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जबलपुर पर्यटन स्थल - Jabalpur sightseeing | Tourist places near jabalpur

जबलपुर दर्शनीय स्थल - Jabalpur tourist spot | Best places to visit in jabalpur | Picnic spots near jabalpur | Jabalpur famous places



जबलपुर में घूमने की जगहें - Jabalpur tourist place in hindi

जबलपुर पर्यटन स्थल - Jabalpur sightseeing | Tourist places near jabalpur

बरगी बांध जबलपुर


जबलपुर पर्यटन स्थल - Jabalpur sightseeing | Tourist places near jabalpur

धुआंधार झरना जबलपुर 


जबलपुर पर्यटन स्थल - Jabalpur sightseeing | Tourist places near jabalpur

बगदरी जलप्रपात जबलपुर


जबलपुर पर्यटन स्थल - Jabalpur sightseeing | Tourist places near jabalpur

निदान जलप्रपात जबलपुर


धुआंधार जलप्रपात - Dhuandhar jalprapat

धुआंधार जलप्रपात जबलपुर शहर का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। धुआंधार जलप्रपात जबलपुर शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर भेड़ाघाट के पास स्थित है। आप इस जलप्रपात तक बस द्वारा, ऑटो द्वारा या अपने स्वयं के वाहन द्वारा पहुंच सकते हैं। यहां पर आपको नर्मदा नदी पर खूबसूरत जलप्रपात देखने के लिए मिलता है। यह जलप्रपात संगमरमर की चट्टानों से बहता है, जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। इस जलप्रपात में ऊंचाई से पानी नीचे गिरने के कारण धुआ निकलता है, इसलिए इस जलप्रपात को धुआंधार जलप्रपात कहते हैं। इस जलप्रपात के आस पास बहुत सारी जगह है, जहां पर आप घूम सकते हैं। यहां पर आप संगमरमर की वादियां देख सकते हैं। संगमरमर की वादियों के बीच से ही नर्मदा नदी बहती है। यह जगह बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर गाड़ी से पहुंच सकते हैं। गाड़ी से आपको कुछ दूरी तक पैदल चलना रहता है। आपको यहां पर दुकान भी देखने के लिए मिलती है, जहां पर आपको तरह तरह का समान मिल जाता है। यहां पर मुख्य समान आपको पत्थर का मिलता है, जो संगमरमर का होता है। यहां पर आपको संगमरमर के पत्थर के शिवलिंग देखने मिलते हैं और भी बहुत सारे सामान आपको मिल जाते हैं। यहां पर पार्किंग के पास ही में आपको बहुत सारी दुकानें देखने के लिए मिल जाती हैं। यहां पर खाने पीने के लिए भी बहुत सारे होटल हैं। यहां पर आपको वॉशरूम की सुविधा भी मिल जाती है। धुआंधार जलप्रपात के पास वॉशरूम की सुविधा नहीं है। करीब 1 से डेढ़ किलोमीटर चलने के बाद आपको धुआंधार जलप्रपात देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर रोपवे का मजा भी ले सकते हैं। रोपवे का किराया 100 रू है। 100 रू  में आप आना और जाना दोनों कर सकते हैं। रोपवे से आपको धुआंधार जलप्रपात का बहुत ही खूबसूरत नजारा देखने के लिए मिलता है।रोपवे से आप धुआंधार का व्यू देख सकते हैं। 


संगमरमर की वादियां जबलपुर - Marble rocks Jabalpur

संगमरमर की वादियां या मार्बल रॉक्स के नाम से मशहूर यह स्थान भेड़ाघाट में स्थित है। भेड़ाघाट जबलपुर से करीब 25 किलोमीटर दूर है। संगमरमर की वादियों में नर्मदा नदी संगमरमर की पहाड़ियों के बीच से बहती है और यहां का दृश्य बहुत ही खूबसूरत रहता है। यह पर संगमरमर की ऊंची ऊंची पहाड़ियां हैं, जिसके बीच से नर्मदा नदी बहती है। आप यहां पर बोटिंग का मजा ले सकते हैं। यहां पर पूर्णिमा के दिन रात के समय बोटिंग करने में बहुत मजा आता है और बहुत अच्छा लगता है। मगर अब यहां पर रात को वोटिंग करने की मनाही है।  आप दिन में ही बोटिंग का मजा ले सकते हैं। यहां पर बंदर कूदनी नाम की फेमस है। इस जगह के बारे में कहा जाता है कि यहां पर बंदर नर्मदा नदी के एक तरफ से दूसरे तरफ छलांग लगाकर पार कर जाते थे। यहां पर संगमरमर की चट्टानें इतनी करीब थी। मगर नदी के बहाव के कारण यह पर दुरी हो गई और अब यहां पर बंदर छलांग लगा नहीं सकते हैं। मगर यह जगह अभी भी फेमस है और नाविक आपको यह जगह जरूर दिखाएंगे। 


चौसठ योगिनी मंदिर जबलपुर - Chausath yogini mandir jabalpur

चौसठ योगिनी मंदिर भेड़ाघाट में स्थित एक प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर में आपको 64 मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं, जो पत्थर की बनी है और खंडित अवस्था में मौजूद है। यह मंदिर प्राचीन समय में तांत्रिक विद्याओं के लिए प्रसिद्ध था। यह मंदिर गोलाकार संरचना में बना हुआ है। गोलाकार संरचना में ही 64 मूर्तियों की स्थापना की गई है और मंदिर के बीच में आपको शंकर जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। शंकर जी का मंदिर भी पूरी तरह पत्थर से बना हुआ है। मंदिर के अंदर आपको शंकर जी की अद्भुत प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जिसमें शंकर जी और पार्वती जी विद्यमान है। मंदिर के बाहर शंकर जी का शिवलिंग आपको देखने के लिए मिलता है। इस मंदिर में खूबसूरत नक्काशी की गई है और बहुत ही भव्य लगता है। यह मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको सीढ़ियां चढ़ने पड़ती है। मंदिर के ऊपर से आपको सूर्यस्त का बहुत ही खूबसूरत नजारा देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। 


पचमठा मंदिर जबलपुर - Pachmatha mandir jabalpur

पचमठा मंदिर भेड़ाघाट में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यहां पर आपको पांच छोटे-छोटे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं, जिसमें शिव भगवान जी का शिवलिंग विराजमान है। यह मंदिर भी प्राचीन है और इस मंदिर की बनावट बहुत खूबसूरत है। आप जब भी भेड़ाघाट आते हैं, तो इस मंदिर को देख सकते हैं। यह मंदिर मुख्य भेड़ाघाट शहर में ही स्थित है। यह मंदिर चैसठ योगिनी मंदिर के बहुत करीब है और मुख्य सड़क में है, आप इसे आसानी से देख सकते हैं। 


लम्हेटा घाट जबलपुर - Lamheta ghat jabalpur

लम्हेटा घाट जबलपुर में स्थित एक बहुत ही खूबसूरत घाट है। यह घाट नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यह घाट बहुत शांत है। यहां पर ज्यादा भीड़ नहीं रहती है, तो आप यहां पर अपना समय बिताने के लिए आ सकते हैं। इस घाट के आसपास आपको बहुत सारे प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। घाट के पास ही में राधे कृष्ण जी का मंदिर है, जो बहुत ही प्राचीन है। इस मंदिर में किसी भी तरह की मूर्ति स्थापित नहीं है। यह मंदिर खंडहर हो चुका है और यहां पर आप आकर इस मंदिर की भव्यता को देख सकते हैं। मगर धीरे-धीरे यह मंदिर ध्वस्त होते जा रहा है। आपको लम्हेटा घाट में आकर बहुत अच्छा लगेगा और शांति मिलती है। आप यहां पर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आप नहाने का मजा भी ले सकते हैं। यहां पर चेंजिंग रूम भी है, जहां पर कपड़े बदलने की व्यवस्था है। यहां पर चाय की दुकानें भी आपको देखने के लिए मिल जाती है, जहां पर आप घाट के किनारे पर बैठकर चाय की चुस्कियां का मजा ले सकते हैं। आप लम्हेटा घाट से भेड़ाघाट की तरफ जाते हैं, तो आपको बहुत सारे प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलते हैं।


श्री परमहंस आश्रम लम्हेटा घाट जबलपुर - Shree Paramahamsa Ashram Lamhetaghat Jabalpur

श्री परमहंसी आश्रम लम्हेटा घाट के पास स्थित है और आप यहां पर आ सकते हैं। इस आश्रम में आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर शिव भगवान जी का मंदिर स्थित है। यहां पर राधे कृष्ण जी का मंदिर स्थित है। आश्रम का जो वातावरण है, वह शांत है और आपको शांति मिलेगी। यहां से आपको नर्मदा नदी का बहुत खूबसूरत व्यू देखने मिलेगा और यहां पर आपको प्रसाद भी खाने के लिए मिलता है, जो बहुत टेस्टी रहता है। 


घुघरा जलप्रपात जबलपुर - Ghughra waterfall jabalpur

घुघरा जलप्रपात नर्मदा नदी पर बनने वाला खूबसूरत जलप्रपात है और यह जलप्रपात लम्हेटा घाट के पास ही में स्थित है। आप इस जलप्रपात तक अपनी बाइक या कार से पहुंच सकते हैं। यह जलप्रपात मुख्य सड़क से करीब 1 से 2 किलोमीटर दूर होगा और यह जलप्रपात बहुत खूबसूरत है। यहां पर आप आते हैं, तो यहां पर किसी भी तरह की सुरक्षा की दृष्टि से कोई भी व्यवस्था नहीं है, तो आप यहां पर अपनी सुरक्षा स्वयं करें। आपको जलप्रपात में आकर बहुत अच्छा लगेगा, क्योंकि यहां पर ज्यादा भीड़ नहीं रहती है और आप यहां पर पिकनिक मना सकते हैं। अपने दोस्तों के साथ आ सकते हैं। 


तिलवारा घाट - Tilwara Ghat Jabalpur

तिलवारा घाट जबलपुर जिले में नर्मदा नदी के किनारे स्थित एक घाट है। यह घाट बहुत ही खूबसूरती से बना हुआ है। आप इस घाट में आकर घूम सकते हैं। घाट में आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर प्राचीन शनि देव जी का मंदिर है, जिसमें शनि भगवान जी की मूर्ति देखने के लिए मिलती है। यहां पर शनिवार के दिन शनि भगवान जी को तेल चढ़ाने वालों की भीड़ आपको देखने के लिए मिल जाती है। शनि भगवान जी के मंदिर के सामने ही दुर्गा जी के विसर्जन के लिए कुंड बना हुआ है। तिलवारा घाट में मकर संक्रांति के दिन और नर्मदा जयंती के दिन मेले का आयोजन होता है। यहां पर हजारों की संख्या में लोग नर्मदा जी में स्नान करने के लिए और मेले का लुफ्त उठाने के लिए तिलवारा घाट में आते हैं। तिलवारा घाट में आपको शंकर जी की बहुत सारे शिवलिंग देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर हनुमान जी का मंदिर भी है। हनुमान जी की प्रतिमा बहुत ही भव्य लगती है। तिलवारा घाट में आपको पुराना पुल देखने के लिए मिल जाता है। यह पुल अब आवागमन के लिए बंद कर दिया गया है। 


ग्वारीघाट जबलपुर - Gwarighat jabalpur

ग्वारीघाट जबलपुर जिले का एक मुख्य आकर्षण है। यह जबलपुर जिले में घूमने वाला एक मुख्य दर्शनीय स्थल है। ग्वारीघाट नर्मदा नदी के किनारे स्थित मुख्य घाट है। आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर ऑटो और मेट्रो बस दोनों आती है। आप यहां पर गाड़ी से भी पहुंच सकते हैं। यहां पर आपको नर्मदा नदी के किनारे बहुत सारे घाटों की श्रंखला देखने के लिए मिलती है। आप यहां पर आकर नर्मदा नदी में स्नान कर सकते हैं। नर्मदा माता के दर्शन कर सकते हैं। नर्मदा माता का मंदिर नर्मदा नदी के बीच में बना हुआ है। आप इस मंदिर में जा सकते हैं। यहां पर बहुत सारे घाट बने हुए हैं, जिनका अलग-अलग नाम है। आप यहां तैराकी का भी मजा ले सकते हैं।  यहां पर बहुत सारे मंदिर हैं, जिनके दर्शन आप कर सकते हैं। यहां पर लोगों के बैठने के लिए गार्डन बना हुआ है। यहां पर 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृति पत्थर के शिवलिंग स्थापित किए गए हैं। शाम के समय ग्वारीघाट में आकर नर्मदा जी की आरती करने का एक अलग ही अनुभव होता है। यहां पर आप शाम के समय आएंगे तो बहुत अच्छा लगता है। ग्वारीघाट में नर्मदा जयंती और मकर संक्रांति के समय बहुत बड़ा मेला लगता है और यहां पर हजारों की संख्या में लोग मां नर्मदा जी के दर्शन करने के लिए आते हैं। ग्वारीघाट में त्योहारों के दिन अलावा भी बहुत सारे लोग नर्मदा जी के दर्शन करने के लिए और दीपदान करने के लिए आते हैं। यहां पर आप आते हैं, तो आपको यहां पर भंडारा खाने का भी मौका मिलता है और यहां पर बहुत अच्छा लगता है। आप दिन में भी यहां आकर समय बिता सकते हैं और शाम के समय भी यहां आ सकते हैं। 


गीता धाम मंदिर ग्वारीघाट जबलपुर - Geeta Dham Temple Gwarighat Jabalpur

गीता धाम मंदिर ग्वारीघाट में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको श्री कृष्ण और राधा जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह ग्वारीघाट से करीब 1 से डेढ़ किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर पैदल भी घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आश्रम भी है और यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। 


काली धाम घाट ग्वारीघाट जबलपुर - Kali Dham Ghat Guarighat Jabalpur

कालीघाट धाम ग्वारीघाट का एक मनोरम घाट है। यह घाट ग्वारीघाट से करीब 2 से 3 किलोमीटर दूर होगा। आप इस घाट में अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। इस घाट में ज्यादा भीड़ नहीं रहती है। इसलिए आप यहां पर आ कर अपना समय शांति से बिता सकते हैं। यहां पर आप नहाने का मजा भी ले सकते हैं। यहां पर चाय नाश्ते के लिए एक टपरी है, जहां पर आपको चाय और नाश्ता मिल जाता है। अगर आपको भूख लगती है, तो आप यहां से खा सकते हैं। यहां पर आपको खूबसूरत नर्मदा जी का व्यू देखने के लिए मिलता है। आसपास यहां पर खेत है। यहां पर आपको काली जी का भव्य मंदिर भी देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर मंदिर में आकर काली जी के दर्शन कर सकते हैं। 


जामतरा ब्रिज जबलपुर - Jamtara bridge jabalpur

जामतरा ब्रिज जबलपुर में घूमने का एक मुख्य स्थल है। जामतरा ब्रिज में आपको नर्मदा नदी का खूबसूरत व्यू देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको सनसेट का भी बहुत खूबसूरत व्यू देखने के लिए मिल जाता है। यहां पर आपको पुराना रेलवे ब्रिज देखने के लिए मिलता है, जिसमें आप घूम सकते हैं और यहां पर फोटो क्लिक कर सकते हैं। आप नर्मदा नदी के पास भी जा सकते हैं और नर्मदा नदी में नहाने का भी मजा ले सकते हैं। यहां पर आप अपने दोस्तों के साथ और परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं। आसपास यहां पर आपको खेत खेत खलियान देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा। 


