्ली में घूमने लायक जगह है। राजघाट में गांधी जी का समाधि स्थल देखने के लिए मिलता है। यहां पर सुंदर गार्डन बना हुआ है। चारों तरफ पेड़ पौधे लगे हुए हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है और शांति मिलती है। गांधी जी के समाधि स्थल पर हे राम लिखा है और हमेशा यहां पर जोत जलती रहती है। उनकी समाधि स्थल पर फूल चढ़े रहते हैं। 

राजघाट में गांधी जी के समाधि के अलावा किसान घाट, चौधरी चरण सिंह की समाधि और वीरभूमि देखने के लिए मिलती है। यहां पर बहुत सारे फूलों के पौधे भी लगे हुए हैं। यहां का माहौल बहुत ही खुशनुमा है। इस जगह पर शांति मिलती है। राजघाट सुबह 5:00 बजे से शाम के 7:00 बजे तक खुला रहता है। आप दिल्ली घूमने के लिए आते हैं, तो आप राजघाट पर भी घूमने के लिए आ सकते हैं। 


गांधी दर्शन दिल्ली - Gandhi Darshan Delhi

गांधी दर्शन दिल्ली का एक पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको संग्रहालय देखने के लिए मिलता है। इस संग्रहालय में गांधीजी से संबंधित बहुत सारे सामान देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको गांधी जी की जीवनी देखने के लिए मिलेगी। यहां पर उनके हर घटनाओं को तस्वीरों के द्वारा प्रस्तुत किया गया है। यहां पर आपको गांधी जी का कमरा भी देखने के लिए मिलता है। इस कमरे में गांधी जी ने अपने जीवन के अंतिम 144 दिन बिताए थे। यहां पर गांधीजी का चरखा भी देखने के लिए मिलता है। यहां पर गांधी जी के बहुत सारे स्टेच्यू देखने के लिए मिलते हैं। आपको यहां पर गांधीजी के बारे में बहुत सारी जानकारियां मिल सकती है। 


शांतिवन दिल्ली - Shantivan Delhi

शांतिवन दिल्ली शहर का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। शांतिवन को जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल के नाम से जाना जाता है। शांतिवन यमुना नदी के किनारे हैं। शांतिवन जवाहरलाल नेहरू जी की समाधि है। जवाहरलाल नेहरू एक राष्ट्रीय नेता थे और वह स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री थे। यहां पर संजय गांधी की समाधि भी है। यह जगह बहुत सुंदर है। चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है। यहां पर एक झील भी है। 

शांतिवन एक बड़ा ओपन एरिया है। यहां पर जमीन में घास की चादर बिछी हुई है। यहां पर आकर बहुत शांति मिलती है। यहां पर जो झील है। उसमें बदक घूमती रहती है, जो बहुत ही अच्छी लगती है। यहां पर आकर आप एक्सरसाइज कर सकते हैं। आप दिल्ली घूमने के लिए आते हैं, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए। यह एक अच्छी जगह है। शांतिवन के पास राजघाट भी देखने के लिए मिल जाएगा। आप वहां पर भी घूम सकते हैं। 


राष्ट्रीय स्मृति स्थल दिल्ली - National Memorial Site Delhi

राष्ट्रीय स्मृति स्थल दिल्ली का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह एक बहुत बड़ा ओपन एरिया है। यहां पर आपको बहुत सारे महान नेताओं की समाधि देखने के लिए मिलेगी। यहां पर श्री अटल बिहारी वाजपेई की समाधि स्थल मौजूद है। यह समाधि स्थल बहुत ही सुंदर तरीके से बनाया हुआ है। 

राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर श्रीमती ललिता शास्त्री जी का समाधि स्थल देखने के लिए मिलता है। यहां पर वेंकटरमन जी का समाधि स्थल देखने के लिए मिलता है। श्री चंद्रशेखर जी का समाधि स्थल देखने के लिए मिलता है। डॉक्टर एसडी शर्मा जी का समाधि स्थल देखने के लिए मिलता है। यहां पर चारों तरफ पेड़ पौधे देखने के लिए मिलते हैं। दिल्ली में यह जगह बहुत सुंदर है। यहां पर घास का मैदान देखने के लिए मिलेगा। 


इंडिया गेट दिल्ली - India Gate Delhi

इंडिया गेट दिल्ली शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। इंडिया गेट पूरे दिल्ली शहर एवं भारत देश में प्रसिद्ध है। इंडिया गेट भारत के प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्मारकों में से एक है। इंडिया गेट बहुत ही सुंदर है। इंडिया गेट का निर्माण 1931 में किया गया था। इसका डिजाइन एडविन लुटियंस ने किया था। 

इंडिया गेट हमें उन हजारों सैनिकों की याद दिलाता है, जिन्होंने अपनी जान प्रथम विश्व युद्ध के दौरान दी थी। इंडिया गेट उन्हीं की याद में बनाया गया है। प्रथम विश्वयुद्ध 1914 से 1921 के बीच में हुआ था। इसी युद्ध में करीब 70000 ब्रिटिश इंडियन सैनिकों की जान गई थी। इस स्मारक के द्वारा हम उन्हें याद करते हैं। यहां पर एक जोत जलाई गई है, जो हमेशा ही जलती रहती है। 

इंडिया गेट अच्छी तरह से साफ सुथरा है। यहां पर बहुत आसानी से पहुंचा जा सकता है। यहां पर आप मेट्रो बस या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आराम से आ सकते हैं। यहां पर शाम के समय लाइट जलती है, जिसे इंडिया गेट जगमगा उठता है। इंडिया गेट के पास ही में एक पार्क है, जहां पर बोटिंग की सुविधा उपलब्ध है। आप यहां पर बोटिंग का मजा ले सकते हैं। यहां पर बहुत सारे स्ट्रीट वेंडर देखने के लिए मिल जाते हैं, जो अलग अलग तरह का व्यंजन सर्व करते हैं। यह दिल्ली की सबसे अच्छी जगह में से एक है। 

इंडिया गेट के पास अमर जवान ज्योति है। आप देख सकते हैं। यहां पर आपको चिल्ड्रन गार्डन देखने के लिए मिलता है। इस गार्डन में बहुत तरह के झूले पड़े हुए हैं। यहां पर फव्वारा भी देखने के लिए मिलता है। शाम के समय यहां पर बहुत अच्छा लगता है। 


भारतीय युद्ध स्मारक - Indian War Memorial

इंडियन वॉर मेमोरियल या भारतीय युद्ध स्मारक दिल्ली शहर का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह इंडिया गेट के पास ही में है। यह जगह वीर सैनिकों को याद करने के लिए बनाई गई है, जिन्होंने हमारे देश की रक्षा के लिए अपने प्राण निछावर कर दिए। यहां पर आपको प्रसिद्ध युद्ध के बारे में भी जानकारी मिलती है, जो हमारे वीर सैनिकों के द्वारा लड़े गए हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। 

नेशनल वॉर मेमोरियल गोलाकार संरचना में बना हुआ है। यहां पर अमर जवान ज्योत हमेशा जलती रहती है। यह जोत हमेशा प्रज्वलित रहती है। यहां पर दूसरे देशों से हुए युद्ध एवं विभिन्न ऑपरेशन में शहीद हुए सैनिकों के नाम दीवारों पर सुनहरे अक्षरों से लिखे गए हैं। यह दिल्ली शहर में सबसे सुंदर जगह है और आप जब भी दिल्ली घूमने के लिए आते हैं, तो यहां पर आपको जरूर आना चाहिए। 


नेशनल म्यूजियम दिल्ली - National Museum Delhi

नेशनल म्यूजियम दिल्ली शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह म्यूजियम इंडिया का सबसे बड़ा म्यूजियम है। यहां पर आपको ऐतिहासिक वस्तुओं का बहुत बड़ा संग्रह देखने के लिए मिल जाएगा और ऐतिहासिक वस्तुओं को बहुत अच्छी तरह से लोगों के सामने पेश किया गया है। ताकि लोगों को उन वस्तुओं के बारे में अच्छी तरह से जानकारी मिल सके। यहां पर देखने के लिए वर्तमान समय की भी बहुत सारी वस्तु है। 

नेशनल म्यूजियम दिल्ली में बच्चों के घूमने की एक मुख्य जगह है। यहां पर बच्चों को लाकर आप बहुत सारी जानकारियां दे सकते हैं। दिल्ली का राष्ट्रीय संग्रहालय तीन मंजिला है। भूतल में हड़प्पा सभ्यता, मौर्य शंगु एवं सातवाहन कलाए, कुषाण, गुप्तकालीन कला, राष्ट्रीय प्रतिमाएं, गुप्तकालीन मूर्तियां, परवर्ती मध्यकालीन कला, बौद्ध कला, भारतीय चित्रकला, आभूषण, भारतीय लिपियों एवं सिक्के यह सभी चीजें भूतल में देखने के लिए मिलेंगे। दूसरी मंजिल में वस्त्र और वेशभूषा, पश्चिमी कलाएं, सिक्के एवं ताम्रपत्र, उत्तर पूर्व भारत की अनुसूचित जनजातीय और जीवन शैली देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको अलग-अलग गैलरी भी देखने के लिए मिलती है, जिसमें आप को सिक्के, पांडुलिपि,  मध्य एशियाई पुरावशेष, सामुद्रिक धरोहर, तंजावुर एवं मैसूर चित्रकला देखने के लिए मिलेगी। 

राष्ट्रीय संग्रहालय सोमवार के दिन बंद रहता है। इसके खुलने का समय 10:00 से 5:00 बजे तक है। संग्रहालय में प्रवेश के लिए 20 रूपए का टिकट लगता है। अगर आप दिल्ली घूमने के लिए आते हैं, तो आपको यहां पर जरूर आना चाहिए। यह दिल्ली की प्रमुख दर्शनीय स्थल है। 


संसदीय संग्रहालय दिल्ली - Parliamentary Museum Delhi

संसदीय संग्रहालय दिल्ली का एक प्रसिद्ध प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको प्राचीन काल से भारत के लोकतांत्रिक विरासत की गाथा देखने के लिए मिलती है। यहां पर इन सभी घटनाओं को सहेज कर रखा गया है। यहां 70 वर्षों से देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं के विकास, हमारे स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास, हमारे संविधान के निर्माण तथा हमारी संसद के विभिन्न चुनावों की झलक यहां पर प्रस्तुत की गई है और आप यह सभी चीजें यहां पर देख सकते हैं। 

