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बौद्ध स्तूप सतधारा रायसेन - Buddhist Stupa Satdhara Raisen

बौद्ध स्तूप या स्मारक सतधारा,  रायसेन जिला, मध्य प्रदेश -  Buddhist Stupa or Monument Satdhara, Raisen District, Madhya Pradesh सतधारा स्तूप रायसेन जिले का एक प्रसिद्ध स्थल है। यहां पर आपको प्राचीन स्तूप देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर प्राकृतिक दृश्य भी देखने के लिए मिलता है। यहां पर हलाली नदी का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर चारों तरफ पेड़ पौधे हैं और हरियाली है। यहां पर आपको बहुत बड़ा स्तूप देखने के लिए मिलता है। सतधारा स्तूप विदिशा भोपाल राजमार्ग में स्थित है। यहां पर आपको जंगल कैंप का भी मजा लेने के लिए मिलेगा। आप यहां पर जंगल के बीच में कैंप लगाकर रह सकते हैं। उसके अलग पैकेजेस रहते हैं। वह आपको ऑनलाइन जाकर चेक करने पड़ेंगे। मगर यहां पर मजा बहुत आता है और यहां पर बंदर भी थे। अगर आपके पास कुछ सामान रहता है, तो संभाल कर रखने की जरूरत रहती है। नहीं तो बंदर आपसे छीन लेगा।  इस जगह को सतधारा इसलिए कहते हैं, क्योंकि यहां पर हलाली नदी सात धाराओं में विभक्त होती है। इसलिए इस जगह सतधारा के नाम से जाना जाता है। हलाली नदी को 7 धारा में विभक्त द

भोपाल का हलाली जलप्रपात - Halali Falls Bhopal

हलाली झरना भोपाल - Halali Waterfall Bhopal हलाली जलप्रपात भोपाल शहर की एक सुंदर जगह है। यह जलप्रपात हलाली नदी पर बनता है। यह जलप्रपात हलाली बांध के पास में स्थित है। बरसात के समय आप इस जलप्रपात में घूमने के लिए आ सकते हैं। यह जलप्रपात गर्मी के समय पूरी तरह से सूख जाता है। यहां पर आपको सिर्फ चट्टाने देखने के लिए मिलती हैं। यह जलप्रपात हलाली बांध में पानी कम रहने की स्थिति में भी देखने के लिए नहीं मिलता है। जब यहां पर पानी का लेवल बढ़ता है। तभी यह जलप्रपात आपको देखने के लिए मिलेगा।  जब हलाली बांध पूरी तरह पानी से भर जाता है। तब यहां पर हलाली बांध का पानी ओवरफ्लो होता है, जिससे यहां पर यह सुंदर जलप्रपात देखने के लिए मिलता है। जिसे हलाली जलप्रपात कहते हैं। हलाली बांध के पानी का उपयोग रायसेन और विदिशा जिले में पीने के पानी के लिए किया जाता है और सिंचाई के लिए किया जाता है। मगर पानी जब ओवरफ्लो नहीं होता है। तो इन जिलों में पीने के पानी की दिक्कत भी आ जाती है।  हलाली बांध में जब पानी ओवरफ्लो होकर बहता है। तब चट्टानों पर बहता हुआ पानी दूध की धाराओं के सामान लगता है। यहां पर ऐसा लगता ह

