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घोघरा नर्सरी झरना कटनी - Ghoghra Nursery Falls Katni

 घोघरा नर्सरी जलप्रपात कटनी 

Ghoghra Nursery Waterfall Katni

 
 
घोघरा नर्सरी झरना कटनी - Ghoghra Nursery Falls Katni
घोघरा नर्सरी झरना कटनी

घोघरा नर्सरी जलप्रपात कटनी जिले में स्थित एक सुंदर जलप्रपात है। यह जलप्रपात घुघरा नामक गांव के पास में स्थित है। आप इस जलप्रपात में बहुत आसानी से पहुंच सकते हैं, क्योंकि इस जलप्रपात तक पहुंचने के लिए सड़क बहुत ही मस्त बनी हुई है और सड़क में आपको बहुत खूबसूरत नजारे देखने के लिए मिलते हैं। दूर-दूर तक आपको मैदान देखने के लिए मिलता है और पहाड़ियां देखने के लिए मिलती है। बहुत मस्त लगता है। आप यहां पर अपनी बाइक या कार से आराम से जा सकते हैं। वैसे यहां पर बस भी चलती है, तो आप बस का भी टाइम पता करके इस वाटरफॉल तक आ सकते हैं। यह वाटरफॉल ज्यादा बड़ा नहीं है, मगर अच्छा है और खूबसूरत है और देखने लायक है। यहां पर जो यहां के बच्चे लोग हैं और जो यहां के लोकल लोग हैं। वह यहां पर आप को नहाते हुए देखने के लिए मिल जाते हैं। जलप्रपात के ऊपर एक छोटा सा कुंड बना हुआ है, जहां पर लोग नहाने का मजा लेते हैं और यहां पर शंकर जी का मंदिर भी है, जिसमें लोग जल चढ़ाते हैं। झरने के ऊपर साइड भी मंदिर बने हुए हैं। इस झरने का नाम घोघरा नर्सरी झरना इसलिए पड़ा है, क्योंकि यहां झरने के पास ही में एक नर्सरी है, जो बहुत फेमस है। उस नर्सरी को घोघरा नर्सरी के नाम से जाना जाता है। इसलिए इस झरने को शायद घोघरा नर्सरी झरना कहा जाता है। 
 
कहा जाता है कि यहां पर गुफा भी बनी हुई है, उस गुफा में हम लोग नहीं गए थे। यहां पर आपको और भी मंदिर देखने के लिए मिल जाएंगे। झरने के ऊपर साइड एक मंदिर बना हुआ है, जहां पर आप जा सकते हैं। यहां पर आपको बहुत अच्छा लगेगा। नेचुरल पीस मिलेगी। यह जो झरना है। यह मेन रोड पर है, तो यहां से बस गुजरती है, तो आप यहां पर आ सकते हैं। यह झरना बिलहरी के पास में है, तो आप जब भी बिलहरी आते हैं, तो इस झरने में भी आ सकते हैं। बिलहरी कटनी शहर की एक प्राचीन सिटी है। प्राचीन समय में बिलहरी को पुष्पवती के नाम से जाना जाता था, तो बहुत सारे लोग बिलहरी आते हैं। बिलहरी के पास ही में यह झरना है, तो आप इस झरने में भी घूमने के लिए आ सकते हैं। 
 
घोघरा नर्सरी जलप्रपात का मजा आप बरसात के समय में ले सकते हैं, क्योंकि गर्मी के समय यह झरना सुख जाता है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह बहुत अच्छी जगह है। यहां पर आप अपने दोस्तों के साथ आकर आराम से अपना समय बिता सकते हैं। 
 


वसुधा जलप्रपात कटनी - Vasudha Falls Katni | waterfall near Katni

वसुधा झरना कटनी - Vasudha waterfall Katni

 


वसुधा जलप्रपात कटनी - Vasudha Falls Katni
वसुधारा जलप्रपात के पास के घने जंगल

 
वसुधा जलप्रपात कटनी - Vasudha Falls Katni
जंगल में बहने वाली खूबसूरत नदी
 
 
वसुधा जलप्रपात कटनी जिले के सबसे अच्छे जलप्रपात में से एक है। इस जलप्रपात के बारे में ज्यादा लोगों को जानकारी नहीं है। इसलिए बहुत कम लोग ही इस जलप्रपात तक आते हैं। मगर अब गूगल मैप में यह जलप्रपात आपको देखने के लिए मिल जाएगा, तो शायद अब यहां पर बहुत ज्यादा लोग देखने के लिए मिले। वसुधा जलप्रपात कटनी में स्थित है और कटनी के वसुधा नाम के गांव में स्थित है। जलप्रपात तक पहुंचने के लिए जो सड़क है। वह बहुत ही खराब सड़क है। कहीं-कहीं पर बहुत ज्यादा खराब है और कहीं-कहीं पर बहुत अच्छी सड़क है। इस जलप्रपात में हम लोग वसुधा गांव से आए थे, तो उस गांव से आते समय हम लोगों को एक नदी मिली थी। उस नदी को पार करके इस जलप्रपात तक आना पड़ता है और जंगल को भी पार करना पड़ता है। जंगल में आपको पैदल चलना पड़ता है, क्योंकि वहां पर आपकी गाड़ी नहीं जा सकती। 
 
हम लोग अपनी स्कूटी इस जंगल के थोड़ा आगे तक ले कर गए थे। मगर रास्ते में नदी पड़ती है और पथरीला रास्ता पड़ता है, जिससे हम लोग को अपनी स्कूटी जंगल के बीच में ही खड़ी करनी पड़ी और आगे का रास्ता पैदल चलना पड़ा। मगर हम लोग झरने तक नहीं पहुंच पाए, क्योंकि हम लोगों को अपनी गाड़ी की चिंता थी और हम उस जंगल में अकेले थे। इसलिए अगर आप यहां पर जाते हैं, तो ग्रुप के साथ आएंगे, तो बहुत अच्छा रहेगा, क्योंकि यहां पर पूरा जंगल है। जो लोग यहां पर गांव वाले थे। वह खेतों में काम कर रहे थे और जंगल में हम दो लोग ही थे, जिससे हमें डर लग रहा था और हम लोग झरने तक नहीं गए। अगर आप ग्रुप के साथ आएंगे, तो आप झरने तक जाएंगे और बहुत इंजॉय कर सकते हैं। यहां का जो वातावरण था। वह बहुत अच्छा था।  चारों तरफ हरियाली थी और नदी की बहने की आवाज बहुत अच्छी लग रही थी। चिड़ियों की की आवाज बहुत अच्छी लग रही थी और यहां का बहुत अच्छा माहौल था। आप आएंगे तो आपको बहुत अच्छा लगेगा। 
 
