सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

fort की खोज से मिलान करने वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

रहली का किला सागर - Rehli Fort, Sagar City

रहली का किला,  रहली तहसील, सागर -  Rehli ka kila, Rehli tehsil, sagar city रहली का किला सागर जिले का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक किला है। यह एक प्राचीन किला है। रहली का किला सागर जिले की रहली तहसील में स्थित है। यह किला सुनार और देहार नदी के संगम पर बना हुआ है। यह किला अब खंडहर अवस्था में है। इस किला के अंदर जाने नहीं दिया जाता है।  आप इस किले को बाहर से ही देख सकते हैं। इस किले की बाहरी दीवार अभी भी अच्छी तरह से खड़ी है। कहीं कहीं की दीवारें गिर गई हैं। इस किले में आपको बुर्ज देखने के लिए मिलते हैं, जो सुंदर लगते हैं। हम लोग सुनार नदी को पार करके इस किले को देखने के लिए आए थे। मगर इस किले का गेट बंद था। यह किला पूरी तरह जर्जर हालत में बदल गया है, जिससे आप इस किले के अंदर नहीं जा सकते हैं। इस किले को बाहर से ही देख सकते हैं। इस किले के बाहर आपको बहुत सारे प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। इस किले के बाजू में ही शनि भगवान जी का मंदिर बना हुआ है, जो आप देख सकते हैं। यह मंदिर बहुत प्राचीन है और यहां पर आपको शनि भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिल जाते हैं। यह मंदिर प्रसिद्ध है।  अगर आप सुना

जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर का किला जैसलमेर जिलें  के प्रमुख  पर्यटन स्थलों  में से एक है।  जैसलमेर का किला जैसलमेर जिले में स्थित एक बहुत ही विशाल किला है।  यह किला आपको जैसलमेर शहर के किसी भी हिस्से से देखने मिल जाता है।  यह किला एक पहाड़ी पर स्थित है और यह किला रेलवे स्टेशन से करीब 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा। आप इस किलें तक पहुॅचने के लिए  ऑटो लेकर आराम से जा सकते हैं। रेल्वे स्टेशन में ही आटों वाले आ जाते है, और आपसे पूछते है, कि आप कहां जाएगें। आप आटो वालों से मोलभाव करके इस किलें तक आ सकते है।  जैसलमेर किले का रानी महल  इस किलें की स्थापना राव जैसल द्वारा सन ११५६ में की गई थी। यह किला त्रिकूट पहाड़ी पर स्थित है। रेगिस्तान में स्थित होने के कारण इसे सोनार किला या सुनहरा किला भी कहते हैं। इस किला को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर की रूप में शामिल किया गया है।  जैसलमेर का किलें तक जाने के लिए हम लोग ने भी आटों बुक किया था।  यह किला बहुत बड़ा है और यह दुनिया का पहला लिबिंग फोर्ट है, मतलब आज भी इस किलें में लोग रहते हैं। यह किला बहुत बड़ा है, तो आप इस किलें में जाते है तो

ग्यारसपुर का किला, ग्यारसपुर, विदिशा - Gyaraspur Fort, Gyaraspur, Vidisha

ग्यारसपुर का किला और माँ बिजासन माता मंदिर ग्यारसपुर, विदिशा, मध्य प्रदेश -  Gyaraspur ka kila aur Maa Bijasan Mata Mandir Gyaraspur, Vidisha, Madhya Pradesh ग्यारसपुर का किला विदिशा शहर का एक प्राचीन किला है। मगर इस किले का अब आपको कुछ ही अवशेष देखने के लिए मिलेगा, क्योंकि यह किला पूरी तरह से नष्ट हो गया है और यहां पर आम लोगों का कब्जा हो गया है। यह किला पूरी तरह से लुप्त हो गया है। किले से थोड़ी ही दूरी पर बिजासन मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर भी बहुत प्राचीन है और यह मंदिर पहाड़ी के ऊपर बना हुआ है।  इस मंदिर में जाने के लिए रास्ता पक्का बना दिया गया है। मंदिर में पहाड़ी के नीचे के साइड तालाब बना हुआ है। यह तालाब भी प्राचीन है और यह तालाब बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है।  इस तालाब को मानसरोवर तालाब कहते हैं।  तालाब के बाजू में ही छोटा सा गार्डन बना दिया गया है और यहां पर आपको प्राचीन मंदिर के अवशेष देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर बहुत सारे सीताफल के पेड़ लगे हुए थे। पूरी पहाड़ी में सीताफल के पेड़ लगे हुए थे।  पहाड़ी में हमें स्मारक देखने के लिए मिले। यह स्मारक बहुत ही अद्भु