भदभदा झरना जबलपुर - Bhadbhada waterfall jabalpur

भदभदा जलप्रपात गौर नदी पर बनने वाला एक सुंदर जलप्रपात है। यह जलप्रपात ज्यादा बड़ा नहीं है। मगर खूबसूरत लगता है। यहां पर चारों तरफ का वातावरण देखने लायक है। आप यहां पर आ सकते हैं। मगर यहां आने के लिए सड़क बहुत ही खराब है। यह जलप्रपात सुनसान एरिया में है, तो आप यहां पर आते हैं। तो समूह के साथ आएं। अपने दोस्तों और परिवार के लोगों को साथ लेकर आएं। यहां पर अकेले ना आए। यह जलप्रपात आपको बरसात में ही देखने के लिए मिलेगा। बाकी गर्मी के समय यह जलप्रपात सूख जाता है। आप यहां पर आकर पिकनिक मना सकते हैं और यहां पर बहुत सारे लोग आपको मछली पकड़ते हुए भी देखने के लिए मिलते हैं। इस जलप्रपात में जाने के लिए किसी भी तरह का चार्ज नहीं लिया जाता है। आप यहां पर जाकर मजे कर सकते हैं। 


रानी दुर्गावती समाधि जबलपुर - Rani Durgavati Samadhi Jabalpur

रानी दुर्गावती समाधि स्थल एक प्राचीन स्थल है। कहा जाता है कि यहां पर रानी दुर्गावती ने अपने प्राणों का बलिदान दिया था। आपको यहां पर रानी दुर्गावती की भव्य मूर्ति देखने के लिए मिल जाती है। यहां पर आप आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर सड़क के एक किनारे पर रानी दुर्गावती जी की मूर्ति की स्थापना  की गई है और गार्डन बनाया गया है और सड़क के दूसरे किनारे पर उनके पुत्र की मूर्ति की स्थापना की गई है। यहां पर बरसात के समय बहुत खूबसूरत लगता है। यहां पर बरसात के समय पानी बहता है और चारों तरफ हरियाली रहती है। आप यहां पर आकर रानी दुर्गावती की समाधि देख सकते हैं। यहां पर 26 जनवरी के समय बहुत बड़े मेले का आयोजन होता है। यह मेला 7 दिन चलता है, जिसमें दूर दूर से लोग मेले का आनंद लेने के लिए आते हैं। उस समय यहां पर रानी दुर्गावती की समाधि पर भी कार्यक्रम किए जाते हैं। रानी दुर्गावती की समाधि बरगी बांध सड़क पर स्थित है। आप जब भी बरगी बांध जाते हैं, तो रानी दुर्गावती की समाधि में रुक सकते हैं और उनके बारे में जानकारी पढ़ सकते हैं। 


बरगी बांध जबलपुर - Bargi Dam Jabalpur

बरगी बांध जबलपुर शहर की एक दर्शनीय स्थल है। बरगी बांध जबलपुर से 25 से 30 किलोमीटर दूर है। आप बरगी बांध में आसानी से पहुंच सकते हैं। बरगी बांध नर्मदा नदी पर बनने वाला पहला बांध है। यह बांध जबलपुर से मंडला जिले तक फैला हुआ है। बरगी बांध देखने के लिए बरसात के समय बहुत बड़ी संख्या में लोग इकट्ठे होते हैं। बरसात के समय बरगी बांध पानी से पूरी तरह से भर जाता है और इसके गेट खोले जाते हैं, जिसे देखने के लिए बहुत दूर दूर से लोग आते हैं। बरगी बांध में 21 गेट हैं। बरगी बांध में आप बोटिंग का और क्रूज की सवारी का मजा ले सकते हैं। यहां पर आपको बहुत सारे मछली पकड़ते हुए लोग देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर सूर्यास्त का दृश्य बहुत ही मनोरम होता है। आप यहां पर आ कर इस दृश्य का आनंद ले सकते हैं। यहां पर आप अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। बरगी बांध के आसपास भी बहुत सारी जगह है, जहां पर आप घूमने के लिए जा सकते हैं। 


संग्राम सागर झील जबलपुर - sangram sagar jabalpur

संग्राम सागर झील जबलपुर जिले के एक प्राचीन झील है। यह झील बाजनामठ मंदिर के पास स्थित है। आप मंदिर से इस झील का दृश्य देख सकते हैं। यह झील बहुत बड़े भू भाग में फैली हुई है। झील के चारों तरफ आपको पहाड़ देखने के लिए मिलते हैं। झील में आपको मछलियां और कमल के फूल देखने के लिए मिल जाएंगे। झील के किनारे गार्डन भी बना हुआ है, जिसमें आकर आप बैठ सकते हैं। यहां पर आप अपने दोस्तों के साथ आकर फोटो शूट कर सकते हैं। बरसात के समय संग्राम सागर झील पानी से पूरी तरह से भर जाती है, जिससे झील का पानी ओवरफ्लो होता है। झील के एक किनारे से पानी ओवरफ्लो होता है, जो झरने की तरह दिखता है। आप यहां पर आ कर इस झरने को देख सकते हैं। झील के एक किनारे पर आपको एक महल का खंडहर देखने के लिए मिलता है, जो कहा जाता है कि गोंड राजा संग्राम सिंह के द्वारा बनाया गया था। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। चारों तरफ पहाड़ और झील बहुत ही मनोरम दृश्य पेश करती हैं। 


पिसनहारी की मढ़िया जबलपुर - Pisanhari ki madiya jabalpur

पिसनहारी की मढ़िया जबलपुर में स्थित एक प्रसिद्ध जैन मंदिर है। यह मंदिर मेडिकल रोड पर स्थित है। यह मंदिर पहाड़ की चोटी पर स्थित है। मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढियां बनी हुई है। इस मंदिर से चारों तरफ का दृश्य बहुत ही खूबसूरत नजर आता है। पिसनहारी की मढ़िया में अगर आप ठहरना चाहते हैं, तो आपको यहां पर रूम भी मिल जाते हैं, जो बहुत सस्ते होते हैं। बरसात के समय यहां पर बहुत अच्छा लगता है। मंदिर के चारों तरफ पहाड़ियां आपको देखने के लिए मिलती है। मंदिर के ऊपर से आपको पूरे जबलपुर शहर का दृश्य देखने के लिए मिलता है। मंदिर में सभी प्रकार की व्यवस्थाएं उपलब्ध है। आप मंदिर में जाते हैं, तो आपको नीचे ही चप्पल उतरना पड़ता है और स्टैंड में रखना पड़ता है। मंदिर के ऊपर आपको एक गुफा देखने के लिए मिलती है। गुफा का खुलने का टाइम टेबल रहता है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर कपल्स लोग नहीं आ सकते हैं। यह जगह बहुत सुंदर और शांत है। यह मंदिर सुबह 9 बजे खुलता है और शाम 7ः30 बजे बंद हो जाता है।


रानी दुर्गावती किला जबलपुर - Rani durgavati kila jabalpur

रानी दुर्गावती का किला या मदन महल का किला जबलपुर जिले में स्थित एक प्राचीन स्थल है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह किला एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। इस किले तक पहुंचने के लिए आपको सीढ़ियां मिलती है। इस किले के आसपास का भाग खंडहर में तब्दील हो चुका है। इस किले को प्राचीन समय में वॉच टावर के रूप में प्रयोग किया जाता था। इस किले से आप जबलपुर का मनोरम दृश्य देख सकते हैं। आप अगर बरसात के समय आते हैं, तो यहां पर चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है और आप सीढ़ियां भी आसानी से चढ़ जाते हैं। मगर आप गर्मी के समय आते हैं, तो आपको सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी होती है और किले के आसपास किसी भी तरह की पानी की व्यवस्था नहीं है। आप यहां आए तो पानी की बोतल साथ लेकर आएं। रानी दुर्गावती किले के बारे में कहा जाता है, कि इस किले से एक सुरंग निकलती थी, जो मंडला के रामनगर के किले तक जाती हैं। अब यह सुरंग बंद कर दी गई है। आप इस किले में आते हैं, तो आपको यहां पर घोड़ों का अस्तबल, एक छोटा सा कुंड और एक वॉच टावर या महल देखने के लिए मिलता है, जो एक पत्थर पर बना हुआ है। 


देवताल तालाब जबलपुर - Devtal Talab Jabalpur

देवताल तालाब जबलपुर में स्थित एक प्राचीन जगह है और इस जगह में आपको एक तालाब देखने के लिए मिलता है। इस  तालाब के आसपास आपको बहुत सारे पुराने मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। इन मंदिरों की बनावट पुराने समय की है। आप यहां पर आकर इन मंदिरों को देख सकते हैं और इन मंदिरों में शिवलिंग विराजमान है। इस तालाब में आपको मछलियां देखने के लिए मिलती हैं। यहां पर बहुत सारे लोग मछलियों को दाना डालते हैं और यहां पर मछलियों की तादाद बहुत ज्यादा है। आप यहां पर आकर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं।  आप इस तालाब से थोड़ा आगे जाते हैं, तो आपको ओशो का आश्रम भी देखने के लिए मिलता है। आप वहां जा सकते हैं और आगे की साइड एक तालाब और है। आप उसे भी देख सकते हैं। यहां पर चारों तरफ पहाड़ियां हैं, जो बहुत अच्छी लगती है। यहां का माहौल बहुत शांत है, आप यहां पर आकर मेडिटेशन भी कर सकते हैं। देवताल तालाब मेडिकल रोड में ही स्थित है। आप इस तालाब में आसानी से पहुंच सकते हैं।  यह मुख्य सड़क के किनारे ही स्थित है। 


शैल पर्ण उद्यान जबलपुर - shailparn udyan jabalpur

शैल पर्ण उद्यान एक खूबसूरत उद्यान है और यहां पर आपको आकर अच्छा लगेगा, क्योंकि यहां पर चारों तरफ ऊंची ऊंची पहाड़ियां है। उद्यान के बीच में झील है, जो काफी खूबसूरत लगती है। बरसात के समय झील में पानी भर जाता है और जो चारों तरफ का वातावरण है। वह हरियाली से भर जाता है, तो बहुत अच्छा लगता है। आप इस गार्डन में सबसे ऊंचाई पर जा सकते हैं, जहां पर वॉच टावर है और वॉच टावर से आपको जबलपुर का चारों तरफ का नजारा देखने के लिए मिलता है। यह जो गार्डन है, यह कपल्स के लिए बहुत मशहूर है। मगर यहां पर फैमिली भी आती है और काफी इंजॉय करती है, क्योंकि यहां पर बहुत ज्यादा हरियाली है। 


बैलेंसिंग रॉक जबलपुर - Balancing rock jabalpur

बैलेंसिंग रॉक जबलपुर में स्थित एक एक अद्भुत स्थान है। यहां पर एक बड़ी सी चट्टान दूसरी चट्टान के ऊपर टिकी हुई है। मगर वह गिर नहीं रही है। यह एक अजूबा है और इस अजूबे को देखने के लिए यहां पर बहुत सारे लोग आते हैं। इस तरह की चट्टानें आपको बहुत कम जगह देखने के लिए मिलेगी। यहां पर गार्डन बना हुआ है। यहां पर बैठने की व्यवस्था है। आप यहां पर आकर बैठ सकते हैं। रात में यहां पर लाइट जलाई जाती है, जिससे बैलेंसिंग रॉक की खूबसूरती और भी ज्यादा निखर आती है। बैलेंसिंग रॉक मदन महल किले के पास में है। आप यहां पर आकर बैलेंसिंग रॉक देख सकते हैं । 


रानी दुर्गावती संग्रहालय जबलपुर - Rani Durgavati Museum Jabalpur

रानी दुर्गावती संग्रहालय जबलपुर में स्थित एक संग्रहालय हैं। यहां पर बहुत सारी गैलरिया बनी हुई हैं और इन गैलरी  में आपको प्राचीन मूर्तियां देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको पेंटिंग्स देखने के लिए मिलती है। यह पेंटिंग पुराने जमाने की है और यहां पर एक गैलरी में आपको आदिवासी गतिविधियां से संबंधित वस्तुएं देखने के लिए मिलती है। आप बाहर आते हैं, तो बाहर भी आपको पत्थर की मूर्तियां देखने के लिए मिलती है, जो अलग-अलग स्टेज में सजा कर रखी गई है। यहां पर एक बड़ा सा दरवाजा है, जो पत्थर से बना है और उसमें खूबसूरत नक्काशी बनाई गई है। आप इसको देख सकते हैं। रानी दुर्गावती संग्रहालय में प्रवेश के लिए 10 रुपए शुल्क लिया जाता है और यहां पर अगर आप कैमरा यूज करना चाहते हैं, या फोटो क्लिक करना चाहते हैं, तो उसका चार्ज अलग लिया जाता है। रानी दुर्गावती संग्रहालय भंवरताल गार्डन के पास स्थित है और आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं, क्योंकि यह मुख्य जबलपुर शहर में स्थित है। 


भंवरताल पार्क जबलपुर - Bhanwartal garden jabalpur

भंवरताल गार्डन जबलपुर शहर में स्थित एक पार्क है और यह पार्क जबलपुर शहर के मध्य में स्थित है। आप इस पार्क में आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले मिलते हैं, जो बच्चों को बहुत पसंद आएंगे और यहां पर फव्वारा भी है, जो बहुत खूबसूरत लगता है। शाम के समय यह फव्वारा चालू होता है और आपको अच्छा लगेगा। यहां पर स्केटिंग के लिए ग्राउंड बना हुआ है, जहां पर फ्री में स्केटिंग कर सकते हैं। किसी भी तरह का चार्ज नहीं लिया जाता है। मगर इसका समय रहता है। आप शाम के समय यहां पर स्केटिंग कर सकते हैं। भंवरताल गार्डन काफी सुंदर है और आप यहां पर बैठ सकते हैं। यहां पर चारों तरफ हरियाली है। 


टैगोर गार्डन जबलपुर - Tagore Garden Jabalpur

टैगोर गार्डन सदर में स्थित एक खूबसूरत पार्क है और यह पार्क हरियाली से भरा हुआ है। शाम के समय यहां पर आपको पक्षियों की चहचहाहट सुनने के लिए मिलती है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर बहुत सारे झूले हैं, जो बच्चों को बहुत पसंद आएंगे। यहां पर फव्वारा भी है। शाम के समय फव्वारा यहां पर चालू किया जाता है। सुबह के समय इस पार्क में आना फ्री है। 8 बजे तक आप यहां पर आकर मॉर्निंग वॉक का मजा ले सकते हैं और 8:00 बजे के बाद यहां पर आने का चार्ज लिया जाता है। टैगोर गार्डन में आप अपने फैमिली के साथ आ सकते हैं और टैगोर गार्डन के बाजू में ही आपको चौपाटी देखने के लिए मिलती है। चौपाटी में आप खाने पीने का लुफ्त उठा सकते हैं। 


डुमना नेचर रिजर्व पार्क जबलपुर - Dumna nature reserve park jabalpur

डुमना नेचर रिजर्व पार्क जबलपुर शहर में स्थित एक नेचुरल पार्क है। यहां पर आपको देखने के लिए झील मिलती है, जिसे खंदारी झील कहा जाता है। यहां पर आप जंगली जानवर भी देख सकते हैं। यहां पर आपको हिरण, बंदर, मोर  देखने के लिए मिल जाते हैं। आप यहां पर सुबह के समय आएंगे, तो आपको यह जानवर देखने मिल सकते हैं। बाकी दिन के समय यह जानवर छुप जाते हैं या बहुत कम देखने के लिए मिलते हैं। डुमना नेचर पार्क बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। आप यहां पर आकर साइकिलिंग करके भी पूरा पार्क घूम सकते हैं। यहां पर आपको बहुत अच्छा लगेगा। बरसात के समय खंदारी जलाशय पूरी तरह पानी से भर जाता है, जो देखने में बहुत खूबसूरत लगता है। खंदारी जलाशय में मगरमच्छ भी है,  अगर आप भाग्यशाली होते हैं, तो आपको मगरमच्छ भी देखने के लिए मिल सकता है और बरसात के समय खंदारी झील में खंदारी वाटरफॉल बनता है। आप वह भी बरसात के समय आकर देख सकते हैं। आप यहां पर अपने फैमिली वालों के साथ या दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर एंट्री का चार्ज लिया जाता है। पार्किंग आपकी फ्री रहती है। डुमना नेचर पार्क डुमना एयरपोर्ट जाने वाली सड़क में ही स्थित है। आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा और शांति मिलेगी। 


