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भीमबेटका की गुफाएं - Bhimbetka ki gufa or Bhimbetka Cave

भीमबेटका रॉक शेल्टर  और भीमबेटका रॉक पेंटिंग  की जानकारी -  Bhimbetka Rock Shelter and Bhimbetka Rock Painting भीमबेटका की गुफाएं विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहर है। भीमबेटका की गुफाएं रायसेन जिले का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। भीमबेटका की गुफाएं भोपाल के पास में स्थित है। यह गुफाएं आदिमानव काल के समय की है। यहां पर गुफाओं में आदिमानव द्वारा बनाई गई पेंटिंग देखने के लिए मिलती है। यहां पर आदिमानव के द्वारा बहुत सारी पेंटिंग बनाई गई है। यहां पर प्राचीन समय में आदिमानव रहा करते थे। यह गुफाएं रातापानी वन्य जीव अभ्यारण के अंदर स्थित है। यहां पर चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है और यह गुफाएं पहाड़ियों पर बनाई गई है। यहां पर पहाड़ियों का लाजवाब दृश्य देखने के लिए मिलता है। रातापानी वन्य जीव अभ्यारण में जंगली जानवर भी देखने का मौका मिल सकता है। यहां पर जानवरों और पक्षियों की बहुत सारी प्रजातियां देखने के लिए मिल सकती हैं। हम लोगों को यहां पर मोर देखने के लिए मिला था। भीमबैठका गुफाओं के थोड़ा आगे जाने पर हम लोगों को मंदिर देखने के लिए मिला था। यह मंदिर वैष्णो माता को समर्पित है। यह मंदिर

विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग - भोजपुर का शिवलिंग / Bhojpur temple Bhopal

भोजेश्वर मंदिर  या  भोजपुर शिव मंदिर भोपाल मध्य प्रदेश -  Bhojeshwar Temple or Bhojpur Shiv  temple  Bhopal Madhya Pradesh भोजपुर शिव मंदिर मध्य प्रदेश का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर में विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग विराजमान है। यह शिवलिंग एक ही पत्थर से बना हुआ है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है। यह मंदिर करीब 1000 साल पुराना है। भोजपुर शिव मंदिर पूरी तरह पत्थरों से बना हुआ है। यह शिवलिंग बहुत विशाल है। यहां पर गार्डन भी बना हुआ है, जहां पर आप बैठ सकते हैं। शिवलिंग के सामने छोटे-छोटे मंदिर बने हुए हैं, जिनमें अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं विराजमान है।   भोजपुर शिव मंदिर के अंदर स्तंभ देखने के लिए मिलते हैं, जो बहुत सुंदर लगते हैं। मंदिर के अंदर सुंदर नक्काशी भी देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर अपनी भव्यता और विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के लिए जाना जाता है।  भोजपुर के शिव मंदिर को भोजेश्वर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। भोजपुर का शिव मंदिर मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा शिव मंदिर है और मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा शिवलिंग यहां पर विराजमान है। यहां पर दर्शन करने के लिए पूरे भारत से लोग आते ह

हथाईखेड़ा बांध भोपाल - Hathaikheda dam bhopal

भोपाल का हथाईखेड़ा बांध -  Hathaikheda Dam Bhopal हथाईखेड़ा बांध भोपाल शहर का एक सुंदर बांध है। यह बांध भोपाल शहर से 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप इस बांध में घूमने के लिए जा सकते हैं। यहां पर आपको एक बहुत बड़ा सुंदर जलाशय देखने के लिए मिलता है। यह जलाशय बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। यह भोपाल में प्रमुख झीलों में से एक है। डैम का नजारा बहुत प्यारा रहता है। यहां पर बरसात के समय जब हथाईखेड़ा डैम भरता है, तो इसका व्यू देखने के लिए मिलता है, जो लाजवाब रहता है। हथाईखेड़ा बांध में एक कैफ़े भी बना हुआ है, जहां पर आपको अलग अलग तरह का खाना खाने के लिए मिल जाता है। यहां पर एक आइसक्रीम पार्लर भी है। आप यहां पर डैम का सुंदर नजारा देख सकते हैं और चाय नाश्ते का लुफ्त उठा सकते हैं।  हथाईखेड़ा डैम भोपाल का एक जल कीड़ा केंद्र है। यहां पर आकर अच्छा लगता है। यहां पर हम लोग सुबह के समय आए थे। यहां पर आप अगर बरसात के समय आएंगे, तो आपको ज्यादा मजा आएगा। क्योंकि उस समय डैम का पानी पूरी तरह से फुल भर जाता है। जब हम लोग यहां पर गए थे। तब डैम पूरी तरह से भरा नहीं था। डैम के किनारे से रास्ता जाता है,

भोपाल का प्राकृतिक स्थल - अजनाल बांध (Ajnal Dam)

