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शिव शक्ति धाम सागर - Shiv Shakti Dham Sagar

शिव शक्ति धाम मंदिर, सागर जिला, मध्य प्रदेश - Shiv Shakti Dham Temple, Sagar District, Madhya Pradesh शिव शक्ति धाम सागर जिले का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है।  यह एक बहुत ही सुंदर मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है। इस मंदिर में शिव भगवान जी की बहुत विशाल प्रतिमा विराजमान है। यह प्रतिमा करीब 50 फीट की होगी। यह प्रतिमा खुले आसमान के नीचे विराजमान है। यह प्रतिमा बहुत ही सुंदर लगती है। इस प्रतिमा के अंदर गुफा बनाई गई है, जिसमें 12 ज्योतिर्लिंग विराजमान किया गया है। आप यहां पर आकर इस प्रतिमा के दर्शन कर सकते हैं। यहां का जो वातावरण है। वह पॉजिटिव रहता है। यहां पर आकर शांति महसूस होती है। यहां पर चिड़ियों का चहचहाना और गार्डन के रंग बिरंगे फूल बहुत अच्छे लगते हैं। यह सागर में घूमने के लिए बहुत अच्छी जगह है और यहां पर आकर बहुत अच्छा समय बिताया जा सकता है।  हम लोग शिव शक्ति धाम मंदिर में सागर जाते समय गए थे। इस मंदिर के बाहर हम लोगों ने अपनी गाड़ी खड़ी करी और यहां पर, जो सिक्योरिटी गार्ड था। उससे हम लोगों ने पूछा, कि मंदिर में जा सकते हैं। उन्होंने बोला, कि जा सकते हो। 5 बजे के बाद

महाकालेश्वर मंदिर का इतिहास - History of Mahakaleshwar Temple

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर का रहस्य -  Mystery of Ujjain's Mahakaleshwar Temple उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर पूरे भारत देश में प्रसिद्ध है। उज्जैन में 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक विराजमान है और इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने के लिए पूरी दुनिया से लोग आते हैं। उज्जैन शहर को प्राचीन समय में अवंतिका के नाम से जाना जाता था। यहां पर राजा विक्रमादित्य का शासन था। उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर प्रसिद्ध है और यह मंदिर बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। आज हम उज्जैन शहर में विराजमान महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के बारे में जानेंगे, कि उज्जैन का महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग  स्थापना कैसे हुई ।  महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की यह विशेषता है, कि यह एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है। यहां प्रतिदिन सुबह के समय की जाने वाली भस्म आरती बहुत प्रसिद्ध है। यह आरती सुबह की जाती है। इस आरती के लिए आप ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। यह आरती शमशान की राख से की जाती है। महाकालेश्वर की पूजा विशेष रूप से आयु वृद्धि और आयु पर आए हुए संकट को टालने के लिए की जाती है। आप यहां पर आकर पूजा करवा सकते हैं।  महाकालेश्वर शिवलिंग क

सानौधा का किला, सागर, मध्य प्रदेश - Sanodha Fort, Sagar, Madhya Pradesh

सानौधा का किला, सानौधा गांव, सागर  जिला -  Sanodha ka kila, Sanaudha Village, Sagar District सानौधा का किला सागर जिले का एक ऐतिहासिक किला है। यह किला सागर जिले के सानौधा गांव में है। यह किला बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। सानौधा का किला में आपको सुंदर बुर्ज देखने के लिए मिलते हैं। इसकी ऊंची ऊंची दीवारें देखने के लिए मिलती है। इसकी दीवारों में ऊपर की तरफ सुंदर डिजाइन बना हुआ है, जो आप देख सकते हैं, जो दूर से ही देखने में बहुत सुंदर लगती हैं। यह किला देखने में बहुत सुंदर लगता है। इस किले में अभी कुछ समय पहले मरम्मत का काम किया गया है। सानौधा के किले में हम लोगों को एक बहुत बड़ा सांप देखने के लिए मिला। उसको देखकर हम लोग बहुत डर गए थे। आप यहां पर घूमने जाते हैं, तो संभल कर जाये।  सानौधा का किला   चौ कोर आकार का है। इस किले में 2 मंजिल है। यह किला में आपको आंगन देखने के लिए मिल जाएगा और यहां पर कमरे भी बने हुए हैं। इस किले का कुछ भाग खंडित अवस्था में यहां पर देखने के लिए मिलता है। किले की बाहरी दीवार में आपको कोने में बुर्ज देखने के लिए मिलते हैं। यह बुर्ज बहुत सुंदर लगते है। इन बुर्ज म

