सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

जैसलमेर की डेजर्ट सफारी और कैमल सफारी - Desert Safari in Jaisalmer

जैसलमेर में डेजर्ट, जीप एवं कैमल सफारी का अनुभव - Experience Desert, Jeep & Camel Safari in Jaisalmer


जैसलमेर में भारत के बहुत सारे पर्यटक डेजर्ट सफारी का मजा लेने जाते हैं और यह डेजर्ट सफारी भी बहुत मनोरंजक होती है। हम लोग भी जैसलमेर में डेजर्ट सफारी का मजा लेने गए थे। हम लोग डेजर्ट सफारी के लिए ऑनलाइन बुकिंग किए थे। डेजर्ट सफारी में रेगिस्तान में कैंप लगता है। डांस होता है। आप अगर ऊंट की सवारी लेना चाहते हैं, तो वह भी कर सकते हैं या आप जीप की सवारी लेना चाहते हैं, तो रेगिस्तान में जीप की सवारी का भी मजा ले सकते हैं। मगर कैमल सफारी और जीप सफारी में बहुत मजा आता है। वैसे जीप सफारी और ऊंट सफारी का अलग-अलग चार्ज यहां पर लगता है। मगर आप यहां पर आते हैं, तो इस चीज का अनुभव भी आपको करना चाहिए। हम लोग जैसलमेर में खासतौर पर डेजर्ट सफारी का मजा लेने ही आए थे।  
 
आप जैसलमेर डेजर्ट सफारी के लिए ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं या आप चाहे तो यहां पर आकर भी बुकिंग कर सकते हैं।  जैसलमेर डेजर्ट सफारी के लिए अलग-अलग पैकेज मिलते हैं। डेजर्ट सफारी पैकेज में आपको अलग-अलग सुविधाएं मिलती हैं। हमने यहां पर सबसे सस्ता वाला पैकेज लिया था। अगर आप यहां पर घूमने के लिए आते हैं, तो अलग-अलग पैकेज में अलग-अलग सुविधाएं मिलती हैं। उनके हिसाब से आप सेलेक्ट करके आ सकते हैं। आपको गूगल में अलग-अलग तरह की वेबसाइट मिल जाती हैं, जिनमें अलग-अलग तरह के प्राइस और अलग-अलग तरह की सुविधाएं आपको जैसलमेर डिजर्ट सफारी कैंप में मिल जाती है।  
 
जैसलमेर तक हम लोग ट्रेन से पहुंच गए थे और जैसलमेर से डेजर्ट सफारी के लिए हम लोगों को किसी वाहन की जरूरत थी, जो हम लोगों को जैसलमेर से डेजर्ट सफारी तक ले जाए। हम लोगों ने अपने होटल वाले को फोन किया, तो उसने हम लोगों के लिए गाड़ी की प्रबंध कर दिया। मगर गाड़ी का जो किराया था। वह हम लोगों को ही देना था और गाड़ी का किराया करीब 2000 रूपए लगा। इसमें आना-जाना दोनों ही शामिल था। हम लोग जैसलमेर से गाड़ी से निकल गए। रास्ते में हम लोग कुलधरा गांव में भी घूमने के लिए गए थे। कुलधरा गांव जैसलमेर में डेजर्ट सफारी कैंप के रास्ते में ही पड़ता है, तो हम लोग यहां पर भी घूमने गए थे और कुलधरा गांव बहुत सुंदर था। कुलधरा गांव घूमने के बाद हम लोग वापस डेजर्ट सफारी कैंप की तरफ चल दिए। रास्ते में हम लोगों को पवन चक्की देखने के लिए मिली, जो बहुत ही सुंदर लग रही थी। वैसे मैंने पवन चक्की पहली बार देखी थी। अभी तक मैंने पवन चक्की रियल में नहीं देखी थी। सिर्फ फोटो में ही देखा था। जैसलमेर आकर पवन चक्की देखी। पवन चक्की बहुत बड़ी और बहुत ही सुंदर लग रही थी। खुले मैदान में यह पवनचक्की बनी हुई थी। जब हवा तेज चलती है, तो यह पवनचक्की चलती हैं और बिजली उत्पन्न होती है। पवन चक्की देखकर बहुत अच्छा लगा। जैसलमेर डिजर्ट सफारी कैंप की तरफ जाते हुए हमें बहुत सारी पवनचक्की देखने के लिए मिली। रास्ते में हमें ऊंट भी देखने के लिए मिले।  
 