अजनाल बांध भोपाल मध्य प्रदेश -  Ajnaal Dam Bhopal Madhya Pradesh अजनाल बांध प्राकृतिक सुंदरता से भरा हुआ एक सुंदर जलाशय है। अजनाल बांध भोपाल शहर में स्थित है। यह भोपाल शहर के नरोन्हा साँकल गांव में स्थित है। यह बांध सुंदर पहाड़ियों से घिरा हुआ है और यह पहाड़ियां हरी-भरी वादियों से घिरी हुई है। यह जगह प्राकृतिक होने के साथ-साथ धार्मिक भी है, क्योंकि यहां पर रामगढ़ धाम में स्थित है, जो बहुत सुंदर मंदिर है।  अजनाल बांध के पहाड़ियों के नीचे तरफ आपको ढेर सारी गुफाएं देखने के लिए मिलती हैं। इन गुफाओं में साधु महात्मा रहते थे और तपस्या करते थे। यहां का प्राकृतिक सुंदर का अनुभव करना बहुत ही उत्साहजनक है, क्योंकि यहां पर हरियाली को देख कर बहुत ही अच्छा लगता है। यहां का माहौल शांति भरा है। यहां पर आकर सकारात्मक ऊर्जा महसूस होती है, इसलिए यहां पर संत महात्मा लोग तपस्या करते होंगे। हम लोग सुबह के समय करीब 9 बजे के करीब अजनाल बांध में  घूमने के लिए आए थे। हम लोग को यहां पर मोर भी देखने के लिए मिला था। अजनाल बांध में आप घूमने के लिए किसी भी मौसम में आ सकते हैं। यहां पर अगर आप गर्मी के मौसम म

रामगढ़ धाम भोपाल - Ramgarh Dham Bhopal

तारा देवी मंदिर, रामगढ़ धाम दिव्य सिद्ध तपोभूमि, भोपाल -  Tara Devi Temple, Ramgarh Dham Divya Siddha Tapobhoomi, Bhopal रामगढ़ धाम भोपाल शहर का एक सुंदर मंदिर है। यह मंदिर प्राकृतिक सुंदरता से घिरा हुआ है। यह मंदिर तारा देवी को समर्पित है। तारा देवी हिंदू धर्म की एक मुख्य देवी है। यहां पर तारा देवी का मंदिर देखने के लिए मिलता है और तारा देवी की अद्भुत प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। तारा देवी के मंदिर के अलावा यहां पर शंकर जी का मंदिर भी देखने के लिए मिलता है, जहां पर शंकर जी का शिवलिंग विराजमान है। यहां पर चारों तरफ अलग-अलग प्रकार के पेड़ पौधे और फूलों वाले पौधे लगे हुए हैं। यहां पर हरियाली देखकर बहुत ही सुखद अनुभव हो रहा था। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगा और  सकारात्मक ऊर्जा महसूस हो रही थी।  हम लोग रामगढ़ धाम अपनी स्कूटी से आए थे। मगर स्कूटी से इस मंदिर तक आना बिल्कुल भी ठीक नहीं है, क्योंकि स्कूटी के लायक यहां की रोड बिल्कुल भी नहीं है। अगर आप यहां पर आते हैं, तो बाइक से आए या बड़ी गाड़ी से आए। यहां पर छोटी गाड़ी से बिल्कुल भी ना आए, नहीं तो आपकी गाड़ी कहीं भी फंस सकती है। यहां प

इस्लामनगर का किला भोपाल - Islamnagar Fort Bhopal

इस्लामनगर का किला भोपाल मध्य प्रदेश -  Islamnagar ka Kila Bhopal Madhya Pradesh इस्लामनगर का किला भोपाल शहर के पास स्थित एक प्राचीन किला है। यह किला भोपाल शहर से करीब 13 किलोमीटर दूर है। इस किले में आपको रानी महल और चमन महल देखने के लिए मिलता है। यह महल बहुत सुंदर है। इस महल में आपको सुंदर बगीचा देखने के लिए मिलता है और बगीचे के बीच में फव्वारा लगाया गया है, जो बहुत आकर्षक लगता है। इन महल के पीछे आपको नदी का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। मगर इस नदी का पानी अब बिल्कुल काला हो गया है। नदी के पीछे की तरफ एक और स्मारक बना हुआ है। यह स्मारक नवाब यार मोहम्मद खां एवं नवाब हयात मोहम्मद खां का मकबरा है। यह मकबरे बहुत सुंदर है और आप इन्हें चमन महल के पीछे से देख सकते हैं।  हम लोग मनुआभान की टेकरी घूमने के बाद,  हम इस्लामनगर किले में घूमने के लिए निकल पड़े। वैसे हम लोगों को बहुत टाइम हो गया था और इस्लामनगर किला मनुआभान की टेकरी से करीब 19 किलोमीटर दूर है। हम लोग ने गाड़ी बहुत ही स्पीड से चलाई और इस्लाम नगर पहुंच गए। इस्लामनगर किला पहुंचकर हम लोगों को किले का प्रवेश द्वार देखने के लिए म