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सागर पर्यटन स्थल - Sagar tourist place | Places to visit in sagar

सागर दर्शनीय स्थल -  Sagar madhya pradesh tourism |  Sagar famous place | Sagar visiting places | Sagar sightseeing | सागर के प्रसिद्ध स्थान


सागर में घूमने की जगहें


लाखा बंजारा झील सागर - Lakha banjara lake sagar

लाखा बंजारा झील सागर शहर में एक प्रसिद्ध जगह है। यह झील सागर शहर के मध्य में स्थित है और सागर शहर इस झील के चारों तरफ बसा हुआ है। यह झील बहुत बड़े क्षेत्रफल में फैली हुई है। इस झील को लेकर बहुत सी मान्यताएं हैं। झील के आसपास बहुत सारी जगह है, जहां पर आप घूम सकते हैं। यह झील सागर जिले का एक मुख्य आकर्षण है और यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। लाखा बंजारा नाम के एक व्यापारी थे। उन्होंने पानी के लिए यहां पर खुदाई की थी। मगर यहां पर पानी नहीं निकला। तब उनके करीबी ने सलाह दी, कि वहां यहां पर उन्हें किसी खास का कुर्बानी देनी पड़ेगी। झील के बीच में उनको बैठाकर झूला झूल ना पड़ेगा। तभी झील में पानी आएगा। राजा में अपने नवविवाहित बेटे और बहू को इस झील के बीच में बैठाकर झूला झुलाया और झील पानी से भर गई और उस पानी में डूबकर उनके बेटे और बहू की मृत्यु हो गई। इस प्रकार इस झील को लाखा बंजारा झील के नाम से जाना जाता है। इस झील में बहुत सारी सुविधाएं उपलब्ध है। यहां पर आप बोटिंग का मजा ले सकते हैं। झील के आसपास बहुत सारे मंदिर है, जहां पर आप जाकर अपना समय शांति से बिता सकते हैं। 

गंगा मंदिर सागर - Ganga temple Sagar

गंगा मंदिर सागर शहर में लाखा बंजारा झील के मध्य में स्थित है। मंदिर में जाने के लिए पुल बना हुआ है। आपको मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह मंदिर झील में बने एक टापू के समान लगता है। यहां पर गंगा जी की मूर्ति स्थापित है। आप जब भी सागर में घूमने आते हैं, तो इस मंदिर में भी आ सकते हैं। 

चकरा घाट सागर - Chakra Ghat Sagar

चकरा घाट सागर में लाखा बंजारा झील के किनारे पर स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर एक मंदिर स्थित है, जहां पर आकर आपको शांति मिलेगी। शाम के समय यहां पर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर आप के बैठने की अच्छी व्यवस्था है। आप यहां पर शांति से बैठ सकते हैं। यहाँ पर महा कवि पद्माकर की एक मूर्ति भी लगी हुई है। यह जगह बहुत अच्छी लगेगी। 

डा राम मनोहर लोहिया उद्यान सागर - Dr. Ram Manohar Lohia Udyan Sagar

डॉ राम मनोहर लोहिया पार्क सागर में लाखा बंजारा झील के किनारे पर स्थित एक खूबसूरत पार्क है। यहां पर आप वाकिंग का मजा ले सकते हैं। 

संजय ड्राइव  सागर - Sanjay Drive Sagar

संजय ड्राइव सागर शहर में लाखा बंजारा झील के बीच में स्थित एक अच्छी जगह है। आप यहां पर आ सकते हैं। संजय ड्राइव के दोनों तरफ लाखा बंजारा झील स्थित है। 

लाखा बंजारा पार्क सागर - Lakha Banjara Park Sagar

लाखा बंजारा पार्क सागर में लाखा बंजारा झील के किनारे ही पर ही स्थित है। यह पार्क खूबसूरत है। आप यहां पर आकर बैठ सकते हैं। आपको यहां पर अच्छा लगेगा। आप यहां से झील का सुंदर नजारा देख सकते हैं। यहां पर शाम के समय सूर्यास्त को देखना बहुत ही अच्छा लगता है। यह पार्क बस स्टैंड के बहुत करीब है। 


मोराजी दिगंबर जैन मंदिर सागर - Moraji Digambar Jain Temple Sagar

मोराजी दिगंबर जैन मंदिर सागर शहर का एक प्राचीन मंदिर है। यह दिगंबर जैन समुदाय का सागर में स्थित सबसे बड़ा मंदिर है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है। यहाँ मंदिर सागर में बड़े बाजार के पास स्थित है। इस मंदिर में भगवान महावीर की और भगवान बाहुबली की बहुत बड़ी काले रंग की प्रतिमा स्थित है। इस मंदिर में धर्मशाला भी स्थित है। यहां पर तीर्थयात्री आकर रुक सकते हैं। 

जॉगर्स पार्क सागर - Joggers park sagar

जॉगर्स पार्क सागर में स्थित एक अच्छा पार्क है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यहां पर बहुत सारे झूले लगे हैं, जो बच्चों को बहुत पसंद आएंगे। यह पार्क हरियाली से घिरा हुआ है और यहां का वातावरण बहुत ही अच्छा है। आप यहां पर आ कर रिलैक्स महसूस करेंगे। आप यहां पर दोस्तों और परिवार के साथ आ सकते हैं। 

चंद्रा पार्क सागर - Chandra Park Sagar

चंद्रा पार्क सागर में स्थित एक अच्छी जगह है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यह पार्क हरियाली से भरपूर है। पार्क में फव्वारा भी लगा हुआ है, जो आकर्षित करता है। यह पार्क सभी आयु वर्ग के लिए अच्छा है। यहां पर आप अपने फैमिली दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यहां पर बहुत सारे झूले हैं, जो बच्चों को आकर्षित करते हैं। 

डॉ हरीसिंह गौर उद्यान सागर - Dr. Harisingh Gaur Garden Sagar

डॉ हरिसिंह गौर उद्यान सागर में स्थित एक अच्छा पार्क है। आप यहां पर घूमने आ सकते हैं। यह पार्क हरियाली से भरा हुआ है। यहां पर एक फाउंटेन भी है, जो खूबसूरत लगता है। यहां पर बहुत सारे झूले लगे हुए हैं, जो बच्चों को आकर्षित करते हैं। यह पार्क सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए अच्छा है। यह पार्क मुख्य सागर शहर में स्थित है। यहां पर आप अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं। 

बया इको पार्क सागर - Baya Eco Park Sagar

बया इको पार्क सागर जिले में रहली के पास स्थित है। यह एक बहुत ही खूबसूरत इको पार्क है। यहां पर आपको ढेर सारे  पक्षियों की प्रजातियां देखने के लिए मिलती है। यह मुख्य रूप से बया पक्षियों का प्राकृतिक आवास है। बया एक प्रकार का पक्षी होता है। यह पक्षी अपना घोंसला बहुत ही सुंदर तरीके से बनाता है। यहां पर आपको प्रकृति की अनुपम छटा देखने के लिए मिलती है। यह जगह चारों तरफ से पहाड़ियों से घिरी हुई है। यहां पर बहुत सारे एडवेंचर खेल भी खेले जाते हैं, जो आपको बहुत पसंद आएंगे। यहां आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यह परिवार के साथ पिकनिक मनाने के लिए बहुत ही बढ़िया जगह है। 

राहतगढ़ जलप्रपात सागर या भालकुंड जलप्रपात सागर - Rahatgarh ka waterfall or Bhalkund waterfall

राहतगढ़ जलप्रपात या भालकुंड जलप्रपात सागर शहर में स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यह खूबसूरत झरना है। यह झरना सागर जिले के राहतगढ़ नगर में स्थित है। यह झरना जंगलों के बीच में स्थित है। झरने तक पहुंचने का कच्चा रास्ता है। झरना बहुत खूबसूरत लगता है। बरसात के समय यह झरना पानी से भर जाता है। बरसात में चट्टानों से बहता हुआ पानी बहुत ही मनोरम दिखता है। आप इस झरने में आसानी से पहुंच सकते हैं। इस झरने के आसपास किसी भी तरह की सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। यहां पर बाथरूम उपलब्ध नहीं है। खाने पीने के लिए किसी भी तरह की शॉप यहां पर उपलब्ध नहीं है। यह झरना राहतगढ़ नगर से करीब 6 किलोमीटर की दूरी पर है और सागर से करीब 40 किलोमीटर दूर है। 

राहतगढ़ का किला सागर - Rahatgarh fort sagar

राहतगढ़ का किला सागर शहर में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यह एक ऐतिहासिक किला है। यह किला खंडहर अवस्था में है, राहतगढ़ का किला खूबसूरत है। राहतगढ़ किले में आपके देखने के लिए बहुत सारी जगह है। यहां पर आपको एक कुंड देखने मिलता है। इस कुंड का पानी साफ है और आपको इसमें मछलियां भी देखने के लिए मिलती है। यह कुंड गहरा है, इसलिए आप इस कुंड में उतरने की कोशिश ना करें। यहां पर आपको रंग महल देखने के लिए मिलता है, जो खंडहर अवस्था में मौजूद है। यहां पर फांसी घर भी है, जहा पर लोगों को फांसी दी जाती थी। फांसी घर से आपको राहतगढ़ नगर का बहुत ही खूबसूरत दृश्य देखने के लिए मिलता है। इस किले मंदिर-मस्जिद भी है। राहतगढ़ का किला राहतगढ़ नगर में स्थित है। यह किला सागर से करीब 35 किलोमीटर दूर है। 

मगरमच्छ रॉक सागर - Crocodile Rock Sagar

क्रोकोडाइल रॉक सागर में स्थित एक बहुत ही खूबसूरत और प्राकृतिक स्थल है। यहां पर आपको एक चट्टान देखने के लिए मिलती है, जो मगरमच्छ के समान है। इसलिए इस जगह को क्रोकोडाइल रॉक कहा जाता है। यह जगह सागर के पास स्थित है। यहां पर आपको आश्रम देखने मिलता है। यह जगह पहाड़ों के आसपास स्थित है, जिससे यहां का वातावरण बहुत अच्छा लगता है। आप यहां पर आ कर अपना समय बिता सकते हैं। यहां पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। 

अमृतझिरा गुफा मंदिर सागर - Amritjhira Caves Temple Sagar

अमृतझिरा गुफा सागर जिले के पास स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यहां पर आपको प्राचीन गुफाएं देखने के लिए मिलती हैं, जिनमें कहा जाता है कि यह पर आदिमानव रहा करते थे। यहां पर खूबसूरत शेल चित्रों भी आपको देखने के लिए मिलती है। इस जगह में आपको आश्रम भी देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर आ कर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। आप यहां फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। 

गढ़पहरा का किला सागर - Garhpahra Fort Sagar

गढ़पहरा का किला सागर में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यह एक ऐतिहासिक किला है। प्राचीन समय में गढ़पहरा को पुराना सागर कहा जाता है, जो डांगी साम्राज्य की राजधानी थी। गढ़पहरा सागर से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर आ सकते हैं। इस किले का निर्माण संग्राम सिंह के द्वारा किया गया था। यह सम्राट संग्राम शाह के 52 गढ़ों में से एक था। सम्राट की मृत्यु के बाद डांगी राजपूतों ने इस नगर को अपने कब्जे में ले लिया। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। किले के पास ही एक प्राचीन हनुमान मंदिर है। हनुमान मंदिर के बाद ही यह किला स्थित है। यह किला खंडहर अवस्था में है। आप इस किले में  घूमने के लिए आ सकते हैं। इस किले से सूर्यास्त का दृश्य बहुत ही खूबसूरत दिखाई देता है। गढ़पहरा किला सागर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग -26 के पास स्थित है। गढ़पहरा किला तक जाने के लिए आपको पैदल जाना पड़ता है।  गढ़पहरा किला का रानी महल बहुत खूबसूरत है। 

