Muhas Hanuman Temple || मुहास हनुमान मंदिर

Muhas Hanuman Temple
मुहास हनुमान मंदिर 

हड्डी जोड़ने वाला मुहास का हनुमान मंदिर


Muhas Hanuman Temple || मुहास हनुमान मंदिर

हनुमान मंदिर का मुख्य द्वार  


हनुमान मंदिर मुहास (Muhas Hanuman Temple) बहुत प्रसिद्ध है। इस हनुमान मंदिर को हड्डी जोड़ने वाले मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। लोगों का मानना है कि यहां पर हनुमान जी स्वयं लोगों की हड्डी जोड़ने का इलाज करते हैं। यह मंदिर पूरे भारत देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर के बारे में न्यूज चैनलों में भी आ चुका है। इस मंदिर की प्रसिद्धि पूरे देश में है। यहां पर जो भी लोग आते हैं। वह अपनी समस्या लेकर आते हैं और हनुमान जी उनकी समस्या को ठीक करते हैं।

मुहास हनुमान मंदिर कहा है
Where is Muhas Hanuman Temple


हम लोग भी इस मंदिर में घूमने गए थे। यह मंदिर मध्यप्रदेश के कटनी जिले में स्थित है। यह मंदिर कटनी जिले से लगभग 35 किमी दूर होगा। यह रीठी तहसील की मुहास नाम के गांव में स्थित है। यह एक छोटा सा मंदिर है, ज्यादा बड़ा मंदिर नहीं है। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरती से बनाया गया है। यह मंदिर मुहास में मेन रोड में स्थित है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से जा सकते हैं। यहां पर बसें भी चलती होंगी, मगर वो टाइम टेबल से चलती होंगी, तो अगर आप बस से यहां आना चाहते हैं। तो टाइम का विशेष ध्यान दें। मगर मेरे हिसाब से आप यहां पर अपनी गाड़ी से आएंगे, तो वह आपके लिए बेस्ट होगा। 

मुहास के हनुमान मंदिर (Muhas Hanuman Temple) के बारे में कहा जाता है, कि जिन लोगों की हड्डियां फैक्चर हो जाती हैं या टूट जाती है। ऐसे लोगों यहां पर आकर अपना इलाज करवाते है, तो यहां आने पर उनकी हड्डियों को दोबारा जोड़ा जा सकता है। वैसे यह सब मेडिकल साइंस के हिसाब से संभव नहीं है। मगर यहां आने वालों श्रध्दाुलों की मानें तो इस बात पर आपको विश्वास किया जा सकता है। यहां पर मंगलवार की दिन लोगों की भीड लगी रहती है। यहां पर मंगलवार के दिन के अलावा भी लोग आपको देखने मिल जाएगें। 

मुहास के हनुमान मंदिर (Muhas Hanuman Temple) में जो भी लोग अपना इलाज कराने आते है। वो यह पर दो या तीन बार आते है। तब जाकर उनका रोग ठीक हो जाता है। मंदिर के बाहर आपको दुकान देखने मिलती है, जहां पर मंदिर में चढाने के लिए प्रसाद मिल जाता है। इन दुकानों में आपको जड़ी बूटियों का तेल भी मिल जाएगा, जो आप के दर्द को कम करता है। तेल में वैसे यह लिखा रहता है और यह पर दुकान वाले लोग भी यही कहकर बेचते है। बाकी इस तेल के बारे में मुझे जानकारी नहीं है, कि वह आपके दर्द वगैरह को कम करता है कि नहीं। यह तेल आपको बहुत कम कीमत में मिल जाता है। 

अगर आप इस हनुमान मंदिर पर आते है, तो आपको यह पर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर बहुत सारे लोग आते हैं और यहां पर भजन कीर्तन होता रहता है। यहां पर मंगलवार और शानिवार को बहुत ज्यादा भीड़ होती है और इस दिन ही इस मंदिर में मिलने वाली दवाई का असर ज्यादा होता है। 