गढ़ाकोटा का किला सागर, मध्य प्रदेश - Garhakota Fort Sagar, Madhya Pradesh

गढ़ाकोटा का किला,  गढ़ाकोटा तहसील,  सागर सिटी -  Garhakota ka kila , Garhakota Tehsil, Sagar City गढ़ाकोटा का किला सागर शहर का एक प्राचीन किला है। यह किला खंडहर अवस्था में गढ़कोटा में स्थित है। गढ़ाकोटा का किला सोनार और गधेरी नदी के संगम के पास में स्थित है। यह किला बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। इस किले में आपको प्राचीन महल के अवशेष देखने के लिए मिलेंगे। वैसे अब इस किले का कोई खास रखरखाव नहीं किया जाता है। यह किला ऐसे ही वीरान पड़ा हुआ है। इस किले में बहुत बड़ी-बड़ी दीवारे हैं और बहुत बड़े-बड़े बुर्ज भी देखने के लिए मिलते हैं। इस किले के अंदर हम लोगों को मोर भी देखने के लिए मिला था। मगर हम लोग मोर बाहर से ही देखे थे। इस किले के अंदर नहीं गए थे। गढ़ाकोटा किले के अंदर आपको बादल महल  और रंग महल के खंडहर देखने के लिए मिल जाएंगे। इस किले में बड़ी-बड़ी झाड़ियाँ है। आप अगर इस किले में घूमने के लिए जाते हैं, तो ग्रुप के साथ घूमने के लिए जाए। यह किला पूरी तरह से जंगल में बदल गया है।  हम लोग गढ़ाकोटा का किला घूमने के लिए गए थे। यह किला सोनार और गधेरी नदी के संगम के पहले बना हुआ है। हम लोग अपनी गाड़ी

Nahargarh Fort - नाहरगढ़ का किला

नाहरगढ़ का किला नाहरगढ़ किला हम लोगों ने घुमा और हम लोगों को बहुत मजा आया। नाहरगढ़ किले से आपको जयपुर गुलाबी नगरी का बहुत ही खूबसूरत दृश्य नजर आता है। हम लोगों ने नाहरगढ़ किला सुबह ही घूमने चले गए थे, तो हम लोगों को ज्यादा भीड़ नहीं मिले। हम लोग नाहरगढ़ किला कार बुक करके गए थे, तो कार का सफर बहुत अच्छा रहा। रास्ते में हम लोगों को जल महल देखने मिला और उसके बाद हम लोग अरावली की पर्वत श्रेणियों से होते हुए नाहरगढ़ किले में पहुंचे।  नाहरगढ़ किले का  ऊपर का दृश्य  नाहरगढ़ किले के लिए प्रवेश शुल्क Entry fee for Nahargarh Fort हम लोग नाहरगढ पहुॅचकर प्रवेश द्वार से प्रवेश किया, तो यहां पर आपके वाहन का चार्ज लिया जाता है। उसके बाद दूसरे प्रवेश द्वार पर आपसे प्रवेश शुल्क लिया जाता है। तो सबसे पहले हम लोग नाहरगढ़ के मोम संग्रहालय पहुंचे। मैंने अलग ब्लॉक लिखा है। आप उसे पढ़ सकते हैं। मोम संग्रहालय में घूम कर हम लोग आगे बढ़े। हम लोग नाहरगढ़ किले के तरफ चल दिए। मोम संग्रहालय से नाहरगढ किला ज्यादा दूर नहीं है।  आप जब नाहरगढ किला पहुॅचते है, तो आपको प्रवेश द्वार से प्रवेश करते हैं,

सानौधा का किला, सागर, मध्य प्रदेश - Sanodha Fort, Sagar, Madhya Pradesh

सानौधा का किला, सानौधा गांव, सागर  जिला -  Sanodha ka kila, Sanaudha Village, Sagar District सानौधा का किला सागर जिले का एक ऐतिहासिक किला है। यह किला सागर जिले के सानौधा गांव में है। यह किला बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। सानौधा का किला में आपको सुंदर बुर्ज देखने के लिए मिलते हैं। इसकी ऊंची ऊंची दीवारें देखने के लिए मिलती है। इसकी दीवारों में ऊपर की तरफ सुंदर डिजाइन बना हुआ है, जो आप देख सकते हैं, जो दूर से ही देखने में बहुत सुंदर लगती हैं। यह किला देखने में बहुत सुंदर लगता है। इस किले में अभी कुछ समय पहले मरम्मत का काम किया गया है। सानौधा के किले में हम लोगों को एक बहुत बड़ा सांप देखने के लिए मिला। उसको देखकर हम लोग बहुत डर गए थे। आप यहां पर घूमने जाते हैं, तो संभल कर जाये।  सानौधा का किला   चौ कोर आकार का है। इस किले में 2 मंजिल है। यह किला में आपको आंगन देखने के लिए मिल जाएगा और यहां पर कमरे भी बने हुए हैं। इस किले का कुछ भाग खंडित अवस्था में यहां पर देखने के लिए मिलता है। किले की बाहरी दीवार में आपको कोने में बुर्ज देखने के लिए मिलते हैं। यह बुर्ज बहुत सुंदर लगते है। इन बुर्ज म

