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रानी कमलापति महल भोपाल - Rani Kamlapati Mahal Bhopal

रानी कमलापति पार्क  और  रानी कमलापति महल भोपाल मध्य प्रदेश -  Rani K amlapati  Park and K amlapati Mahal Bhopal Madhya Pradesh रानी कमलापति का महल एवं पार्क भोपाल शहर का एक प्रमुख स्थल है। रानी कमलापति महल भोपाल शहर में बड़ा तालाब एवं छोटे तालाब के बीच में स्थित है। यहां पर आपको सुंदर पार्क देखने के लिए मिलता है। पार्क के बीच में एक खूबसूरत फव्वारा लगा हुआ है और पार्क में चारों तरफ हरियाली है। बच्चों के खेलने के लिए झूले और फिसल पट्टी लगी हुई है। रानी कमलापति का महल प्राचीन महल है। रानी कमलापति के महल को अब म्यूजियम में बदल दिया गया है और यहां पर बहुत सारी प्राचीन वस्तुएं देखने के लिए मिल जाती है। रानी कमलापति पार्क से लोअर लेक  का  सुंदर दृश्य भी देखने के लिए मिलता है। रानी कमलापति पार्क में आपको भोपाल शहर की हिस्ट्री पता चलती है। यहां पर बहुत सारे लेख मिल जाएंगे।   हम लोग भोपाल में बड़ा तालाब घूमने गए थे। बड़ा तालाब के पास ही में हम लोगों को कमलापति पार्क देखने के लिए मिला। भोपाल का बड़ा तालाब के राजा भोज सेतु के पास यह पार्क स्थित है।  कमलापति पार्क के बाहर ही पार्किंग की अच्छी जग

मस्तानी महल छतरपुर - Mastani Mahal Chhatarpur

बाजीराव मस्तानी का महल या मस्तानी का महल, मऊ सहानिया, छतरपुर -  Bajirao Mastani Mahal or Mastani Mahal, Mau Sahania, Chhatarpur मस्तानी का महल छतरपुर का एक प्रसिद्ध महल है। आप लोगों को मस्तानी के बारे में पता ही होगा। मस्तानी के जीवन पर एक फिल्म भी बनी हुई है। आपको बाजीराव और मस्तानी की प्यार भरा कहानी के बारे में पता होगा। वैसे इस फिल्म में बाजीराव और मस्तानी दोनों के जीवनों के बारे में बताया गया है।  मगर हम लोग मस्तानी के महल में घूमने के लिए गए थे। मस्तानी का महल महाराजा छत्रसाल के महल के बाजू में ही स्थित है। यह महल दो मंजिला है और अभी यह महल खंडहर अवस्था में मौजूद है। वैसे यह महल बहुत टिकाऊ है। यहां पर आप महल के ऊपर भी चढ़कर घूम सकते हैं। महल देखने में बहुत सुंदर लगता है और बुंदेलखंडी वास्तुकला में बना हुआ है।  मस्तानी महाराजा छत्रसाल के द्वारा गोद ली हुई संतान थी। मस्तानी महल का निर्माण महाराजा छत्रसाल के द्वारा लगभग 1696 ईसवी में करवाया गया था। इस महल का निर्माण उन्होंने अपने नृत्यांगना मस्तानी के लिए करवाया था। बाजीराव पेशवा बंगश पर विजय के पश्चात यहां आए एवं मस्तानी

महाराजा हृदय शाह का महल छतरपुर - Maharaja Hriday Shah ka Mahal Chhatarpur

महाराजा हृदय शाह का महल  मऊ सहानिया  छतरपुर -  Maharaja Hriday Shah's Palace Mau Sahania Chhatarpur महाराजा हृदय शाह का महल छतरपुर में स्थित एक प्रसिद्ध स्मारक है। यह एक प्राचीन इमारत है। यह महल यहां पर खंडहर अवस्था में देखने के लिए मिलता है। यह महल पहाड़ी पर बना हुआ है। इस महल में जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। महाराजा हृदय शाह महाराजा छत्रसाल के पुत्र थे और उन्होंने बहुत सारे निर्माण किए हैं। आपको पन्ना जिले में भी महाराजा हृदय शाह के बहुत सारे निर्माण देखने के लिए मिल जाते हैं। राजा हृदय शाह का महल छत्रसाल संग्रहालय के पास में ही बना हुआ है। राजा हृदय शाह महल दूर से यह देखने के लिए मिल जाता है।  हम लोग जगत सागर तालाब घूमने के बाद और जगत सागर तालाब के किनारे जितने भी मंदिर बने हुए हैं। वह मंदिर घूमने के बाद महाराजा छत्रसाल के म्यूजियम में घूमने के लिए आए। मगर हम लोग सुबह बहुत जल्दी ही इस म्यूजियम में घूमने के लिए आ गए थे। इसलिए यह म्यूजियम बंद था। यह म्यूजियम 10 बजे के बाद खुलता है, तो हम लोग म्यूजियम के बाहर खड़े थे, तो हमें दूर से ही राजा हृदय शाह का महल देखने के लिए मिला। ह

हवा महल जयपुर - Hawa Mahal Jaipur

जयपुर का हवामहल या विंड पैलेस जयपुर  -  Hawa Mahal or Wind Palace of Jaipur   हवा महल जयपुर शहर की एक ऐतिहासिक धरोहर है। हवामहल को विंड पैलेस के नाम से भी जाना जाता है। हवा महल जयपुर शहर के बीचों-बीच स्थित है। हवा महल एक खूबसूरत महल है और यह पूरा महल देखने लायक है। जयपुर का हवामहल एक पांच मंजिला इमारत है। हवा महल में आपको जालीदार खिड़कियां देखने के लिए मिलती हैं। हवा महल को बाहर से देखने में यह कृष्ण जी के मुकुट के समान लगता है। हवा महल में बहुत सारी खिड़कियां हैं। इन खिड़कियां को झरोखा भी कहा जाता है। हवा महल के बीचो बीच में फव्वारा भी लगा हुआ है। जब यह फव्वारा चालू होता है। तब बहुत ही खूबसूरत लगता है।     हवा महल को हवा महल नाम क्यों पड़ा - Why Hawa Mahal got the name Hawa Mahal हवा महल को हवा महल इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यहां पर बहुत सारी खिड़कियां है और इन खिड़कियों से हवाओं का आदान-प्रदान होता है। इसलिए इस महल को हवा महल कहा जाता है। इस महल को बनाया ही इस तरीके से है, कि इसमें हवा का आना जाना अच्छी तरह हो। प्राचीन समय में महाराजा की पत्नियां हवा महल कि इन खिड़कियों से बाहर