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साबरकांठा (हिम्मतनगर) जिले के पर्यटन स्थल - Sabarkantha (Himmatnagar) Tourist Places

साबरकांठा (हिम्मतनगर) जिले के दर्शनीय स्थल - Places to visit in Sabarkantha (Himmatnagar) / साबरकांठा (हिम्मतनगर) जिले के आसपास घूमने वाली प्रमुख जगह


साबरकांठा गुजरात राज्य का एक मुख्य जिला है। साबरकांठा गुजरात की राजधानी गांधीनगर से करीब 90 किलोमीटर दूर है। साबरकांठा की मुख्य नदी साबरमती है। साबरकांठा की हिम्मतनगर तहसील से हाथमती नदी बहती है। साबरकांठा में और भी बहुत सारी नदियां हैं, जो इस जिले से बहती है। यहां पर मेशवो, वात्रक, मजूम, हरनव, आदि प्रमुख नदियां है। साबरकांठा गुजरात राज्य में, गुजरात और राजस्थान की सीमा पर स्थित है। साबरकांठा जिले में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है। चलिए जानते हैं - साबरकांठा में कौन-कौन सी जगह घूमने लायक है। 


साबरकांठा (हिम्मतनगर) में घूमने वाली जगह - Sabarkantha (Himmatnagar) mein ghumne ki jagah


बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर साबरकांठा - BAPS Swaminarayan Mandir Sabarkantha

बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर साबरकांठा का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मंदिर स्वामीनारायण भगवान को समर्पित है। यह मंदिर साबरकांठा जिले में हिम्मतनगर में स्थित है। यह मंदिर बहुत बड़ा और बहुत ही भव्य है। मंदिर की दीवारों और छतों में बहुत सुंदर नक्काशी देखने के लिए मिलती है। मंदिर में बहुत सारे भगवान के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको श्री राधा कृष्ण जी, श्री राम, सीता, और हनुमान जी, श्री स्वामीनारायण भगवान जी, घनश्याम स्वामी जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। 

मंदिर के बाहर बहुत बड़ा गार्डन बना हुआ है, जो बहुत सुंदर है और हरियाली से भरा हुआ है। मंदिर में पार्किंग की बहुत बड़ी जगह है। यहां पर लाइब्रेरी भी है, जहां पर आप किताबें पढ़ सकते हैं। यहां पर आपको कैंटीन मिल जाते हैं, जहां पर आप को सात्विक खाना मिलता है। यह मंदिर मुख्य सड़क पर बना है। इसलिए आप इस मंदिर में आसानी से पहुंच सकते हैं। 


महाकाली मंदिर साबरकांठा - Mahakali Temple Sabarkantha

महाकाली मंदिर साबरकांठा का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर साबरकांठा जिले में हिम्मत नगर में स्थित है। यह मंदिर हिम्मतनगर इदर हाईवे सड़क पर स्थित है। इस मंदिर को मिनी पावागढ़ के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर महाकाली जी को समर्पित है। मंदिर के गर्भ गृह में महाकाली जी की बहुत सुंदर प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। मंदिर में आपको बहुत सारे देवी देवताओं की प्रतिमा देखने के लिए मिल जाती है। यहां पर आपको शंकर जी, भैरव भगवान जी, ब्रह्मा जी और भी बहुत सारी प्रतिमाएं देखने के लिए मिलती है। 

यहां पर आपको बहुत सारे स्टेचू भी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको मछली, नाग देवता और भी बहुत सारे स्टेचू देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको साईं बाबा जी का मंदिर भी देखने के लिए मिल जाता है। यहां पर चट्टान में गुफा बनाई गई है, जो बहुत सुंदर है। यहां पर हनुमान जी की बहुत बड़ी प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां का वातावरण प्राकृतिक है और यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। आप यहां पर आ कर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। 


पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क साबरकांठा - Pandit Deendayal Upadhyay Park Sabarkantha

पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क साबरकांठा का एक मुख्य पार्क  है। यह पार्क साबरकांठा जिले में हिम्मतनगर में स्थित है। यह पार्क मुख्य शहर के बीच में स्थित है। इस पार्क में प्रवेश के लिए शुल्क लगता है। यहां पर एक व्यक्ति का 10 रुपए लिया जाता है। पार्क में चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको हरे भरे पेड़ पौधे देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर सुबह के समय बहुत सारे लोग घूमने के लिए आते हैं। आप भी यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह साबरकांठा का सबसे बड़ा पार्क है। पार्क के पास हाथमाता नदी बहती है, जिसका दृश्य भी आप देख सकते हैं। 


कंटालेश्वर हनुमान जी मंदिर साबरकांठा - Kantaleshwar Hanuman Ji Temple Sabarkantha

कंटालेश्वर हनुमान जी मंदिर साबरकांठा में घूमने वाली एक मुख्य जगह है। यह एक धार्मिक स्थल है। यह हनुमान जी का प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर साबरकांठा जिले में हिम्मतनगर तहसील में बेर्ना गांव के पास स्थित है। यह मंदिर चारों तरफ से प्राकृतिक वातावरण से घिरा हुआ है। यहां पर आपको बहुत सारे देवी देवताओं की बहुत बड़ी बड़ी प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको शिव भगवान जी की बहुत बड़ी प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। शिव भगवान जी की प्रतिमा के ऊपर छोटे-छोटे शिवलिंग विराजमान हैं। यहां पर 1000 शिवलिंग विराजमान है। शिव भगवान जी की प्रतिमा को सहस्त्र लिंग शिव प्रतिमा के नाम से जाना जाता है। यहां पर विश्वकर्मा जी की भी एक बहुत बड़ी प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर गायत्री माता जी की भी प्रतिमा विराजमान है, जो बहुत बड़ी है। 

हनुमान जी का मंदिर पहाड़ी पर स्थित है। हनुमान जी के मंदिर में मुख्य गर्भ गृह में आपको हनुमान जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। हनुमान जी की प्रतिमा यहां पर थोड़ी सी लेटी हुई अवस्था में है। यहां पर हनुमान जी की और भी बहुत सारी प्रतिमाएं देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको बहुत सारे बंदर देखने के लिए मिल जाते हैं। इसके अलावा यहां पर बहुत सारे पालतू पशु भी रखे गए हैं। यहां पर आपको खरगोश, बदक, शुतुरमुर्ग, चूहे देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर बच्चों के लिए एक बहुत बड़ी स्लाइड देखने के लिए मिलती है, जिसमें बच्चे लोग मजा कर सकते हैं। यहां पर आपको विष्णु भगवान जी का मंदिर भी देखने के लिए मिलता है, जिसे वैकुंठधाम कहते हैं। इस मंदिर का आकार कमल के फूल के समान है और बहुत सुंदर लगता है। आप इस मंदिर में आकर घूम सकते हैं। आपको बहुत अच्छा लगेगा और शांति मिलेगी। यह मंदिर साबरकांठा का पिकनिक स्पॉट है। 


चोटीला महादेव मंदिर साबरकांठा - Chotila Mahadev Temple Sabarkantha

चोटिला महादेव मंदिर साबरकांठा का एक मुख्य धार्मिक स्थल है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यह मंदिर ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। मंदिर तक जाने के लिए सीढ़ियां है। यह मंदिर बहुत अच्छी लोकेशन में बना हुआ है। यहां पर आकर शिव भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं और चारों तरफ का सुंदर वातावरण देखने के लिए मिलता है। यहां पर बहुत सारे बंदर भी हैं। यहां पर महाशिवरात्रि और सावन सोमवार के समय बहुत ज्यादा भीड़ लगती है। यह मंदिर साबरकांठा में हिम्मतनगर तहसील में स्थित है। 


गुहाई जलाशय साबरकांठा - Guhai Reservoir Sabarkantha

गुहाई जलाशय साबरकांठा का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह जलाशय साबरकांठा में हिम्मत नगर में स्थित है। यह जलाशय हिम्मतनगर से करीब 32 किलोमीटर दूर है। यह जलाशय हाथमाता नदी पर बना हुआ है। यह जलाशय बहुत खूबसूरत है। यह चारों तरफ से पहाड़ों से घिरा हुआ है। यहां पर आकर आप जलाशय का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। यहां पर आप बरसात के समय आकर घूम सकते हैं, क्योंकि बरसात के समय बांध का दृश्य और जबरदस्त हो जाता है। 