संसदीय संग्रहालय पंडित पंत मार्ग में स्थित है और इसका टिकट 10 रूपए का है और यह रविवार, सोमवार और सार्वजनिक अवकाश के दिन बंद रहता है। संसदीय संग्रहालय 10:00 बजे से 5:00 बजे तक खुला रहता है। अगर आप दिल्ली घूमने के लिए आते हैं, तो आप यहां पर भी घूमने के लिए आ सकते हैं। 


मुगल गार्डन दिल्ली - Mughal Garden Delhi

मुगल गार्डन दिल्ली शहर का एक पर्यटन स्थल है। मगर यहां पर फरवरी और मार्च में घूम सकते हैं, क्युकि यह साल भर में सिर्फ 1 महीने के लिए ही खोला जाता है। यह गार्डन राष्ट्रपति भवन बिल्डिंग के पीछे स्थित है। यह गार्डन 13 एकड़ में फैला हुआ है। यहां पर आपको चारों तरफ फूलों का बगीचा देखने के लिए मिलेगा। 

मुगल गार्डन भारत का सबसे सुंदर गार्डन में से एक है। इस गार्डन में फूलों की बहुत सारी प्रजातियां पाई जाती है। यहां पर मेडिसन प्लांट भी लगाए गए हैं। यहां पर फव्वारा भी देखने के लिए मिलता है। यहां पर बोनसाई हाइब्रिड फ्लावर भी देखने के लिए मिलेंगे। यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ रहती है, क्युकि यह कुछ दिनों के लिए ही खोला जाता है। 

मुगल गार्डन कई प्रकार के गुलाब देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर सफेद, लाल, गुलाबी, पीला और भी बहुत सारे कलर के गुलाब देखने के लिए मिलते हैं। इन गुलाबों को देख कर बहुत ही अच्छा लगता है। इस उद्यान के खुलने का टाइम 9:30 से 4:00 बजे तक का है। यहां पर आ कर आपको बहुत अच्छा लगेगा। अगर आप दिल्ली में फरवरी या मार्च में घूमने के लिए आ रहे हैं, तो आपको इस गार्डन में जरूर घूमने के लिए आना चाहिए। दिल्ली में बच्चों को घुमाने के लिए मुगल गार्डन एक बहुत अच्छी जगह है। यहां पर बच्चों को आकर बहुत अच्छा लगेगा। 


मालचा महल दिल्ली - Malcha Mahal Delhi

मालचा महल दिल्ली शहर का एक पर्यटन स्थल है। इस महल को भूतिया महल के नाम से भी जाना जाता है। इस महल के बारे में कहा जाता है, कि यहां पर भूत प्रेत है और यहां पर लोग आने से डरते हैं। वैसे यह जगह जंगल के अंदर स्थित है और यहां पर बहुत सारी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इसलिए इस जगह को भूतिया जगह माना जाता है। मालचा महल एक खंडहर महल है। मालचा महल को विलायत महल के नाम से भी जाना जाता है।  यह महल न्यू दिल्ली में चाणक्यपुरी में स्थित है। इस महल का निर्माण फिरोजशाह तुगलक ने करवाया था। 

मालचा महल में आप घूमने के लिए दिन के समय आ सकते हैं। आप यहां पर ग्रुप के साथ आएंगे, तो आपके लिए बहुत अच्छा होगा। यहां पर किसी भी तरह की कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। आप यहां पर कार या बाइक से पहुंच सकते हैं। इस महल के आसपास आपको बहुत सारे जानवर देखने के लिए मिलेंगे। यहां पर बंदर, लोमड़ी जैसे जानवर आपको दिख ही जाएंगे। यह महल जंगल के अंदर स्थित है। इसलिए यहां पर बहुत शांति है। महल के ऊपर से बहुत ही सुंदर नजारा देखने के लिए मिलता है। 


बुद्धा जयंती पार्क दिल्ली - Buddha Jayanti Park Delhi

बुद्ध जयंती पार्क दिल्ली का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह पार्क दिल्ली में करोल बाग के पास स्थित है। यह पार्क बहुत ही सुंदर है। पार्क में विभिन्न तरह के फूलों के पौधे लगे हुए हैं। यहां पर एक झील भी है, जो बहुत सुंदर लगती है। पार्क में चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है। पार्क में भगवान बुद्ध की एक सुंदर प्रतिमा भी देखने के लिए मिलती है। यह प्रतिमा 8 फिट की है। 

बुद्ध जयंती पार्क में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है। यहां पर वॉशरूम, कैफिटेरिया, बच्चों के खेलने का मैदान उपलब्ध है। यहां पर कसरत करने के लिए मशीनें भी मिल जाती हैं। यहां पर सभी आयु वर्ग के लोग आते हैं। यहां पर बहुत अच्छा लगता है। अगर आप दिल्ली घूमने के लिए आते हैं, तो आपको यहां पर जरूर आना चाहिए। 


राष्ट्रीय रेल संग्रहालय दिल्ली - National Rail Museum Delhi

राष्ट्रीय रेल म्यूजियम दिल्ली का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह दिल्ली में चाणक्यपुरी में स्थित है। यहां पर रेल की हिस्ट्री देखने के लिए मिलती है। यहां पर बहुत सारी ट्रेन के मॉडल देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको सभी प्रकार की ट्रेन के बारे में जानकारी मिल जाएगी। यहां पर टॉय ट्रेन भी है, जिसमें आप सवारी का मजा ले सकते हैं। इसमें सवारी करने के लिए मिनिमम चार्ज लगते हैं। यह जगह बच्चों के लिए बहुत ही अच्छी है। 

राष्ट्रीय रेल म्यूजियम में आपको विभिन्न प्रकार के इंजन, कोच और रेलगाड़ी का कंस्ट्रक्शन देखने के लिए मिलेगा। यहां पर इंडियन रेलवे का मिनिएचर सेट पर बनाया गया है, जो बहुत ही जबरदस्त लगता है। यहां पर ट्रेनों में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न प्रकार के पार्ट्स के बारे में भी जानकारी प्राप्त होती है।  राष्ट्रीय रेल म्यूजियम में एंट्री टिकट 50 रूपए का है और बच्चों के लिए 20 रूपए का है। यह दिल्ली में बच्चों को घूमने के लिए एक प्रमुख जगह है। यहां पर बच्चों को लाना चाहिए। बच्चे लोग यहां पर बहुत इंजॉय कर सकते हैं। 


गुरुद्वारा मोती बाग साहिब दिल्ली - Gurdwara Moti Bagh Sahib Delhi

गुरुद्वारा मोती बाग साहिब दिल्ली शहर का मुख्य पर्यटन स्थल है। यह एक धार्मिक स्थल है। यह सिख धर्म का धार्मिक स्थल है। यह गुरुद्वारा बहुत सुंदर है। यह दिल्ली शहर का सबसे बड़ा गुरुद्वारा है। यह गुरुद्वारा बहुत पुराना भी है। यह गुरुद्वारा दिल्ली शहर में रिंग रोड पर स्थित है। 

गुरुद्वारा मोती बाग साहिब में आप दर्शन कर सकते हैं। इस गुरुद्वारे के बारे में कहा जाता है, कि यहां पर श्री गुरु गोविंद सिंह जी रुके थे। इसलिए यह गुरुद्वारा ऐतिहासिक रूप से प्रसिद्ध है। यहां का लंगर बहुत ही टेस्टी रहता है। यहां पर पार्किंग का बहुत बड़ा स्पेस है। मोती बाग साहिब गुरुद्वारा सफेद संगमरमर से बना हुआ है। यह गुरुद्वारा रात के समय लाइट से जगमग आ जाता है और बहुत ही सुंदर लगता है। आप दिल्ली आते हैं, तो आपको इस गुरुद्वारे में जरूर आना चाहिए। 


वायु सेना संग्रहालय दिल्ली - Air Force Museum Delhi

वायु सेना संग्रहालय या एयर फोर्स संग्रहालय दिल्ली शहर का एक पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको वायु सेना के फाइटर प्लेन देखने के लिए मिलेंगे। यहां पर विभिन्न प्रकार के फाइटर प्लेन देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर दुर्घटनाग्रस्त हुए फाइटर प्लेन भी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आर्मी के हेलीकॉप्टर एवं राइफल, बंदूक को का भी प्रदर्शन किया गया है। आप इन्हें भी देख सकते हैं और इनके बारे में जान सकते हैं। 

वायु सेना संग्रहालय मे प्रवेश का शुल्क लिया जाता है। यहां पर 30 रूपए भारतीय व्यक्तियों का लिया जाता है और 10 रूपए बच्चों का लिया जाता है। यह म्यूजियम सोमवार और मंगलवार बंद रहता है। इस म्यूजियम का खुलने का समय 10:00 से 5:00 बजे तक है। 


पुराना किला दिल्ली - Old Fort Delhi

पुराना किला दिल्ली शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह एक ऐतिहासिक स्थल है। पुराने किले के बारे में कहा जाता है कि, इस किले को पांडव के किले के नाम से भी जाना जाता था। यह किला पांडव किला के नाम से प्रसिद्ध था। यह किला उसी टीले पर स्थित है, जहां कभी महाभारत के अनुसार इंद्रप्रस्थ नगर हुआ करता था। किले में विद्यमान प्राचीर एवं अन्य इमारतें शेरशाह सूरी ने हुमायूं द्वारा 1533 ईसवी में स्थापित दिनपनाह नामक शहर को ध्वस्त कर निर्मित की थी। 1555 ईसवी में फारस से लौटने के बाद, 1556 ईसवी तक मृत्यु पर्यंत हुमायूं यहीं पर रहा था और उसने यहां पर कुछ भागों का निर्माण भी करवाया था। 

पुराना किला एक अनियमित आयत के रूप में बना हुआ है। इस किले के कोनो पर और पश्चिमी दीवार पर बुर्ज बने हुए हैं। उत्तर, पश्चिम तथा दक्षिण की ओर किले के तीन प्रमुख द्वार है, जिनके ऊपर छतरियां बनी हुई है। इन्हे तालाकी दरवाजा, बड़ा दरवाजा और हुमायूं दरवाजा कहते हैं। किले के भीतर इमारतों में शेर शाह की मस्जिद तथा शेर मंडल के नाम से प्रसिद्ध स्मारक उल्लेखनीय है। 

पुराने किले में प्राचीन झील देखने के लिए मिलती है। झील में फव्वारा बना हुआ है, जो चालू होता है। तो यह बहुत सुंदर लगता है। यहां पर म्यूजियम है, जहां पर आप जाकर इस किले के बारे में बहुत सारी जानकारी हासिल कर सकते हैं। यहां पर आप प्राचीन बावली देख सकते हैं। उत्खनन अवशेष देख सकते हैं। अगर आप पुराना किला घूमना चाहते हैं, तो आपका 20 रूपए टिकट लगता है। अगर आप म्यूजियम भी घूमना चाहते हैं, तो आपका ज्यादा टिकट लगेगा। आप दिल्ली घूमने के लिए आते हैं, तो आप यहां पर भी घूमने के लिए आ सकते हैं। यह दिल्ली शहर में घूमने लायक जगह है। 