वसुधा गांव के लोग बहुत अच्छे हैं और आपको वह रास्ता बता देते हैं, झरने तक जाने के लिए। आप यहां पर आते हैं, तो यहां पर पूरा 1 दिन का प्लान बनाकर आइएगा, क्योंकि यहां पर आपको पूरा 1 दिन लग जाएगा। यहां पर आप पिकनिक मनाने आ सकते हैं, फैमिली वालों के साथ। मगर ग्रुप में आए, तो वह वेस्ट होगा। आप यहां पर बरसात के समय आए, क्योंकि बरसात के समय झरने में पानी रहता है। गर्मी के समय झरना सूख जाता है। मगर यहां जंगल का जो तापमान रहता है। वह बहुत ही ठंडा रहता है। गर्मी के समय भी यहां पर आपको अच्छा लगेगा। 
 
वसुधा जलप्रपात में झरने का पानी पहाड़ों से एक कुंड में गिरता है। इस कुंड में आप नहाने का मजा भी ले सकते हैं। मगर अगर कुंड ज्यादा गहरा हो, तो आप संभल कर नहाए। यहां पर आप पिकनिक मना सकते हैं और बरसात के समय यहां पर बहुत सारे लोग आते हैं, तो आप बरसात के समय आएंगे, तो वह आपके लिए अच्छा रहेगा। यहां पर आप अपनी फैमिली, दोस्तों के साथ आकर बहुत ज्यादा मजे कर सकते हैं। यह कटनी के पास एक अच्छा दर्शनीय स्थल है और आप यहां पर आ सकते हैं। 
 


Katai Ghat - Katai Ghat Katni | Katai Ghat mandir | Radha Krishna mandir, Katai Ghat, Katni

कटाये घाट - राधा कृष्ण मंदिर कटनी | कटाये घाट मंदिर | Katni mandir | Katni tourism


Katai Ghat  - Katai Ghat Katni | Radha Krishna mandir,  Katai Ghat, Katni


कटनी शहर में कटाये घाट नाम की जगह बहुत प्रसिद्ध है। इस जगह में कटनी नदी बहती है। यहां पर आपको मंदिर भी देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर राधा और कृष्ण जी को समर्पित है। कटाये घाट में स्थित राधे कृष्ण जी का मंदिर बहुत पुराना है और यह मंदिर बहुत सुंदर भी है। आपको यहां आकर राधा कृष्ण जी की बहुत ही भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर और भी बहुत सारी प्रतिमा विराजमान है। यहां पर आपको पंचमुखी हनुमान जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। दत्तात्रेय की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है और दुर्गा जी की प्रतिमा भी आपको यहां पर देखने के लिए मिलती है। यह जगह प्राकृतिक खूबसूरती से भरी हुई है। मंदिर के बाजू में ही कटनी नदी बहती है, जिसका दृश्य बहुत ही खूबसूरत रहता है। बरसात के समय में इस नदी में बाढ़ आती है, तो आप नदी के आर-पार नहीं जा सकते हैं। मगर गर्मी के समय जब नदी में पानी कम  हो  जाता है, तो आप नदी के आर-पार जा सकते हैं। नदी के उस पार भी आपको मंदिर देखने के लिए मिलता है, जो खूबसूरत लगता है। 


नदी के आर-पार जाने के लिए एक छोटी सी पुलिया बनी हुई है। इस पुलिया के माध्यम से आप नदी के उस पार जा सकते हैं। नदी के किनारे खूबसूरत घाट बना हुआ है। इस घाट को ही शायद कटाये घाट के नाम से जाना जाता है। यहां पर आपको पंप हाउस भी देखने के लिए मिलता है, जिससे कटनी शहर में पीने के लिए पानी भेजा जाता है। यह जगह बहुत खूबसूरत है और बरसात के समय अगर आप यहां पर जाते है, तो यहां पर चारों तरफ आपको हरियाली देखने मिलेगी और नदी में बहुत सारा पानी रहता है, जो बहुत खूबसूरत लगता है। यहां पर बरसात के समय हम लोग  गए थे। आप यहां पर अपनी फैमिली वालों के साथ और दोस्तों के साथ जा सकते हैं। आपको मंदिर में पंडित जी भी मिलेंगे, जो यहीं पर रहते हैं और मंदिर की पूजा करते हैं। राधे कृष्ण जी के मंदिर के थोड़ा आगे आपको राम जी का मंदिर भी देखने के लिए मिलता है। जब हम लोग इस जगह पर घूमने गए थे। तब राम जी का मंदिर कंप्लीट नहीं हुआ था। शायद अब कंप्लीट हो गया। राम मंदिर के सामने ही आपको गणेश जी की बहुत ही भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है और यहां का माहौल बहुत अच्छा लगता है। 


कटाई घाट में स्थित राधे कृष्ण जी का मंदिर कटनी शहर से ज्यादा दूर नहीं है। यह कटनी शहर से करीब 3 या 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा। आप यहां पर अपनी गाड़ी से जा सकते हैं। यह एरिया कटनी शहर के बाहरी क्षेत्र में स्थित है। यहां पर ज्यादा भीड़ नहीं रहती है। कटाये घाट जाने वाले रास्ते में आपको सुरमया पार्क देखने के लिए मिलता है। सुरमया पार्क कटनी शहर का एक प्रसिद्ध पार्क है और यह पार्क खूबसूरत है। आपको यहां पर बोटिंग करने मिल जाती है और यहां पर टॉय ट्रेन है, जिससे आप पूरे पार्क की यात्रा  भी कर सकते हैं। यह पार्क सुबह 11 बजे खुलता है। आप इस पार्क के मजे ले सकते हैं। इस पार्क के थोड़ा आगे ही कटाई घाट स्थित है। यहां पर रास्ते पर एक और गार्डन स्थित है। इस गार्डन में आपको बहुत सारे पेड़ पौधे देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आप मेडिटेशन कर सकते हैं। सुबह के समय यहां पर म्यूजिक बजता रहता है। आप यहां पर घूम सकते हैं और यह जगह बहुत अच्छी है।


माँ शारदा मंदिर मैहर

उज्जैन के मंदिर

पचमढ़ी के मंदिर

झोतेश्वर मंदिर गोटेगांव


कामकंदला किला कटनी - Kamakandla fort | Katni ka kila

बिलहरी का कामकंदला किला - विष्णु वराह मंदिर बिलहरी कटनी

Kamakandla kila Katni - Vishnu Varaha Temple Bilhari Katni

कामकंदला किला कटनी - Kamakandla fort | Katni ka kila
कामकंदला किला बिलहरी कटनी

कामकंदला किला (kamakandla fort) कटनी में स्थित एक प्राचीन किला है। कामकंदला किला (kamakandla fort) कटनी जिलें की बिलहरी में स्थित है। बिलहरी कटनी से 15 किलोमीटर दूर होगा। प्राचीन समय में बिलहरी को पुप्पवती नाम से जाना जाता है। बिलहरी में आपको बहुत सारे प्राचीन खंडहर अवशेष देखने मिलते है। कामकंदला किला (kamakandla fort) में आपको एक बावड़ी और प्राचीन शिव मंदिर देखने मिलता है। 

