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Madan Mahal Fort or Queen Durgavati Fort

मदन महल का किला, जबलपुर 

Madan Mahal Fort or Queen Durgavati Fort


मदन महल का किला (Madan Mahal Fort) या रानी दुर्गावती का किला (Rani Durgavati Fort) जबलपुर में स्थित है। यह जबलपुर जिले के मदन महल क्षेत्र में स्थित है। इस किले को मदन महल का किला (Madan Mahal Fortया रानी दुर्गावती के किले (Rani Durgavati Fort) के नाम से जाना जाता है। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। यहां पर पहुंचने के लिए आपको सीढ़ियां मिलती है और इन सीढ़ियों से चलकर आप इस किले तक पहुॅच सकते है।  

रानी दुर्गावती का किला (Rani Durgavati Fort) आप दिन में कभी भी जा सकते हैं। यहां पर सिक्योरिटी गार्ड रहते है, यह पर एक गार्ड मेल और फीमेल रहते है। यहां पर आप सुबह 10 बजे से शाम को 5 बजे तक जा सकते है। वैसे यह किला बहुत ज्यादा बडा नही है, मगर यह किला बहुत प्राचीन है। 

मदन महल किले (Madan Mahal Fort) का निर्माण लगभग 1100 ई. में राजा मदन सिंह द्वारा करवाया गया था। इस किले का इस्तेमाल सेनाएं के वॉच टावर के रूप में किया जाता था। लेकिन यह किला अब खंडहर में बदल गया है, लेकिन यह पर बहुत से पर्यटक किलें को देखने के लिए आते है। मदन महल किला (Madan Mahal Fort) एक बड़ी ग्रेनाईट चट्टान को तराशकर बनाया गया है। यह किला 500 मीटर की उंचाई पर स्थित है। यह किला राजा की मां रानी दुर्गावती से भी जुड़ा हुआ है, जो कि एक बहादुर गोंड रानी के रूप के जानी जाती है। इस किले का नाम भी रानी दुर्गावती जी के नाम पर रखा गया है। आप यह पर घूमने जाते है, तो आपको यह पर मुख्य किला और नष्ट हुए किले के अवशेष देखने मिल जाते है। यह पर आपको मुख्य किला, अस्तबल, एक तालाब आपके अभी देखने मिलता है। 

Madan Mahal Fort or Queen Durgavati Fort


इस किले तक आप अपने वाहन से जा सकते हैं। यह पहुॅचने के लिए अच्छी रोड हैं। यहां पर ऑटो भी बुक कर के जा सकते हैं। रानी दुर्गावती का किला (Rani Durgavati Fortहम लोग गए थे। मै और मेरी मम्मी इस किले में घूमने गए थे। हम लोग यहां पर गर्मी के समय में गए थे, गर्मी के मौसम में सीढियां चढने में बहुत दिक्कत होती है, क्योंकि गर्मी बहुत ज्यादा रहती है। सीढ़ियां चढ़ने में  हालत खराब हो जाती है। इसलिए मेरे हिसाब से यह पर बरसात के मौसम में जाना बेहतर होगा। यहां पर रास्ते में आपको मंदिर भी देखने मिलता है, जो शंकर जी का मंदिर है। यह मंदिर बडी चट्टानों से बना हुआ है। आप इस मंदिर में भी जा सकते है। आप आगे बढते है, तो आपको यह पर एक छोटी सी झील देखने मिलती है, जिसमे बरसात के मौसम में पानी भर जाता है और गर्मी में सूख जाता है। फिर आपको आगे बढते है, तो आपको यह मदन महल किला (Madan Mahal Fort) देखने मिलता है। किले के उपर जाने के लिए सीढियां बनी हुई है। किले के ऊपर से जबलपुर के चारों तरफ का खूबसूरत नजारा देखने मिलता है। किले के उपर आपको दो कमरे देखने मिलते है, जिनमें नक्काशी की गई है। उसके बाद हम लोग नीचे आकर पूरा किला घूमें। किले के सामने तरफ का कुछ हिस्सा नष्ट हो गया है। यहां पर आप घोडों का अस्तबल देख सकते है, जो अच्छी कडीशन में है। यहां पर एक छोटा सा कुंड बना हुआ है, जिसमें बरसात में पानी भर जाता है। कहा जाता है, कि प्राचीन समय में रानी इस कुंड में स्नान किया करती थी। 

इस किले के बारे में यह भी कहा जाता है कि यह पर बहुत सारे गुप्त रास्तें थें, जिन्हें सरकार ने अब बंद कर दिया है। यहां पर एक गुफा निकली है, जो शायद मंडला के रामनगर किले तक जाती है। सरकार के द्वारा इन गुप्त रास्तों को सील कर दिया गया है। किले की चोटी पर पहुंचने पर आपको जबलपुर शहर का खूबसूरत नजारा दिखाई देगा। अगर आप यह पर बरसात में जाते है, तो चारों तरफ आपको हरियाली देखने मिलती है। यह पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ जा सकते है। 

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