जैसलमेर सफारी कैंप की तरफ जाते हुए हमें रास्ते में एक चीज और हमें देखने के लिए मिली। यहां पर हम लोगों को पैराग्लाइडिंग करते हुए कुछ लोग देखने के लिए मिले। यहां पर जीप से पैराग्लाइडिंग करवाई जा रही थी। हम लोग भी यहां जाकर पैराग्लाइडिंग के रेट पूछ। यहां पर 1000 रूपए लग रहा था। हम लोगों ने यहां पैराग्लाइडिंग नहीं करी। अगर आप जैसलमेर जाते हैं और आपको पैराग्लाइडिंग का मजा लेना है, तो आप जरूर ले सकते हैं। इसमें जीप में रस्सी बांधकर ऊपर पैराशूट के साथ आपको छोड़ दिया जाता है और जीप चलाई जाती है, जिसमें आप ऊपर उड़ते हैं और एक अलग अनुभव प्राप्त होता है।  
 
यह सभी चीजें देखने के बाद हम लोग जैसलमेर सफारी कैंप में पहुंच गए। यहां पर दूर-दूर तक सफेद रेत के टीले दिख रहे थे और यहां पर हमारा कैंप बना था। कैंप एरिया में चारों तरफ टेंट लगे हुए थे और टेंट बहुत सुंदर लग रहे थे। सफेद कलर के टेंट बने हुए थे। हम लोग अपने टेंट में गए और यहां पर पानी की व्यवस्था थी और हम लोग फ्रेश हुए नहा धोकर और तैयार हो गए। उसके बाद 4 बजे हम लोगों को कैमल सफारी के लिए और जीप सफारी के लिए जाना था। जीप हम लोगों को कैंप एरिया में लेने के लिए आ गई और हम लोग जीप से रेत के टीलों में घूमने गए। रेगिस्तान में रेत के टीले में घूमने में बहुत मजा आया। जीप जब रेत के ऊपर चलती है, तो बहुत मजा आता है और यहां पर जीप वाला बहुत तेज म्यूजिक बजाता हुआ हम लोगों को इन रेत के टीलों में लेकर गया। हम लोगों को बहुत मजा आया। करीब आधा घंटा उसने हम लोगों को रेत के टीलों में घुमाया।  
 
रेगिस्तान के रेत के टीले कहीं ऊंचा है, तो कहीं नीचे थे। हम लोगों को बहुत मजा आ रहा था। हम लोग के गाड़ी हिचकोले खा रही थी। कहीं कहीं तो ऐसा लग रहा था , की जीप पलट जाएगी। मगर ऐसा कुछ नहीं था। हम लोगों ने जीप पर बहुत ज्यादा मजे किए और यहां पर हम लोगों ने कुछ फोटोग्राफ भी क्लिक करें। उसके बाद हम लोगों ने कैमल राइड पर गए। एक ऊंट पर 2 लोग बैठे थे और जब उठ खड़ा हो रहा था। तब हम लोगों को बहुत डर लग रहा था, कि कहीं हम लोग गिर ना जाए। मगर हम लोग नहीं गिरे और आसानी से उन पर बैठे और ऊंट की सवारी का करीब 15 मिनट तक हम लोगों ने मजा लिया। उसके बाद हम लोग इन रेत के टीलों में ही कुछ टाइम बैठे रहे और सन सेट होता हुआ देखा, जो बहुत ही अच्छा लगा। यहां पर शाम के समय ठंडी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है और बहुत ज्यादा ठंडी लगती है।  
 
