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बेतवा नदी का उद्गम स्थल - Origin Place of Betwa River

बेतवा नदी की पूरी जानकारी  और बेतवा नदी उद्गम स्थल -  Betwa River Information and B etwa River Origin Point बेतवा नदी मध्य प्रदेश  राज्य की  एक मुख्य नदी है। बेतवा नदी का प्राचीन नाम वेत्रवती है। बेतवा नदी यमुना नदी की सहायक नदी है। बेतवा नदी मध्य प्रदेश की पूजनीय नदी है। बेतवा नदी के किनारे बहुत सारे धार्मिक स्थल और तीर्थ स्थल मौजूद है। बेतवा नदी मध्य प्रदेश के भोपाल, विदिशा, गंजबासौदा, बीना कुरवई, ओरछा जैसे जिलों से बहते हुए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा में बहती है। बेतवा नदी उत्तर प्रदेश के झांसी, चिरगांव, हमीरपुर क्षेत्र में बहती है और हमीरपुर जिले के पास यमुना नदी से मिल जाती है। बेतवा नदी पर बहुत सारे बांध बने हुए हैं। इन बांधों में प्रमुख बांध है - राजघाट बांध, माताटीला बांध, सुकमा दुकमा बांध। यह बांध बहुत प्रसिद्ध है। यह बांध मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर बने हुए हैं। यह बांध बहुत सुंदर हैं और बरसात के समय में यह पर्यटन का मुख्य आकर्षण होते हैं।  बेतवा नदी के किनारे कई सारे धार्मिक और प्राकृतिक स्थल मौजूद हैं। विदिशा जिले में बेतवा नदी के किनारे आपको प्र

सीहोर के पर्यटन स्थल - Sehore tourist places / Famous places in Sehore

सीहोर के दर्शनीय स्थल -  Best places to visit in Sehore /  Sehore Attractions / Sehore Picnic Spot सीहोर में घूमने की जगह - P laces to visit in sehore श्री चिंतामन सिद्ध गणेश मंदिर सीहोर -  Shree Chintaman Siddha Ganesh Mandir Sehore श्री चिंतामन सिद्ध गणेश मंदिर मध्य प्रदेश का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर पूरे मध्यप्रदेश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर की प्रसिद्धि का कारण यह है, कि इस मंदिर में मांगी गई हर इच्छाएं पूरी होती है। यह मंदिर मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में स्थित है। यह मंदिर सीहोर जिले से करीब 3 किलोमीटर दूर गोपालपुर गांव में स्थित है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है। इस मंदिर की स्थापना विक्रमादित्य के द्वारा की गई थी। मंदिर में आपको गणेश जी की भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। गणेश जी की यह प्रतिमा पृथ्वी से स्वयं उत्पन्न हुई है। इसे विराजमान नहीं किया गया है। लोग यहां पर आकर गणेश जी के दर्शन करते हैं। यहां पर लोग आकर मंदिर के पीछे की तरफ दीवार पर स्वास्तिक की आकृति बनाते हैं और अपनी इच्छा मांगते हैं।  जब लोगों की इच्छाएं पूरी हो जाती है। तो वह दोबारा आकर स्वास्तिक बनाते हैं। यहां