हलाली बांध भोपाल - Halali Dam Bhopal

हलाली डैम  या  सम्राट अशोक सागर परियोजना भोपाल -  Halali Dam or Samrat Ashok Sagar Project Bhopal हलाली बांध को सम्राट अशोक सागर परियोजना एवं हलाली परियोजना के नाम से भी जाना जाता है। यह बांध हलाली नदी पर बना हुआ है। यह बांध बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। हलाली डैम भोपाल शहर में भोपाल विदिशा राजमार्ग से करीब 10 किलोमीटर अंदर स्थित है। हलाली डैम में एमपी टूरिज्म की तरफ से रिसोर्ट बनाया हुआ है। यहां पर आप ठहर सकते हैं और वॉटर एक्टिविटी का मजा ले सकते हैं। यहां पर आप बोट राइड का मजा ले सकते हैं। हलाली डैम का दृश्य बहुत सुंदर रहता है। यहां पर अगर बरसात के समय आते हैं, तो यह डैम पानी से लबालब भरा रहता है और पानी ओवरफ्लो होकर बहता है, जो बहुत ही सुंदर दृश्य लगता है। यहां पर आगे जाते हैं, तो सुंदर झरना भी देखने के लिए मिलता है।  हलाली डैम में हम लोग अपनी स्कूटी से गए थे। हलाली डैम का रास्ता अच्छा है। हलाली डैम को जाने वाली सड़क पक्की है और आप यहां पर कार और बाइक से आराम से जा सकते हैं। हलाली डैम की तरफ जाने वाली रोड में हम लोगों को कुछ दूर तक गांव देखने के लिए मिला और कुछ दूर

उदयगिरि की गुफाएं विदिशा - Udayagiri Caves Vidisha

उदयगिरि की गुफाएं  एवं पहाड़ी  विदिशा मध्य प्रदेश -  Udayagiri Caves and Hill Vidisha Madhya Pradesh उदयगिरि की गुफाएं विदिशा शहर का एक प्रमुख ऐतिहासिक धरोहर है। यहां पर आपको प्राचीन गुफाएं देखने के लिए मिलती है। यह गुफाएं जैन और हिंदू धर्म से संबंधित है। इन गुफाओं में आपको प्राचीन लोक कथाओं के बारे में और मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं। इन मूर्तियों की नक्काशी बहुत ही सुंदर है। यह गुफाएं उदयगिरि की पहाड़ियों में फैली हुई हैं। यहां पर कुल 20 गुफाएं हैं। यहां पर 18 गुफाएं हिंदू धर्म की है और 2 गुफाएं जैन धर्म की है। यह गुफाएं चौथी और पांचवी शताब्दी की है। इन गुफाओं को बनाने का मकसद हिंदू और जैन धर्म का प्रसार करना था। यहां पर आपको उदयगिरि की पहाड़ियां देखने मिलती है। यहां पर हरियाली देखने के लिए मिलती है। बेस नदी (हलाली नदी) का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। चारों तरफ यहां पर खेत है। उदयगिरि की पहाड़ी की सबसे ऊंची चोटी से आप सुंदर दृश्य देख सकते हैं।  विदिशा की  उदयगिरि गुफाओं के दर्शन -  Vidisha ki Udaygiri Gufa ke Darshan उदयगिरि की गुफाओं में हम लोग अपनी गाड़ी से गए थे। यहा

जिला संग्रहालय (डिस्ट्रिक्ट म्यूजियम) विदिशा - District Museum Vidisha

विदिशा जिला पुरातत्व संग्रहालय (विदिशा संग्रहालय ) -  Vidisha District Archaeological Museum ( vidisha museum ) विदिशा संग्रहालय विदिशा शहर का एक मुख्य स्थल है। विदिशा संग्रहालय विदिशा जिले में लायंस क्लब के सामने स्थित है। यहां पर आप लोगों को बहुत सारी मूर्तियां देखने के लिए मिलती है। यह मूर्तियां पत्थरों की बनी हुई है और बहुत ही सुंदर लगती हैं। यहां पर हम लोगों को विष्णु भगवान जी की मूर्ति बहुत ही सुंदर लगे। यहां पर विष्णु भगवान जी का वराह अवतार देखने के लिए मिला और यहां पर विष्णु भगवान जी शेष शैया में लेटे हुए थे। विदिशा संग्रहालय में बहुत सारी गैलरी है। इन गैलरी में अलग-अलग वस्तुओं का संग्रह करके रखा गया है। यहां पर आपको प्राचीन सिक्के एवं धातु के समान देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर प्राचीन पत्थरों का भी संग्रह करके रखा गया है। विदिशा संग्रहालय में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है। यहां पर संग्रहालय भवन के अंदर और  बाहर आपको बहुत सारी मूर्तियों का संग्रह देखने के लिए मिलेगा।  विदिशा म्यूजियम में हम लोग अपनी स्कूटी से आए थे। विदिशा संग्रहालय के परिसर में स्कूटी खड़ी करने के ल