परियट बांध जबलपुर - Pariyat Dam Jabalpur

परियट बांध जबलपुर शहर में स्थित एक जलाशय है। यह बांध जबलपुर शहर के बाहरी क्षेत्र में स्थित है। यह बांध जंगल के बीच में स्थित है। इस बांध के चारों तरफ खूबसूरत पहाड़ियां हैं, जो बहुत ही मनोरम दिखती हैं। आप यहां पर आकर पिकनिक मना सकते हैं। यहां पर बहुत सारे लोग आते हैं और खाना पीना बना कर खाते हैं। आप यहां पर आकर खाना पीना बना कर खा सकते हैं। यहां पर पार्किंग के लिए जगह है और यह बांध काफी बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। इस बांध में मगरमच्छ भी हैं। आप अगर लकी हुए, तो आपको मगरमच्छ देखने के लिए मिल सकते हैं। आप यहां पर अपने फैमिली के साथ आ सकते हैं। अपने दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यहां पर आपको कपल्स लोग भी देखने के लिए मिल जाते हैं। मगर कपल्स लोग के लिए यह जगह सुरक्षित नहीं है। 


निदान जलप्रपात जबलपुर - Nidan waterfall jabalpur

निदान जलप्रपात जबलपुर शहर में स्थित एक झरना है। यह झरना बहुत खूबसूरत है। यह झरना जबलपुर से करीब 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप इस झरने तक गाड़ी से पहुंच सकते हैं यह झरना जबलपुर शहर में कटंगी के पास स्थित है और यह झरना जंगल के बीच में स्थित है। यहां पर पहाड़ी के ऊपर से पानी गिरता है, जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। यह झरना जबलपुर दमोह हाईवे रोड से भी आपको देखने के लिए मिल जाता है। आपको इस जगह तक पहुंचने के लिए करीब 1 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है और यह जो रास्ता है। वो पथरीला रास्ता होता है और आपको यहां पर चलने के लिए जूते पहन कर आना चाहिए, ताकि आप इन रास्तों पर आसानी से चल सके। यहां पर आपको दो झरने देखने के लिए मिलते हैं। दोनों ही झरने करीब 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और दोनों ही झरने बहुत खूबसूरत लगते हैं। यहां पर पहुंचकर लगता है, जैसे कि आप स्वर्ग में पहुंच गए हैं। यहां पर चारों तरफ हरियाली और पहाड़ आपको देखने के लिए मिलते हैं। आप यहां पर अपने दोस्तों के साथ अपनी फैमिली के साथ जा सकते हैं। यहां पर आप बरसात के समय जा सकते हैं। गर्मी के समय झरना सूख जाता है। 


बगदरी जलप्रपात जबलपुर - Bagdari waterfall jabalpur

बगदरी जलप्रपात जबलपुर शहर का एक खूबसूरत जलप्रपात है। यह जलप्रपात जबलपुर से करीब 32 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह जलप्रपात बहुत खूबसूरत है और इस जलप्रपात में आप नहाने का मजा ले सकते हैं। यह जलप्रपात शहर के बाहर स्थित है।  आप यहां पर अपनी गाड़ी से पहुंच सकते हैं। यह जलप्रपात जबलपुर से सागर जाने वाली सड़क पर स्थित है। यह जलप्रपात दो या तीन स्तरों पर नीचे गिरता है, जो बहुत खूबसूरत लगता है। आप यहां पर बरसात के समय आकर इस  जलप्रपात की खूबसूरती को देख सकते हैं। यहां पर आपको चट्टाने देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही मनोरम दिखाई देती है। 


कचनार सिटी शिव मंदिर जबलपुर -  Kachnar city mandir jabalpur

कचनार सिटी शिव मंदिर जबलपुर शहर का एक धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको शिव भगवान जी की बहुत बड़ी प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यह प्रतिमा खुले आसमान के नीचे बनी हुई है और बहुत ही भव्य प्रतिमा है। इस प्रतिमा के चारों तरफ बगीचा है और बगीचे में भी खूबसूरत मूर्तियां बनाई गई है। आप यहां पर बैठकर इस प्रतिमा को निहार सकते हैं। यहां पर सावन सोमवार के समय और महाशिवरात्रि के समय बहुत बड़ा मेला लगता है। बहुत बड़ी संख्या में लोग भगवान शिव के दर्शन करने के लिए आते हैं। आप भी यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह जबलपुर शहर की एक अच्छी जगह है। शिव भगवान की प्रतिमा के नीचे गुफा बनाई गई है, जिसमें १२ ज्योतिर्लिंग के प्रतिरूप विराजमान हैं। आप इनके दर्शन कर सकते हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है और आध्यात्मिक शांति मिलती है। 


श्री दिगंबर जैन मंदिर हनुमानताल जबलपुर - Shree Digambar Jain Temple Hanumanatal Jabalpur

श्री दिगंबर जैन मंदिर जबलपुर शहर में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यह जैन धर्म के लोगों के लिए एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर जबलपुर शहर के मध्य में स्थित है। मंदिर में आपको भगवान स्वामी आदिनाथ की मूर्ति देखने के लिए मिलती है। इस मंदिर को बड़ा जैन मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। इस मंदिर के सामने आपको हनुमान ताल झील देखने के लिए मिलती है। यह झील बहुत बड़े एरिया में फैली हुई है। इस झील के आसपास भी बहुत सारे मंदिर हैं। 


रामलला मंदिर जबलपुर - Ramlala mandir jabalpur

रामलला मंदिर ग्वारीघाट में स्थित है। यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है। यहां पर मनोकामना पूर्ति वाले हनुमान जी विराजमान है। यहां पर लोग अपनी मनोकामना एक चिट्ठी में लिखते हैं और हनुमान जी को अर्पित करते हैं। मनोकामना पूरी होती है, तो यहां पर चढ़ावा चढ़ाया जाता है। यहां पर आप आ सकते हैं और यहां पर शनि देवता भी विराजमान हैं। यहां पर श्री राम जी, माता सीता जी की मूर्ति विराजमान है, जो बहुत ही खूबसूरत लगती है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है और शांति मिलती है। शनिवार को यहां पर बहुत भीड़ रहती है। 


श्री सिद्धगणेश मंदिर ग्वारीघाट जबलपुर - Shri Siddh Ganesh Temple Gwarighat Jabalpur

श्री सिद्धि गणेश मंदिर ग्वारीघाट में ही स्थित है। यह मंदिर  ग्वारीघाट जाने वाले रास्ते में ही स्थित है। आप यहां पर आकर गणेश जी के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर गणेश जी आप जो भी मन्नत मानते हैं, वह जरूर पूरी होती है। यह मन्नत को एक कागज पर लिखा जाता है और  गणेश जी को अर्पित किया जाता है। मन्नत पूरी होने पर आपकी इच्छा अनुसार यहां पर दान दिया जाता है। आप भी यहां पर आकर गणेश जी के दर्शन कर सकते हैं। 


शारदा माता मंदिर बरेला जबलपुर - sharada mata mandir barela jabalpur

बरेला का शारदा माता का मंदिर पहाड़ी पर स्थित है। इस मंदिर में पहुंचने के लिए सड़क है। नवरात्रि के समय आपको इस मंदिर तक पैदल ही पहुंचना पड़ता है। यहां पर शारदा माता की भव्य प्रतिमा स्थित है। यह मंदिर बहुत पुराना है। मंदिर में आपको छोटे-छोटे अन्य मंदिर भी देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर शंकर जी का मंदिर विराजमान है। काली माता का मंदिर भी यहां पर आपको देखने के लिए मिलता है। इसके अलावा यहां पर आपको चारों तरफ का बहुत ही खूबसूरत नजारा देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से पहुंच सकते हैं। बरेला का मंदिर जबलपुर से मंडला जाने वाली सड़क में स्थित है। 


शारदा मंदिर जबलपुर - sharada mandir jabalpur

जबलपुर में शारदा माता का मंदिर मदन महल किले के पास में स्थित है। यह मंदिर बहुत ही भव्य है। मंदिर में आपको नौ देवियों की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर और भी छोटे-छोटे मंदिर स्थित है। यहां पर हनुमान जी का मंदिर भी स्थित है। मंदिर से आपको जबलपुर का बहुत ही खूबसूरत दृश्य देखने के लिए मिलता है। मंदिर में आपको नवरात्रि में बहुत भीड़ देखने के लिए मिलती है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा। 


काली माता मंदिर जबलपुर - Kali mata mandir jabalpur

 काली माता का मंदिर जबलपुर में सदर में स्थित है। यह मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। मंदिर में आपको काली माता की भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर नवरात्रि के समय बहुत भीड़ लगती हैं। इस मंदिर में आप आसानी से पहुंच सकते हैं। यह मंदिर मुख्य शहर में ही स्थित है। मंदिर में और भी देवी देवता विराजमान है, जिनके दर्शन आप यहां पर आकर कर सकते हैं। 


माँ बड़ी खेरमाई मंदिर जबलपुर - Maa Badi Khermai Temple Jabalpur

बड़ी खेरमाई का मंदिर जबलपुर में बहुत प्रसिद्ध है। यह मंदिर  मुख्य जबलपुर शहर में स्थित है। यह मंदिर जबलपुर में हनुमान ताल वार्ड में स्थित है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं। मंदिर के गर्भ गृह में बड़ी खेरमाई की भव्य प्रतिमा स्थित है। आप मां के दर्शन कर सकते हैं। नवरात्रि के समय यहां पर बहुत भीड़ लगती है। यहां पर लोग लाइन लगाते हैंए माता के दर्शन करने के लिए। नवरात्रि के समय यहां पर मेला भी लगता है। 


नाहन देवी मंदिर जबलपुर - Nahan Devi Temple Jabalpur

नाहन देवी मंदिर जबलपुर दमोह रोड पर स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर हिरन नदी के बीच में स्थित है और यहां पर बहुत बड़ी चट्टाने हैए जो देवी के रूप में पूजी जाती है। यहां पर नवरात्रि के समय बहुत भीड़ लगती है। यहां पर मकर संक्रांति के समय मेला भरता हैए जो 7 से 8 दिन तक चलता है। आप यहां पर आकर नाहन देवी के दर्शन कर सकते हैं और नदी में स्नान कर सकते हैं। यहां का वातावरण बहुत शांत है और यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा। 


श्री नंदिकेश्वर मंदिर बरगी बांध जबलपुर - Shri Nandikeshwar Temple Bargi Dam Jabalpur

श्री नंदिकेश्वर मंदिर  बरगी बांध के पास एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। यह मंदिर सफेद मार्बल से बना हुआ है और यह मंदिर देखने में बहुत ही भव्य लगता है। मंदिर के अंदर आपको शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर नाग देवता की भी प्रतिमा पत्थर पर बनाई गई है। मंदिर के आसपास आपको और भी मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। मंदिर से बरगी बांध का बहुत ही भव्य नजारा देखने के लिए मिलता है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। मंदिर तक आप पैदल भी पहुंच सकते हैं और यहां पर आने के लिए सड़क भी है। आप मंदिर तक गाड़ी से भी पहुंच सकते हैं। 


श्री काली गढ़ स्टेट बरगी बांध जबलपुर - Shri Kali Garh State Bargi Dam Jabalpur

श्री काली गढ़ स्टेट में आपको काली जी की भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर काली जी की प्रतिमा के नीचे मंदिर स्थित है, जहां पर नौ देवियों की स्थापना की गई है। यहां पर आपको शिव भगवान जी का मंदिर भी देखने के लिए मिलता है। श्री काली गढ़ स्टेट बरगी बांध के पास ही स्थित है। यह मंदिर नागपुर हाईवे रोड से बरगी बांध पहुंचने वाली सड़क पर स्थित है। यह मंदिर मुख्य सड़क पर स्थित है और काली जी की प्रतिमा आपको दूर से ही दिखने लगती है। आप यहां पर बरसात के समय आते हैं, तो बहुत अच्छा लगता है। यहां पर चारों तरफ हरियाली रहती है। नवरात्रि के समय पर काली जी के दर्शन करने के लिए बहुत सारे लोग आते हैं। 


त्रिपुर सुंदरी मंदिर जबलपुर - tripur sundari mandir jabalpur

त्रिपुर सुंदरी मंदिर जबलपुर जिले का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यहां पर त्रिपुर सुंदरी माता का प्राचीन मंदिर है। मंदिर में अंदर आपको त्रिपुर सुंदरी माता की भव्य मूर्ति देखने के लिए मिलती है। नवरात्रि के समय त्रिपुर सुंदरी माता के मंदिर में भक्तों की भीड़ इकट्ठी होती है। यहां पर आपको भंडारा खाने के लिए मिलता है, जो बहुत ही स्वादिष्ट होता है। यहां पर नवरात्रि के समय बहुत बड़ा मेला लगता है। त्रिपुर सुंदरी मंदिर जबलपुर भेड़ाघाट रोड पर स्थित है और आप यहां पर गाड़ी से पहुंच सकते हैं। यहां पर मेट्रो बस और ऑटो से भी आया जा सकता है। त्रिपुर सुंदरी मंदिर में आपको और भी मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर नौ देवियों की मूर्तियां आपको देखने के लिए मिलती है। यहां पर शंकर जी का शिवलिंग विराजमान है। भैरव बाबा का मंदिर भी यहां पर है और यहां पर प्राचीन मूर्तियां भी आपको देखने के लिए मिलती है। यहां पर लोग मन्नत मानते हैं और मन्नत पूरी करने के लिए वह नारियल चढ़ाते हैं और जिसकी भी मन्नत पूरी हो जाती है। वह यहां पर चांदी की घंटियां चढ़ाता है। 


बगलामुखी मंदिर जबलपुर - Baglamukhi mandir jabalpur

बगलामुखी मंदिर जबलपुर में त्रिपुर सुंदरी माता मंदिर के पास ही में स्थित है। इस मंदिर में बगलामुखी माता की प्रतिमा विद्यमान है। आप जब भी त्रिपुर सुंदरी मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं, तो बगलामुखी मंदिर में भी आ सकते हैं। यह मंदिर ऊंचाई में स्थित है। मंदिर में जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर में शिवलिंग भी स्थित है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 


बाजनामठ मंदिर जबलपुर - Bajnamath mandir jabalpur

बाजनामठ मंदिर प्राचीन मंदिर है। बाजनामठ मंदिर जबलपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध भैरव बाबा का मंदिर है। यह मंदिर मेडिकल रोड में स्थित है। आप इस मंदिर में ऑटो से या मेट्रो बस से पहुंच सकते हैं। मंदिर मुख्य सड़क से एक या डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आपको यहां पर भैरव बाबा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर शनि भगवान जी की मूर्ति भी विराजमान है। यहां पर शनिवार को बहुत भीड़ लगती है और लोग शनि देवता को तेल चढ़ाने के लिए यहां पर आते हैं। यहां पर हनुमान जी की प्रतिमा भी विराजमान है। बाजनामठ मंदिर से आपको संग्राम सागर लेक का बहुत ही खूबसूरत नजारा भी देखने के लिए मिलता है। बाजनामठ मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि यह मंदिर तांत्रिक विद्या ओं के लिए प्रसिद्ध है और यहां पर काली माता का मंदिर भी झील के किनारे स्थित है। आप यहां पर आ कर अच्छा समय बिता सकते हैं। 


पायली जबलपुर - Payali jabalpur

पायली जबलपुर शहर का एक पर्यटन स्थल है। यह बरगी बांध का भराव क्षेत्र हैए जो बहुत खूबसूरत लगता है। यहां पर सर्दियों के समय बहुत सारे लोग पिकनिक मनाने के लिए आते हैं। यहां पर एंट्री का चार्ज लिया जाता है। यहां पर सभी तरह की व्यवस्थाएं उपलब्ध है। जब यहां पर भीड़ लगती हैए तब यहां पर दुकानें भी लगती हैंए मगर जब यहां पर भीड़ नहीं रहती हैए तो यहां पर किसी भी तरह की दुकान आपको देखने के लिए नहीं मिलेगी।  यह पूरा गांव का इलाका है। यहां पर आपको खेत खलियानए पेड़ पौधे और जंगल देखने के लिए मिलता है। पायली में नर्मदा जी का भराव क्षेत्र में देखना भी बहुत जबरदस्त रहता है। आप भी यहां पर आकर अपना समय बिता सकते हैं। यहां पर बहुत अच्छा लगता है।


