सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

पोस्ट

बाबा तालाब और शिव मंदिर मैहर - Baba Talab and Shiva Temple Maihar

बाबा तालाब और शिव मंदिर मैहर - Baba Talab and Shiva Mandir Maihar   बाबा तालाब मैहर में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यहां पर आपको एक तालाब देखने के लिए मिलता है और तालाब के किनारे पर एक शिव मंदिर बना हुआ है। आप यहां पर जब भी मैहर में आकर चार धाम की यात्रा करते हैं, तो आप इस रास्ते से जरूर को निकलते हैं, क्योंकि यह रास्ता सतना हाईवे रोड में स्थित है।     इस रास्ते में ही आपको बड़ी खेरमाई मंदिर देखने के लिए मिलता है। आप इस मंदिर में भी आ सकते हैं। इस मंदिर में ज्यादा लोग नहीं आते हैं। यह मंदिर ज्यादा फेमस नहीं है। मगर यह मंदिर प्राचीन है। इस मंदिर के इस मंदिर की बनावट भी बहुत खूबसूरत है और यह सफेद कलर से पोता हुआ है, तो बहुत खूबसूरत लगता है। इस मंदिर के पीछे आपको तालाब देखने के लिए मिल जाता है, जिसे बाबा तालाब के नाम से जाना जाता है।  यह तालाब जो है, बहुत प्राचीन है। इस तालाब के किनारे आपको बहुत सारी छतरियां देखने के लिए मिल जाती है।     मंदिर में एक पुजारी रहते हैं। जब हम लोग गए थे। तब वह पुजारी नहीं थे। मगर वह मंदिर में ही रहते हैं। उनका सामान आपको मंदिर में देखने के लिए मिल जाता है। हम

मंदाकिनी नदी चित्रकूट - Mandakini River Chitrakoot

मंदाकिनी नदी चित्रकूट -  Mandakini River Chitrakoot / मंदाकिनी नदी का उद्गम स्थल / Origin point of Mandakini river   मंदाकिनी नदी चित्रकूट की सबसे प्राचीन नदी है। मंदाकिनी नदी के किनारे ही चित्रकूट शहर बसा हुआ है। चित्रकूट में बहुत सारे धार्मिक स्थल मौजूद है। चित्रकूट में वनवास काल के दौरान ही राम जी आए थे और उन्होंने यहां पर अपना अधिकांश समय बिताया है। जब राम जी वनवास काल के दौरान चित्रकूट आए थे, तो उन्होंने मंदाकिनी नदी में ही स्नान किया था। इसलिए यहां पर रामघाट बना हुआ है।     मंदाकिनी नदी का उद्गम स्थल -  M andakini Nadi ka Udgam sthal मंदाकिनी नदी का उद्गम स्थल चित्रकूट के सती अनसूया का मंदिर है। यह  मंदिर पहाड़ों के और जंगलों के बीच में बना हुआ है। यहां पर ही मंदाकिनी नदी का उद्गम हुआ है। कहा जाता है कि अत्रि ऋषि की पत्नी माता अनसूया के तपोबल के द्वारा ही मंदाकिनी नदी का उद्गम हुआ है। यहां पर आपको पहाड़ों से आता हुआ पानी देखने के लिए मिलेगा, जो एक जलकुंड में आता है।     अब यह जलकुंड पक्का बना दिया गया है। आप यह जलकुंड देख सकते हैं और पहाड़ों से आता हुआ पानी भी आपको यहां पर द

बड़ी खेरमाई मंदिर मैहर - Badi Khermai Temple Maihar

बड़ी खेरमाई मंदिर मैहर - Badi Khermai Mandir Maihar / मैहर के मंदिर   बड़ी खेरमाई मंदिर मैहर में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि बड़ी खेरमाई मैहर वाली शारदा माता की बड़ी बहन है और जो कोई भी मैहर वाली शारदा माता के दर्शन करने आता है। उन्हें इस मंदिर में बड़ी खेरमाई माता के दर्शन करने जरूर आना चाहिए। इस मंदिर में आपको बड़ी खेरमाई के दर्शन करने के लिए मिलते हैं।     मैहर के बड़ी खेरमाई मंदिर में आपको एक बावली भी देखने के लिए मिलती है। यह बावड़ी देखने में बहुत ही पुरानी लगती है। इस बावड़ी को ऊपर से कवर कर दिया गया है, ताकि कोई व्यक्ति इस बावड़ी में गिरे ना। इस बावड़ी में नीचे जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। यह बावड़ी मंदिर के बहुत पास ही में स्थित है।     आप बड़ी खेरमाई मंदिर घूमने के लिए आते हैं, तो 12 बजे के पहले आ जाइए, क्योंकि 12 बजे के बाद बड़ी खेरमाई मंदिर के पट बंद हो जाता है, तो आपको माता के दर्शन करने नहीं मिलेंगे।     मैहर के बड़ी खेरमाई मंदिर हम लोग ऑटो से आए थे। ऑटो वाले ने हमें बड़ी खेरमाई मंदिर के गेट में ही छोड़ दिया था। यहां पर प्रसाद की दुकान आपको

