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झांसी पर्यटन स्थल - Places to visit in Jhansi | Jhansi tourist places in hindi

झांसी के दर्शनीय स्थल - Jhansi ki famous jagah | Jhansi sightseeing | Jhansi places to visit| झांसी के प्रसिद्ध स्थान


झांसी में घूमने की जगहें
Jhansi mein ghumne ki jagah



झांसी का किला - Jhansi ka kila

झांसी का किला झांसी शहर का एक मुख्य आकर्षण है। झांसी का किला झांसी रेलवे स्टेशन के बहुत करीब है। आप यहां पर आकर घूम कर अपने इतिहास के बारे में जान सकते हैं। झांसी के किले का निर्माण ओरछा के राजा वीर सिंह जूदेव ने 1613 में करवाया था। झांसी का किला उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में स्थित है। झांसी जिले को प्राचीन काल में बलवंत नगर के नाम से जाना जाता था। झांसी का किला बंगरा नाम की पहाड़ी पर बना है। किले में 10 गेट है - इनमें से कुछ गेट महत्वपूर्ण है। दतिया गेट, उन्नाव गेट, लक्ष्मी गेट, सागर गेट, ओरछा गेट और चांद गेट हैं। यह किला बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। इसलिए इस किले में  घूमने में आपको करीब 3 से 4 घंटे लग सकते हैं। किले में प्रवेश करने के लिए आपको टिकट लेना पड़ता है। टिकट ऑनलाइन भी आपको मिल जाता है। किले में पार्किंग की व्यवस्था भी है। 

झांसी के किले के अंदर देखने के लिए बहुत सारी जगह है। 

कड़क बिजली तोप 

कड़क बिजली तोप झांसी किले का एक मुख्य आकर्षण है। कड़क बिजली तोप का नाम इसके कार्य के अनुरूप रखा गया है, क्योंकि जब यह तोप चलाई जाती थी, तोप की आवाज जैसे बादल में बिजली कड़कती है, उस तरह की थी। इसलिए इस तोप को कड़क बिजली तोप कहा जाता है। यह तोप बहुत पुरानी है। यह तोप झाँसी किले के  मुख्य द्वार पर है। 

शिव मंदिर 

झांसी किले के अंदर शिव मंदिर स्थित है। यह भी झांसी किले के अंदर स्थित मुख्य आकर्षण हैं। 

गणेश जी का मंदिर 

झांसी किले के अंदर गणेश जी का मंदिर भी स्थित है। आप यहां पर भी घूम सकते हैं। 

झांसी के किले के एक स्थल से रानी लक्ष्मीबाई जी ने अपने घोड़े के साथ एवं अपने पुत्र के साथ छलांग लगाई थी। आप वह भी देख सकते हैं। किले के भीतर आपको बरादरी, मेमोरियल सिमेट्री, कालकोठरी, फांसी स्तंभ, गुलाम गौस खां , खुदा बख्श व मोतीबाई की कब्र भी देखने मिल जाएगी। किले में भवानी शंकर नाम की भी एक तोप है। आपको इस किले से झांसी शहर का मनोरम दृश्य भी देखने के लिए मिल जाता है। यह किला बहुत सुंदर है और आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। 