खेरमाई मंदिर जबलपुर

श्री सुप्तेश्वर गणेश मंदिर


निदान कुंड जलप्रपात, दमोह

नजारा व्यूप्वाइंट, दमोह

पचमढ़ी यात्रा

वीरांगना दुर्गावती वन्य जीव अभ्यारण


मंदसौर पर्यटन स्थल - Mandsaur tourist place | Tourist places near Mandsaur | MP tourism Mandsaur

मंदसौर जिले के दर्शनीय स्थल - Places to visit in Mandsaur | Mandsaur visiting places | Mandsaur famous places | Picnic spot near Mandsaur



मंदसौर में घूमने की जगह


पशुपतिनाथ मंदिर मंदसौर - Pashupatinath mandir mandsaur

श्री पशुपतिनाथ मंदिर मंदसौर जिले का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यह मंदिर बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। मंदिर पर स्थित शिवलिंग बहुत प्राचीन है। यह मंदिर अनोखा है, क्योंकि यहां पर आप भगवान शिव जी के 8 मुख देख सकते हैं। इस प्रकार के सिर्फ दो मंदिर है। एक मंदिर नेपाल के काठमांडू शहर में पशुपतिनाथ मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है और दूसरा मंदिर मध्यप्रदेश में मंदसौर जिले में स्थित है। मंदसौर रेलवे स्टेशन से श्री पशुपतिनाथ मंदिर करीब 3 किलोमीटर दूर है। आप यहां पर अपने वाहन से या ऑटो से आ सकते हैं। श्री पशुपतिनाथ मंदिर शिवना नदी के किनारे स्थित है। शिवना नदी का दृश्य बहुत ही मनोरम होता है। आपको इस मंदिर में आकर बहुत शांति मिलेगी। यह मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। श्री पशुपतिनाथ मंदिर के पास आपको अच्छी पार्किंग की व्यवस्था मिलती है। यहां पर आप आसानी से आ सकते हैं। यहां पर सावन सोमवार के समय और महाशिवरात्रि के समय बहुत बड़ी संख्या में लोग पशुपतिनाथ जी के दर्शन करने के लिए आते हैं। इस मंदिर में आपको विष्णु भगवान की अलग-अलग अवतारों की पेंटिंग देखने के लिए मिल जाती है, जो बहुत ही खूबसूरत लगती है। मंदिर में आने का सबसे अच्छा समय सुबह का और शाम का है। आपको इस समय आरती में शामिल होने का भी मौका मिल जाता है। 


नालछा माता मंदिर मंदसौर - Nalachha Mata Temple Mandsaur

नालछा माता मंदिर मंदसौर जिले का एक धार्मिक स्थल है। नालछा माता का मंदिर प्राचीन है। यह मंदिर पशुपतिनाथ मंदिर से करीब 2 से 3 किलोमीटर दूर होगा। नालछा माता मंदिर मंदसौर के पास नालछा गाँव में स्थित है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं। पशुपतिनाथ मंदिर के बाद नालछा माता का मंदिर मंदसौर जिले में प्रसिद्ध है। यहां पर आपको नालछा माता के दर्शन करने के लिए मिलते है,ं जो देवी दुर्गा जी का स्वरुप है। आपको यहां पर दो दीपस्तंभ देखने के लिए मिलेंगे, जिसमें दीपक जलाया जाता है, जो बहुत ही भव्य लगते हैं। आप इस मंदिर में नालछा माता के साथ भैरव बाबा की प्रतिमा एक साथ देख सकते हैं, जो आपको यहीं पर देखने के लिए मिलेगी। यहां पर नवरात्रि के समय बहुत सारे लोग नालछा माता जी के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां पर गार्डन भी है, जहां पर आप बैठ सकते हैं और बच्चों के मनोरंजन के लिए गार्डन में झूले भी लगे हुए हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 


तेलिया तालाब मंदसौर - Teliya Talab Mandsaur

तेलिया तालाब मंदसौर जिले में घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। यह मंदसौर जिले में स्थित एक तालाब है। यह तालाब बहुत खूबसूरत लगता है। आपको यहां पर सूर्योदय और सूर्यास्त का बहुत ही खूबसूरत नजारा देखने के लिए मिलेगा। यहां पर एक छोटा सा पार्क भी है, जहां पर अपनी फैमिली और बच्चों के साथ आकर एंजॉय कर सकते हैं। यहां तेलिया तालाब फोटोशूट के लिए अच्छी जगह है। यहां पर आप अपनी अच्छी फोटो क्लिक कर सकते हैं। आप यहां पर अपने दोस्त और फैमिली वालों के साथ आ सकते हैं। यहां पर पक्षियों की आवाज बहुत ही मधुर लगती है। तालाब में मछलियां है। आप यहां पर आकर मछलियों को दाना भी खिला सकते हैं। बरसात के समय तालाब का पानी ओवरफ्लो होता है और यहां पर पानी ओवरफ्लो होकर झरने की तरह बहता है, जो खूबसूरत लगता है। बरसात में आप आकर यह दृश्य देख सकते हैं। 


यशोधर्मन संग्रहालय मंदसौर - Yashodharman Museum Mandsaur

यशोधर्मन पुरातत्व संग्रहालय मंदसौर जिले में घूमने वाली एक अच्छी जगह है। आप यहां पर आकर भारत के प्राचीन इतिहास के बारे में जान सकते हैं। इस संग्रहालय में परमार वंश कालीन, मौर्य वंश कालीन एवं होल्कर वंश की मूर्तियां आपको देखने के लिए मिलती हैं। आपको यहां पर प्राचीन मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं, जो पत्थर पर नक्काशी करके बनाई गई हैं। यहां पर पेंटिंग भी आपको देखने के लिए मिलती है। यशोधर्मन पुरातत्व संग्रहालय सोमवार को बंद रहता है। सरकारी छुट्टी के दिन भी संग्रहालय बंद रहता है। संग्रहालय खुलने का समय 10 बजे से शाम 5 बजे तक है। भारतीय नागरिकों का 10 रू लगता है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यशोधर्मन पुरातत्व संग्रहालय मंदसौर रतलाम हाईवे रोड पर स्थित है। आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। 


यशोधर्मन विजय स्तम्भ मंदसौर - Yashodharman Vijay Pillar Mandsaur

यशोधर्मन विजय स्तंभ या सोधनी स्तंभ मंदसौर की एक ऐतिहासिक स्थल है। यहां पर आपको दो स्तंभ देखने के लिए मिलते हैं, जो राजा यशोधर्मन द्वारा बनाए गए थे। हूणों पर विजय के लिए। आपको यहां पर और भी बहुत सारी पत्थर पर उकेरी गई मूर्तियां देखने के लिए मिल जाती है, जो प्राचीन समय की है। यह जगह प्राकृतिक वातावरण से भरी है और आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा।


कोटेश्वर महादेव मंदिर सीतामऊ, मंदसौर - Koteshwar Mahadev Temple Sitamau, Mandsaur

श्री कोटेश्वर मंदिर सीतामऊ मंदसौर जिले में स्थित एक मंदिर है। यह मंदिर खूबसूरत है और सीतामऊ से करीब 4 से 5 किलोमीटर दूर है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यहां पर आपको शिवलिंग के दर्शन करने मिलते हैं। यहां पर नदी बहती है, जिस का दृश्य बहुत खूबसूरत होता है। यहां पर नदी छोटा सा झरना बनाती है, जो खूबसूरत लगता है। यहां पर आप आते हैं, तो नदी और चट्टानों का खूबसूरत दृश्य देख सकते हैं। यहां पर आप स्नान भी कर सकते हैं। 


श्री मोड़ी माता जी का मंदिर सीतामऊ, मंदसौर - Shri modi mata ji temple sitamau, Mandsaur

मोड़ी माता मंदिर सीतामऊ में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर स्थानीय लोगों में बहुत प्रसिद्ध है। यह मंदिर मंदसौर जिले में प्रसिद्ध है। आप यहां पर घूमने आ सकते हैं। यहां पर आपको मोड़ी माता के दर्शन करने के लिए मिल जाते हैं। यह मंदिर सीतामऊ से करीब 1 किलोमीटर दूर है। आप यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। 


धर्मराजेश्वर मंदिर भानपुरा, मंदसौर - Dharmarajeshwar Temple Bhanpura, Mandsaur

धर्मराजेश्वर मंदिर मंदसौर जिले के पास घूमने का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको हिंदू और जैन धर्म के गुफा देखने के लिए मिलते हैं। धर्मराजेश्वर एक ऐतिहासिक स्थल है। इस मंदिर को धर्मनाथ अथवा धर्मराजेश्वर मंदिर कहा जाता है। यह पूर्ण मंदिर एक पहाड़ी को काटकर बनाया गया है। इस मंदिर में आपको गर्भ ग्रह, सभा मंडप तथा अर्थ मंडप देखने मिलता है। इस मंदिर का शिखर उत्तर भारतीय शैली का है। मूल रूप से यह मंदिर विष्णु जी को समर्पित था, जिनकी प्रतिमा गर्भ गृह में विधमान है। बाद में यह शिव मंदिर में परिवर्तित किया गया था। धर्मराजेश्वर मंदिर में आपको विष्णु भगवान जी की प्रतिमा के साथ.साथ शिव भगवान जी का शिवलिंग भी देखने के लिए मिलता है। प्रवेश द्वार पर भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी की प्रतिमा आपको देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर मंदसौर के भानपुरा के पास स्थित है। आप यहां पर गाड़ी से पहुंच सकते हैं। यह बारिश के मौसम में घूमने के लिए बहुत अच्छी जगह है। धर्मराजेश्वर के मंदिर चौथी और पांचवी शताब्दी में बनाए गए थे। यह मंदिर पत्थर पर बनाए गए हैं और पत्थर पर खूबसूरत नक्काशी भी की गई है। यह मंदिर ए एस आई के द्वारा संरक्षित है। इस जगह पर महाशिवरात्रि के समय और सावन सोमवार के समय बहुत सारे लोग भगवान शिव के दर्शन करने के लिए आते हैं। 


छोटा महादेव मंदिर भानपुरा, मंदसौर - Chota Mahadev Temple Bhanpura, Mandsaur

छोटा महादेव मंदिर मंदसौर में भानपुर तहसील में स्थित है।  यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यहां पर आप आते हैं, तो आपको शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। आपको यहां पर पहाड़ों और चट्टानों का बहुत ही अद्भुत दृश्य देखने के लिए मिलता है। बरसात के समय यहां पर झरना बहता है, जो चट्टानों के ऊपर से बहता है। झरने के नीचे एक कुंड बना है, जिसमें आप नहा भी सकते हैं। यहां आ कर आपको बहुत मजा आएगा। यहां पर आपको काल भैरव जी का मंदिर और हनुमान जी का मंदिर भी देखने के लिए मिलता है। बरसात के समय यहां पर चारों तरफ हरियाली रहती है। यहां पर सावन सोमवार और महाशिवरात्रि के समय भारी जनसंख्या में लोग आते हैं। आप भी यहां आकर शिव भगवान जी के दर्शन कर सकते हैं। यह एक अच्छा पिकनिक स्पॉट हैं। यहां पर आपको वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है।


होलकर छतरी भानपुरा, मंदसौर - Holkar Chhatri Bhanpura, Mandsaur

होलकर छतरी मंदसौर जिले के भानपुर में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। आपको यहां पर आप महाराजा यशवंतराव होलकर की छतरी देखने के लिए मिलती है, जो होलकर राजा की स्मृति स्थल है। यहां पर आपको संग्रहालय देखने के लिए मिलता है और मंदिर भी देखने के लिए मिलता है। यहां पर आप किला एवं गढ़ देख सकते हैं। महाराजा यशवंत राव होल्कर ने अंग्रेजों को भारत देश से बाहर निकालने के लिए भानपुरा में ही तोपों का कारखाना विकसित किया थाए जिसमें उन्होंने 200 तोपों का निर्माण किया था। अंग्रेजों को भारत से निकालने के लिए उन्होंने एक लाख सैनिकों की टुकड़ी तैयार की थी। महाराजा यशवंत राव होलकर की मृत्यु के पश्चात इस स्थल पर छतरी का निर्माण किया गया। छतरी का निर्माण 1814 में शुरू हुआ और 1841 में पूरा हुआ। छतरी का निर्माण उनकी पत्नी तुलसा बाई ने शुरू किया। आपको होलकर छतरी में महाराजा यशवंतराव की प्रतिमा देखने के लिए मिलती हैए जो संगमरमर के पत्थर की बनी हुई है। तोपों के निर्माण का कारखाना कारखाना  का भग्नावशेष आपको आज भी भानपुर के निकटवर्ती गांव नवाली और इंद्रगढ़ में देखने के लिए मिल जाएगा। 


हिंगलाजगढ़ किला भानपुरा, मंदसौर - Hinglajgarh kila Bhanpura, Mandsaur

हिंगलाज का किला मंदसौर का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। हिंगलाजगढ़ किला एक प्राचीन किला है। यह किला घने जंगलों के बीच में स्थित है। यह किला मंदसौर जिले के भानपुर तहसील के नवाली गाँव के पास स्थित है। यह किला अपनी मूर्तिकला और हिंगलाज माता मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। इस किले में विभिन्न विधियों की कलात्मक मूर्तियां उपलब्ध हैए जो आप यहां पर आकर देख सकते हैंए जो बहुत ही भव्य है। यह किला जंगलों के बीच में होने से, आपको यहां आकर बहुत अच्छा लगेगा और शांति मिलेगी। यह किला मंदसौर शहर से 165 किमी और भानपुरा शहर से 26 किमी दूर स्थित है। इस किले में अलग.अलग राजाओं ने राज किया है। यहां पर आपको हिंगलाज माता का मंदिरए राम मंदिर और शिव मंदिर देखने के लिए मिल जाएगाए जो होलकर शासन के दौरान  बनाया गया था। इस किले में आपको खंडहर अवस्था में महल के अवशेष देखने के लिए मिल जाएंगे। आप इस किले में अपनी गाड़ी से पहुंच सकते हैं। हिंगलाज किले में खूबसूरत बावली है। आप उसे भी देख सकते हैंए बरसात के समय अगर आप यहां पर आते हैंए तो बरसात के समय यहां पर चारों तरफ हरियाली रहती है। यहां का दृश्य बहुत ही मनोरम रहता है। 


हिंगलाज माता मंदिर भानपुरा, मंदसौर - Hinglaj Mata Temple Bhanpura, Mandsaur

हिंगलाज माता का मंदिर हिंगलाज किले के अंदर स्थित है। हिंगलाज का किला मंदसौर जिले के भानपुरा तहसील के पास स्थित है। आप इस किले में आसानी से पहुंच सकते हैं। आप अपनी गाड़ी से किले में आ सकते हैं। भारत में हिंगलाज माता का एकमात्र मंदिर पाकिस्तान में स्थित है, जिसे शक्तिपीठ के रूप से जाना जाता है। उसी प्रकार मध्यप्रदेश के मंदसौर में भी हिंगलाज माता का मंदिर स्थित है। यहां पर आप आकर माता के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर आपको बहुत सारे बंदर देखने के लिए मिलते हैं और यहां पर नवरात्रि के समय भी लोग दर्शन करने आते हैं। बरसात के समय यहां का मौसम बहुत अच्छा  रहता है और आप घूमने के लिए आ सकते हैं। 


तक्षेश्वर महादेव मंदिर नवाली भानपुरा, मंदसौर - Taksheshvar mahadev mandir navali bhanapura, mandsaur

