मंडला का किला - Mandla Fort | Mandla ka kila | मंडला का दर्शनीय स्थल

मंडला का किला - Mandla ka kila | नरेंद्र शाह बुर्ज | सतखंडा महल | मंडला शहर

मंडला का किला - Mandla Fort | Mandla ka kila | मंडला का दर्शनीय स्थल

नरेंद्र शाह बुर्ज


मंडला का किला - Mandla Fort | Mandla ka kila | मंडला का दर्शनीय स्थल

नरेंद्र शाह बुर्ज


मंडला का किला मंडला शहर में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यह किला नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यह किला खंडहर अवस्था में यहां पर मौजूद है। यह किला बहुत बड़े क्षेत्र में फैला है। मगर अब यह किला धीरे.धीरे समाप्त होते जा रहा है। यहां पर स्थानीय लोगों द्वारा अतिक्रमण करके घर बना लिया गए हैं और आपको किले के खंडहर ही देखने के लिए मिलते हैं। इस किले में आने के लिए आपको एक पतली सी सड़क देखने के लिए मिलती है। इस सड़क के नीचे एक नाला है। यह नाला यहां के राजा के द्वारा खुदवाया गया था। यह नाला अब गंदे पानी से भरा हुआ है। मगर प्राचीन समय में इस नाले के दोनों छोर नर्मदा नदी को छूते थे और इस नाले में मगरमच्छ एवं जहरीले सांपों को रखा जाता था। ताकि बाहर से कोई भी आक्रमण हो, तो किले की रक्षा की जा सके। मंडला का किला कि ज्यादा देखरेख नहीं की जा रही है। अब यह किला चमगादड़ का घर बन गया है। आप यहां पर आते हैं, तो आपको यहां पर चमगादड़ देखने के लिए मिलते हैं और चमगादड़ इस किले को बहुत गंदा करते हैं। यहां पर बहुत ज्यादा बदबू भी आती है। 


मंडला किला के इतिहास के बारे में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है। मगर यह किला राजा शंकर शाह रघुनाथ जी ने बनवाया था। आप यहां पर आते हैं, तो यहां पर आपको नरेंद्र शाह बुर्ज देखने के लिए मिलता है। यह बुर्ज भी अब खंडहर अवस्था में है। बुर्ज का प्रयोग पुराने समय में वॉच टावर के की तरह किया जाता था। नरेंद्र शाह बुर्ज में ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां है। आप इन सीढ़ियों से ऊपर जा सकते हैं और चारों तरफ का दृश्य देख सकते हैं। इस बुर्ज के ऊपर से नर्मदा नदी का बहुत ही अद्भुत दृश्य आपको देखने के लिए मिलता है। यह स्थान नरेंद्र शाह रघुनाथ की जन्मस्थली भी है। आपको इस बुर्ज के आस पास बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको प्राचीन हनुमान जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है और शीतला माता जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है और राजराजेश्वरी माता जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह सारे मंदिर प्राचीन है और आप इन मंदिरों की डिजाइन देख सकते हैं, जो बहुत ही अद्भुत लगती हैं। आप नरेंद्र शाह बुर्ज के थोड़ा आगे जाते हैं, तो आपको यहां पर नर्मदा नदी के किनारे सतखंडा महल देखने के लिए मिलता है। सतखंडा महल बहुत खूबसूरत महल है और अभी भी अच्छी हालत में मौजूद है। आप इस महल को देख सकते हैं। इस महल में शिवलिंग विराजमान है। बरसात के समय नर्मदा नदी में बाढ़ आती है, जिसके कारण महल में पानी भर जाता है और शिवलिंग पूरी तरह से पानी में डूब जाता है। बाढ़ का पानी जब कम होता है, तो शिवलिंग पूरी तरह मिट्टी में ढक जाता है। आप यहां पर आते हैं, तो आप यह देख सकते हैं, क्योंकि हम लोग भी यहां बरसात के बाद गए थे, तो हम लोगों को इस तरह का दृश्य यहां पर देखने के लिए मिला था।आप इस किले में घूमने के लिए आते हैं, तो यहां पर आपको बहुत सारे लोग मछली सूखते हुए देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर बहुत सारे स्थानीय लोग मछली पकड़ते हैं और मछली सुखाते हैं। यहां पर बहुत सारे लोगों का रोजगार का साधन यही है और यहां पर आपको मछलियों की बदबू आती है। 