राष्ट्रीय प्राणी उद्यान दिल्ली - National Zoological Park Delhi

राष्ट्रीय प्राणी उद्यान दिल्ली शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। राष्ट्रीय प्राणी उद्यान को नेशनल जूलॉजिकल पार्क भी कहा जाता है। इस पार्क में आपको बहुत बड़ी संख्या में जंगली जानवर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको विभिन्न प्रकार की चिड़िया, सरीसृप और स्तनपायी जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर इन जंगली जानवरों की को इनके प्राकृतिक परिवेश में रखा गया है और इन्हें इस तरह से रखा गया है, कि यह ब्रीडिंग भी कर सके। यहां पर आपको बहुत सारे जंगली जानवर देखने के लिए मिलेंगे, जैसे - सफेद बाघ, तेंदुआ, गैंडा, हाथी, हिरण, मकाउ, शुतुरमुर्ग, भालू, दरियाई घोड़ा, वनमानुष, तेंदुआ, हिरण की कई प्रजातियां, मोर, लोमड़ी, मगरमच्छ, बब्बर शेर, बदक और विदेशी पक्षी आदि यहां पर देखने के लिए मिल जाते हैं। 

नेशनल जूलॉजिकल पार्क दिल्ली में पुराने किले के पास ही में स्थित है। यह पार्क 10:00 बजे से 4:00 बजे तक खुला रहता है। यह पार्क शुक्रवार को बंद रहता है और 15 अगस्त, 26 जनवरी को बंद रहता है। पार्क के अंदर आप किसी भी तरह का खाना नहीं ले जा सकते हैं। यह दिल्ली में स्थित सबसे अच्छी जगह है। यह दिल्ली में घूमने लायक जगह हैं। आपको यहां जरूर आना चाहिए। 


लक्कड़वाला बुर्ज दिल्ली - Lakkarwala Burj Delhi

लक्कड़वाला बुर्ज दिल्ली शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह एक प्राचीन इमारत है। लक्कड़वाला बुर्ज एक विशालकाय, गुंबद आकार, मुगलकालीन मकबरा है, जिसके चारों तरफ एक ऊंचा मेहराबदार चबूतरा बना है। मकबरे के मुख्य कक्ष में प्रवेश, इसके चारों तरफ बने मेहराबों से होता है। 2017 में इसे विश्व विरासत घोषित किया गया था। इस इमारत का निर्माण 16वीं शताब्दी में किया गया था। यह  मुगलकालीन बहुत ही सुंदर इमारत है। 

लक्कड़वाला बुर्ज दिल्ली में घूमने का प्रमुख स्थान है। इस बुर्ज के अंदर रहने के लिए एक कमरा देखने के लिए मिलता है, जो यहां पर रखवाले का निवास रहा होगा। बुर्ज के भीतर एवं बाहरी दीवारों पर सुंदर कारीगरी देखने के लिए मिलती है। यहां पर दीवारों पर अलग-अलग तरह के बहुरंगी पैटर्न और आयतों से सुसज्जित किया गया है। इस बुर्ज के चारों तरफ सुंदर गार्डन देखने के लिए मिलता है। गार्डन में रंग बिरंगे फूल लगे हुए हैं।  यहां पर रोज गार्डन भी देखने के लिए मिलता है। 


सुंदरवाला महल दिल्ली - Sunderwala Mahal Delhi

सुंदरवाला महल दिल्ली का एक पर्यटन स्थल है। यह एक सुंदर महल है। यहां पर एक नर्सरी भी देखने के लिए मिलती है। यह नर्सरी प्रसिद्ध है। इसे सुंदर नर्सरी के नाम से जाना जाता है। इसी नर्सरी के बीच में सुंदरवाला महल देखने के लिए मिलता है। यह महल बहुत ही आकर्षक लगता है। यह मुगलकालीन इमारत है। सुंदरवाला महल, लक्कड़वाला बुर्ज के पास में ही स्थित है। यहां पर आपको सुंदरवाला बुर्ज और सुंदरवाला महल दोनों ही देखने के लिए मिलते हैं और दोनों ही बहुत सुंदर लगते हैं। 

सुंदरवाला महल दिल्ली में घूमने वाली एक जगह है। इस चकोर मकबरे की कब्रगाह के चारों तरफ 8 कमरे हैं, जो "हशत बहिशत" यानी 8 कुरानी जन्नतो को दर्शाते हैं। इसके कोनों को ऐसा आकार दिया गया है, जिससे यह एक अष्टकोण नजर आता है। सुंदर बुर्ज के साथ यह इमारत भी एक दीवार से घिरे  हुए बाग में स्थित है। इसके चारों तरफ सुंदर मुकराने और आले बने है। यह दिल्ली में घूमने की सबसे अच्छी जगह है। 


चौसठ खंबा मकबरा दिल्ली - Chausath Khamba Tomb Delhi

64 खंबा दिल्ली शहर का एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण है। यह एक प्राचीन इमारत है। 64 खंबा मुगल अमीर मिर्जा अजीज कोकल्ताश का मकबरा है। यह इमारत बहुत ही सुंदर है। इस इमारत को 64 खंबा इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इस इमारत में 64 खंभे बने हुए हैं, जिसमें 25 गुंबद बने हुए हैं। यह इमारत सफेद संगमरमर से बनी हुई है। इस इमारत का निर्माण मिर्जा ने स्वयं अपने जीवन काल में करवाया था। अजीज कोकल्ताश सम्राट अकबर की धाय, माहन अंगा और अतमाखा का पुत्र था। 

64 खंबा के चारों तरफ पत्थर की जालियां बनाई गई है, जो बहुत ही सुंदर लगती हैं। यहां पर मिर्जा कोकल्ताश की कब्र पर बारीक बेल बूटे और सुंदर अभिलेख को खोदे गए हैं। इनमें से एक पर उनका मृत्यु काल अंकित किया गया है। मकबरे के भीतर नौ और कब्रे देखने के लिए मिलती है, जो कोकल्ताश के परिवारों की है। यह दिल्ली में देखने लायक जगह है। 


हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह दिल्ली - Hazrat Nizamuddin Auliya Dargah Delhi

हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह दिल्ली शहर की एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह एक मुस्लिम धार्मिक स्थल है। यहां पर सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह देखने के लिए मिलती है। यह दरगाह दिल्ली शहर में प्रसिद्ध है। इस दरगाह में दर्शन करने के लिए हजारों लोग आते हैं। यह दरगाह बहुत ही अच्छे तरीके से बनी हुई है और यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। 

हजरत निजामुद्दीन दरगाह के बाहर आपको चादर और फूलों की बहुत सारी दुकानें देखने के लिए मिलती हैं। यहां पर बहुत सारे लोग चादर एवं फूल चढ़ाते हैं। यहां पर आप कव्वाली सुन सकते हैं, जो यहां पर बहुत मशहूर है। यहां पर सूफी संगीत का मजा ले सकते हैं। हजरत निजामुद्दीन दरगाह का सबसे करीबी मेट्रो स्टेशन हजरत निजामुद्दीन है। आपको यहां पर आकर शांति मिलेगी। यहां पर जहांआरा बेगम की कब्र भी देखने के लिए मिलती है। जहांआरा बेगम शाहजहां और मुमताज की बेटी थी। वह एक राजकुमारी थी और वह एक कवियत्री, लेखक और चित्रकार थी। उनकी कब्र भी आपको यहां पर देखने के लिए मिलती है। 


बू हलीमा का मकबरा और बाग दिल्ली - Bu Halima's Tomb and Garden Delhi

बू हलीमा का बाग दिल्ली का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह दिल्ली का एक ऐतिहासिक स्थल है। बू हलीमा का बाग का निर्माण प्रारंभिक मुगल काल में हुआ था। इसका निर्माण 16वीं शताब्दी में हुआ था। यहां पर आपको सुंदर बगीचा देखने के लिए मिलता है और बू हलीमा की कब्र देखने के लिए मिलती है। यह कब्र बहुत ही सुंदर है। 

बू हलीमा का प्रवेश द्वार बहुत ही सुंदर है। यह विशाल दरवाजा है। वह हलीमा के मकबरे और बगीचे तक जाता है। बू हलीमा मकबरे के रास्ते का अग्रभाग कत्लदार अंदर है और टाइल कार्यों के अवशेष भी यहां देखे जा सकते हैं। बगीचे की दीवार पर दो उत्तरी बुर्ज, गुंबद छतरी से सुसज्जित है। 


अरब की सराय दिल्ली - Arab ki Sarai Delhi

अरब की सराय दिल्ली का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह दिल्ली का एक ऐतिहासिक स्थल है। अरब की सराय में अरब सराय दरवाजा बहुत ही सुंदर है। यह दरवाजा 18 मीटर ऊंचा है। यह दरवाजा हुमायूं का मकबरा बनाने वाले यहां आए फारसी कलाकारों के निवास हेतु बनाए गए, प्राचीन अहाते की ओर जाता है। लाल पत्थर और सफेद पत्थर का किया गया आंतरिक कार्य इस दरवाजे का आकर्षक रूप प्रदान करता है। झरोखों में अभी भी चमकदार मृतिका टाइल्स के अवशेष हैं। 


ईशा खान का मकबरा दिल्ली - Isha Khan's Tomb Delhi

ईशा खान का मकबरा दिल्ली शहर में एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह दिल्ली शहर का एक ऐतिहासिक स्थल है। यह मकबरा ईशा खान नियाजी का है। ईशा खान नियाजी मुगल शासक शेरशाह सूरी के यहां पर मुख्य अधिकारी थे। यह मकबरा शेरशाह सूरी के शासनकाल में 1547 से 1548 के बीच बनाया गया था। ईशा खान मकबरे के पास ही में ईशा खान की मस्जिद भी देखने के लिए मिलती है, जो बहुत सुंदर है। यह मकबरा दिल्ली में हुमायूं के मकबरे परिसर में स्थित है। 

