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सतना पर्यटन स्थल - Satna tourist place | Places to visit in Satna

सतना के दर्शनीय स्थल - Satna me ghumne ki jagah | Places to visit near Satna | Satna tourism  



मैत्री पार्क सतना - Maitri park satna

मैत्री पार्क सतना शहर में बद्री पुरम में स्थित एक अच्छा बगीचा है। यह सतना जिले के बाहरी क्षेत्र में स्थित है। इस पार्क के एक तरफ आपको हवाई अड्डा देखने के लिए मिलता है और दूसरे तरफ आपको तालाब देखने के लिए मिलता है। तालाब में शंकर जी का मंदिर भी बना हुआ है। यह पार्क बहुत ही मनोरम है। यहां पर बच्चों के लिए बहुत सारे झूले भी लगे हुए हैं। इस पार्क में आकर आप अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर फव्वारा भी लगा हुआ है। इस पार्क में आपको हनुमान जी की बहुत बड़ी प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। इस पार्क में आपको जानवरों की बहुत सारी मूर्तियां देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही आकर्षक लगती हैं। 


जगतदेव तालाब सतना - Jagatdev talab satna 

जगतदेव तालाब सतना में स्थित एक धार्मिक जगह है। यह तालाब शहर के बीचोंबीच स्थित है और यहां पर पहुंचना बहुत ही आसान है। यहां पर आपको एक मंदिर देखने के लिए मिलता है, जो शंकर भगवान जी को समर्पित है। यहां पर शंकर जी का शिवलिंग विराजमान है। जगतदेव तालाब मानव निर्मित तालाब है और यह बहुत ही प्यारा लगता है। आप यहां पर आकर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर बहुत शांति रहती है। सावन सोमवार और महाशिवरात्रि के समय यहां पर बहुत अधिक संख्या में लोग आते हैं। भगवान शिव के दर्शन करने के लिए।   


पुष्कर्णी पार्क सतना - Pushkarni park satna

पुष्कर्णी पार्क सतना शहर के मध्य में स्थित एक खूबसूरत पार्क है। इस पार्क में आप आसानी से आ सकते हैं, क्योंकि यह पार्क रेलवे स्टेशन के पास ही में है। आप यहां पर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर सुबह के समय एंट्री फ्री रहती है। आप यहां पर मॉर्निंग वॉक के लिए आ सकते हैं। यहां पर आप योगा, कसरत जैसी गतिविधि कर सकते हैं। यहां पर बहुत सारे झूले हैं, जो बच्चों के लिए बहुत अच्छे हैं और बच्चे लोग यहां पर बहुत इंजॉय कर सकते हैं। शाम के समय यहां पर फव्वारा चालू होता है, जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। पार्क में तरह-तरह के फूल लगे हुए हैं, जो बहुत खूबसूरत लगते हैं और चारों तरफ आपको यहां पर हरियाली देखने के लिए मिलती है। जिससे आप यहां आकर तरोताजा महसूस करेंगे। 