रेगिस्तान के टीलों में यहां पर हमें एक चाय की टपरी देखने के लिए मिली, जहां पर हम लोगों ने चाय पिया और यहां पर आग  भी जल रही थी, तो हम लोगों ने आग ताप और कुछ देर यहीं पर बैठे रहे, उसके बाद हम लोग अपनी जीप में बैठकर कैंप एरिया में वापस चले गए। कैंप एरिया में हम लोग गए, तो यहां पर हम लोगों का स्वागत हुआ। यहां पर हम लोगों को टीका वगैरह लगाया गया। आरती उतारी गई और कैंप एरिया के बीच में बने एरिया में बैठाया गया, जिसमें बीच में आग जल रही थी और यहां पर शाम का शो होने वाला था।  
 
यहां पर जितने भी लोग कैंप में घूमने के लिए आए थे। सभी का स्वागत किया गया और कैंप के बीच में बने एरिया में सब को बैठाया गया। उसके बाद हम लोगों को यहां पर नाश्ता दिया गया। यहां पर चाय और पकौड़ी हम लोगों को दी गई और यहां पर जो कलाकार थे। वह कलाकार राजस्थानी लोकगीतों को गाना शुरू किया। उसके बाद यहां पर डांस भी हुआ और बहुत राजस्थानी कलाकारों ने यहां पर बहुत सारे अलग-अलग करतब दिखाए। यह सब देखकर हमको बहुत मजा आया। हम लोगों ने यह सब चीजें बहुत इंजॉय की। इसके बाद यहां पर फिल्मी गाने बजाने लगे और हम लोग फिल्मी गाना में डांस करने लगे। बीच में आग जल रही थी और यहां पर बहुत कड़ाके की ठंड पड़ती है। तो हम लोग तो आग तापने लगे।  आग तापने के बाद हम लोग यहां पर खाना खाने के लिए गए।  यहां पर राजस्थान का स्पेशल खाना दाल बाटी बना था। दाल बाटी खाने में बहुत अच्छा लगा। दाल बाटी के अलावा यहां पर और भी बहुत सारे खाने के आइटम बने हुए थे। उसके बाद हम लोग थोड़ी देर यहां पर कैंप एरिया के बीच में आग के पास बैठे और उसके बाद हम लोग सोने चले गए। सुबह उठकर हम लोग फ्रेश होकर तैयार हो गए और हम लोगों ने नाश्ता किया। यहां पर 9 बजे हम लोगों को नाश्ता मिल गया था और उसके बाद हमारे जो गाड़ी थी। वह आ गई और हम लोग वापस जैसलमेर आ गए। हम जैसलमेर की कुछ प्रसिद्ध जगह में घूमने के लिए गए। इस तरह से हमारा जैसलमेर डेजर्ट सफारी की यात्रा बहुत ही अच्छी रही। 
 

जैसलमेर डेजर्ट सफारी की फोटो - Photos of Jaisalmer Desert Safari

जैसलमेर की डेजर्ट सफारी और कैमल सफारी - Desert Safari in Jaisalmer
जैसलमेर में रेगिस्तान में बना कैंप

जैसलमेर की डेजर्ट सफारी और कैमल सफारी - Desert Safari in Jaisalmer
जैसलमेर में रेगिस्तान में बना कैंप

जैसलमेर की डेजर्ट सफारी और कैमल सफारी - Desert Safari in Jaisalmer
रेगिस्तान में सूर्यास्त का सुंदर दृश्य

जैसलमेर की डेजर्ट सफारी और कैमल सफारी - Desert Safari in Jaisalmer
कैंप

जैसलमेर की डेजर्ट सफारी और कैमल सफारी - Desert Safari in Jaisalmer
रेगिस्तान में बैठे हुए ऊंट

जैसलमेर की डेजर्ट सफारी और कैमल सफारी - Desert Safari in Jaisalmer
पवन चक्की का सुंदर दृश्य


 
 
 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मैहर पर्यटन स्थल - Maihar Tourist place | Places to visit in maihar

