जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर का किला जैसलमेर जिलें के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। जैसलमेर का किला जैसलमेर जिले में स्थित एक बहुत ही विशाल किला है।  यह किला आपको जैसलमेर शहर के किसी भी हिस्से से देखने मिल जाता है।  यह किला एक पहाड़ी पर स्थित है और यह किला रेलवे स्टेशन से करीब 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा। आप इस किलें तक पहुॅचने के लिए  ऑटो लेकर आराम से जा सकते हैं। रेल्वे स्टेशन में ही आटों वाले आ जाते है, और आपसे पूछते है, कि आप कहां जाएगें। आप आटो वालों से मोलभाव करके इस किलें तक आ सकते है। 


जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर किले का रानी महल 


इस किलें की स्थापना राव जैसल द्वारा सन ११५६ में की गई थी। यह किला त्रिकूट पहाड़ी पर स्थित है। रेगिस्तान में स्थित होने के कारण इसे सोनार किला या सुनहरा किला भी कहते हैं। इस किला को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर की रूप में शामिल किया गया है। 

जैसलमेर का किलें तक जाने के लिए हम लोग ने भी आटों बुक किया था।  यह किला बहुत बड़ा है और यह दुनिया का पहला लिबिंग फोर्ट है, मतलब आज भी इस किलें में लोग रहते हैं। यह किला बहुत बड़ा है, तो आप इस किलें में जाते है तो आपको एक गाइड जरूर लेकर जाए। आपको किलें के प्रवेश द्वार ही में आपको बहुत सारे गाइड मिल जाते है, जो 100 रू में आपको उपलब्ध हो जाते है। हम लोगों ने गाइड नहीं लिया था, जिससे किलें के बहुत सारी जगह के बारें में हमें जानकारी नहीं मिली। बस हम लोगों ने किलें के अंदर  के कुछ दर्शनीय स्थल ही घूम पायें। इसलिए मैं आपको सलाह देती हूं कि आप जैसलमेर का किलें जाए, तो गाइड लेकर जरूर जाए। गाइड आपको यहां की महत्वपूर्ण जगह के बारे में अच्छे से जानकारी दे पाएगा।

जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर का किला 

जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर का किला 

जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर किले का प्रवेश द्वार 


जैसलमेर का किलें में हम लोगों ने तीन जगह घूमा थे। आप जैसे ही किले में प्रवेश करते हैं। आपको यहां पर पहले बहुत सारी दुकानें देखने मिलती हैं। यह पर आपकों किलें की उची उची दीवारें भी देखने मिलती है। इन दुकानों में आपको ऊंट के चमड़े  की सामान की दुकानें मिलती है, मगर इन सामान के प्राइस बहुत ज्यादा हाई रहते है। इसके अलावा यहां पर आपको राजस्थानी पगड़ी मिल जाएंगी और राजस्थानी ड्रेस मिल जाएंगी। आप इन सब दुकानों को देखते हुए जैसलमेर का किलें में प्रवेश करते है। आपको किले का एक विशाल प्रवेश द्वार देखने मिलेगा और जहां पर छोटे छोटे मंदिर बने हुए हैं। इस किलें में हम लोग पैदल आये थे। मगर आप चाहे तो बाइक से इस किलें के अंदर तक जा सकते है। 

जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर किले का रानी महल 


जैसलमेर का किलें का पहला आकर्षण है रानी महल रानी महल जैसलमेर का किलें के अंदर स्थित है। यह महल बहुत खूबसूरत है। इस महल के चारों तरफ बहुत सारी दुकानें है। कहा जाता है कि राजा रानी रहा करते थे। रानी महल का इतिहास के बारें में हमे जानकारी नहीं है। मगर महल बहुत सुंदर है। आपको यह महल देख कर बहुत अच्छा लगेगा।

इस महल को देखकर आप आगे बढ़ते हैं, तो महल के बाजू से एक संकरा रास्ता गया है। आपको इस रास्तें में आगे बढना है। आप आगे बढ़ते हैं, तो आपको एक खूबसूरत बालकनी देखने मिलती है, जिसकी फोटो खींचने पर 10 रू चार्ज किया जाता है। मगर यह बालकनी बहुत खूबसूरत है। मगर हम पैसे देकर फोटो खींचने में कोई रूचि नहीं थी। आप इस रोड से आगे बढते है, तो आपको यहां पर एक तोप देखने मिलती है, जो पुराने समय की लोहे की एक मजबूत तोप है। यह तोप ऊंचे शिखर पर रखी हुई है और इस जगह से पूरी सिटी का व्यू देखने मिलता है। इस तोप के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है। 

जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर किले की तोप  

जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

 जैसलमेर किले से पूरे शहर का दृश्य  


जैसलमेर का किलें में अभी भी इंसान रहते हैं और इस महल में घूमने के लिए आपको तंग गलियों से गुजरना पड़ता है। यहां पर जो सड़कें हैं, वह बहुत ही संकरी हैं और अगर यहां पर आप बीच में फंस जाते है, तो आपको इंतजार करना होता है। हम लोगों के साथ भी ऐसा हीं हुआ था। यह पर हम लोगों के रास्तें में एक गाय कुछ खा रहीं थीं। हम लोग उस जगह से निकल नहीं पाए और हम लोगों को 5 से 10 मिनट का इंतजार करना पडा गया था। 

जैसलमेर का किलें के अंदर ही आपको खाने पीने की वस्तुएं मिल जाती है। इसके अलावा यह पर कपडें भी आपको मिल जाते है। यह पर कपडें और घर को सजाने वालें समान की बहुत सारी दुकानें है। आपको कहीं कहीं पर आपको सुंदर कंगन भी मिलते है। 

जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर किले का जैन मंदिर 


जैसलमेर किले में एक और आकर्षण है जैन मंदिर। जैन मंदिर जैसलमेर किले के अंदर स्थित है। यह बहुत ही खूबसूरत मंदिर है। मंदिर में पत्थर की नक्काशी बहुत ही खूबसूरत है। 

आपको इस किलें में बहुत सारे होटल्स भी मिलेगें। जिनमें जाकर आप इस किलें के शिखर से पूरी सिटी का व्यू देख सकते है और बहुत अच्छा भी रहता है, यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा।

इस तरह हम लोगों की जैसलमेर किले की यात्रा रही और हम लोगों को यह सफर बहुत यादगार रहेगा।

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Lamheta Ghat Jabalpur

Lamheta Ghat Jabalpur
लम्हेटाघाट जबलपुर 

लम्हेटाघाट नर्मदा नदी का शांत और खूबसूरत घाट

Lamheta Ghat Jabalpur

लम्हेटाघाट 

लम्हेटाघाट जबलपुर (Lamheta ghat Jabalpur) में स्थित एक खूबसूरत घाट है। लम्हेटाघाट जबलपुर (Lamheta ghat Jabalpurशहर का खूबसूरत पर्यटन स्थल है। यह घाट नर्मदा नदी पर बना हुआ है। यह घाट ज्यादा बड़ा नहीं है, मगर आप यहां पर आकर बहुत सारी जगहों के दर्शन कर सकते है। यह पर आपको नर्मदा नदी के घाट के अलावा ऐतिहासिक जगह भी देखने मिल जाती है। लम्हेटाघाट के आसपास में बहुत सारी ऐतिहासिक जगह है, जहां पर जाकर आपको अपने इतिहास के बारे में जानकारी मिल सकती है। मगर मेरे हिसाब से यहां के कुछ ऐतिहासिक स्थलों की हालात बहुत ही बेकार है। 

लम्हेटाघाट (Lamheta ghatमें आप आकर अपना अच्छा टाइम बिता सकते हैं और यहां पर ज्यादा लोग नहीं रहते हैं, जो लोग यहां पर रहते है। वहां यह के स्थानीय लोग ही रहते है। यहां पर बहुत से लोग इस घाट पर घूमने के लिए आते है। वहां भी आपको देखने मिलेगें, मगर यहा पर पर्यटक की संख्या कम रहती है।  

लम्हेटाघाट जबलपुर (Lamheta ghat Jabalpurमें स्थित है और यह भेड़ाघाट वाली रोड में स्थित है। इस जगह पहुंचने के लिए आपको सगड़ा रोड से आना पड़ता है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर आप मेट्रो बस से भी आ सकते हैं। मेट्रो बस आपको लम्हेटाघाट (Lamheta ghatसे कुछ दूरी पर मेन रोड पर उतार देती है। मेन रोड से आपको करीब 1 किलोमीटर चलना पड़ता है, और आप इस जगह पर पहुंच सकते हैं। आप लम्हेटाघाट (Lamheta ghat) में आटों से भी आ सकते है और यहां पर आप आसानी से पहुंच सकते हैं।

आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। इस जगह पर आने के लिए अच्छे रोड है। आप जब भी भेड़ाघाट  जाते हैं, तो आप इस जगह भी आकर आपका अच्छा समय बिता सकते है। सगड़ा रोड पर आपको एक चैराहा मिलता है, जहां पर बोर्ड भी लगा रहता है और वहां से लम्हेटाघाट (Lamheta ghat) जाने के लिए डायरेक्शन दिया रहता है, तो आप इसको फाॅलो करके लम्हेटाघाट (Lamheta ghatपहुॅच सकते है। आपकी गाडी डायरेक्ट घाट तक पहुॅच जाती है।

Lamheta Ghat Jabalpur

लम्हेटाघाट 

लम्हेटाघाट (Lamheta ghatनर्मदा नदी के किनारे स्थित बहुत सुंदर एवं शांत घाट हैं। यहां पर आधिकतर लोग जो भी आते है। वहां इस पवित्र नदी में स्नान जरूर करते है। यहां पर महिलाओं के लिए चेजिंग रूम बना है, जहां पर महिलाओं नहाकर कपडे चेंज कर सकते है। यहां पर आपको नर्मदा नदी जी का बहुत ही खूबसूरत व्यू देखने मिलेगा। यहां पर आपको बैठने के लिए बहुत अच्छी व्यवस्था है। यहां पर पानी ज्यादा गहरा नहीं है। आप यहां पर जाकर बहुत अच्छा टाइम बिता सकते हैं। यहां पर आपको बहुत सारी जगह देखने मिल जाएगी। 

लम्हेटाघाट (Lamheta ghatपर एक पुराना मंदिर है, जिसे राधे कृष्ण जी का मंदिर (Radhe Krishna ji temple) कहा जाता है। यह मंदिर बहुत पुराना है और इन मंदिर के बारे में सरकार ध्यान नहीं दे रही है और यह मंदिर बर्बाद होते जा रहे है। मंदिर पूरी तरह से नष्ट होने की कगार में आ गया है और नष्ट हो भी रहा है। हम लोग इस मंदिर के अंदर गए थे और यह मंदिर बहुत खराब हालत में था। हम लोग को इस मंदिर में जाने में बहुत डर लग रहा था। हम लोग को लग रहा था, कहीं इस मंदिर की छत गिर ना जाए क्योंकि यहां पर जो मंदिर है, वह बहुत पुराना है। यह पूरा मंदिर पत्थरों का बना हुआ है। अगर आप इस मंदिर का वीडियो देखना चाहे, तो मेरे चैनल में जाकर देख सकते है। इसके अलावा मंदिर में आपको यहां पर बहुत सारे कमरे बने हुए थे। यहां पर एक मंदिर है, जहां पर शिवलिंग रखने की जगह थी। मगर शिवलिंग यहां पर नहीं थे। शिवलिंग गायब हो चुका है। यह बहुत ज्यादा पुराना मंदिर है, अगर आपको यहां पर जाने का मौका मिलें तो आप इस जगह पर जरूर जाना।

Lamheta Ghat Jabalpur

राधे कृष्ण जी का मंदिर  

Lamheta Ghat Jabalpur

राधे कृष्ण जी का मंदिर  

लम्हेटाघाट (Lamheta ghat) में एक हनुमान मंदिर भी है, जो बहुत प्राचीन है और हनुमान मंदिर के सामने ही शिव शंकर जी का मंदिर है। यह मंदिर भी पूरी तरह से पत्थर का बना हुआ है। इस मंदिर में खूबसूरत नक्काशी की गई है। आप इस मंदिर पर आकर इसकी खूबसूरती देख सकते हैं। यह ज्यादा बडा मंदिर नहीं है, मगर यह मंदिर सुंदर है। 

लम्हेटाघाट (Lamheta ghatमें मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के उत्सव में या नर्मदा जयंती में बहुत ज्यादा भीड़ लगती है। इस दिन माना जाता है कि नदियों में नहाना शुभ माना जाता है, तो बहुत सारे लोग नर्मदा नदी में स्नान करने के लिए दूर-दूर से आते हैं। जो लोग दूर से आते हैं। वह नर्मदा नदी के किनारे ही रहने लगते हैं। यहां पर मकर संक्रांति में बहुत सारी दुकानें भी लगती हैं। यह पर बहुत भव्य मेले का आयोजन होता है। नर्मदा नदी के किनारे मे बहुत सारे लोग रहने लगते हैं मकर संक्रांति के उस समय। यहां पर बहुत अच्छा माहौल रहता है, बहुत सारे लोग रहते हैं, बहुत सारी दुकानें रहती है, जो बहुत अच्छा लगता है देखने में। यहां पर मकर संक्रांति में बहुत भीड़ होती है, जिससे नर्मदा जी के आजू-बाजू के घाटों में बहुत गंदगी भी होती है। अगर आप किसी भी नदी में जाते हैं, तो गंदगी ना करें। नदी को साफ रखें और अपना फर्ज निभा निभाए।

