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राहतगढ़ का किला सागर जिला - Rahatgarh Fort Sagar District

राहतगढ़ किला, राहतगढ़ तहसील, सागर जिला, मध्य प्रदेश - Rahatgarh ka kila, Rahatgarh Tehsil, Sagar District, Madhya Pradesh


राहतगढ़ का किला मध्य प्रदेश का एक प्रसिद्ध किला है। राहतगढ़ का किला सागर जिले का एक ऐतिहासिक किला है। राहतगढ़ किला सागर जिले की राहतगढ़ तहसील में स्थित है।  सागर जिले में बहुत सारे किले बने हुए हैं। यह किला उन सभी किलो में से सबसे खूबसूरत और बहुत बड़ा है। राहतगढ़ किला बहुत विशाल और बहुत ही भव्य है। राहतगढ़ का किला बीना नदी के किनारे ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। राहतगढ़ किले के अंदर देखने के लिए बहुत सारी जगह है। आप यहां पर दिन में आएंगे, तो आपका पूरा दिन इस किले में घूमते हुए बीत जाएगा। यह किला बहुत बड़े क्षेत्रफल में फैला हुआ है। इस किले के अंदर आपको मोती महल, रानी महल, बादल महल, प्राचीन जलाशय, दरगाह, शिव मंदिर, कब्र, फांसी घर देखने मिलेगा और यह किला ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। राहतगढ़ किले से चारों तरफ का बहुत ही सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। राहतगढ़ किले से बीना नदी का दृश्य बहुत ही शानदार रहता है। यहां पर बहुत मस्त फोटो आती है। 


राहतगढ़ किले का दर्शन - Visit of Rahatgarh Fort

राहतगढ़ आकर राहतगढ़ का किला देखना, तो बनता है। चाहे मौसम जैसा भी हो, हम लोगों को राहतगढ़ का किला देखना था। हम लोग जब राहतगढ़ गए थे। तब राहतगढ़ का मौसम बहुत गर्म था और राहतगढ़ का तापमान बहुत ज्यादा हाई था। हम लोगों के इस महल में जाते-जाते पसीने छूट गए थे। वैसे राहतगढ़ का किला सागर विदिशा हाईवे सड़क से ही दिखने लगता है। राहतगढ़ के किले को देखने के लिए हम लोग चल पड़े। यह किला मुख्य सड़क से करीब ढाई से 3 किलोमीटर दूर है। हम लोग अपनी स्कूटी से इस किले की तरफ चल पड़े। पतली पतली सड़क से होते हुए, हम लोग इस किले तक पहुंचे। राहतगढ़ किला भगवान आदिनाथ जैन मंदिर के थोड़ा सा आगे है। यहां पर पंप हाउस बना हुआ है। पंप हाउस के बाजू से ही रास्ता गया हुआ है। यह रास्ता चढ़ाई वाला है और पूरा रास्ता पथरीला है। मगर इस रास्ते से आपकी गाड़ी, बाइक, कार आराम से चली जाएगी और आप किले के पास पहुंचेंगे, तो यहां पर पार्किंग के लिए अच्छी जगह है। हम लोगों ने अपनी बाइक यहां पर खड़ी करें। यहां पर और भी गाड़ियां खड़ी थी। 

हम लोग राहतगढ़ किला की तरफ चल दिए। यहां पर हमें किले का प्रथम द्वार देखने के लिए मिला। हम लोगों को इस द्वार के पास ही में एक छोटा सा कमरा देखने के लिए मिला। यह कमरा सैनिकों के लिए बनाया गया था। इस  कमरे में प्राचीन समय में सैनिक लोग आराम किया करते थे। यहां पर प्रवेश द्वार के दोनों तरफ यह कमरे बने हुए थे। हम लोग जैसे ही आगे बढ़े और थोड़ा दूर चल कर हमें किले का दूसरा द्वार देखने के लिए मिला। हमे यहां पर करीब चार या पांच दरवाजे देखने के लिए मिलते हैं। यह सभी दरवाजे पत्थर से बने हुए हैं और हम लोग यहां पर चलते हुए राहतगढ़ शहर का भी सुंदर दृश्य देख रहे थे, जो बहुत अच्छा लग रहा था। 