मैहर के दर्शनीय स्थल - Maihar tourist place in hindi | Maihar tourist places list |  मैहर शारदा देवी मंदिर मैहर में घूमने की जगह  Maihar me ghumne ki jagah मैहर का शारदा मंदिर - M aihar ka sharda mandir मैहर में सबसे प्रसिद्ध शारदा माता जी का मंदिर है। शारदा माता जी का मंदिर पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए पूरे देश से भक्तगण आते हैं। मंदिर में विशेष कर नवरात्रि के समय बहुत भीड़ रहती है। यहां पर इस टाइम पर मेला भी भरता है। वैसे मंदिर में आप साल के किसी भी समय घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर हमेशा ही मेले जैसा ही माहौल रहता है। मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर में पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर पर आप रोपवे की मदद से भी पहुंच सकते हैं। मंदिर में आपको शारदा माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के परिसर में और भी देवी देवता विराजमान हैं, जिनके आप दर्शन कर सकते हैं। मंदिर से मैहर के चारों तरफ का दृश्य आपको देखने के लिए मिलता है। खूबसूरत पहाड़ देखने के लिए मिलते हैं। आपको मंदिर आकर बहुत अच्छा लगेगा।  नीलकंठ मंदिर और आश्रम मैहर -  Neelkanth Temple

कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni

कटनी में घूमने वाली जगह | Katni paryatan sthal | Places to visit near Katni |  कटनी जिले के पर्यटन स्थल |  कटनी जिले के दर्शनीय स्थल कटनी जिले के बारे में जानकारी Information about Katni district कटनी मध्य प्रदेश का एक जिला है। कटनी जिलें को मुडवारा के नाम से भी जाना जाता है। कटनी का संभागीय मुख्यालय जबलपुर है। 28 मई 1998 को कटनी को जिलें के रूप में घोषित किया गया है। कटनी में कटनी नदी बहती है, जो पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत है। कटनी जिलें में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन है। कटनी रेल्वे जंक्शन में 6 प्लेटफार्म है। यहां पर हमेशा भीड रहती है। कटनी की 8 तहसील कटनी शहर, कटनी ग्रामीण, रीठी, बड़वारा, बहोरीबंद, विजयराघवगढ, ढीमरखेड़ा, बरही है। कटनी जिले की सीमाएं उमरिया, जबलपुर , दमोह, पन्ना, और सतना जिले की सीमाओं को छूती हैं। कटनी जिले में बहुत सारी ऐतिहासिक और प्राकृतिक जगह है, जहां पर आप जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं।  Katni places to visit कटनी में घूमने की जगहें जागृति पार्क - Jagriti Park Katni जागृति पार्क कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है।

बैतूल पर्यटन स्थल - Betul tourist place | Betul famous places

बैतूल दर्शनीय स्थल - Places to visit near Betul | Betul tourist spot | Betul city बैतूल जिले की जानकारी - Betul district information बैतूल मध्यप्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है। बैतूल जिला सतपुडा की पहाडियों से घिरा हुआ है। बैतूल जिला के मुलताई में ताप्ती नदी का उदगम हुआ है। ताप्ती मध्यप्रदेश की मुख्य नदी है। बैतूल जिले की सीमा छिंदवाड़ा, नागपुर, अमरावती, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, और होशंगाबाद की सीमाओं को छूती है। बैतूल जिला 10 विकास खंडों में बटा हुआ है। यह विकासखंड है - बैतूल, मुलताई, भैंसदेही, शाहपुर, अमला, प्रभातपट्टन, घोड़ाडोंगरी, चिचोली, भीमपुर, आठनेर, । बैतूल नर्मदापुरम संभाग के अंर्तगत आता है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से बैतूल की दूरी करीब 178 किलोमीटर है। बैतूल जिलें में घूमने के लिए बहुत सारी दर्शनीय जगह मौजूद है, जहां पर जाकर आप बहुत अच्छा समय बिता सकते है।  बैतूल में घूमने की जगहें Places to visit in Betul बालाजीपुरम - Balajipuram betul | Betul ka Balajipuram | Balajipuram temple betul बालाजीपुरम बैतूल जिले में स्थित दर्शनीय स्थल है।