सागर का गढ़पहरा किला और मंदिर - Garhpahra Fort and Temple Sagar

सागर का गढ़पहरा मंदिर  और  गढ़पहरा का किला सागर  मध्य प्रदेश -  Gadpehra Fort and Gadpahra Hanuman Temple Sagar गढ़पहरा का किला सागर जिले का एक ऐतिहासिक किला है। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यहां पर एक प्राचीन मंदिर भी है। यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है। गढ़पहरा को प्राचीन समय में पुराना सागर के नाम से जाना जाता था। प्राचीन समय गढ़पहरा डांगी साम्राज्य की राजधानी थी। यहां पर आपको हनुमान जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर और किला पहाड़ी के ऊपर बने है। यह पहाड़ी बरसात के समय हरियाली से घिरी रहती है। यहां पर बहुत सारे बंदर भी है। आप अगर यहां पर कुछ भी सामान लेकर जाते हैं, तो संभाल कर रखें। नहीं तो बंदर आपसे सामान छीन सकते हैं। यहां पर किले में भी बहुत सारे बंदर आपको देखने के लिए मिलते हैं। यह किला हनुमान मंदिर के आगे स्थित है। आपको किले तक पैदल जाना पड़ता है। इस किले में एवं हनुमान मंदिर तक जाने के लिए सीढ़ियां है। आप सीढ़ियों से इस किले एवं मंदिर तक जा सकते हैं।  सागर का गढ़पहरा किला एवं हनुमान मंदिर घूमने के लिए हम लोग सुबह के समय सागर से गढ़पहरा के लिए अपनी गाड़ी से निक

रानी दमयंती का किला एवं संग्रहालय - Rani Damayanti Fort and Museum

रानी दमयंती बाई का किला या रानी दमयंती पुरातात्विक संग्रहालय - Rani Damayanti Bai Fort or Rani Damayanti Archaeological Museum   रानी दमयंती बाई का किला दमोह सिटी की एक प्राचीन जगह है।  यह किला दमोह जिले में कोतवाली थाने के सामने स्थित है। यह किला मुख्य सड़क में स्थित है और हम लोग इस किले  में शिवरात्रि के समय घूमने गए थे। मगर हम लोग इस किले  के अंदर नहीं जा पाए थे। मगर इस किले के बारे में मैं आपको कुछ जानकारी दे देती हूं।     रानी दमयंती बाई का किला को अब संग्रहालय में बदल दिया गया है और आपको इस किले में बहुत सारी पत्थर की मूर्तियां देखने के लिए मिल जाती हैं, जो देखने में बहुत ही अद्भुत लगती है। इस किले में आपको पेंटिंग भी देखने के लिए मिल जाती हैं। यहां पर आपको गणेश जी की पत्थर की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो आकर्षक लगती है। इसके अलावा यहां पर आपको बहुत सारे पत्थर के स्टैचू देखने के लिए मिलते हैं। इसके अलावा यहां पर आपको बुद्ध भगवान की पत्थर की प्रतिमा देखने के लिए मिल जाती हैं। यह किला भी बहुत खूबसूरत है। किले के बाहर बहुत ही सुंदर बगीचा बना हुआ है, जो देखने में आकर्षक लगता है।

शीतल गढ़ी (किला) छतरपुर - Sheetal Garhi (Fort) Chhatarpur

शीतल गढ़ी एवं महेबा गेट मऊ सहानिया छतरपुर -  Sheetal Garhi and Maheba Gate Mau Sahania Chhatarpur शीतल गढ़ी एवं  महेबा  गेट छतरपुर का एक मुख्य ऐतिहासिक स्थल है।  यहां पर आपको एक पुराना किला देखने के लिए मिलेगा, जिसे शीतल गढ़ी के नाम से जाना जाता है और यहां पर एक गेट भी बना हुआ है, जो इस किले का प्रवेश द्वार है। इस गेट को  महेबा  गेट कहते हैं। यह गेट और किला प्राचीन है और यहां पर यह दोनों खंडहर अवस्था में देखने के लिए मिलते हैं।  वैसे जब हम लोग शीतल गढ़ी एवं  महेबा  गेट पर घूमने के लिए गए थे। तब यहां पर कोई नहीं था। यहां पर बिल्कुल सुनसान था।  हम लोग छतरपुर के मऊ सहानिया में घूमने के लिए अप्रैल के महीने में गए थे। उस टाइम यहां पर सुनसान था। सिर्फ मैं और मेरे साथी बस थे। हम लोग  महेबा  गेट से अंदर गए।  महेबा  गेट से अंदर जाकर, हमें बादल महल भी देखने के लिए मिला, जो ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है।  महेबा गेट के बारे में जानकारी -  Information about Maheba Gate महाराजा छत्रसाल के द्वारा महेबा नगरी की स्थापना सन 1671 ईसवी में की गई थी। महेबा की ओर जाने वाले मार्ग पर बने इस द्वार का निर्माण लग