गढ़ाकोटा का किला सागर, मध्य प्रदेश - Garhakota Fort Sagar, Madhya Pradesh

गढ़ाकोटा का किला,  गढ़ाकोटा तहसील,  सागर सिटी -  Garhakota ka kila , Garhakota Tehsil, Sagar City गढ़ाकोटा का किला सागर शहर का एक प्राचीन किला है। यह किला खंडहर अवस्था में गढ़कोटा में स्थित है। गढ़ाकोटा का किला सोनार और गधेरी नदी के संगम के पास में स्थित है। यह किला बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। इस किले में आपको प्राचीन महल के अवशेष देखने के लिए मिलेंगे। वैसे अब इस किले का कोई खास रखरखाव नहीं किया जाता है। यह किला ऐसे ही वीरान पड़ा हुआ है। इस किले में बहुत बड़ी-बड़ी दीवारे हैं और बहुत बड़े-बड़े बुर्ज भी देखने के लिए मिलते हैं। इस किले के अंदर हम लोगों को मोर भी देखने के लिए मिला था। मगर हम लोग मोर बाहर से ही देखे थे। इस किले के अंदर नहीं गए थे। गढ़ाकोटा किले के अंदर आपको बादल महल  और रंग महल के खंडहर देखने के लिए मिल जाएंगे। इस किले में बड़ी-बड़ी झाड़ियाँ है। आप अगर इस किले में घूमने के लिए जाते हैं, तो ग्रुप के साथ घूमने के लिए जाए। यह किला पूरी तरह से जंगल में बदल गया है।  हम लोग गढ़ाकोटा का किला घूमने के लिए गए थे। यह किला सोनार और गधेरी नदी के संगम के पहले बना हुआ है। हम लोग अपनी गाड़ी

रहली का किला सागर - Rehli Fort, Sagar City

रहली का किला,  रहली तहसील, सागर -  Rehli ka kila, Rehli tehsil, sagar city रहली का किला सागर जिले का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक किला है। यह एक प्राचीन किला है। रहली का किला सागर जिले की रहली तहसील में स्थित है। यह किला सुनार और देहार नदी के संगम पर बना हुआ है। यह किला अब खंडहर अवस्था में है। इस किला के अंदर जाने नहीं दिया जाता है।  आप इस किले को बाहर से ही देख सकते हैं। इस किले की बाहरी दीवार अभी भी अच्छी तरह से खड़ी है। कहीं कहीं की दीवारें गिर गई हैं। इस किले में आपको बुर्ज देखने के लिए मिलते हैं, जो सुंदर लगते हैं। हम लोग सुनार नदी को पार करके इस किले को देखने के लिए आए थे। मगर इस किले का गेट बंद था। यह किला पूरी तरह जर्जर हालत में बदल गया है, जिससे आप इस किले के अंदर नहीं जा सकते हैं। इस किले को बाहर से ही देख सकते हैं। इस किले के बाहर आपको बहुत सारे प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। इस किले के बाजू में ही शनि भगवान जी का मंदिर बना हुआ है, जो आप देख सकते हैं। यह मंदिर बहुत प्राचीन है और यहां पर आपको शनि भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिल जाते हैं। यह मंदिर प्रसिद्ध है।  अगर आप सुना

सूर्य मंदिर रेहली सागर - Sun Temple Rehli Sagar

सूर्य मंदिर रहली और श्री महादेव मंदिर रहली - Surya Mandir Rehli and Shri Mahadev Temple Rehli रहली का सूर्य मंदिर मध्य प्रदेश का सबसे पुराना सूर्य मंदिर है। यह मंदिर प्राचीन है। यह मंदिर सागर जिले के रहली तहसील में स्थित है। यह मंदिर रहली तहसील में सोनार और देहार नदी के संगम पर बना हुआ है। इस मंदिर में आकर आप लोगों को प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलता है और सुनार नदी का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। सूर्य मंदिर के बाजू में महादेव जी का बहुत बड़ा मंदिर बना हुआ है। महादेव जी की बहुत ही सुंदर शिवलिंग के दर्शन आपको यहां पर करने के लिए मिलते हैं।  रहली के सूर्य मंदिर में हम लोग अपनी गाड़ी से गए थे। हम लोग सुनार नदी पर बने हुए पुल को पार करके रहली के मंदिर में पहुचे थे। सुनार नदी पर अभी नया पुल बन रहा है। आने वाले समय में आपको यहां पर नया ब्रिज देखने के लिए मिलेगा। हम लोग अभी छोटे ब्रिज से इस मंदिर में पहुंचे थे। छोटे ब्रिज के बाजू में ही आपको यह मंदिर देखने के लिए मिलेगा। सबसे पहले आपको महादेव जी का मंदिर देखने के लिए मिलेगा। महादेव जी के मंदिर के बाहर ही नाग देवता और शिवलिंग विराजमा

टिकीटोरिया मंदिर रहली सागर - Tikitoriya Devi Temple Rehli Sagar city

टिकीटोरिया तीर्थ स्थल - मां दुर्गा मंदिर रहली /  Tikitoria pilgrimage site -  Maa Durga Temple R ehli sagar mp टिकीटोरिया मंदिर सागर जिले का एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। यह मंदिर मां दुर्गा जी को समर्पित है। यह मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। टिकीटोरिया मंदिर सागर जिले की रहली तहसील में स्थित है। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। टिकीटोरिया मंदिर एक प्राचीन मंदिर है। यहां पर आपको बहुत सारी प्राचीन मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं। यह मंदिर बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है और यहां पर सभी प्रकार की सुविधाएं मिल जाती हैं।  रहली तहसील में स्थित टिकीटोरिया मंदिर ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यहां पर हम लोग अपनी स्कूटी से गए थे। हम लोगों अपनी गाड़ी एंट्री गेट के सामने ही खड़ी कर दी थी, क्योंकि यहां पर सभी की गाड़ियां खड़ी थी। टिकीटोरिया मंदिर के तरफ जाने वाले रास्ते के दोनों तरफ आपको प्रसाद की दुकान देखने के लिए मिलती है और प्रसाद वाले दुकानदार जब आप मंदिर की तरफ जाते हैं, तो आपसे प्रसाद लेने के लिए कहते हैं। अगर आप प्रसाद लेना चाहते हैं, तो ले सकते हैं। हम लोगों ने प्रसाद नहीं लिया था। उसके बाद