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गूलर का पेड़ (gular ka ped) के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी

  गूलर के वृक्ष ( उदुम्बर का पेड़ ) की जानकारी एवं गूलर के पेड़ के फायदे   Gular ke vriksh (udumbar ka ped) ki jankari aur gular ke ped ke fayde गूलर का वानस्पतिक या वैज्ञानिक नाम - फाइकस रेसमोसा  गूलर को अंग्रेजी में नाम - क्लस्टर फिग  गूलर का पेड़ भारत में पाया जाने वाला एक मुख्य पेड़ है। गूलर का  पौधा   एक औषधीय पौधा है। इस पौधे में बहुत सारे गुण रहते हैं, जो हमारे रोगों को दूर करते हैं। गूलर के पेड़ को उमर का पेड़, डूमर का पेड़ और देसी अंजीर के नाम से भी जाना जाता है। गूलर का पेड़ आपको जंगलों में आसानी से देखने के लिए मिल जाता है। गूलर का पेड़ नदी, नालों के किनारे भी आसानी से देखा जा सकता है। गूलर के पेड़ के फल बहुत ही आकर्षक लगते हैं, क्योंकि इसके फल ही इसकी विशेषता है। इसके फल इसके तने में डायरेक्ट लगे होते हैं। गूलर के फूल की आपने बहुत सारी कहानी सुनी होगी।  गूलर के फूल के बारे में यह कहा जाता है, कि अगर किसी ने भी गूलर का फूल देख लिया, तो वह बहुत भाग्यशाली होता है। मगर इसके फूल देखना बहुत मुश्किल होता है। गूलर का झाड़ देखने में काफी बड़ा होता है और विशाल होता है। इसके पेड़ की ऊं

बरगद का पेड़ (Banyan tree) के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी

  बरगद का पेड़ ( वट वृक्ष) की जानकारी एवं बरगद के फायदे Bargad ka vriksh ya vat vriksh ki jankari aur bargad ke fayde  बरगद के पेड़ का वैज्ञानिक या वानस्पतिक नाम - फाइकस् बेंगालेन्सिस् बरगद के पेड़ का अंग्रेजी में नाम - बनयान ट्री बरगद का वृक्ष भारत में पाया जाने वाला एक मुख्य पेड़ है। बरगद एक औषधीय पौधा है। बरगद के पेड़ में बहुत सारे औषधीय गुण विद्यमान रहते हैं, जो रोगों से हमारी रक्षा करते हैं। बरगद का पौधा हमारे लिए पूजनीय है। बहुत सारे लोग बरगद की पूजा करते हैं। बरगद के पेड़ को बड वृक्ष एवं वट वृक्ष के नाम से भी जाना जाता है। बरगद का पेड़ आपने अपने घर के आस-पास जरूर देखा होगा। बरगद का पेड़ बहुत सुंदर रहता है। बरगद का पेड़ बहुत विशाल रहता है। बरगद के पेड़ में बहुत सारे पंछी एवं जीव जंतु अपना घर बनाते हैं। दुनिया का विशाल बरगद का पेड़ हमारे देश में ही लगाया गया है। भारत भूमि में बरगद का सबसे बड़ा पेड़ स्थित है।  महिलाएं वट सावित्री की पूजा करती हैं। महिलाएं उपवास रहती हैं और बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है। बरगद का पेड़ पूजनीय माना जाता है और बरगद के पेड़ को आपने मंदिर परिसर में जरूर

कोच के बीज (Kaunch ke beej) के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी

  कोच के बीज की जानकारी एवं कौंच के बीज के फायदे Kaunch ke beej ki jankari aur Kaunch ke beej ke fayde  कौंच का वैज्ञानिक का वानस्पतिक नाम - म्युक्युना प्रुरिएन्स कौंच का अंग्रेजी में नाम - हॉर्स आई बीन, वेलवेट बीन, काऊहेज बीन   कौंच एक औषधीय पौधा है। कौंच को केवांच, कौंछ, कीमाची के नाम से भी जाना जाता है। यह सभी कौंच के स्थानीय नाम है। इसकी फलियों के अंदर, जो बीज रहते हैं उसको कौंच कहा जाता है। कौंच का पौधा जंगल में और खेतों में उगाया जाता है। कौंच के बीजों का प्रयोग औषधि के रूप में किया जाता है। कौंच के बीजों का प्रयोग यौन संबंधी बीमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता है। कौंच का पौधा दो प्रकार का रहता है - एक जंगली रहता है और एक खेतों में उगता है। कौंच के बीजों का उपयोग लोग सब्जी बनाने के लिए करते हैं और इसकी सब्जी बहुत ही अच्छी लगती है। कौंच का पौधा बेल के जैसा होता है। कौंच के पौधे की खेती की जाती है, क्योंकि यह अच्छे दामों में बिकता है।  कौंच का पौधा लता के रूप में रहता है। कौंच के पौधे को अगर आप फसल की तरह उग आते हैं, तो इसे किसी सहारे की जरूरत रहती है। इसलिए लोग इसे पत्थर की दी

