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बस्तर जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल - Bastar tourist places

बस्तर अंचल के दर्शनीय स्थल (जगदलपुर के दर्शनीय स्थल) - Places to visit near Bastar / बस्तर के पर्यटन स्थल (जगदलपुर के पर्यटन स्थल)


बस्तर अंचल छत्तीसगढ़ का एक मुख्य जिला है। बस्तर जिले का मुख्यालय जगदलपुर है। बस्तर अपने प्राकृतिक स्थलों के लिए जाना जाता है। यहां पर घूमने के लिए बहुत सारे प्राकृतिक स्थल मौजूद हैं। बस्तर मुख्य रूप से नक्सली एरिया के रूप में भी जाना जाता है। बस्तर में छत्तीसगढ़ और उड़ीसा राज्य की सीमा पर स्थित है। बस्तर में इंद्रावती नदी बहती है। बस्तर अंचल में बहुत सारी आदिवासी जनजातियां रहती हैं। उनके रीति रिवाज है और इनके रहने के तौर तरीके बाकी लोगों से अलग है। उनके हाट बाजार भी यहां पर बहुत प्रसिद्ध है और बाजारों में मिलने वाली वस्तुएं भी प्रसिद्ध है। आप बस्तर घूमने आएंगे, तो आपको एक अलग अनुभव मिलेगा। चलिए जानते हैं कि बस्तर और बस्तर के आसपास घूमने के लिए कौन-कौन सी जगह हैं। 


बस्तर में घूमने की जगह / जगदलपुर में घूमने की जगह 
Bastar me ghumne ki jagah / Jagdalpur mein ghumne ki jagah


चित्रकोट जलप्रपात बस्तर - Chitrakote Falls Bastar

चित्रकोट जलप्रपात बस्तर जिले का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह जलप्रपात छत्तीसगढ़ में प्रसिद्ध है। चित्रकूट जलप्रपात पूरे छिंदवाड़ा जिले में प्रसिद्ध है। यह जलप्रपात इंद्रावती नदी में बना हुआ है। यह जलप्रपात बहुत ही विशाल है। बरसात के समय में इस जलप्रपात का बहुत सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। बरसात के समय यहां पर बहुत सारे लोग जलप्रपात देखने के लिए आते हैं। यह जलप्रपात बस्तर जिले के मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर है। जलप्रपात के पास में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है। यहां पर सुरक्षा की दृष्टि से इंतजाम किए गए हैं। आप यहां पर बोटिंग भी कर सकते हैं। यहां के लोगों के द्वारा बोटिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। 

चित्रकोट जलप्रपात का आकार घोड़े के नाल के समान है। यह जलप्रपात बहुत चौड़ा है और बहुत ही सुंदर लगता है। यह जलप्रपात पूरे भारतवर्ष में प्रसिद्ध है। इस जलप्रपात को नाइग्रा फॉल के नाम से जाना जाता है। यह जलप्रपात 95 फीट ऊंचा है। जलप्रपात के पास में ही एक रिसोर्ट बना हुआ है, जहां पर आप ठहर सकते हैं और इस जलप्रपात का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। यहां पर नेचुरल ट्रेल भी है, जहां पर आप घूम सकते हैं। जलप्रपात का दृश्य वैसे बहुत सुंदर रहता है और यहां पर आकर मजा आता है। यह बस्तर में घूमने वाली मुख्य जगह है। 


बीजाकाशा जलप्रपात बस्तर - Bijakasha Falls Bastar

बीजाकाशा जलप्रपात बस्तर जिले का एक सुंदर जलप्रपात है। यह जलप्रपात चित्रकोट जलप्रपात के पास ही में स्थित है और आप यहां पर बरसात के समय घूमने के लिए जा सकते हैं। बरसात के समय यह जलप्रपात बहुत ही सुंदर लगता है। गर्मी के समय यहां पर पानी नहीं रहता है। यह जलप्रपात घने जंगलों में बना हुआ है और जलप्रपात तक पहुंचने के लिए आपको पैदल चलना पड़ता है। यहां पर पहुंचने के लिए कच्चा रास्ता है। 


