सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

आप हमारी मदद करना चाहते हैं, तो नीचे दिए लिंक से शॉपिंग कीजिए।

उमरिया जिले के पर्यटन स्थल - Umaria tourist places

उमरिया जिले के दर्शनीय स्थल - Umaria Attractions Places /  Umaria Picnic Place


उमरिया में घूमने की जगह 
Places to visit in Umaria 


बांधवगढ़ नेशनल पार्क उमरिया - Bandhavgarh National Park Umaria

बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान उमरिया शहर का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यह उमरिया में घूमने वाली सबसे अच्छी जगह है। बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान उमरिया, शहडोल और कटनी जिले में फैला हुआ है। यह राष्ट्रीय उद्यान भारत का सबसे अच्छा राष्ट्रीय उद्यान है, क्योंकि यहां पर टाइगर देखने के लिए मिलते हैं और यहां पर टाइगर देखने के बहुत ज्यादा चांसेस रहते हैं। यहां पर घटिया, पहाड़ियां, मैदान, दलदल, घास के मैदान, हरा भरा जंगल देखने के लिए मिलता है। यहां पर जंगली जानवर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर वनस्पतियों की बहुत सारी प्रजातियां देखने के लिए मिलती है। बांधवगढ़ नेशनल पार्क में आप सफारी का मजा ले सकते हैं। यहां पर सुबह 6 बजे से 11 बजे तक और शाम को 3 तक 6  तक आप सफारी का मजा ले सकते हैं। यहां पर दो जोन प्रमुख है, जहां पर टाइगर बहुत ज्यादा दिखने के चांसेस रहते हैं, जिसमें से ताला जोन और मगदी जोन प्रमुख हैं। बांधव नेशनल पार्क में और भी जगह आपको देखने के लिए मिल जाती है। यहां पर प्राचीन मंदिर, किला, तालाब देखने के लिए मिलता है। 

यहां पर आपको सफारी के लिए 2 से ढाई घंटा लगता है। यहां पर आपको तेंदुआ, हिरण, भैंसा, जंगली बिल्ली, लंगूर और बहुत सारे जानवर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको विभिन्न प्रजातियों की चिड़िया देखने के लिए मिलती है - जैसे मोर, हॉर्नबिल आदि। बांधवगढ़ नेशनल पार्क में आपको ठहरने की भी सुविधा मिल जाती है। यहां पर बहुत सारे रिसोर्ट और होटल है, जहां पर रहने और खाने की सुविधा मौजूद है। 


बांधवगढ़ नेशनल पार्क के अंदर घूमने वाली प्रमुख जगह - Places to visit inside Bandhavgarh National Park


बांधवगढ़ का किला - Bandhavgarh Fort

बांधवगढ़ का किला बांधवगढ़ नेशनल पार्क के अंदर सबसे ऊंचाई पर स्थित है। यह किला 582 एकड़ पर में फैला हुआ है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 799 मीटर है। इस किले के बारे में कहा जाता है, कि इस किले का निर्माण रावण को मारने के बाद  अयोध्या लौटते समय राम जी इस जंगल से गुजरे थे और उन्होंने यहां एक किला बनाने और उसे अपने भाई लक्ष्मण को उपहार देने का निश्चय किया था। 

इसके अलावा ऐसा माना जाता है कि बांधवगढ़ किला तीसरी सदी में बना हुआ है और इस किले में बहुत सारे राजाओं ने शासन किया है। इस किले में मुगल बादशाह हुमायूं की बेगम को भी शरण मिली थी। जब शेर शाह सूरी हुमायूं का पीछा कर रहे थे। उनके एहसान को चुकाने के लिए हुमायूं के बेटे अकबर ने बांधवगढ़ के सिक्के जारी किए थे। वर्ष 1617 में बघेल अपने राज्य की राजधानी बांधवगढ़ को हटाकर रीवा ले गए। तब से यह किला खाली कर दिया गया और तब से इस किले में जंगली जानवरों का शासन हो गया। बांधवगढ़ किले के अंदर प्राचीन इमारतें एवं जलकुंड देखने के लिए मिलते हैं। इन जलकुंड में आज भी पानी भरा रहता है। यह किला बांधवगढ़ नेशनल पार्क के ताला जोन में आता है। आप टाइगर सफारी के समय इस किले में घूमने के लिए आ सकते हैं। 