राम वन मंदिर सतना - Ramvan mandir satna

राम वन मंदिर सतना शहर की धार्मिक जगह है। राम वन मंदिर में आपको हनुमान जी की एक विशाल प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो खड़ी हुई अवस्था में है। इस प्रतिमा की खास बात यह है, कि इस प्रतिमा की ऊंचाई हर साल बढ़ती है। इसी खासियत के कारण इस प्रतिमा को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। रामवन का नाम सुनते ही आपको लगता होगा, कि यहां पर राम जी की प्रतिमा स्थापित होगी मगर ऐसा नहीं है। यहां पर हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित है। राम वन मंदिर में आपके देखने के लिए बहुत सारी जगह है। यहां पर आप आकर पंचवटी देख सकते हैं, पंचवटी के बारे में कहा जाता है, कि यहां पर राम जी ने स्वयं पांच वृक्ष लगवाए थे। इसलिए इस जगह को पंचवटी कहा जाता है। यहां पर आप आकर आम, आंवला, बेल, बरगद और नीम के पेड़ देख सकते हैं। राम वन में तुलसी संग्रहालय भी स्थित है। तुलसी संग्रहालय में आपको पुस्तकों का संग्रह देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर आकर पुस्तकें पढ़ सकते हैं। इसके अलावा आपको यहां पर खूबसूरत मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं। यहां पर शिव भगवान जी की उनके परिवार के साथ मूर्ति है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है। इसके अलावा भी बहुत सारी मूर्तियां आपको देखने के लिए आती है। राम वन मंदिर की स्थापना के बारे में बताया जाता है, कि बनारस निवासी व्यापारी बाबू शारदा प्रसाद सतना में व्यापार करने के लिए आए थे। उन्होंने यहां पर गाड़ियों की एजेंसी खोली । इसके बाद उन्होंने 64 एकड़ जमीन खरीदी और हनुमान जी की मूर्ति की स्थापना कराई। हनुमान जी की प्रतिमा करीब 70 साल पुरानी है। राम वन मंदिर में आप अपने फैमिली वालों के साथ और दोस्तों के साथ आकर अपना बहुत अच्छा सा समय बिता सकते हैं। यहां पर बहुत शांति होती है। राम वन मंदिर के पास आपको एक  तालाब देखने मिलता है। तालाब में बोटिंग की सुविधा है। तालाब के किनारे पर शिव भगवान जी का मंदिर भी स्थित है। 


राजा बाबा झरना सतना - Raja Baba waterfall Satna or Raja Baba temple Satna

राजा बाबा मंदिर और राजा बाबा झरना सतना शहर में स्थित एक दर्शनीय जगह है। आपको यहां पर एक प्राचीन मंदिर एवं झरना देखने के लिए मिलता है। यह झरना और मंदिर जंगल के बीच में स्थित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। अगर आप बरसात के समय यहां पर आते हैं, तो बरसात के समय यहां पर चारों तरफ हरियाली रहती है। झरने में बहुत पानी रहता है। आप झरने में नहाने का मजा ले सकते हैं। गर्मी में यहां पानी कम हो जाता है। यहां पर आप अपना समय बिताने के लिए आ सकते हैं। यहां पर अगर आप आते है, तो समूह के साथ आए हैं। यहां पर अकेले ना आए, क्योंकि इस जगह में ज्यादा भीड़ नहीं रहती है। यह मंदिर सतना जिले के परस्मानिया पहाड़ी पर स्थित है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से पहुंच सकते हैं। 


नीलकंठ बाबा आश्रम मैहर, सतना - Neelkanth Baba Ashram Maihar, Satna

नीलकंठ बाबा आश्रम सतना में स्थित एक धार्मिक स्थान है।  नीलकंठ आश्रम मैहर के पास में स्थित है। यहां पर आपको प्रकृति का बहुत ही मनोरम  नजारा और मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। नीलकंठ बाबा आश्रम मैहर से करीब 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा। यहां पर आपको प्राचीन मंदिर राधा कृष्ण मंदिर जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर एक गहरी खाई है, जो बहुत ही खूबसूरत लगती है और बरसात के समय में यह हरियाली से भर जाती है। बरसात के समय यहां पर आपको ढेर सारे झरने देखने के लिए मिलते हैं। यह झरने बहुत ही मनोरम रखते हैं। इस जगह को रामपुर पहाड़ी के नाम से जाना जाता है और कहा जाता है कि यहां पर महाराज नीलकंठ जी ने तपस्या की थी। उन्होंने यहां पर राधा कृष्ण मंदिर जी की स्थापना की थी। यहां पर आपको गणेश जी, शंकर जी, एवं अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां भी देखने के लिए मिलती है, जो जीवंत लगती हैं। यहां पर आप अपनी फैमिली के और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। यह बहुत ही अच्छी जगह है। 