कांगेर वैली राष्ट्रीय उद्यान बस्तर - Kanger Valley National Park Bastar

कांगेर वैली राष्ट्रीय उद्यान बस्तर जिले का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह एक राष्ट्रीय उद्यान है। कांगेर वैली राष्ट्रीय उद्यान को कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के नाम से भी जाना जाता है। यह राष्ट्रीय उद्यान बहुत घना है। यहां पर आपको खूबसूरत प्राकृतिक स्थल, झरने और जंगली जानवर, ऊंची ऊंची चोटियां, घना जंगल, गुफाए देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको विभिन्न प्रकार के जंगली जंतु एवं विभिन्न प्रकार की पेड़ पौधों की प्रजातियां देखने के लिए मिलती है। यहां पर आकर बहुत सुकून मिलता है। आप अपना बहुत अच्छा समय यहां पर आ कर बिता सकते हैं। इस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना 1982 में की गई थी। 

कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में आप सफारी का मजा ले सकते हैं। यहां पर जिप्सी से आप जंगल सफारी कर सकते हैं। यहां पर आपको नेचुरल गुफा देखने के लिए मिलती हैं, जो भूमि के अंदर स्थित हैं और आप यहां पर साल में कुछ सीमित समय तक ही घूम सकते हैं। नवंबर से अक्टूबर तक ही इस गुफा में घूम सकते हैं। यहां पर आपको वाटरफॉल देखने के लिए मिलते हैं। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में कांगेर नदी बहती है। इस नदी में यह बहुत सारे जलप्रपात बने हुए हैं, जो बहुत सुंदर है। यहां पर विभिन्न तरह की चिड़िया हैं। आपको देखने के लिए मिलती है। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में एक भोजनालय भी है, जहां पर आपको जनजातीय भोजन करने के लिए मिलता है, जो बहुत ही स्वादिष्ट रहता है। यहां पर आपको ढेर सारे जंगली जंतु देखने के लिए मिलेंगे और हरियाली देखने के लिए मिलती है। आप यहां पर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। आप बस्तर आते हैं, तो यहां पर आपको घूमने के लिए करीब 1 दिन पूरा लग जाएगा। यह बस्तर में घूमने लायक जगह है। 


कैलाश गुफा बस्तर - Kailash Cave Bastar

कैलाश गुफा बस्तर जिले की एक प्राकृतिक स्थल है। यहां पर आपको एक गुफा देखने के लिए मिलती है। यह गुफा प्राकृतिक तरीके से बनी हुई है। यह गुफा लगभग 250 मीटर की लंबाई में फैली हुई है। इसमें स्टैलेक्टाइट एवं स्टैलेक्टामाइट की बढ़ी हुई आकर्षक संरचनाएं देखने के लिए मिलती है। यह संरचनाएं हजारों सालों में बनी हुई है। गुफा का मुख्य आकर्षण है - एक बड़ा सा हॉल और मंदिर है। यहां पर आपको शिव जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। शिव जी के शिवलिंग की संरचना यहां पर बनी हुई है। जिसे सब लोग पूजा करते हैं। यह गुफाएं कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित है। 

कैलाश गुफा भूमिगत है और इन गुफाओं में ऑक्सीजन की कमी रहती है। अगर आपको सांस से संबंधित कोई बीमारी है, तो आप इन गुफाओं में प्रवेश ना करें। यहां पर बोर्ड लगा हुआ है, जिस पर साफ लिखा हुआ है, कि अगर आपको गुफा में किसी भी तरह की तकलीफ होती है, तो उसमें सरकार की कोई जिम्मेदारी नहीं रहती है। तो आप अपनी सुरक्षा को ध्यान रखते हुए ही गुफा में जाएं। यह बस्तर में घूमने की मुख्य जगह है। 


कोटमसर गुफा बस्तर - Kotumsar Cave Bastar

कोटमसर गुफा बस्तर शहर का एक प्रमुख प्राकृतिक स्थल है। यहां पर आपको प्राकृतिक गुफाएं देखने के लिए मिलती है। यह गुफा बहुत ही सुंदर है और भूमिगत है। यह गुफा कांगेर वैली नेशनल पार्क के अंदर घने जंगलों के बीच में कांगेर नदी के पास में स्थित है। इस गुफा को गुपालसर के नाम से भी जाना जाता है।  इन गुफाओं में लाइमस्टोन की बहुत ही सुंदर संरचना देखने के लिए मिलती है। यह संरचनाएं हजारों सालों में बनी है। यह गुफाएं भूमिगत है। इसलिए इन गुफाओं में गहरा अंधेरा छाया रहता है और यहां पर ऑक्सीजन की भी कमी रहती है। अगर आपको सांस संबंधी कोई समस्या है, तो आप इन गुफाओं में ना जाएं। 