मंडला किले के आस पास बहुत सारी जगह है, जहां पर आप घूम सकते हैं और आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। सतखंडा महल में आप नर्मदा नदी के उस पार भी जा सकते हैं। यहां पर बोटिंग की सुविधा उपलब्ध है और आप यहां पर बोटिंग का मजा ले सकते हैं। नर्मदा नदी के उस पर आपको राधे कृष्ण जी का बहुत ही भव्य मंदिर देखने के लिए मिलता है, जो सफेद रंग का है और बहुत खूबसूरत लगता है। यहां आकर आपको अच्छा लगेगा। 


मंडला का किला कहां स्थित है

मंडला का किला मुख्य मंडला शहर में स्थित है। मंडला का किला नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। आप इस किला में  आसानी से पहुंच सकते हैं। आप इस किले तक सड़क मार्ग से भी पहुंच सकते हैंए या आप चाहे तो नर्मदा नदी में बोटिंग करके भी पहुंच सकते हैं। संगम घाट से आप इस किले तक बोटिंग करके भी पहुंच सकते हैं। 


चौसठ योगिनी मंदिर भेड़ाघाट, जबलपुर

निदान कुंड जलप्रपात, दमोह

पचमढ़ी दर्शनीय स्थल

वीरांगना दुर्गावती वन्य जीव अभ्यारण


नीमच पर्यटन स्थल - Neemuch tourist place | Places to visit in Neemuch

नीमच  के दर्शनीय स्थल - Tourist places in Neemuch| Places to visit near Neemuch | Neemuch Tourism


नीमच में घूमने की जगहें


गांधी सागर बांध नीमच - Gandhi sagar dam Neemuch

गांधी सागर बांध नीमच जिले के पास स्थित एक महत्वपूर्ण आकर्षण स्थल है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। गांधी सागर बांध चंबल नदी पर बना हुआ सबसे बड़ा बांध है और चंबल नदी मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण नदी है। यह बाँध बहुत सुंदर है और विशाल है। गांधी सागर बांध चंबल घाटी परियोजना के अंतर्गत आता है। गांधी सागर बांध मध्यप्रदेश और राजस्थान की सीमा पर बनाया गया है। इस बांध के पानी का और बिजली का बंटवारा आधा-आधा दोनों राज्यों में होता है। यहां पर हाइड्रो पावर प्लांट भी बनाया गया है, जिससे 115 मेगावाट बिजली बनाई जाती है। इस पावर प्लांट में 5 छोटी छोटी इकाइयां स्थापित की गई है। इस बांध का निर्माण 1953  में बनना शुरू हुआ था और 1960 में बनकर तैयार हो गया। बरसात के समय अगर आप यहां पर आते हैं, तो गांधी सागर बांध पानी से पूरी तरह भरा होता है और इसके गेट खोले जाते हैं। इस बांध में 19 गेट है। यह गेट बरसात के समय खोले जाते हैं, जिससे अपार जल राशि निकलती है। इस दृश्य को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग बरसात के समय यहां पर आते हैं। आप यहां पर आते हैं, तो आपको यहां पर गार्डन भी देखने के लिए मिलता है। इस गार्डन को चंबल माता गार्डन के नाम से जाना जाता है। यह गार्डन बहुत खूबसूरत है। इस गार्डन से आपको गांधी सागर बांध का दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर वॉच टावर भी बने हुए हैं, जहां से आप को चंबल नदी के खूबसूरत दृश्य देखने मिलते हैं। इस गार्डन में आपको एक मूर्ति देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही खूबसूरत है। इस बांध का उद्घाटन 1960 में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु के द्वारा किया गया था। गांधी सागर बांध नीमच जिले से करीब 100 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर अपनी गाड़ी से पहुंच सकते हैं। 