महाकाली मंदिर साबरकांठा - Mahakali Temple Sabarkantha

महाकाली मंदिर साबरकांठा का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर गुहाई जलाशय के पास स्थित है। यह मंदिर ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यहां पर पहाड़ी पर गुफा है। गुफा के अंदर काली माता की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर बहुत ही सुंदर है। मंदिर तक जाने के लिए सीढ़ियां हैं। यहां पर बड़ी-बड़ी चट्टानें देखने के लिए मिलती है। यहां से आपको चारों तरफ का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको गुहाई जलाशय का भी दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर सूर्यास्त का दृश्य देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही जबरदस्त रहता है। आप यहां घूमने के लिए आ सकते हैं। नवरात्रि में यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। 

महाकाली मंदिर के पास ही में, मंदिर की तलहटी में आपको जैन मंदिर भी देखने के लिए मिलता है। जैन मंदिर प्राचीन है और यह मंदिर यहां पर खंडहर अवस्था में हैं। यह मंदिर बहुत अच्छी कंडीशन में है और बहुत खूबसूरत है। इन मंदिरों की दीवारों में बहुत ही जबरदस्त कारीगरी की गई है। आप अगर काली माता के मंदिर घूमने के लिए आते हैं, तो जैन मंदिरों में भी आकर घूम सकते हैं। आप यह मंदिर बरसात के समय घूमने के लिए आ सकते हैं। बरसात में मंदिर का नजारा बहुत ही जबरदस्त रहता है। 


धरोई बांध साबरकांठा - Dharoi Dam Sabarkantha

धरोई बांध साबरकांठा के पास घूमने वाली जगह है। यह बांध साबरमती नदी पर बना हुआ है। यह बांध साबरकांठा जिले में इदर के पास में स्थित है। यह बांध बहुत विशाल एरिया में फैला हुआ है। बांध के चारों तरफ अरावली पर्वत श्रंखला देखने के लिए मिलती है। बांध का दृश्य बहुत ही जबरदस्त रहता है। यहां पर आप बरसात के समय घूमने के लिए आएंगे, तो आपको यहां पर चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलेगी। यह बांध बहुत खूबसूरत है। यहां पर आप आकर पिकनिक मना सकते हैं। यह बांध गुजरात और राजस्थान की सीमा पर स्थित है। यह ग्रेविटी बांध है। इस बांध का निर्माण 1978 में किया गया था। यह बांध इरीगेशन के लिए बनाया गया है। यहां पर बिजली उत्पादन भी किया जाता है। 

धरोई बांध का दृश्य बरसात के समय सबसे सुंदर दिखाई देता है। यहां पर बरसात के समय धरोई बांध के गेट खोले जाते हैं, जिसका दृश्य लाजवाब रहता है। आप यहां पर आकर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। 


आशापुरा माताजी मंदिर साबरकांठा - Ashapura Mataji Temple Sabarkantha

आशापुरा माताजी मंदिर साबरकांठा का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर आशापुरी माताजी को समर्पित है। आशापुरा माताजी सभी भक्तों की इच्छाओं को पूरा करती है। यह मंदिर ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यह मंदिर हथरवा गांव में बना हुआ है। यह मंदिर साबरकांठा जिले के वडाली तहसील के हथरवा में स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। यहां पर चारों तरफ प्राकृतिक दृश्य देखने के लिए मिलता है। 