कोटमसर गुफा की खोज स्थानीय आदिवासियों के द्वारा 1900  के आसपास की थी। इस गुफा को सन 1991 को जाने-माने ज्योग्राफर डॉक्टर शंकर तिवारी द्वारा सर्वे किया गया था। यह गुफा पार्क के कक्ष क्रमांक 85 में स्थित है। गुफा 330 मीटर लंबाई की और 75 मीटर गहरी है। गुफा में एक नाला भी बहता है। इस गुफा के बारे में कहा जाता है, कि अंधी मछलियां रहती है और मछलियों को कुछ दिखाई नहीं देता है। गुफा के अंदर 300 मीटर का नया कक्ष है। इसकी खोज वर्ष 2011 में हुई है। आप यहां पर आकर गुफा देख सकते हैं और आपको यहां पर बहुत मजा आएगा। गुफा में आप जाते हैं, तो आप यहां पर टॉर्च लेकर जाएं। ताकि आप यहां की बारीकियों को देख सके। वैसे भी आप अंधेरे में इस गुफा में नहीं जा सकते हैं। 


कांगेर धारा जलप्रपात - Kanger Dhara Falls

कांगेर धारा जलप्रपात बस्तर जिले में कांगेर वैली नेशनल पार्क के अंदर घने जंगलों के अंदर स्थित है। यह जलप्रपात कांगेर वैली नेशनल पार्क में बहने वाली कांगेर नदी पर बना हुआ है। यह जलप्रपात बहुत सुंदर है। यह जलप्रपात ज्यादा बड़ा नहीं है। मगर यह बहुत  खूबसूरती है। घने जंगल के बीच में जलप्रपात का दृश्य बहुत ही सुंदर रहता है। यहां पर आकर आप अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। 


दंडक गुफा बस्तर - Dandak Cave Bastar

दंडक गुफा बस्तर शहर का एक सुंदर प्राकृतिक स्थल है। यहां पर आपको गुफाएं देखने के लिए मिलती है। इन गुफाओं में आपको 2 कक्ष देखने के लिए मिलते हैं। इनमें से एक कक्ष बड़ा है और एक कक्ष छोटा है।  यह गुफाएं बस्तर में कांगेर घाटी नेशनल पार्क के अंदर स्थित है। आप यहां पर आकर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। 


तीरथगढ़ जलप्रपात बस्तर - Tirathgarh Falls Bastar

तीरथगढ़ जलप्रपात बस्तर जिले का एक मुख्य जलप्रपात है। यह जलप्रपात पूरे छत्तीसगढ़ में प्रसिद्ध है। यह जलप्रपात बहुत सुंदर है और यह जलप्रपात बरसात के समय बहुत ज्यादा आकर्षक लगता है। यहां पर पानी पहाड़ियों के ऊपर से बहता है और ऐसा लगता है, जैसे दूध की धाराएं बह रही हो और यहां का दृश्य बहुत ही अद्भुत रहता है। तीरथगढ़ जलप्रपात बस्तर में कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। बरसात के समय इस जगह पर बहुत सारे लोग घूमने के लिए आते हैं। तीरथगढ़ जलप्रपात छत्तीसगढ़ पर्यटन की तरफ से बहुत ही अच्छी तरह से बनाया हुआ है। यहां पर वॉच टावर है, जहां से आप झरने का सुंदर व्यू देख सकते हैं। झरने में नीचे जाने की तरफ सीढ़ियां भी बनी हुई है। 


तमाड़ घूमर जलप्रपात बस्तर - Tamad Ghoomar Falls Bastar

तमाड़ घूमर जलप्रपात बस्तर जिले का एक सुंदर जलप्रपात है। तमाड़ घूमर झरने से सुंदर घाटी का दृश्य देखने के लिए मिलता है। यह घाटी इंद्रावती नदी का है। यहां पर बरसात के समय हरियाली देखने के लिए मिलती है और यह झरना भी लाजवाब रहता है। आप इस झरने का दृश्य भी बरसात के समय देख सकते हैं। गर्मियों में यह झरना सूख जाता है। आप चाहे, तो झरने के नीचे भी जा सकते हैं और नीचे से भी इसका दृश्य देख सकते हैं। यह झरना नीचे एक कुंड में गिरता है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है और आप जब भी चित्रकोट जलप्रपात घूमने के लिए आते है, तो तमाड़ घूमर झरने में भी घूमने के लिए आ सकते हैं। यह झरना छत्तीसगढ़ के मुख्यालय जगदलपुर से करीब 45 किलोमीटर दूर है। यहां का प्राकृतिक दृश्य बहुत ही आकर्षक है।