नव तोरण मंदिर खोर नीमच - Nav Toran Temple Khor Neemuch

नव तोरण मंदिर नीमच जिले में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर नीमच जिले के खोर में स्थित है। यह मंदिर मुख्य नीमच शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है और यह मंदिर पत्थरों से बना हुआ है। मंदिर में आप आते हैं, तो आपको शिवलिंग देखने के लिए मिलता है। यहां पर आप वराह अवतार में विष्णु भगवान की प्रतिमा देख सकते हैं, जो पत्थर के बने हुए हैं। नव तोरण मंदिर 11वीं शताब्दी में बना हुआ था। इस मंदिर में 10 अलंकृत मेहराब है, या स्तंभ है। जिनमें खूबसूरत नक्काशी की गई है और उनमें मालाएं बनाई गई हैं। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं। 


समर कुंड महादेव मंदिर नीमच - Samer Kund Mahadev Temple Neemuch

समर कुंड महादेव मंदिर नीमच शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। इस मंदिर में आपको एक कुंड देखने के लिए मिलता है, जो बहुत सुंदर लगता है। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। यह मंदिर नीमच शहर से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पर महाशिवरात्रि को बहुत बड़ा मेले का आयोजन होता है। 


श्री भंवर माता मंदिर नीमच - Shri Bhanwar Mata Temple Neemuch

श्री भंवर माता मंदिर नीमच जिले के पास स्थित एक प्राचीन मंदिर है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं। इस मंदिर के आसपास घना जंगल स्थित है। यहां पर आपको बहुत सारे बंदर भी देखने के लिए मिलते हैं। आप यहां बंदरों से सावधान रहे हैं। यहां पर आपको मां दुर्गा की बहुत बड़ी प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही अद्भुत लगती है। आप यहां पर आ कर अपना समय बिता सकते हैं। यहां पर एक जलप्रपात भी है, जो बरसात के समय आपको देखने के लिए मिलता है। आपको यहां पर प्रकृति का बहुत अच्छा नजारा देखने को मिलेगा और यहां पर आपको हरियाली से भरी घाटी देखने के लिए मिलेगी। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। भंवर माता मंदिर प्रतापगढ़ जिले की छोटी सदरी तहसील से 3 किमी दूर स्थित है। यह मंदिर नीमच जिले से करीब 26 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर अपने वाहन से आ सकते हैं। आप यहां पर किराए से टैक्सी बुक करके भी आ सकते हैं। इस मंदिर को भंवर माता शक्ति पीठ के रूप में भी जाना जाता है। यहां पर आपको ज्यादा दुकानें देखने के लिए नहीं मिलेगी, इसलिए आप यहां पर आते हैं, तो आप अपनी तैयारी करके आएं। 


भंवर माता झरना नीमच - Bhanwar Mata Waterfall Neemuch

भंवर माता झरना भंवर माता मंदिर के पास स्थित एक प्राकृतिक जगह है। भंवर माता झरना नीमच शहर के पास स्थित एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आप बरसात के समय आते हैं, तो यहां पर आपको भंवर माता झरना देखने के लिए मिलता है। यह झरना बहुत खूबसूरत है और बरसात के समय पूरी तरह से पानी से भरा रहता है। आप इस झरने में नहाने का मजा भी ले सकते हैं। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यह जगह बहुत अच्छी है और चारों तरफ से प्राकृतिक वातावरण से घिरी हुई है। 