हम लोगों को इस घाट में जाकर बहुत ही अच्छा लगा था। घाट में और भी बहुत सारी जगह है, जो बहुत प्राचीन है। यहां पर प्राचीन समय की बहुत सारे मंदिर आपको देखने मिल जाते हैं, तो अगर आप इस जगह को एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो आपको यहां पर बहुत सारे नई नई जगह देखने मिल जाएंगी। यहां पर हम लोगों ने लम्हेटा घाट के राधा कृष्ण मंदिर और हनुमान जी के मंदिर ही विजिट किया था। आप यहां पर घुघरा वाटरफॉल (Ghaghra Waterfall) भी जा सकते हैं और परमहंसी आश्रम (Paramhansi Ashram) भी जा सकते हैं।

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Bahoriband-Kankali Devi Temple Tigawa (कंकाली देवी मंदिर )

Kankali Devi Temple 

कंकाली देवी मंदिर 


कंकाली देवी मंदिर बहोरीबंद (Kankali Devi Temple) के पास के एक गांव में स्थित है। इस गांव में कंकाली देवी मंदिर (Kankali Devi Temple) के अलावा एक मंदिर और भी स्थित है। यह एक पुरातात्विक स्थल है और यहां पर आपको बहुत ढेर सारे खूबसूरत नक्काशी भरे पत्थर पर उकेरी गई कई कलाकृतियां देखने मिल जाएगी। यह एक बहुत प्राचीन स्थल है और आप इस जगह पर बहुत आसानी से आ सकते हैं। यह बहुत ही प्राचीन मंदिर है। 

Bahoriband-Kankali Devi Temple Tigawa (कंकाली देवी मंदिर )

कंकाली देवी मंदिर 

कंकाली देवी मंदिर (Kankali Devi Templeकटनी जिले में स्थित है। यह कटनी जिले के बहोरीबंद तहसील (Bahoriband Tehsilके पास स्थित है। आप इस मंदिर पर अपनी गाड़ी से आसानी से आ सकते हैं। इस मंदिर तक कोई भी टैक्सी या बस वगैरह नहीं चलती है। आपको अपनी गाड़ी से ही आना होगा। इस मंदिर तक आने के लिए आपको अच्छी सड़क मिल जाती है, या बहोरीबंद तहसील (Bahoriband Tehsil) से जो कटनी जिले की तहसील है वहां से 3 या 4 किलोमीटर दूर होगा, तो आप यहां पर अपनी गाड़ी से आसानी से आ सकते हैं।

Bahoriband-Kankali Devi Temple Tigawa (कंकाली देवी मंदिर )

तिगवा में स्थापित पत्थर के शिवलिंग 

आपको यहां पर आकर बहुत ही सुंदर कंकाली देवी का मंदिर (Kankali Devi Temple) देखने को मिलता है, जो करीब 1000 साल पुरानी है। यह मंदिर सपाट छत वाला है। मंदिर के सामने छोटा सा आंगन बना हुआ है, जो जिसके बीच में एक हवन कुंड बना हुआ है। मंदिर के बाजू में ही एक बोर्ड लगा हुआ है, जिसमें मंदिर के बारे में जानकारी दी गई है। इस मंदिर में आपको खूबसूरत पत्थर पर की गई  नक्काशी देखने मिलती है। मंदिर पर खंभे बने हुए हैं, दो खंभे बने हुए हैं। जिस पर आपको खूबसूरत फूलों की आकृतियां देखने मिलती है। जिसको पत्थर पर उकेरकर बनाया गया है। मंदिर की दीवारों पर आपको भगवान विष्णु की खूबसूरत प्रतिमा देखने मिलेगी जिसको पत्थर पर उकेरकर कर बनाया गया है, जो बहुत खूबसूरत लगती है। इसके अलावा यहां पर भगवान पार्श्वनाथ की भी प्रतिमा आपको देखने मिलती है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है और मंदिर की जो छत है। वह सपाट है, मतलब किसी भी तरह का यहां पर गुंबद नहीं बना हुआ है। यह जो पूरा मंदिर है, यह पूरा मंदिर पत्थर से बना हुआ है और मंदिर के अंदर गर्भ गृह में कंकाली माता की प्रतिमा स्थित है। जिनके दर्शन आप कर सकते हैं। यहां पर वैसे तो जब हम लोग गए थे, तो ताला लगा था मगर किसी खास अवसर पर यह मंदिर खोला जाता है, और आप भगवान जी के दर्शन कर सकते है। आप माता जी के दर्शन कर सकते हैं। 

