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लक्ष्मण पहाड़ी चित्रकूट - Lakshman Pahari Chitrakoot

लक्ष्मण पहाड़ी - Lakshman Pahadi / लक्ष्मण पहाड़ / Laxman Pahadi / Lakshman pahari chitrakoot



लक्ष्मण पहाड़ी चित्रकूट की एक धार्मिक स्थल है और यह पहाड़ी कामदगिरि पहाड़ी के पास ही में है। आप इस पहाड़ी में कामदगिरि परिक्रमा जब करते हैं, तब इस पहाड़ी में भी जा सकते हैं। इस पहाड़ी में आपको राम, लक्ष्मण, भरत जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। इस पहाड़ी में खंभे बने हुए हैं। इन खंभे को आपको भेटना पड़ता है। भेटने मतलब होता है। आपको इन खंभों को गले लगाना पड़ता है। यहां पर जो पंडित जी बैठे रहते हैं। वह आपको इन खभों को गले लगाने के लिए कहते हैं और आपसे कुछ दक्षिणा के लिए कहते हैं। आप चाहें तो उन्हें दक्षिणा दे सकते हैं। कहा जाता है कि जब भरत जी यहां आए थे। तब राम भगवान जी के गले मिले थे। इसलिए इन खंभों को भी भेटना होता है। 

लक्ष्मण पहाड़ी पर आप आते हैं, तो आपको सबसे पहले शंकर जी देखने के लिए मिलते हैं, जो यहां पर एक छोटे से छाया के नीचे बैठे हुए हैं। उसके बाद बरगद का पेड़ लगा हुआ है। लक्ष्मण पहाड़ी पर स्थित राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और मां सीता जी का मंदिर देख सकते हैं। लक्ष्मण पहाड़ी पर स्थित यह  मुख्य मंदिर है। इस मंदिर में आपको राम जी, लक्ष्मण जी, सीता जी और शत्रुघ्न जी की बहुत ही आकर्षक प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। आप मंदिर के बाहर आते हैं, तो आपको एक कुआं भी देखने के लिए मिलता है, जो एक प्राचीन कुआ है। 

मंदिर के पीछे की तरफ आपको कुछ पत्थर देखने के लिए मिलते हैं, जो बहुत सारे लोग पत्थर को एक दूसरे के ऊपर अच्छी तरह से जमा कर जाते हैं। एक पंडित जी ने हमें बताया कि, आप इस तरह से पत्थरों को जमा देते है ,तो आपकी जो भी मनोकामना होगी। वह जरूर पूरी होगी। यहां पर आपको बहुत ढेर सारे पत्थर देखने के लिए मिल जाएंगे, जो बहुत सारे लोग अपनी इच्छा पूर्ति के लिए जमा कर जाते हैं। 

लक्ष्मण पहाड़ी तक पहुंचने के लिए आपको रोपवे की सुविधा मिल जाती है। अगर आप रोपवे का इस्तेमाल ना करना चाहे, तो आपको सीढ़ियों की भी सुविधा यहां पर मिल जाती है। यहां पर करीब सौ से डेढ़ सौ सीढ़ियां हैं। यहां पर आपको रोपवे का जो किराया रहता है। वह शायद ₹30 लगता है। हम लोग लक्ष्मण पहाड़ी तक पैदल ही गए थे। हम लोगों को करीब 15 मिनट लगा था। लक्ष्मण पहाड़ी तक पहुंचने में यहां पर आपको बंदर भी देखने के लिए मिलते हैं। आप कोई भी खाने का सामान हाथ में पकड़ कर ना चले, नहीं तो बंदर आपको रास्ते में ही रोक लेंगे  और वह खाने का सामान ले लेगा। जब आप सीढ़ियां चढ़ते हैं, तो आपको सीता रसोई भी देखने के लिए मिलती है। आप चाहे तो वहां पर भी जाकर घूम सकते हैं। सीता रसोई में भी आपको मंदिर देखने के लिए मिलता है, जहां पर सीता जी ने खाना बनाती थी। उनके द्वारा इस्तेमाल किये  बर्तन आपको देखने के लिए मिल जाएगा। आप इसकी भी दर्शन कर सकते हैं। 

लक्ष्मण पहाड़ी से आपको चारों तरफ का खूबसूरत नजारा भी हो देखने के लिए मिलता है। लक्ष्मण पहाड़ी से आप कामदगिरि पहाड़ी को भी देख सकते हैं, जो बहुत खूबसूरत लगती है। अगर आप यहां पर शाम के समय आते हैं, तो आपको यहां सूर्यास्त का बहुत ही जबरदस्त नजारा देखने के लिए मिलता है। 

लक्ष्मण पहाड़ी में आपको लक्ष्मण जी के चरण चिन्ह भी देखने के लिए मिलते हैं और लक्ष्मण कुंड देखने के लिए मिलता है यह कुंड पूरा ढका हुआ है। आप इसे बाहर से ही देख सकते हैं। 


लक्ष्मण पहाड़ी चित्रकूट की फोटो
Photo of laxman hill chitrakoot


लक्ष्मण पहाड़ी चित्रकूट  - Lakshman Pahari Chitrakoot
लक्ष्मण पहाड़ी से कामदगिरि पर्वत का दृश्य 



लक्ष्मण पहाड़ी चित्रकूट  - Lakshman Pahari Chitrakoot
लक्ष्मण पहाड़ी पर स्थित महादेव का प्रतिमा 


लक्ष्मण पहाड़ी चित्रकूट  - Lakshman Pahari Chitrakoot
लक्ष्मण पहाड़ी पर स्थित लक्ष्मण कुंड 


लक्ष्मण पहाड़ी चित्रकूट  - Lakshman Pahari Chitrakoot
लक्ष्मण पहाड़ी पर सीढ़ियों के पास स्थित सीता रसोई 


लक्ष्मण पहाड़ी चित्रकूट  - Lakshman Pahari Chitrakoot
लक्ष्मण पहाड़ी पर इन पत्थर को जमाना पड़ता है, ताकि आपकी इच्छा पूरी हो 


लक्ष्मण पहाड़ी चित्रकूट  - Lakshman Pahari Chitrakoot
लक्ष्मण पहाड़ी से खूबसूरत सूर्यास्त का दृश्य


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रामघाट चित्रकूट

चित्रकूट में ठहरने की जगह

कामदगिरि मंदिर चित्रकूट

श्रीलंका मंदिर कौशांबी


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