सुखानंद महादेव जी मंदिर - Sukhanand Mahadev Ji Temple Neemuch

सुखानंद मंदिर और आश्रम नीमच शहर में स्थित एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह धार्मिक स्थल है। यह स्थल भगवान शिव को समर्पित है। यहाँ पर भगवान शिव और संत सुखदेव जी का मंदिर है। यहां पर आपको भगवान शिव का शिवलिंग देखने के लिए मिलता है। यह जगह प्राकृतिक खूबसूरती से भरी हुई है। यहां पर बरसात के समय आपको झरना देखने के लिए मिलता है। यह झरना पहाड़ों से गिरता है, जो बहुत ही शानदार दृश्य लगता है। इस झरने में आप नहाने का मजा भी ले सकते हैं। यहां पर जलकुंड भी बना हुआ है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह मंदिर मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा पर स्थित है। यहां पर घूमने के लिए आया जा सकता है। सुखानंद धाम नीमच शहर से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर गाड़ी से आ सकते हैं। इस जगह का नाम सुखानंद है। यह जगह अपने नाम के अनुरूप है। सुखानंद का मतलब होता है सुख और आनंद। यहां पर आकर आपको आनंद ही मिलेगा और परम सुख मिलेगा। यहां पर आपको बहुत शांति मिलेगी।  प्राचीन समय में यहां पर सुखानंद मुनि ने तपस्या की थी इसलिए इस जगह को सुखानंद धाम के नाम से जाना जाता है। यहां पर प्राचीन गुफा है। यह एक दिन की सैर के लिए सबसे अच्छी जगह है। सुखानंद धाम के रास्ते में आपको हनुमान जी की एक मूर्ति देखने के लिए मिलती है, जो विशाल है। 


सीताराम जाजू सागर नीमच - Sitaram Jeju Sagar Neemuch

सीताराम जाजू सागर नीमच जिले में घूमने की अच्छी जगह है। यह एक जलाशय है। यह बहुत बड़ा जलाशय है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यहां पर आपको सूर्योदय एवं सूर्यास्त का बहुत ही मनोरम दृश्य देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर अपने दोस्तों के साथ आ सकते हैं।  इस बांध की कुल लंबाई 46.03 किलोमीटर है और बांध की जल संचयन क्षमता 78.12500 लाख किलोलीटर है। यह बांध नीमच जल प्रदाय योजना के अंतर्गत आता है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यह नीमच शहर के पास स्थित एक अच्छा पिकनिक स्थल है। आप यहां पर आकर गार्डन में भी घूम सकते हैं। यहां पर बहुत खूबसूरत गार्डन बना हुआ है। बरसात के समय डैम का पानी ओवरफ्लो होता है, जिसका नजारा बहुत ही मनोरम होता है। आप बरसात के समय यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको डैम में मगरमच्छ भी देखने के लिए मिल जाते हैं, क्योंकि डैम में मगरमच्छ भी है। 


श्री किलेश्वर महादेव मंदिर नीमच - Shri Kileshwar Mahadev Temple Neemuch

किलेश्वर महादेव मंदिर नीमच शहर में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। मंदिर में गार्डन भी स्थित है, जहां पर बहुत सारे झूले लगे हैं और बच्चे यहां पर खेल सकते हैं। आपको मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आपको शिवलिंग के दर्शन करने मिल जाते हैं। इस मंदिर के आसपास बहुत सारे पेड़ पौधे लगे हुए हैं, जिससे यहां का वातावरण बहुत अच्छा लगता है। आप यहां पर आ कर अपना समय शांति से बिता सकते हैं। यह मंदिर समिति द्वारा बहुत अच्छी तरह से प्रबंधित रखा गया है। मंदिर में आपको फव्वारा भी देखने के लिए मिलेगा। मंदिर के प्रवेश द्वार में दो हाथी बने हुए हैं, जो बहुत ही आकर्षक लगते हैं। श्री किलेश्वर महादेव मंदिर नीमच रेलवे स्टेशन के बहुत करीब है। आप यहां पर पैदल भी पहुंच सकते हैं। 