बस्तर पैलेस जगदलपुर - Bastar Palace Jagdalpur

बस्तर पैलेस जगदलपुर का एक मुख्य स्थल है। यह एक प्राचीन महल है। यह महल बहुत सुंदर है और अभी भी अच्छी अवस्था में है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। इस महल को देख सकते हैं। यह महल बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर में स्थित है। यह महल दंतेश्वरी मंदिर के काफी करीब है। इसमें पैलेस के सामने गार्डन भी बना हुआ है, जो बहुत सुंदर है। यहां पर आपको बस्तर के इतिहास के बारे में बहुत सारी जानकारी मिलेगी। यह जगदलपुर में एक मुख्य पर्यटन स्थल है। 


दलपत सागर बस्तर - Dalpat Sagar Bastar

दलपत सागर बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर में घूमने की मुख्य जगह है। यह एक विशाल झील है। यह झील जगदलपुर की सबसे बड़ी झील है। झील के बीच में शिव जी का मंदिर बना हुआ है। इस मंदिर में आप बोटिंग के द्वारा पहुंच सकते हैं। यहां पर शिव भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। दलपत सागर झील जगदलपुर की प्राचीन झील है। यहां पर आपको गार्डन भी देखने के लिए मिलता है, जहां पर आप बैठकर झील के सुंदर दृश्य को देख सकते हैं। यह झील जगदलपुर की सबसे अच्छी जगह है और आप यहां सुबह और शाम के समय अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। 


बालाजी मंदिर बस्तर - Balaji Mandir Bastar

बालाजी मंदिर जगदलपुर का एक मुख्य धार्मिक स्थल है। यह मंदिर का जगदलपुर पर्यटन स्थल है। इस मंदिर का डिजाइन भी बहुत खूबसूरत है। इसे प्रसिद्ध बालाजी टेंपल की तरह बनाया गया है।  गर्भ ग्रह में बालाजी की मूर्ति देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर बहुत सुंदर है। मंदिर के परिसर में आपको बहुत सारे देवी देवताओं के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के परिसर में खुले में श्री बालाजी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यह प्रतिमा तीन मुखी है इसमें विष्णु भगवान जी का वराह अवतार, नरसिंह अवतार और बालाजी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। 

मंदिर परिसर पर श्री कृष्ण जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं और विष्णु भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं, जो शेष शैया में विराजमान हैं। हनुमान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह मंदिर जगदलपुर में दलपत सागर झील के पास ही में स्थित है। 


मानव विज्ञान संग्रहालय जगदलपुर बस्तर - Anthropological Museum Jagdalpur Bastar 

मानव विज्ञान संग्रहालय बस्तर का एक प्रमुख संग्रहालय है। यह जगदलपुर में घूमने वाली प्रमुख जगह है। यहां पर आपको बहुत सारी वस्तुओं का संग्रह देखने के लिए मिलता है। यहां पर मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के आदिवासियों से संबंधित बहुत सारी वस्तुओं का संग्रह किया गया है। यहां पर आपको बस्तर की जनजातियों के बारे में पता चलेगा। बहुत सारे जनजातियों यहां पर रहते हैं और वह अपना पूरा जीवन जंगल, खेत उसी में व्यतीत कर देते हैं। यहां पर उनके प्राचीन उपकरणों और उनके दैनिक जीवन की गतिविधियों के बारे में आप जान सकते हैं। यहां पर टेराकोटा मूर्तियों का भी बहुत सुंदर प्रदर्शन किया गया है। आदिवासियों के रहने के घर और किस तरह से वह एक अच्छी जीवनशैली जीते हैं। यहां पर आदिवासी जनजातियों के बहुत सारे रीति-रिवाजों के बारे में भी आपको बताया गया है, जिसमें घोटुल एक प्रमुख है।