ईशा खान का मकबरा दिल्ली में घूमने लायक जगह है। ईशा खान के मकबरे के चारों तरफ सुंदर गार्डन देखने के लिए मिलता है। ईशा खान का मकबरा अष्टकोणीय आकार में बना हुआ है। इस मकबरे के ऊपर छोटे-छोटे गुंबद देखने के लिए मिलते हैं, जिनमें नीली टाइल्स लगी हुई है। यह गुंबद बहुत ही सुंदर लगते हैं। इन गुंबदों के बीच में एक बड़ा गुंबद बना हुआ है। ईशा खान के मकबरे के पास में एक शिलालेख मिला है। इस शिलालेख से पता चलता है, कि यह मकबरा शेरशाह सूरी के शासनकाल में बनाया गया था और इसे स्वर्ग का आश्रय कहा गया है। ईशा खान का मकबरा हुमायूं के मकबरे के ऐतिहासिक परिसर के पश्चिमी छोर में स्थित है। इस मकबरे की मरम्मत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के सहयोग से आगाखान ट्रस्ट फॉर कल्चर के माध्यम से किया गया है। यह मकबरा दिल्ली में घूमने के लिए एक मुख्य जगह है। 


हुमायूं का मकबरा दिल्ली - Humayun's Tomb Delhi

हुमायूं का मकबरा दिल्ली का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह मकबरा वास्तुकला का एक अद्भुत नमूना है। यह मकबरा बहुत ही आकर्षक दिखता है। हुमायूं के मकबरे का निर्माण हुमायूं की विधवा पत्नी हमीदा बानू बेगम ने करवाया था। ताजमहल से पहले इस मकबरे का निर्माण करवाया गया था। यह मकबरा 120 मीटर वर्ग के चबूतरे पर है तथा इसकी ऊंचाई 46 मीटर है। भारतीय वास्तु कला में फारसी प्रभाव का सबसे पहला उदाहरण इस मकबरे में देखने के लिए मिलता है। 

हुमायूं मकबरे के अंदर मुगल परिवार की 100 से भी अधिक कब्र देखने के लिए मिलती है, जिसके कारण इसका नाम मुगलों का शयनगार पड़ा। इस इमारत को बनाने में सबसे अधिक मात्रा में लाल पत्थर और सफेद संगमरमर का प्रयोग किया गया है। यह मुगल काल का प्रारंभिक उदाहरण है। छत पर छोटी छतरी में चमकदार नीली टाइल्स लगाई गई है, जो बहुत ही सुंदर लगती है। 

हुमायूं का मकबरा 1993 में यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल में शामिल किया गया था। इस मकबरे को डिजाइन करने वाले मिरक मिर्जा गयास और उनके बेटे सैय्यद मुहम्मद थे। उनके द्वारा चुने गए फारसी वास्तुकारों द्वारा इस मकबरे को डिजाइन किया गया था। हुमायूं का मकबरा एवं बगीचा बहुत प्रसिद्ध है। यहां बगीचा चारबाग प्रणाली में बनाया गया है। यह बगीचा बहुत ही सुंदर लगता है। बगीचे के बीच में फव्वारा देखने के लिए मिलता है। हुमायूं का मकबरा के आस पास बहुत सारी प्राचीन इमारतें भी देखने के लिए मिलती हैं। हुमायूं मकबरे की प्रवेश शुल्क 30 रूपए भारतीय व्यक्ति का है। 

हुमायूं के मकबरे में घूमने के लिए अन्य प्रसिद्ध - नीला गुंबद, बावली, सुंदर नगर नर्सरी, हुमायूं मस्जिद, हुमायूं पार्क, अफसर वाला मकबरा, ईशा खान मकबरा, बू हलीमा मकबरा, सुंदरवाला मकबरा, सुंदरवाला महल, लकड़वाला गुंबद यह सभी हुमायूं मकबरे परिसर में स्थित है। आप इन सभी जगह पर घूम सकते हैं।

 

छोटा बताशेवाला महल दिल्ली - Chhota Batasewala Mahal Delhi

छोटा बतासेवाला महल दिल्ली शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह एक प्राचीन महल है। यह महल बहुत सुंदर है। यह महल सुंदर नर्सरी में बना हुआ है। यहां पर छोटे बतासे वाला महल, बड़े बताशे वाला महल और एक मकबरा देखने के लिए मिलता है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है और बहुत अच्छा समय बिताया जा सकता है। यह दिल्ली घूमने की जगह है। यहां पर सुंदर नर्सरी भी देखने के लिए मिलती है। सुंदर नर्सरी एक प्राचीन नर्सरी है। इस नर्सरी में विदेशों से पौधे लाकर लगाए गए थे। यह नर्सरी बागवानी के लिए प्रमुख है।  


अब्दुल रहीम खान ए खाना का मकबरा दिल्ली - Tomb of Abdul Rahim Khan e Khana Delhi

अब्दुल रहीम खान ए खाना का मकबरा दिल्ली का एक पर्यटन स्थल है। अब्दुल रहीम सम्राट अकबर के नवरत्नों में से एक थे। अब्दुर रहीम एक महान योद्धा और सूबेदार थे। रहीम बादशाह अकबर के मंत्री और प्रमुख सेनापति थे। उन्हें खान ए खाना की उपाधि से सम्मानित किया गया था, जिसका तात्पर्य था कि वह बस बादशाह के तुरंत बाद के पद पर आसीन है, शहजादों को छोड़कर।  रहीम बहुत समय तक खान ए खाना रहे। यह अकबर के प्रमुख विश्वासपात्र थे और उन्होंने उनके लिए बड़ी बड़ी लड़ाइयां लड़ी और जीती और कई सूबों में सूबेदार रहे। रहीम एक राजनेता, नवरत्न, बहुभाषी, विद्वान, कवि, योद्धा थे। 

अब्दुल रहीम अपने दोहों और रामायण के फारसी अनुवाद के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने यह शानदार मकबरा अपनी बेगम महाबानू के लिए बनवाया था। जहां बाद में वह खुद भी दफनाए गए। रहीम और हुमायूं के मकबरे आगे जाकर ताजमहल की प्रेरणा बने। यह एक मेहराबदार चबूतरे पर दो मंजिला मुख्य समाधि कक्ष है, जो एक शानदार दोहरे गुंबद से सुसज्जित है। यहां पर पत्थर और चूने के काम में अद्भुत अलंकरण है, जिसे अब अपने वास्तविक स्वरूप में वापस लाया गया है। ऐतिहासिक शोध से पता चला है, कि मकबरे के उद्यान का विस्तार हुमायूं के मकबरे तक रहा होगा। संरक्षण कार्य इंटरग्लोब फाउंडेशन एवं इंडिगो की आर्थिक सहायता से किया गया है। आप दिल्ली घूमने के लिए आते हैं, तो यहां पर भी आ सकते हैं।  यह दिल्ली के दर्शनीय स्थलों में से एक है।


लोधी गार्डन स्मारक दिल्ली - Lodhi Garden Memorial Delhi

लोधी गार्डन स्मारक दिल्ली का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। लोधी गार्डन एक ऐतिहासिक गार्डन है। इस गार्डन में लोधी साम्राज्य की तीन सुंदर कब्र देखने के लिए मिलती हैं। इस गार्डन में चारों तरफ सुंदर बगीचा बना हुआ है, जिसमें तरह तरह के फूल खिले हुए हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। इस गार्डन में सुंदर फव्वारे भी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर एक सुंदर झील भी बनी हुई है, जिसमें बदक देखने के लिए मिलती है। यहां पर रोज गार्डन भी है, जहां पर बहुत सारे गुलाब लगाए गए हैं। यहां पर ग्लास हाउस भी देखने के लिए मिलता है, जो पूरे शीशे से बना हुआ है। लोधी गार्डन में हर्बल गार्डन भी बनाया गया है और यहां पर राष्ट्रीय बोनसाई पार्क भी बनाया गया है। बोनसाई पार्क में छोटे प्रकार के पौधे देखने के लिए मिलते हैं। लोधी गार्डन स्मारक में बहुत सारी प्राचीन स्मारक देखने के लिए मिलती हैं।

सिकंदर लोदी का मकबरा दिल्ली - Sikandar Lodi's Tomb Delhi

सिकंदर लोदी का मकबरा दिल्ली शहर का एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण है। सिकंदर लोदी, लोदी वंश के द्वितीय शासक थे, जिन्होंने 1489 से 1517 तक शासन किया। यह मकबरा एक विशाल अहाते से घिरा उद्यान में स्थित है, जिसका क्षेत्रफल लगभग 76 मीटर वर्ग है। इसकी दीवारें 3.5 मीटर ऊंची हैं। सामने की ओर वर्गाकार चबूतरे पर निर्मित दो छतरी में अभी भी नीली टाइलों के अवशेष देखे जा सकते हैं। अहाते के अंदर पश्चिमी दीवार के मध्य भाग का निर्माण इस तरह किया गया है, ताकि यह दीवार मस्जिद का काम कर सके। 

शीश गुंबद - sheesh gumbad

शीश गुंबद लोधी गार्डन में स्थित एक सुंदर स्मारक है। इस गुंबद का आकार बड़ा गुंबद से मिलता जुलता है। फिर भी इस इमारत की सजावट कुछ अलग तरह से की गई है। बाहरी दीवारों पर लगे नीले रंग की चमकदार टाइल के कारण इसका नाम शीश गुंबद पड़ा। ऐसा प्रतीत होता है कि मूल रूप से बाहरी भाग का ऊपरी स्तरों से अलंकृत रहा होगा। इस मकबरे के कक्ष 10 मीटर वर्गाकार है और इसके अंदर कई कब्र हैं। लेकिन यह जानकारी नहीं है, कि यहां किन्हे दफनाया गया था। कुछ इतिहासकारों का मानना है, कि यह मकबरा प्रथम लोदी बादशाह बाहलोल लोदी का है, जिनकी मृत्यु सन 1489 ईस्वी में हुई थी। गुम्बद की अंदरूनी छत के प्लास्टर को उकेर कर अलंकृत किया गया है और उस पर चित्रकारी की गई है। 

बड़ा गुंबद - Bada gumbad

बड़ा गुंबद लोधी गार्डन का एक मुख्य स्थल है। यह दिल्ली का दर्शनीय स्थल है। यह शानदार इमारत लोदी वंश के काल का प्रवेश द्वार मानी जाती है। 19 मीटर लंबी और 19 मीटर चौड़ी तथा 27 मीटर ऊंची इमारत दिल्ली में स्थित लोदी वंश के उत्कृष्ट इमारतों में से एक है। इसकी खास बात यह है कि बाहर से यह इमारत दो मंजिला दिखाई देती है। इसके निर्माण में मुख्यता भूरे रंग के क्वार्ट्जाइट पत्थरों का प्रयोग किया गया है। जबकि कुछ अन्य पत्थरों को सजावट के तौर पर इस्तेमाल किया गया है - जैसे दरवाजों पर लाल बलुआ पत्थर तथा अगले हिस्से में लाल भूरे तथा काले रंग के मिले-जुले पत्थर। इस का अंदरूनी हिस्सा बेहद मामूली है। पत्थरों पर ना तो पलस्तर है और ना ही पत्थरों पर नक्काशी की गई है। 