शेष शैया - shesh shaiya

शेष शैया बांधवगढ़ नेशनल पार्क में स्थित एक प्रमुख जगह है। यह जगह बांधवगढ़ नेशनल पार्क में बांधवगढ़ किले के पास ही में स्थित है। यहां पर विष्णु भगवान जी की एक विशाल प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जिसमें विष्णु भगवान जी शेष शैया में लेटे हुए हैं। यह प्रतिमा बहुत ही आकर्षक लगती है। इस प्रतिमा के पास में जलकुंड भी बना हुआ है, जिससे इस जगह की शोभा बढ़ जाती है। यहां पर बहुत सारी प्रतिमाएं देखने के लिए मिलती हैं। यह प्रतिमा बहुत ही प्राचीन है। 

सदगुरु कबीर गुफा मंदिर - Sadguru Kabir Cave Temple

सदगुरु कबीर गुफा मंदिर बांधवगढ़ नेशनल पार्क में स्थित प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मंदिर बांधवगढ़ किले के पास ही में स्थित है। यह मंदिर कबीर जी को समर्पित है। कबीर जी संत थे और उन्होंने बहुत सारे दोहे लिखे हैं, जिनका जीवन में बहुत महत्व है। यहां पर कबीर जी का प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर उनकी मूर्ति और उनके खड़ग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। 

लक्ष्मण मंदिर या बांधवाधीश मंदिर - Laxman Temple or Bandhwadhish Temple

लक्ष्मण मंदिर बांधवगढ़ नेशनल पार्क में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। लक्ष्मण जी को बांधवगढ़ के देवता के रूप में जाना जाता है। यहां पर बहुत सारे प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलते हैं, जिसमें प्राचीन प्रतिमाएं देखने के लिए मिलती है। यहां पर लक्ष्मण जी की पूजा की जाती है। यहां पर पास में तालाब भी बना हुआ है, जहां पर सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर श्री राम, माता सीता जी और लक्ष्मण जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर चारों तरफ बहुत ही सुंदर वातावरण है। 



बडेरी का किला उमरिया - Baderi Fort Umaria 

बडेरी का किला उमरिया शहर का एक प्राचीन किला है। बडेरी एक छोटा सा गांव है। बडेरी का किला खंडहर अवस्था में देखने के लिए मिलता है। यह किला उमरिया से बांधवगढ़ नेशनल पार्क जाने वाली सड़क में स्थित है। बडेरी गांव में नंद महल नाम का मंदिर भी देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है और यह मंदिर शारदा माता को समर्पित है। यह मंदिर बहुत सुंदर है और यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। 


बाणसागर बांध उमरिया - Bansagar Dam Umaria

बाणसागर बांध उमरिया के पास घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। बाणसागर बांध सोन नदी पर बना हुआ एक बहुत बड़ा जलाशय है। यह जलाशय बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां पर आपको सुंदर पहाड़ियों का दृश्य देखने के लिए मिलेगा। बाणसागर बांध को देखने के लिए बरसात के समय बहुत सारे लोग आते हैं, क्योंकि इस समय बांध का जलस्तर बढ़ जाता है और बांध के गेट खोले जाते हैं, जिनका दृश्य बहुत सुंदर रहता है। बाणसागर बांध उमरिया से करीब 115 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


दूधेश्वर शिव धाम मंदिर दूधारिया उमरिया - Dudheshwar Shiv Dham Temple Dudharia Umaria

दूधेश्वर शिव मंदिर उमरिया जिले के पनपथा ग्राम पंचायत का  एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यह मंदिर बहुत सुंदर है। मंदिर में शिव भगवान जी का शिवलिंग विराजमान है और शिव भगवान जी, माता पार्वती जी और गणेश जी की बहुत ही सुंदर तस्वीर देखने के लिए मिलती है। यहां पर एक छोटा सा तालाब भी बना हुआ है। यहां पर मकर संक्रांति के समय बहुत विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें दूर दूर से लोग मेले में शामिल होने के लिए आते हैं।

 

पनपथा वन्यजीव अभ्यारण - Panpatha Wildlife Sanctuary

पनपथा वन्य जीव अभ्यारण उमरिया शहर का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। पनपथा वन्य जीव अभ्यारण में बहुत सारे जंगली जानवर देखने के लिए मिलते हैं। पनपथा वाइल्डलाइफ सेंचुरी बहुत बड़े क्षेत्र में फैली हुई है और आपको यहां पर पक्षियों की बहुत सारी प्रजातियां देखने के लिए मिल जाती है। यहां पर आपको मोर और चिड़ियों की बहुत सारी प्रजाति देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको जंगली जानवर भी देखने के लिए मिल जाते हैं। यह जगह हरियाली से घिरी रहती है। आप यहां पर आकर इस जगह का आनंद उठा सकते हैं। 