श्री हनुमान जी मंदिर गढ़पहरा सागर - Shree hanuman ji temple garhpahra sagar

श्री हनुमान मंदिर गढ़पहरा सागर जिले में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह हनुमान मंदिर गढ़पहरा किले के पास में ही स्थित है।  इस मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। हनुमान मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां पर आकर मन्नत मानने से मन्नत पूरी होती है। यहां पर बहुत सारे लोग हनुमान जी के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां पर बहुत सारे बंदर भी हैं आपको अपना सामान संभाल कर रखने की आवश्यकता होती है  नहीं तो बंदर आपसे सामान छीन सकते हैं। आप यहां पर फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। 

वरुण स्मृति उद्यान सागर - Varun Smriti Garden Sagar

वरुण स्मृति पार्क सागर शहर में स्थित एक अच्छी जगह है।  यह पार्क हरियाली से भरा है। यहां पर आपको बहुत सारी चीजें मिलती है, जिसमें आप इंजॉय कर सकते हैं। यहां पर एक स्विमिंग पूल है और उसमें स्लाइड भी है। जिसमें आप यहां पर मजे कर सकते हैं। यहां पर बहुत सारे झूले लगे हुए हैं, जिसमें बच्चे इंजॉय कर सकते हैं। यहां पर रेस्टोरेंट भी उपलब्ध है, जहां पर आपको अच्छा खाना मिलता है। आप यहां पर आकर बहुत इंजॉय कर सकते हैं। फैमिली के साथ आने के लिए यह अच्छी जगह है। वरुण स्मृति पार्क सागर शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर होगा। 

रमना इको पार्क सागर - Ramna Eco Park Sagar

रमना सागर में स्थित एक इको टूरिज्म पार्क है। यह सागर जिले के गढ़ कोटा में स्थित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर बहुत सारी एक्टिविटी आप कर सकते हैं। यहां पर आप जिपलाइन का मजा ले सकते है।  यहां पर जिपलाइन के अलावा भी और भी बहुत सारी गतिविधियां हैं, जो आप कर सकते हैं। यहां पर बच्चों के लिए अलग गतिविधियां हैं और यंग लोगों के लिए अलग गतिविधियां हैं। यहां का एंट्री चार्ज बहुत कम रहता है और इन गतिविधियों को करने के लिए जो चार्ज लिया जाता है। वह भी बहुत कम रहता है। यहां पर सेफ्टी का बहुत ध्यान दिया जाता है और आप जो भी गतिविधि करते हैं, उसमें सेफ्टी गियर का उपयोग किया जाता है। यह जगह चारों तरफ जंगलों से घिरी हुई है। यहां पर सब चीज बांस से बना हुआ है। आपको एक पुराना महल देखने के लिए मिलता है, जो खंडहर अवस्था में है। इस महल में आपको एक बावड़ी देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही खूबसूरत लगती है। इस बावड़ी में नीचे जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह जगह एडवेंचर्स प्रेमियों के लिए बहुत अच्छी है। रमना इको टूरिज्म पार्क को रमना ट्री एडवेंचर पार्क के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर आपको एक झील भी देखने के लिए मिलती है। यह जंगल के अंदर है। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। 

प्राचीन आबचंद गुफाएं सागर - Ancient Abchand Caves Sagar

प्राचीन आबचंद गुफाएं सागर जिले के गढ़ाकोटा में स्थित है। यहाँ प्राचीन गुफाएं हैं। यह गुफाएं वन आरक्षित क्षेत्र के अंतर्गत स्थित है। इन गुफाओं के निर्माण के बारे में किसी को भी पता नहीं है। कहा जाता है कि इन गुफाओं में आदिमानव रहा करते थे। यहां पर आपको रॉक पेंटिंग भी देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर पांच गुफा मौजूद हैं, जिनमें से आप कुछ गुफाओं में जा सकते हैं। यहां पर एक कुंड बना हुआ है, जो आप देख सकते हैं। आप यहां पर फैमिली के साथ पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। यह जगह बहुत अच्छी है और प्राकृतिक वातावरण से घिरी हुई है। यहां पर एक नदी बहती है, जिसे गोधरी नदी कहा जाता है। यहां पर आपको जंगल का दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको जंगली जानवर भी देखने के लिए मिल जाते हैं। आप इन गुफाओं में बहुत आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां आने के लिए अच्छी रोड बनी हुई है। यहां पर हनुमान जी का मंदिर स्थित है। मंदिर में भजन कीर्तन होते रहते हैं, जो बहुत ही अच्छे लगते हैं। गर्मी में भी गोधरी नदी में पानी आपको देखने के लिए मिल जाता है। बरसात में इस नदी में बहुत ज्यादा पानी रहता है। आप इस नदी में नहाने का भी मजा ले सकते हैं। 

गौरझामर का किला सागर - Gourjhamar Fort Sagar

गौरझामर का किला एक प्राचीन किला है। यह किला गौरझामर सागर में स्थित है। यह किला खंडहर अवस्था में मौजूद है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। इस किले के बारे में ज्यादा लोगों को नहीं पता है, मगर यह किला खूबसूरत है। आप यहां आ सकते हैं। यह किला बरमान - सागर हाईवे रोड के पास स्थित है। यहां किला ईंट और चूने पत्थर से बना हुआ हैं।

हजारिया महादेव मंदिर सागर - Hajariya Mahadev Temple Sagar

हजारिया महादेव मंदिर सागर के खुरई तहसील में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर पूरी तरह पत्थरों से बना हुआ है। मंदिर के अंदर गर्भ गृह में पत्थर का शिवलिंग विराजमान है। मंदिर के मंडप में नंदी भगवान की प्रतिमा विराजमान है, जो पत्थर की है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है और देखने में बहुत ही अद्भुत लगता है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं और भगवान के दर्शन कर सकते हैं। 

खुरई का किला सागर - Kurai Fort Sagar

खुरई का किला सागर जिले में खुरई तहसील में स्थित है। यह एक प्राचीन किला है। इस किले को खुरई का लाल किला भी  कहा जाता है। खुरई किले के अंदर आपको मंदिर और बगीचा देखने के लिए मिलता है। यहां पर बहुत ही सुंदर मूर्तिकला भी आपको देखने के लिए मिलती है। यह किला खुरई झील के पास स्थित है। यहां पर हर साल जनवरी के महीने में संगीत कार्यक्रम आयोजित किया जाता हैए जिसे डोहेला महोत्सव कहा जाता है। इस महोत्सव में बहुत सारे लोग आते हैं। यह महोत्सव किले में आयोजित होता है। जो बहुत ही भव्य होता है। 

डोहेला मंदिर सागर - Dohela Temple Sagar

दोहेला मंदिर सागर में खुरई तहसील में खुरई किले के पास में स्थित है। यह मंदिर एक झील में बना हुआ है। यह मंदिर  बहुत खूबसूरत है। यहां पर आकर आपको बहुत सारी मछलियां भी देखने के लिए मिलती हैं। 

एरण  सागर - Eran Sagar

एरण सागर में स्थित एक पुरातात्विक स्थल है। एरण सागर जिले के बीना तहसील के एरण नामक जगह पर स्थित है। यह जगह बीना नदी के किनारे स्थित है। आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं। यहां आने के लिए सड़क उपलब्ध है, मगर कच्ची सड़क है। यहां पर आपको पत्थर के बहुत सारे अवशेष देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर विष्णु मंदिर हैं। यहां पर आपको विष्णु भगवान के वराह अवतार की 10 फीट ऊंची प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो अद्भुत है। यहां पर पाई गई वराह अवतार की मूर्ति भारत में सबसे बड़ी विष्णु भगवान की मूर्ति है। भगवान विष्णु की वराह्मूर्ति में बहुत सारी आकृतियां उभरी हुई है, जो आप देख सकते हैं। यहां पर विष्णु भगवान की और भी मूर्तियां उपलब्ध है। मगर वह सारी मूर्तियां अब खंडित अवस्था में है। आप यहां पर आएंगे तो आपको विष्णु भगवान जी की नरसिंह मूर्ति देखने के लिए मिलेगी। भगवान विष्णु की मूर्ति के अलावा भी यहां पर स्तंभ बने हुए हैं। वह भी आप देख सकते हैं। यह जगह पिकनिक के लिए अच्छी है। 

नौरादेही वन्यजीव अभ्यारण - Nauradehi Wildlife Sanctuary

नौरादेही वन्यजीव अभ्यारण सागर में घूमने की एक मुख्य जगह है। यह सागर का एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण है। यहां पर आपको विभिन्न प्रकार के जंगली जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। यह अभ्यारण सागर में जबलपुर सागर रोड पर स्थित है। आप यहां पर आकर पिकनिक मना सकते हैं। आपको यहां पर आपको यहां पर विभिन्न प्रकार के पक्षी की प्रजाति देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको हिरण चीता लोमड़ी जैसे जंगली जानवर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको मगरमच्छ भी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर बाघ को भी लाया गया है और वह भी आपको यहां पर देखने के लिए मिलेगा। यह जगह बहुत अच्छी है। आप यहां पर आ कर अपना समय बिता सकते हैं। 

सागर जिले के अन्य पर्यटन स्थल
Other tourist places in Sagar district


बननी घाट मंदिर राहतगढ़ सागर (Banani Ghat Temple Rahatgarh Sagar)
मसूर बावरी बांध सागर (Masoor Bawri Dam Sagar)
श्री आदिनाथ जैन बड़ा मंदिर सागर (Shri Adinath Jain Bada Mandir Sagar)
श्री अनगढ़ देवी गुफा मंदिर गढ़पहरा सागर (Shri Anagarh Devi Cave Temple Garhpahra Sagar)
श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर अतिशय क्षेत्र जैन मंदिर सागर (Shri Parshwanath Digambar Atishay Kshetra Jain Temple Sagar)
दीनदयाल उपाध्याय पार्क खुरई सागर (Deendayal Upadhyay Park Khurai Sagar)
गोपालगंज जैन मंदिर सागर (Gopalganj Jain Temple Sagar)
चोपड़ा कुंड बावड़ी सागर (Chopra Kund Bawdi Sagar)


दतिया पर्यटन स्थल - Datia tourist place

दतिया दर्शनीय स्थल - Best places to visit in Datia | Datia tourism | दतिया जिला


दतिया में घूमने की जगहें
Places to visit in Datia



दतिया पैलेस - Datia Palace

दतिया पैलेस को वीर सिंह पैलेस के नाम से भी जाना जाता है। दतिया पैलेस दतिया शहर में घूमने की एक ऐतिहासिक महल है। इस महल में 7 मंजिल है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यहां पर आपको गुंबद, खूबसूरत प्रवेश द्वार और खिड़कियां देखने के लिए मिलेगी। इस महल का निर्माण बुंदेला शासक वीर सिंह देव ने सन 1620 ईस्वी में करवाया था। यह महल चैकोर है, जिसमें कोने पर त्रिकोणीय मीनार है। दतिया महल को नरसिंह महल या पुराने महल के नाम से भी जाना जाता है। इस महल के निर्माण में पत्थरों का प्रयोग किया गया है। इस महल में लकड़ी और लोहे का प्रयोग कहीं पर भी नहीं किया गया है। आपको यहां पर कहीं पर भी लकड़ी और लोहे देखने के लिए नहीं मिलेंगे। यहां पर पत्थर की खूबसूरत जालियां बनाई गई है, जो आकर्षक लगती हैं। महल को सजाने के लिए छतरियां बनाई गई है, जिन पर गुंबद बने हुए हैं। वह भी बहुत खूबसूरत लगते हैं। महल की भीतरी दीवारों पर आपको सुंदर कलाकृतियां भी देखने के लिए मिल जाएगी। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं और आपको यहां आकर अच्छा लगता है। 