पावापुरी तीर्थ साबरकांठा - Pawapuri Tirtha Sabarkantha

पावापुरी तीर्थ साबरकांठा का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह एक जैन मंदिर है। यह मंदिर साबरकांठा जिले में इदर में स्थित है। यह मंदिर रानी तालाब के बीच में बना हुआ है। यह मंदिर बहुत सुंदर है। पूरा मंदिर सफेद कलर का है और मंदिर में जाने के लिए पुल बना हुआ है। यह मंदिर महावीर स्वामी जी को समर्पित है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर आपको महावीर स्वामी जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। इस मंदिर का मैनेजमेंट बहुत अच्छी तरह से किया गया है। मंदिर के बाहर हरियाली से भरा गार्डन है। यहां पर छोटी-छोटी छतरिया भी हैं, जहां पर आप बैठ सकते हैं। 

यहां पर चारों तरफ झील का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर गार्डन भी बना हुआ है। यहां पर गौशाला भी है, जहां पर ढेर सारी गायों को रखा गया है और गौ सेवा की जाती है। यहां पर भोजनशाला भी है, जहां पर आप को स्वादिष्ट खाना खाने के लिए मिल जाता है। यह साबरकांठा की सबसे अच्छी जगहों में से एक है। यह मुख्य हाईवे सड़क पर स्थित है। आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर आने के लिए पक्की सड़क मिल जाती है। 


इदर का किला साबरकांठा - Idar Fort Sabarkantha

इदर का किला साबरकांठा का एक मुख्य ऐतिहासिक पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको एक प्राचीन किला देखने के लिए मिलता है। यह किला ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। पहाड़ी पर जाने के लिए आपको ट्रेकिंग करके जाना पड़ता है। यह किला बहुत सुंदर है। मगर इस किले का रखरखाव नहीं किया जा रहा है, जिससे यह किला धीरे-धीरे खंडहर में बदलते जा रहा है। यह किला दौलत निवास पैलेस के नाम से भी जाना जाता है। इस किले का निर्माण महाराजा दौलत सिंह जी ने 1922 में करवाया था। 

इदर का किला साबरकांठा जिले में इदर तहसील में स्थित है। इस किले से इदर शहर का बहुत सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां एक अच्छी फोटो लोकेशन भी है। यहां पर आपको बड़ी-बड़ी चट्टानें देखने के लिए मिलती है। इदर के किले से थोड़ी और ऊंचाई पर एक किला और देखने के लिए मिलता है। इस किले को रूठी रानी नो किला के नाम से जाना जाता है। यह किला बहुत सुंदर है और प्राचीन है। यहां पर बड़ी-बड़ी चट्टानें देखने के लिए मिलती हैं। यहां पर सूर्यास्त का बहुत सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। 

इदर किले के आसपास पहाड़ी में और भी बहुत सारी जगह देखने के लिए मिल जाती है। यहां पर आपको सनराइज प्वाइंट, इको प्वाइंट, नवगज पीर दरगाह, श्री शांतिनाथ भगवान जैन मंदिर, रनमल चौकी, खोखानाथ महादेव मंदिर, चामुंडा देवी मंदिर, चंद्रेश्वर मंदिर, रानी तालाब यह सभी जगह आपको देखने के लिए मिल जाती है। इदर शहर में भी आपको बहुत सारी जगह देखने के लिए मिलती है। यहां आपको स्वामीनारायण मंदिर, श्री संभावनाथ दिगंबर जैन मंदिर, पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। आप यहां पर आ कर इन सभी जगहों में घूम सकते हैं। 


श्री अंबाजी माताजी मंदिर साबरकांठा - Shri Ambaji Mataji Temple Sabarkantha

श्री अंबाजी माताजी मंदिर साबरकांठा का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर पूरे जिले में और पूरे राज्य में प्रसिद्ध है। यह मंदिर साबरकांठा जिले में खेड़ब्रह्मा में स्थित है। यह मंदिर अंबिका माता को समर्पित है। मंदिर में अंबिका माता की बहुत सुंदर प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर बहुत बड़ा है और बहुत सुंदर है। इस मंदिर में आपको और भी बहुत सारे देवी देवताओं की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको गणेश जी, हनुमान जी, काली जी, ब्रह्मा जी, सरस्वती जी, त्रिपुर सुंदरी जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यह प्रतिमाएं प्राचीन है। 