पन्नी झरना मैहर, सतना - Panni waterfall Maihar, Satna

पन्नी झरना सतना जिले में मैहर के पास स्थित है। यह झरना  मैहर से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस झरने पर आप अपने वाहन से जा सकते हैं। आप इस झरने तक पैदल भी जा सकते हैं। यह झरना घने जंगलों के बीच में स्थित है। झरने तक जाने का रास्ता भी जंगल से होकर जाता है। इस झरने के पास एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर पहाड़ों के बीच में गुफा में बना हुआ है। कहा जाता है कि इन मंदिरों में संत तपस्या किया करते थे। बरसात के समय इन गुफाओं में पानी रिसता है। आप इस झरने में जाते हैं, तो यहां पर आप नहाने का आनंद भी ले सकते हैं। झरना बहुत खूबसूरत है और बहुत अच्छा लगता है। यहां पर आप अपने फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। आपको यहां पर बहुत ज्यादा पैदल चलना रहता है, तो आप को ट्रैकिंग का भी मजा आता है। आप पन्नी झरने में बरसात के समय जा सकते हैं। 


गोला मठ मंदिर मैहर, सतना - Gola Math Temple Maihar, Satna

गोला मठ मंदिर सतना शहर में स्थित एक ऐतिहासिक स्थान है। गोला मठ मंदिर सतना शहर में मैहर के पास स्थित है। यह मंदिर शंकर भगवान जी को समर्पित है। गर्भ ग्रह में शंकर जी की पत्थर का शिवलिंग विराजमान है। गर्भ ग्रह की मुंह किए हुए नंदी विराजमान है। गर्भ ग्रह के द्वार में पत्थरों में नक्काशी की गई है। निचले भाग में पवित्र नदी गंगा एवं यमुना का आंकित किया गया है। आप जब भी मेहर घूमने आते हैं, तो गोला मठ मंदिर भी आकर घूम सकते हैं। गोला मठ मंदिर की दीवारों पर खूबसूरत नक्काशी की गई है, जो देखने में बहुत ही अद्भुत लगती है। यह मंदिर कलचुरी कालीन है।


बड़ा अखाड़ा मंदिर मैहर, सतना - Bada akhada mandir maihar, satna

बड़ा अखाड़ा मंदिर सतना शहर में मैहर में स्थित है। यहां पर आपको एक बड़ा सा शिवलिंग देखने के लिए मिलता है, जो मंदिर के ऊपर बना हुआ है। मंदिर के नीचे आपको 108 शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आप ज्योतिर्लिंगों के भी दर्शन कर सकते हैं। यहां पर एक प्राचीन कुआ भी है, जिसमें नीचे जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। इस कुआ के बारे में भी कहानियां कही जाती है। यहां पर गुरुकुल भी है, जहां पर ब्राह्मणों को शिक्षा दी जाती हैं। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यह मैहर में बहुत अच्छी जगह है और यहां पर आकर अच्छा लगता है। यहां पर दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ आया जा सकता है। बड़ा अखाड़ा मंदिर के बाजू में ही राम जी का मंदिर भी देखने के लिए मिलता है। इस मंदिर को श्री सर्वदेव रामेश्वरम मंदिर कहते हैं। आप यहां पर भी घूम सकते हैं।


मैहर माता मंदिर सतना - Maihar mata mandir Satna

मैहर का शारदा माता का मंदिर सतना शहर का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर पूरे भारत में प्रसिद्ध है। शारदा माता के दर्शन करने के लिए पूरे भारतवर्ष से लोग आते हैं। इस मंदिर में नवरात्रि के समय बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। यहां पर मेले का आयोजन भी होता है। यहां पर आपको शारदा माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मैहर का शारदा मंदिर एक प्राचीन मंदिर है। शारदा माता का मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। इस पहाड़ी को त्रिकूट पहाड़ी के नाम से जाना जाता है।  इस मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनाई हुई है। यहां पर करीब 1000 सीढ़ियां या इससे अधिक सीढ़ियां भी हो सकती हैं। अगर आप सीढ़ियों से नहीं जाना चाहते हैं, तो आप रोपवे से जा सकते हैं, रोपवे का चार्ज लिया जाता है। मंदिर से आपको चारों तरफ का मनोरम दृश्य देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही खूबसूरत रहता है। बरसात के समय आपको यहां पर चारों तरफ हरियाली देखने मिलती है। शारदा माता मंदिर में आल्हा और उदल की कहानी प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि आल्हा और उदल मां शारदा के बहुत बड़े भक्त थे और सबसे पहली पूजा आल्हा और उदल के द्वारा ही की जाती हैं। आप यहां पर अपने परिवार और दोस्तों के साथ जा सकते हैं। यहां पर खाने पीने के लिए बहुत सारे होटल हैं और ठहरने के लिए भी आपको जगह मिल जाती है। 