श्री पीताम्बरा पीठ दतिया - Shri Pitambra Peeth Datia

श्री पितांबरा पीठ मध्य प्रदेश का एक प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर में पूरे भारत देश से भक्त दर्शन करने के लिए आते हैं। श्री पितांबरा पीठ मंदिर मध्य प्रदेश के दतिया जिले में स्थित है। पितांबरा पीठ मंदिर बगलामुखी माता को समर्पित है, जो हिंदू धर्म की एक देवी हैं। यह मंदिर महाभारत काल से यहां पर निर्मित है। यहां पर एक प्राचीन शिवलिंग भी स्थित है, जो कहा जाता है, कि अति प्राचीन है। यहां पर आप धूमावती माता के दर्शन भी कर सकते है। सौभाग्यवती स्त्रियां धूमावती माता के दर्शन नहीं करती हैं। यह मंदिर सुबह से शाम तक बड़ी आरती तक खुला रहता है। आप आकर इस मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। कहा जाता है कि इस मंदिर में मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। यहां पर आकर बहुत शांति मिलती है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


राम सागर तालाब एवं राम सागर का किला दतिया - Ram Sagar Pond and Ram Sagar Fort Datia

राम सागर तालाब एवं राम सागर का किला दतिया शहर के पास घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। यहां पर आपको एक खूबसूरत जलाशय देखने के लिए मिलता है। यहां पर आप आकर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर हनुमान जी का मंदिर भी है, जहां पर हनुमान जी की प्रतिमा विद्यमान है। आप हनुमान जी के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर आपको एक किला भी देखने के लिए मिलेगा, जो प्राचीन है। आप  वह भी देख सकते हैं। 


गुप्तेश्वर धाम दतिया - Gupteshwar Dham Datia

गुप्तेश्वर धाम दतिया शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। गुप्तेश्वर धाम दतिया शहर के बडोनी में स्थित है। यहां पर आपको शंकर जी का एक शिवलिंग देखने के लिए मिलता है, जिसके बारे में कहा जाता है, कि शिवलिंग ऊंचाई बढ़ती जा रही है। यह जगह प्राकृतिक वातावरण से भरी हुई है। आपको यहां पर एक तालाब भी देखने के लिए मिलता है, जिस पर आप स्नान कर सकते हैं। यहां आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। 


बडोनी का किला दतिया - Badoni Fort Datia

बडोनी का किला दतिया शहर का एक प्राचीन स्थल है। यह किला दतिया शहर के बडोनी में स्थित हैं। आप यहां पर आकर यह किला देख सकते हैं। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। इस किले का बहुत सारा भाग अब खंडहर में तब्दील हो गया है। आपको इस किले से चारों तरफ का बहुत ही खूबसूरत नजारा देखने के लिए मिल जाएगा। 


जैन मंदिर सोनागिर दतिया - Jain Temple Sonagir Datia

सोनगिरी के जैन मंदिर पूरे मध्यप्रदेश में प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह जैन धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको बहुत सारे जैन मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर श्री चंद्रप्रभु का मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। यह मंदिर पहाड़ियों पर बने हुए हैं। सोनगिरी का मतलब होता है - सोने का पहाड़। यहां पर आपको 108 जैन मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। इस मंदिर में 43 फीट ऊंचे मनस्तंभ को देखने के लिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ लगती है। यह मंदिर वास्तुकला की दृष्टि से भी बहुत खूबसूरत है।आपको इन मंदिरों तक जाने के लिए पैदल चलना पड़ता है। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। आप यहां पर आकर शांति का अनुभव करेंगे। 


प्राचीन पद्मावती मंदिर दतिया - Ancient Padmavati Temple Datia

प्राचीन पद्मावती मंदिर देवास जिले के पास में पवाया गांव के पास में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर खुदाई से मिला है और चौथी शताब्दी का माना जाता है। यह अभी भी अच्छी हालत में यहां पर मौजूद है। यह मंदिर खंडहर अवस्था है।  आप आकर यहां पर घूम सकते हैं। यह मंदिर ईंटों से बना है। यह मंदिर ज्यादा प्रसिद्ध नहीं है। इसलिए ज्यादा यहां पर भीड़भाड़ नहीं रहती। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा।


रतनगढ़ माता मंदिर दतिया - Ratangarh Mata Temple Datia

रतनगढ़ माता का मंदिर देवास जिले के पास में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। रतनगढ़ माता का मंदिर घने जंगलों के बीच में स्थित है। यह मंदिर एक ऊंचे पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको सीढ़ियां चढ़ने पड़ती है। मंदिर पर पहुंच कर आपको चारों तरफ का खूबसूरत नजारा देखने के लिए मिलता है। सिंधु नदी मंदिर के बहुत करीब है। आप मंदिर से सिंधु नदी को भी देख सकते हैं। चारों तरफ आपको पहाड़ियां देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर देवास जिले की स्योंधा  तहसील के रतनगढ़ में स्थित है। यह मंदिर देवास जिले से करीब 55 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर अपने वाहन से पहुंच सकते हैं। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। कहा जाता है कि यहां पर मांगी गई हर दुआ पूरी होती है। यहां पर हर सोमवार को मेला लगता है। यहां पर नवरात्रि में बहुत बड़े मेले का आयोजन होता है,  जिसमें बहुत बड़ी संख्या में लोग भाग लेते हैं। यहां पर दीपावली की भाई दूज में भी मेला लगता है, जिसमें बहुत बड़ी संख्या में लोग आते हैं। 


संकुआ कुंड दतिया - sankua Kund datia

संकुआ कुंड देवास जिले के पास में स्थित एक धार्मिक और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर जगह है। संकुआ कुंड देवास जिले में स्योंधा के पास में स्थित है। यहां पर आपको शिवलिंग देखने के लिए मिलता है और यहां पर आपको एक खूबसूरत झरना देखने के लिए भी मिलता है, जो सिंधु नदी पर बना हुआ है। आप यहां पर बरसात के समय आएंगे, तो आप झरने की खूबसूरती का मजा उठा सकते हैं। यहां पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। 


श्री बालाजी धाम दतिया - Shri Balaji Dham Datia

श्री बालाजी धाम मंदिर देवास जिले के पास में डबरा नाम की जगह में स्थित है। यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है। यहां पर आपको माता सीता राम जी के और दुर्गा जी के मंदिर भी देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर हनुमान जी की बहुत ही भव्य मूर्ति विराजमान है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 


नवग्रह मंदिर करण सागर के पास में स्थित है। 

परशुराम हनुमान मंदिर करण सागर के पास में स्थित है। 

देवगढ़ का किला दतिया


भिंड के दर्शनीय स्थल

महेश्वर दर्शनीय स्थल

होशंगाबाद पर्यटन स्थल

छतरपुर के दर्शनीय स्थल


दमोह जिले के पर्यटन स्थल - Damoh tourist place | Places to visit near Damoh

दमोह जिले के दर्शनीय स्थल - Tourist places near damoh | Damoh famous places | दमोह जिला


प्राचीन जटा शंकर मंदिर दमोह - Jata shankar mandir damoh 

जटाशंकर मंदिर दमोह शहर का दर्शनीय स्थल है। जटाशंकर मंदिर दमोह-जबलपुर रोड पर स्थित है। यह दमोह में घूमने के लिए सबसे अच्छे धार्मिक स्थलों में से एक है। जटाशंकर मंदिर बहुत प्राचीन है। यहां मंदिर शिव शंकर जी को समार्पित है। यह मंदिर पहाडों से घिरा हुआ है। बरिश में यह का नजारा बहुत अदुभ्त होता है। मंदिर में अन्य देवी देवता की मूर्ति भी विराजमान है। मंदिर में भगवान की गणेश की बहुत उची प्रतिमा स्थित है। मंदिर सुबह से रात के 9 बजे तक खुल रहता है। आप मंदिर में दिन के समय कभी भी आ सकते है। मंदिर के पास अग्रेजों के समय का पुराना सार्किट हाउस बना हुआ है। यहां सार्किट हाउस पहाडी के उपर बना हुआ है। आपको यहां से आसपास बहुत ही मनमोहक दृश्य देखने मिलता है। जटाशंकर का प्रवेश द्वार बहुत ही भव्य है। जटाशंकर मंदिर सावन सोमवार और महाशिवरात्रि में बहुत भीड रहती है। 

रानी दमयंती संग्रहालय - Rani Damayanti Museum or Rani Damayanti Fort

रानी दमयंती संग्रहालय दमोह शहर में स्थित एक प्राचीन स्मारक है। रानी दमयंती दमोह जिले के संस्थापक थी। रानी दमयंती का विवाह राजा नल हुआ था। रानी दमयंती संग्रहालय को  रानी दमयंती के किले के नाम से  भी जाना जाता है। यह किला मुख्य दमोह शहर में स्थित है। यहां पर आकर आपको पत्थर की मूर्तियां का संग्रह देखने मिलता है। महल के बाहर एक बहुत बड़ा गार्डन भी बना हुआ है। 

बड़ी देवी जी मंदिर - Badi Devi Ji Temple Damoh

यह दमोह शहर का बहुत पुराना मंदिर है। इस मंदिर को बड़ी देवी मां के मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर करीब 300 साल पुराना है। यहां पर आपको दुर्गा जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर गणेश जी की प्रतिमा भी विद्यमान है। लोग अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए यहां पर नारियल को बंधते हैं। आपको यहां पर बहुत सारे नारियल बंधे हुए देखने के लिए मिल जाते हैं। यह दमोह की एक अच्छी जगह है और यहां पर आकर बहुत शांति मिलती है। बड़ी देवी मां का मंदिर दमोह के फुटेरा तालाब के पास है। 

राजनगर झील - Rajnagar lake or Rajnagar dam Damoh

राजनगर झील या राजनगर बांध दमोह जिले का एक दर्शनीय स्थल है। आप यहां पर बरसात के समय आते हैं, तो आपको यहां पर झील का अद्भुत दृश्य देखने के लिए मिलता है। झील का पानी ओवरफ्लो होता है और झरने का रूप लेता है, जो देखने में बहुत ही लुभावना होता है। झील के पास आपको एक मंदिर भी देखने के मिलता है, जो मां दुर्गा को समर्पित है। आप यहां गर्मी के समय भी आ सकते हैं। गर्मी के समय आपको यहां पर एक फव्वारा देखने के लिए मिलता है। राजनगर झील से दमोह जिले में पीने के पानी की सप्लाई की जाती है। यह जगह बहुत खूबसूरत है। यह जगह दमोह बाईपास रोड के करीब स्थित है। आप यहां पर कभी भी घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर एकांत में समय बिता कर बहुत अच्छा लगता है।