यह मंदिर बहुत अच्छी तरह से मैनेज किया जाता है। मंदिर का प्रवेश द्वार बहुत ही भव्य है। यह मंदिर 52 शक्तिपीठों में से एक है। मंदिर में नवरात्रि के समय बहुत ज्यादा भीड़ लगती है। बहुत सारे लोग यहां पर माता के दर्शन करने के लिए आते हैं। यह मंदिर मुख्य हाईवे सड़क पर स्थित है। यहां पर पार्किंग की व्यवस्था भी उपलब्ध है। मंदिर में आपको ठहरने की सुविधा मिल जाती है। यहां पर धर्मशाला बनी हुई है, जहां पर आप ठहर सकते हैं। यहां पर भोजनशाला भी है, जहां पर आपको शुद्ध सात्विक खाना मिल जाता है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है और मन को शांति मिलती है। यह मंदिर यहां के राजा, महाराजा हिम्मत सिंह जी के द्वारा बनाया गया था। वह इदर स्टेट के शासक थे। यहां पर पूरे चंद्रमा के दिन मेला लगता है। यहां पर कार्तिक पूर्णिमा, भादो पूर्णिमा के दिन मेला लगता है। मेला बहुत विशाल रहता है। इस मेले में दूर-दूर से लोग आते हैं। आप भी यहां पर माता के दर्शन करने के लिए आ सकते हैं। यह मंदिर साबरकांठा में देखने लायक एक मुख्य जगह है। 

चामुंडा माता मंदिर साबरकांठा - Chamunda Mata Temple Sabarkantha

चामुंडा माता मंदिर साबरकांठा जिले में घूमने वाली एक मुख्य जगह है। यह मंदिर साबरकांठा जिले में खेडब्रह्मा के पास वरतोल गांव में स्थित है। इस मंदिर के पास में आपको एक विशाल झील देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर चामुंडा माता को समर्पित है। मंदिर में चामुंडा माता की बहुत ही सुंदर प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको शिव मंदिर भी देखने के लिए मिलता है। शिव मंदिर में शिव जी का बहुत बड़ा शिवलिंग विराजमान है। यहां आकर बहुत अच्छा लगता है। शिव भगवान जी के मंदिर का मंडप का ऊपर का छत बहुत ही सुंदर है। यह कांच से सजाया गया है और बहुत ही आकर्षक लगता है। यहां का वातावरण प्राकृतिक है। आप यहां पर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। 


हरनाव बांध साबरकांठा - Harnav Dam Sabarkantha

हरनाव बांध साबरकांठा का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह बांध हरनाव नदी पर बना हुआ है। इस बांध को वनज बांध के नाम से भी जाना जाता है। यह बांध मुख्य रूप से सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण के लिए बनाया गया है। इस बांध का दृश्य बहुत ही आकर्षक रहता है। यह बांध पोलो जंगल के अंदर स्थित है। यहां पर आपको चारों तरफ प्राकृतिक दृश्य देखने के लिए मिल जाता है। यहां पर आपको बहुत सारी चिड़िया भी देखने के लिए मिलती है, जो बहुत सुंदर लगती है। इस बांध का दृश्य भी जबरदस्त रहता है। बरसात के समय यहां आकर घूमना बहुत अच्छा लगता है। आप यहां पर आकर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यह साबरकांठा का एक मुख्य पिकनिक स्पॉट है। 


शरणेश्वर शिव मंदिर साबरकांठा - Sharaneshwar Shiva Temple Sabarkantha

सारणेश्वर शिव मंदिर साबरकांठा का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह एक प्राचीन मंदिर है। यह एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर साबरकांठा जिले में विजयनगर तहसील में पोलो जंगल के अंदर स्थित है। यह जंगल गुजरात और राजस्थान की सीमा पर स्थित है। यहां पर जंगल के बीच में, यह मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर बहुत ही सुंदर है। मंदिर की दीवारों में आपको बहुत सुंदर सुंदर कारीगरी देखने के लिए मिलती है। मंदिर की दीवारों में आपको प्राचीन समय के जीवन शैली, पौराणिक घटनाएं, हाथी, घोड़े की सुंदर कारीगरी देखने के लिए मिलती है। 