मोहम्मद शाह सैय्यद का मकबरा - Tomb of Mohammad Shah Sayyed

मोहम्मद शाह सैय्यद का मकबरा लोधी गार्डन में स्थित एक मुख्य स्मारक है। यह दिल्ली शहर का प्रमुख दर्शनीय स्थल है। मोहम्मद शाह का संबंध सैय्यद वंश से था। उनका शासनकाल सन 1414 से 1451 ईस्वी तक रहा। सैय्यद शासकों ने बहुत थोड़ी अवधि तक शासन किया था और उनकी राज्य की सीमाएं बहुत सीमित थी। इसलिए उनके पास आलीशान नगर महल बनवाने के लिए ना तो समय था और ना ही पैसा। यह मकबरा उस काल के कुछ वास्तुकला अवशेषों में से एक है। इसे तीसरे सैय्यद शासक द्वारा बनवाया गया था, जिन्होंने सन 1434 से 1444 ईसवी तक शासन किया। इसमें उस काल की कुछ खास विशेषताएं जैसे अष्टभुजाकार योजना, कोनों पर निर्मित पूशते, प्लास्टर पर की गई सजावटी नक्काशी,  उत्कीर्ण दरवाजे तथा छतों पर बनी छतरियां आदि के प्रांगण आदि के प्रमाण दृष्टिगोचर होते हैं। केंद्रीय कक्ष जिसका व्यास लगभग 15 मीटर है,  में अनेक कब्रे मौजूद है। जिस के बीचो बीच में बनी कब्र मोहम्मद शाह की मानी जाती है और शेष कब्र  संभवत उनके परिवार के अन्य सदस्यों की मानी जाती है। 


सफदरजंग का मकबरा दिल्ली - Safdarjung's Tomb Delhi

सफदरजंग का मकबरा दिल्ली का एक पर्यटन स्थल है। सफदरजंग का मकबरा एक ऐतिहासिक स्थल है। यहां पर मकबरा और सुंदर गार्डन देखने के लिए मिलता है। सफदरजंग के मकबरे में बहुत सारी जगह देखने लायक है। यहां पर आपको सफदरजंग का मकबरा, मोती महल, जंगली महल, बादशाह पसंद, जल नहरें, चारबाग या मुगल उद्यान देखने के लिए मिलता है। यह सभी जगह बहुत ही सुंदर है। चारबाग उद्यान के बीच में आपको फव्वारा भी देखने के लिए मिलता है, जो बहुत सुंदर लगता है। यहां पर प्रकाशन बिक्री केंद्र भी स्थित है, जहां से आप सामान ले सकते हैं। यहां पर मकबरे के चारों तरफ सुंदर बगीचा देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही आकर्षक है। 

सफदरजंग के मकबरे का निर्माण 1753 से 1754 के बीच में हुआ था। इस मकबरे का निर्माण नवाब शुजाउददौला ने अपने पिता मिर्जा मुकीम अबुल मसूर खान जिनकी उपाधि सफदरजंग की थी, की याद में करवाया था। मुगल बादशाह मुहम्मद शाह के शासनकाल में सफदरजंग अवध के सूबेदार थे और बाद में उसके प्रधानमंत्री भी बने। इस स्मारक में प्रयुक्त लाल बलुआ पत्थर एवं संगमरमर को अब्दुर रहीम खान ए खाना के मकबरे से निकाला गया था। इस स्मारक को दिल्ली में मुगल वास्तुकला के दीपक की अंतिम लौ  कहा जाता है। यह दिल्ली में देखने लायक जगह है। 


नजफ खां का मकबरा दिल्ली - Najaf Khan's Tomb Delhi

नजफ खान का मकबरा दिल्ली शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह मकबरा का अधिकांश भाग अब खंडहर में बदल गया है। नजफ खान ईरान के सफवी राजाओं के रिश्तेदार थे।  वह अपने बहन के साथ मुहम्मद शाह के दरबार में आए थे। तत्पश्चात वहां शाह आलम की सेवा में रहे। सन 1782 ईस्वी में नजफ खान की एवं सन 1820 में उनकी पुत्री की मृत्यु हो गई। 

नजफ खान का मकबरा एक विशाल बगीचे के मध्य में स्थित है, जो चारों तरफ से एक अहाते से घिरा हुआ है। जिसका प्रवेश द्वार आप खंडहर हो गया है। अतः इसमें बलुआ पत्थर से आवरण युक्त एक ऊंचा चबूतरा है। मूलतः इसमें बलुआ पत्थर से आवरण युक्त एक ऊंचा चबूतरा अवशेष है, जिसके ऊपरी भाग में दो अभीलिखित संगमरमर की माजार है, जिसके मात्र अवशेष रह गए हैं। इसमें से एक माजार नजफ खान की और दूसरी उसकी बेटी फातिमा की है। यह संपूर्ण परिसर की एक चारदीवारी से घिरा हुआ है। यह दिल्ली के पास पर्यटन स्थलों में से एक है।


संजय झील एवं पार्क दिल्ली - Sanjay Lake & Park Delhi

संजय झील एवं पार्क दिल्ली शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको एक सुंदर झील देखने के लिए मिलती है। झील में बहुत सारे बदक भी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। पार्क के खुलने का समय 5:00 से रात के 8:00 बजे तक है। यहां पर चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है। यहां पर कसरत करने के लिए यंत्र भी लगाए गए हैं। यहां पर फव्वारा भी आपको देखने के लिए मिल जाएगा। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। इस पार्क को श्री राजीव गांधी ने 23-6-1982 को यहां के निवासियों को समर्पित किया था। यह दिल्ली में घूमने लायक जगह है। आप यहां पर आ सकते हैं। 


जामा मस्जिद दिल्ली - Jama Masjid Delhi

जामा मस्जिद दिल्ली शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह एक मुस्लिम तीर्थ स्थल है। यह मस्जिद एशिया का सबसे बड़ा मस्जिद है। यह मस्जिद बहुत सुंदर है। यह मस्जिद लाल पत्थरों से बना है। इस मस्जिद में तीन बड़े-बड़े गुंबद देखने के लिए मिलते हैं। यह गुंबद संगमरमर से बने हुए हैं। यह मस्जिद 17 वी शताब्दी में शाहजहां के द्वारा बनवाई गई थी। यह मस्जिद ओल्ड दिल्ली में स्थित है। यह मस्जिद लाल किले के पास में स्थित है। मस्जिद के आसपास के एरिया में मार्केट लगता है, जहां पर बहुत सारे सामान मिलते हैं। 

जामा मस्जिद में प्रवेश करने के लिए कुछ नियम है। यहां पर महिलाएं पूरे कपड़े पहन कर प्रवेश करनी चाहिए। यहां पर शॉर्ट्स और स्लीपलेस प्रतिबंधित है। इस मस्जिद में 2 मीनार बनी हुई है, जो बहुत सुंदर लगती हैं। मीनार के ऊपरी सिरे पर छोटा सा गुंबद देखने के लिए मिलता है। मुख्य दरवाजा बहुत ही सुंदर है। यह मस्जिद एक ऊंचे चबूतरे के ऊपर बनी हुई है। इस मस्जिद के बीच में एक बड़ा सा जलकुंड बना हुआ है। यह मुगल वास्तुकला का एक अद्भुत नमूना है। यहां पर जुम्मा के दिन बहुत से मुस्लिम लोग नमाज पढ़ने के लिए आते हैं। यहां पर आकर अच्छा लगता है। यह मस्जिद दिल्ली शहर में घूमने लायक जगह है। 


रजिया सुल्तान का मकबरा दिल्ली - Razia Sultan's Tomb Delhi

रजिया सुल्तान का मकबरा दिल्ली शहर का एक प्रमुख ऐतिहासिक स्थल है। रजिया सुल्तान का मकबरा दिल्ली में अच्छी हालत में नहीं है। यहां पर रजिया सुल्तान की कब्र देखने के लिए मिलती है। पहले रानी साजी की दरगाह के नाम से प्रसिद्ध, इस अहाते की इमारत और कब्र रजिया सुल्तान की कही जाती है। रजिया अपने पिता सुल्तान अल्तमश की उत्तराधिकारी बने। वह योग्य तथा साहसी महिला थी। बहुत थोड़े समय के लिए ही सत्ता में रही। इस थोड़े से शासनकाल में ही अपने सरदारों के विरोध का सामना करना पड़ा। 4 अक्टूबर 1240 ईसवी को अपने ही भाई मुइज्जद्दीन बहराम शाह के नेतृत्व में हुए विरोध के दौरान जिला करनाल में कैथल के समीप लड़ते हुए वीरगति प्राप्त हुई। उसके बाद मुइज्जुद्दीन बहराम शाह सुल्तान बना। इस मकबरे के मध्य में साधारण तरीके से चबूतरे पर बनी दो  कब्रे सुरक्षित है। इन दो कब्रे में से दूसरी कब्र अज्ञात है। दक्षिण पूर्वी कोने की और दो अन्य अज्ञात कब्रे हैं। आप दिल्ली घूमने की जगह में, इसे भी शामिल कर सकते हैं। 


मिलेनियम इंद्रप्रस्थ पार्क दिल्ली - Millennium Indraprastha Park Delhi 

मिलेनियम इंद्रप्रस्थ पार्क दिल्ली शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। इंद्रप्रस्थ पार्क बहुत सुंदर बगीचा है। इस बगीचे में शांति स्तूप देखने के लिए मिलता है। इसे स्तूप को विश्व शांति  पगोड़ा के नाम से भी जाना जाता है। यह शांति स्तूप विश्व में शांति बनाए रखने के लिए बनाया गया है। इंद्रप्रस्थ पार्क बहुत सुंदर है और आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। इंद्रप्रस्थ पार्क 70.52 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। यह पार्क दिल्ली विकास प्राधिकरण के द्वारा मैनेज किया जाता है। आप दिल्ली घूमने के लिए आते हैं, तो इस पार्क में भी आ सकते हैं। 


वेस्ट टू वंडर पार्क दिल्ली -  Waste to Wonder Park Delhi

वेस्ट टू वंडर पार्क दिल्ली शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। इस पार्क का मुख्य आकर्षण, इस पार्क में बनाया गया बेकार एवं खराब सामानों से बनाया गया सात अजूबे हैं। इन सात अजूबों में ताजमहल, गीजा का पिरामिड, स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी, एफिल टावर, पीसा का झुका मीनार, कोलोसियम, क्राइस्ट द रिडीमर, यह सभी पूरे वर्ल्ड के सात अजूबे हैं और इन सातों अजूबों को यहां पर वेस्ट सामान से बनाया गया है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह दिल्ली में घूमने लायक जगह में से एक है। 