श्री हनुमान धाम धौरखोह उमरिया - Shri Hanuman Dham Dhaurkhoh Umaria

श्री हनुमान धाम धौरखोह मंदिर उमरिया शहर के एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है। इस मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा लेटी हुई है। यह मंदिर घने जंगल के अंदर स्थित है। इस मंदिर को श्री बजरंग धाम के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर जंगल के अंदर स्थित है। इसलिए यहां पर जंगली जानवर देखने के लिए भी मिल जाते हैं। यहां पर बंदर ढेर सारे हैं। यह मंदिर उमरिया शहर के राघोपुर गांव में स्थित है। इस मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगता है, क्योंकि चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है और हनुमान जी की प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर शिव भगवान जी का शिवलिंग भी देखने के लिए मिलता है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां मन्नत मानने से मनोकामना पूरी होती है। यह मंदिर उमरिया से करीब 21 किलोमीटर दूर है। 


उमरार बांध उमरिया - Umrar Dam Umaria

उमरार बांध उमरिया शहर का एक पर्यटन स्थल है। यहां पर एक बहुत सुंदर जलाशय देखने के लिए मिलता है। यह जलाशय बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां पर शाम के समय सूर्यास्त का बहुत सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यह जलाशय उमरिया शहर से 5 किलोमीटर दूर है। आप यहां पर आराम से घूमने के लिए आ सकते हैं। 


मदिबघ शिव मंदिर उमरिया - Madibagh Shiva Temple Umaria

मदिबघ शिव मंदिर उमरिया शहर का एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। मंदिर के गर्भ गृह में शिवलिंग देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर पूरी तरह पत्थरों से बना हुआ है। मंदिर की दीवारों पर मूर्तियों को बनाया गया है। यह मूर्तियां धार्मिक और दैनिक जीवन से संबंधित है। यह मंदिर बहुत सुंदर लगता है। इस मंदिर में मकर संक्रांति के समय मेला भरता है, जिसमें बहुत सारे लोग शामिल होते हैं। यह मंदिर उमरिया से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह मंदिर उमरिया के करामाती गांव में स्थित है। 


बिरसिंहपुर बांध उमरिया - Birsinghpur Dam Umaria

बिरसिंहपुर बांध को पाली बांध के नाम से भी जाना जाता है।  यह बांध उमरिया का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यह बांध बहुत सुंदर है। यह बांध उमरिया के बिरसिंहपुर पाली में स्थित है। यह बांध जोहिला नदी पर बना हुआ है। चारों तरफ सुंदर पहाड़ियों का दृश्य देखने के लिए मिलता है और यह जलाशय देखने के लिए मिलता है। बरसात के समय इस बांध का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है, क्योंकि इसके गेट खोले जाते हैं और जिस का दृश्य बहुत ही मनोरम रहता है। आप यहां अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। इस बांध के पानी का उपयोग संजय गांधी ताप विद्युत गृह में किया जाता है। 


मां बिरासनी देवी मंदिर पाली उमरिया - Maa Birasani Devi Temple Pali Umaria

मां बिरासनी देवी मंदिर उमरिया शहर का एक धार्मिक स्थल है।  यह मंदिर उमरिया शहर के बिरसिंहपुर पाली में स्थित है। इस जगह का नाम बिरसिंहपुर मां बिरासनी के नाम पर रखा गया है। यहां पर मां की बहुत ही प्राचीन प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यह प्रतिमा कलचुरी कालीन है। यहां पर लोगों की बहुत ही आस्था जुड़ी है। लोग यहां पर माता से मन्नते मानते हैं और माता उनकी मन्नत को पूरा करती है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यह मंदिर बहुत सुंदर है और सफेद मार्बल से बना हुआ है। यह मंदिर बिरसिंहपुर पाली रेलवे स्टेशन के बहुत करीब है। आप यहां पर पैदल भी रेलवे स्टेशन से आ सकते हैं। 


नवग्रह मंदिर बिरसिंहपुर पाली उमरिया - Navagraha Mandir Birsinghpur Pali Umaria

नवग्रह मंदिर बिरसिंहपुर पाली के पास स्थित धार्मिक स्थल है। यह मंदिर शंकर भगवान को समर्पित है। यह मंदिर ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यहां से चारों तरफ का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। 


