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झांसी पर्यटन स्थल - Places to visit in Jhansi | Jhansi tourist places in hindi

झांसी के दर्शनीय स्थल - Jhansi ki famous jagah | Jhansi sightseeing | Jhansi places to visit| झांसी के प्रसिद्ध स्थान झांसी में घूमने की जगहें Jhansi mein ghumne ki jagah झांसी का किला -  Jhansi ka kila झांसी का किला झांसी शहर का एक मुख्य आकर्षण है। झांसी का किला झांसी रेलवे स्टेशन के बहुत करीब है। आप यहां पर आकर घूम कर अपने इतिहास के बारे में जान सकते हैं। झांसी के किले का निर्माण ओरछा के राजा वीर सिंह जूदेव ने 1613 में करवाया था। झांसी का किला उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में स्थित है। झांसी जिले को प्राचीन काल में बलवंत नगर के नाम से जाना जाता था। झांसी का किला बंगरा नाम की पहाड़ी पर बना है। किले में 10 गेट है - इनमें से कुछ गेट महत्वपूर्ण है। दतिया गेट, उन्नाव गेट, लक्ष्मी गेट, सागर गेट, ओरछा गेट और चांद गेट हैं। यह किला बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। इसलिए इस किले में  घूमने में आपको करीब 3 से 4 घंटे लग सकते हैं। किले में प्रवेश करने के लिए आपको टिकट लेना पड़ता है। टिकट ऑनलाइन भी आपको मिल जाता है। किले में पार्किंग की व्यवस्था भी है।  झांसी के किले के अंदर देखने के लिए बहुत सारी

ग्वालियर पर्यटन स्थल - Gwalior tourist places | Best places to visit in gwalior

ग्वालियर के दर्शनीय स्थल - Gwalior ki famous jagah | Gwalior sightseeing | ग्वालियर के प्रसिद्ध स्थान | Places to visit near gwalior | Gwalior paryatan ग्वालियर में घूमने वाली जगह Gwalior mein ghumne wali jagah ग्वालियर का किला ग्वालियर का किला पूरे देश में प्रसिद्ध है। ग्वालियर का किला ग्वालियर में स्थित एक प्रमुख दर्शनीय स्थल है। ग्वालियर किले के अंदर ही बहुत सारी जगह है, जो देखने लायक है।  ग्वालियर का किला एक ऊंचे पर्वत पर स्थित है। इस पर्वत से आपको पूरे शहर का नजारा देखने के लिए मिल जाता है। आप यहां पर आ कर किले का भ्रमण कर सकते हैं। ग्वालियर  किला घूमने में आपको 1 दिन पूरा लग सकता है। यह किला  बहुत बड़ा है और बहुत खूबसूरत है। हर एक चीज देखने लायक है, इसलिए आप यहां पर आते हैं, तो अपना समय निकाल कर आये। यह किला रेलवे स्टेशन से करीब 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ग्वालियर का किला तीसरी शताब्दी में बनाया गया था। ग्वालियर का किला लाल बलुआ पत्थर से बना है। यह किला देश के सबसे बड़े किले में से एक है।  ग्वालियर किले में घूमने वाली जगह -  Places to visit in Gwalior Fort भीम सिंह राणा की छत्

मुरैना दर्शनीय स्थल - Places to visit in Morena | Morena tourist places

मुरैना पर्यटन स्थल - Morena Tourism | Tourist places in Morena |  मुरैना में घूमने की जगह |  मुरैना शहर मुरैना शहर के प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल Famous Places to Visit in Morena Cit y बटेश्वर मंदिर मुरैना - B ateshwar temple बटेश्वर मंदिर मुरैना शहर के प्राचीन धरोहर  हैं।  यहां पर आपको प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलते है। यह मंदिर हजारों साल पुराने हैं।  यहां पर 200 से भी ज्यादा मंदिर है। मगर बहुत सारे मंदिर नष्ट हो गए हैं। अभी आपको करीब 100 मंदिर ही देखने के लिए मिल जाएंगे। इनमें से अधिकतर मंदिर भगवान शिव  जी को समर्पित है। यह मंदिर पूरी तरह पत्थर से बने हुए हैं और इन मंदिरों में  नक्कशी गई है, जो बहुत ही खूबसूरत है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह मंदिर ग्वालियर से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और मुरैना से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह मंदिर मुरैना जिले की पदावली गांव के पास स्थित है। आप यहां पर अपने वाहन से आसानी से आ सकते हैं। बटेश्वर के मंदिर गुर्जर एवं प्रतिहार वास्तुकला में बनाए गए हैं। बटेश्वर के मंदिर को पुरातात्विक विभाग द्वारा दोबारा बनाया गया है, क्योंकि यह म

Gadisar Lake Jaisalmer - गड़ीसर झील जैसलमेर | Gadisar | जैसलमेर का दर्शनीय स्थल

गड़ीसर झील Gadsisar lake | G adisar lake history गड़ीसर झील जैसलमेर गड़ीसर झील जैसलमेर गड़ीसर झील जैसलमेर में स्थित प्रसिद्ध दर्शनीय स्थलों में से एक है। आप यहां पर अपने शाम का समय आकर बहुत अच्छा बिता सकते हैं। हम लोग इस झील में शाम के 4 बजे पहुंचे होंगे। यह झील हमारे होटल के बहुत करीब थी, तो हम लोग पैदल ही इस झील तक आ गए थे।  गड़ीसर झील जैसलमेर शहर में ही स्थित है। यहां पर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यह बहुत बड़ी झील है। गड़ीसर झील के किनारे पर आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिल जाते हैं। यह जो मंदिर है, वह पत्थर के बने हैं। यहां पर हम लोग झील के किनारे एक मंदिर में गए थे, जो शंकर भगवान जी को समर्पित था। यह मंदिर पूरी तरह पत्थर से बना हुआ था और बहुत खूबसूरत लग रहा था।  गड़ीसर झील के पास बहुत सारी दुकानें लगी रहती हैं। इन दुकानों में आपको तरह-तरह का सामान मिलता है। आप यहां पर आकर खासतौर पर राजस्थानी सामान की शॉपिंग कर सकते हैं। यहां पर आपको राजस्थानी ड्रेस मिल जाती है। राजस्थानी बैग मिल जाएंगे और यहां पर आपको राजस्थानी कड़े भी मिल जाते हैं। यहां पर आप आकर अलग-अलग तरह के सामान ले सकते हैं। हम ल