यहां पर जिन लोगों की हड्डियां टूट जाती हैं। वह यहां पर स्ट्रेचर से आते हैं या एंबुलेंस में आते हैं। यहां पर उन्हें कुछ देर मंदिर परिसर में बैठने के लिए कहा जाता है और राम भगवान का जाप करने के लिए कहा जाता है। फिर  उन्हें औषधि दी जाती है और यह औषधि लोगों को खानी पड़ती है। इस औषधि के बारे में कहा जाता है, कि यह औषधि पूरी तरह से प्राकृतिक होती है। यहां पर एक पंडित जी ने हमें बताया कि यह संजीवनी बूटी होती है, जो हनुमान जी ने लाए थे, लक्ष्मण जी के इलाज के लिए। तो उसी औषधि से लोगों का इलाज होता है। यह औषधि प्राकृतिक होती है जिसको खाकर यहां पर जो भी लोग आते हैं। वह ठीक हो जाते हैं।

Muhas Hanuman Temple || मुहास हनुमान मंदिर

हनुमान मंदिर परिसर  


मुहास का हनुमान मंदिर (Muhas Hanuman Temple) ज्यादा बडा नहीं है। मंदिर परिसर में आंगन बहुत बड़ा है। उसमें लोग बैठकर भजन कर सकते हैं और यहां पर हनुमान जी की प्रतिमा बनाई गई है, जो बहुत ही आकर्षक है देखने में। शिव भगवान जी की मूर्ति भी स्थापित की गई है जिनकी पूजा आप कर सकते हैं।

हम लोगों को इस मंदिर में बहुत अच्छा लगा था। यहां पर आकर हमने अपने पैर हाथ धुले और प्रसाद लिया। भगवान हनुमान के दर्शन किए। कुछ देर इस मंदिर में बैठे और फिर अपने घर आ गये। मंदिर के आसपास आपको बहुत सारी दुकानें भी मिलती हैं। जहां पर अगर आप कहीं दूर से आ रहे हो, तो दुकान मे खाने-पीने की व्यवस्था भी मिल जाती है। जहां पर आप चाय नाश्ता कर सकते है। यहां पर आप अपनी परिवार और दोस्तों के साथ आ सकते है। 

हमें इस जगह आ कर बहुत अच्छा लगा।  यहां पर काफी शांत वाला माहौल रहता है। आप भी यहां आ सकते हैं और अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आने के लिए अच्छी सड़कें हैं, तो आप अपनी गाड़ी से आसानी से आ सकते हैं। 

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो, तो आप इस लेख को शेयर जरूर करें और अगर आप इस जगह आए हो या आने चाहते हो, तो अपने विचार हमसे साझा जरूर करें। 

आपने अपना समय दिया इसके लिए धन्यवाद


Jagriti Park - Katni District | जागृति पार्क

Jagriti Park - Katni District

कटनी जिले का खूबसूरत - जागृति पार्क 

Jagriti Park - Katni District | जागृति पार्क

जागृति पार्क 


जागृति पार्क बहुत खूबसूरत पार्क है। कटनी जिले का यह पार्क बहुत अच्छा है। यहां पर बहुत से लोग घूमने आते हैं और मुझे लगता है कि यह पर बहुत से लोग सुबह की एक्सरसाइज और योग करने ज्यादा आते होगे।
जागृति पार्क में बहुत से लोग अपना समय बिताने के लिए आते हैं। यह पार्क  बहुत अच्छी तरह से बना हुआ है। इस पार्क में हम लोग गए हैं, मगर हम लोग की किस्मत खराब थी। हम इस पार्क के अंदर नहीं जा पाए, क्योंकि इस पार्क के खुलने और बंद होने का एक नियमित समय होता है। तो अगर आप लोग इस पार्क में जाने का प्लान बना रहे हो, तो समय पर जाये। हमारी तरह ही कुछ लोग यहां पर आये थे और यहां पर इंतजार कर रहे थे। मगर क्या कर सकते है। 

यह पार्क काफी सुंदर पार्क है। यहां पर आप अपना बहुत अच्छा टाइम बिता सकते हैं। मगर यहां आने से पहले समय का ध्यान रखें। यह पार्क का समय सुबह 5:30 से 8:30 बजे तक ओपन रहता है और दोपहर को 2:00 बजे से 5:00 बजे तक ओपन रहता है। तो आप अगर कभी भी इस पार्क में घूमने के लिए आते हैं, तो इस टाइम का जरूर ध्यान दें। अगर आप किसी भी टाइम इस पार्क में पहुंचते हैं तो यह पार्क बंद रहेगा। 