राजकीय संग्रहालय झाँसी - Sarkari sangrahalaya Jhansi

झांसी राजकीय संग्रहालय झांसी जिले में घूमने की एक प्रमुख जगह है। यहां पर आपको प्राचीन पेंटिंग्स और मूर्तियों का संग्रह देखने के लिए मिल जाता है। यहां पर पेंटिंग्स और मूर्तियों के लिए अलग-अलग गैलरी है। आप यहां पर 1857 की क्रांति की पेंटिंग्स भी देख सकते हैं। इसके अलावा इस संग्रहालय में झांसी के इतिहास को भी दर्शाया गया है। वह भी आप देख सकते हैं। यहां पर आपको प्राचीन आभूषण, बर्तन, झांसी रियासत के नक्शे, राइफल, पिस्तौल, एवं  प्राचीन समय में सैनिकों के द्वारा उपयोग किए जाने वाले हथियार भी देखने के लिए मिल जाते हैं। झांसी संग्रहालय झांसी किले से थोड़ी दूरी पर स्थित है। आप यहां पर पैदल भी आ सकते हैं। यह संग्रहालय सरकार के द्वारा प्रबंधित किया जाता है। इसलिए इस संग्रहालय का प्रवेश शुल्क बहुत ही कम है। आप यहां पर फोटो भी खींच सकते हैं। उसका भी शुल्क लिया जाता है, जो बहुत कम है। यहां संग्रहालय सुबह 10 बजे से 5 बजे तक खुला रहता है। 


रानी लक्ष्मी बाई पार्क झाँसी - Rani Laxmi Bai Park Jhansi

रानी लक्ष्मी बाई पार्क झांसी शहर में घूमने की एक अच्छी जगह है। यह झांसी शहर का सबसे अच्छा पार्क है। यह पार्क बहुत अच्छी तरह से मैनेज किया गया है। इस पार्क में चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको बहुत सारे झूले और फिसलपट्टी मिल जाती है। यह जगह बच्चों के लिए बहुत अच्छी है। यहां पर फव्वारा भी लगा हुआ है। यहां पर जोगिंग के लिए, वॉकिंग के लिए, एक्सरसाइज के लिए अलग-अलग ट्रैक बनाए गए हैं। आप यहां पर योगा भी कर सकते हैं। आपको यहां पर बहुत अच्छा लगेगा। रानी लक्ष्मी बाई पार्क झांसी किले के पास ही में स्थित है। आप यहां पर झांसी किले से पैदल भी पहुंच सकते हैं। 


मैथिलीशरण गुप्त पार्क झांसी - Maithili Sharan gupt park jhansi

मैथिलीशरण गुप्त पार्क झांसी शहर में स्थित एक खूबसूरत पार्क है।  यह पार्क रानी लक्ष्मी बाई पार्क के पास ही में स्थित है। यह पार्क मॉर्निंग वॉक के लिए बहुत अच्छा है। आप यहां पर आकर वाकिंग और रनिंग कर सकते हैं। इस पार्क में भी चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिल जाती है। 


इस्कॉन मंदिर झाँसी - Iskcon mandir Jhansi

इस्कॉन मंदिर झांसी में घूमने का एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर सफेद संगमरमर से बना हुआ है और बहुत खूबसूरत लगता है। यह मंदिर श्री राधा और कृष्ण जी को समर्पित है। मंदिर में आपको प्रतिदिन खिचड़ी का प्रसाद खाने के लिए भी मिलता है। मंदिर के बाहर आपको बहुत सारी प्रसाद की दुकान देखने के लिए मिलती है। आप वहां से प्रसाद ले सकते हैं। मंदिर में गौशाला भी बनी हुई है और यहां पर छोटा सा गार्डन भी है, जहां पर आप बैठ सकते हैं और बच्चे खेल सकते हैं। मंदिर का वातावरण बहुत शांत है और मंदिर में भजन-कीर्तन होते रहते हैं, जिससे मन को बहुत शांति मिलती है। 


रानी महल झांसी - Rani Mahal Jhansi

रानी महल झांसी शहर की एक महत्वपूर्ण जगह है। यह एक प्राचीन महल है। यह महल प्राचीन समय में रानी लक्ष्मीबाई का निवास स्थल रहा है। इस महल का निर्माण रघुनाथ द्वितीय ने करवाया है, जो उस समय झांसी के सूबेदार रहे थे। इस महल के फर्स्ट फ्लोर को म्यूजियम में परिवर्तित कर दिया गया है। म्यूजियम में आपको प्राचीन समय की पुरानी मूर्तियां और पुराने सामान देखने के लिए मिल जाते हैं। यह महल दो मंजिला है। इस महल में 6 हाल है और आंगन है। इस महल में आपको फव्वारा भी देखने के लिए मिल जाता है। महल में एक कुआ भी है। यहां पर आपको दीवारों पर खूबसूरत पेंटिंग देखने के लिए मिल जाती है। इस महल में प्रवेश का आपसे शुल्क लिया जाता है, जो बहुत ही कम रहता है। आप यहां पर अपने दोस्त और परिवार के लोगों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। 