मानव संग्रहालय के खुलने का समय 10:00 से 5:00 बजे तक रहता है। यह संग्रहालय सोमवार को बंद रहता है और सरकारी छुट्टी के दिन यह संग्रहालय बंद रहता है। यहां पर प्रवेश करने का शुल्क लिया जाता है। यहां पर भारतीय व्यक्तियों का प्रवेश शुल्क 20 रुपए लिया जाता है और स्टूडेंट का 10 रुपए लिया जाता है और विदेशी व्यक्तियों को 150 रुपए लिया जाता है। यह जगदलपुर के दर्शनीय स्थानों में से एक है और आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


मांडवा जलप्रपात बस्तर - Mandwa Falls Bastar

मांडवा जलप्रपात बस्तर शहर का एक सुंदर जलप्रपात है। यह बस्तर जिले का एक प्राकृतिक पर्यटन स्थल है। यह बस्तर के मुख्यालय जगदलपुर से करीब 38 किलोमीटर दूर है। मांडवा जलप्रपात में चट्टानों के ऊपर से सुंदर जलप्रपात बहता है। यहां पर अलग-अलग स्तरों से पानी नीचे बहता है, जो बहुत ही सुंदर लगता है। यहां पर पानी कम हो या ज्यादा है। दोनों ही स्थितियों में यह जलप्रपात सुंदर लगता है। आप यहां पर बरसात के समय घूमने आएंगे, तो बहुत सुंदर नजारा देखने के लिए मिलेगा। चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलेगी। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


चित्रधारा जलप्रपात बस्तर - Chitradhara Falls Bastar

चित्रधारा जलप्रपात बस्तर अंचल का एक दर्शनीय स्थल है। यह एक सुंदर जलप्रपात है। यह जलप्रपात बस्तर के मुख्यालय जगदलपुर से करीब 18 किलोमीटर दूर है। यह जलप्रपात चट्टानों के ऊपर से बहता है और अनेक स्तरों में बहते हुए पानी नीचे आता है, जो बहुत ही सुंदर लगता है। यहां पर आप जगदलपुर से घूमने के लिए आ सकते हैं और अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यह जलप्रपात पोतनार नाम की जगह पर है। 


बारसूर बस्तर - Barsoor Bastar

बारसूर बस्तर जिले का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। बारसूर बस्तर के पास घूमने की एक जगह है।बारसूर मुख्य रूप से प्राचीन मंदिरों का समूह है। बारसुर को तालाब और मंदिरों की नगरी के नाम से जाना जाता था। यहां पर बहुत सारे प्राचीन मंदिर और तालाब हुआ करते थे। उनमें से यहां पर अब बहुत से मंदिर टूट गए हैं। यहां पर आपको सिर्फ कुछ मंदिर ही देखने के लिए मिल जाते हैं। यह मंदिर 11 वीं से 12 वीं सदी के मध्य बनाए गए थे। बारसूर जगदलपुर से करीब 100 किलोमीटर दूर है। यह इंद्रावती नदी के किनारे बसा हुआ है। यहां पर आदिवासी लोगों की जनसंख्या अधिक है। बारसूर में आपको बहुत सारे प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरती से बनाए गए हैं। बारसूर में बहुत सारे प्रसिद्ध मंदिर है। चलिए जानते हैं मंदिरों के बारे में 


बारसूर में घूमने की जगह


गणेश मंदिर बारसूर - Ganesh Mandir Barsoor

गणेश मंदिर बारसूर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह गणेश मंदिर बहुत ही प्राचीन है। गणेश मंदिर के पास में स्थित मंदिर अब पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं। गणेश जी की प्रतिमा को यहां पर एक नवनिर्मित मंदिर में रखा गया है। इसके चारों तरफ जाली लगा दी गई है। गणेश जी की प्रतिमा एक ही पत्थर से बनी हुई है और बहुत ही सुंदर लगती है। यहां पर 2 प्रतिमाएं हैं। बड़ी प्रतिमा की ऊंचाई 7 फीट है और छोटी प्रतिमा की ऊंचाई 5 फीट है। यह दोनों ही गणेश प्रतिमाएं एकदन्ती हैं। यह दोनों ही प्रतिमाएं अद्भुत लगती हैं। 