तुलसी के पौधे (Tulsi plant) के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी

  पवित्र तुलसी का पौधा और तुलसी के फायदे Pavitra Tulsi ka paudha aur Tulsi ke fayde तुलसी का वानस्पतिक या वैज्ञानिक नाम - ओसीमम् सेंक्टम्  तुलसी का अंग्रेजी का नाम - होली बेसिल तुलसी का पौधा भारत में पूजा जाने वाला एक पवित्र पौधा है। तुलसी को भारत में तुलसी माता के नाम से जाना जाता है और इसे पूजा जाता है। ग्यारस में तुलसी विवाह किया जाता है, जिसमें तुलसी माता का विवाह किया जाता है और उनकी पूजा की जाती है और इनकी परिक्रमा की जाती है। तुलसी भारत के हिंदू घरों में आपको जरूर देखने के लिए मिलती है। तुलसी के लोग पूजा करते हैं और जल चढ़ाते हैं। जिस तरह तुलसी धार्मिक  रूप से  लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। उस तरह से यह औषधीय रूप से भी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। यह लोगों के बहुत सारे रोगों को दूर करती है। इसलिए तुलसी का मानव जीवन में बहुत ज्यादा महत्व है।  तुलसी का पौधा 30 और 60 सेंटीमीटर तक का होता है। तुलसी का पौधा झाड़ी नुमा होता है। तुलसी के पौधे की पत्तियां छोटी छोटी होती है। तुलसी के पौधे में फल और फूल भी लगते हैं। तुलसी के पौधे के सभी भाग उपयोगी रहते हैं। इसके जड़, तना, पत्ती, फूल, फल औषधी

पारिजात या हरसिंगार पौधे (Parijat or Harsingar plant) के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी

हरसिंगार का पौधा  या  पारिजात का पौधा Harsingar ka Paudha ya Parijat ka Paudha पारिजात का अंग्रेजी में नाम - नाइट जैसमिन  पारिजात का वैज्ञानिक या वानस्पतिक नाम - निक्टेन्थिस आर्बोर्ट्रिस्टिस परिजात का हिंदी और स्थानीय  नाम - हरसिंगार, पारिजात  पारिजात का पौधा या हरसिंगार का पौधा भारत का एक प्रमुख औषधियां प्लांट है। पारिजात का पौधा सुंदर पुष्प वाला पौधा है। पारिजात वृक्ष को कल्पवृक्ष और देव वृक्ष के नाम से भी जाना जाता है। पारिजात का पौधा पूरे भारतवर्ष में पाया जाता है। पारिजात का वृक्ष को अनेक नामों से जाना जाता है। इसे हरसिंगार, शेफाली, शिउली नाम से जाना जाता है।  पारिजात  वृक्ष का पुष्प पवित्र है। यह पौधा अपने फूलों के लिए प्रसिद्ध है, क्योंकि पारिजात के फूल रात में खिलते हैं और यह सुबह जमीन में गिर जाते हैं। इसके फूलों से बहुत सुगंध आती है। अगर इसका एक पौधा भी, आपके घर के आसपास लगा हो। तो वहां का वातावरण सुगंधित रहता है। पारिजात के पौधे को आप अपने घर में, आंगन में या गमले में आराम से लगा सकते हैं। पारिजात पौधे के पुष्प विष्णु भगवान जी और लक्ष्मी जी को बहुत प्रिय है। उनकी पूजा में यह

गिलोय बेल (Giloy bel) के औषधीय गुणों के बारे में जानकारी

  गिलोय बेल की जानकारी और गिलोय के फायदे Giloy bel ki jankari aur giloy ke fayde गिलोय का अंग्रेजी नाम - इण्डियन टिनोस्पोरा, हार्ट लीव्ड टिनोस्पोरा गिलोय का वैज्ञानिक या वनस्पतिक नाम - टिनोस्पोरा कॉर्डिफोलिया गिलोय एक बेल है। यह बेल औषधीय गुणों से भरपूर रहती है। इस बेल के औषधीय गुणों के कारण इसे अमृत के समान माना गया है और इसे अमृता कहा जाता है। गिलोय बेल की तासीर गर्म रहती है। गिलोय बेल पहाड़ों, चट्टानों, पेड़ों में लिपटी हुई रहती है। गिलोय बेल से बहुत सारी बीमारियां ठीक होती है। 2019 और 2020 के समय गिलोय बेल को बहुत प्रसिद्ध मिली। गिलोय बेल के उत्पाद बाजार में पहले से मिलते रहे हैं। मगर लोग पहले गिलोय बेल के बारे में इतना नहीं जानते थे। जितना कोरोना जैसी विशाल बीमारी के आने के बाद, लोगों में इस बेल के बारे में जानकारी बढ़ी है और लोग इसे अपने घर में लगाने लगे हैं। इस बेल का उपयोग करने लगे हैं। इस बेल के उपयोग से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। कोरोना कि समय लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए, इस बेल ने बहुत मदद की है।  गिलोय की पत्तियां हृदयाकार की रहती हैं। गिलोय की पत्तिय