 

राजकीय उद्यान नारायण बाग झांसी - Narayan Bagh Jhansi

नारायण बाग झांसी शहर में स्थित एक उद्यान है। यह उद्यान हरे भरे पेड़ों से घिरा हुआ है। आप यहां पर सुबह मॉर्निंग वॉक पर भी आ सकते हैं। यहां पर आपको तरह तरह के फूल देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर वाकिंग के लिए और एक्सरसाइज के लिए अलग-अलग जगह है। यहां पर आपको वॉलीबॉल और बैडमिंटन के लिए अलग-अलग जगह खेलने के लिए मिलती है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। 


हर्बल गार्डन झांसी - Herbal Garden Jhansi

हर्बल गार्डन झांसी में घूमने की एक जगह है। यह एक गार्डन है। इस गार्डन में बहुत सारे मूर्तियां और अलग-अलग प्रकार की कलाकृतियां आपको देखने के लिए मिलेंगे, जो बेकार सामान या अनुपयोगी सामान से बनाई गई है। यह बहुत अच्छे क्रिएटिविटी है। यहां पर आपको चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर वाकिंग ट्रेक है, जहां पर आप वाकिंग कर सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 


सेंट जूड चर्च झांसी - St. Jude Church Jhansi

सैंट जूड चर्च झांसी में स्थित एक प्रमुख चर्च है। यह चर्च झांसी का एक प्रमुख आकर्षण स्थल है। यह चर्च बहुत बड़ा और खूबसूरत है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा अनुभव मिलेगा। यह चर्च भारत के सबसे बड़े चर्चों में से एक है। यह चर्च झाँसी रेलवे स्टेशन से लगभग 3 या 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।


पहुज बांध झांसी  - Pahuj Dam Jhansi

पहुज बांध झांसी शहर में घूमने का आकर्षण स्थल है। यह एक खूबसूरत जलाशय है। यह जलाशय झांसी शहर से करीब 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर गाड़ी से पहुंच सकते हैं। यहां आने के लिए अच्छी सड़क आपको मिल जाती है। यह बांध पहुज नदी पर बना हुआ है। आप यहां पर आकर बांध की खूबसूरती को देख सकते हैं। आप अगर बरसात के समय आते हैं, तो आपको बांध के गेट खुले हुए देखने के लिए मिलते हैं, जो एक अलग अनुभव होता है। इस बांध में आठ गेट है। 


परिछा बांध झांसी  - Parichha Dam Jhansi

परीछा बांध झांसी शहर में घूमने का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यहां पर एक खूबसूरत झील है। यह बांध ब्रिटिश के समय का बना हुआ है। इस बांध के पास ही में गार्डन बना हुआ है। आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। आप यहां पर अपने दोस्तों और फैमिली वालों के साथ में घूमने के लिए आ सकते हैं। आप यहां पर बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यह  बांध उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बॉर्डर पर बना हुआ है। यह बांध बेतवा नदी पर बना हुआ है। आप यहां पर बरसात के टाइम पर आते हैं, तो बरसात भी टाइम पर बांध का जो पानी ओवरफ्लो होता है। वह झरने की तरह बहता है, जिसका दृश्य खूबसूरत रहता है। 


