सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Savitri temple pushkar || सावित्री मंदिर पुष्कर

Savitri temple pushkar
सावित्री मंदिर पुष्कर


पुष्कर का सावित्री मंदिर (Savitri mata temple pushkar) बहुत ही खूबसूरत जगह है।

Savitri temple pushkar || सावित्री मंदिर पुष्कर

खूबसूरत पहाड़ियों का दृश्य 

पुष्कर शहर का सावित्री मंदिर एक धार्मिक जगह है। यह जो मंदिर है, वह उचीं  पहाड़ी पर स्थित है। इस पहाडी को रत्नागिरी पहाडी कहते है। इसकी ऊँचाई 750 फीट है। आपको यहां पर देसी और विदेशी दोनों प्रकार के लोगों लोग देखने मिल जाएंगे, मतलब यहां पर भारतीय लोग और विदेशी लोग लोग सभी लोग माता के दर्शन करने के लिए आते हैं। 

पुष्कर का सावित्री मंदिर (Savitri mata temple pushkar) भगवान ब्रह्मा की पहली पत्नी को समर्पित है। इस मंदिर में स्थित देवी सावित्री की मूर्ति बहुत ही प्राचीन है। 

Savitri temple pushkar || सावित्री मंदिर पुष्कर

मंदिर परिसर में बैठे कुछ बंदर 

Savitri temple pushkar || सावित्री मंदिर पुष्कर

मंदिर से नीचे का खूबसूरत दृश्य 


हमने पुष्कर के सावित्री मंदिर (Savitri mata temple pushkar) का जाने का प्लान बनाया और हम लोगों तैयार हो गए। उसके बाद हम लोगों ने पुष्कर घूमने के लिए ऑटो बुक किया था। मगर हम लोगों को बहुत लेट हो गया था, तो हम लोग सबसे पहले इस मंदिर के लिए निकले। हम लोगों मंदिर पहुॅचें, तो हम लोगों को मंदिर के आसपास बहुत सारे ऊंट गाडी दिखाई दी, गाडी को ऊंट खींचकर लेकर जाते हैं। आप भी यहां पर ऊंट गाड़ी देखने मिल जाएगी। वैसे आप चाहे तो इस ऊंट गाड़ी में भी घूम सकते हैं। मगर इस ऊंट गाड़ी का जो किराया रहता है। वह थोड़ा कॉस्टली रहता है ऑटो के मुकाबले में, तो आप चाहें तो इस गाड़ी में भी घूम सकते हैं या आटों में घूम सकते है। 

सावित्री मंदिर (Savitri mata temple pushkarके पहाडी के नीचे जब आप पहुंचते हैं, तो आपको यहां पर बहुत सारी  सारी दुकानें देखने मिल जाती हैं। यहां पर कुछ खाने-पीने की दुकानें रहती हैं और कुछ सामानों की दुकानें रहती है। यहां पर भगवान को प्रसाद चढ़ाने वाली कुछ दुकानें रहती है, तो आप यहां से प्रसाद खरीद सकते हैं। यहां पर 30 या 40 रुपए का आपको प्रसाद मिल जाता है। आप यहां से प्रसाद ले सकते हैं उसके बाद हम लोगों ने यहां पर चाय पीती थी। यहां पर एक दुकान में कुल्हड़ वाली चाय मिल रही थी, तो हम लोगों ने कुल्हड़ वाली चाय पिए। उसके बाद हम लोगों ने मंदिर की तरफ बढें। 

सावित्री मंदिर (Savitri mata temple pushkarतक पहुंचने के लिए दो रास्ते मिल जाते हैं। एक तो सीढियों वाला रास्ता रहता है। आपको सीढ़ियां चढ़कर जानी पड़ती है, इसमें आपकी बहुत ज्यादा ताकत लग सकती है और आपका बहुत ज्यादा समय लग सकता है। इसके साथ ही एक रास्ता रोपवे वाला रहता है, जिसमें आप आराम से पहुंच सकते हैं और आपका इसमें ज्यादा समय भी नहीं लगता है।