मंदिर परिसर में बहुत सारी मूर्तियां इधर-उधर बिखरी भी पड़ी हुई हैं। इस मंदिर में मुगल शासकों ने अटैक किया था और इसे खंडित भी किया था। मगर पूरा मंदिर खंडित नहीं कर पाए। आप यहां घूमने के लिए आ सकते हैं और मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। यह मंदिर 2 मंजिला है। मंदिर के मुख्य गर्भ गृह में शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर हनुमान जी की प्रतिमा भी देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको एक बावड़ी भी देखने के लिए मिलती है, जो बहुत सुंदर लगती है। यहां पर चारों तरफ जंगल का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलते हैं। पहाड़ देखने के लिए मिलते हैं। आप यहां पर आकर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यह साबरकांठा में घूमने लायक एक मुख्य जगह है। 


पोलो फॉरेस्ट साबरकांठा - Polo Forest Sabarkantha

पोलो फॉरेस्ट साबरकांठा में घूमने के लिए एक मुख्य जगह है। यह जंगल साबरकांठा जिले में विजयनगर तहसील में स्थित है। यह जंगल गुजरात और राजस्थान की सीमा पर स्थित है। यहां पर आपको पहाड़, जंगल, नदी, बांध का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको विभिन्न प्रकार के पेड़ पौधे और जंगली जानवर भी देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर आपको पक्षियों की भी प्रजातियां देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको जंगली भालू, चीता, पैंथर, हायना, जंगली बिल्ली, उड़ने वाली गिलहरी, सिवेट जैसे जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। आप यहां पर आकर ट्रैकिंग का भी मजा ले सकते हैं। यहां पर बरसात के समय आपको झरने भी देखने के लिए मिलते हैं, जो बहुत ही जबरदस्त लगते हैं। यहां पर चेक डैम भी बना हुआ है, जिसका दृश्य शानदार रहता है। 

पोलो फॉरेस्ट आपको आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर प्राइवेट संस्थानों के द्वारा कैंप का भी अरेंजमेंट किया जाता है। जिसका आप लाभ ले सकते हैं। यहां पर कैंप में आप ठहर सकते हैं और बोनफायर का मजा ले सकते हैं। यहां पर रात्रि कैंप का अनुभव बहुत अच्छा रहता है। यहां पर आप आकर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिल जाती है। इसके अलावा आपको यहां पर प्राचीन मंदिर भी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको शरणेश्वर महादेव मंदिर, शिव शक्ति मंदिर, जैन मंदिर, दरगाह यह सभी जगह देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही सुंदर है। 


सुनसार जलप्रपात साबरकांठा - Sunsar Falls Sabarkantha

सुनसार जलप्रपात साबरकांठा का एक मुख्य जलप्रपात है। यह जलप्रपात साबरकांठा जिले में हिम्मतनगर तहसील के सुनसार गांव के पास स्थित है। यह जलप्रपात बहुत सुंदर है। इस जलप्रपात में, जलप्रपात का पानी चट्टानों से सीढ़ी नुमा तरीके से बहता है, जो बहुत ही सुंदर लगता है। यह जलप्रपात बरसात के समय देखने के लिए मिलता है। जलप्रपात के चारों ओर पहाड़ी देखने के लिए मिलती है। आप यहां पर आकर अपना अच्छा वक्त बिता सकते हैं। 


सप्तेश्वर महादेव मंदिर साबरकांठा - Sapteshwar Mahadev Temple Sabarkantha

सप्तेश्वर महादेव मंदिर साबरकांठा का एक प्रमुख धार्मिक मंदिर है। यह मंदिर साबरकांठा का प्रसिद्ध आकर्षण स्थल है। यह मंदिर साबरकांठा जिले में इदर तहसील में साबरमती नदी के किनारे बना हुआ है। यह मंदिर प्राचीन है। कहा जाता है, कि इस मंदिर में सप्त ऋषियों ने पूजा किया था और 7 शिवलिंग की स्थापना की थी। यहां पर आप 7 शिवलिंग के दर्शन कर कर सकते हैं। यहां पर एक प्राकृतिक जल धारा बहती है, जो शिवलिंग का अभिषेक करती रहती है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। 