माँ ज्वाला धाम शक्ति पीठ उचेहरा उमरिया - Maa Jwala Dham Shakti Peeth Uchehra Umaria

मां ज्वाला धाम शक्तिपीठ उमरिया का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां पर मां ज्वाला की बहुत ही सुंदर प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। मां ज्वाला देवी धाम 1 शक्तिपीठ है और यह मंदिर बहुत प्राचीन है। यह मंदिर करीब 2000 वर्ष पुराना है। इस मंदिर में एक सुंदर गार्डन भी है, जहां पर आप मंदिर घूमने के लिए आते हैं, तो बैठ सकते हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है और सकारात्मक ऊर्जा महसूस होती है। यह मंदिर उमरिया के उचेहरा में स्थित है। यहां पर बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर गणेश जी का मंदिर है। श्री राम जी का मंदिर है और श्री कृष्ण जी का मंदिर भी यहां पर देखने के लिए मिलता है। यहां पर काल भैरव की प्रतिमा भी देखने के लिए मिलती है। यहां पर आकर अच्छा लगता है। 


कोदार जलप्रपात उमरिया - Kodar Falls Umaria

कोदार जलप्रपात उमरिया शहर में स्थित एक प्राकृतिक पर्यटन स्थल है। इस जलप्रपात को K जलप्रपात के नाम से भी जाना जाता है। यह जलप्रपात चारों तरफ पेड़ पौधे लगे हुए हैं, जिससे इसका बहुत सुंदर दृश्य लगता है। यहां पर पहाड़ों और नदी का दृश्य बहुत ही आकर्षक रहता है। आप यहां बरसात के समय घूमने के लिए आ सकते हैं। यह जलप्रपात जोहिला नदी पर बना हुआ है। यह जलप्रपात बहुत सुंदर है। यह जलप्रपात जंगल के अंदर स्थित है। यहां पर जोहिला नदी का बहुत सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यह जलप्रपात मानपुर तहसील में कोदार नाम के गांव में स्थित है। 


कंचन घाट जलप्रपात उमरिया - Kanchan Ghat Falls Umaria

कंचन घाट जलप्रपात उमरिया शहर का एक सुंदर जलप्रपात है। यह जलप्रपात घने जंगलों के अंदर स्थित है। यह जलप्रपात भी जोहिला नदी पर बना हुआ है। यह जलप्रपात कोदार जलप्रपात के पास ही में स्थित है। यह जलप्रपात उदल नाम के गांव में स्थित है। आप यहां पर आकर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। 


जोहिला जलप्रपात उमरिया - Johila Falls Umaria

जोहिला जलप्रपात उमरिया शहर में स्थित एक सुंदर जलप्रपात है। यह जलप्रपात बांधवगढ़ नेशनल पार्क के अंदर स्थित है। यह जलप्रपात बहुत सुंदर है। यह जलप्रपात चारों तरफ से घने जंगलों से घिरा हुआ है। यह जलप्रपात जोहिला नदी पर बना हुआ है। यहां पर जोहिला नदी का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर चट्टानों से बहता हुआ पानी बहुत ही सुंदर लगता है। यहां पर पहुंचने के लिए रोड की अच्छी नहीं है। मगर यहां के दृश्य देखने के लायक है। 


सिद्ध बाबा मंदिर उमरिया - Siddha Baba Mandir Umaria

सिद्ध बाबा मंदिर उमरिया शहर का धार्मिक स्थल है। यह मंदिर उमरिया शहर के भरोला में स्थित है। मंदिर में बहुत बड़े शिवलिंग की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर बहुत सुंदर है और यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यह मंदिर एक पहाड़ी पर बना हुआ है। यह मुख्य हाईवे सड़क पर स्थित है। 


उमरिया के अन्य प्रसिद्ध पर्यटन आकर्षण स्थल - Famous Tourist Attractions in Umaria

चेचरिया घाट, जोहिला नदी 

बारुआ जलप्रपात बेरहा गांव 

पंचलेश्वर मंदिर सलईया उमरिया

मर्दारी हिल प्वाइंट


भोपाल दर्शनीय स्थल

इंदौर शहर के दर्शनीय स्थल

बड़वानी जिले के दर्शनीय स्थल

मांडू के दर्शनीय स्थल


टिप्पणियाँ

  1. बांधवगढ राष्ट्रीय उद्यान और किला के विषय में बहुत सार्थक जानकारी।

    जवाब देंहटाएं

एक टिप्पणी भेजें

Please do not enter any spam link in comment box

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मैहर पर्यटन स्थल - Maihar Tourist place | Places to visit in maihar