तक्षेश्वर ताखाजी मन्दिर  मंदसौर जिले का एक मुख्य पर्यटन स्थल है।  यह धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का स्थान है। यह घने जंगलों के बीच में स्थित है। यह मंदिर नागों के राजा तक्षक को समर्पित है। कहा जाता है कि यहां पर नागों के राजा तक्षक रहते हैं। यहां पर उन्हें तक्षकेश्वर के रूप में पूजा जाता है। आप यहां पर आते हैं, तो आपको यहां पर प्राकृतिक जल प्रपात देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। यह झरना यहां पर कई स्तरों में बहता है और नीचे कुंड है। कुंड पर आप नहाने का मजा भी ले सकते हैं। कुंड पर आपको बहुत सारी मछलियां देखने के लिए मिलती हैं, जो खूबसूरत लगती हैं। यहां के चारों तरफ का दृश्य बहुत ही लुभावना रहता है। आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। आपकी गाड़ी इस स्थान तक आसानी से पहुंच सकती है। यह मन्दिर हिंगलाजगढ़ रोड पर भानपुरा तहसील से 22 किमी की दूरी पर स्थित है। यहां पर वैशाख महीने की पूर्णिमा को मेला का आयोजन भी होता है। आप यहां पर बरसात के समय आ सकते हैं। बरसात के समय यहां पर चारों तरफ हरियाली होती है और यहां पर खूबसूरत झरना आपको बरसात के समय देखने के लिए मिलता है। गर्मी के समय झरने में पानी नहीं रहता है। यहां पर आपको बहुत सारे बंदर भी देखने के लिए मिलते हैं। आप बंदरों को यहां पर खाना खिला सकते हैं। 


कनकेश्वर छोटा महादेव मंदिर भानपुरा, मंदसौर - Kanakeshwar Chota Mahadev Temple Bhanpura, Mandsaur

कनकेश्वर छोटा महादेव मंदिर मंदसौर जिले में भानपुरा तहसील में स्थित है। यह मंदिर घने जंगलों के बीच में स्थित है। यहां पर आप आकर शिवलिंग के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर आ कर आपको अच्छा लगेगा, क्योंकि चारों तरफ का वातावरण हरियाली से घिरा रहता है। यहां पर आपको मंदिर के पास में ही एक जलप्रपात देखने के लिए मिलता है, जो बहुत खूबसूरत लगता है। बरसात के समय में इस जलप्रपात में बहुत सारा पानी रहता है और आप इस जलप्रपात में बहुत इंजॉय कर सकते हैं। इस जलप्रपात को कनकेश्वर जलप्रपात के नाम से जाना जाता है। आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आपकी गाड़ी आसानी से पहुंच सकती है। 


चतुर्भुज नाला मंदसौर - Chaturbhuj Nala Mandsaur

चतुर्भुज नाला रॉक पेंटिंग मंदसौर में स्थित एक ऐतिहासिक महत्व की जगह है। आपको यहां पर रॉक पेंटिंग देखने के लिए मिलती है। यह जगह गांधी सागर वन्य जीव अभयारण्य के अंदर स्थित है। आप इस जगह में आसानी से पहुंच सकते हैं। आपको यहां पर नदी देखने के लिए मिलती है और नदी के दोनों तरफ पत्थरों में पेंटिंग देखने के लिए मिलती है। यह पेंटिंग आदिमानव काल की है और उस समय पर आदिमानव जो भी गतिविधियां करते थे। वह आपको इन पेंटिंग के माध्यम से दर्शाया गया है। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यहां का वातावरण प्राकृतिक है और शांत है। 


चतुर्भुजनाथ मंदिर मंदसौर - Chaturbhujnath Temple Mandsaur

चतुर्भुजनाथ मंदिर मंदसौर जिले में गांधी सागर वन्य जीव अभयारण्य के अंदर स्थित एक धार्मिक स्थल है।  चतुर्भुज नाथ मंदिर एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर शंकर जी को समर्पित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं और आपको यहां पर आकर बहुत शांति मिलेगी। 


गांधी सागर बांध मंदसौर - Gandhi Sagar Dam Mandsaur

गांधी सागर बांध मंदसौर जिले में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह बांध मंदसौर जिले में भानपुरा तहसील के पास स्थित है। आप इस बांध में बरसात के समय घूमने के लिए आ सकते हैं। बरसात के समय बांध में पानी भर जाता है, जिससे बांध के गेट खोले जाते हैं और गेट खुलने पर बांध का नजारा बहुत ही मनोरम होता है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह बांध चंबल नदी पर बना हुआ है और चंबल नदी गांधी सागर वन्य जीव अभयारण्य को दो भागों में विभाजित करती है। यह जगह बहुत खूबसूरत है। गांधी सागर बांध के पास ही में गार्डन स्थित है, जिसे आप देख सकते हैं। यहां पर आपको एक मूर्ति देखने के लिए मिलती है, जो अद्भुत लगती है । यहां पर वॉच टावर भी हैए जिससे आप आसपास का नजारा भी देख सकते हैं।  गांधी सागर बांध में 19 गेट हैंए और जब यह गेट खोले जाते हैंए तो दृश्य बहुत ही अद्भुत होता है। 1954 में बांध का निर्माण प्रारंभ हुआ तथा 1960 में बनकर तैयार हो गया । इस बांध को देखने के लिए आसपास के जिले के लोग बरसात के समय आते हैं। आप भी यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। अपनी फैमिली वालों के साथ और अपने दोस्तों के साथ। 


गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य मंदसौर - Gandhi Sagar Wildlife Sanctuary Mandsaur

गांधी सागर वन्य जीव अभ्यारण मंदसौर जिले में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यहां पर आकर आपको जंगली जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर आप नीलगायए हिरणए चीता देख सकते हैं। अगर आप यहां पर बरसात के समय आते हैंए तो यहां पर आपको चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है। गांधीसागर वन्य जीव अभ्यारण के अंदर और भी दर्शनीय स्थल हैंए जिन्हें आप देख सकते हैं। आप यहां पर आकर गांधी सागर बांध देख सकते हैं। चतुर्भुज नाला रॉक पेंटिंग देख सकते हैं। चतुर्भुज नाथ मंदिर देख सकते हैं। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह जगह प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। 


मंदसौर जिले के अन्य दर्शनीय स्थल
Other places of interest in Mandsaur district


कोलवी बौद्ध पुरातत्व स्थल
नरसिंह मंदिर जल प्रपात
गिरनार अम्यूज़मेंट - वाटर पार्क
नई आबादी पार्क
दशपुर कुंज
श्री कालेश्वर मंदिर
मंदसौर का किला
बंडी जी का बाग
खिड़की माता मंदिर


नीमच पर्यटन स्थल
रतलाम पर्यटन स्थल
रीवा पर्यटन स्थल
विदिशा के दर्शनीय स्थल


नीमच पर्यटन स्थल - Neemuch tourist place | Places to visit in Neemuch

नीमच  के दर्शनीय स्थल - Tourist places in Neemuch| Places to visit near Neemuch | Neemuch Tourism


नीमच में घूमने की जगहें


गांधी सागर बांध नीमच - Gandhi sagar dam Neemuch

गांधी सागर बांध नीमच जिले के पास स्थित एक महत्वपूर्ण आकर्षण स्थल है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। गांधी सागर बांध चंबल नदी पर बना हुआ सबसे बड़ा बांध है और चंबल नदी मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण नदी है। यह बाँध बहुत सुंदर है और विशाल है। गांधी सागर बांध चंबल घाटी परियोजना के अंतर्गत आता है। गांधी सागर बांध मध्यप्रदेश और राजस्थान की सीमा पर बनाया गया है। इस बांध के पानी का और बिजली का बंटवारा आधा-आधा दोनों राज्यों में होता है। यहां पर हाइड्रो पावर प्लांट भी बनाया गया है, जिससे 115 मेगावाट बिजली बनाई जाती है। इस पावर प्लांट में 5 छोटी छोटी इकाइयां स्थापित की गई है। इस बांध का निर्माण 1953  में बनना शुरू हुआ था और 1960 में बनकर तैयार हो गया। बरसात के समय अगर आप यहां पर आते हैं, तो गांधी सागर बांध पानी से पूरी तरह भरा होता है और इसके गेट खोले जाते हैं। इस बांध में 19 गेट है। यह गेट बरसात के समय खोले जाते हैं, जिससे अपार जल राशि निकलती है। इस दृश्य को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग बरसात के समय यहां पर आते हैं। आप यहां पर आते हैं, तो आपको यहां पर गार्डन भी देखने के लिए मिलता है। इस गार्डन को चंबल माता गार्डन के नाम से जाना जाता है। यह गार्डन बहुत खूबसूरत है। इस गार्डन से आपको गांधी सागर बांध का दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर वॉच टावर भी बने हुए हैं, जहां से आप को चंबल नदी के खूबसूरत दृश्य देखने मिलते हैं। इस गार्डन में आपको एक मूर्ति देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही खूबसूरत है। इस बांध का उद्घाटन 1960 में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु के द्वारा किया गया था। गांधी सागर बांध नीमच जिले से करीब 100 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर अपनी गाड़ी से पहुंच सकते हैं। 


नव तोरण मंदिर खोर नीमच - Nav Toran Temple Khor Neemuch

नव तोरण मंदिर नीमच जिले में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर नीमच जिले के खोर में स्थित है। यह मंदिर मुख्य नीमच शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है और यह मंदिर पत्थरों से बना हुआ है। मंदिर में आप आते हैं, तो आपको शिवलिंग देखने के लिए मिलता है। यहां पर आप वराह अवतार में विष्णु भगवान की प्रतिमा देख सकते हैं, जो पत्थर के बने हुए हैं। नव तोरण मंदिर 11वीं शताब्दी में बना हुआ था। इस मंदिर में 10 अलंकृत मेहराब है, या स्तंभ है। जिनमें खूबसूरत नक्काशी की गई है और उनमें मालाएं बनाई गई हैं। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं। 


समर कुंड महादेव मंदिर नीमच - Samer Kund Mahadev Temple Neemuch

समर कुंड महादेव मंदिर नीमच शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। इस मंदिर में आपको एक कुंड देखने के लिए मिलता है, जो बहुत सुंदर लगता है। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। यह मंदिर नीमच शहर से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पर महाशिवरात्रि को बहुत बड़ा मेले का आयोजन होता है। 


श्री भंवर माता मंदिर नीमच - Shri Bhanwar Mata Temple Neemuch

श्री भंवर माता मंदिर नीमच जिले के पास स्थित एक प्राचीन मंदिर है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं। इस मंदिर के आसपास घना जंगल स्थित है। यहां पर आपको बहुत सारे बंदर भी देखने के लिए मिलते हैं। आप यहां बंदरों से सावधान रहे हैं। यहां पर आपको मां दुर्गा की बहुत बड़ी प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही अद्भुत लगती है। आप यहां पर आ कर अपना समय बिता सकते हैं। यहां पर एक जलप्रपात भी है, जो बरसात के समय आपको देखने के लिए मिलता है। आपको यहां पर प्रकृति का बहुत अच्छा नजारा देखने को मिलेगा और यहां पर आपको हरियाली से भरी घाटी देखने के लिए मिलेगी। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। भंवर माता मंदिर प्रतापगढ़ जिले की छोटी सदरी तहसील से 3 किमी दूर स्थित है। यह मंदिर नीमच जिले से करीब 26 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर अपने वाहन से आ सकते हैं। आप यहां पर किराए से टैक्सी बुक करके भी आ सकते हैं। इस मंदिर को भंवर माता शक्ति पीठ के रूप में भी जाना जाता है। यहां पर आपको ज्यादा दुकानें देखने के लिए नहीं मिलेगी, इसलिए आप यहां पर आते हैं, तो आप अपनी तैयारी करके आएं। 


भंवर माता झरना नीमच - Bhanwar Mata Waterfall Neemuch

भंवर माता झरना भंवर माता मंदिर के पास स्थित एक प्राकृतिक जगह है। भंवर माता झरना नीमच शहर के पास स्थित एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आप बरसात के समय आते हैं, तो यहां पर आपको भंवर माता झरना देखने के लिए मिलता है। यह झरना बहुत खूबसूरत है और बरसात के समय पूरी तरह से पानी से भरा रहता है। आप इस झरने में नहाने का मजा भी ले सकते हैं। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यह जगह बहुत अच्छी है और चारों तरफ से प्राकृतिक वातावरण से घिरी हुई है। 


सुखानंद महादेव जी मंदिर - Sukhanand Mahadev Ji Temple Neemuch

सुखानंद मंदिर और आश्रम नीमच शहर में स्थित एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह धार्मिक स्थल है। यह स्थल भगवान शिव को समर्पित है। यहाँ पर भगवान शिव और संत सुखदेव जी का मंदिर है। यहां पर आपको भगवान शिव का शिवलिंग देखने के लिए मिलता है। यह जगह प्राकृतिक खूबसूरती से भरी हुई है। यहां पर बरसात के समय आपको झरना देखने के लिए मिलता है। यह झरना पहाड़ों से गिरता है, जो बहुत ही शानदार दृश्य लगता है। इस झरने में आप नहाने का मजा भी ले सकते हैं। यहां पर जलकुंड भी बना हुआ है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह मंदिर मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा पर स्थित है। यहां पर घूमने के लिए आया जा सकता है। सुखानंद धाम नीमच शहर से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर गाड़ी से आ सकते हैं। इस जगह का नाम सुखानंद है। यह जगह अपने नाम के अनुरूप है। सुखानंद का मतलब होता है सुख और आनंद। यहां पर आकर आपको आनंद ही मिलेगा और परम सुख मिलेगा। यहां पर आपको बहुत शांति मिलेगी।  प्राचीन समय में यहां पर सुखानंद मुनि ने तपस्या की थी इसलिए इस जगह को सुखानंद धाम के नाम से जाना जाता है। यहां पर प्राचीन गुफा है। यह एक दिन की सैर के लिए सबसे अच्छी जगह है। सुखानंद धाम के रास्ते में आपको हनुमान जी की एक मूर्ति देखने के लिए मिलती है, जो विशाल है। 


सीताराम जाजू सागर नीमच - Sitaram Jeju Sagar Neemuch

सीताराम जाजू सागर नीमच जिले में घूमने की अच्छी जगह है। यह एक जलाशय है। यह बहुत बड़ा जलाशय है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यहां पर आपको सूर्योदय एवं सूर्यास्त का बहुत ही मनोरम दृश्य देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर अपने दोस्तों के साथ आ सकते हैं।  इस बांध की कुल लंबाई 46.03 किलोमीटर है और बांध की जल संचयन क्षमता 78.12500 लाख किलोलीटर है। यह बांध नीमच जल प्रदाय योजना के अंतर्गत आता है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यह नीमच शहर के पास स्थित एक अच्छा पिकनिक स्थल है। आप यहां पर आकर गार्डन में भी घूम सकते हैं। यहां पर बहुत खूबसूरत गार्डन बना हुआ है। बरसात के समय डैम का पानी ओवरफ्लो होता है, जिसका नजारा बहुत ही मनोरम होता है। आप बरसात के समय यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको डैम में मगरमच्छ भी देखने के लिए मिल जाते हैं, क्योंकि डैम में मगरमच्छ भी है। 


श्री किलेश्वर महादेव मंदिर नीमच - Shri Kileshwar Mahadev Temple Neemuch

किलेश्वर महादेव मंदिर नीमच शहर में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। मंदिर में गार्डन भी स्थित है, जहां पर बहुत सारे झूले लगे हैं और बच्चे यहां पर खेल सकते हैं। आपको मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आपको शिवलिंग के दर्शन करने मिल जाते हैं। इस मंदिर के आसपास बहुत सारे पेड़ पौधे लगे हुए हैं, जिससे यहां का वातावरण बहुत अच्छा लगता है। आप यहां पर आ कर अपना समय शांति से बिता सकते हैं। यह मंदिर समिति द्वारा बहुत अच्छी तरह से प्रबंधित रखा गया है। मंदिर में आपको फव्वारा भी देखने के लिए मिलेगा। मंदिर के प्रवेश द्वार में दो हाथी बने हुए हैं, जो बहुत ही आकर्षक लगते हैं। श्री किलेश्वर महादेव मंदिर नीमच रेलवे स्टेशन के बहुत करीब है। आप यहां पर पैदल भी पहुंच सकते हैं। 