सुकमा दुकमा बांध झांसी - Sukma Dukma Dam Jhansi

सुकमा दुकमा बांध झांसी शहर के पास में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह झांसी शहर से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां गाड़ी से पहुंच सकते हैं। यह बांध  बरसात के समय बहुत ही खूबसूरत लगता है। यह खूबसूरत झरने की तरह लगता है। यह बांध बहुत लंबा बांध है और उसका दृश्य बहुत ही आकर्षक रहता है। आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। यहां पर बहुत सारे लोग पिकनिक मनाते हैं और कुकिंग करते हैं। यह बांध बेतवा नदी पर बना हुआ है। इस बांध को बबीना बांध के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि यह बबीना के पास में स्थित है। यह बांध अंग्रेजों के समय का बना हुआ है। आप यहां पर नहाने का मजा भी ले सकते हैं। 


माताटीला बांध झांसी  - Matatila Dam Jhansi

माताटीला बांध झांसी शहर के पास में स्थित एक पर्यटन स्थल है। यह बांध झांसी शहर से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह बांध बेतवा नदी पर बना हुआ है। इस बांध के पास ही में गार्डन भी बना हुआ है, जिसे माताटीला पार्क के नाम से जाना जाता है और इस पार्क में आपको फव्वारा भी देखने के लिए मिलता हैं। माताटीला बांध में 24 गेट हैं। यह बांध मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की बॉर्डर पर बना हुआ है। आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। आप यहां पर बारिश के मौसम में आएंगे, तो बांध के गेट खुलते हैं, जिसका दृश्य बहुत अच्छा रहता है। बांध से थोड़ी दूरी पर एक मंदिर है, जिसे माताटीला मंदिर के नाम से जाना जाता है। आप यहां पर भी जाकर माताजी के दर्शन कर सकते हैं। 


गढ़मऊ झील झांसी - Garhmau Lake Jhansi

गढ़मऊ झील झांसी शहर की एक खूबसूरत जगह है। यहां पर आपको एक खूबसूरत झील देखने के लिए मिलती है। यह झील झांसी शहर से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगी। यह झील चारों तरफ से खूबसूरत पहाड़ों से घिरी हुई है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। बरसात के समय यह जगह हरियाली से घिरी होती है। यहां पर सूर्योदय का बहुत खूबसूरत दृश्य आपको देखने के लिए मिल जाएगा। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। 


बरुआ सागर झील झांसी  - Barua Sagar Lake Jhansi

बरुआ सागर झील झांसी शहर से करीब 22 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यह एक खूबसूरत झील है। इस झील में बरसात के समय आपको बहुत खूबसूरत दृश्य देखने के लिए मिलता है। झील का पानी ओवरफ्लो होता है, जिससे यहां पर झरना बहता है, जिसका दृश्य बहुत ही मनोरम होता है। आप यहां पर आ कर अपना समय बिता सकते हैं। 


बरुआ सागर का किला झांसी - Barua Sagar Fort Jhansi

बरुआसागर का किला झांसी के पास में स्थित एक अच्छा पर्यटन स्थल है। आप यहां पर घूमने के लिए जा सकते हैं। यह एक प्राचीन किला है। किले के सामने एक झील है, जिसे बरुआ सागर झील कहते हैं। किले से झील का नजारा बहुत ही खूबसूरत रहता है। यह किला झांसी से करीब 22 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस किले तक जाने के लिए अच्छी सड़क है। इस किले का निर्माण बुंदेला राजा ओरछा महाराजा उदित सिंह ने 16 वीं शताब्दी में करवाया था। बरुआसागर किले  में एक शिव मंदिर भी स्थित है, जिसमें बहुत सारे लोग पूजा करने के लिए आते हैं। आपको किले में आकर बहुत अच्छा लगेगा। आप यहां पर फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। 


कैलाश पर्वत बरुआसागर झांसी - Kailash Mountains Baruasagar Jhansi

कैलाश पर्वत बरुआ सागर झील के पास ही में स्थित एक पर्वत है। इस पर्वत के बारे में कहा जाता है कि शिव जी ने अपने चरण यहां पर रखे थे। इस पर्वत पर एक मंदिर है, जो शिव जी को समर्पित है।  इस मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको सीढ़ियां मिल जाती है। मंदिर में पहुंचकर बहुत ही अच्छा लगता है। 