Savitri temple pushkar || सावित्री मंदिर पुष्कर

सूर्यास्त का बहुत ही मनमोहक दृश्य 

Savitri temple pushkar || सावित्री मंदिर पुष्कर

मंदिर से नीचे के खूबसूरत दृश्य 

Savitri temple pushkar ropeway
सावित्री मंदिर पुष्कर रोपवे


सावित्री मंदिर (Savitri mata temple pushkar) तक पहुंचने के लिए हम लोगों ने रोपवे से जाने का फैसला लिया और हम लोग रोपवे की तरफ चले गए। हम लोगों का रोपवे का टिकट 100 का था। एक व्यक्ति का 100 रू लगा। उसके बाद हम लोगों ने रुपए में बैठे। हम लोग 6 जन लोग थे और 6 लोगों के लिए रोपवे में बैठने के लिए बहुत जगह थी। उसके बाद है हमारी रोपवे धीरे धीरे चलना स्टार्ट हो गई। हम लोगों को वहां के खूबसूरत व्यू देखना स्टार्ट हो गया था। व्यु बहुत ज्यादा खूबसूरत था। रोपवे से देखने पर पर कही रेगिस्तान था। तो कहीं पर पानी बह रहां था, कहीं पर रेत थी, तो कहीं पर लोगों का भींड थी। कही पर उंट गाडी थी, कही पर रेत में चलती बडी गाडी थी। यहां सब दृश्य आपको रोपवे से देखने मिल जाता है। हम लोगों को रोपवे से कुछ बंदर भी   दिखे थे, जो मंदिर की तरफ चढ़ाई कर रहे थे।

इन सभी दृश्यों का लुफ्त उठाते हुए हम लोग मंदिर पहुंच गए। उसके बाद हम लोग रोपवे से उतरे। सावित्री मंदिर (Savitri mata Temple) के बाहर भी कुछ दुकानें हैं और सवित्री मंदिर बहुत ही खूबसूरत था। आपको यहां से चारों तरफ खूबसूरत पहाड़ियां, नदियां, रोड, खेत और पुष्कर शहर का खूबसूरत नजारे देखने मिलता है। यहां से पुष्कर झील भी देखने मिलती है। हम लोगों ने मंदिर में सावित्री माता जी के दर्शन किए। 

सावित्री माता जी (Savitri mata) के इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि एक बार ब्रह्मा जी ने यज्ञ का आयोजन किया। जिसमें सवित्री माता ((Savitri mata)को पहुॅचने में देर हो गई,  इसलिए ब्रह्मा जी ने गायत्री जी के साथ विवाह कर पूजा की विधि पूरी की और तभी सावित्री माता वहां पहुंची। जिससे उन्हें बहुत गुस्सा आया और वह इस पहाड़ी में आकर तपस्या करने लगी। इस तरह इस मंदिर की स्थापना हुई है। आप भी यहां आएंगे तो आपको इस तरह की कहानियां सुनने मिल सकती है।

यहां पर स्थित मंदिर बहुत ही खूबसूरत है और इसके आसपास भी बहुत अच्छा है। उसके बाद हम लोग ने मंदिर के दर्शन करने के बाद मंदिर के पीछे जो खूबसूरत जगह है। वहां गए, वहां हम लोग ने देखा तो वहां पर भी बहुत ही खूबसूरत नजारा था। यहां से आपको सन सेट का नजारा भी लुभावना है, जो बहुत ही मस्त रहता है। यहां पर हम लोग ठंड के समय में गए थे, तो ठंड के समय पर यहां पर हल्का सा बादल भी था और हल्की फुल्की बरिश भी हो रही थी, तो यहां पर कोहरा छाया हुआ था, जो बहुत ही मस्त लग रहा था। यहां पर हमने बहुत ही मस्त फोटो क्लिक किया। 

सावित्री देवी मंदिर (Savitri mata temple) के पास जो दुकाने थी वहां से हम लोगों ने अपने रिश्तेदारों के लिए कुछ गिफ्ट लिए। यहां पर हम लोगो ने कुछ विदेशी लोगों को भी देखा, जो भारतीय मंदिर और संस्कृति की बहुत ज्यादा रिस्पेक्ट करते हैं। 

हमारी पुष्कर के सावित्री देवी मंदिर (Savitri mata temple pushkar) की यात्रा बहुत ही अच्छी रही और यहां पर हम अपने फैमिली और दोस्तों के साथ आए थे। यहां पर हमने बहुत इंजॉय किया। यहां के दृश्य अविस्मरणीय थे। यहां पर हम ठंडी में आये थे। 

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो, तो इस लेख को शेयर जरूर कीजिएगा और अगर आप पुष्कर गए हो तो अपने एक्सपीरियंस हमसे शेयर कीजिए. 

अपना समय देने के लिए धन्यवाद


टिप्पणियां

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Beautiful ghat of Gwarighat in Jabalpur city || जबलपुर शहर के नर्मदा नदी का खूबसूरत घाट

Gwarighatग्वारीघाटग्वारीघाट(Gwarighat) एक ऐसी खूबसूरत जगह है जहां पर आपको नर्मदा नदी के अनेक  घाट एवं भाक्तिमय वातवरण देखने मिल जाएगा। ग्वारीघाट(Gwarighat)एक बहुत अच्छी जगह है गौरी घाट में घाटों की एक श्रंखला है। ग्वारीघाट(Gwarighat) में आके आपको बहुत शांती एवं सुकून मिलता है। आप यहां पर नर्मदा मैया के दर्शन कर सकते है, उन्हें प्रसाद चढा सकते है। ग्वारीघाट (Gwarighat) में सूर्यास्त का नजारा भी बहुत मस्त होता है। 