बड़ा अखाड़ा मैहर - Bada Akhada Maihar / श्री सर्व देव रामेश्वरम मंदिर

बड़ा अखाड़ा मंदिर मैहर - Bada Akhada Mandir Maihar   बड़ा अखाड़ा मैहर शहर का एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। बड़ा अखाड़ा मंदिर में आपको शिव भगवान जी का एक बहुत बड़ा शिवलिंग देखने के लिए मिलता है, जो मंदिर के ऊपर बना हुआ है। यहां पर आपको बहुत सारे शिवलिंग देखने के लिए मिलते हैं। शायद इन शिवलिंग  की संख्या 101 है। यहां पर आश्रम भी बना हुआ है, जहां पर ब्राह्मणों को शिक्षा दीक्षा दी जाती है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है।     हम लोग भी बड़ा अखाड़ा ऑटो से घूमने गए थे। हम लोगों ने ऑटो बुक किया था। मैहर में चार धाम की यात्रा करने के लिए। मैहर में आपको चार प्रमुख मंदिर घूमने के लिए मिल जाते हैं और इन्हीं मंदिर को मैहर के चार धाम मंदिर कहा जाता है। हम लोग बड़ा अखाड़ा मंदिर पहुंचे, तो यहां पर हम लोगों को शिव मंदिर देखने को मिला। शिव मंदिर बहुत खूबसूरत था और मंदिर के ऊपर बहुत बड़ा शिवलिंग भी बना हुआ था। इस मंदिर को श्री सर्व देव रामेश्वरम मंदिर कहा जाता है। इस मंदिर के ऊपर यह नाम लिखा था। मंदिर के अंदर हम लोग गए, तो हम लोगों को यहां पर ढे

गोलामठ मंदिर मैहर - Golamath Temple Maihar / Maihar ke Mandir

गोलामठ मंदिर मैहर -   G olamath Mandir Maihar   गोला मठ मंदिर मैहर में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह पूरा मंदिर पत्थर से बना हुआ है। गोला मठ मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है। इस मंदिर में शिव भगवान जी का शिवलिंग विराजमान है। गोला मठ मंदिर के गर्भ गृह में शिवलिंग विराजमान है और मंदिर के बाहर नंदी भगवान की पत्थर की प्रतिमा विराजमान है। इस मंदिर की दीवारों में आपको नक्काशी देखने के लिए मिलेगी, जो पत्थर पर उकेर कर की गई है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है। यहां के लोगों का यह मानना है, कि यह मंदिर एक रात में तैयार किया गया है। आप यहां पर जाकर इस मंदिर की सुंदरता को देख सकते हैं।     गोला मठ मंदिर का इतिहास - History of Gola Math Temple गोला मठ के नाम से प्रसिद्ध मंदिर शिव को समर्पित है। नागर शैली में निर्मित पूर्वाभिमुख, पंचरथी मंदिर की लंबवत योजना में अधिष्ठान जंघा, शेखर एवं तल योजना में गर्भगृह, अंतराल एवं स्तंभों पर आधारित मुख्य मंडप प्रमुख अंग है। मंडप की छत शतदल कमल अलंकरण युक्त है। इसके स्तंभों का निचला भाग अष्टकोण एवं उपरी भाग षोडश कोणीय है। स्तंभ शीर्ष गोलाकार है, जिनके ऊपर भार वाहक क

शारदा माता मंदिर मैहर मध्य प्रदेश - Sharda Mata Mandir Maihar Madhya Pradesh

माँ शारदा मन्दिर मैहर -  Sharda Mata Mandir Maihar / मैहर माता का मंदिर / मैहर की शारदा माता मैहर का शारदा माता का मंदिर पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। हम लोग भी इस मंदिर में दर्शन करने के लिए जनवरी महीने में गए थे। मैहर के शारदा माता के मंदिर को शक्तिपीठ माना जाता है और कहा जाता है कि इस मंदिर में मांगी जाने वाली हर मनोकामना पूरी होती है। शारदा माता का मंदिर ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। इस पहाड़ी को त्रिकूट पहाड़ी के नाम से जाना जाता है। शारदा माता जी के मंदिर में आपको माता जी की भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। मुख्य मंदिर के प्रवेश द्वार में आपको दो शेर की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। मंदिर के अंदर आपको और भी प्रतिमाएं देखने के लिए मिल जाती हैं।    मैहर माता की कहानी - Story of maihar mata मैहर का शारदा माता का मंदिर एक महत्वपूर्ण शक्तिपीठ है।  कहा जाता है कि इस स्थल पर मां सती का हार गिरा था। इसलिए यह 1 शक्तिपीठ है। शारदा माता मंदिर के बारे में बहुत सारे रहस्यमई तथ्य है। जिसमें से एक तथ्य है, कि शारदा माता मंदिर में हर रोज सुब