मैहर का किला - Maihar Fort

मैहर का किला एक प्राचीन स्मारक है। यह किला सतना शहर में मैहर में स्थित है। यह किला मैहर रेलवे स्टेशन के बहुत करीब है। मैहर का किला एक प्राइवेट प्रॉपर्टी है और इस किले में रहने की सुविधा उपलब्ध है। आप यहां पर आकर अपना रूम बुक करा सकते हैं और इस किले का राजसी सुविधाओं का आनंद ले सकते हैं।


आल्हा का अखाड़ा एवं आल्हा का तालाब - Aalha ka akhada or Aalha ka talab

आल्हा का अखाड़ा एवं आल्हा का तालाब सतना शहर में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यह जगह मैहर में स्थित है और शारदा मंदिर से करीब 2 किलोमीटर दूर होगी। यह जगह जंगल में स्थित है। कहा जाता है कि आल्हा जी ने यहां तपस्या की थी, जिससे उन्हें अमर होने का वरदान मिला है। आल्हा मां शारदा के बहुत बड़े भक्त थे और सबसे पहली पूजा आल्हा के द्वारा ही की जाती है। इसलिए यह जगह बहुत फेमस है और यहां पर बहुत सारे लोग घूमने के लिए आते हैं। यहां पर आपको अखाड़ा देखने के लिए मिलता है। उसके अलावा यहां पर एक छोटा सा शिव मंदिर भी है, जिसमें शिवलिंग विराजमान है। आल्हा अखाड़ा से थोड़ी दूरी पर आल्हा तालाब स्थित है। इस तालाब में आपको नहाना मना है। तालाब में कमल के फूल देखे जा सकते हैं, जो बहुत खूबसूरत लगते हैं। यह जगह बहुत शांत है और यहां पर ज्यादा भीड़ भाड़ नहीं रहती है, तो यहां पर आप अच्छा समय बिता सकते हैं।


बड़ी माई मंदिर मैहर, सतना - Badi Mai Temple Maihar, Satna

बड़ी माई मंदिर सतना शहर में मैहर में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर बड़ी माई को समर्पित है। यहां पर नवरात्रि के समय बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। लोग यहां पर मां शारदा माता के दर्शन करने के बाद यहां पर जरूर दर्शन करने के लिए आते हैं। कहा जाता है कि माता शारदा के दर्शन के बाद बड़ी माई के दर्शन करना भी जरूरी है तभी दर्शन पूरे माने जाते हैं। यहां पर आपको शंकर भगवान जी के शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां का माहौल शांति भरा रहता है जो बहुत ही अच्छा लगता है। कहा जाता है कि यहां पर लोगों के द्वारा मांगी गई मनोकामना पूरी जरूर होती है। 


आर्ट इचोल सतना - Art ichol satna

आर्ट इचोल सतना शहर में स्थित एक दर्शनीय जगह है। यहां पर आपको कई तरह के कलात्मक वस्तुएं देखने के लिए मिलेगी, जिनका निर्माण स्क्रैप से किया गया है। इस जगह में आप धातु की वस्तुएं, मिट्टी की वस्तुएं, पत्थर की वस्तुएं एवं लकडी की वस्तुएं देख सकते हैं। यहां खुले आसमान के नीचे आपको बहुत सारे कलात्मक वस्तुएं देखने के लिए मिलता है। यह जगह पूरी तरह से इन अद्भुत वस्तुओं से भरी हुई हैं। आर्ट इचोल मैहर से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर अपने वाहन से आसानी से आ सकते हैं। यहां पर आपके एंट्री का चार्ज लिया जाता है। यह जगह अच्छी है। आप यहां पर शांति से समय बिता सकते हैं। 