कामकंदला किला
(kamakandla fort) बिलहरी के बीच में ही स्थित है। किलें के आसपास बहुत सारे घर बने हुए है। आप इस किलें तक अपनी गाडी से आ सकते है। आप इस किलें तक लोगों से पूछ कर आ सकते हैं। किले में गेट लगा रहता है। आप गेट खोलकर अंदर जा सकते है। आपको इस किलें के प्रवेश द्वार पर हनुमान जी की एक भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही भव्य लगती है। हनुमान जी की प्रतिमा किलें के प्रवेश द्वार के बाये तरफ स्थापित है। किलें के दायें तरफ आपको एक बावड़ी देखने मिलती है। यह प्राचीन बावड़ी है। बावड़ी में पानी भर हुआ है और इसमें मछलियां भी मौजूद है। बावड़ी का पानी काले रंग का है। बावड़ी में सीढियां बनी हुई है। बावड़ी को करीब से देखने के लिए बावड़ी के अंदर एक प्लेटफार्म पत्थर का बना हुआ है, जहां पर आप सीढियों से जा सकते है। वैसे मुझे इस प्लेटफार्म में जाने से बहुत डर लग रहा था, क्योंकि यह प्लेटफार्म बावड़ी के काले पानी के उपर बना हुआ था। हम लोग बावड़ी घूमने के बाद किलें में गए। किलें में आपको तीन इमारत देखने मिलती है, जिनमें से एक शिव जी का मंदिर है, एक खंडहर इमारत है और एक इमारत बंद थी। खंडहर इमारत में देखने के लिए कुछ नहीं था। यहां पर ऊंची ऊंची दीवारें थी और लंबी-लंबी गैलरी थी। इस इमारत में छत भी नहीं थी। यहां छोटा सा बगीचा बना हुआ था। इस बगीचे की बाउंड्री में, जो पत्थर उपयोग किए गए है। इनमें अलग-अलग तरह की नक्काशी देखने के लिए मिल जाएगी। बगीचे में आपको एक पुराने समय का कोल्हू देखने के लिए मिल जाता है, जिससे पुराने समय में तेल निकाला जाता था। इसमें बैल को बांधा जाता था और बैल को वृत्ताकार परिधि में घुमाया जाता था, जिससे तेल निकाला जाता था। यहां पर बगीचे के बाजू में आपको शिव मंदिर देखने के लिए मिलता है। शिव मंदिर के बाहर और अंदर खूबसूरत नक्काशी की गई है। यह मंदिर काफी ऊंचा है। आप इस मंदिर के अंदर जाते हैं, तो मंदिर में आपको शिव भगवान जी का शिवलिंग की योनि देखने के लिए मिलती है। उपर का शिवलिंग यहां पर नहीं है। शिवलिंग शायद यहाँ के लोगों द्वारा यहां से कहीं और ले जाया जा चुका होगा। आप इस शिवलिंग की परिक्रमा कर सकते है। यहां पर आप दीवारों में खूबसूरत नक्काशी देख सकते हैं। ऊपर छत पर भी पेंटिंग की गई है। वह भी देखने लायक है। पेंटिंग अभी अच्छी अवस्था में है। किसी भी तरह से खराब नहीं हुई है। शिव मंदिर में आपको जगहें जगहें पर लोगों के नाम लिख हुए देखने मिलते है। आप से यह निवेदन है कि अगर आप किसी भी ऐतिहासिक स्मारक में जाए, तो इस तरह का नहीं करें। किसी भी तरह का नाम या जगह का नाम ना लिखें,क्योंकि इससे इन इमारतों की शोभा खराब हो जाती है। शिव मंदिर के बाजू में एक इमारत और है। इस इमारत में ताला लगा था। इस इमारत में प्राचीन मूर्तियां रखी गई है। आप लोग शायद जाएं, तो आपको इस इमारत में देखने के लिए मिल जाए। यहां पर एक वॉचमैन रहता है। आप उससे इस किलें के बारें में जाना सकते है। 

कामकंदला किला
(kamakandla fort) के बारे जानने के लिए आप यहां का दौरा कर सकते है। बिलहरी में कामकंदला किलें (kamakandla fort) के अलावा भी बहुत सारे प्राचीन इमारते है, जो अब खंडहर हो गई है। आप कामकंदला किले (kamakandla fort) से बाहर आते हैं, तो आपको एक टूटा फूटा मंदिर देखने के लिए मिलता है, जो प्राचीन काल का है। अब यहां खंडहर अवस्था में है। इसकी देखरेख भी कोई नहीं कर रहा है।

विष्णु वराह मंदिर  बिलहरी कटनी

 

कामकंदला किला कटनी - Kamakandla fort | Katni ka kila
विष्णु वराह मंदिर बिलहरी कटनी
 कामकंदला किलें (kamakandla fort) से करीब 1 या 2 किलोमीटर की दूरी पर एक विष्णु वराह मंदिर (Vishnu Varaha Temple) है, जो अच्छी अवस्था में है। इस मंदिर जाने का रास्ता बस्ती से होकर जाता है। इसलिए आपको यहां पर पहुॅचने में दिक्कत हो सकती है। विष्णु वराह मंदिर (Vishnu Varaha Temple) के आजू-बाजू बहुत सारे घर बने हुए हैं। इस मंदिर में जाने का रास्ता है। वह भी अच्छा नहीं है। पूरे रास्ते में कचरा है। विष्णु वराह मंदिर (Vishnu Varaha Temple) सुंदर है। यह मंदिर प्राचीन काल का है। इस मंदिर में एक मंडप और एक गर्भग्रह बना हुआ है। यह मंदिर एक चबूतर के उपर बना हुआ है। इस मंदिर का गर्भग्रह बहुत ऊंचा है। मंदिर के मंडप पर आपको एक पत्थर की विष्णु भगवान की वराह अवतार की मूर्ति देखने के लिए मिलती है। यह मूर्ति बहुत सुंदर है। मंदिर के चारों तरफ तार की बाउंड्री बनाई गई है। मंदिर के बाहर आपको बहुत सारे पत्थर की कलाकृतियां देखने मिलेगी, जिसमें विभिन्न नक्काशी बनाई गई है। यहां पर ज्यादा लोग नहीं आते हैं, क्योंकि इस मंदिर के बारें में किसी को पता नहीं है। इस मंदिर के थोड़ी दूरी पर एक तालाब स्थित है, जिसे शायद लक्ष्मण तालाब जाता है। इसका निर्माण भी पुराने समय में किया गया था। बिलहरी में प्राचीन निर्माण आपको देखने के लिए मिल जाते हैं। इस जगह की यात्रा आप कर सकते है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा।

कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni

कटनी में घूमने वाली जगह | Katni paryatan sthal | Places to visit near Katni

कटनी जिले के बारे में जानकारी
Information about Katni district


कटनी मध्य प्रदेश का एक जिला है। कटनी जिलें को मुडवारा के नाम से भी जाना जाता है। कटनी का संभागीय मुख्यालय जबलपुर है। 28 मई 1998 को कटनी को जिलें के रूप में घोषित किया गया है। कटनी में कटनी नदी बहती है, जो पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत है। कटनी जिलें में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन है। कटनी रेल्वे जंक्शन में 6 प्लेटफार्म है। यहां पर हमेशा भीड रहती है। कटनी की 8 तहसील कटनी शहर, कटनी ग्रामीण, रीठी, बड़वारा, बहोरीबंद, विजयराघवगढ, ढीमरखेड़ा, बरही है। कटनी जिले की सीमाएं उमरिया, जबलपुर, दमोह, पन्ना, और सतना जिले की सीमाओं को छूती हैं। कटनी जिले में बहुत सारी ऐतिहासिक और प्राकृतिक जगह है, जहां पर आप जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं। 


कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni


Katni places to visitकटनी में घूमने की जगहें


जागृति पार्क - Jagriti Park Katni

जागृति पार्क कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है। जागृति पार्क कटनी में माधव नगर में स्थित है। जागृति पार्क में आप आकर बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। जागृति पार्क में आप सुबह 5 बजे से 8 बजे तक आ सकते हैं और दोपहर में 12 बजे से 4 बजे तक जा सकते हैं। जागृति पार्क बहुत सुंदर है। जागृति पार्क में प्रवेश का शुल्क लिया जाता है। इस पार्क में आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा।

विजयराघवगढ़ किला - Vijayaraghavgarh Fort Katni / Vijayaraghavgarh ka kila

विजयराघवगढ़ किला एक प्राचीन किला है। यह किला कटनी शहर की विजयराघवगढ़ तहसील में स्थित है। विजयराघवगढ़ किलें का आकार आयताकार है। विजयराघवगढ़ किला का निर्माण 1826 में राजा बिसन सिंह के द्वारा किया गया था। राजा बिसन सिंह मैहर के राजा प्रयाग दास पुत्र थे। यह महल बलुआ पत्थर से बना हुआ है। विजयराघवगढ़ किलें में घूमने के लिए आपको बहुत सारे दर्शनीय स्थल देखने मिलते है। यहां पर आप रंगमहल, ब्रम्हा चबूतरा, समाधि स्थल, देखने मिलता है। इस किलें का बहुत सारा हिस्सा अब क्षतिग्रस्त होकर धराशयी हो गया है। 

राधा कृष्ण मंदिर या कटाये घाट मंदिर - Radha Krishna Temple Katni or Katay Ghat Temple Katni 

राधा कृष्ण मंदिर कटनी शहर का प्रसिध्द पर्यटन स्थल है। राधा कृष्ण मंदिर कटनी शहर में कटाये घाट के पास स्थित है। कटाये घाट एक प्राकृतिक स्थल है। आपको यहां पर हनुमानजी, पंच मुखी हनुमानजी, दुर्गाजी, दत्तत्रेय जी, और राधा कृष्ण की मूर्ति देखने मिलती है। इस मंदिर का चारों तरफ का वातावरण बहुत ही मनोरम है। यहां पर सीता और राम जी मंदिर भी स्थित है। यह मंदिर बहुत पुराना है। त्यौहार के समय कटाये घाट पर बहुत भीड लगती है। मंदिर के बाजू से एक नदी बहती है, जिसे कटनी नदी कहते है। बरसात के समय यहां पर आपको बहुत अच्छा लगेगा।

रूपनाथ मंदिर - Roopnath Temple Katni / Rupnath mandir Katni/ Roopnath dham

रूपनाथ धाम एक धार्मिक स्थल है। रूपनाथ धाम कटनी शहर की एक दर्शनीय जगह है। रूपनाथ धाम बहोरीबंद तहसील से करीब 3 किलोमीटर दूर है। यहां पर आपको शिव भगवान जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर प्राचीन गुफा है, जिसमें चमगादड रहते है। गुफा पर शिवलिंग विराजमान है। यहां पर राम कुंड, सीता कुंड, और लक्ष्मण कुंड नाम के तीन तालाब है। रूपनाथ मंदिर के उपर एक तालाब भी मौजूद है। यहां पर पहाडियों का दृश्य मनोरम है। यहां पर बरसात पर आपको झरना भी देखने मिलता है। 

कामकंदला किला - Kamakandla Fort Katni / Kamakandla Kila bilhari Katni

कामकंदला किला कटनी शहर का एक प्राचीन किला है। कामकंदला किला कटनी शहर के बिलहरी में स्थित है। कामकंदला किला कटनी शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर है। यहां पर आपको एक बावली भी देखने के लिए मिलती है, जो प्राचीन है और इसमें पानी भी है। यहां पर आपको मछली भी देखने मिलती है। यहां पर आपको हनुमान जी की मूर्ति भी देखने मिलती है। कामकंदला किला पर एक शिव भगवान जी का मंदिर है और मंदिर के छत पर आपको पेंटिग देखने मिलती है। शिव मंदिर पर शिवलिंग मौजूद नहीं है। कामकंदला किलें के अंदर कुछ प्राचीन मूर्तियां भी आपको देखने मिलती है। बिलहरी के आसपास आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते है, जो प्राचीन है। 

श्री तारन तारन दिगंबर जैन मंदिर - Shri Taran Taran Digambar Jain Temple Katni

तारन तरन एक जैन मंदिर है, जो कटनी शहर के बिलहरी में स्थित है। यह मंदिर कटनी शहर में घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। 

सेंटर पॉइंट ऑफ़ इंडिया - Center point of india Katni

सेंटर पॉइंट ऑफ़ इंडिया भारत का भौगोलिक केंद्र बिंदु है। यह कटनी शहर के पास घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। सेंटर पॉइंट ऑफ़ इंडिया कटनी शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर है। यह जगह कटनी के पान उमरिया के करीब स्थित है। यहाँ पर प्रसिद्ध महर्षि विद्या पीठ संस्थान स्थापित हैं। आप यहां पर स्वयं के वाहन से आसानी से पहुँच सकते हैं।