हनुमान धारा चित्रकूट मध्यप्रदेश - Hanuman Dhara Chitrakoot Madhya Pradesh

हनुमान धारा चित्रकूट - Hanuman Dhara Chitrakoot / सीता रसोई चित्रकूट / हनुमान मंदिर चित्रकूट हनुमान धारा चित्रकूट में स्थित एक प्राचीन और धार्मिक स्थल है। हनुमान धारा पर आपको हनुमान जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है, जो ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको सीढ़ियां चढ़ने पड़ती है। हनुमान जी के मंदिर के ऊपर सीता जी की रसोई आपको देखने के लिए मिलती है, जहां पर सीता जी ने ऋषियों के लिए खाना बनाया था। यहां पर आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर आपको एक जलधारा भी देखने के लिए मिलती है, जो पहाड़ियों से बहती है। यह जलधारा हमेशा ही बहती है। इसके अलावा बरसात में आपको यहां पर झरना देखने के लिए मिलता है।     हनुमान धारा का महत्व - Importance of Hanuman Dhara हनुमान धारा के बारे में कहा जाता है, कि जब हनुमान जी ने लंका पर आग लगाई थी, तो उनकी पूछ में जो आग लगी थी।  उसकी जलन शांत नहीं हो रही थी। उसकी जलन शांत करने के लिए हनुमान जी राम जी के पास गए, तो राम जी ने उन्हें चित्रकूट के इस जगह के बारे में बताया और कहा कि आप वहां जाइए। वहां पर जल की एक धारा निकलेगी, जिससे

स्फटिक शिला चित्रकूट मध्य प्रदेश - Sphatik Shila Chitrakoot Madhya Pradesh

स्फटिक शिला चित्रकूट - Sphatik Shila Chitrakoot / स्फटिक शिला / मंदाकिनी नदी   स्फटिक शिला चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के किनारे पर स्थित बहुत ही सुंदर स्थल है। यह स्थल बहुत ही पवित्र है और यहां पर आपको एक प्राचीन शिला देखने के लिए मिलती है। इस शिला के बारे में कहा जाता है, कि इस शिला में श्री राम जी और माता सीता जी आराम करते थे और प्रकृति के नजारो का लुफ्त उठाते थे। यह शिलाखंड मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित है।     स्फटिक शिला राम दर्शन संग्रहालय के बहुत करीब है। हम लोग जब यहां पर गए थे, तो हमारे ऑटो वाले ने हमें स्फटिक शिला के बहुत करीब उतार था। यहां पर उस टाइम ज्यादा भीड़ नहीं थी। यहां पर चने बेचने वाले और मछलियों का दाना बेचने वाले आपको देखने के लिए मिलते हैं, तो अगर आप चाहें तो मछलियों का दाना और चने ले सकते हैं। बंदरों को खिलाने के लिए। उसके बाद हम लोग स्फटिक शिला के पास गए, तो वहां पर एक पंडित जी बैठे थे, जो हमें इस शिला के बारे में जानकारी दिए।       स्फटिक शिला चित्रकूट का महत्व -  Importance of Sphatik Shila Chitrakoot स्फटिक शिला में श्री राम जी और माता सीता जी विश्राम कि

सती अनुसुइया चित्रकूट - Sati Anusuiya Chitrakoot

सती अनसूया चित्रकूट /  सती अनुसुइया / सती अनसूया मंदिर / परमहंस आश्रम चित्रकूट सती अनसूया मंदिर चित्रकूट की एक अद्भुत जगह है। यहां पर आपको प्रकृति का अनोखा दृश्य और एक भव्य मंदिर देखने के लिए मिलता है, जो माता सती अनुसुइया को समर्पित है। यहां पर परमहंसी आश्रम आपको देखने के लिए मिलता है। परमहंसी आश्रम में माता सती अनुसुइया जी का मंदिर है। मंदिर के अंदर आपको संतों की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। मंदिर की दीवारों पर आपको रामायण के बहुत सारे दृश्यों को चित्रों के माध्यम से और मूर्तियों के माध्यम से दर्शाया गया है।      सती अनुसुइया का महत्व - Importance of Sati Anusuiya मान्यताओं के अनुसार त्रिदेव पूज्य महर्षि अत्रि एवं माता अनसूया की तपोस्थली है। इसी स्थान पर माता अनुसुइया ने अपने तप के बल से ब्रह्मा जी विष्णु जी और शंकर जी को बालक के रूप में परिवर्तित कर दिया था और यहीं पर माता अनुसुइया ने माता सीता को पति धर्म के गूढ उपदेश दिए थे। यहीं पर माता अनुसुइया के तपोबल से मंदाकिनी गंगा का उद्गम हुआ था।     सती अनसूया मंदिर हम लोग ऑटो से गए थे। ऑटो वाले ने हम लोगों को सती अनसूया मंदि