बालाजी धाम नीमच - Balaji Dham Neemuch

बालाजी धाम नीमच शहर में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है। यहां पर आपको हनुमान जी की भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। इस मंदिर की बनावट भी बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर आकर शांति से समय बिता सकते हैं। मंदिर में मंगलवार को बहुत भीड़ रहती है। 


सांवरिया सेठ मंदिर नीमच - Sawariya Seth Temple Neemuch

सवारिया सेठ मंदिर नीमच शहर के पास स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है और बहुत ही भव्य मंदिर है। यह मंदिर श्री कृष्ण जी को समर्पित है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं। इस मंदिर की दीवारों पर  बहुत ही खूबसूरत नक्काशी की गई है। सांवरिया सेठ मंदिर में दीवारों पर सोने की नक्काशी की गई है। आप यहां पर आकर इस मंदिर की भव्यता को देख सकते हैं। इस मंदिर में आपको राधे कृष्ण जी की भव्य मूर्ति देखने के लिए मिल जाती है। 


पिपलिया का किला नीमच - Piplia Fort Neemuch

पिपलिया किला नीमच शहर में स्थित एक प्राचीन किला है। यहां पर आपको एक बावली देखने के लिए मिलती है, जिसमें सीढ़ियां बनी हुई है। यह बावड़ी बहुत खूबसूरत लगती है। यहां पर एक मंदिर भी है। आप मंदिर भी घूम सकते हैं। बरसात के समय बावड़ी में पानी भर जाता है। इस किले को कुंड वाले मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर जो मंदिर स्थित है, वह पत्थर से बना हुआ है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 


भादवा माता मंदिर नीमच - Bhadwa mata mandir Neemuch

भादवा माता मंदिर नीमच में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर पूरे मध्यप्रदेश में प्रसिद्ध है। यह एक चमत्कारिक मंदिर है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इस मंदिर में एक कुंड है, जिसमें स्नान करने से लकवा रोग और पोलियो से ग्रसित इंसान ठीक हो सकता है। यहां पर लोग अपनी बीमारियां लेकर आते हैं और ठीक होकर जाते हैं। यहां पर आप भादवा माता के दर्शन कर सकते हैं। भदवामाता चांदी के सिंहासन पर विराजमान है। कहा जाता है कि यहां पर आकर मन्नत मानने से जरूर पूरी होती है। आप भी यहां पर आ सकते हैं। यहां पर आप अपनी फैमिली के साथ आ सकते हैं। मंदिर के चारों तरफ आपको बाजार देखने के लिए मिलता है, जिसमें काफी भीड़ भाड़ होती है। नवरात्रि के समय मंदिर को सजाया जाता है। नवरात्रि के समय भदवामाता को गहनों और नए वस्त्रों से सजाया जाता है, जिससे मूर्ति और भी अद्भुत लगती है। मूर्ति के नीचे आपको नौ देवियों के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा। भादवा माता मंदिर नीमच शहर से करीब 18 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। आप यहां पर ऑटो बुक करके भी आ सकते हैं। यहां पर एक अखंड ज्योत जल रही है, जो यहां पर बहुत प्राचीन समय से जल रही है। मंदिर में आपको सभी तरह की सुविधाएं मिल जाती है और आपको यहां आकर अच्छा लगेगा। 


नीलकंठ महादेव मंदिर नीमच - Neelkanth Mahadev Temple Neemuch

नीलकंठ महादेव मंदिर नीमच शहर में स्थित एक अच्छी जगह है। यह मंदिर से भगवान शिव जी को समर्पित है। यहां पर चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको तालाब भी देखने के लिए मिलता है, जिसे नीलकंठ सागर कहा जाता है। आप यहां पर घूमने का प्लान बना सकते हैं। यह पिकनिक मनाने के लिए बहुत अच्छी जगह है। मंदिर में शिवलिंग विराजमान हैं। आप यहां पर आकर शांति से अपना समय बिता सकते हैं। यह मंदिर मनसा और नीमच के बीच में स्थित है। 


चतुर्भुज नाथ जी का मन्दिर नीमच - Chaturbhuj Nath Temple Neemuch

चतुर्भुज नाथ जी का मंदिर गांधी सागर अभ्यारण्य में स्थित है। यह अभ्यारण्य नीमच शहर के बहुत करीब है। यह नीमच शहर के पास स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं। इस मंदिर में आपको शंकर भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आ कर आपको बहुत अच्छा लगेगा। चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है। यहां पर एक नदी भी बहती है, जिसका दृश्य बहुत ही खूबसूरत रहता है। आप यहां पर आ कर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं।


चतुर्भुज नाला रॉक पेंटिंग नीमच - Chaturbhuj Nala Rock Painting Neemuch

चतुर्भुज नाला गांधी सागर वन्य जीव अभ्यारण के अंदर स्थित एक पुरातात्विक स्थल है। यहां पर आपको रॉक पेंटिंग देखने के लिए मिल जाएगी, जो आदिमानव के समय की बनाई गई है। यह पेंटिंग चतुर्भुज नाला के दोनों तरफ स्थित है। आप यहां पर आकर प्रकृति के खूबसूरत दृश्य देख सकते हैं। यह जगह बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर अपने दोस्तों परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं। इन रॉक पेंटिंग में आपको प्राचीन समय में होने वाली गतिविधियों को दर्शाया गया है। यहां पर बहुत बड़ी संख्या में रॉक पेंटिंग उपलब्ध है। आप यहां पर आकर इन पेंटिंग को देख सकते हैं। 


मोरवान डैम नीमच - Morwan Dam Neemuch

मोरवान बांध नीमच शहर के पास स्थित एक पर्यटन स्थल है। आप यहां पर बरसात के समय घूमने के लिए आ सकते हैं। बरसात के समय इस बांध में पानी पूरी तरह से भर जाता है और पानी ओवरफ्लो होता है, जिसका दृश्य बहुत ही मनोरम होता है। यहां पर आप को आकर अच्छा लगेगा। यहां पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। मोरवान डैम नीमच शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर गाड़ी से पहुंच सकते हैं। 


मेनाल जलप्रपात नीमच - Menal Waterfall Neemuch

मेनाल जलप्रपात नीमच शहर के पास स्थित एक खूबसूरत झरना है। आप यहां पर बरसात के समय घूमने के लिए जा सकते हैं। यह झरना ऊंची पहाड़ी से गिरता हैए जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। यह झरना जंगल के बीच में स्थित है और झरना घाटी में गिरता है। यहां पर घाटी का दृश्य बहुत ही अद्भुत होता है। आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। अपने दोस्तों के साथ और अपनी फैमिली लोगों के साथ। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा और यहां पर आपको शांति मिलेगी। 


मेनाल शिव मंदिर नीमच - Menal Shiva Temple Neemuch

मेनाल शिव मंदिर प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर मेनाल वॉटरफॉल के पास ही में स्थित है। आप यहां पर मेनाल वॉटरफॉल देखने के लिए आते हैं, तो मंदिर में भी आ सकते हैं। यह मंदिर पत्थरों से बना हुआ है और इस मंदिर की दीवारों में आपको खूबसूरत नक्काशी देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा और शांति मिलेगी। 


गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य नीमच - Gandhi Sagar Wildlife Sanctuary Neemuch

गांधी सागर वन्य जीव अभयारण्य नीमच शहर के पास स्थित  एक पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको बहुत सारी जंगली जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। इस अभयारण्य को चंबल नदी दो भागों में विभाजित करती है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यहां का प्राकृतिक वातावरण आपको बहुत अच्छा लगेगा। गांधी सागर वन्य जीव अभ्यारण में गांधी सागर बांध भी आपको देखने के लिए मिलता है। अगर आप बरसात के समय आते हैं, तो यहां पर चारों तरफ हरियाली होती है और बांध के गेट भी खोले जाते हैं, जिसका दृश्य बहुत ही अद्भुत होता है। 


श्री चारभुजा मंदिर मेग्पुरा नीमच


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रतलाम में घूमने की जगहें


धोलावाड़ बांध रतलाम - Dholawad dam Ratlam

धोलावाड़ बांध रतलाम के पास स्थित एक मुख्य आकर्षण स्थल है। धोलावाड़ रतलाम शहर में स्थित एक जलाशय है और रतलाम शहर में पीने के पानी के लिए धोलावाड़ जलाशय से पानी का उपयोग किया जाता है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां का नजारा बहुत खूबसूरत रहता है। चारों तरफ हरियाली रहती है। अगर आप बरसात के समय आते हैं, तो आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। बरसात के समय धोलावाड़ बांध में पानी बढ़ जाता है, जिससे पानी ओवरफ्लो होता है, जो बहुत ही खूबसूरत दिखता है। आप यहां पर बरसात के समय घूमने के लिए आ सकते हैं और आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। 


धोलावाड़ इको टूरिज्म पार्क रतलाम - Dholawad eco tourism park Ratlam

धोलावाड़ इको टूरिज्म पार्क में आप बहुत सारी पानी में होने वाली गतिविधियों का मजा ले सकते हैं। धोलावाड़ बांध बहुत खूबसूरत है और आप यहां घूमने के लिए आ सकते हैं। घूमने के साथ-साथ आप इस बांध में होने वाली विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का मजा ले सकते हैं। आप यहां पर वाटर स्कूटर का मजा ले सकते हैं। हॉट एयर बैलून का मजा ले सकते हैं। बोट राइड और बनाना राइड का मजा ले सकते हैं। माउंटेन बाइकिंग कर सकते हैं। तीरंदाजी कर सकते हैं। कैमल हॉर्स राइड का मजा ले सकते हैं। आपको इन सब गतिविधियां करने में बहुत मजा आएगा। यहां पर पैरासेलिंग भी होती है। आप यहां पर कैंपिंग का भी मजा ले सकते हैं। इन सभी के प्राइस अलग-अलग रहते हैं और आपको यह सभी गतिविधियां करके बहुत अच्छा लगेगा। यह 1 दिन की पिकनिक के लिए बहुत अच्छा स्थान है और आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आकर बहुत मजे कर सकते हैं।

 

महालक्ष्मी मंदिर रतलाम - Mahalaxmi mandir Ratlam

महालक्ष्मी मंदिर रतलाम शहर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। महालक्ष्मी मंदिर मुख्य रतलाम शहर में स्थित है। आप इस मंदिर में आसानी से पहुंच सकते है। आप इस मंदिर में साल में कभी भी घूमने के लिए आ सकते हैं। मगर आप दीपावली के समय आते हैं, तो मंदिर में बहुत ही खूबसूरत सजावट की जाती है। दीपावली के समय सोना चांदी और रुपए से इस मंदिर को सजाया जाता है। लाखों करोड़ों रुपए से इस मंदिर को सजाया जाता है। रतलाम शहर के बड़े-बड़े व्यापारी इस मंदिर में नगदी, सोने, चांदी जमा करते हैं और उसी नगदी और सोने चांदी से मंदिर को सजाया जाता है। दीपावली 2 दिन तक मंदिरों को इसी तरह से सजा के रखा जाता है। उसके बाद व्यापारी अपने नकदी और सोने-चांदी वापस लेकर जाते हैं। आपको इस समय मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगेगा और अगर आप दीपावली के समय रतलाम में है, तो दीपावली के समय इस मंदिर में आप जरूर जाएं और मां लक्ष्मी जी के दर्शन करें। 


कालिका माता मंदिर रतलाम - Kalika mata mandir Ratlam

कालिका माता मंदिर रतलाम शहर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर मुख्य रतलाम शहर में स्थित है। आप इस मंदिर में आसानी से आ सकते हैं। यह मंदिर बहुत प्राचीन है और कहा जाता है कि इस मंदिर का संबंध राजघराने से रहा है। इस मंदिर में नवरात्रि के समय 10 दिन का मेला आयोजित किया जाता है, जिसमें शहर के लोग आते हैं। नवरात्रि में यहां पर गरबे का आयोजन होता हैए जिसमें बहुत सारे लोग भाग लेते हैं। आपको यहां पर तालाब देखने के लिए मिलता है, जिसे झाली तालाब कहते हैं। तालाब में फव्वारा लगा हुआ है। तालाब के पास ही में गार्डन भी बना हुआ है, जहां पर आप शांति से बैठ कर अपना समय बिता सकते हैं। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको यहां आकर बहुत अच्छा लगेगा। इस मंदिर के पास ही में एक पार्क स्थित है। पार्क में बच्चों के लिए बहुत से झूले लगे हुए हैं।


कैक्टस गार्डन सैलाना रतलाम - Cactus garden sailana Ratlam

कैक्टस गार्डन रतलाम शहर का एक प्रमुख आकर्षण है। यहां पर आपको कैक्टस की अनेकों प्रजातियां देखने के लिए मिलती हैं। यह गार्डन रतलाम शहर से करीब 22 किलोमीटर दूर होगा।आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यह गार्डन रतलाम शहर में सैलाना में स्थित है। आप इस गार्डन में आ सकते हैं। इस गार्डन में एंट्री का चार्ज लिया जाता है। इस गार्डन में आपको कैक्टस की विभिन्न प्रजातियां देखने के लिए मिलती है। यह गार्डन एशिया का सबसे बड़ा कैक्टस गार्डन है। आपको यहां पर एक राज महल भी देखने के लिए मिलता है। इस गार्डन में कैक्टस के जो प्लांट लगे हैं, उन्हें बाहर से लाया गया है। इनमें से कुछ प्रजाति भारतीय है। यह कैक्टस गार्डन बहुत प्राचीन है और इस कैक्टस गार्डन की स्थापना यहां के राजा दिग्विजय सिंह द्वारा की गई थी। आपको कैक्टस गार्डन में एक राज महल भी देखने के लिए मिलता है, जिसमें यहां के राजा निवास करते थे। यह राज महल अब बंद है। आप इस राज महल को बाहर से देख सकते हैं। इस गार्डन में बैठने के लिए चेयर बने हुए हैं। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। आपको यहां आकर अच्छा लगेगा। 


कीर्ति स्तंभ सैलाना रतलाम - Kirti stambh Sailana Ratlam

कीर्ति स्तंभ रतलाम के सेलिना में स्थित एक प्राचीन इमारत है। इस स्तंभ का निर्माण तत्कालीन नरेश जसवंत सिंह द्वारा कराया गया था। इस स्तंभ का निर्माण 1859 से 1919 के बीच करवाया गया था। यह कीर्ति स्तंभ पत्थर व चूना से बना हुआ है। इस स्तंभ का निर्माण ब्रिटिश शासन के 100 वर्ष पूर्ण होने पर स्मारक स्तंभ के रूप में किया गया था। इस स्तंभ में ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां बनाई गई हैं। आप इस स्तंभ के ऊपर जा सकते हैं और चारों तरफ का खूबसूरत व्यू देखने के लिए मिलता है। 


श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर रतलाम - Kedareshwar temple Ratlam

श्री केदारेश्वर महादेव रतलाम शहर का एक दर्शनीय स्थल है। केदारेश्वर मंदिर मंदिर रतलाम जिले में सैलाना में स्थित है। यह सैलाना से करीब 6 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यहां पर शिव भगवान जी का मंदिर है। यह मंदिर चारों तरफ से खूबसूरत पहाड़ियों से घिरा हुआ है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर अगर आप बरसात के समय आते हैं, तो बरसात के समय आपको यहां पर जलप्रपात देखने के लिए मिलता है और जलप्रपात एक कुंड पर गिरता है। यह कुंड गहरा है। केदारेश्वर मंदिर में जलप्रपात के नीचे चट्टानों को काटकर गुफा बनाई गई है। यह गुफा मानव निर्मित है और यहीं पर शिवलिंग विराजमान है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह जगह चारों तरफ ऊंची ऊंची पहाड़ियों से घिरी हुई है। यहां पर बरसात के समय चारों तरफ हरियाली रहती है। यहां पर सावन सोमवार के समय और महाशिवरात्रि के समय मेले का भी आयोजन होता है और लाखों की संख्या में लोग यहां पर आते हैं। 