घोघरा नर्सरी जलप्रपात - Ghoghara Nursery Falls Katni

घोघरा नर्सरी जलप्रपात एक खूबसूरत जलप्रपात है, जो कटनी शहर में स्थित है। यह छोटा जलप्रपात है, मगर खूबसूरत है। यह झरना कटनी नदी पर बना हुआ है। यहां पर आकर आप पिकनिक मना सकते हैं। यहां पर झरने के पास एक मंदिर भी है, जहां जाकर आप शिव भगवान के दर्शन कर सकते है। यह झरना बरसात के समय देखने के लिए मिलता है। यहां पर आसपास के गांव के बच्चे नहाते हुए आपको देखने के लिए मिल जाते हैं। यह जगह खूबसूरत है। 

वसुधा झरना - Vasudha Falls Katni

वसुधा झरना कटनी शहर का एक खूबसूरत दर्शनीय स्थल है। यह कटनी शहर में घूमने वाली एक प्राकृतिक जगह है। यहां पर आप आकर प्रकृति और झरने का मजा ले सकते हैं। इस झरने पर पहुंचने के लिए आपको थोड़ी सी ट्रेकिंग करनी पड़ती है। वसुधा झरना घने जंगलों के बीच में स्थित है। यहां पर आपको झरना और एक कुंड देखने के लिए मिलता है, जो बहुत खूबसूरत लगता है। वसुधा झरना वसुधा नाम के गांव में स्थित है।

हनुमान मंदिर मुहास - Hanuman Temple Muhas Katni

मुहास का हनुमान मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। मुहास हनुमान मंदिर कटनी शहर की रीठी तहसील में स्थित है। इस हनुमान मंदिर में हनुमान जी को डॉक्टर माना जाता है, जो लोगों की हड्डियों का इलाज करते हैं। यहां पर बहुत दूर-दूर से लोग आते हैं। यहां पर शनिवार को बहुत ज्यादा भीड़ रहती है।

लिपरी जलाशय - Lipri reservoir / Lipri Dam

लिपरी कटनी में स्थित एक जलाशय है। यह बरसात के समय में पानी से भर जाता है, तो बहुत खूबसूरत लगता है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। यह कटनी शहर के बहुत करीब है।

वैष्णव देवी मंदिर कटनी - Vaishnav Devi Temple Katni / Vaishnav Devi Mandir Katni

वैष्णव देवी मंदिर कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है। वैष्णव देवी धाम कटनी शहर की एक धार्मिक जगह है। यह मंदिर एक ऊंचे पहाड़ी पर स्थित है। वैष्णव देवी मंदिर करीब 15 किलोमीटर दूर सुंगरहा गाँव में स्थित है। आप यहां पर आकर हरे-भरे माहौल में माता के दर्शन कर सकते हैं। यह जगह खूबसूरत है। यह मंदिर जंगल के बीच में स्थित है। 

चतुर्युग धाम बडेरा - Chaturyug Dham Badera Katni

चतुर्युग धाम बडेरा कटनी शहर का एक धार्मिक स्थल है। यह कटनी शहर के बड़ेरा गांव में स्थित है। चतुर्युग धाम बडेरा कटनी से करीब 15 किलोमीटर दूर है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग से करीब 2 किलोमीटर दूर है। यहां पर आपको पांच मंजिलें देखने के लिए मिलती हैं, जो अलग-अलग युग को समर्पित है। यहां पर पहली मंजिल  सतयुग को समार्पित है। दूसरी मंजिल त्रेता युग को समर्पित है। तीसरी मंजिल द्वापर युग को समार्पित है। चैथी मंजिल पर कलयुग को समार्पित है और सबसे ऊपरी मंजिल मां दुर्गा मंदिर को समार्पित है।

सुरम्या पार्क कटाये घाट - Surmya Park Katay Ghat Katni

सुरम्या पार्क कटनी में स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यह पार्क कटायें घाट जाने वाले रास्ते पर स्थित है। आप इस पार्क में बोंटिग का मजा ले सकते है। यहां पर बच्चों के मनोरंजन के लिए बहुत सारे झूले है। इस पार्क का प्रबंधन सरकार के द्वारा किया जाता है। यहां पर एक टॉय ट्रेन भी है, जिसके आप मजे ले सकते हैं।

कैमोरी डैम - Kaimori dam Katni / Kaimori reservoir Katni

कैमोरी जलाशय कटनी जिले में घूमने वाली एक जगह है। यह एक छोटा सा मगर एक देखने लायक जगह है। यह जलाशय पहाडों से घिरी हुई है। बरसात के टाइम में यह जलाशय पानी से भर जाता है और पानी ओवरफलो होता है, जो बहुत मनोरम होता है। यहां पर एक हनुमान मंदिर भी है। यहां पर सूर्यास्त का नजारा बहुत ही अच्छा होता है। 

कंकाली देवी मंदिर या तिगवा - Kankali Devi Temple Katni or Tigwa Katni

तिगवा कटनी शहर की एक ऐतिहासिक जगह है। इस जगह पर आपको बहुत सारी  पत्थर की नक्काशी देखने के लिए मिलती है। यहां पर कंकाली देवी का मंदिर भी है। कंकाली देवी का मंदिर छोटा सा है। यह गुप्तकालीन मंदिर है और लगभग 5 वी शताब्दी में बना हुआ है। इसके सामने मंडप बना हुआ है और इसमें अलग-अलग कलाकृतियां देखने के लिए मिलती है। यहां पर विष्णु भगवान जी की प्रतिमाएं दीवार पर उकेरी गई है। तिगवा देखने लायक जगह है। आपको यहां पर बहुत सारी पत्थर पर उकेरी कलाकृतियां देखने मिलती है। तिगवा कंकाली देवी मंदिर कटनी के बहोरीबंद तहसील में स्थित है। यह बहोरीबंद तहसील से 5 किलोमीटर दूर है।

बहोरीबंद जलाशय - Bahoriband reservoir Katni / Bahoribund dam Katni

बहोरीबंद जलाशय कटनी शहर में स्थित है। यह कटनी जिलें की बहोरीबंद तहसील में स्थित है। यह खूबसूरत जलाशय है। खूबसूरत पहाड़ों से घिरा हुआ है। आप यहां पर आ कर अपना समय बिता सकते हैं। बहोरीबंद जलाशय घूमने के लिए अच्छी जगह है। मगर यहां पर किसी भी तरह की कोई सुविधा नहीं है। 