नोहलेश्वर शिव मंदिर - Nohleshwar Shiva Temple Damoh

नोहलेश्वर शिव मंदिर दमोह शहर का एक प्राचीन और धार्मिक स्थल है। नोहलेश्वर मंदिर जबलपुर दमोह हाईवे रोड के पास स्थित है। नोहलेश्वर मंदिर दमोह जिले से करीब 20 किलोमीटर दूर है। यह मंदिर दमोह जिले के नोहटा नाम के गांव में स्थित है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यह मंदिर खजुराहो के मंदिर के समान दिखता है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं। इस मंदिर की दीवारों में आपको खूबसूरत नक्काशी देखने के लिए मिलती है। इस मंदिर में आपको मंडप और गर्भ ग्रह देखने के लिए मिलता है। गर्भ ग्रह में शिव जी का पत्थर का शिवलिंग विराजमान है। मंदिर के बाहर एक बहुत बड़ा गार्डन भी बना हुआ है। नोहलेश्वर मंदिर का निर्माण 800 या 1000 ईसा पूर्व हुआ था। इस मंदिर का निर्माण चालुक्य वंश के कलचुरि राजा के द्वारा किया गया था। यह मंदिर एक उच्च मंच पर बनाया गया था। 

सिंगौरगढ़ का किला -  Singaurgarh Fort Damoh

सिंगौरगढ़ का किला दमोह जिले के रानी दुर्गावती अभ्यारण के अंदर स्थित है। यहाँ किला ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। आपको इस किले तक पहुंचने के लिए पैदल चलना पड़ता है। यह किला अब खंडहर अवस्था में है। इस किले के बारे में कहा जाता है कि यहां पर रानी दुर्गावती अपने विवाह के पश्चात रहती थी और  किले के नीचे स्थित तालाब पर रानी दुर्गावती स्नान किया करती थी और अपनी कुलदेवी को जल चढ़ाया करती थी। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। किले के चारों तरफ आपको जंगल का खूबसूरत दृश्य देखने के लिए मिलता है और यहां पर आपको कुछ प्राचीन प्रतिमाएं भी देखने के लिए मिलेगी। 

गिरिदर्शन वाच टावर - Giridarshan Watch Tower Damoh

गिरी दर्शन टावर रानी दुर्गावती अभ्यारण्य के अंदर स्थित है। गिरी दर्शन वॉच टावर जबलपुर दमोह हाईवे रोड पर स्थित है। यह हाईवे रोड से करीब 1 किलोमीटर की दूरी पर होगा। यहां आने के लिए अच्छी सड़क है। गिरी दर्शन वॉच टावर में आप अपनी दोपहिया और चार पहिया वाहन से आ सकते हैं। आपको गिरी दर्शन वॉच टावर से चारों तरफ का दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको पहाड़ों का, झील का और जंगल का दृश्य देखने के लिए मिलता है। यह जगह बरसात के समय पूरी तरह स्वर्ग के समान लगती है। यहां से चारों तरफ हरियाली रहती है। आप यहां पर घूमने के लिए और पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। यह दमोह शहर की बहुत खूबसूरत जगह है और प्राकृतिक खूबसूरती से भरपूर है।

रानी दुर्गावती वन्यजीव अभयारण्य - Veerangana Durgavati Wildlife Sanctuary Damoh

वीरांगना दुर्गावती वन्यजीव अभयारण्य दमोह जिले का एक मुख्य आकर्षण है। रानी दुर्गावती अभ्यारण्य जबलपुर दमोह हाईवे रोड पर स्थित है। यह अभ्यारण्य दमोह जिले के सिंग्रामपुर के पास स्थित है। इस अभ्यारण्य का नाम रानी दुर्गावती के नाम पर रखा गया है। रानी दुर्गावती एक गौड रानी थी। यह अभ्यारण्य 24 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैला है । इस अभ्यारण्य की स्थापना 1996 में हुआ था। यहां पर आपको नीलगाय, सांभर, चीतल, जंगली सूअर, चिंकारा, हिरन, सियार, तेंदुए, जंगली बिल्ली और लोमड़ी पाई जाती है। यहां पर आपको जंगली जानवरों के अलावा पक्षियों की भी बहुत सारी प्रजातियां देखने के लिए मिलती है। यहां पर विशेषकर ठंड के समय आपको विभिन्न प्रजातियों के पक्षी देखने के लिए मिलते हैं। रानी दुर्गावती अभ्यारण्य की सैर करने के लिए दो रास्ते हैं, जिसमें से एक रास्ते को छोटा चक्कर और दूसरे को बड़ा चक्कर कहते हैं। यह दोनों रास्ते कच्चे हैं। रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में आपको देखने के लिए बहुत सारी जगह है। यहां पर आप सिंगौरगढ का किला, गिरी दर्शन व्यूप्वाइंट, नजारा व्यूप्वाइंट, दानीतालाब, और निदान जलप्रपात देख सकते हैं। यहां पर विश्राम गृह भी बनाया गया है। यहां पर आपको देखने के लिए नदी, पहाड और जंगल मिलती है ।


जोगन कुंड - Jogan Kund Damoh

जोगन कुंड दमोह शहर का एक लोकप्रिय दर्शनीय स्थल है । यहां पर आपको एक झरना देखने के लिए मिलता है, जो जंगल के बीच में स्थित है। झरने का पानी एक कुंड पर गिरता है। आप इस कुंड में नहाने का मजा भी दे सकते हैं। झरने के पास एक प्राचीन मंदिर है। इस झरने तक पहुंचने के लिए आपको पैदल चलकर आना पड़ता है, क्योंकि इस झरने तक आने के लिए किसी भी प्रकार की सड़क नहीं बनी है। यहां आने के लिए जंगल का रास्ता है। जोगन कुंड झरने में आप जब बरसात के समय आते हैं, तो आपको यहां पर पानी देखने के लिए मिलता है। ठंड के समय भी यहां पानी रहता है। मगर गर्मी के समय में यहां पर पानी नहीं रहता है। आपको अगर झरने का आनंद उठाना है, तो आपको बरसात के समय आना होगा। जोगन कुंड दमोह जिले के जबेरा तहसील में स्थित है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यहां पर साल में एक बार मेले का आयोजन होता है। तब यहां पर हजारों की संख्या में लोग आते हैं। यहां पर आपको एक गुफा भी देखने के लिए मिलती है।

नजारा व्यू पॉइंट - Najara View Point Damoh

नजारा व्यू प्वाइंट दमोह जिले का एक खूबसूरत दर्शनीय स्थल है। यह रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में स्थित है। यह व्यूप्वाइंट भैसा घाट में स्थित है। आप यहां पर अपने दो पहिया और चारपहिया वाहन से आ सकते हैं। आपको यहां से पूरी रानी दुर्गावती वन्य जीव अभ्यारण्य का दृश्य देखने के लिए मिलता है। यह व्यू पांइट पहाडी के एक छोर पर बना हुआ है। यह व्यू प्वाइंट करीब 300 फीट उपर स्थित है। यहां से बहुत ही मनोरम दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां से देखने में ऐसा लगता है, कि जैसे आप कश्मीर की वादियों देख रहे हैं।


बांदकपुर भोले नाथ मंदिर  या जागेश्वर धाम - Bandakpur Bhole Nath Temple or Jageshwar Dham Damoh

बांदकपुर का शिव मंदिर दमोह जिले का एक दर्शनीय स्थल है। यह दमोह जिले का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह दमोह जिले में ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर को जागेश्वर धाम के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर दमोह जिले के बांदकपुर कस्बे में स्थित है। जागेश्वर धाम भगवान शिव और पार्वती माता को समर्पित है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है। इस मंदिर में महाशिवरात्रि के समय बहुत बड़ा मेला लगता है। लोगों का कहना है कि महाशिवरात्रि के समय यहां पर दो अलग जगह पर लगे झंडे आपस में मिलते है। बांदकपुर के शिव मंदिर के ऊपर लोगों की आस्था है। लोगों का मानना है, कि यहां पर जो भी लोग आते है,  उनकी इच्छा जरूर पूरी होती है। मंदिर में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है । यह मंदिर एक ट्रस्ट द्वारा चलाया जाता है। मंदिर परिसर में गणेश जी की मूर्ति, दुर्गा जी  की मूर्ति, श्री राम दरबार, राधे कृष्णा जी की मूर्ति, हनुमानजी की मूर्ति स्थापित है। मंदिर में आप आपने दो पहिया वाहन या चार पहिया वाहनों से आ सकते हैं। बांदकपुर में रेलवे स्टेशन भी बना हुआ है। अगर आप रेल से आना चाहते हैं, तो आ सकते हैं। आपको यहां पर आसानी से ऑटो मिल जाएगी।

कुण्डलपुर - Kundalpur Damoh

कुंडलपुर दमोह जिले का एक जैन तीर्थ स्थल है। यहां पर आपको 63 जैन मंदिर देखने के लिए मिलेंगे, जो पहाड़ी पर बने हुए हैं। यह मंदिर बहुत प्राचीन है। कुंडलपुर में आपको रहने और खाने की व्यवस्था भी मिलती है। कुंडलपुर दमोह जिले से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर दो पहिया या चार पहिया वाहन से आसानी से पा सकते हैं। पहाड़ी पर बने मंदिरों में जाने के लिए सीढ़ियां बनाई गई है। आपको इन मंदिर तक जाने के लिए पैदल सीढ़ियों से जाना पड़ेगा। कुंडलपुर में 65 मंदिर हैं। यह मंदिर पहाड़ियों पर स्थित है।  आप परिक्रमा करके इन सभी मंदिरों को घूम सकते हैं।  इन मंदिरों में बड़े बाबा का मंदिर सबसे प्रसिद्ध है। इसके अलावा यहां पर आपको एक अन्य मंदिर भी देखने के लिए मिलता हैए जो तालाब के बीच में स्थित हैए जिसे जल मंदिर के नाम से जाना जाता है। 

भदभदा जलप्रपात - Bhadbhada Waterfall damoh

भदभदा जलप्रपात दमोह जिले का एक दर्शनीय स्थल है। यह दमोह जिले के हटा तहसील में स्थित है। यह जलप्रपात सुनार नदी पर बना हुआ है। यहां पर आप नहाने का मजा भी ले सकते हैं। जब जलप्रपात का पानी चट्टानों से नीचे गिरता है, तो धुआ निकलता है, जो बहुत ही मनोरम लगता है। यह जबलपुर के धुआंधार जलप्रपात के समान दिखाई देता है। आप यहाँ  फैमिली के साथ पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। आप यहां पर बरसात के समय आ सकते हैं।  बरसात के समय यहां पर पानी की बहुत अधिक मात्रा रहती है।  गर्मी में भी यहां पानी रहता हैए जिसमें आप काफी इंजॉय कर सकते हैं। यह झरना दमोह जिले से करीब 45 किलोमीटर दूर होगा।

शिवमंदिर खर्राघाट - Shiv Mandir Kharraghat Damoh

यह  मंदिर दमोह जिले के खर्रा घाट में स्थित है। यह मंदिर से भगवान शिव जी को समर्पित है। आपको मंदिर में शिवलिंग देखने के लिए मिलता है।  बाहर नंदी भगवान की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। मंदिर के पास में ही आपको नदी का दृश्य देखने के लिए मिलता है। इस मंदिर में हर साल मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें हजारों की संख्या में लोग इकट्ठे होते हैं। यह मंदिर बहुत पुराना है और बहुत सारे लोगों की इस मंदिर के प्रति आस्था है। 