बिरला मंदिर नागदा रतलाम - Birla mandir nagda Ratlam

बिरला मंदिर रतलाम के पास नागदा में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर बहुत ही भव्य है। यह मंदिर पत्थर से बना हुआ है। यह मंदिर बिरला फाउंडेशन के द्वारा बनाया गया है। आप यहां पर आकर इस विशाल मंदिर को देख सकते हैं। इस मंदिर की दीवारों पर खूबसूरत नक्काशी की गई है। बिरला मंदिर पिकनिक के लिए एक बहुत अच्छी जगह है। यहां पर आपको गार्डन भी देखने के लिए मिलता है, जिसमें तरह-तरह की फूल लगे हुए हैं। यह मंदिर श्री राधा कृष्ण जी को समर्पित है। आप यहां पर आते हैं, तो आपको राधा कृष्ण जी की भव्य मूर्ति देखने के लिए मिलती है।  नागदा रतलाम शहर से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। नागदा एक छोटा सा शहर है।  आप यहां पर गाड़ी से आ सकते हैं। आप यहां पर ट्रेन से भी आ सकते हैं। बिरला मंदिर रेलवे स्टेशन से बहुत करीब में स्थित है। आपको मंदिर के बाहर गार्डन में फव्वारे भी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर यहां का आसपास का दृश्य बहुत ही खूबसूरत रहता है। चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है। मंदिर के अंदर भी बहुत ही खूबसूरत कलाकृतियां बनाई गई हैंए जिन्हें आप देख सकते हैं। मंदिर की छत में खूबसूरत नक्काशी की गई है। 


कुंड वाली चामुंडा माता मंदिर रतलाम - Kund wali Chamunda Mata Temple Ratlam

चामुंडा माता मंदिर नागदा में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर चंबल नदी के बीच में स्थित है। बरसात के समय इस नदी में बाढ़ का पानी आ जाता है और मंदिर पूरी तरह पानी में डूब जाता है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको यहां पर बहुत अच्छा लगेगा। इस मंदिर में आपको चामुंडा माता की भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। गर्मी में यहां पर पानी सूख जाता है। आप यहां पर आकर माता के दर्शन कर सकते हैं और एक शांत वातावरण में बैठ सकते हैं। यहां पर नवरात्र के समय बहुत सारे लोग मां के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां पर नवरात्रि के समय दुकानें भी लगती हैं। आपको यहां पर अन्य छोटी.छोटी मंदिर और मूर्तियां देखने के लिए मिलती है। यहां का नजारा बहुत प्यारा रहता है। चंबल नदी का दृश्य अद्भुत दिखाई देता है। यहां पर नदी का पानी नहीं सूखता है। 


अष्टपद जैन तीर्थ रतलाम - Ashtapad Jain Tirtha Ratlam

अष्टापद जैन तीर्थ एक धार्मिक स्थल है। यह जैन समुदाय का धार्मिक स्थल है। आपको यहां पर आकर बहुत ही खूबसूरत मार्बल से बना हुआ मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर बहुत ही अद्भुत लगता है। यह मंदिर मेन हाईवे रोड में स्थित है। आप यहां पर आसानी से घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर ठहरने के लिए और भोजशाला उपलब्ध है। 


श्री नागेश्वर पार्श्वनाथ जैन मंदिर रतलाम - Nageshwar jain mandir Ratlam

श्री नागेश्वर पाश्र्वनाथ जैन मंदिर मध्य प्रदेश का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर मध्यप्रदेश और राजस्थान के बॉर्डर पर स्थित है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है और बहुत भव्य है। आपको यहां पर आकर बहुत शांति मिलेगी। यह जैन तीर्थ स्थल है। यहां पर 23 वें तीर्थंकर श्री पार्श्वनाथ भगवान की बहुत ही भव्य मूर्ति हैं। यह मूर्ति प्राचीन है। यहां मूर्ति लगभग 2800 साल पुरानी है। इस मंदिर में स्थापित मूर्ति लगभग 2800 साल पुरानी है। यह मंदिर सफेद संगमरमर से बना हुआ है और बहुत भव्य लगता है। मंदिर का प्रवेश द्वार भी बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर आते हैं, तो यहां पर ठहरने की और भोजन की व्यवस्था है, जो बहुत ही कम कीमत पर उपलब्ध है। यहां पर आपको बहुत शांति मिलेगी। यहां पर और भी मंदिर आपको देखने के लिए मिलते हैं। आप यहां पर अपने दोस्तों और फैमिली वालों के साथ आ सकते हैं। यह बहुत अच्छी जगह है। यहां पर आकर आपको शांति मिलेगी।

 

विरुपाक्ष मंदिर बिलपांक रतलाम - Virupaksha Temple Bilpank Ratlam

विरुपाक्ष महादेव मंदिर एक प्राचीन मंदिर है। यह रतलाम शहर में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह एक ऐतिहासिक स्थल है। यह मंदिर शंकर भगवान जी को समर्पित है। मंदिर के गर्भ गृह में शिवलिंग स्थापित है। यह मंदिर महाशिवरात्रि में होने वाले प्रसाद वितरण को लेकर प्रसिद्ध है। यह मंदिर 1000 साल पुराना है। मंदिर में आपको बहुत सारे स्तंभ देखने के लिए मिलते हैं। स्तंभों में आपको खूबसूरत नक्काशी देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर बिलपांक ग्राम में स्थित है। यह मंदिर रतलाम से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से जा सकते हैं। यहां पर आने के लिए अच्छी सड़क है। इस मंदिर में लोग बच्चों के लिए मन्नत मांगने के लिए आते हैं, और कहा जाता है कि जो भी इस मंदिर में मन्नत मानता है। उसकी मन्नत पूरी होती है और वह यहां महाशिवरात्रि में वितरित होने वाले प्रसाद को ग्रहण करते हैं। कहा जाता है कि यहां पर खीर प्रसाद के रूप में बांटी जाती है और वह भी हफ्तों पुरानी खीर और लोग उसे प्रसाद के रूप में खाते हैं। जिससे उनकी बच्चों की मन्नत पूरी होती है। यहां पर सावन सोमवार पर कावड़ यात्रा निकाली जाती हैए जिसमें हजारों की संख्या में कावड़ यात्री भाग लेते हैं। 


मांगल्य मंदिर रतलाम - Mangalya mandir Ratlam

मांगल्य मंदिर रतलाम में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह बहुत खूबसूरत मंदिर है। आपको यहां पर बहुत सारी मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं, जो बहुत अद्भुत लगती हैं। आपको यहां पर बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिल जाएंगे। यहां पर गार्डन भी है, जहां पर आप घूम सकते हैं। मंदिर में मोबाइल ले जाना की पाबंदी है। इस मंदिर को जे वी एल के नाम से जाना जाता है। 


गढ़ खंखाई माताजी रतलाम - Garh Khankhai Mataji Ratlam

गढ़ खंखाई माताजी मंदिर रतलाम शहर में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर माही नदी के किनारे स्थित है। इस मंदिर से माही नदी का मनोरम दृश्य देखने के लिए मिलता है। नवरात्रि के समय यहां पर मां के दर्शन करने के लिए लोगों की भीड़ जमा होती है। यहां पर चारों तरफ का दृश्य बहुत ही अद्भुत है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह मंदिर रतलाम से करीब 38 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह बाजना रोड पर स्थित है। 


सैलाना वन्यजीव अभयारण्य रतलाम - Sailana Wildlife Sanctuary Ratlam

सैलाना वन्यजीव अभयारण्य रतलाम का एक प्रसिद्ध अभ्यारण है। यहां पर आपको बहुत सारे जानवर और पक्षियों की प्रजातियां देखने के लिए मिलती हैं। यह अभयारण्य रतलाम के सैलाना में  स्थित है। यह अभयारण्य 13 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आकर घूम सकते हैं। आपको यहां पर अच्छा लगेगा। 


माही बजाज सागर बांध रतलाम - Mahi bajaj sagar Pariyojana

माही बजाज सागर बांध रतलाम के पास स्थित एक खूबसूरत बांध है। यहाँ पर आपको बहुत सारे टापू देखने मिलते हैं। आप यहां पर एक दिन पिकनिक बनाने के लिए आ सकते हैं। यह जगह बहुत खूबसूरत है और बरसात के समय अगर आप यहां पर आते हैं, तो आपको यहां पर ज्यादा आनंद आएगा। यह जगह हरियाली से घिरी होती है।


रणजीत हनुमान मंदिर  रतलाम (Ranjit Hanuman Temple Ratlam)

करमदी जैन मंदिर  रतलाम (Karamadi Jain Temple Ratlam)


विदिशा के दर्शनीय स्थल

नरसिंहपुर पर्यटन स्थल

छिंदवाड़ा पर्यटन स्थल

अमरकंटक के दर्शनीय स्थल


सिवनी जिले के पर्यटन स्थल - Seoni tourist place | Places to visit in seoni

सिवनी जिले के दर्शनीय स्थल - Places to visit near Seoni | Seoni Tourism


सिवनी में घूमने की जगहें


दलसागर झील सिवनी - Dalsagar Lake Seoni

दलसागर झील सिवनी शहर का एक मुख्य पर्यटन आकर्षण है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आप बोटिंग का मजा भी ले सकते हैं। झील के मध्य में एक द्वीप बना हुआ है, जो बहुत ही आकर्षक लगता है। दलसागर झील सिवनी शहर के बीचोंबीच स्थित है। आप यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। आप यहां अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं। झील से सूर्यास्त का नजारा बहुत ही मनोरम होता है। 


अंबा माई सिवनी - Amba mai Seoni

अंबा माई एक धार्मिक स्थल होने के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। यह सिवनी जिले का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह घने जंगलों के बीच में पहाड़ों पर स्थित है। यह सिवनी जिले के बरहट तहसील के अम्मा माई गांव में स्थित है। आपको यहां पर एक नदी देखने के लिए मिलती है। इसके अलावा यहां पर एक कुंड है। यहां पर शंकर भगवान जी की बहुत ही भव्य प्रतिमा भी आपको देखने के लिए मिलती है और यहां अंबा मां की मूर्ति भी विराजमान है। यहां पर खूबसूरत मंदिर बना हुआ है। यहां पर आपको बहुत सारे बंदर भी देखने के लिए मिलते हैं। आपको बंदर से संभल कर रहने की आवश्यकता है।


भीमगढ़ जलाशय सिवनी - Bhimgarh bandh

भीमगढ़ जलाशय सिवनी के छपारा ब्लॉक के पास स्थित एक बांध है। यह बांध बहुत बड़ी क्षेत्र में फैला हुआ है। आप इस बांध को देखने के लिए बरसात के समय आ सकते हैं। बरसात के समय इस बांध का नजारा बहुत ही रमणीय होता है। आप नेशनल हाईवे 7 से इस बांध तक आसानी से पहुंच सकते हैं। यह बांध 1970 - 1980 के बीच  बना है। इस बांध को संजय गांधी बांध भी कहा जाता है। यह बांध वैनगंगा नदी पर बनाया बना हुआ है, जिसका उद्गम सिवनी के मुंडेर गांव में हुआ है। भीमगढ़ जलाशय एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी का बांध है। इस बांध के पास में ही जल विद्युत का संयंत्र लगाया गया है। इस बांध से जल विद्युत बनाया जाता है। 


गुरु रत्नेश्वर धाम मंदिर सिवनी - Guru Ratneshwar Dham Temple Seoni

गुरु रत्नेश्वर धाम सिवनी जिले में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको एक भव्य मंदिर देखने के लिए मिलता है। इस मंदिर में स्फटिक शिवलिंग रखा गया है। स्फटिक एक प्रकार का पत्थर होता है, जो पारदर्शी होता है, जिसके आर पार देखा जा सकता है। इस पत्थर का शिवलिंग यहां पर रखा गया है, जो बहुत ही अद्भुत लगता है। आप यहां पर आते हैं, तो स्फटिक शिवलिंग के दर्शन कर सकते हैं। गुरु रत्नेश्वर धाम सिवनी से करीब 16 किलोमीटर की दूरी पर दिघोरी नामक गांव में स्थित है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। इस स्थान के बारे में कहा जाता है कि यहां पर श्री शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज का जन्म स्थान है। आपको यहां आकर बहुत अच्छा लगेगा। मंदिर के बाहर बगीचा भी है और यह मंदिर साउथ इंडियन स्टाइल में बना हुआ है और बहुत खूबसूरत है। इस मंदिर में सावन सोमवार और महाशिवरात्रि की समय इस अद्भुत शिवलिंग के दर्शन करने के लिए ज्यादा तादाद में लोग आते हैं। 


समनापुर जैन मंदिर सिवनी - Samnapur Jain Temple Seoni

समनापुर जैन मंदिर सिवनी के लखनादौन में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह एक जैन धार्मिक स्थल है। यह एक  दिगंबर जैन मंदिर है। यह मंदिर मार्बल से बना हुआ है और बहुत ही भव्य लगता है। मंदिर में आपको जैन संत की मूर्ति देखने के लिए  मिलेगी। इस मंदिर में आपको सभी प्रकार की सुविधा मिल जाती है। यहां पर ठहरने की व्यवस्था भी है। आप यहां पर रुक सकते हैं। इसके अलावा यहां पर आपको पार्किंग की, ड्रिंकिंग वाटर की, वॉशरूम की सभी सुविधाएं मिल जाती है। 


आदेगांव का किला सिवनी - Adegaon Fort Seoni

आदेगांव का किला सिवनी जिले के लखनादौन के पास स्थित है। यह एक प्राचीन स्थल है। यहां पर आपको एक किला देखने के लिए मिलता है। किले का अधिकांश भाग नष्ट हो गया है। किले में चारों तरफ के कोने में आपको प्राचीन बुर्ज देखने के लिए मिलते हैं, जो उस समय शत्रुओं से रक्षा करने के लिए बनाए गए थे। यह किला आदेगांव में एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यह किला लखनादौन से नरसिंहपुर जाने वाली सड़क के पास स्थित आदे गांव नामक ग्राम में स्थित है। यह किला लखनादौन से करीब 15 या 16 किलोमीटर दूर होगा। इस किले तक आप अपनी गाड़ी से जा सकते हैं। यहां पर आप बस या ऑटो से भी जाया जा सकता है। किले में जाने के लिए सीढ़ियां हैं। किले में भैरव बाबा का प्राचीन मंदिर है, जो बहुत प्रसिद्ध है। किले के बाहर एक मस्जिद भी है। किले के पीछे आपको एक झील देखने के लिए मिलती है। किले के पीछे झील के तरफ जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। यहां पर आपको आकर अच्छा लगेगा। किले के अंदर प्राचीन समय में जो भी निर्माण हुए थे। वह ध्वस्त हो गए हैं और वहां पर अब पेड़ पौधे उगाई है। आपको यहां पर अच्छा लगेगा और यह प्राचीन स्थल होने के साथ-साथ धार्मिक स्थल भी है, तो आप यहां आकर अच्छा समय बिता सकते हैं। आप इस किले में आकर आदेगांव ग्राम का पूरे क्षेत्र का दृश्य देख सकते हैं। आपको इस किले से दूर-दूर तक का नजारा देखने के लिए मिलता है। इस किले का जो सामने का हिस्सा है, वो टूट कर गिर गया है। मगर यह किला देखने में बहुत ही जबरदस्त लगता है।  आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 


भैरव बाबा का मंदिर आदेगांव सिवनी - Bhairav Baba's temple Adegaon Seoni

भैरव बाबा का मंदिर आदेगांव ग्राम में आदेगांव किले के अंदर स्थित है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है और इस मंदिर का निर्माण अंग्रेजों के समय किया गया है। आप यहां पर आकर भैरव बाबा का मंदिर देख सकते हैं। इस मंदिर में भैरव बाबा की प्रतिमा विद्वान है। यहां पर शिवलिंग भी विराजमान है। आप जैसे ही किले के अंदर प्रवेश करेंगे। आपको बाएं तरफ एक मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको भैरव बाबा की प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं।किले के अंदर बाकी का हिस्सा मैदान में बदल गया है। सिर्फ आपको यह मंदिर ही किले के अंदर देखने के लिए मिलता है। किले के पीछे आपको एक तालाब देखने के लिए मिलता है। इस तालाब के किनारे एक पेड़ लगा हुआ है, जिसे श्यामलता का पेड़ कहा जाता है। कहा जाता है कि इसकी पत्तियों में आपको श्री कृष्णा और राधा जी का नाम लिखा हुआ देखने के लिए मिलता है, यह बहुत ही अद्भुत बात है और आप यहां पर आकर अद्भुत चीजों के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर साल में एक बार विशाल मेले का आयोजन होता है। अगर आप रविवार के दिन यहां पर आते हैं, तो रविवार के दिन यहां पर सब्जी की मार्केट भरता है, जिससे आप यहां पर मुख्य सड़क से किले तक नहीं पहुंच सकते हैं। रविवार के दिन यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ होती है। आपको किले तक जाने के लिए दूसरे रास्ते से जाना पड़ता है। 