मैहर के दर्शनीय स्थल - Maihar tourist place in hindi | Maihar tourist places list |  मैहर शारदा देवी मंदिर मैहर में घूमने की जगह  Maihar me ghumne ki jagah मैहर का शारदा मंदिर - M aihar ka sharda mandir मैहर में सबसे प्रसिद्ध शारदा माता जी का मंदिर है। शारदा माता जी का मंदिर पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए पूरे देश से भक्तगण आते हैं। मंदिर में विशेष कर नवरात्रि के समय बहुत भीड़ रहती है। यहां पर इस टाइम पर मेला भी भरता है। वैसे मंदिर में आप साल के किसी भी समय घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर हमेशा ही मेले जैसा ही माहौल रहता है। मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर में पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर पर आप रोपवे की मदद से भी पहुंच सकते हैं। मंदिर में आपको शारदा माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के परिसर में और भी देवी देवता विराजमान हैं, जिनके आप दर्शन कर सकते हैं। मंदिर से मैहर के चारों तरफ का दृश्य आपको देखने के लिए मिलता है। खूबसूरत पहाड़ देखने के लिए मिलते हैं। आपको मंदिर आकर बहुत अच्छा लगेगा।  नीलकंठ मंदिर और आश्रम मैहर -  Neelkanth Temple

कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni

कटनी में घूमने वाली जगह | Katni paryatan sthal | Places to visit near Katni |  कटनी जिले के पर्यटन स्थल |  कटनी जिले के दर्शनीय स्थल कटनी जिले के बारे में जानकारी Information about Katni district कटनी मध्य प्रदेश का एक जिला है। कटनी जिलें को मुडवारा के नाम से भी जाना जाता है। कटनी का संभागीय मुख्यालय जबलपुर है। 28 मई 1998 को कटनी को जिलें के रूप में घोषित किया गया है। कटनी में कटनी नदी बहती है, जो पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत है। कटनी जिलें में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन है। कटनी रेल्वे जंक्शन में 6 प्लेटफार्म है। यहां पर हमेशा भीड रहती है। कटनी की 8 तहसील कटनी शहर, कटनी ग्रामीण, रीठी, बड़वारा, बहोरीबंद, विजयराघवगढ, ढीमरखेड़ा, बरही है। कटनी जिले की सीमाएं उमरिया, जबलपुर , दमोह, पन्ना, और सतना जिले की सीमाओं को छूती हैं। कटनी जिले में बहुत सारी ऐतिहासिक और प्राकृतिक जगह है, जहां पर आप जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं।  Katni places to visit कटनी में घूमने की जगहें जागृति पार्क - Jagriti Park Katni जागृति पार्क कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है।

रामघाट चित्रकूट के पास धर्मशाला - Dharamshala near Ramghat Chitrakoot

चित्रकूट में धर्मशाला - Dharamshala in Chitrakoot /  रामघाट के पास धर्मशाला /  चित्रकूट में ठहरने की जगह रामघाट चित्रकूट में एक प्रसिद्ध जगह है। चित्रकूट में बहुत सारी धर्मशालाएं हैं। मगर चित्रकूट में रामघाट के पास जो धर्मशालाएं हैं। वहां पर समय बिताने में बहुत अच्छा लगता है। उन्हीं में से एक धर्मशाला में हम लोगों ने समय बिताया और हमें अच्छा लगा।  राम घाट के किनारे पर आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर बहुत सारी धर्मशालाएं भी है, जहां पर आप रुक सकते हैं। हम लोग भी राम घाट के किनारे पर इन्हीं धर्मशाला में रुके थे। धर्मशाला का किराया बहुत ही कम रहा। हमारा एक कमरे का किराया 250 था। जिसमें बाथरूम अटैच नहीं थी। अगर आप बाथरूम अटैच कमरा लेना चाहते हैं, तो उसका किराया यहां पर 400 था। हम जिस धर्मशाला में रुके थे। वह धर्मशाला मंदाकिनी आरती स्थल के सामने ही थी, जिससे हमें मंदाकिनी नदी का खूबसूरत नजारा भी देखने का आनंद मिल ही रहा था।  रामघाट के दोनों तरफ बहुत सारी धर्मशाला है, जिनमें आप जाकर रुक सकते हैं।  हम लोगों का रामघाट के किनारे पर बनी धर्मशाला में रुकने का