गौरी शंकर मंदिर हट्टा दमोह - Gauri Shankar Temple Hatta Damoh

गौरी शंकर मंदिर दमोह जिले के हटा में स्थित है। हटा दमोह जिले की तहसील है। हटा दमोह जिले से करीब 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा। गौरी शंकर मंदिर पूरे जिले में प्रसिद्ध है। यहां पर आपको शंकर भगवान जी दूल्हे के वेश में नंदी पर सवार देखने के लिए मिलते हैं और माता पार्वती भी भोले भगवान के साथ देखने के लिए मिलती हैं। यह प्रतिमा देखने में बहुत ही अद्भुत लगती है। इसके अलावा यहां पर और भी प्रतिमाएं हैं। यहां पर पितांबरा पीठ की स्थापना की गई है। उसके साथ साथ गणेश जी का मंदिर, भैरव बाबा का मंदिर भी बनाया गया है। इस मंदिर में महाशिवरात्रि के समय बहुत बड़े मेले का आयोजन होता है और हजारों की संख्या में लोग यहां पर एकत्र होते हैं। यह मंदिर बहुत प्राचीन है और कहा जाता है कि यहां पर स्थापित शिवलिंग स्वयंभू है। आप यहां पर भगवान शिव के दर्शन करने के लिए आ सकते हैं। 

चंडी माता मंदिर हट्टा दमोह -  Chandi Mata Temple Hatta Damoh

यह मंदिर दमोह जिले की हटा में स्थित है। यह मंदिर साउथ इंडियन स्टाइल में बनाया गया है। यह मंदिर मेन रोड में ही स्थित है। यहां पर आप चंडी माता के दर्शन कर सकते हैं। यह मंदिर परिसर बहुत खूबसूरत है। चंडी माता के मंदिर में और भी छोटे-छोटे मंदिर बने हुए हैं। यहां पर शिव भगवान जी का मंदिर और नाग देवता का मंदिर आपको देखने के लिए मिलता है। आपको यहां पर आकर बहुत शांति मिलती है।  यह बहुत अच्छी जगह है।   

बेलाताल - Belatal Damoh

बेलाताल दमोह जिले की एक अच्छी जगह है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर तालाब के बीच में आपको हनुमान जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर बहुत सुंदर हैं। बेलाताल जबलपुर दमोह हाईवे रोड पर स्थित है। आप यहां पर कभी भी आकर घूम सकते हैं। यहां पर एक साईं मंदिर भी बना हुआ है। जहां पर आप घूम सकते हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। 


कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni

कटनी में घूमने वाली जगह | Katni paryatan sthal | Places to visit near Katni

कटनी जिले के बारे में जानकारी
Information about Katni district


कटनी मध्य प्रदेश का एक जिला है। कटनी जिलें को मुडवारा के नाम से भी जाना जाता है। कटनी का संभागीय मुख्यालय जबलपुर है। 28 मई 1998 को कटनी को जिलें के रूप में घोषित किया गया है। कटनी में कटनी नदी बहती है, जो पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत है। कटनी जिलें में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन है। कटनी रेल्वे जंक्शन में 6 प्लेटफार्म है। यहां पर हमेशा भीड रहती है। कटनी की 8 तहसील कटनी शहर, कटनी ग्रामीण, रीठी, बड़वारा, बहोरीबंद, विजयराघवगढ, ढीमरखेड़ा, बरही है। कटनी जिले की सीमाएं उमरिया, जबलपुर, दमोह, पन्ना, और सतना जिले की सीमाओं को छूती हैं। कटनी जिले में बहुत सारी ऐतिहासिक और प्राकृतिक जगह है, जहां पर आप जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं। 


कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni


Katni places to visitकटनी में घूमने की जगहें


जागृति पार्क - Jagriti Park Katni

जागृति पार्क कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है। जागृति पार्क कटनी में माधव नगर में स्थित है। जागृति पार्क में आप आकर बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। जागृति पार्क में आप सुबह 5 बजे से 8 बजे तक आ सकते हैं और दोपहर में 12 बजे से 4 बजे तक जा सकते हैं। जागृति पार्क बहुत सुंदर है। जागृति पार्क में प्रवेश का शुल्क लिया जाता है। इस पार्क में आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा।

विजयराघवगढ़ किला - Vijayaraghavgarh Fort Katni / Vijayaraghavgarh ka kila

विजयराघवगढ़ किला एक प्राचीन किला है। यह किला कटनी शहर की विजयराघवगढ़ तहसील में स्थित है। विजयराघवगढ़ किलें का आकार आयताकार है। विजयराघवगढ़ किला का निर्माण 1826 में राजा बिसन सिंह के द्वारा किया गया था। राजा बिसन सिंह मैहर के राजा प्रयाग दास पुत्र थे। यह महल बलुआ पत्थर से बना हुआ है। विजयराघवगढ़ किलें में घूमने के लिए आपको बहुत सारे दर्शनीय स्थल देखने मिलते है। यहां पर आप रंगमहल, ब्रम्हा चबूतरा, समाधि स्थल, देखने मिलता है। इस किलें का बहुत सारा हिस्सा अब क्षतिग्रस्त होकर धराशयी हो गया है। 

राधा कृष्ण मंदिर या कटाये घाट मंदिर - Radha Krishna Temple Katni or Katay Ghat Temple Katni 

राधा कृष्ण मंदिर कटनी शहर का प्रसिध्द पर्यटन स्थल है। राधा कृष्ण मंदिर कटनी शहर में कटाये घाट के पास स्थित है। कटाये घाट एक प्राकृतिक स्थल है। आपको यहां पर हनुमानजी, पंच मुखी हनुमानजी, दुर्गाजी, दत्तत्रेय जी, और राधा कृष्ण की मूर्ति देखने मिलती है। इस मंदिर का चारों तरफ का वातावरण बहुत ही मनोरम है। यहां पर सीता और राम जी मंदिर भी स्थित है। यह मंदिर बहुत पुराना है। त्यौहार के समय कटाये घाट पर बहुत भीड लगती है। मंदिर के बाजू से एक नदी बहती है, जिसे कटनी नदी कहते है। बरसात के समय यहां पर आपको बहुत अच्छा लगेगा।

रूपनाथ मंदिर - Roopnath Temple Katni / Rupnath mandir Katni/ Roopnath dham

रूपनाथ धाम एक धार्मिक स्थल है। रूपनाथ धाम कटनी शहर की एक दर्शनीय जगह है। रूपनाथ धाम बहोरीबंद तहसील से करीब 3 किलोमीटर दूर है। यहां पर आपको शिव भगवान जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर प्राचीन गुफा है, जिसमें चमगादड रहते है। गुफा पर शिवलिंग विराजमान है। यहां पर राम कुंड, सीता कुंड, और लक्ष्मण कुंड नाम के तीन तालाब है। रूपनाथ मंदिर के उपर एक तालाब भी मौजूद है। यहां पर पहाडियों का दृश्य मनोरम है। यहां पर बरसात पर आपको झरना भी देखने मिलता है। 

कामकंदला किला - Kamakandla Fort Katni / Kamakandla Kila bilhari Katni

कामकंदला किला कटनी शहर का एक प्राचीन किला है। कामकंदला किला कटनी शहर के बिलहरी में स्थित है। कामकंदला किला कटनी शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर है। यहां पर आपको एक बावली भी देखने के लिए मिलती है, जो प्राचीन है और इसमें पानी भी है। यहां पर आपको मछली भी देखने मिलती है। यहां पर आपको हनुमान जी की मूर्ति भी देखने मिलती है। कामकंदला किला पर एक शिव भगवान जी का मंदिर है और मंदिर के छत पर आपको पेंटिग देखने मिलती है। शिव मंदिर पर शिवलिंग मौजूद नहीं है। कामकंदला किलें के अंदर कुछ प्राचीन मूर्तियां भी आपको देखने मिलती है। बिलहरी के आसपास आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते है, जो प्राचीन है। 

श्री तारन तारन दिगंबर जैन मंदिर - Shri Taran Taran Digambar Jain Temple Katni

तारन तरन एक जैन मंदिर है, जो कटनी शहर के बिलहरी में स्थित है। यह मंदिर कटनी शहर में घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। 

सेंटर पॉइंट ऑफ़ इंडिया - Center point of india Katni

सेंटर पॉइंट ऑफ़ इंडिया भारत का भौगोलिक केंद्र बिंदु है। यह कटनी शहर के पास घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। सेंटर पॉइंट ऑफ़ इंडिया कटनी शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर है। यह जगह कटनी के पान उमरिया के करीब स्थित है। यहाँ पर प्रसिद्ध महर्षि विद्या पीठ संस्थान स्थापित हैं। आप यहां पर स्वयं के वाहन से आसानी से पहुँच सकते हैं।

घोघरा नर्सरी जलप्रपात - Ghoghara Nursery Falls Katni

घोघरा नर्सरी जलप्रपात एक खूबसूरत जलप्रपात है, जो कटनी शहर में स्थित है। यह छोटा जलप्रपात है, मगर खूबसूरत है। यह झरना कटनी नदी पर बना हुआ है। यहां पर आकर आप पिकनिक मना सकते हैं। यहां पर झरने के पास एक मंदिर भी है, जहां जाकर आप शिव भगवान के दर्शन कर सकते है। यह झरना बरसात के समय देखने के लिए मिलता है। यहां पर आसपास के गांव के बच्चे नहाते हुए आपको देखने के लिए मिल जाते हैं। यह जगह खूबसूरत है। 

वसुधा झरना - Vasudha Falls Katni

वसुधा झरना कटनी शहर का एक खूबसूरत दर्शनीय स्थल है। यह कटनी शहर में घूमने वाली एक प्राकृतिक जगह है। यहां पर आप आकर प्रकृति और झरने का मजा ले सकते हैं। इस झरने पर पहुंचने के लिए आपको थोड़ी सी ट्रेकिंग करनी पड़ती है। वसुधा झरना घने जंगलों के बीच में स्थित है। यहां पर आपको झरना और एक कुंड देखने के लिए मिलता है, जो बहुत खूबसूरत लगता है। वसुधा झरना वसुधा नाम के गांव में स्थित है।

हनुमान मंदिर मुहास - Hanuman Temple Muhas Katni

मुहास का हनुमान मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। मुहास हनुमान मंदिर कटनी शहर की रीठी तहसील में स्थित है। इस हनुमान मंदिर में हनुमान जी को डॉक्टर माना जाता है, जो लोगों की हड्डियों का इलाज करते हैं। यहां पर बहुत दूर-दूर से लोग आते हैं। यहां पर शनिवार को बहुत ज्यादा भीड़ रहती है।

लिपरी जलाशय - Lipri reservoir / Lipri Dam

लिपरी कटनी में स्थित एक जलाशय है। यह बरसात के समय में पानी से भर जाता है, तो बहुत खूबसूरत लगता है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। यह कटनी शहर के बहुत करीब है।

वैष्णव देवी मंदिर कटनी - Vaishnav Devi Temple Katni / Vaishnav Devi Mandir Katni

वैष्णव देवी मंदिर कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है। वैष्णव देवी धाम कटनी शहर की एक धार्मिक जगह है। यह मंदिर एक ऊंचे पहाड़ी पर स्थित है। वैष्णव देवी मंदिर करीब 15 किलोमीटर दूर सुंगरहा गाँव में स्थित है। आप यहां पर आकर हरे-भरे माहौल में माता के दर्शन कर सकते हैं। यह जगह खूबसूरत है। यह मंदिर जंगल के बीच में स्थित है। 