रानी दुर्गावती संग्रहालय जबलपुर - Rani Durgavati Museum Jabalpur

रानी दुर्गावती संग्रहालय जबलपुर मध्य प्रदेश -  Rani Durgavati  Sangrahalaya  Jabalpur Madhya Pradesh रानी दुर्गावती संग्रहालय जबलपुर का एक प्रसिद्ध स्थल है। रानी दुर्गावती संग्रहालय में बहुत सारी प्राचीन मूर्तियों का संग्रह देखने के लिए मिलता है। यहां पर पेंटिंग का भी बहुत अच्छा संग्रह किया गया है। रानी दुर्गावती संग्रहालय में अलग-अलग गैलरी है, जहां पर आपको अलग-अलग मूर्तियों का संग्रह देखने के लिए मिलेगा। यहां पर आदिवासी वस्तुएं भी देखने के लिए मिलती है। आदिवासी लोगों की वेशभूषा, उनके सामान, उनके रीति रिवाज भी आप यहां पर देख सकते हैं। संग्रहालय भवन के भीतर और संग्रहालय भवन के बाहर बहुत सारी मूर्तियों का संग्रह किया गया है। इस संग्रहालय में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है और यहां पर आकर आपको बहुत सारी जानकारी प्राप्त होती है।  रानी दुर्गावती म्यूजियम जबलपुर शहर के बीचो बीच में स्थित है। यह संग्रहालय भंवरताल गार्डन के पास में स्थित है। रानी दुर्गावती संग्रहालय में आप अपनी बाइक या कार से आराम से जा सकते हैं। इस संग्रहालय में पार्किंग के लिए अच्छा स्पेस है। यहां पर आप अपनी गाड़ी आरा

त्रिवेणी घाट एवं संगम विदिशा - Triveni Ghat and Sangam Vidisha

बेतवा और बेस (हलाली नदी) नदियों का संगम विदिशा -  Confluence of Betwa and Bes (Halali River) rivers Vidisha बेतवा और बेस नदी का संगम स्थल एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह धार्मिक स्थल विदिशा शहर में स्थित है। यह धार्मिक  स्थल चरण तीर्थ से कुछ ही दूरी पर स्थित है। आप यहां पर जाकर घूम सकते हैं। यहां पर जाने के लिए पक्की सड़क बनी हुई है। यहां पर आप अपने बाइक से जा सकते हैं। बाकी का रास्ता आपको पैदल जाना पड़ता है। यहां पर बेतवा नदी बहुत ज्यादा गहरी है। यहां पर आप नदी में उतर नहीं सकते हैं। बस इस जगह को देख सकते हैं। यहां पर घाट भी बना हुआ है और हनुमान जी की बहुत सुंदर मूर्ति देखने के लिए मिलती है।  बेस एवं बेतवा नदी के संगम को त्रिवेणी घाट के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर शिवलिंग विराजमान है। यह जगह बहुत सुंदर लगती है और प्रकृति के बहुत करीब लगती है। यहां पर हम लोग घूमने के लिए अपनी बाइक से आए थे और चरण तीर्थ के के पास से ही यह जाने के लिए रास्ता है। यहां पर जाने के लिए आप हाईवे सड़क के साथ ही नीचे की तरफ सड़क बनी हुई है। वहां से आगे बढ़ते हैं, तो आपको त्रिवेणी घाट का बोर्ड  देखने के