प्राचीन विष्णु मंदिर देवगुना, सतना - Ancient Vishnu Temple Devguna, Satna

प्राचीन विष्णु मंदिर सतना शहर में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है। यह मंदिर सतना शहर में परस्मानिया पहाड़ी पर स्थित है। यह परस्मानिया पहाड़ी के देवगुना गॉव में स्थित है। यहां पर आपको तीन मंदिर देखने के लिए मिलते हैं, जो एक चबूतरे पर बने हुए हैं। इसमें से एक मंदिर विष्णु भगवान को समर्पित है। एक मंदिर श्री गणेश जी को समर्पित है और एक मंदिर शिव शंकर जी को समर्पित है। यहां पर आपको पत्थर की विष्णु भगवान के प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर 9 या  10 वीं शताब्दी में बनाया गया था। यह एक अच्छी जगह है और आप घूमने के लिए यहां पर आ सकते हैं। इस मंदिर के पास बैठने के लिए चेयर बने हुए हैं। आप यहां पर बैठकर अच्छा समय बिता सकते हैं। 


श्री कर्दमेश्वर नाथ मंदिर सतना - Sri Kardameshwar Nath Temple Satna

कर्दमेश्वर नाथ मंदिर सतना शहर का एक प्राचीन और प्राकृतिक जगह है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। इस मंदिर को चौमुख नाथ शिव मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर आपको गोमुख देखने के लिए मिलता है, जिससे साल भर पानी निकलता है। गोमुख से पहाड़ों का शुद्ध पानी आता है। गोमुख का पानी शुद्ध एवं मीठा है। आप इस पानी को पी सकते हैं। आप इस में नहा भी सकते हैं। यहां पर आपको प्रकृति का खूबसूरत नजारा देखने के लिए मिलता है। यहां पर एक वॉच टावर भी बना हुआ है, जिससे आप यहां के चारो तरफ का नजारा देखने मिलता है। यह मंदिर सतना जिले के नागोद ब्लॉक के पास है।


भरहुत सतना - Bharhut Satna

भरहुत सतना शहर में स्थित एक ऐतिहासिक स्थान है। यह पूरे मध्यप्रदेश में प्रसिद्ध है। यह एक बौद्ध साइट है। यहां पर आपको पत्थरों पर नक्काशी देखने के लिए मिलती है। भरहुत स्तूप सतना जिले से करीब 23 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर अपने वाहन से आ सकते हैं। यहां पर आप प्राचीन बौद्ध स्तूप देख सकते हैं। आपको यहां पर सम्राट अशोक का शिलालेख भी देखने के लिए मिलता है। इस  जगह में आप अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यह जगह खूबसूरत है और एक पहाड़ी पर स्थित है। 


व्हाइट टाइगर सफारी मुकुंदपुर - White Tiger Safari Mukundpur

व्हाइट टाइगर सफारी या जू सतना शहर के पास में स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यह जगह सफेद शेरों के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर आपको दुनिया भर में प्रसिद्ध सफेद शेर देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको सफेद शेरों के अलावा भी बहुत सारे जंगली जानवर देखने के लिए मिलते हैं। वाइट टाइगर सफारी सतना शहर से करीब 53 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मुकुंदपुर जू पन्ना खजुराहो राजमार्ग पर स्थित है। आप यहां पर अपने वाहन से या किराए की टैक्सी से पहुंच सकते हैं। मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी को सफेद सफेद शेरों की भूमि कहा जाता है, क्योंकि यहां पर दुनिया का पहला सफेद शेर मोहन पाया गया था। सफेद शेर को खोजने का श्रेय  महाराजा मार्तंड सिंह जूदेव को जाता है। मुकुंदपुर जू में आप सफारी का मजा ले सकते हैं। आप यहां पर पैदल सफारी का मजा ले सकते हैं। आप यहां पर साइकिल से सफारी का मजा ले सकते हैं और आप यहां पर बैटरी चलित ऑटो की सफारी का भी मजा ले सकते हैं। इन सब का प्राइस अलग-अलग रहता है। आपको यहां पर बहुत सारे जंगली जानवर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आप सफेद शेर, चीता, हिरण, भालू, और मगरमच्छ देखने के लिए मिल जाते हैं।