चतुर्युग धाम बडेरा - Chaturyug Dham Badera Katni

चतुर्युग धाम बडेरा कटनी शहर का एक धार्मिक स्थल है। यह कटनी शहर के बड़ेरा गांव में स्थित है। चतुर्युग धाम बडेरा कटनी से करीब 15 किलोमीटर दूर है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग से करीब 2 किलोमीटर दूर है। यहां पर आपको पांच मंजिलें देखने के लिए मिलती हैं, जो अलग-अलग युग को समर्पित है। यहां पर पहली मंजिल  सतयुग को समार्पित है। दूसरी मंजिल त्रेता युग को समर्पित है। तीसरी मंजिल द्वापर युग को समार्पित है। चैथी मंजिल पर कलयुग को समार्पित है और सबसे ऊपरी मंजिल मां दुर्गा मंदिर को समार्पित है।

सुरम्या पार्क कटाये घाट - Surmya Park Katay Ghat Katni

सुरम्या पार्क कटनी में स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यह पार्क कटायें घाट जाने वाले रास्ते पर स्थित है। आप इस पार्क में बोंटिग का मजा ले सकते है। यहां पर बच्चों के मनोरंजन के लिए बहुत सारे झूले है। इस पार्क का प्रबंधन सरकार के द्वारा किया जाता है। यहां पर एक टॉय ट्रेन भी है, जिसके आप मजे ले सकते हैं।

कैमोरी डैम - Kaimori dam Katni / Kaimori reservoir Katni

कैमोरी जलाशय कटनी जिले में घूमने वाली एक जगह है। यह एक छोटा सा मगर एक देखने लायक जगह है। यह जलाशय पहाडों से घिरी हुई है। बरसात के टाइम में यह जलाशय पानी से भर जाता है और पानी ओवरफलो होता है, जो बहुत मनोरम होता है। यहां पर एक हनुमान मंदिर भी है। यहां पर सूर्यास्त का नजारा बहुत ही अच्छा होता है। 

कंकाली देवी मंदिर या तिगवा - Kankali Devi Temple Katni or Tigwa Katni

तिगवा कटनी शहर की एक ऐतिहासिक जगह है। इस जगह पर आपको बहुत सारी  पत्थर की नक्काशी देखने के लिए मिलती है। यहां पर कंकाली देवी का मंदिर भी है। कंकाली देवी का मंदिर छोटा सा है। यह गुप्तकालीन मंदिर है और लगभग 5 वी शताब्दी में बना हुआ है। इसके सामने मंडप बना हुआ है और इसमें अलग-अलग कलाकृतियां देखने के लिए मिलती है। यहां पर विष्णु भगवान जी की प्रतिमाएं दीवार पर उकेरी गई है। तिगवा देखने लायक जगह है। आपको यहां पर बहुत सारी पत्थर पर उकेरी कलाकृतियां देखने मिलती है। तिगवा कंकाली देवी मंदिर कटनी के बहोरीबंद तहसील में स्थित है। यह बहोरीबंद तहसील से 5 किलोमीटर दूर है।

बहोरीबंद जलाशय - Bahoriband reservoir Katni / Bahoribund dam Katni

बहोरीबंद जलाशय कटनी शहर में स्थित है। यह कटनी जिलें की बहोरीबंद तहसील में स्थित है। यह खूबसूरत जलाशय है। खूबसूरत पहाड़ों से घिरा हुआ है। आप यहां पर आ कर अपना समय बिता सकते हैं। बहोरीबंद जलाशय घूमने के लिए अच्छी जगह है। मगर यहां पर किसी भी तरह की कोई सुविधा नहीं है। 

प्राचीन विष्णु वराह मंदिर - Ancient Vishnu Varaha Temple Katni

प्राचीन विष्णु मंदिर कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है। यह एक ऐतिहासिक जगह है। यहां पर आपको बहुत सारी पत्थर की प्रतिमाएं देखने के लिए मिलती है। यहां पर विष्णु भगवान के सुकर अवतार की प्रतिमा है, जो पत्थर की बनी है। 





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बैलेंसिंग रॉक जबलपुर | Balancing rock jabalpur | Jabalpur balancing rock

Balancing rocks jabalpur


बैलेंसिंग रॉक जबलपुर (balancing rock jabalpur) शहर की एक दर्शनीय जगह है। बैलेंसिंग रॉक (balancing rock) को संतुलित शिला भी कहा जाता है। बैलेंसिंग रॉक जबलपुर (balancing rock jabalpur) जिलें में घूमने वाली जगह है। आप यहां पर अपना समय बिताने आ सकते है। बैलेंसिंग रॉक (balancing rock) या संतुलित शिला के आसपास घूमने के लिए बहुत सारी जगह है, जहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। बैलेंसिंग रॉक (balancing rock) के पास प्रसिद्ध रानी दुर्गावती का किला (Rani Durgavati Fort) है। रानी दुर्गावती एक  गोंड रानी थी और पहाड़ी के ऊपर रानी दुर्गावती का किला (Rani Durgavati Fort) बना हुआ है। इसके अलावा यहां पर एक मंदिर भी बना हुआ है। यहां मंदिर शारदा माता जी को समार्पित है। यह जगह बहुत खूबसूरत है और चारों तरफ पेड़ पौधों से घिरी हुई है।

बैलेंसिंग रॉक 
(balancing rock) मदल महल किलें के पास स्थित एक अद्भुत जगह है। यहां पर एक बड़ी सी चट्टान दूसरी चट्टान के ऊपर रखी हुई है, और यह चट्टान ऐसी स्थिति में रखी हुई है, कि जैसे गिरने वाली है। मगर यह कई सालों से इस स्थिति में रखी हुई है। आप यहां पर आकर इस चमत्कारी चट्टान को देख सकते हैं। आप देख सकते हैं कि किस तरह गुरुत्वाकर्षण बल इस चट्टान में काम करता है। यह जगह एक अजूबा है। 1997 में एक भूकंप आया था। तब लगा था कि, यह पत्थर को कुछ नुकसान हुआ होगा मगर ऐसा नहीं हुआ और बैलेंसिंग रॉक  (balancing rock) को कोई नुकसान नहीं हुआ। 

बैलेंसिंग रॉक जबलपुर
(balancing rock jabalpur) के प्रमुख पर्यटकों आकर्षण मे से एक है। बैलेंसिंग रॉक (balancing rock) ज्यादा बडे क्षेत्र में नहीं फैला है, लेकिन आपको यह पर कई छोटी बडी चटटानें देखने मिल जाती है। बैलेंसिंग रॉक (balancing rock) में प्रवेश का कोई शुल्क नहीं है। बैलेंसिंग रॉक (balancing rock) मेन रोड में ही स्थित है, इसलिए यहां पर आप अपनी गाड़ी पार्क करके बैलेंस रॉक (balancing rock) में घूमने जा सकते हैं। यहां पर गेट के बाजू में बोर्ड लगा है, जिसमें बैलेंस रॉक (balancing rock) के बारे में इंफॉर्मेशन लिखी हुई है। यहां पर रात के समय लाइट की भी व्यवस्था है। रात के समय यहां पर लाइट जलती है, जिससे आप शाम को भी यहां पर आकर समय बिता सकते हैं।

बैलेंसिंग रॉक
(balancing rock) फोटो ग्राफी के लिए एक अच्छी जगह है। आप यहां पर अपने वाहन से या टैक्सी या मेट्रो बस से आ सकते हैं। मेट्रो बस से आप यहां पर आते हैं, तो आपको थोड़ी दूरी पर चलना पड़ेगा। आप ऑटो से आते हैं, तो आप ऑटो से बैलेंसिंग रॉक (balancing rock) तक ही छोड़ देगा। 

बैलेंसिंग रॉक
(balancing rock) मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले (Jabalpur district) में स्थित है। जबलपुर रेलवे स्टेशन (Jabalpur Railway Station) से बैलेंसिंग रॉक (balancing rock) करीब 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। बैलेंसिंग रॉक (balancing rock) मेडिकल रोड पर स्थित है। 

होशंगाबाद पर्यटन स्थल - Hoshangabad tourist places in hindi

होशंगाबाद दर्शनीय स्थल - Tourist places near Hoshangabad | Hoshangabad picnic spot



होशंगाबाद में घूमने की जगह 


सेठानी घाट होशंगाबाद - Sethani Ghat Hoshangabad

सेठानी घाट होशंगाबाद का प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है। यह घाट बहुत बड़ा घाट है। यह भारत में स्थित सबसे बड़े घाटों में से एक है। इस घाट में आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। आप इस घाट में नहाने का मजा भी ले सकते हैं। नर्मदा जयंती के समय हजारों की संख्या में लोग यहां आते हैं। यहां का दृश्य नर्मदा जयंती के समय देखते ही बनता है। सेठानी घाट का निर्माण जयंतीबाई  सेठानी ने किया था। इसलिए इस घाट को सेठानी घाट के नाम से जाना जाता है। यहां सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। आप सेठानी घाट में बैठकर नर्मदा नदी का खूबसूरत दृश्य इंजॉय कर सकते हैं। 


होशंग शाह का किला होशंगाबाद - Hoshang Shah's Fort Hoshangabad

होशंग शाह का किला होशंगाबाद में स्थित एक प्रमुख स्थल है। यहां पर आपको एक पुराना खंडहर किला देखने के लिए मिलता है। होशंगाबाद शहर का नाम भी होशंग शाह राजा के नाम पर रखा गया है। इस के पास में ही एक पार्क आपको देखने के लिए मिलता है। पार्क में आप आकर अच्छा समय बिता सकते हैं। आप इस किले में आकर घूम सकते हैं। किले के ऊपर से नर्मदा नदी का बहुत ही खूबसूरत दृश्य आपको देखने के लिए मिलता है। आपको इस जगह में आकर बहुत अच्छा लगेगा। 


बांद्राभान - नर्मदा और तवा नदी का संगम स्थल होशंगाबाद -  Bandrabhan - the confluence of the Narmada and Tawa rivers, Hoshangabad

बांद्राभान होशंगाबाद शहर में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। बांद्राभान होशंगाबाद से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस जगह पर नर्मदा नदी और तवा नदी का संगम हुआ है। यह जगह बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर आकर नहाने का मजा भी ले सकते हैं। यहां पर आप आकर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां से आपको सूर्योदय और सूर्यास्त का बहुत ही खूबसूरत दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर रेत के बड़े-बड़े मैदान हैं, जिन्हें आप देख सकते हैं। यहां पर साल में एक बार मेला भी लगता है। आप उस मेले में आकर आनंद उठा सकते हैं। 


आदमगढ़ की पहाड़ियां होशंगाबाद - Admgarh hills Hoshangabad

आदमगढ़ की पहाड़ियां होशंगाबाद में स्थित एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको रॉक शेल्टर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आदिमानव प्राचीन समय में रहा करते थे। उनके द्वारा बनाई गई पेंटिंग आप देख सकते हैं। यहां पर आप बहुत सारी पेंटिंग देख सकते हैं। यहां पर हिरण, शेर, सूअर, मानव की नृत्य  करते हुए एवं शिकार करते हुए पेंटिंग बनाई गई है। आदमगढ़ की पहाड़ियां होशंगाबाद से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह जगह होशंगाबाद के दक्षिणी सिरे में स्थित है। आप यहां पर आ सकते हैं और इस जगह को घूम सकते हैं। यहां पर आप बरसात के समय आते हैं, तो आपको यहां पर ज्यादा अच्छा लगेगा, क्योंकि यहां आपको चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलेगी। 