वहां पर कंकाली देवी की मंदिर (Kankali Devi Temple) के अलावा और भी बहुत सारी मूर्तियां है, जो आप देख सकते हैं। यहां पर जितने भी मूर्तियां हैं। वह सारी मूर्तियां पत्थर की बनी हुई है। यहां पर आपको एक वॉचमैन भी है, जो इस मंदिर की देखरेख करता है। यह एक ऐतिहासिक धरोहर है। 

Bahoriband-Kankali Devi Temple Tigawa (कंकाली देवी मंदिर )

 पत्थर की खूबसूरत कलाकृति 

इस जगह पर बहुत कम लोग आते हैं। इस जगह को देखने के लिए क्योंकि इस जगह की जानकारी काफी लोगों को नहीं है। मगर यह जगह खूबसूरत है। 

यहां पर चारों तरफ पत्थर की बहुत सारी अलग-अलग प्रकार की कलाकृतियां मौजूद है, जिन्हें आप देख सकते हैं। इस जगह पर कंकाली देवी जी के मंदिर (Kankali Devi Temple) के अलावा भी एक अन्य मंदिर स्थित है, जो शायद दुर्गा जी को समार्पित है।  यहां पर विशेषकर यहां के गांव वाले आते हैं। कंकाली देवी जी (Kankali Devi jiकी पूजा करने के लिए। 

Bahoriband-Kankali Devi Temple Tigawa (कंकाली देवी मंदिर )

दुर्गा माता का मंदिर 

यहां पर आप भगवान शिव जी के बहुत से शिवलिंग देख सकते हैं, जो पुराने समय के है। ये शिवलिंग पत्थर पर बना हुआ है। हम ने यहां पर तीन या चार शिवलिंग देखें थे। 

यह जो जगह है, वह तिगमा (Tigawa) नाम से प्रसिद्ध है। यहां जगह छोटा से एरिया में ही फैली हुई है और यह जगह चारों तरफ से बाउंड्री वॉल से घिरा हुआ है।  यहां पर आपको किसी भी तरह की एंट्री फी नहीं लगती है अंदर आने के लिए। यहां पर आकर घूम सकते हैं। यहां पर मंदिर भी है। यहां पर दुर्गा जी का जो मंदिर है। वहां पर पूजा होती रहती है और लोग यहां पर आकर भंडारे करते रहते हैं। हम लोग जब इस जगह पर आए थे। तब यहां पर पूजा हो रही थी और भंडारा बनाया जा रहा था। 

हम लोग इस जगह पर घूमने के लिए अपनी स्कूटी से आए थे। हम लोग पहले रूपनाथ मंदिर घूमे थे। उसके बाद हम लोग तिगमा (Tigawa) के कंकाली देवी मंदिर आए थे। यह जगह रूपनाथ धाम करीब 10 या 12 किलोमीटर दूर होगा। आप रूपनाथ धाम से इस जगह में आराम से जा सकते हैं।

यहां पर हम लोगों को काफी अच्छा लगा और यहां पर ज्यादा भीड़ भाड़ नहीं रहती है। यहां पर गांव वाले ही लोग रहते है, तो आप यहां पर अपनी फैमिली के साथ आ सकते हैं और अपने दोस्तों के साथ भी आ सकते हैं। अगर आप  पुरानी चीजें देखने के शौकीन हैं, तो आप यहां पर जरूर आकर देख सकते हैं। यहां पर आपको मंदिर के बाजू में ही एक तालाब है। 

हमें इस जगह आ कर बहुत अच्छा लगा। हम इस जगह दो बार आ चुके हैं और यहां पर काफी अच्छा और शांत माहौल रहता है। आप भी यहां आ सकते हैं और अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आने के लिए अच्छी सड़कें हैं, तो आप अपनी गाड़ी से आसानी से आ सकते हैं। 

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