यहां पर आपको साबरमती नदी का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर बहुत सारे लोग भगवान के दर्शन करने के लिए आते हैं और यहां पर पूजा, यज्ञ, अभिषेक करवाते हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। चारों तरफ का वातावरण प्राकृतिक है। यहां आने के लिए पक्की सड़क उपलब्ध है। यह साबरकांठा की सबसे अच्छी जगह है। 


साबरकांठा जिले के अन्य प्रसिद्ध पर्यटन स्थल - Famous Tourist Places in Sabarkantha District

कट्टी हनुमान मंदिर हिम्मतनगर साबरकांठा 
सुस्वा वॉटर पार्क हिम्मतनगर साबरकांठा
श्री वीरेश्वर महादेव मंदिर विजयनगर साबरकांठा
इंद्रसी जलाशय फतेहपुर हिम्मतनगर साबरकांठा 
भुवनेश्वरी माता मंदिर फतेहपुर गांव हिम्मतनगर साबरकांठा
धरतीमाता मंदिर राजापुर गांव विजयनगर साबरकांठा
देव दरबार रामेश्वरम आश्रम इदर साबरकांठा
उग्ररेश्वर महादेव मंदिर वडाली साबरकांठा
महाकाली मंदिर वडाली साबरकांठा
चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन तीर्थ धाम हिम्मतनगर साबरकांठा



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मैहर के दर्शनीय स्थल - Maihar tourist place in hindi | Maihar tourist places list |  मैहर शारदा देवी मंदिर मैहर में घूमने की जगह  Maihar me ghumne ki jagah मैहर का शारदा मंदिर - M aihar ka sharda mandir मैहर में सबसे प्रसिद्ध शारदा माता जी का मंदिर है। शारदा माता जी का मंदिर पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए पूरे देश से भक्तगण आते हैं। मंदिर में विशेष कर नवरात्रि के समय बहुत भीड़ रहती है। यहां पर इस टाइम पर मेला भी भरता है। वैसे मंदिर में आप साल के किसी भी समय घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर हमेशा ही मेले जैसा ही माहौल रहता है। मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर में पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर पर आप रोपवे की मदद से भी पहुंच सकते हैं। मंदिर में आपको शारदा माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के परिसर में और भी देवी देवता विराजमान हैं, जिनके आप दर्शन कर सकते हैं। मंदिर से मैहर के चारों तरफ का दृश्य आपको देखने के लिए मिलता है। खूबसूरत पहाड़ देखने के लिए मिलते हैं। आपको मंदिर आकर बहुत अच्छा लगेगा।  नीलकंठ मंदिर और आश्रम मैहर -  Neelkanth Temple

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कटनी में घूमने वाली जगह | Katni paryatan sthal | Places to visit near Katni |  कटनी जिले के पर्यटन स्थल |  कटनी जिले के दर्शनीय स्थल कटनी जिले के बारे में जानकारी Information about Katni district कटनी मध्य प्रदेश का एक जिला है। कटनी जिलें को मुडवारा के नाम से भी जाना जाता है। कटनी का संभागीय मुख्यालय जबलपुर है। 28 मई 1998 को कटनी को जिलें के रूप में घोषित किया गया है। कटनी में कटनी नदी बहती है, जो पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत है। कटनी जिलें में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन है। कटनी रेल्वे जंक्शन में 6 प्लेटफार्म है। यहां पर हमेशा भीड रहती है। कटनी की 8 तहसील कटनी शहर, कटनी ग्रामीण, रीठी, बड़वारा, बहोरीबंद, विजयराघवगढ, ढीमरखेड़ा, बरही है। कटनी जिले की सीमाएं उमरिया, जबलपुर , दमोह, पन्ना, और सतना जिले की सीमाओं को छूती हैं। कटनी जिले में बहुत सारी ऐतिहासिक और प्राकृतिक जगह है, जहां पर आप जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं।  Katni places to visit कटनी में घूमने की जगहें जागृति पार्क - Jagriti Park Katni जागृति पार्क कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है।