बालाजी धाम नीमच - Balaji Dham Neemuch

बालाजी धाम नीमच शहर में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है। यहां पर आपको हनुमान जी की भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। इस मंदिर की बनावट भी बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर आकर शांति से समय बिता सकते हैं। मंदिर में मंगलवार को बहुत भीड़ रहती है। 


सांवरिया सेठ मंदिर नीमच - Sawariya Seth Temple Neemuch

सवारिया सेठ मंदिर नीमच शहर के पास स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है और बहुत ही भव्य मंदिर है। यह मंदिर श्री कृष्ण जी को समर्पित है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं। इस मंदिर की दीवारों पर  बहुत ही खूबसूरत नक्काशी की गई है। सांवरिया सेठ मंदिर में दीवारों पर सोने की नक्काशी की गई है। आप यहां पर आकर इस मंदिर की भव्यता को देख सकते हैं। इस मंदिर में आपको राधे कृष्ण जी की भव्य मूर्ति देखने के लिए मिल जाती है। 


पिपलिया का किला नीमच - Piplia Fort Neemuch

पिपलिया किला नीमच शहर में स्थित एक प्राचीन किला है। यहां पर आपको एक बावली देखने के लिए मिलती है, जिसमें सीढ़ियां बनी हुई है। यह बावड़ी बहुत खूबसूरत लगती है। यहां पर एक मंदिर भी है। आप मंदिर भी घूम सकते हैं। बरसात के समय बावड़ी में पानी भर जाता है। इस किले को कुंड वाले मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर जो मंदिर स्थित है, वह पत्थर से बना हुआ है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 


भादवा माता मंदिर नीमच - Bhadwa mata mandir Neemuch

भादवा माता मंदिर नीमच में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर पूरे मध्यप्रदेश में प्रसिद्ध है। यह एक चमत्कारिक मंदिर है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इस मंदिर में एक कुंड है, जिसमें स्नान करने से लकवा रोग और पोलियो से ग्रसित इंसान ठीक हो सकता है। यहां पर लोग अपनी बीमारियां लेकर आते हैं और ठीक होकर जाते हैं। यहां पर आप भादवा माता के दर्शन कर सकते हैं। भदवामाता चांदी के सिंहासन पर विराजमान है। कहा जाता है कि यहां पर आकर मन्नत मानने से जरूर पूरी होती है। आप भी यहां पर आ सकते हैं। यहां पर आप अपनी फैमिली के साथ आ सकते हैं। मंदिर के चारों तरफ आपको बाजार देखने के लिए मिलता है, जिसमें काफी भीड़ भाड़ होती है। नवरात्रि के समय मंदिर को सजाया जाता है। नवरात्रि के समय भदवामाता को गहनों और नए वस्त्रों से सजाया जाता है, जिससे मूर्ति और भी अद्भुत लगती है। मूर्ति के नीचे आपको नौ देवियों के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा। भादवा माता मंदिर नीमच शहर से करीब 18 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। आप यहां पर ऑटो बुक करके भी आ सकते हैं। यहां पर एक अखंड ज्योत जल रही है, जो यहां पर बहुत प्राचीन समय से जल रही है। मंदिर में आपको सभी तरह की सुविधाएं मिल जाती है और आपको यहां आकर अच्छा लगेगा। 


नीलकंठ महादेव मंदिर नीमच - Neelkanth Mahadev Temple Neemuch

नीलकंठ महादेव मंदिर नीमच शहर में स्थित एक अच्छी जगह है। यह मंदिर से भगवान शिव जी को समर्पित है। यहां पर चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको तालाब भी देखने के लिए मिलता है, जिसे नीलकंठ सागर कहा जाता है। आप यहां पर घूमने का प्लान बना सकते हैं। यह पिकनिक मनाने के लिए बहुत अच्छी जगह है। मंदिर में शिवलिंग विराजमान हैं। आप यहां पर आकर शांति से अपना समय बिता सकते हैं। यह मंदिर मनसा और नीमच के बीच में स्थित है। 