बाणसागर बांध सतना - Bansagar Dam Satna

बाणसागर बांध सतना शहर के पास स्थित एक बहुत ही अच्छी जगह है। बाणसागर बांध सतना शहर से करीब 100 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर अपने वाहन से आसानी से जा सकते हैं। आप यहां पर बरसात में जाते हैं, तो बरसात में आपको यहां पर बहुत ही मनोरम नजारा देखने के लिए मिलता है, क्योंकि बरसात के समय बांध के ओवरफ्लो होने के कारण बांध के गेट खोले जाते हैं, जिससे बहुत ही खूबसूरत नजारा देखने के लिए मिलता है। 


धारकुंडी आश्रम सतना - Dharkundi ashram satna

धारकुंडी सतना शहर के पास स्थित एक मनोरम स्थल है। धारकुंडी आश्रम मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमा पर स्थित है। यह घने जंगल के बीच में स्थित है। यहां पर आप रोड के माध्यम से आसानी से आ सकते हैं। यहां पर आपको एक कुंड देखने के लिए मिलता है, जिसमें पानी पहाड़ों से आता है। इस कुंड में आप नहाने का मजा ले सकते हैं। यहां पर आ कर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर चारों तरफ का दृश्य हरियाली भरा रहता है। बरसात के समय आप यहां पर आते हैं, तो यहां पर चारों तरफ हरियाली रहती है। इस जगह को धारकुंडी के नाम से जाना जाता है, क्योंकि इस आश्रम में बहता हुआ पानी आपको देखने के लिए मिलता है। पानी ठंडा और साफ है। यहां पर आपको एक मंदिर और आश्रम देखने के लिए मिलता है। 


सरभंगा आश्रम सतना - Sarbhanga ashram satna

सरभंगा आश्रम सतना जिले के पास स्थित है। यह एक दर्शनीय स्थल है। सरभंगा आश्रम घने जंगलों के बीच में स्थित है। इस जगह के बारे में कहा जाता है कि वनवास काल के दौरान भगवान राम इस स्थल पर आये थे। इस आश्रम में सरभंग नाम की मुनि रहते थे। उनका अंतिम समय आ गया था और उन्होंने राम जी के दर्शन के लिए अपना शरीर नहीं त्यागा था। राम जी के दर्शन के बाद उन्होंने स्वयं अपने शरीर को त्यागा और ब्रह्म दिन हो गए। इस तरह इस आश्रम को सरभंगा आश्रम के नाम से जाना जाता है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आपको राम, लक्ष्मण, और  सीता जी के मंदिर देखने मिलेंगे। इसके अलावा यहां पर शिव मंदिर भी है और यहां पर आपको एक कुंड देखने मिलेगा। यह बहुत अच्छी जगह है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


बृहस्पति कुंड जलप्रपात सतना - Brihaspati Kund Waterfall Satna

बृहस्पति कुंड झरना सतना शहर में स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यह झरना बरसात के समय पानी से भरा होता है। यह झरना बहुत खूबसूरत है और चट्टानों से गिरता हुआ पानी देखने में बहुत ही मनोरम लगता है। आप यहां पर बरसात के समय और ठंड के समय घूमने के लिए आ सकते हैं। गर्मी के समय इस झरने में पानी नहीं रहता है। यहां पर झरने का पानी एक कुंड पर गिरता है। आप चाहे तो झरने के नीचे तरफ भी जा सकते हैं। नीचे तरफ जाने के लिए आपको ट्रैकिंग करनी पड़ेगी। यह झरना सतना शहर से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आसानी से आ सकते हैं। आप इस झरने में नहाने का मजा भी ले सकते हैं। यह झरना बाघिन नदी पर बना हुआ है।


माधवगढ़ का किला सतना - Madhavgarh Fort Satna

माधवगढ़ का किला सतना शहर में रीवा राजमार्ग में स्थित है। यह किला सतना नदी के किनारे पर बना हुआ है। यह किला खंडहर अवस्था में है। इस किले के अंदर जाना मना है। आप अगर इस किले में घूमने के लिए जाते हैं, तो आपको किले के दर्शन बाहर से करने पड़ेंगे। किले के अंदर अब पूरी तरह से पेड़ पोधे उग गए हैं। किले की कुछ दीवारे धराशाई हो गई हैं। किले के अंदर से नदी का दृश्य बहुत ही अच्छा दिखता है। इस किले के बाहर आपको कुछ छतरियां देखने के लिए मिलती हैं। इन छतरियां में शिवलिंग स्थापित है। किले के बाहर का दृश्य भी बहुत अच्छा है। यहां पर बहुत बड़ा मैदान है। यह किला अब खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। सरकार की तरफ से इस किले की तरफ कोई भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यह किला हाईवे रोड से भी बहुत अच्छा दिखाई देता है। 