हिंगलाज देवी मंदिर होशंगाबाद - Hinglaj Devi Temple Hoshangabad

हिंगलाज देवी का मंदिर होशंगाबाद में नर्मदा नदी के किनारे में स्थित है। यह एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर चारों तरफ से हरियाली से घिरा हुआ है और नर्मदा नदी का शानदार दृश्य आपको यहां पर देखने के लिए मिलता है। मंदिर में आपको माता हिंगलाज के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आप शंकर जी के दर्शन भी कर सकते हैं। यहां आकर आप अपना समय शांति से बिता सकते हैं। यह मंदिर नर्मदा हाईवे ब्रिज के पास में है। आप यहां पर आराम से पहुंच सकते हैं। 


श्री जगदीश मंदिर होशंगाबाद - Shri Jagdish Temple Hoshangabad

श्री जगदीश मंदिर होशंगाबाद में स्थित एक प्रमुख स्थल है। यह मंदिर नर्मदा नदी के किनारे स्थित है, तो आप नर्मदा नदी का खूबसूरत दृश्य देख सकते हैं। यह एक धार्मिक स्थल है। आप यहां पर आ कर मन को शांत कर सकते हैं। यह मंदिर बहुत सुंदर है। मंदिर में रुकने की व्यवस्था है। अगर आप कहीं बाहर से आते हैं, तो मंदिर में धर्मशाला है। आप वहां पर रुक सकते हैं। 


पर्यटन घाट होशंगाबाद - Paryatan ghat hoshangabad

पर्यटन घाट होशंगाबाद में स्थित नर्मदा नदी के किनारे पर बना हुआ एक सुंदर घाट है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह घाट एमपी टूरिज्म के द्वारा बनाया गया है। इस घाट को बहुत खूबसूरती से सजाया गया है। आप यहां पर बहुत सारी कलाकृतियां देख सकते हैंए जो एमपी टूरिज्म के द्वारा बनाई गई है। आप यहां पर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। 


हर्बल पार्क होशंगाबाद - Herbal Park Hoshangabad

हर्बल पार्क होशंगाबाद शहर में नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यहां पर चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है। मगर यह पार्क अच्छी तरह से मेंटेन नहीं है। आप यहां पर बरसात के समय आएंगे, तो आपको यहां पर बहुत अच्छा लगेगा, क्योंकि चारों तरफ हरियाली होती है। यहां पर आप मोर भी देख सकते हैं। यहां पर जोगिंग करने के लिए रोड बनी हुई है, जहां से आप पूरे पार्क को घूम सकते हैं। यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा और ताजी हवा का आनंद लेने मिलेगा। 


श्री बूढ़ी माता धाम होशंगाबाद - shree boodhi mata dham hoshangabad

बूढ़ी माता का मंदिर होशंगाबाद जिले में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर होशंगाबाद जिले में इटारसी में स्थित है। इस मंदिर में आपको बूढ़ी माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर परिसर में शिव भगवान जी के भी दर्शन आपको करने के लिए मिल जाएंगे। यहां पर साल में एक बार मेला लगता है, जिसमें भारी जनसंख्या में लोग आते हैं। आप भी यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


श्री स्वप्नेश्वर हनुमान धाम होशंगाबाद - Sri Swapneshwar Hanuman Dham Hoshangabad

यह हनुमान मंदिर होशंगाबाद शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर होशंगाबाद शहर में इटारसी के पास में स्थित है।  यह मंदिर बहुत ही सुंदर है। मंदिर में छोटा सा बगीचा है, जहां पर आप शांति से बैठ सकते हैं। मंदिर में आपको हनुमान जी की भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिल जाती है। मंदिर में शिव भगवान जी का भी छोटा सा मंदिर है और नर्मदा माई का भी छोटा सा मंदिर है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा और शांति का अनुभव होगा। मंदिर को सजाने के लिए हनुमान जी की छोटी-छोटी प्रतिमाओं को दीवारों पर रखा गया है और मंदिर की दीवारों पर सुंदर पेंटिंग बनाई गई है। मंदिर के प्रवेश द्वार पर भी हनुमान जी की प्रतिमा को रखा गया है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा।


तवा बांध होशंगाबाद - Tawa Dam Hoshangabad 

तवा बांध होशंगाबाद शहर का एक मुख्य पर्यटन आकर्षण है। आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। आपका पूरा 1 दिन यहां पर बीत जाएगा। यहां पर चारों तरफ जंगल का खूबसूरत नजारा आपको देखने के लिए मिलेगा और तवा बांध का मनोरम दृश्य भी आप देख सकते हैं। यहां पर आपको बोटिंग की सुविधा भी दी गई है, ताकि आप यहां पर वोटिंग कर सके। यहां पर क्रूज वगैरह भी हैं, जिनमें आप जा सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। आप यहां पर अगर बरसात के समय आते हैं, तो बरसात के समय आपको बहुत ही मनोरम दृश्य देखने के लिए मिलेगा, क्योंकि बरसात के समय बांध के गेट खोले जाते हैं, जिससे अपार जल राशि गेट से निकलती है और उसका दृश्य देखने लायक होता है। इस बांध में 11 गेट हैं और यह बांध तवा नदी पर बना हुआ है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। 


सतपुड़ा नेशनल पार्क होशंगाबाद  - Satpura National Park Hoshangabad

सतपुड़ा नेशनल पार्क होशंगाबाद में घूमने के लिए एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। आप यहां पर सफारी का मजा ले सकते हैं। आपको यहां पर विभिन्न प्रकार के जीव जंतु एवं पौधों की विभिन्न प्रजातियां देखने के लिए मिल जाती है। यहां पर आप बाघ, भालू, हिरण, सूअर देख सकते हैं। यहां पर आ कर आपको बहुत अच्छा लगेगा। चारों तरफ आपको हरियाली देखने मिलेगी। 


पचमढ़ी होशंगाबाद - Pachmarhi Hoshangabad

पचमढ़ी होशंगाबाद में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। पचमढ़ी में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है। पचमढ़ी में आप  चैरागढ़ मंदिर, जटाशंकर मंदिर, गुप्त महादेव, सनसेट पॉइंट, धूपगढ़, राजेंद्र गिरी, हांडी खोह, रजत जलप्रपात आदि देख सकते हैं। यहां पर आ कर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आप आते हैं, तो कम से कम 2 दिन का प्लान बना कर आइए।  यहां पर आप जिप्सी से सारी जगह घूम सकते हैं। कई जगह पर आपको पैदल भी चलना पड़ सकता है। 


बोरी वन्यजीव अभयारण्य होशंगाबाद - Bori Wildlife Sanctuary Hoshangabad

बोरी वन्यजीव अभ्यारण होशंगाबाद शहर में स्थित एक प्राकृतिक स्थल है। यहां पर आपको जंगल और जंगली जीव देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आप जंगली जानवरों और वनस्पतियों की ढेर सारी प्रजातियां देख सकते हैं। यहां पर आ कर आपको बहुत अच्छा लगेगा। बोरी वाइल्डलाइफ सेंचुरी पचमढ़ी बायोस्फीयर का ही हिस्सा है। यहां पर आपके प्रवेश का एंट्री चार्ज लिया जाता है। यह सेंचुरी 518 स्क्वेयर किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई है। 


पन्ना पर्यटन स्थल

गुना पर्यटन स्थल

चंदेरी के दर्शनीय स्थल

ओरछा दर्शनीय स्थल


पन्ना पर्यटन स्थल - Panna tourist places | Places to visit in Panna

पन्ना जिले के दर्शनीय स्थल - Panna visiting Places | Panna Tourism | पन्ना के आकर्षण स्थल | Panna sightseeing | पन्ना शहर



पन्ना में घूमने की जगहें
Panna me ghumne ki jagah


पन्ना राष्ट्रीय उद्यान, पन्ना - Panna National Park, Panna

पन्ना नेशनल पार्क मध्य प्रदेश का एक प्रमुख नेशनल पार्क है। पन्ना नेशनल पार्क मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में स्थित है। पन्ना नेशनल पार्क पन्ना और छतरपुर जिले में फैला हुआ है। पन्ना राष्ट्रीय उद्यान में आपको बाघ देखने के लिए मिल जाता है। यहां पर आप और भी अन्य जंगली जानवरों के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर आप तेंदुआ, भालू, हिरण, बंदर और विभिन्न प्रकार की चिड़ियों के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर आपका एंट्री फीस लिया जाता है। यहां पर एंट्री करने के लिए दो गेट है एक मेधा गेट और दूसरा हिनौता गेट है। यहां पर आपको आकर अच्छा लगेगा। आप यहां पर आते हैं, तो आपको यहां पर गाइड भी लेना पड़ता है और आपको वन विभाग से जीप भी लेनी पड़ती है।

 

पांडव गुफा एवं झरना पन्ना - Pandav cave and waterfall, Panna

पांडव गुफा एवं झरना पन्ना शहर में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। आपको यहां पर एक सुंदर झरना देखने के लिए मिलता है। झरना एक कुंड पर गिरता है। झरने के सामने ही एक गुफा बनी हुई है, जिसके बारे में कहा जाता है, कि प्राचीन काल में यहां पर पांडव ने निवास किया था। यहां पर आपको शिवलिंग भी देखने के लिए मिलता है, जिसके बारे में कहा जाता है कि पांडवों के द्वारा इस शिवलिंग की स्थापना की गई है। यह जगह बहुत खूबसूरत है। पांडव गुफा एवं झरना पन्ना नेशनल पार्क के अंदर स्थित है। आप जब भी पन्ना से खजुराहो की तरफ जाते हैं, तो यह आपको देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर आकर बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। आप यहां पर गाइड को लेकर भी आ सकते हैं। गाइड आपको इस जगह के बारे में पूरी जानकारी देगा। पांडव फॉल आपको बरसात में देखने के लिए मिल जाता है और गर्मी में यह फॉल सूख जाता है। यहां पर आपको आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह जगह प्राकृतिक खूबसूरती से भरी हुई है। 


किमासन जलप्रपात पन्ना - Kimasan Falls Panna

किमासन झरना पन्ना नेशनल पार्क में ही स्थित है। यह झरना हिनौता गेट की तरफ जाने वाले रोड में ही स्थित है। आप इस झरने को बरसात के समय देख सकते हैं। यह झरना बहुत ऊंचाई से गिरता है। झरने के नीचे कुंड बनता है और आप इस झरने को ऊपर से देख सकते हैं। झरने में पानी करीब 25-30 फीट ऊपर से गिरता है। 


श्री पद्मावती देवी मंदिर पन्ना - Shri Padmavati Devi Temple Panna

श्री पद्मावती मंदिर पन्ना जिले में स्थित एक प्रमुख मंदिर है। आप यहां पर भी घूमने के लिए आ सकते हैं। यह एक धार्मिक स्थल है। इस मंदिर को पद्मावती शक्तिपीठ के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि यहां पर सती माता की दाहिने पैर गिरा था। यहां पर आपको आकर शांति मिलेगी। यह एक अच्छी जगह है। आप यहां अपनी फैमिली के साथ आ सकते हैं। मंदिर के पीछे की तरफ किलकिला नदी बहती है। आप उसका नजारा भी यहां पर आकर देख सकते हैं। श्री पद्मावती मंदिर पन्ना जिले में अजयगढ़ बाईपास रोड में स्थित है। आप यहां पर अपने वाहन से पहुंच सकते हैं। 