चतुर्भुज नाथ जी का मन्दिर नीमच - Chaturbhuj Nath Temple Neemuch

चतुर्भुज नाथ जी का मंदिर गांधी सागर अभ्यारण्य में स्थित है। यह अभ्यारण्य नीमच शहर के बहुत करीब है। यह नीमच शहर के पास स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं। इस मंदिर में आपको शंकर भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आ कर आपको बहुत अच्छा लगेगा। चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है। यहां पर एक नदी भी बहती है, जिसका दृश्य बहुत ही खूबसूरत रहता है। आप यहां पर आ कर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं।


चतुर्भुज नाला रॉक पेंटिंग नीमच - Chaturbhuj Nala Rock Painting Neemuch

चतुर्भुज नाला गांधी सागर वन्य जीव अभ्यारण के अंदर स्थित एक पुरातात्विक स्थल है। यहां पर आपको रॉक पेंटिंग देखने के लिए मिल जाएगी, जो आदिमानव के समय की बनाई गई है। यह पेंटिंग चतुर्भुज नाला के दोनों तरफ स्थित है। आप यहां पर आकर प्रकृति के खूबसूरत दृश्य देख सकते हैं। यह जगह बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर अपने दोस्तों परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं। इन रॉक पेंटिंग में आपको प्राचीन समय में होने वाली गतिविधियों को दर्शाया गया है। यहां पर बहुत बड़ी संख्या में रॉक पेंटिंग उपलब्ध है। आप यहां पर आकर इन पेंटिंग को देख सकते हैं। 


मोरवान डैम नीमच - Morwan Dam Neemuch

मोरवान बांध नीमच शहर के पास स्थित एक पर्यटन स्थल है। आप यहां पर बरसात के समय घूमने के लिए आ सकते हैं। बरसात के समय इस बांध में पानी पूरी तरह से भर जाता है और पानी ओवरफ्लो होता है, जिसका दृश्य बहुत ही मनोरम होता है। यहां पर आप को आकर अच्छा लगेगा। यहां पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। मोरवान डैम नीमच शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर गाड़ी से पहुंच सकते हैं। 


मेनाल जलप्रपात नीमच - Menal Waterfall Neemuch

मेनाल जलप्रपात नीमच शहर के पास स्थित एक खूबसूरत झरना है। आप यहां पर बरसात के समय घूमने के लिए जा सकते हैं। यह झरना ऊंची पहाड़ी से गिरता हैए जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। यह झरना जंगल के बीच में स्थित है और झरना घाटी में गिरता है। यहां पर घाटी का दृश्य बहुत ही अद्भुत होता है। आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। अपने दोस्तों के साथ और अपनी फैमिली लोगों के साथ। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा और यहां पर आपको शांति मिलेगी। 


मेनाल शिव मंदिर नीमच - Menal Shiva Temple Neemuch

मेनाल शिव मंदिर प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर मेनाल वॉटरफॉल के पास ही में स्थित है। आप यहां पर मेनाल वॉटरफॉल देखने के लिए आते हैं, तो मंदिर में भी आ सकते हैं। यह मंदिर पत्थरों से बना हुआ है और इस मंदिर की दीवारों में आपको खूबसूरत नक्काशी देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा और शांति मिलेगी। 


गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य नीमच - Gandhi Sagar Wildlife Sanctuary Neemuch

गांधी सागर वन्य जीव अभयारण्य नीमच शहर के पास स्थित  एक पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको बहुत सारी जंगली जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। इस अभयारण्य को चंबल नदी दो भागों में विभाजित करती है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यहां का प्राकृतिक वातावरण आपको बहुत अच्छा लगेगा। गांधी सागर वन्य जीव अभ्यारण में गांधी सागर बांध भी आपको देखने के लिए मिलता है। अगर आप बरसात के समय आते हैं, तो यहां पर चारों तरफ हरियाली होती है और बांध के गेट भी खोले जाते हैं, जिसका दृश्य बहुत ही अद्भुत होता है। 