श्री वेंकटेश्वर मंदिर सतना - Sri Venkateswara Temple Satna

श्री वेंकटेश्वर मंदिर सतना शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर मुख्य सतना शहर में स्थित है। यह मंदिर रेलवे स्टेशन के करीब में स्थित है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए जा सकते हैं। यहां पर विष्णु भगवान जी की प्रतिमा विराजमान है। यह मंदिर बहुत ही भव्य है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। 


गैबीनाथ शिव मंदिर बिरसिंहपुर, सतना - Gabinath Shiva Temple Birsinghpur, Satna

गेबी नाथ मंदिर सतना शहर की एक धार्मिक जगह है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यहां पर एक कुंड देखने के लिए मिलता है। इस मंदिर में शिवरात्रि और सावन सोमवार में बहुत भीड़ रहती है। मंदिर बहुत खूबसूरत है। यहां पर शिवलिंग विराजमान है। यह मंदिर सतना शहर से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप इस मंदिर पर अपने वाहन से पहुंच सकते हैं। यह मंदिर सतना शहर की बिरसिंहपुर में स्थित है।

 

भगवान परशुराम सरोवर सतना - Bhagwan parshuram sarovar satna

भगवान परशुराम सरोवर सतना शहर में स्थित घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। यहां पर आपको परशुराम जी की एक बड़ी सी प्रतिमा देखने के लिए मिलती है और यहां पर एक सरोवर भी बना हुआ है। यह सरोवर सतना सिमरिया रोड पर स्थित है। आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। यह जगह रेलवे स्टेशन से 7 से 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। भगवान परशुराम जी की मूर्ति की स्थापना वर्ष 2017 में ब्राह्मण संगठन विप्र सेना द्वारा कराई गई थी। यहाँ भगवान परशुराम जी की मूर्ति 15 फीट ऊंची है।


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Pachmarhi Chauragarh Temple || चौरागढ़ महादेव मंदिर, पचमढ़ी

Pachmarhi Chauragarh Shiv Templeचौरागढ़  महादेव पचमढ़ी
चौरागढ़(Chauragarh  Shiv Temple) का प्रसिद्ध मंदिर शिव मंदिर मध्य प्रदेश का प्रमुख पर्यटन स्थल है और यह पचमढ़ी में स्थित है। चैरागढ़ का मंदिर एक ऊंचे पहाड़ पर स्थित है यह मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है। चौरागढ़ (Chauragarh  Shiv Temple) महादेव पचमढ़ी(Pachmarhi) की एक खूबसूरत जगह है। यह जगह बहुत खूबसूरत है और जंगलों से घिरी हुई है। इस मंदिर तक जाने के लिए आपको बहुत मेहनत करनी पड़ेगी क्योंकि इस मंदिर तक पहॅुचने के लिए आपको पैदल चलना पड़ेगा और यह जगह पूरी तरह से जंगल और पहाड़ों से घिरी हुई है, यहां पर आपको बहुत खूबसूरत प्राकृतिक व्यू देखने मिलता है, यहां पर वादियों का मनोरम दृश्य देखने मिलता है। चौरागढ़ (Chauragarh  Shiv Temple) मंदिर 1326 मीटर की ऊंची पहाड़ी पर स्थित है और इस मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको 1300 चढ़ने पड़ती है।

पचमढ़ी (Pachmarhi) को सतपुड़ा की रानी कहा जाता है और यहां पर बहुत सारी धार्मिक जगह है, जिनमें से प्राचीन शिव भगवान जी का मंदिर भी एक है,जिसके दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। यहां पर साल भर लोग दर्शन करने के लिए आत…