भारत माता मंदिर झांसी - Bharat Mata Temple Jhansi

भारत माता का मंदिर झांसी में स्थित एक धार्मिक स्थल है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। इस मंदिर का मुख्य आकर्षण मंदिर के ऊपर बना बड़ा सा शिवलिंग है, जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। आप यहां आकर इस के दर्शन कर सकते हैं। 


पंचतंत्र पार्क झांसी - Panchatantra Park Jhansi

पंचतंत्र पार्क झांसी में स्थित एक फेमस जगह है। यह एक खूबसूरत बगीचा है। यहां पर आपको तरह तरह के जंगली जानवर के स्टेचू देखने के लिए मिल जाते हैं, जो बहुत खूबसूरत लगते हैं। यहां पर बच्चे काफी इंजॉय कर सकते हैं। यहां पर बोट राइडिंग भी है। यहां पर तरह-तरह के झूले हैं, जो बच्चों को आकर्षित करेंगे। आप अपने फैमिली वालों के साथ यहां पर आकर अच्छा समय बिता सकते हैं। 


राजा गंगाधर राव की छतरी झांसी - Raja gangadhar rao ki chhatri Jhansi

राजा गंगाधर राव की छतरी झांसी जिले का एक मुख्य आकर्षण स्थल है। राजा गंगाधर राव की छतरी उनकी मृत्यु के पश्चात रानी लक्ष्मीबाई के द्वारा बनवाई गई थी। यह छतरी 1853 में  बनवाई गई थी। यह छतरी झांसी में लक्ष्मी तालाब के पास में स्थित है। यह झांसी किले से करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। छतरी के चारों तरफ दीवार बनाई गई हैए उसके बीच में बगीचा है और  बगीचे के बीच में राजा की समाधि आपको देखने के लिए मिल जाती है। यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा। 


लक्ष्मी मंदिर झांसी - Lakshmi mandir jhansi 

लक्ष्मी मंदिर झांसी शहर का एक पुराना मंदिर है। यह मंदिर झांसी शहर में बहुत फेमस है। यह मंदिर 18वीं शताब्दी में बना था। रानी लक्ष्मीबाई इस मंदिर में पूजा करने के लिए आती थी। मंदिर के बाजू में ही एक झील बनी हुई है, जिसको लक्ष्मी ताल के नाम से जाना जाता है। यहां आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा और शांति मिलेगी। 


मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा झांसी - Major Dhyanchand's statue Jhansi

मेजर ध्यानचंद को हॉकी का जादूगर कहा जाता था। मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा झांसी शहर में स्थित एक मुख्य आकर्षण है। आप यहां पर आ कर इस प्रतिमा के देख सकते हैं। यह प्रतिमा बहुत खूबसूरत लगती है। आप इस प्रतिमा के पास पहुंचकर झांसी शहर का मनोरम व्यू देख सकते हैं। इस प्रतिमा तक पहुंचने के लिए आपको सीढ़ियां चढ़ने पड़ती है। यह प्रतिमा एक पहाड़ी के ऊपर बनी है। इस पहाड़ी को ध्यानचंद हिल के नाम से भी जाना जाता है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 


कैमासन देवी मंदिर झांसी - Kaimasan devi mandir jhansi 
करगुवां जी जैन मंदिर झांसी - Karguwan ji jain mandir Jhansi
बलिदान पार्क झांसी - Balidan park Jhansi 
पंचकुइयां मंदिर झांसी - Panchakuiyaan mandir Jhansi


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Gadisar Lake Jaisalmer - गड़ीसर झील जैसलमेर | Gadisar | जैसलमेर का दर्शनीय स्थल

गड़ीसर झील
Gadsisar lake | Gadisar lake history

Gadisar Lake Jaisalmer - गड़ीसर झील जैसलमेर | Gadisar | जैसलमेर का दर्शनीय स्थल
गड़ीसर झील जैसलमेर