ग्वारीघाट (Gwarighat) की स्थिाति 
ग्वारीघाट (Gwarighat) जबलपुर जिले में स्थित है। जबलपुर जिला मध्य प्रदेश में स्थित है जबलपुर जिले को संस्कारधानी के नाम से भी जाना जाता है। जबलपुर से नर्मदा नदी बहती है। ग्वारीघाट (Gwarighat)नर्मदा नदी पर स्थित है। ग्वारीघाट एक अद्भुत जगह है, जिसके दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। ग्वारीघाट (Gwarighat)पहुंचने के लिए आप मेट्रो बस और ऑटो का प्रयोग कर सकते हैं। आपको ग्वारीघाट (Gwarighat) पहुंचने के लिए जबलपुर जिले के किसी भी हिस्से से बस या ऑटो की सर्विस मिल जाती है। ग्वारीघाट (Gwarighat)पर आप अपने वाहन से भी आ सकते हैं। 
आपको मेट्रो बस या …

Pachmarhi Chauragarh Temple || चौरागढ़ महादेव मंदिर, पचमढ़ी

Pachmarhi Chauragarh Shiv Templeचौरागढ़  महादेव पचमढ़ी
चौरागढ़(Chauragarh  Shiv Temple) का प्रसिद्ध मंदिर शिव मंदिर मध्य प्रदेश का प्रमुख पर्यटन स्थल है और यह पचमढ़ी में स्थित है। चैरागढ़ का मंदिर एक ऊंचे पहाड़ पर स्थित है यह मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है। चौरागढ़ (Chauragarh  Shiv Temple) महादेव पचमढ़ी(Pachmarhi) की एक खूबसूरत जगह है। यह जगह बहुत खूबसूरत है और जंगलों से घिरी हुई है। इस मंदिर तक जाने के लिए आपको बहुत मेहनत करनी पड़ेगी क्योंकि इस मंदिर तक पहॅुचने के लिए आपको पैदल चलना पड़ेगा और यह जगह पूरी तरह से जंगल और पहाड़ों से घिरी हुई है, यहां पर आपको बहुत खूबसूरत प्राकृतिक व्यू देखने मिलता है, यहां पर वादियों का मनोरम दृश्य देखने मिलता है। चौरागढ़ (Chauragarh  Shiv Temple) मंदिर 1326 मीटर की ऊंची पहाड़ी पर स्थित है और इस मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको 1300 चढ़ने पड़ती है।

पचमढ़ी (Pachmarhi) को सतपुड़ा की रानी कहा जाता है और यहां पर बहुत सारी धार्मिक जगह है, जिनमें से प्राचीन शिव भगवान जी का मंदिर भी एक है,जिसके दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। यहां पर साल भर लोग दर्शन करने के लिए आत…

Math Ghogra waterfall and Cave || Shri Paramhans Ashram Math Ghoghara Dham || Shiv Dham Math Ghoghara

श्री शिवधाम मठघोघरा लखनादौन
मठघोघरा जलप्रपात एवं गुफा (Math Ghogra Waterfall and cave) सिवनी जिलें का एक दर्शनीय स्थत है। यह झरना एवं गुफा प्रकृति की गोद में स्थित है। यहां पर आपको बरसात के सीजन में एक खूबसूरत झरना देखने मिलेगा। मठघोघरा (Math Ghogra Waterfall )  में प्राचीन शिव मंदिर है। यहां पर शिव भगवान की अनोखी प्रतिमा विराजमान है। आपको यह पर चारों तरफ प्रकृति की खूबसूरती देखने मिल जाएगी। यहां जगह आपको बहुत पसंद आयेगी। 



मठघोघरा झरना एवं गुफा (Math Ghogra Waterfall and cave) सिवनी जिले के लखनादौन तहसील में स्थित है। आप यहां पर असानी से पहॅुच सकते है। लखनादौन सिवनी से लगभग 60 किमी की दूरी पर होगा। लखनादौन जबलपुर नागपुर हाईवे रोड पर स्थित है। आप लखनादौन तक बस द्वारा असानी से पहुॅच सकते है। मगर आपको लखनादौन बस स्टैड से आपको आटो बुक करना होगा इस मठघोघरा जलप्रपात (Math Ghogra Waterfall ) तक जाने के लिए। आप यहां पर अपने वाहन से भी आ सकते है। मठघोघरा (Math Ghogra Waterfall )तक पहुॅचने के लिए आपको पक्की रोड मिल जाती है। आपको इस जगह तक पहुॅचने के लिए पहले लखनादौन पहुॅचना पडता है। आपको इस जगह प…