मठ घोघरा झरना सिवनी - Math Ghoghara Waterfall Seoni

मठ घोघरा झरना सिवनी जिले में लखनादौन में स्थित एक प्राकृतिक स्थल है। यह जगह प्राकृतिक स्थल होने के साथ-साथ एक धार्मिक स्थल भी है। यहां पर शिव भगवान का एक बहुत ही प्राचीन शिवलिंग विराजमान है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आपको बरसात के समय एक जलप्रपात देखने के लिए मिलता है। जलप्रपात के नीचे आपको एक गुफा देखने मिलती है। यह गुफा पत्थरों को काटकर बनाई गई है। यहां पर आपको शिव भगवान जी का शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। इसके अलावा यहां पर 12 ज्योतिर्लिंगों के प्रतिरूप भी रखे हुए हैं। आप उनके दर्शन भी कर सकते हैं। यहां पर शिव भगवान जी की एक प्रतिमा भी है। आप उसके भी दर्शन कर सकते हैं। इस गुफा में ठहरने के लिए छोटे से कमरा बनाया गया है। आप यहां पर आकर पिकनिक मना सकते हैं और बहुत सारे लोग यहां पर आकर पिकनिक मनाते हैं। मगर अगर आप इस जगह आते हैं, तो इस जगह को गंदा मत करिएगा। बहुत खूबसूरत जगह है और इस का आनंद लीजिएगा। यहां पर आपको पीने का पानी पहाड़ों से आता है। पहाड़ों से झरना गिरता है, जो पीने योग्य पानी है। वह पानी एक टैंक में आता है और उस टैंक से आप पानी पी सकते हैं। यहां आने का जो रास्ता है। वह भी बहुत खूबसूरत है। घुमावदार सड़क से होते हुए आप मंदिर तक पहुंचते हैं। इस जगह को परमहंसी आश्रम भी कहा जाता है।  यहां पर आपको बड़े-बड़े त्रिशूल देखने के लिए मिलते हैं और यहां पर बरसात के समय पहाड़ों का नजारा बहुत ही प्यारा होता है। चारों तरफ हरियाली रहती है और यहां पर आपको झरना देखने के लिए मिलता है। उसके ऊपर भी झरना पहाड़ों से बहता हुआ बहुत खूबसूरत लगता है। 


बंजारी माता मंदिर सिवनी - Banjari Mata Mandir Seoni

बंजारी माता का मंदिर सिवनी जिले के छपारा ब्लॉक में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको बंजारी माता की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर जंगल के बीच में स्थित है। यह मंदिर जबलपुर नागपुर हाईवे रोड पर स्थित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। मंदिर में आपके ठहरने की व्यवस्था है। आपको ठहरने के लिए मंदिर ट्रस्ट से परमिशन लेनी पड़ती है। यहां पर आपको बंदर भी देखने के लिए मिलते हैं। बंजारी माता मंदिर सिवनी जिले का एक अच्छी जगह है। आप जब भी जबलपुर से नागपुर की यात्रा रहती है। तब आप यह मंदिर घूम सकते हैं। आप यहां फैमिली वालों के साथ और दोस्तों के साथ भी आ सकते हैं। 


बड़ा दिगंबर जैन मंदिर सिवनी - Bada Digambar Jain Mandir Seoni

बड़ा दिगंबर जैन मंदिर सिवनी शहर का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह जैन मंदिर है। यह मुख्य सिवनी शहर में स्थित है। आप यहां आसानी से आ सकते हैं। यह मंदिर बहुत पुराना मंदिर है। मंदिर में आपको जैन संतों की मूर्तियां देखने के लिए मिलेंगी। मंदिर के गर्भ गृह में विराजमान मूर्ति बहुत ही खूबसूरत है और मंदिर की सजावट भी बहुत ही आकर्षक है। इस मंदिर में आपको एक रथ देखने के लिए मिलता है, जो चांदी का है। रथ में घोड़े भी हैं, वह भी चांदी के हैं। यह एक प्राचीन मंदिर है और आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। 


आष्टा काली मंदिर सिवनी - Ashta Kali Mandir Seoni

आष्टा का काली मंदिर एक प्राचीन मंदिर है। यह सिवनी शहर में स्थित एक मुख्य आकर्षण है। यह एक धार्मिक जगह है। यह मंदिर पत्थरों से बनाया गया है और कहा जाता है कि यह मंदिर एक रात में बनाया गया था। मंदिर में आपको मां काली की मूर्ति देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है। आपको आसपास बहुत सारी कलाकृतियां देखने के लिए मिलती हैं, जो पत्थर पर बनाई गई है। आप यहां आकर शांति से अपना समय बिता सकते हैं। मंदिर में मां काली की बहुत ही भव्य प्रतिमा विराजमान है। यहां पर नवरात्रि में बहुत सारे श्रद्धालु मां के दर्शन करने के लिए आते हैं। आपको यहां पर नवरात्रि के समय जवारे भी देखने के लिए मिलते हैं। यह मंदिर सिवनी जिले के बरहट तहसील के आष्टा नाम के गांव में स्थित है। आप यहां पर अपने वाहन से आ सकते हैं। 


अमोदागढ़ सिवनी - Amodagarh Seoni

अमोदागढ़ सिवनी में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। अमोदागढ़ एक प्राकृतिक स्थल है। यहां पर आपको नदी, पहाड़, चट्टाने, जंगल और जंगली जानवर देखने के लिए मिल जाएंगे। अमोदागढ़ घने जंगलों के बीच में स्थित है। यहां आने के लिए कच्ची सड़क उपलब्ध है। अमोदागढ़ सिवनी से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अमोदागढ़ सिवनी मंडला हाईवे रोड पर स्थित है। यहां पर किसी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं है। आप अगर यहां पर आते हैं, तो अपने साथ खाने के लिए खाना और पीने के लिए पानी अवश्य लाएं। यहां पर बाथरूम की भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। अगर आप यहां पर बरसात के समय आते हैं, तो चारों तरफ हरियाली रहती है और नदी में पानी रहता है। आप यहां पर आकर पिकनिक मना सकते हैं। इस जगह को मोगली लैंड के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि द जंगल बुक की कहानी इसी जगह से प्रेरित होकर लिखी गई है। यह जगह बहुत खूबसूरत है और परिवार और दोस्तों के साथ आने के लिए बहुत अच्छी है। यहां पर आपको नदी पर जाने के लिए सीढ़ियों मिलती हैं। सीढ़ियों से आप नदी तक पहुंच सकते हैं। आपको यहां पर बड़ी-बड़ी चट्टानें मिलती है, जिस पर आपको संभलकर चलने की आवश्यकता होती है। यहां पर वॉच टावर भी आपको देखने के लिए मिलता है, जिससे आप आसपास के नजारों का आनंद ले सकते हैं। 


रुमल जलाशय सिवनी - Rumal reservoir Seoni

रुमल जलाशय सिवनी शहर में स्थित एक जलाशय है। यहां पर आपको खूबसूरत नजारा देखने के लिए मिलता है। यह जलाशय सिवनी शहर के रुमल नाम के गांव में स्थित है और यहां पर आप अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। बरसात के समय यह डैम पानी से भर जाता है, तो बहुत ही खूबसूरत लगता है। यह डैम अंग्रेजों के समय में बनाया गया है। 


सिद्ध घाट केवलारी सिवनी - Siddha Ghat Kevalari Seoni

सिद्ध घाट सिवनी शहर का एक मुख्य पर्यटन आकर्षण है। यहां पर बैन गंगा नदी बहती है, वैनगंगा नदी चट्टानों से बहती है, जो बहुत ही मनोरम दृश्य प्रस्तुत करती है। यहां पर आप आते हैं, तो आपको बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर नदी के बीच में शिव भगवान जी का मंदिर एक चट्टान पर बना हुआ है, जहां पर आप जा सकते हैं। यह जगह जंगल के बीच में स्थित है। सिद्ध घाट केवलारी तहसील में बिछुआ मल गांव के पास स्थित है। यहां पर आप आकर नहाने का मजा भी ले सकते हैं और यह एक अच्छा पिकनिक स्थल भी है। जंगल और नदी का दृश्य बहुत ही मनोरम रहता है। अगर आप बरसात के समय आते हैं। बरसात के समय चारों तरफ हरियाली रहती है और नदी में भी पानी बहुत रहता है। यहां पर आप अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं। 


पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी - Pench Tiger Reserve Seoni

पेंच टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश में स्थित एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में स्थित है। पेंच टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में फैला हुआ है। यह एक प्रमुख बाघ बाघ अभ्यारण है। यहां पर आप बाघ के दर्शन कर सकते हैं। इसके अलावा यहां पर कई जंगली जानवर, विभिन्न पक्षियों की प्रजातियों आप देख सकते हैं। लेकिन मुख्य आकर्षण टाइगर और तेंदुआ है। यहां पर रुकने के लिए आपको कई रिसोर्ट मिल जाते हैं, जिनमें आप उचित मूल्य पर ठहर सकते हैं। आप पेंच टाइगर रिजर्व की बुकिंग ऑनलाइन कर सकते हैं। इसकी जानकारी आपको सरकारी ऑनलाइन वेबसाइट पर मिल जाती है। आपको वहां पर सारी जानकारी मिल जाएगी,  आप सफारी बुक करने की और होटल बुक करने की भी जानकारी मिल जाएगी। आप यहां अपने परिवार और दोस्तों के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आपको देखने के लिए बहुत सारी चीजें मिलती है। जंगल, पहाड़, नदी, जंगली जानवर जो आपको एक दौड़ भाग भरी जिंदगी से दूर ले जाती है। 


तोतलादोह बांध सिवनी - Totladoh Dam Seoni 

तोतलादोह बांध सिवनी जिले के पास स्थित एक खूबसूरत जलाशय है। यह जलाशय पेंच नदी पर बना हुआ है। यह जलाशय पेंच टाइगर रिजर्व के अंदर स्थित है। आप इस जलाशय में घूमने के लिए आ सकते हैं। यह जलाशय सिवनी शहर से करीब 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।  आप यहां अपनी गाड़ी से घूमने के लिए आ सकते हैं। तोतलड़ोह बांध बरसात के समय बहुत अच्छा लगता है। बरसात के समय यह बांध पूरी तरह पानी से भर जाता है और इस बांध के गेट खोले जाते हैं। यह बांध खूबसूरत लगता है, जब इस के गेट खोले जाते हैं। 


अरी झील सिवनी - Ari Lake Seoni

अरी बांध सिवनी शहर का एक मुख्य पर्यटक स्थल है। अरी बांध हरियाली से घिरा हुआ है। अरी बांध घने जंगलों के बीच में स्थित है। अरी बांध सिवनी शहर के अरी नामक गांव के पास स्थित है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यह बांध  बरसात के समय बहुत ही खूबसूरत लगता है। बरसात के समय यह बांध पानी से भर जाता है और इसका पानी बहता है, जो झरने का रूप लेता है, जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। यहां पर आप पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। बरसात के समय यहां पर चारों तरफ हरियाली रहती है। इस बांध को शुक्ला बांध के नाम से भी जाना जाता है। इस बांध के आसपास किसी भी प्रकार के दुकाने वगैरह नहीं है। अगर आप यह पर पिकनिक मनाने के लिए आते हैं, तो आप  अपने साथ खाने पीने का सामान लेकर आइए। 


बोरी टैंक सिवनी - Bori Tank Seoni

बोरी टैंक सिवनी जिले के पोनिया नाम के गांव में स्थित है। आप यहां पर आकर पिकनिक बना सकते हैं। बरसात में इस बांध में पानी रहता है और आप बरसात में यहां पर आकर इंजॉय कर सकते हैं। 


वैनगंगा नदी का उद्गम स्थल मुंडारा सिवनी - The origin of Wainganga river, Mundara Seoni

वैनगंगा नदी मध्य प्रदेश के 1 मुख्य नदी है। वैनगंगा नदी का उद्गम सिवनी जिले मुंडारा नामक स्थान पर हुआ है। आपको यहां पर एक कुंड देखने के लिए मिलता है। इस कुंड से ही वैनगंगा नदी का उद्गम हुआ है। कुंड के बीच में छोटा सा मंदिर बना हुआ है। वैनगंगा नदी का उद्गम स्थल सिवनी जिले से करीब 20 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यहां आने के लिए अच्छी सड़क बनी हुई है। वैनगंगा नदी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य में बहती है। वैनगंगा नदी मध्य प्रदेश के सिवनी और बालाघाट जिले को अपने जल से सिंचित करती हुई बहती है। वैनगंगा नदी के उद्गम स्थल पर आपको अन्य मंदिर भी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको राधा कृष्ण का मंदिर देखने के लिए मिलता है। हनुमान जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। भूरा भगत का मंदिर देखने के लिए मिलता है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। यहां पर शांति मिलेगी। यहां पर कुंड में आप स्नान भी कर सकते हैं। 


वैष्णो देवी मंदिर सिलादेही सिवनी - Vaishno Devi Temple Siladehi Seoni

वैष्णो देवी मंदिर सिवनी जिले में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर तक पहुंचने के लिए यहां पर सीढ़ियां बनी हुई है। यह मंदिर पहाड़ों को काटकर बनाया गया है और यहां पर वैष्णो देवी की स्थापना की गई है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। यह मंदिर सिवनी जिले से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा। वैष्णो देवी मंदिर से सूर्यास्त का दृश्य बहुत ही मनोरम देखने के लिए मिलता है। यहां पर वैष्णो देवी की मूर्ति के अलावा भी और भी मूर्तियां विराजमान हैं। यहां पर मां दुर्गा जी की मूर्ति विराजमान है। शिवलिंग विराजमान है। आप इनकी भी दर्शन कर सकते हैं। 


दीवान महल एवं बावड़ी सिवनी - Diwan Mahal and Bawdi Seoni

दीवान महल एवं बावड़ी सिवनी जिले में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यहां पर आपको एक महल देखने के लिए मिलता है और एक बावड़ी देखने के लिए मिलती है। कहा जाता है कि यह महल रानी दुर्गावती के दीवान का था। इस महल से जबलपुर के रानी दुर्गावती के किले और मंडला के रामनगर के किले के लिए सुरंग जाती है। यह महल मुख्य सिवनी शहर में स्थित है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। 


मठ मंदिर सिवनी - Math Mandir Seoni

मठ मंदिर सिवनी जिले का धार्मिक स्थल है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यह एक प्राचीन मंदिर है और मंदिर के पास ही में एक तालाब है, जिसे मठ तालाब के नाम से जाना जाता है। आप इस मंदिर में आकर शांति से अपना समय बिता सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। यह मंदिर मुख्य सिवनी शहर में स्थित है। आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं। 


सिवनी संग्रहालय (Seoni Museum)

रिछारिया बाबा धाम धनोरा सिवनी (Richaria Baba Dham Dhanora Seoni)

शहीद स्मारक तुरिया सिवनी (Shaheed Smarak Turiya Seoni)

बाबरिया जलाशय सिवनी (Babaria Reservoir Seoni)

चिलचौंद झील सिवनी (Chilchand Lake Seoni)

महाबलीपुरम मंदिर सिवनी (Mahabalipuram Temple Seoni)



विदिशा के दर्शनीय स्थल

सागर पर्यटन स्थल

नरसिंहपुर पर्यटन स्थल

छिंदवाड़ा पर्यटन स्थल