खैर उल मनाजिल मस्जिद दिल्ली - Khair ul Manazil Masjid Delhi

खैर उल मनाजिल मस्जिद दिल्ली शहर का एक धार्मिक स्थल है। यह एक पुरानी मस्जिद है। इस इमारत को मुगल बादशाह अकबर की धाया महाम अंगा ने 1561 से 1562 ईसवी में बनवाया था। इस इमारत का नाम खैर उल मनाजिल है, जिसका अर्थ फारसी में है - सब भवनों में उत्तम। अंदर मस्जिद का खुला सहन है। आप इस मस्जिद में घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आपको शेरशाह सूरी दरवाजा भी देखने के लिए मिलेगा। यह एक प्राचीन दरवाजा है। इस दरवाजे का निर्माण शेरशाह सूरी ने अपने शासनकाल में करवाया था। 


हौज खास परिसर - Hauz Khas Complex

हौज़ ख़ास परिसर दिल्ली शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। हौज खास परिसर में देखने के लिए बहुत सारी जगह है। यहां पर आपको प्राचीन तालाब या शाही तालाब देखने के लिए मिलता है। यहां पर फिरोज़ शाह तुगलक का मकबरा, डियर पार्क मस्जिद, 3 गुंबद वाली मस्जिद देखने के लिए मिलती है। हौज खास में सुंदर गार्डन भी बना हुआ है। यहां पर आकर आप अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। 

मुंडा गुंबद हौज खास दिल्ली - Munda Gumbad Hauz Khas Delhi

मुंडा गुंबद हौज खास परिसर में स्थित एक सुंदर स्मारक है। यह स्मारक खिलजी वंश के दौरान हौज खास तालाब के बीचो बीच निर्मित की गई थी। यह गुंबद दो मंजिला मंडप था। दीवारों के पास सीढ़ियां बनी है, जो छत को जाती है। इमारत का नाम मुंडा या गंज इस तथ्य की ओर संकेत करता है, कि यहां कभी गुंबद रहा होगा। 

हिरण पार्क हौज खास दिल्ली - Deer Park Hauz Khas Delhi

हिरण पार्क हौज खास परिसर में स्थित एक सुंदर पार्क है। इस पार्क में हिरण देखने के लिए मिलती हैं। यहां पर बहुत सारी हिरण है। यह पार्क दिल्ली विकास प्राधिकरण के द्वारा मैनेज किया जाता है। यह पार्क बहुत सुंदर है। हिरण पार्क में खरगोश भी देखने के लिए मिलते हैं। यह पिकनिक के लिए अच्छी जगह है। यहां पर झील का दृश्य भी बहुत शानदार रहता है। यहां पर कबूतर और मिट्टू भी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आप अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। इस पार्क में प्रवेश करना निशुल्क है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। 

हौज खास तालाब - Hauz Khas Pond

हौज खास तालाब हौज़ ख़ास परिसर में स्थित एक सुंदर झील है। यह दिल्ली का दर्शनीय स्थल है। इस झील को मूल रूप से हौज ए इलाही के नाम से जाना जाता था। इसका निर्माण बादशाह अलाउद्दीन खिलजी के शासन काल के दौरान करवाया गया है। यह परिसर अलाउद्दीन की नई किलाबंदी राजधानी सिरी के पश्चिम में स्थित है। बरसात के दौरान इस में वर्षा जल एकत्र होता था,  जिसका इस्तेमाल आसपास के लोगों द्वारा किया जाता था। अलाउद्दीन के बाद, रखरखाव के अभाव में तालाब की ओर जाने वाली नहर में गाद भर गई और यह सूख गई। फिर इस तालाब का पुनर्निर्माण फिरोजशाह तुगलक के शासन काल में किया गया और यहां पर पानी की आपूर्ति बहाल की गई। तब से यह तालाब हौज खास या शाही तालाब के नाम से जाना जाता है। 

फिरोज शाह का मकबरा दिल्ली - Firoz Shah's Tomb Delhi

फिरोज शाह का मकबरा हौज खास परिसर में स्थित एक मुख्य स्मारक है। यह स्मारक दिल्ली का दर्शनीय स्थल है। यह स्मारक बहुत सुंदर है। फिरोज शाह की मृत्यु 1388 ईस्वी में हुई। उन्होंने अपना मकबरा और मदरसा 1350 के दशक में लगभग एक ही समय बनवाया था। इस वर्गाकार मकबरे की माप 13.5 मीटर है और यह वहां स्थित है, जहां मदरसे के दोनों हिस्सों का संगम होता है। इस मकबरे के गुंबद का शीर्ष परिसर में सबसे ऊंचा है। दक्षिणी प्रवेश द्वार के ऊपर अंकित लेख से यह जानकारी मिलती है, इस इमारत की मरम्मत 1508 ईस्वी में बादशाह सिकंदर लोदी के आदेश अनुसार करवाई गई थी। कक्ष के बीचो-बीच बनी कब्र फिरोज शाह की है, जबकि संगमरमर की अन्य कब्र संभवत उनके पुत्र और पोते की रही होगी। 

तीन गुंबद वाली इमारत दिल्ली - Teen gumbad wali imarat delhi

तीन गुंबद वाली इमारत हौज खास परिसर में स्थित एक सुंदर स्मारक है। यह स्मारक दिल्ली शहर का एक दर्शनीय जगह है। यह स्मारक टी आकार की है और यह कुछ हटके है। यह इमारत भूल भुलैया जैसी लगती है। कुछ लोगों का मानना है, कि इसमें स्थित कब्रों की वजह से कुछ लोग इसे मकबरा मानते थे। क्योंकि इसमें कुछ कब्र देखने के लिए मिली थी। लेकिन अब इन कब्रों का नामोनिशान तक नहीं है। इसके आकार से ऐसा प्रतीत होता है, कि यह मुलाकात की जगह या सभागार रहा होगा, जिसकी योजना बड़े समूह को ध्यान में रखकर बनाई गई होगी। जो आमतौर पर कक्षाओं के लिए एकत्र होते होंगे, तुगलक वंश के पतन के बाद इसका इस्तेमाल बंद हो गया और इस इमारत का प्रयोग आसपास के क्षेत्र में ग्रामीण लोगों द्वारा किया जाने लगा। 

मस्जिद हौज खास दिल्ली - Masjid Hauz Khas Delhi

मस्जिद हौज खास में स्थित एक सुंदर स्थल है। यह एक प्राचीन स्मारक है। यह दिल्ली का दर्शनीय स्थल है। यह मस्जिद मदरसे में रहने और कार्य करने वाले लोगों की इबादत गाह रही होगी। इसका केंद्रीय प्रांगण की लंबाई 13 मीटर और चौड़ाई 12 मीटर है। मस्जिद से तालाब देखा जा सकता है। मध्य खिड़की और मस्जिद के दक्षिणी भाग में सीढ़ियां तालाब तक जाती हैं। 

डिस्ट्रिक्ट पार्क दिल्ली - District Park Delhi

डिस्ट्रिक्ट पार्क हौज खास परिसर में स्थित एक सुंदर पार्क है। यह पार्क दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी के द्वारा मैनेज किया जाता है। डिस्ट्रिक्ट पार्क में चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है। पेड़ पौधे लगे हुए हैं। यहां पर गुलाब का बगीचा भी लगा हुआ है। यहां पर झील का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर सेंट्रल नर्सरी भी देखने के लिए मिलती है। यहां पर खाद, पेड़ पौधे बेचे जाते हैं। नर्सरी खुलने का समय 9:00 से 4:30 बजे तक है। इस पार्क में रविवार व अन्य सार्वजनिक अवकाश के दिन छुट्टी रहती है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं और बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। 


जगन्नाथ मंदिर दिल्ली - Jagannath Temple Delhi

जगन्नाथ मंदिर दिल्ली में स्थित एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह धार्मिक स्थल है। यह मंदिर जगन्नाथ भगवान को समर्पित है। जगन्नाथ भगवान विष्णु भगवान जी के अवतार है। यह मंदिर हौज खास वेलेज में स्थित है। यह मंदिर बहुत ही सुंदर है।  मंदिर में महाप्रसाद मिलता है, जो बहुत ही स्वादिष्ट होता है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं और जगन्नाथ भगवान जी के दर्शन कर सकते हैं। 


संजय वन दिल्ली - Sanjay Van Delhi

संजय वन दिल्ली शहर का एक पर्यटन स्थल है। अरावली पर्वत श्रेणियों में फैला हुआ, यह एक सुंदर पार्क है। इस पार्क में देखने के लिए बहुत सारी जगह है। यहां पर आपको सुंदर पहाड़िया और चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको मंदिर और ऐतिहासिक किला भी देखने के लिए मिलता है। लालकोट की प्राचीन दीवार आपको यहां पर देखने के लिए मिल जाएगी। आप लाल कोट किले के ऊपरी सिरे में जाकर संजय वन का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। यहां पर जंगली जानवर देखने के लिए भी मिल जाते हैं। यहां पर मेडिकल प्लांटेशन किया गया है, जिसमें अनेक तरह के आयुर्वेदिक पौधे लगाए गए हैं। इसमें बेल, आमला, बेहड़ा, गिलोय, अशोक, गुग्गल आदि है। यहां पर सूर्यास्त का बहुत ही सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर आकर आप अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आप ट्रैकिंग और साइकिलिंग से घूम सकते हैं। इस जगह पर आपको आकर बहुत अच्छा लगेगा। 


मुहम्मद कुली खां का मकबरा दिल्ली - Tomb of Muhammad Quli Khan Delhi

मुहम्मद कुली खां का मकबरा दिल्ली शहर का प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह मकबरा बहुत सुंदर है। इस मकबरे के अंदरूनी भाग पर नीली कलर के टाइल्स लगी हुई है, जिससे यह मकबरा बहुत ही आकर्षक लगता है। इस मकबरे का निर्माण 17 वी शताब्दी के आरंभ में मुहम्मद कुली खां के नाम पर किया गया। कुली खां मुगल बादशाह अकबर की धाय महाम अंगा के बेटे अदम खा का भाई था। यह मकबरा मेहरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क में स्थित है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। 