मामा भांजा मंदिर बारसूर - Mama Bhanja Temple Barsoor

मामा भांजा मंदिर बारसूर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह मंदिर बहुत सुंदर है। यह मंदिर नागर शैली में बना हुआ है। इस मंदिर को मामा भांजा मंदिर के नाम से इसलिए जाना जाता है, क्योंकि इस मंदिर का निर्माण मामा और भांजा ने किया था और इस मंदिर का निर्माण इन्होंने एक ही दिन में किया था। इसलिए इस मंदिर का नाम मामा भांजा मंदिर पड़ा। यह मंदिर बहुत सुंदर है। मंदिर के बाहर गार्डन देखने के लिए मिलता है। इस मंदिर का निर्माण नागवंशी राजाओं के द्वारा करवाया गया था।  मंदिर के गर्भ गृह में गणेश जी और नरसिंह भगवान जी की मूर्ति देखने के लिए मिलती है। यह बारसूर में घूमने की अच्छी जगह है। 

बत्तीसा मंदिर बारसूर - Battisa Temple Barsoor

बत्तीसा मंदिर बारसूर का एक प्रमुख दर्शनीय स्थल है। यह मंदिर भोपालपटनम रोड में स्थित है। यह मंदिर बहुत सुंदर है। इसके गर्भ ग्रह में दो तल वाली वर्गाकार ऊंचे काले पत्थर की बनी उपयुक्त जलधारी पर शिवलिंग विराजमान है। मंडप में शिवलिंग की ओर मुख किए हुए नंदी बैठा हुआ है। नंदी की प्रतिमा बहुत सुंदर एवं सजीव है। इस मंदिर का मुख पूर्व दिशा की ओर है। बत्तीसा मंदिर का निर्माण 11 वीं सदी में नागवंशी राजाओं के राज्य काल में हुआ था। यह बारसूर में घूमने लायक जगह है। 


बस्तर जिले के आकर्षण स्थल और पिकनिक स्थलों की सूची - List of attractions and picnic spots in Bastar district

हिरमराज मंदिर बारसूर 
सोलह खंभा मंदिर बारसूर 
आठ खंभा मंदिर बारसूर
लामनी पार्क या जैव विविधता संरक्षण विकास एवं शिक्षण केंद्र बस्तर
कुंदरुक फॉल्स बस्तर
शहीद पार्क नेहरू बाल उद्यान जगदलपुर बस्तर
इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान बस्तर
इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान
भैरमगढ़ वन्यजीव अभयारण्य बस्तर
भैंसादरहा बस्तर

हनुमान टेकरी मंदिर जगदलपुर 

गंगा मुंडा तालाब एवं पार्क जगदलपुर

दंतेश्वरी माता मंदिर जगदलपुर

बस्तर हाट पार्क जगदलपुर







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चित्रकूट में धर्मशाला - Dharamshala in Chitrakoot /  रामघाट के पास धर्मशाला /  चित्रकूट में ठहरने की जगह रामघाट चित्रकूट में एक प्रसिद्ध जगह है। चित्रकूट में बहुत सारी धर्मशालाएं हैं। मगर चित्रकूट में रामघाट के पास जो धर्मशालाएं हैं। वहां पर समय बिताने में बहुत अच्छा लगता है। उन्हीं में से एक धर्मशाला में हम लोगों ने समय बिताया और हमें अच्छा लगा।  राम घाट के किनारे पर आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर बहुत सारी धर्मशालाएं भी है, जहां पर आप रुक सकते हैं। हम लोग भी राम घाट के किनारे पर इन्हीं धर्मशाला में रुके थे। धर्मशाला का किराया बहुत ही कम रहा। हमारा एक कमरे का किराया 250 था। जिसमें बाथरूम अटैच नहीं थी। अगर आप बाथरूम अटैच कमरा लेना चाहते हैं, तो उसका किराया यहां पर 400 था। हम जिस धर्मशाला में रुके थे। वह धर्मशाला मंदाकिनी आरती स्थल के सामने ही थी, जिससे हमें मंदाकिनी नदी का खूबसूरत नजारा भी देखने का आनंद मिल ही रहा था।  रामघाट के दोनों तरफ बहुत सारी धर्मशाला है, जिनमें आप जाकर रुक सकते हैं।  हम लोगों का रामघाट के किनारे पर बनी धर्मशाला में रुकने का

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