किलकिला झरना पन्ना - Kilkila Falls Panna

किलकिला जलप्रपात पन्ना जिले में घूमने लायक जगह है। यहां पर एक सुंदर जलप्रपात आपको देखने के लिए मिलता है। यह जलप्रपात अजयगढ़ बाईपास रोड पर स्थित है। आप यहां पर बरसात के समय आएंगे, तो आपको यह जलप्रपात देखने के लिए मिलेगा। जलप्रपात के पास में एक मंदिर भी है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। आप यहां पर आकर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। गर्मी में यह जलप्रपात सूख जाता है। आप यहां पर अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं। 


प्राणनाथ जी मंदिर, पद्मावती पुरी धाम पन्ना - Prannathji Temple, Padmavati Puri Dham Panna

श्री प्राणनाथ मंदिर पन्ना जिले में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मंदिर प्रनामी लोगों के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। प्राणनाथ जी एक संत थे और उन्होंने यहां पर समाधि ली थी। यह मंदिर बहुत बड़ी क्षेत्र में फैला हुआ है। यह मंदिर बहुत खूबसूरती से बनाया गया है। मंदिर में आपको कांच का काम देखने के लिए मिल जाता है। मंदिर में आपको म्यूजियम भी देखने के लिए भी मिलेगा, जिसमें प्राणनाथ जी की बहुत सारी चीजों को संभाल कर रखा गया है। यहां पर आपको बुक्स वगैरह देखने के लिए मिल जाएंगे। मंदिर की छत को बहुत ही खूबसूरत पेंटिंग से सजाया गया है। यहां पर श्री कृष्ण जी की बहुत सारी पेंटिंग आपको देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर शरद पूर्णिमा के दिन बहुत बड़े मेले का आयोजन होता है, जिसमें बहुत सारे लोग आते हैं। 


श्री राम जानकी मंदिर पन्ना - Shri Ram Janaki Temple Panna

श्री राम जानकी मंदिर पन्ना जिले में स्थित मुख्य धार्मिक स्थल है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आपको श्री राम जी, माता सीता जी, लक्ष्मण जी और हनुमान जी के दर्शन करने के लिए मिल जाएंगे। यह मंदिर मुख्य पन्ना शहर में ही स्थित है। यहां पर रामनवमी के समय बहुत भीड़ होती है।


श्री जुगल किशोर जी मंदिर पन्ना - Shri Jugal Kishore Ji Temple Panna

श्री जुगल किशोर मंदिर पन्ना शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर मुख्य पन्ना शहर में ही स्थित है। इस मंदिर में आपको श्री कृष्ण जी और राधा जी की मूर्ति देखने के लिए मिलेगी। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरती से बुंदेला वास्तु कला में बनाया गया है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह मंदिर बहुत बड़ा है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


श्री बलदेव जी मंदिर पन्ना - Shri Baldev Ji Temple Panna

बलदेव जी का मंदिर पन्ना शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर मुख्य पन्ना शहर में स्थित है। यह मंदिर श्री कृष्ण जी के बड़े भाई बलदाऊ जी को समर्पित है। यह मंदिर खूबसूरती से बनाया गया है और बहुत बड़ा है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यह मंदिर 1993 में राजा रूद्र प्रताप सिंह के द्वारा बनवाया गया था। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। यह मंदिर रोमन वास्तुकला में बना हुआ है और मंदिर में आपको काले रंग की बलदाऊ भगवान की प्रतिमा देखने के लिए मिलेगी। यहां पर आपको एक बड़ा सा हॉल देखने के लिए मिलेगा और बड़े-बड़े मंडप देखने के लिए मिलेंगे। 


छत्रसाल उद्यान पन्ना - Chhatrasal Garden Panna

छत्रसाल पार्क पन्ना जिले में स्थित एक घूमने लायक जगह है। आप जब भी पन्ना जिले में आते हैं, तो आप इस पार्क में भी घूमने के लिए आ सकते हैं। इस पार्क में आपको महाराजा छत्रसाल की मूर्ति देखने के लिए मिलती है, जो काले कलर की है और घोड़े पर सवार है। यह पार्क बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। पार्क में आपको तरह तरह के फूल देखने के लिए मिलते हैं। पार्क में आपको बदक एवं खरगोश भी देखने के लिए मिल जाते हैं। पार्क में बहुत सारे झूले लगे हुए हैं, जो बच्चों को बहुत पसंद आएंगे। यह बच्चों के लिए बहुत अच्छी जगह है। पार्क में एक ट्रेन भी है, जिसके मजे आप ले सकते हैं। पार्क में जानवरों के स्टैचू भी बने हुए हैं, जो बहुत अच्छे लगते हैं। आप यहां पर आकर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। 


दहलन चौकी झरना पन्ना - Dhalan Chowki Waterfall Panna

दलहन चौकी झरना पन्ना शहर में स्थित एक अच्छी घूमने लायक जगह है। आप यहां पर बारिश के समय घूमने के लिए जा सकते हैं। यहां झरना घने जंगलों के बीच में स्थित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर पहाड़ों से पानी बहता है, जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। 


जिला पुरातत्व संग्रहालय पन्ना  - District Archaeological Museum Panna

जिला पुरातत्व संग्रहालय पन्ना शहर में घूमने का एक मुख्य स्थल है। यह एक पुराना बिल्डिंग है।  इस बिल्डिंग में आपको पुरानी मूर्तियां देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर आपको पुरानी पेंटिंग भी देखने के लिए मिल जाएगी। आप यहां पर आकर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यह जगह छत्रसाल पार्क के पास ही में स्थित है। 


भपतपुर बांध पन्ना - Bhapatpur Dam Panna

भपतपुर बांध पन्ना जिले के पास स्थित एक अच्छी जगह है। आप यहां पर घूमने आ सकते हैं। यह एक जलाशय है और यहां से सूर्योदय और सूर्यास्त का बहुत अच्छा व्यू देखने के लिए मिल जाएगा।

 

महाराजा हृदय शाह का छत्री पन्ना - Chhatri of Maharaja Hriday Shah Panna 

महाराजा हृदय शाह का छत्री पन्ना में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यह छत्री धर्म सागर झील के पास स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए जा सकते हैं। यहां पर आपको एक प्राचीन इमारत देखने के लिए मिलते हैं। मकबरे के अंदर आपको समाधि भी देखने के लिए मिल जाएगी। यह छतरी बुंदेलखंडी शैली में बना हुआ है। 


रनेह जलप्रपात पन्ना - Raneh Falls Panna

रनेह जलप्रपात पन्ना शहर में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह एक सुंदर झरना है। इस जलप्रपात में जाने के लिए आपको टिकट लगती है। यह झरना जंगल के बीच में स्थित है। यह जलप्रपात बहुत खूबसूरत है और आपको यहां पर कैनियन देखने के लिए मिलता है। यहां पर चट्टानों की बहुत ही खूबसूरत श्रंखला देखने के लिए मिलती है। यहां पर ग्रेनाइट चट्टाने है, जिनके बीच से केन नदी बहती है, जो बहुत ही सुंदर लगती है। आप यहां पर करीब 5 किलोमीटर इन चट्टानों की श्रंखला देख सकते हैं। 


केन घड़ियाल सेंचुरी पन्ना - Ken Gharial Sanctuary Panna

केन घड़ियाल सेंचुरी पन्ना शहर में स्थित एक अच्छी जगह है। यहां पर आपको घड़ियाल देखने के लिए मिलते हैं और मगरमच्छ देखने के लिए मिलते हैं। यह सेंचुरी रनेह जलप्रपात के पास ही में स्थित है। केन नदी के पास बहुत सारे व्यूप्वाइंट बने हुए हैं, जहां से आप घड़ियाल और मगरमच्छ को आराम करते हुए देख सकते हैं। आप इन व्यूप्वाइंट से केन नदी का सुंदरता देख सकते हैं। आपको यहां पर गाइड भी मिलता है, जो आपको इस सेंचुरी के बारे में जानकारी देता है। यहां पर आपको अन्य जंगली जानवर भी देखने के लिए मिल जाएंगे। 


बृहस्पति कुंड झरना पन्ना - Brihaspati kund jharna panna

बृहस्पति कुंड झरना पन्ना शहर में स्थित एक सुंदर जलप्रपात है। आप यहां पर घूमने के लिए बरसात के समय आ सकते हैं। यह जलप्रपात बहुत ही सुंदर दिखता है। आप इस झरने के नीचे भी जा सकते हैं और नहाने का मजा भी ले सकते हैं। इस झरने का पानी एक कुंड में गिरता है। आपको यहां पर खूबसूरत घाटी देखने के लिए मिलती है। यह झरना आपको बरसात के समय में देखने के लिए मिलेगा। आप यहां पर अपनी फैमिली और परिवार वालों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। बृहस्पति कुंड झरने के पास आपको प्राचीन गुफाएं भी देखने के लिए मिलती है। यहां पर शिव भगवान जी का शिवलिंग भी आपको देखने के लिए मिल जाएगा। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं।

 

बेनीसागर जलाशय पन्ना - Benisagar Reservoir Panna

बेनीसागर जलाशय एक खूबसूरत जगह है। आप यहां पर भी घूमने के लिए आ सकते हैं। बेनीसागर जलाशय पन्ना शहर के बहुत करीब है और आप यहां पर अपना एक दिन पिकनिक का प्लान बनाकर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


अजयगढ़ किला पन्ना - Ajaygarh Fort Panna

अजय गढ़ का किला पन्ना जिले में स्थित एक प्राचीन स्थल है। अजय गढ़ का किला पन्ना जिले के अजय गढ़ कस्बे में स्थित है। यह एक पहाड़ी पर बना हुआ है। पहाड़ी का आकार तिकोना है। अजय गढ़ के किले तक पहुंचने के लिए आपको सीढ़ियों से आना पड़ता है। यह किला जंगल में स्थित है। आपको यहां पर खंडहर ही देखने के लिए मिलेंगे। अजय गढ़ किले के गेट में नक्काशी की गई है, जो बहुत सुंदर है। आपको किले के अंदर रंग महल देखने के लिए मिलता है। रंग महल के पास में ही 2 तालाब है। आप उनको देख सकते हैं। इन  तालाब को गंगा और जमुना के नाम से जाना जाता है। यह महल बुंदेला शासकों के द्वारा बनाया गया था। इस महल को कोई भी जीत नहीं सकता है था। इसलिए इस महल को अजय गढ़ किले के नाम से जाना जाता है। किले में बहुत सारे लोग पिकनिक मनाने आते हैं। आप भी यहां पर आकर अच्छा समय बिता सकते हैं।


पन्ना जिले के पास घूमने वाले अन्य दर्शनीय स्थल

निरपत सागर झील पन्ना
धर्म सागर झील पन्ना
बेनीसागर झील पन्ना
छत्रसाल की गढ़ी पन्ना
रानीपुर झरना पन्ना
लखनपुर सेहा झरना पन्ना
दहलन चौकी झरना पन्ना
राजगढ़ का किला  पन्ना
मनियागढ़ का किला पन्ना
स्वर्गेश्वर मंदिर पन्ना


गुना पर्यटन स्थल

चंदेरी के दर्शनीय स्थल

ओरछा दर्शनीय स्थल

झांसी के दर्शनीय स्थल