Narmada sangam sthal or Narmada sangam ghat mandla - Narmada or Banjar nadi ka sangam

नर्मदा संगम स्थल या नर्मदा संगम घाट मंडला - नर्मदा और बंजर नदी का संगम   नर्मदा संगम घाट नर्मदा संगम घाट नर्मदा संगम स्थल या नर्मदा संगम घाट मंडला जिले का एक प्रमुख दर्शनीय स्थल है। यहां पर नर्मदा नदी और बंजर नदी का संगम हुआ है, इसलिए इसे संगम घाट कहा जाता है। यहां पर बहुत बड़ा घाट बना हुआ है। आप यहां पर आकर इस घाट में घूम सकते हैं। घाट के आस पास बहुत सारे प्राचीन मंदिर बने हुए हैं। आप इन मंदिरों में भी घूम सकते हैं। नर्मदा नदी और बंजर नदी मंडला शहर की एक प्रमुख नदी है।    यहां पर आपको नर्मदा नदी का बहुत ही अद्भुत दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर नर्मदा नदी सी आकार की आपको देखने के लिए मिलती है। आप यहां पर बोटिंग का मजा ले सकते हैं। बोटिंग का चार्ज भी नॉर्मल रहता है। आप इस जगह से नाव  के द्वारा नर्मदा नदी के एक किनारे से दूसरे किनारे पर जा सकते हैं। आपको नर्मदा नदी के दूसरे किनारे पर मंडला का किला देखने के लिए मिलता है। यह किला अब खंडहर में तब्दील हो चुका है। मगर अपने समय में यह किला बहुत ही भव्य था। नर्मदा नदी के दूसरे किनारे पर आपको एक भव्य मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर पु

रानी दुर्गावती समाधि स्थल - Rani Durgavati Samadhi | रानी दुर्गावती

रानी दुर्गावती समाधि - Rani Durgavati Samadhi sthal | Rani Durgavati punyatithi | रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस रानी दुर्गावती समाधि स्थल रानी दुर्गावती समाधि स्थल 26 जनवरी को लगने वाला मेला मेले में मिलने वाला सामान रानी दुर्गावती एक गोंड रानी थी। रानी दुर्गावती का विवाह गोंड शासक संग्राम सिंह के बड़े पुत्र दलपति शाह के साथ सन 1542 में हुआ था। सन 1545 में रानी दुर्गावती  ने  पुत्र को जन्म दिया, जिसका नाम उन्होंने वीरनारायण रखा। कुछ ही वर्ष पश्चात सन 1550 में उनके पति दलपति शाह की मृत्यु हो गई। रानी ने शासन को अपने अधीन कर लिया और शासन की बागडोर संभाल ली। अकबर अपने राज्य का विस्तार कर रहा था, इसलिए उसने रानी के राज को हड़पने का सोचा। रानी दुर्गावती की मृत्यु कैसे हुई - R ani durgavati died अकबर का मानिकपुर का सूबेदार आसिफ अब्दुल मजीद आसिफ खा ने 50000 सैनिकों के साथ  नरई  नाले के समीप रानी दुर्गावती पर आक्रमण किया। रानी ने अपनी सेना के साथ उसका डटकर सामना किया और उसे मुंहतोड़ जवाब दिया और उसे पीछे धकेल दिया। दूसरे दिन आसिफ खा ने तोपखाने के साथ आक्रमण किया, जिससे रानी दुर्गावती को

जबलपुर पर्यटन स्थल - Jabalpur sightseeing | Tourist places near jabalpur

जबलपुर दर्शनीय स्थल - Jabalpur tourist spot | Best places to visit in jabalpur | Picnic spots near jabalpur | Jabalpur famous places जबलपुर में घूमने की जगहें - Jabalpur tourist place in hindi बरगी बांध जबलपुर धुआंधार झरना जबलपुर  बगदरी जलप्रपात जबलपुर निदान जलप्रपात जबलपुर धुआंधार जलप्रपात - D huandhar jalprapat धुआंधार जलप्रपात जबलपुर शहर का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। धुआंधार जलप्रपात जबलपुर शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर भेड़ाघाट के पास स्थित है। आप इस जलप्रपात तक बस द्वारा, ऑटो द्वारा या अपने स्वयं के वाहन द्वारा पहुंच सकते हैं। यहां पर आपको नर्मदा नदी पर खूबसूरत जलप्रपात देखने के लिए मिलता है। यह जलप्रपात संगमरमर की चट्टानों से बहता है, जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। इस जलप्रपात में ऊंचाई से पानी नीचे गिरने के कारण धुआ निकलता है, इसलिए इस जलप्रपात को धुआंधार जलप्रपात कहते हैं। इस जलप्रपात के आस पास बहुत सारी जगह है, जहां पर आप घूम सकते हैं। यहां पर आप संगमरमर की वादियां देख सकते हैं। संगमरमर की वादियों के बीच से ही नर्मदा नदी बहती है। यह जगह बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर गाड़ी से प