जमाली कमाली का मकबरा एवं मस्जिद - Jamali Kamali's Tomb and Mosque

जमाली कमाली का मकबरा एवं मस्जिद दिल्ली शहर का पर्यटन स्थल है। यह दिल्ली शहर के महरौली कॉन्प्लेक्स में स्थित है। यह मकबरा एवं मस्जिद बहुत प्राचीन है और इसका ज्यादातर भाग खंडहर में बदल गया है। शेख फैजुल्लाह को जलाल खान के नाम से जाना जाता था। उन्हें जमाली भी कहा जाता था। वह एक संत और कवि थे। 1528 में इस मकबरे का निर्माण किया गया था। यहां पर दो व्यक्तियों की कब्र देखने के लिए मिलती है, जिसमें से एक व्यक्ति जमाली है और दूसरे व्यक्ति को कमाली के नाम से जाना जाता है। इस व्यक्ति की पहचान नहीं की गई है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह दिल्ली के दर्शनीय जगह में से एक है। 


महरौली पुरातत्व पार्क दिल्ली - Mehrauli Archaeological Park Delhi

मेहरौली पुरातत्व पार्क को मुगल बादशाह मुहम्मद शाह के शासनकाल के दौरान निर्मित किया गया था। यह बाग बहुत ही सुंदर है और इसका महत्व है। यह पार्क मुगल भू दृश्य का एक बेहतरीन नमूना है, जिसकी दीवारें चारों ओर से 5 मीटर ऊंची है और यहां पर दो मंडप देखने के लिए मिलते हैं। महरौली आर्कलॉजिकल पार्क में बहुत सारे प्राचीन स्मारक भी देखने के लिए मिलते हैं। यह पार्क बहुत सुंदर है। यह पार्क बहुत बड़ा है। यह पर पिकनिक के लिए बहुत अच्छी जगह है। यहां पर बहुत सारे प्राचीन स्मारक देखने के लिए मिलते हैं, जो बहुत सुंदर है। यहां पर सुंदर सुंदर फूल भी लगाए गए हैं। यह जगह बच्चों के लिए भी घूमने लायक है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। 


राजाओं की बाओली दिल्ली - Rajas Ki Baoli Delhi

राजाओं की बाओली दिल्ली शहर का एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण है। यह बाओली मेहरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क में स्थित है। यह बाओली बहुत सुंदर है। बावली के तीन तरफ सुंदर इमारतें बनी हुई है और एक तरफ सीढ़ियां देखने के लिए मिलती है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। यह बावली दौलत खान के द्वारा बनाई गई थी। यहां पर आपको एक मस्जिद भी देखने के लिए मिलती है। 


कुतुब मीनार दिल्ली - Qutub Minar Delhi

कुतुब मीनार दिल्ली का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। कुतुब मीनार एक विश्व विरासत स्थल है। कुतुब मीनार पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यह पूरी दुनिया में सबसे ऊंचा मीनार है। कुतुब मीनार 73 मीटर ऊंचा है। कुतुब मीनार का निर्माण कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1193 में करवाया था। कुतुब मीनार का निर्माण दिल्ली में मुगल शासन के विजय पर करवाया गया था। कुतुबमीनार में आपको पांच मंजिला ऊंचा मीनार देखने के लिए मिलता है। कुतुब मीनार प्राचीन वास्तु कला का एक अद्भुत नमूना है। कुतुब मीनार की दीवारों में कुरानों की आयतों को लिखा गया है। क़ुतुब मीनार बहुत ही सुंदर लगता है। कुतुब मीनार परिसर में बहुत सारी प्राचीन स्मारक देखने के लिए मिलती है। 

कुतुब मीनार का निर्माण कुतुबुद्दीन ऐबक ने करवाया था। कुतुबुद्दीन ऐबक ने इसके निचली मंजिल का निर्माण बस करवाया था। इसके बाद उनकी मृत्यु हो गई थी। कुतुब मीनार के ऊपर की अन्य दो मंजिलों का निर्माण  इल्तुतमिश ने करवाया था और ऊपर की दो मंजिलों का निर्माण फिरोजशाह तुगलक ने करवाया था। आपको कुतुब मीनार की मीनारों में इनकी वास्तुकला की डिजाइन देखने के लिए मिल जाती है। जो अलग-अलग शासकों के शासनकाल में करवाए गए हैं। 

कुतुब मीनार परिसर में आपको कुव्वतुल इस्लाम मस्जिद, 7 मीटर ऊंचा लौह स्तंभ, इल्तुतमिश का मकबरा, अलाई दरवाजा और अलाई मीनार देखने के लिए मिलती है। यह स्मारक भी बहुत सुंदर है।

 

तुगलकाबाद का किला - Tughlaqabad Fort

तुगलकाबाद का किला दिल्ली शहर का प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह किला खंडहर अवस्था में यहां पर देखने के लिए मिलता है। इस किले का निर्माण गयासुद्दीन तुगलक ने करवाया था। गयासुद्दीन तुगलक, तुगलक वंश के संस्थापक थे। यह किला तुगलकाबाद में इंस्टीट्यूशनल एरिया में स्थित है। इस किले में  प्रवेश के लिए 20 रूपए का भारतीय व्यक्तियों का टिकट लगता है। 


इस्कॉन मंदिर दिल्ली - Iskcon temple delhi

इस्कॉन मंदिर दिल्ली शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह  धार्मिक स्थल है। यह मंदिर श्री कृष्ण जी को समर्पित है। इस मंदिर में श्री कृष्ण जी की बहुत सारी प्रतिमाओं के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर श्री कृष्ण के बाल रूप की प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर श्री कृष्ण जी के नरसिंह अवतार के दर्शन करने के लिए मिलते हैं और यहां पर श्री राम जी, माता सीता जी और लक्ष्मण जी के दर्शन करने के लिए भी मिलते हैं। 

इस्कॉन मंदिर पर विश्व की सबसे बड़ी भगवत गीता देखने के लिए मिलती है। यहां पर शाम के समय श्री कृष्ण जी की जो आरती होती है। वह बहुत ही आनंदमई होती है। आप इस आरती में शामिल हो सकते हैं। आपको यहां पर आकर सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी। यहां पर कृष्ण जी की बहुत सारी मूर्तियां हैं, जिनके आप दर्शन कर सकते हैं। आप दिल्ली घूमने के लिए आते हैं, तो आपको इस्कॉन मंदिर जरूर आना चाहिए। 


उग्रसेन की बाओली दिल्ली - Ugrasen Ki Baoli Delhi

उग्रसेन की बावली दिल्ली शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह बावली एक प्राचीन स्थल है। इस बबली का निर्माण अग्रवाल समुदाय के पूर्वज राजा उग्रसेन द्वारा किया गया था। इस इमारत की विशेषता यह है कि उत्तर में स्थित गहरे कुएं की और लंबी कतारबध सीढ़ियां हैं। इन सीढ़ियां के दोनों और मोटी दीवार की मेहराब युक्त गलियारे की श्रंखला है। यह बावली उत्तर से दक्षिण दिशा में 60 मीटर लंबी तथा भूतल पर 15 मीटर चौड़ी है। 

उग्रसेन की बावली अनगढ़ तथा गढ़े हुए पत्थरों से बनाई गई है और यह दिल्ली में स्थित बेहतरीन बावली में से एक है। इस बावली की स्थापत्य कला उत्तर कालीन तुगलक तथा लोधी काल से मेल खाती है। इस बबली के पास एक मस्जिद भी है, जो आप यहां पर आकर देख सकते हैं। यह बावली बहुत सुंदर है और यहां पर आकर आप घूम सकते हैं। 


लोटस टेंपल दिल्ली - Lotus Temple Delhi

लोटस टेंपल दिल्ली शहर का एक धार्मिक स्थल है। मगर यहां पर किसी भी तरह की मूर्ति विराजमान नहीं है। यहां पर सभी धर्म के लोग आ सकते हैं। लोटस टेंपल का आकार एक बड़े से कमल के फूल के आकार के समान है, जो बहुत ही आकर्षक लगता है। यहां पर योग किया जा सकता है। लोटस टेंपल चारों तरफ से खूबसूरत गार्डन से घिरा हुआ है। गार्डन में विभिन्न तरह के फूलों वाले पौधे और फलों वाले पौधे लगे हुए हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। आप दिल्ली आते हैं, तो लोटस टेंपल में भी घूमने के लिए आ सकते हैं। लोटस टेंपल कालकाजी मेट्रो स्टेशन के बहुत करीब है। आप यहां पर कालकाजी मेट्रो स्टेशन से पैदल आ सकते हैं। 


कालकाजी मंदिर दिल्ली - Kalkaji Temple Delhi

कालकाजी मंदिर दिल्ली का धार्मिक स्थल है। यह मंदिर काली जी को समर्पित है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि इस मंदिर में आप जो भी मनोकामना मांगते हैं। वह जरूर पूरी होती है। इसलिए इस मंदिर में बहुत सारे लोग माता जी के दर्शन करने के लिए आते हैं। इस मंदिर को मनोकामना शक्ति पीठ या कालकाजी शक्ति पीठ के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर साउथ दिल्ली में नेहरू प्लेस के पास में स्थित है। इस मंदिर में पहुंचने के लिए कालका जी मेट्रो स्टेशन से आप आ सकते हैं। यह मंदिर बहुत सुंदर है और मंदिर में आपको और भी देवी देवताओं के दर्शन करने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर गर्भ गृह में मां कालका जी की बहुत ही भव्य मूर्ति देखने के लिए मिलती है। 


गुरुद्वारा बंगला साहिब दिल्ली - Gurdwara Bangla Sahib Delhi

गुरुद्वारा बंगला साहिब दिल्ली शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह धार्मिक स्थल है। यह गुरुद्वारा सिख लोगों का धार्मिक स्थल है। यह पूरा गुरुद्वारा सफेद संगमरमर से बना हुआ है और बहुत ही सुंदर दिखता है। गुरुद्वारे के ऊपरी गुम्बद पीले कलर के हैं, जो आकर्षक लगते हैं। गुरुद्वारा रात के समय लाइट से जगमग जाता है। यहां पर आपको धर्मशाला भी मिल जाती है, जहां पर आपको रहने के लिए कमरे मिल जाते हैं। इस गुरुद्वारे में लंगर भी खाने के लिए मिलता है। लंगर को प्रसादी कहा जाता है और यह प्रसादी बहुत ही स्वादिष्ट रहता है। 

इस गुरुद्वारा में एक और आकर्षण का केंद्र है। इस गुरुद्वारा में एक तालाब है, जिसे सरोवर के नाम से जाना जाता है। इस सरोवर में रंग बिरंगी मछलियां देखने के लिए मिलती है। यह गुरुद्वारा प्राचीन है और यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। शांति मिलती है। बहुत सारे लोग यहां पर घूमने के लिए आते हैं। यह दिल्ली में सबसे ज्यादा घूमने जाने वाली जगह है। 