Gadisar Lake Jaisalmer - गड़ीसर झील जैसलमेर | Gadisar | जैसलमेर का दर्शनीय स्थल
गड़ीसर झील जैसलमेर

गड़ीसर झील जैसलमेर में स्थित प्रसिद्ध दर्शनीय स्थलों में से एक है। आप यहां पर अपने शाम का समय आकर बहुत अच्छा बिता सकते हैं। हम लोग इस झील में शाम के 4 बजे पहुंचे होंगे। यह झील हमारे होटल के बहुत करीब थी, तो हम लोग पैदल ही इस झील तक आ गए थे। 


गड़ीसर झील जैसलमेर शहर में ही स्थित है। यहां पर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यह बहुत बड़ी झील है। गड़ीसर झील के किनारे पर आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिल जाते हैं। यह जो मंदिर है, वह पत्थर के बने हैं। यहां पर हम लोग झील के किनारे एक मंदिर में गए थे, जो शंकर भगवान जी को समर्पित था। यह मंदिर पूरी तरह पत्थर से बना हुआ था और बहुत खूबसूरत लग रहा था। 


गड़ीसर झील के पास बहुत सारी दुकानें लगी रहती हैं। इन दुकानों में आपको तरह-तरह का सामान मिलता है। आप यहां पर आकर खासतौर पर राजस्थानी सामान की शॉपिंग कर सकते हैं। यहां पर आपको राजस्थानी ड्रेस मिल जाती है। राजस्थानी बैग मिल जाएंगे और यहां पर आपको राजस्थानी कड़े भी मिल जाते हैं। यहां पर आप आकर अलग-अलग तरह के सामान ले सकते हैं। हम लोगों ने भी यहां पर सामान लिया था और यहां पर आप जो भी सामान लेते हैं। आप बारगेन जरूर करे। इससे आपको सामान सस्ता मिल जाता है। यहां पर आप राजस्थानी ड्रेस पहन कर फोटो खींचा सकते हैं। आपको इसका चार्ज लिया जाता है और यह चार्ज बहुत कम रहता है। आपकी एक याद आपके पास सुरक्षित फोटो की तौर पर रहती है। 


Gadisar Lake Jaisalmer - गड़ीसर झील जैसलमेर | Gadisar | जैसलमेर का दर्शनीय स्थल
गड़ीसर झील के पास सेल्फी प्वाइंट

यहां पर गड़ीसर झील के ऊपर के साइड पहाड़ी है। वहां पर आपको कबूतर देखने के लिए मिलते हैं। आप कबूतरों को दाना डाल सकते हैं और यहां पर आप बहुत अच्छी फोटो क्लिक कर सकते हैं। हम लोगों ने भी यहां पर कबूतरों के साथ फोटो क्लिक करी थी, जो बहुत मस्त फोटो आई है। यहां पर बहुत सारे लोग फोटोशूट करवाने आते हैं, क्योंकि यह जो जगह है। यह नेचुरल जगह है और बहुत खूबसूरत लगती है। 


गड़ीसर झील में आप बोट राइड का भी मजा ले सकते हैं। यहां पर आप पेडलबोर्ड का मजा ले सकते हैं और भी तरह तरह की बोट यहां पर होती हैं, जिनका आप मजा ले सकते हैं। हम लोगों ने यहां पर वोट राइट नहीं किया था। बोट राइड के अलग-अलग प्राइस रहते हैं। आप यहां पर आकर पता कर सकते हैं।


गड़ीसर झील में आपको बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आपको बदक देखने के लिए मिलती हैं और मछलियां देखने के लिए मिलती है, जो बहुत खूबसूरत लगती हैं। आप मछलियों को यहां पर दाना डाल सकते हैं। यहां पर शाम का समय बिताना बहुत अच्छा लगता है। 