प्राचीन विष्णु वराह मंदिर - Ancient Vishnu Varaha Temple Katni

प्राचीन विष्णु मंदिर कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है। यह एक ऐतिहासिक जगह है। यहां पर आपको बहुत सारी पत्थर की प्रतिमाएं देखने के लिए मिलती है। यहां पर विष्णु भगवान के सुकर अवतार की प्रतिमा है, जो पत्थर की बनी है। 





Muhas Hanuman Temple || मुहास हनुमान मंदिर

Muhas Hanuman Temple
मुहास हनुमान मंदिर 

हड्डी जोड़ने वाला मुहास का हनुमान मंदिर


Muhas Hanuman Temple || मुहास हनुमान मंदिर

हनुमान मंदिर का मुख्य द्वार  


हनुमान मंदिर मुहास (Muhas Hanuman Temple) बहुत प्रसिद्ध है। इस हनुमान मंदिर को हड्डी जोड़ने वाले मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। लोगों का मानना है कि यहां पर हनुमान जी स्वयं लोगों की हड्डी जोड़ने का इलाज करते हैं। यह मंदिर पूरे भारत देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर के बारे में न्यूज चैनलों में भी आ चुका है। इस मंदिर की प्रसिद्धि पूरे देश में है। यहां पर जो भी लोग आते हैं। वह अपनी समस्या लेकर आते हैं और हनुमान जी उनकी समस्या को ठीक करते हैं।

मुहास हनुमान मंदिर कहा है
Where is Muhas Hanuman Temple


हम लोग भी इस मंदिर में घूमने गए थे। यह मंदिर मध्यप्रदेश के कटनी जिले में स्थित है। यह मंदिर कटनी जिले से लगभग 35 किमी दूर होगा। यह रीठी तहसील की मुहास नाम के गांव में स्थित है। यह एक छोटा सा मंदिर है, ज्यादा बड़ा मंदिर नहीं है। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरती से बनाया गया है। यह मंदिर मुहास में मेन रोड में स्थित है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से जा सकते हैं। यहां पर बसें भी चलती होंगी, मगर वो टाइम टेबल से चलती होंगी, तो अगर आप बस से यहां आना चाहते हैं। तो टाइम का विशेष ध्यान दें। मगर मेरे हिसाब से आप यहां पर अपनी गाड़ी से आएंगे, तो वह आपके लिए बेस्ट होगा। 

मुहास के हनुमान मंदिर (Muhas Hanuman Temple) के बारे में कहा जाता है, कि जिन लोगों की हड्डियां फैक्चर हो जाती हैं या टूट जाती है। ऐसे लोगों यहां पर आकर अपना इलाज करवाते है, तो यहां आने पर उनकी हड्डियों को दोबारा जोड़ा जा सकता है। वैसे यह सब मेडिकल साइंस के हिसाब से संभव नहीं है। मगर यहां आने वालों श्रध्दाुलों की मानें तो इस बात पर आपको विश्वास किया जा सकता है। यहां पर मंगलवार की दिन लोगों की भीड लगी रहती है। यहां पर मंगलवार के दिन के अलावा भी लोग आपको देखने मिल जाएगें। 

मुहास के हनुमान मंदिर (Muhas Hanuman Temple) में जो भी लोग अपना इलाज कराने आते है। वो यह पर दो या तीन बार आते है। तब जाकर उनका रोग ठीक हो जाता है। मंदिर के बाहर आपको दुकान देखने मिलती है, जहां पर मंदिर में चढाने के लिए प्रसाद मिल जाता है। इन दुकानों में आपको जड़ी बूटियों का तेल भी मिल जाएगा, जो आप के दर्द को कम करता है। तेल में वैसे यह लिखा रहता है और यह पर दुकान वाले लोग भी यही कहकर बेचते है। बाकी इस तेल के बारे में मुझे जानकारी नहीं है, कि वह आपके दर्द वगैरह को कम करता है कि नहीं। यह तेल आपको बहुत कम कीमत में मिल जाता है। 

अगर आप इस हनुमान मंदिर पर आते है, तो आपको यह पर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर बहुत सारे लोग आते हैं और यहां पर भजन कीर्तन होता रहता है। यहां पर मंगलवार और शानिवार को बहुत ज्यादा भीड़ होती है और इस दिन ही इस मंदिर में मिलने वाली दवाई का असर ज्यादा होता है। 

यहां पर जिन लोगों की हड्डियां टूट जाती हैं। वह यहां पर स्ट्रेचर से आते हैं या एंबुलेंस में आते हैं। यहां पर उन्हें कुछ देर मंदिर परिसर में बैठने के लिए कहा जाता है और राम भगवान का जाप करने के लिए कहा जाता है। फिर  उन्हें औषधि दी जाती है और यह औषधि लोगों को खानी पड़ती है। इस औषधि के बारे में कहा जाता है, कि यह औषधि पूरी तरह से प्राकृतिक होती है। यहां पर एक पंडित जी ने हमें बताया कि यह संजीवनी बूटी होती है, जो हनुमान जी ने लाए थे, लक्ष्मण जी के इलाज के लिए। तो उसी औषधि से लोगों का इलाज होता है। यह औषधि प्राकृतिक होती है जिसको खाकर यहां पर जो भी लोग आते हैं। वह ठीक हो जाते हैं।

Muhas Hanuman Temple || मुहास हनुमान मंदिर

हनुमान मंदिर परिसर  


मुहास का हनुमान मंदिर (Muhas Hanuman Temple) ज्यादा बडा नहीं है। मंदिर परिसर में आंगन बहुत बड़ा है। उसमें लोग बैठकर भजन कर सकते हैं और यहां पर हनुमान जी की प्रतिमा बनाई गई है, जो बहुत ही आकर्षक है देखने में। शिव भगवान जी की मूर्ति भी स्थापित की गई है जिनकी पूजा आप कर सकते हैं।

हम लोगों को इस मंदिर में बहुत अच्छा लगा था। यहां पर आकर हमने अपने पैर हाथ धुले और प्रसाद लिया। भगवान हनुमान के दर्शन किए। कुछ देर इस मंदिर में बैठे और फिर अपने घर आ गये। मंदिर के आसपास आपको बहुत सारी दुकानें भी मिलती हैं। जहां पर अगर आप कहीं दूर से आ रहे हो, तो दुकान मे खाने-पीने की व्यवस्था भी मिल जाती है। जहां पर आप चाय नाश्ता कर सकते है। यहां पर आप अपनी परिवार और दोस्तों के साथ आ सकते है। 

हमें इस जगह आ कर बहुत अच्छा लगा।  यहां पर काफी शांत वाला माहौल रहता है। आप भी यहां आ सकते हैं और अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आने के लिए अच्छी सड़कें हैं, तो आप अपनी गाड़ी से आसानी से आ सकते हैं। 