Jagriti Park - Katni District | जागृति पार्क

माधव नगर  

जागृति पार्क कटनी जिले में माधव नगर में स्थित है। आप इस पार्क में अपनी गाड़ी से आ सकते हैं या आप इस पार्क तक पैदल भी आ सकते हैं, जैसे हम लोग इस पार्क में पैदल गए थे। यहां पर हम लोगों ने ऑटो भी चलते हुए देखा था, तो आप चाहे तो यहां पर ऑटो उसे भी आ सकते हैं।

जागृति पार्क के चारों तरफ बांडरी वाॅल है। इस पार्क की देखरेख के लिए कुछ लोग यहां पर उपस्थित रहते है। यहां पार्क बहुत ही खूबसूरत हरियाली से भरा है। यहां पर अगर अपने वाहन से आते हैं तो आपके वाहन का पार्किंग चार्ज भी लगता है। यहां पर आपको वॉशरूम की सुविधा मिलती है, जिसका चार्ज लिया जाता है। 

इस पार्क के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका डाॅ. संजय निगम ने निभाया है, जो अध्यक्ष है जागृति संस्था के। पार्क का निर्माण कटनी जिले के नागरिक के सहयोग से और कटनी जिले के मंत्री रामकृष्ण कुसुमरिया के द्वारा हुआ है। जागृति पार्क का निर्माण एवं संचालन हेतु कटनी पर्यावरण विकास संधारण समिति का गठन किया गया है। यह पार्क कटनी के नागरिकों एवं शासन की जनभागीदारी योजना के समन्वय की अद्भुत मिसाल है। यह सभी जानकारी यहां पर स्थित एक बोर्ड पर लिखी गई थी, जिसके बारे में मैंने आपको बताया है।

जागृति पार्क के यात्रा और मेरा अनुभव


हम लोगों ने जबलपुर से मैहर जाने का प्लान बनाया था। हम लोग अपनी स्कूटी से यहां पर जाने वाले थे। हम लोगों की जो स्कूटी थी। वह खराब हो गई बीच रास्ते मे। हम लोग की स्कूटी चल रही थी, मगर स्कूटी में ऑयल का परेशानी थी। मगर हम लोगों की मैहर जाने की इच्छा थी। इसलिए हम लोग रूके नहीं और हम लोग कटनी पहुचे।  हम कटनी में एक दिन रूके और दूसरे दिन हम लोग सुबह टाइम कटनी के टीवीएस शोरूम में पहुंचे। उसके बाद हम लोग टीवीएस शोरूम में स्कूटी डाले और हम लोग की स्कूटी को सुधरने में करीब 2 से 3 घंटे लगने वाला था। हमारे पास 2 से 3 घंटे का समय था इसलिए हम ने कहीं जाने का प्लान बनाया और हमारे पास से 3 से 4 किमी दूर जागृति पार्क था। इसलिए हम लोग वहां पर जाने के लिए पैदल ही निकल गए। हम लोग अपनी पैदल यात्रा स्टार्ट कर दिए और हम लोग सडक में एक टापरा था जहां पर हम ने समोसा खाया और मजा आ गया था। उसके बाद हम लोग आगे बढ़े और हम लोग माधव नगर के अंदर चले गए, और यहां पर एक ढलान वाला रास्ता भी था। यहां पर हम लोग की हालत खस्ता हो गई थी। यहां पर एक पुलिस थाना भी है, उसके बाद यहां आने का कोई फायदा नहीं हुआ, क्योंकि पार्क बंद था। जब हम यहां पर आये थे इसलिए आप यह पर जब भी आये समय का विशेष ध्यान रखे।

हम लोगों ने कुछ देर इंतजार किया और हम लोग बहुत थक गए थे। इसलिए हम लोग कुछ टाइम के लिए वहां पर रुके। उसके बाद हम लोग वहां से चले गए। हम लोगों ने पार्क को बाहर से देखा। पार्क देखने में  सुंदर दिख रहा था और यही तो हमारा इस पार्क का एक्सपीरियंस जो ठीक रहा।