गड़ीसर झील के बीच में आपको कुछ छतरियां बनी हुई है। वह देखने के लिए मिलती हैं। यह छतरियां बहुत खूबसूरत लगती हैं। अगर पानी कम रहता है, तो आप छतरियां के पास जा सकते हैं और इनकी खूबसूरती को देख सकते हैं। इन छतरियां के ऊपर कबूतर आ कर बैठते हैं, जो बहुत ही खूबसूरत लगते हैं।  यहां पर सूर्योदय का और सूर्यास्त का दृश्य बहुत ही मनोरम रहता है और बहुत खूबसूरत लगता है। 


गड़ीसर झील के आसपास खाने पीने के लिए बहुत सारी दुकानें हैं। हम लोगों ने यहां पर चाय पिया था।  हम लोग जैसलमेर ठंड के समय गए थे, तो यहां पर लोगों ने आग जलाई थी। तो हम लोग आपके पास जाकर बैठ गए थे, क्योंकि वहां पर बहुत ज्यादा ठंड लग रही थी। जैसलमेर के जो दर्शनीय स्थल है, वह  पास पास है, तो आप बहुत आसानी से घूम सकते हैं। 


गडीसर झील का इतिहास
Gadisar lake history


गड़ीसर झील को जैसलमेर के पहले शासक राजा रावल जैसल द्वारा बनाया गया था। कई वर्षों के बाद महाराजा गरीसंसार सिंह ने झील का पुनर्निर्माण करवाया। यह एक प्राचीन झील है।  


मोम संग्रहालय नाहरगढ़ किला

नाहरगढ़ का किला जयपुर

जैसलमेर का किला

जयगढ़ किले


जैसलमेर कैंप का अनुभव - Jaisalmer safari camp | Jaisalmer sand dunes camp booking

जैसलमेर रेगिस्तान कैंप - Jaisalmer camp booking


जैसलमेर कैंप का अनुभव - Jaisalmer safari camp | Jaisalmer sand dunes camp booking



जैसलमेर भारत में स्थित एक जिला है और यह जिला रेगिस्तान के लिए प्रसिद्ध है। जैसलमेर भारत देश के राजस्थान राज्य में स्थित है।  रेगिस्तान जैसलमेर के बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है और इस रेगिस्तान को देखने के लिए हर साल लाखों की तादाद में लोग जैसलमेर में घूमने के लिए आते हैं। आप जैसलमेर में ट्रेन के द्वारा और प्लेन के द्वारा पहुंच सकते हैं। हम लोग जैसलमेर ठंड के समय पर गए थे। ठंड के समय हम लोग जनवरी के महीने में गए थे। हम लोग यहां पर ट्रेन से पहुंचे थे। यहां पर हम लोग सुबह 5:00 बजे पहुंच गए थे। 


हम लोग जैसलमेर में रेगिस्तान में कैंपिंग करने का मजा लेने के लिए गए थे और हमारे यहां का अनुभव बहुत ही जबरदस्त रहा है। हम लोगों को बहुत मजा आया। हम लोगों ने कैंप की बुकिंग ऑनलाइन किया था। आपको यहां पर कैंपिंग के जो प्राइस रहते हैं। वह सारे अलग-अलग रहते हैं और सारी अलग-अलग फैसिलिटी रहती है। आपको जैसी फैसिलिटी चाहिए। आप उस तरह का प्राइस देकर बुकिंग कर सकते हैं। हम लोगों को जो फैसिलिटी मिली। उसमें हमारा कैंप में रहने का, हमारे खाने का और ऊंट की हमारी सवारी का, और जो यहां पर शाम के समय कल्चरल प्रोग्राम होते हैं। वह सब शामिल था और कल्चरल प्रोग्राम में भी आपको नाश्ता और चाय दी जाती है। यह सब चीजें शामिल थी। जैसलमेर तक हम लोग ट्रेन से पहुंचे थे। उसके बाद हम लोग कैंप वाले को संपर्क किए। उन्होंने हमारे लिए गाड़ी का प्रबंध किया। कैंप तक जाने के लिए। जैसलमेर शहर से कैंप की दूरी करीब 25 से 30 किलोमीटर होगी और रास्ते में आपको बहुत खूबसूरत नजारे देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको बहुत सारी पवनचक्की है, देखने के लिए मिलती है। उसके बाद हम लोग कैंप में पहुंचे और कैंप बहुत खूबसूरत था। यहां पर एक लाइन से सफेद कपड़े के तंबू बने हुए थे, जो बहुत खूबसूरत लग रहे थे। जैसा आप फिल्मों में देखते हैं, उसी तरह का फील आ रहा था। यहां पर हम लोग को जो तंबू देखने के लिए मिले थे। वह रेत में ही बने थे। रेत में मंडप बनाया गया था और मंडप के ऊपर तंबू बनाए गए थे। 