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Jagriti Park - Katni District | जागृति पार्क

Jagriti Park - Katni District

कटनी जिले का खूबसूरत - जागृति पार्क 

Jagriti Park - Katni District | जागृति पार्क

जागृति पार्क 


जागृति पार्क बहुत खूबसूरत पार्क है। कटनी जिले का यह पार्क बहुत अच्छा है। यहां पर बहुत से लोग घूमने आते हैं और मुझे लगता है कि यह पर बहुत से लोग सुबह की एक्सरसाइज और योग करने ज्यादा आते होगे।
जागृति पार्क में बहुत से लोग अपना समय बिताने के लिए आते हैं। यह पार्क  बहुत अच्छी तरह से बना हुआ है। इस पार्क में हम लोग गए हैं, मगर हम लोग की किस्मत खराब थी। हम इस पार्क के अंदर नहीं जा पाए, क्योंकि इस पार्क के खुलने और बंद होने का एक नियमित समय होता है। तो अगर आप लोग इस पार्क में जाने का प्लान बना रहे हो, तो समय पर जाये। हमारी तरह ही कुछ लोग यहां पर आये थे और यहां पर इंतजार कर रहे थे। मगर क्या कर सकते है। 

यह पार्क काफी सुंदर पार्क है। यहां पर आप अपना बहुत अच्छा टाइम बिता सकते हैं। मगर यहां आने से पहले समय का ध्यान रखें। यह पार्क का समय सुबह 5:30 से 8:30 बजे तक ओपन रहता है और दोपहर को 2:00 बजे से 5:00 बजे तक ओपन रहता है। तो आप अगर कभी भी इस पार्क में घूमने के लिए आते हैं, तो इस टाइम का जरूर ध्यान दें। अगर आप किसी भी टाइम इस पार्क में पहुंचते हैं तो यह पार्क बंद रहेगा। 

Jagriti Park - Katni District | जागृति पार्क

माधव नगर  

जागृति पार्क कटनी जिले में माधव नगर में स्थित है। आप इस पार्क में अपनी गाड़ी से आ सकते हैं या आप इस पार्क तक पैदल भी आ सकते हैं, जैसे हम लोग इस पार्क में पैदल गए थे। यहां पर हम लोगों ने ऑटो भी चलते हुए देखा था, तो आप चाहे तो यहां पर ऑटो उसे भी आ सकते हैं।

जागृति पार्क के चारों तरफ बांडरी वाॅल है। इस पार्क की देखरेख के लिए कुछ लोग यहां पर उपस्थित रहते है। यहां पार्क बहुत ही खूबसूरत हरियाली से भरा है। यहां पर अगर अपने वाहन से आते हैं तो आपके वाहन का पार्किंग चार्ज भी लगता है। यहां पर आपको वॉशरूम की सुविधा मिलती है, जिसका चार्ज लिया जाता है। 

इस पार्क के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका डाॅ. संजय निगम ने निभाया है, जो अध्यक्ष है जागृति संस्था के। पार्क का निर्माण कटनी जिले के नागरिक के सहयोग से और कटनी जिले के मंत्री रामकृष्ण कुसुमरिया के द्वारा हुआ है। जागृति पार्क का निर्माण एवं संचालन हेतु कटनी पर्यावरण विकास संधारण समिति का गठन किया गया है। यह पार्क कटनी के नागरिकों एवं शासन की जनभागीदारी योजना के समन्वय की अद्भुत मिसाल है। यह सभी जानकारी यहां पर स्थित एक बोर्ड पर लिखी गई थी, जिसके बारे में मैंने आपको बताया है।

जागृति पार्क के यात्रा और मेरा अनुभव


हम लोगों ने जबलपुर से मैहर जाने का प्लान बनाया था। हम लोग अपनी स्कूटी से यहां पर जाने वाले थे। हम लोगों की जो स्कूटी थी। वह खराब हो गई बीच रास्ते मे। हम लोग की स्कूटी चल रही थी, मगर स्कूटी में ऑयल का परेशानी थी। मगर हम लोगों की मैहर जाने की इच्छा थी। इसलिए हम लोग रूके नहीं और हम लोग कटनी पहुचे।  हम कटनी में एक दिन रूके और दूसरे दिन हम लोग सुबह टाइम कटनी के टीवीएस शोरूम में पहुंचे। उसके बाद हम लोग टीवीएस शोरूम में स्कूटी डाले और हम लोग की स्कूटी को सुधरने में करीब 2 से 3 घंटे लगने वाला था। हमारे पास 2 से 3 घंटे का समय था इसलिए हम ने कहीं जाने का प्लान बनाया और हमारे पास से 3 से 4 किमी दूर जागृति पार्क था। इसलिए हम लोग वहां पर जाने के लिए पैदल ही निकल गए। हम लोग अपनी पैदल यात्रा स्टार्ट कर दिए और हम लोग सडक में एक टापरा था जहां पर हम ने समोसा खाया और मजा आ गया था। उसके बाद हम लोग आगे बढ़े और हम लोग माधव नगर के अंदर चले गए, और यहां पर एक ढलान वाला रास्ता भी था। यहां पर हम लोग की हालत खस्ता हो गई थी। यहां पर एक पुलिस थाना भी है, उसके बाद यहां आने का कोई फायदा नहीं हुआ, क्योंकि पार्क बंद था। जब हम यहां पर आये थे इसलिए आप यह पर जब भी आये समय का विशेष ध्यान रखे।

हम लोगों ने कुछ देर इंतजार किया और हम लोग बहुत थक गए थे। इसलिए हम लोग कुछ टाइम के लिए वहां पर रुके। उसके बाद हम लोग वहां से चले गए। हम लोगों ने पार्क को बाहर से देखा। पार्क देखने में  सुंदर दिख रहा था और यही तो हमारा इस पार्क का एक्सपीरियंस जो ठीक रहा।

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Bahoriband-Kankali Devi Temple Tigawa (कंकाली देवी मंदिर )

Kankali Devi Temple 

कंकाली देवी मंदिर 


कंकाली देवी मंदिर बहोरीबंद (Kankali Devi Temple) के पास के एक गांव में स्थित है। इस गांव में कंकाली देवी मंदिर (Kankali Devi Temple) के अलावा एक मंदिर और भी स्थित है। यह एक पुरातात्विक स्थल है और यहां पर आपको बहुत ढेर सारे खूबसूरत नक्काशी भरे पत्थर पर उकेरी गई कई कलाकृतियां देखने मिल जाएगी। यह एक बहुत प्राचीन स्थल है और आप इस जगह पर बहुत आसानी से आ सकते हैं। यह बहुत ही प्राचीन मंदिर है। 