सेक्रेड हार्ट कैथेड्रल दिल्ली - Sacred Heart Cathedral Delhi

सैक्रेड हार्ट कैथ्रेडल दिल्ली शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है।  यह ईसाई लोगों का धार्मिक स्थल है। यह दिल्ली शहर में अशोक पैलेस के पास स्थित है। चर्च में पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन पटेल चौक है। यह एक सुंदर चर्च है। इसकी वास्तुकला बहुत ही जबरदस्त है। चर्च के अंदर बहुत बड़ा सेटिंग एरिया है। यह प्राचीन चर्च है। यह 1935 में स्थापित हुआ था। यह चर्च क्रिसमस और ईस्टर के समय यह चर्च बहुत ही सुंदर तरीके से सजाया जाता है और यहां पर बहुत सारे कार्यक्रम होते हैं। 


लक्ष्मी नारायण मंदिर दिल्ली - Laxmi Narayan Mandir Delhi

लक्ष्मी नारायण मंदिर दिल्ली शहर का प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह एक सुंदर मंदिर है। लक्ष्मी नारायण मंदिर को बिरला मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। गर्भ गृह में नारायण और लक्ष्मी जी की मूर्ति देखने के लिए मिलती है। इस मंदिर का उद्घाटन गांधी जी के द्वारा किया गया था। इस मंदिर में शिव भगवान जी, कृष्ण भगवान जी और बुध भगवान जी के मंदिर भी देखने के लिए मिलते हैं। 

लक्ष्मी नारायण मंदिर सेंट्रल दिल्ली में स्थित है। आप इस मंदिर में आसानी से पहुंच सकते हैं। इस मंदिर में कार पार्किंग के लिए अच्छी सुविधा उपलब्ध है। यहां पर आपको सुंदर गार्डन देखने के लिए मिलता है। गार्डन में बहुत सारे देवी देवताओं के स्टेचू भी देखने के लिए मिलते हैं। आप दिल्ली में इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं।


भूली भटियारी का महल दिल्ली - Bhuli Bhatiyari's Palace Delhi

भूली भटियारी का महल दिल्ली का एक पर्यटन स्थल है। यह  एक प्राचीन किला है। इस महल को दिल्ली शहर की भूतिया जगह में से एक माना जाता है। लोगों का कहना है, कि इस महल में भूत रहते हैं। वैसे यह महल बहुत ही शांत जगह में स्थित है। इस महल के चारों तरफ जंगल है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। मगर आप यहां पर दिन के समय ग्रुप के साथ घूमने के लिए आए। 

भूली भटियारी महल का करीबी मेट्रो रेलवे स्टेशन झंडेवाला है। इस महल का निर्माण फिरोज़ शाह तुगलक ने 14वीं शताब्दी में करवाया था। यह एक शिकारगाह के रूप में फिरोजशाह तुगलक ने बनवाया था। यह पूरा किला अब खंडहर में बदल गया है और आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह दिल्ली की भूतिया जगह है। 


नेहरु स्मारक संग्रहालय और पुस्तकालय दिल्ली - Nehru Memorial Museum and Library Delhi

नेहरु स्मारक संग्रहालय और पुस्तकालय दिल्ली शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। नेहरु स्मारक संग्रहालय को तीन मूर्ति भवन के नाम से भी जाना जाता है। तीन मूर्ति भवन प्रधानमंत्री श्री जवाहरलाल नेहरू का निवास स्थान था। अब इस बिल्डिंग को म्यूजियम में बदल दिया गया है। म्यूजियम में श्री जवाहरलाल नेहरू के बहुत सारे सामान को प्रदर्शित किया गया है। यहां पर आपको जवाहरलाल नेहरू की जिंदगी के बारे में बहुत सारी जानकारी मिल सकती है। 

नेहरु स्मारक संग्रहालय पर आपको पुस्तकों का बहुत सारा संग्रह देखने के लिए मिल जाएगा। जवाहरलाल नेहरू स्मारक संग्रहालय में कौशिक महल भी देखने के लिए मिलता है। यह महल बहुत सुंदर है और आप यहां पर भी घूम सकते हैं। इस महल का अधिकतर भाग खंडहर में बदलता जा रहा है। 


नेहरू तारामंडल दिल्ली - Nehru Planetarium Delhi

नेहरू तारामंडल दिल्ली शहर का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह बच्चों को घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। यह तारामंडल नेहरू स्मारक म्यूजियम और लाइब्रेरी के परिसर में ही स्थित है। नेहरू तारामंडल में आपको हमारे सौरमंडल, ग्रहों एवं तारों के बारे में पता चलता है। यहां पर आपको बहुत सारे अंतरिक्ष से रिलेटेड जानकारियां देखने के लिए मिलती है। यहां पर आप बहुत सारी कहानियां भी पढ़ सकते हैं। यह दिल्ली में घूमने लायक जगह है। 


स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर दिल्ली - Swaminarayan Akshardham Temple Delhi

स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर दिल्ली शहर का प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह धार्मिक स्थल है। यह मंदिर भारत देश में सबसे बड़े मंदिरों में से एक है। मुख्य मंदिर स्वामीनारायण भगवान जी को समर्पित है। इस मंदिर में बहुत सारे भगवानों के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर बहुत सुंदर मूर्ति कला भी देखने के लिए मिलती है, जो बहुत आकर्षक लगती है। यह मंदिर एक ऊंचे चबूतरे पर बना हुआ है और मंदिर की दीवारों पर सुंदर नक्काशी देखने के लिए मिलती है। 

अक्षरधाम मंदिर में शंकर जी, पार्वती जी और गणेश जी का मंदिर, राम, सीता और हनुमान जी का मंदिर, राधा कृष्ण जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। अक्षरधाम मंदिर बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। इस मंदिर में म्यूजिकल फाउंटेन देखने के लिए मिलता है, जो बहुत सुंदर है।  इस मंदिर के चारों तरफ सुंदर बगीचा है। आप मंदिर में आकर भगवान के दर्शन कर बगीचे में बैठ सकते हैं। यहां पर आकर शांति मिलती है। यह मंदिर यमुना नदी के किनारे बना हुआ है। 


जंतर मंतर दिल्ली - Jantar Mantar Delhi

जंतर मंतर दिल्ली शहर के पर्यटन स्थलों में से एक है। जंतर-मंतर में आप भ्रमण करने के लिए आ सकते हैं। जंतर मंतर में आपको विभिन्न तरह की यंत्र देखने के लिए मिलते हैं। यह सभी यंत्र प्राचीन है। इन सभी यंत्रों का उपयोग प्राचीन समय में समय का पता लगाने के लिए किया जाता था। इन यंत्रों का उपयोग सूर्य की स्थिति और ग्रहों के बारे में पता लगाने के लिए किया जाता था। यहां पर प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है। 

जंतर मंतर पर भारतीय व्यक्ति का 25 रूपए और विदेशी व्यक्तियों का 500 रूपए लगता है। यह शुल्क आपको ऑनलाइन पे करना पड़ता है। जंतर मंतर महाराजा जयसिंह द्वितीय के द्वारा बनाया गया था। यहां पर आपको बहुत बड़े-बड़े यंत्र देखने के लिए मिलते हैं। 


फिरोज शाह कोटला दिल्ली - Feroz Shah Kotla Delhi

फिरोज़ शाह कोटला दिल्ली शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको खंडहर होता हुआ किला देखने के लिए मिलता है। यह किला 1354 ईस्वी में फिरोजशाह तुगलक द्वारा बनवाया गया था। यह किला पूरी तरह खंडहर में बदलता जा रहा है। इस किले में देखने के लिए बहुत सारी जगह है। यहां पर आपको एक पुरानी बावली देखने के लिए मिलती है। यह बहुत सुंदर लगती है। उसके अलावा आपको यहां पर एक स्तंभ देखने के लिए मिलता है, जिसमें प्राचीन लेख लिखा हुआ है। यहां पर एक मस्जिद भी देखने के लिए मिलती है। फिरोज शाह कोटला को दिल्ली की भूतिया जगह भी माना जाता है। इस जगह को लेकर अलग-अलग लोगों की अलग-अलग राय है। आप यहां पर पर्यटक की दृष्टि से घूमने के लिए आ सकते हैं। 


दिल्ली घूमने की जगह लिस्ट / दिल्ली के आसपास घूमने की जगह - Delhi ghoomne ke Jagah list / Delhi ke aaspaas ghumne ki Jagah


कैथेड्रल चर्च ऑफ रिडेम्शन
सुप्रीम कोर्ट म्यूजियम
कृषि संग्रहालय
ओखला बर्ड सेंचुरी 
कुदासिया बाग दिल्ली 
खूनी दरवाजा दिल्ली
लोक नायक उद्यान दिल्ली
शहीद भगत सिंह पार्क
अजमल खान पार्क दिल्ली
तालकटोरा उद्यान दिल्ली
गुरुद्वारा मजनू का टीला दिल्ली
कमला नेहरू रिज दिल्ली 
बोंटा पार्क दिल्ली
कोरोनेशन मेमोरियल और पार्क दिल्ली 
संत निरंकारी बाबा पार्क और सरोवर दिल्ली
अशोका गार्डन दिल्ली
रोशनआरा का बाघ और मकबरा दिल्ली
यमुना जैव विविधता उद्यान दिल्ली
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर दिल्ली
द गार्डन ऑफ़ फाइव सेंस दिल्ली 
आधम खान का मकबरा दिल्ली
बलबन का मक़बरा दिल्ली
प्राचीन हनुमान मंदिर जमुना बाजार दिल्ली 
यमुना घाट दिल्ली 
लक्ष्मी नगर पार्क एवं झील दिल्ली 
गोल चक्कर पार्क दिल्ली 
बर्ड सेंचुरी दिल्ली
राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय दिल्ली
कलाम स्मारक दिल्ली 
दिल्ली हाट दिल्ली
लाल बंगला दिल्ली
गोल गुंबद दिल्ली
गुरुद्वारा दमदमा साहिब दिल्ली
अफसरनामा गुंबद एवं मस्जिद दिल्ली
बाराखंबा इमारत एवं पार्क दिल्ली
सब्ज बुर्ज दिल्ली 
उत्तर रेलवे इको पार्क दिल्ली
सिंगापुर पार्क नई दिल्ली
राष्ट्रपति भवन संग्रहालय दिल्ली
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र दिल्ली
प्राचीन नीली छतरी मंदिर दिल्ली
गोल्डन जुबली पार्क दिल्ली
असोला वन्य जीव अभ्यारण 
तिलपथ बायोडायवर्सिटी पार्क 
जहाज महल दिल्ली
जैन मंदिर दादाबाड़ी दिल्ली 
जफर महल दिल्ली 
दरगाह हजरत ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी दिल्ली



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