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो, तो इस लिंक को जरूर शेयर कीजिए अपने दोस्तों के साथ और अगर आप कटनी गए  हो, तो अपना एक्सपीरियंस हमसे कमेंट के द्वारा शेयर कीजिए। 

आपने अपना समय दिया उसके लिए धन्यवाद





Bahoriband-Kankali Devi Temple Tigawa (कंकाली देवी मंदिर )

Kankali Devi Temple 

कंकाली देवी मंदिर 


कंकाली देवी मंदिर बहोरीबंद (Kankali Devi Temple) के पास के एक गांव में स्थित है। इस गांव में कंकाली देवी मंदिर (Kankali Devi Temple) के अलावा एक मंदिर और भी स्थित है। यह एक पुरातात्विक स्थल है और यहां पर आपको बहुत ढेर सारे खूबसूरत नक्काशी भरे पत्थर पर उकेरी गई कई कलाकृतियां देखने मिल जाएगी। यह एक बहुत प्राचीन स्थल है और आप इस जगह पर बहुत आसानी से आ सकते हैं। यह बहुत ही प्राचीन मंदिर है। 

Bahoriband-Kankali Devi Temple Tigawa (कंकाली देवी मंदिर )

कंकाली देवी मंदिर 

कंकाली देवी मंदिर (Kankali Devi Templeकटनी जिले में स्थित है। यह कटनी जिले के बहोरीबंद तहसील (Bahoriband Tehsilके पास स्थित है। आप इस मंदिर पर अपनी गाड़ी से आसानी से आ सकते हैं। इस मंदिर तक कोई भी टैक्सी या बस वगैरह नहीं चलती है। आपको अपनी गाड़ी से ही आना होगा। इस मंदिर तक आने के लिए आपको अच्छी सड़क मिल जाती है, या बहोरीबंद तहसील (Bahoriband Tehsil) से जो कटनी जिले की तहसील है वहां से 3 या 4 किलोमीटर दूर होगा, तो आप यहां पर अपनी गाड़ी से आसानी से आ सकते हैं।

Bahoriband-Kankali Devi Temple Tigawa (कंकाली देवी मंदिर )

तिगवा में स्थापित पत्थर के शिवलिंग 

आपको यहां पर आकर बहुत ही सुंदर कंकाली देवी का मंदिर (Kankali Devi Temple) देखने को मिलता है, जो करीब 1000 साल पुरानी है। यह मंदिर सपाट छत वाला है। मंदिर के सामने छोटा सा आंगन बना हुआ है, जो जिसके बीच में एक हवन कुंड बना हुआ है। मंदिर के बाजू में ही एक बोर्ड लगा हुआ है, जिसमें मंदिर के बारे में जानकारी दी गई है। इस मंदिर में आपको खूबसूरत पत्थर पर की गई  नक्काशी देखने मिलती है। मंदिर पर खंभे बने हुए हैं, दो खंभे बने हुए हैं। जिस पर आपको खूबसूरत फूलों की आकृतियां देखने मिलती है। जिसको पत्थर पर उकेरकर बनाया गया है। मंदिर की दीवारों पर आपको भगवान विष्णु की खूबसूरत प्रतिमा देखने मिलेगी जिसको पत्थर पर उकेरकर कर बनाया गया है, जो बहुत खूबसूरत लगती है। इसके अलावा यहां पर भगवान पार्श्वनाथ की भी प्रतिमा आपको देखने मिलती है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है और मंदिर की जो छत है। वह सपाट है, मतलब किसी भी तरह का यहां पर गुंबद नहीं बना हुआ है। यह जो पूरा मंदिर है, यह पूरा मंदिर पत्थर से बना हुआ है और मंदिर के अंदर गर्भ गृह में कंकाली माता की प्रतिमा स्थित है। जिनके दर्शन आप कर सकते हैं। यहां पर वैसे तो जब हम लोग गए थे, तो ताला लगा था मगर किसी खास अवसर पर यह मंदिर खोला जाता है, और आप भगवान जी के दर्शन कर सकते है। आप माता जी के दर्शन कर सकते हैं। 