Bahoriband-Kankali Devi Temple Tigawa (कंकाली देवी मंदिर )

कंकाली देवी मंदिर 

कंकाली देवी मंदिर (Kankali Devi Templeकटनी जिले में स्थित है। यह कटनी जिले के बहोरीबंद तहसील (Bahoriband Tehsilके पास स्थित है। आप इस मंदिर पर अपनी गाड़ी से आसानी से आ सकते हैं। इस मंदिर तक कोई भी टैक्सी या बस वगैरह नहीं चलती है। आपको अपनी गाड़ी से ही आना होगा। इस मंदिर तक आने के लिए आपको अच्छी सड़क मिल जाती है, या बहोरीबंद तहसील (Bahoriband Tehsil) से जो कटनी जिले की तहसील है वहां से 3 या 4 किलोमीटर दूर होगा, तो आप यहां पर अपनी गाड़ी से आसानी से आ सकते हैं।

Bahoriband-Kankali Devi Temple Tigawa (कंकाली देवी मंदिर )

तिगवा में स्थापित पत्थर के शिवलिंग 

आपको यहां पर आकर बहुत ही सुंदर कंकाली देवी का मंदिर (Kankali Devi Temple) देखने को मिलता है, जो करीब 1000 साल पुरानी है। यह मंदिर सपाट छत वाला है। मंदिर के सामने छोटा सा आंगन बना हुआ है, जो जिसके बीच में एक हवन कुंड बना हुआ है। मंदिर के बाजू में ही एक बोर्ड लगा हुआ है, जिसमें मंदिर के बारे में जानकारी दी गई है। इस मंदिर में आपको खूबसूरत पत्थर पर की गई  नक्काशी देखने मिलती है। मंदिर पर खंभे बने हुए हैं, दो खंभे बने हुए हैं। जिस पर आपको खूबसूरत फूलों की आकृतियां देखने मिलती है। जिसको पत्थर पर उकेरकर बनाया गया है। मंदिर की दीवारों पर आपको भगवान विष्णु की खूबसूरत प्रतिमा देखने मिलेगी जिसको पत्थर पर उकेरकर कर बनाया गया है, जो बहुत खूबसूरत लगती है। इसके अलावा यहां पर भगवान पार्श्वनाथ की भी प्रतिमा आपको देखने मिलती है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है और मंदिर की जो छत है। वह सपाट है, मतलब किसी भी तरह का यहां पर गुंबद नहीं बना हुआ है। यह जो पूरा मंदिर है, यह पूरा मंदिर पत्थर से बना हुआ है और मंदिर के अंदर गर्भ गृह में कंकाली माता की प्रतिमा स्थित है। जिनके दर्शन आप कर सकते हैं। यहां पर वैसे तो जब हम लोग गए थे, तो ताला लगा था मगर किसी खास अवसर पर यह मंदिर खोला जाता है, और आप भगवान जी के दर्शन कर सकते है। आप माता जी के दर्शन कर सकते हैं। 

वहां पर कंकाली देवी की मंदिर (Kankali Devi Temple) के अलावा और भी बहुत सारी मूर्तियां है, जो आप देख सकते हैं। यहां पर जितने भी मूर्तियां हैं। वह सारी मूर्तियां पत्थर की बनी हुई है। यहां पर आपको एक वॉचमैन भी है, जो इस मंदिर की देखरेख करता है। यह एक ऐतिहासिक धरोहर है। 

Bahoriband-Kankali Devi Temple Tigawa (कंकाली देवी मंदिर )

 पत्थर की खूबसूरत कलाकृति 

इस जगह पर बहुत कम लोग आते हैं। इस जगह को देखने के लिए क्योंकि इस जगह की जानकारी काफी लोगों को नहीं है। मगर यह जगह खूबसूरत है। 

यहां पर चारों तरफ पत्थर की बहुत सारी अलग-अलग प्रकार की कलाकृतियां मौजूद है, जिन्हें आप देख सकते हैं। इस जगह पर कंकाली देवी जी के मंदिर (Kankali Devi Temple) के अलावा भी एक अन्य मंदिर स्थित है, जो शायद दुर्गा जी को समार्पित है।  यहां पर विशेषकर यहां के गांव वाले आते हैं। कंकाली देवी जी (Kankali Devi jiकी पूजा करने के लिए। 

Bahoriband-Kankali Devi Temple Tigawa (कंकाली देवी मंदिर )

दुर्गा माता का मंदिर 

यहां पर आप भगवान शिव जी के बहुत से शिवलिंग देख सकते हैं, जो पुराने समय के है। ये शिवलिंग पत्थर पर बना हुआ है। हम ने यहां पर तीन या चार शिवलिंग देखें थे। 

यह जो जगह है, वह तिगमा (Tigawa) नाम से प्रसिद्ध है। यहां जगह छोटा से एरिया में ही फैली हुई है और यह जगह चारों तरफ से बाउंड्री वॉल से घिरा हुआ है।  यहां पर आपको किसी भी तरह की एंट्री फी नहीं लगती है अंदर आने के लिए। यहां पर आकर घूम सकते हैं। यहां पर मंदिर भी है। यहां पर दुर्गा जी का जो मंदिर है। वहां पर पूजा होती रहती है और लोग यहां पर आकर भंडारे करते रहते हैं। हम लोग जब इस जगह पर आए थे। तब यहां पर पूजा हो रही थी और भंडारा बनाया जा रहा था। 

हम लोग इस जगह पर घूमने के लिए अपनी स्कूटी से आए थे। हम लोग पहले रूपनाथ मंदिर घूमे थे। उसके बाद हम लोग तिगमा (Tigawa) के कंकाली देवी मंदिर आए थे। यह जगह रूपनाथ धाम करीब 10 या 12 किलोमीटर दूर होगा। आप रूपनाथ धाम से इस जगह में आराम से जा सकते हैं।

यहां पर हम लोगों को काफी अच्छा लगा और यहां पर ज्यादा भीड़ भाड़ नहीं रहती है। यहां पर गांव वाले ही लोग रहते है, तो आप यहां पर अपनी फैमिली के साथ आ सकते हैं और अपने दोस्तों के साथ भी आ सकते हैं। अगर आप  पुरानी चीजें देखने के शौकीन हैं, तो आप यहां पर जरूर आकर देख सकते हैं। यहां पर आपको मंदिर के बाजू में ही एक तालाब है। 

हमें इस जगह आ कर बहुत अच्छा लगा। हम इस जगह दो बार आ चुके हैं और यहां पर काफी अच्छा और शांत माहौल रहता है। आप भी यहां आ सकते हैं और अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आने के लिए अच्छी सड़कें हैं, तो आप अपनी गाड़ी से आसानी से आ सकते हैं। 

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