हम लोग किले के अंदर पहुंचे। सबसे पहले हम लोगों को मोती महल देखने के लिए मिला। मोती महल किले के बाएं तरफ बना हुआ है। यह महल बहुत सुंदर है और यह महल राहतगढ़ किले का एक मुख्य आकर्षण है। मोती महल के बीच में आंगन देखने के लिए मिलता है और इस के चारों तरफ कमरे बने हुए हैं। यहां पर स्तंभों में डिजाइन बने हुए हैं, जो सुंदर लगते हैं। यह महल खंडहर अवस्था में यहां पर मौजूद है। मगर इस महल में अभी भी बहुत सारी वस्तुएं देखने लायक है। मोती महल दो मंजिला है। इस महल में हवा और रोशनी के लिए खिड़कियां बनाई गई है। यहां पर राजा और रानी निवास करते थे। यहां पर आपको उनके कमरे देखने के लिए मिलते हैं। राजा रानी के कमरे की दीवारों पर और छत पर सुंदर पेंटिंग की गई है। यहां पर दीपक रखने की जगह भी आपको देखने के लिए मिलती है। यहां पर राजा रानी के शौचालय भी आप देख सकते हैं। पुराने समय में राजा रानी के नहाने के लिए अलग शौचालय बनाया गया है। 

राजा रानी का कमरा आपको मोती महल की दूसरी मंजिल में देखने के लिए मिलता है। हम लोग सीढ़ियों से ऊपर गए। यह कमरे आमने सामने बने हुए थे और बहुत सुंदर लग रहे थे। वैसे अभी यह बहुत ही खस्ता हालात में हो गए हैं। मगर फिर भी आप इन्हे देख सकते हैं। निचली मंजिल पर बहुत सारे चमगादड़ थे, जो बहुत ज्यादा बदबू मार रहे थे। मोती महल का निचली मंजिल कुछ हिस्सा जमीन में धंस गया है। अगर आप यहां पर जाते हैं, तो देख कर जाएं। निचली मंजिल में अँधेरा रहता है। नहीं तो अंधेरे में आप गिर सकते हैं। 

ऊपरी मंजिल में जो खिड़की बनी हुई है। हम लोगों ने उस खिड़की में चढ़कर बहुत सारी फोटो खींची और यहां पर फोटो बहुत मस्त आती है। यहां पर आपको राहतगढ़ शहर का बहुत सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है और यहां पर आप अपनी बहुत अच्छी-अच्छी फोटो क्लिक कर सकते हैं। हम लोगों ने ऊपर का महल घूमने के बाद नीचे आए। यहां पर आपको बंदर भी मिल जाते हैं। अगर आपके साथ आपका कुछ सामान है, तो वह संभाल कर रखें, नहीं तो बंदर वह छीन सकते हैं। 

मोती महल घूमने के बाद हम लोग राहतगढ़ किले में आगे बढ़े।  आगे हम लोगों को बाबा साहब की मजार देखने के लिए मिली। यह मजार बहुत प्राचीन है और साल में एक बार बाबा साहब की मजार में सवारी निकाली जाती है। बाबा साहब की मजार के सामने एक और इमारत बनी हुई है। यह इमारत प्राचीन है और इस इमारत में आपको खिड़कियां देखने के लिए मिलती है। इन खिड़कियों से आप पूरे राहतगढ़ शहर का और बीना नदी का भी सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर बहुत अच्छी हवा चल रही थी और हम लोग कुछ देर यहीं पर खड़े हो गए। उसके बाद हम लोग आगे बढ़े, तो हम लोगों को शिव जी का प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिला। यह मंदिर एक ऊंचे मंडप पर बना हुआ था और शिव भगवान जी की जलहरी नष्ट हो गई है। यहां पर शिवलिंग विराजमान था। यह मंदिर खुले आसमान के नीचे बना हुआ है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है। यहां पर नंदी भगवान की प्रतिमा थी। वह भी नष्ट हो गई है। इस मंदिर को देखने के बाद हम लोग आगे बढ़े हैं। 