तंबू के अंदर सारी व्यवस्थाएं उपलब्ध थी। यहां पर लेट्रिन बाथरूम तंबू से अटैच था। तंबू के अंदर बेड था और कुर्सियां थी। मिरर था। हम लोग तंबू में जाकर फ्रेश हुए। उसके बाद हमारा जो भी प्रोग्राम था। वह शाम का था। शाम को 4:00 बजे करीब हम लोगों ने कैमल सफारी का मजा लिया। उसके बाद हम लोगों ने जीप सफारी का मजा लिया और यह दोनों सफारी बहुत ही मजेदार थी। हम लोगों ने जीप की सवारी ऑनलाइन बुक नहीं किया था। अगर आपको ऑनलाइन जीप की सवारी बुक करने का ऑप्शन मिलता है, तो आप जरूर कीजिएगा। क्योंकि जीप की सवारी करने में बहुत मजा आता है। हम लोगों को यहां पहुंचकर जीप की सवारी बुकिंग महंगी पड़ गए थे। आपको ऑनलाइन सस्ता ऑप्शन मिलता है, तो आप जरूर बुक कर लीजिएगा। यहां पर हम लोग ने सनसेट होते भी देखा, जो अविस्मरणीय था। 


जैसलमेर कैंप का अनुभव - Jaisalmer safari camp | Jaisalmer sand dunes camp booking


हम लोग यह सारी एक्टिविटी करके अपने कैंप में वापस आए और कैंप में हमारा वेलकम किया गया। उसके बाद हम लोग कैंप का जो सेंटर पॉइंट था। वहां पर बैठने की व्यवस्था थी और वहीं पर कल्चरल प्रोग्राम हुआ। यहां पर कल्चर प्रोग्राम में राजस्थानी भाषा में गाने गाए गए और डांस भी हुआ जो बहुत ही  मजेदार लगा और यहां पर डीजे भी बजाया गया, जिसमें हम लोगों ने बहुत डांस किया। हम लोगो को बहुत मजा आया और उसके बाद हम लोग ने यहां पर खाना खाया। खाना बहुत अच्छा था और राजस्थान का फेमस दाल बाटी भी यहां पर बनाया गया था, जिसका स्वाद बहुत अच्छा था। उसके बाद हम लोग यहां पर सोने चले गए। रात के समय यहां पर हवाएं चलती हैं, जो बहुत ही ठंडी होती हैं। मगर हमारा कैंप पूरी तरह से गर्म रहा। हमें यहां पर ठंडी नहीं लगी। सुबह हमारा वापस जैसलमेर आने का प्लान था। सुबह हमने यहां पर नाश्ता किया। उसके बाद हम लोग जैसलमेर आने के लिए हमारी गाड़ी आ गई थी और गाड़ी से हम लोग जैसलमेर आ गए। यहां पर हमारा कैंपिंग का अनुभव बहुत ही बढ़िया रहा है और हम दोबारा भी यहां पर जाना चाहेंगे। 


जैसलमेर का किला

कुलधरा गांव, जैसलमेर

नाहरगढ़ किला जयपुर

नाहरगढ़ का किला जयपुर