वहां पर कंकाली देवी की मंदिर (Kankali Devi Temple) के अलावा और भी बहुत सारी मूर्तियां है, जो आप देख सकते हैं। यहां पर जितने भी मूर्तियां हैं। वह सारी मूर्तियां पत्थर की बनी हुई है। यहां पर आपको एक वॉचमैन भी है, जो इस मंदिर की देखरेख करता है। यह एक ऐतिहासिक धरोहर है। 

Bahoriband-Kankali Devi Temple Tigawa (कंकाली देवी मंदिर )

 पत्थर की खूबसूरत कलाकृति 

इस जगह पर बहुत कम लोग आते हैं। इस जगह को देखने के लिए क्योंकि इस जगह की जानकारी काफी लोगों को नहीं है। मगर यह जगह खूबसूरत है। 

यहां पर चारों तरफ पत्थर की बहुत सारी अलग-अलग प्रकार की कलाकृतियां मौजूद है, जिन्हें आप देख सकते हैं। इस जगह पर कंकाली देवी जी के मंदिर (Kankali Devi Temple) के अलावा भी एक अन्य मंदिर स्थित है, जो शायद दुर्गा जी को समार्पित है।  यहां पर विशेषकर यहां के गांव वाले आते हैं। कंकाली देवी जी (Kankali Devi jiकी पूजा करने के लिए। 

Bahoriband-Kankali Devi Temple Tigawa (कंकाली देवी मंदिर )

दुर्गा माता का मंदिर 

यहां पर आप भगवान शिव जी के बहुत से शिवलिंग देख सकते हैं, जो पुराने समय के है। ये शिवलिंग पत्थर पर बना हुआ है। हम ने यहां पर तीन या चार शिवलिंग देखें थे। 

यह जो जगह है, वह तिगमा (Tigawa) नाम से प्रसिद्ध है। यहां जगह छोटा से एरिया में ही फैली हुई है और यह जगह चारों तरफ से बाउंड्री वॉल से घिरा हुआ है।  यहां पर आपको किसी भी तरह की एंट्री फी नहीं लगती है अंदर आने के लिए। यहां पर आकर घूम सकते हैं। यहां पर मंदिर भी है। यहां पर दुर्गा जी का जो मंदिर है। वहां पर पूजा होती रहती है और लोग यहां पर आकर भंडारे करते रहते हैं। हम लोग जब इस जगह पर आए थे। तब यहां पर पूजा हो रही थी और भंडारा बनाया जा रहा था। 

हम लोग इस जगह पर घूमने के लिए अपनी स्कूटी से आए थे। हम लोग पहले रूपनाथ मंदिर घूमे थे। उसके बाद हम लोग तिगमा (Tigawa) के कंकाली देवी मंदिर आए थे। यह जगह रूपनाथ धाम करीब 10 या 12 किलोमीटर दूर होगा। आप रूपनाथ धाम से इस जगह में आराम से जा सकते हैं।

यहां पर हम लोगों को काफी अच्छा लगा और यहां पर ज्यादा भीड़ भाड़ नहीं रहती है। यहां पर गांव वाले ही लोग रहते है, तो आप यहां पर अपनी फैमिली के साथ आ सकते हैं और अपने दोस्तों के साथ भी आ सकते हैं। अगर आप  पुरानी चीजें देखने के शौकीन हैं, तो आप यहां पर जरूर आकर देख सकते हैं। यहां पर आपको मंदिर के बाजू में ही एक तालाब है। 

हमें इस जगह आ कर बहुत अच्छा लगा। हम इस जगह दो बार आ चुके हैं और यहां पर काफी अच्छा और शांत माहौल रहता है। आप भी यहां आ सकते हैं और अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आने के लिए अच्छी सड़कें हैं, तो आप अपनी गाड़ी से आसानी से आ सकते हैं। 

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो, तो आप इस लेख को शेयर जरूर करें और अगर आप इस जगह आए हो तो अपने विचार हमसे साझा जरूर करें। 

आपने अपना समय दिया इसके लिए धन्यवाद