राहतगढ़ किले में आगे बढ़ने पर, हमें राहतगढ़ किले का जलाशय देखने के लिए मिला। इस जलाशय का पानी नीले कलर का था और साफ था। इस जलाशय में बहुत सारी मछलियां थी। इस जलाशय का एक हिस्सा पूरी तरह से नष्ट हो गया था। इस जलाशय में नीचे उतरने के लिए सीढ़ियां बनी हुई थी। यहां पर आप मछलियों को जाकर खाना भी खिला सकते हैं। मगर आप इस जलाशय में नहाने की कोशिश ना करिएगा, क्योंकि यह जलाशय बहुत गहरा है और इसका पानी नीला है। मगर यहां पर बहुत ठंडक मिलती है। आप यहां नीचे उतरकर उस चीज को महसूस कर सकते हैं। यहां पर बहुत शांति थी। जलाशय के बाजू में आपको बहुत सारी कब्र देखने के लिए मिलती हैं। यह सारी मुस्लिम कब्र हैं। यहां पर आपको एक कब्र देखने के लिए मिलती है, जिसके लिए एक इमारत बनाई गई है। इमारत के अंदर कब्र बनी हुई है और यह इमारत बहुत ही सुंदर लगती है। यह इमारत जलाशय के बाजू में एक ऊंची पहाड़ी पर बनी हुई है। यह कब्र किसके लिए बनाई गई है। इसकी जानकारी नहीं है। मगर आप इस कब्र में जाकर, महल के चारों तरफ देख सकते हैं, क्योंकि यह ऊंचाई पर बनी हैं। 

राहतगढ़ किले में जलाशय के आगे बढ़ने पर आपको रानी महल देखने के लिए मिलता है। प्राचीन समय में इस महल में रानियां रहती थी। यह महल भी बहुत सुंदर है और यह महल दो मंजिला है। आप इस महल में घूम सकते हैं। रानी महल से आगे बढ़ने पर हम लोगों को एक महल और देखने के लिए मिला। इस महल को बादल महल के नाम से जाना जाता है। इस महल के बारे में कहा जाता है, कि यह राजा की कचहरी थी। यह महल बहुत सुंदर है। इस महल में राजा दोषियों को सजा सुनाया करते थे। और जिनका भी दोष साबित हो जाता था।  उन्हें मृत्यु दंड दिया जाता था। यहां पर आगे जाने पर फांसी घर भी देखने के लिए मिलता है। फांसी घर भी बहुत सुंदर है। फांसी घर में लोगों को ऊपर से नीचे फेंक दिया जाता था, जिससे चट्टान में गिरने से मौत हो जाती थी। फांसी घर से बीना नदी का बहुत ही सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। फांसी घर का भी कुछ भाग नष्ट हो गया है। पूरे राहतगढ़ किले में पेड़ पौधे एवं झाड़ियां उग गई है। यहां पर आप पूरे 1 दिन आराम से बिता सकते हैं। यहां पर आप फैमिली वालों के साथ और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। 

राहतगढ़ किला चारों तरफ से दीवारों से घिरा हुआ है। इसकी दीवारों पर आपको बुर्ज देखने के लिए मिलते हैं। राहतगढ़ किला में 26 बुर्ज बनाए गए हैं। इनमें से कुछ बुर्ज का आकार गोलाकार है और कुछ बुर्ज का आकार चौकोर है। यह किला सुरक्षा की दृष्टि से बहुत ही मजबूत था। इस किले में आक्रमण करके सफल होना बहुत ही मुश्किल था। राहतगढ़ किले के बुर्ज में सैनिक रहा करते थे और वह किले की रक्षा किया करते थे। 


राहतगढ़ किला का इतिहास - Rahatgarh fort history 

राहतगढ़ किला की हिस्ट्री बहुत ही रोचक है। इस किले में बहुत सारे राजाओं ने राज्य किया है। राहतगढ़ किले में सबसे पहले चंदेलो और परमार वंश का शासन था। इनके बाद राहतगढ़ किले में गोंड राजा संग्राम सिंह का शासन हुआ। राहतगढ़ किला राजा संग्राम सिंह के 52 गढ़ों में से एक था। महारानी दुर्गावती एवं उनके पुत्र वीर नारायण की मृत्यु के बाद, यह किला गोंड राजा चंद्र शाह को मिल गया। उसके बाद राजा चंद्र शाह ने यह किला मुगल सम्राट अकबर को दे दिया। उसके बाद यह किला भोपाल के सुल्तान के कब्जे में आ गया।  फिर राहतगढ़ किले को मुगल साम्राज्य से सिंधिया घराने ने छीन लिया और अपने राज्य में मिला लिया। 

1857 की क्रांति के समय यह किला अंग्रेजों के द्वारा छीन लिया गया। 1857 की क्रांति में सारे विद्रोही आकर इस किले में जमा हुए थे। तब अंग्रेज अफसर ह्यूरोज ने इस किले को घेर लिया और उन्होंने अपने आधुनिक हथियारों से किले में स्थित जलाशयों और कुओं को अपना निशाना बनाया और उनमें तोप के गोले बरसाए, जिससे जलाशयों का पानी जहरीला हो गया और जो भी यहां विद्रोही जमा हुए थे। वह प्यासे के मारे व्याकुल हो गए और वह किले से निकालकर नदी की तरफ भागे, जिसके कारण अंग्रेज सैनिकों ने इस किले में कब्जा कर लिया। इसके बाद यह किला अंग्रेज सरकार के हाथ में रहा। 


राहतगढ़ का किला कहां पर स्थित है - Where is Rahatgarh Fort

राहतगढ़ का किला मध्य प्रदेश का एक प्रसिद्ध किला है। यह  किला सागर जिला के राहतगढ़ तहसील में स्थित है। सागर से राहतगढ़ की दूरी 30 किलोमीटर है और भोपाल से राहतगढ़ की दूरी करीब 110 किलोमीटर है। आप इस किले में अपनी गाड़ी या कार से आराम से पहुंच सकते हैं। किले के तक पहुंचने के लिए अच्छी सड़क है। किले में पार्किंग की व्यवस्था है, जहां पर आप अपनी गाड़ी पार्क कर सकते हैं। 


राहतगढ़ किले की तस्वीरें (फोटो) - Rahatgarh fort photos 

राहतगढ़ का किला सागर जिला - Rahatgarh Fort Sagar District
मोती महल राहतगढ़ 



राहतगढ़ का किला सागर जिला - Rahatgarh Fort Sagar District
राहतगढ़ की इमारत 


राहतगढ़ का किला सागर जिला - Rahatgarh Fort Sagar District
मोती महल 


राहतगढ़ का किला सागर जिला - Rahatgarh Fort Sagar District
राहतगढ़ की प्राचीन इमारत


राहतगढ़ का किला सागर जिला - Rahatgarh Fort Sagar District
बाबा साहब की मजार


राहतगढ़ का किला सागर जिला - Rahatgarh Fort Sagar District
राहतगढ़ का नजारा


राहतगढ़ का किला सागर जिला - Rahatgarh Fort Sagar District
राहतगढ़ किला का पहला दरवाजा 


राहतगढ़ का किला सागर जिला - Rahatgarh Fort Sagar District
राहतगढ़ का नजारा


राहतगढ़ का किला सागर जिला - Rahatgarh Fort Sagar District
राहतगढ़ का नजारा


राहतगढ़ का किला सागर जिला - Rahatgarh Fort Sagar District
राहतगढ़ किले की बुर्ज 


राहतगढ़ जलप्रपात सागर

फूलनाथ स्वामी मंदिर, सागर जिला

गढ़पहरा का किला सागर

चकरा घाट, सागर जिला, मध्य प्रदेश



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