श्री चारभुजा मंदिर मेग्पुरा नीमच


रतलाम पर्यटन स्थल

विदिशा के दर्शनीय स्थल

सागर पर्यटन स्थल

नरसिंहपुर पर्यटन स्थल


सिंगौरगढ़ किला दमोह - Singaurgarh Fort Damoh | Rani Durgavati abhyaran

सिंगौरगढ़ किला, रानी दुर्गावती अभयारण्य 
Singourgarh Fort, Rani Durgavati Sanctuary

सिंगौरगढ़ किला दमोह - Singaurgarh Fort Damoh | Rani Durgavati abhyaran

सिंगौरगढ़ किला दमोह - Singaurgarh Fort Damoh | Rani Durgavati abhyaran


सिंगौरगढ़ किला दमोह जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण आकर्षण है। यह किला रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में स्थित है। यह किला घने जंगलों के बीच में स्थित है। इस किले तक पहुंचने के लिए आपको पैदल चलना पड़ता है। यहाँ किला बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। हम लोग इस किले तक नहीं गए थे, क्योंकि हम लोग अकेले थे। आप अगर यहां पर जाते हैं, तो ग्रुप में जाइएगा, क्योंकि यह किला सुनसान में स्थित है और यहां पर किसी भी तरह की सुरक्षा नहीं रहती है। यहां पर ना ही कोई गाइड रहता है और ना ही कोई सिक्योरिटी वाला। 


आप सिंगौरगढ़ किला तक आसानी से पहुंच सकते हैं। किले तक पहुंचने के लिए आधा रास्ता कच्चा रास्ता है और आधे रास्ते में पक्की सड़क बनी हुई है। किले के रास्ते के दोनों तरफ आपको बहुत ही खूबसूरत जंगल के दृश्य देखने के लिए मिल जाते हैं। आपको यहां पर जंगली जानवर भी देखने के लिए मिलेंगे। यहां पर आप हिरण, सांप, मोर देख सकते हैं। यहां पर रास्ते में आपको साइन बोर्ड भी देखने के लिए मिलते हैं। रास्ते में हाथी द्वार आपको देखने के लिए मिलता है। आप उस साइन बोर्ड को फॉलो कीजिएगा और आप हाथी द्वार तक पहुंच जाते हैं। हाथी द्वार से ही सिंह और गढ़ किले के लिए सीढ़ियां गई हुई है। आपको सीढ़ियां चढ़ना है और करीब आधे घंटे में आप इस किले   तक पहुंच जाते हैं। हाथी द्वार भी बहुत खूबसूरत बना हुआ है। इसमें भी बहुत बड़े बड़े दरवाजे बनाए गए हैं। खूबसूरत नक्काशी की गई है और यह जगह जंगल के बीच में स्थित है, इसलिए बहुत खूबसूरत लगती है। 


सिंगौरगढ़ किला के बारे में ज्यादा लोगों को नहीं पता है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। इस किले के पास ही में आपको एक तालाब भी देखने के लिए मिलता है। कहा जाता है कि पुराने समय में रानी दुर्गावती इस तालाब में स्नान किया करती थी। इस तालाब में मगरमच्छ भी है। आप उन्हें भी देख सकते हैं। तालाब में उतरना मना है। तालाब के बाजू में ही बोर्ड लगा हुआ है, जिसे आप पढ़ सकते हैं। तालाब का जो दृश्य होता हैए  वह बहुत अद्भुत होता है। कहा जाता है कि यह किला एक भूतिया किला है और यहां पर आकर आपको नकारात्मक ऊर्जा महसूस होती है। मगर आप एडवेंचर प्रेमी है, तो आप इस किले में घूमने के लिए आ सकते हैं।


बरसात के समय यह जगह हरियाली से भरी रहती है और बहुत अच्छा लगता है। आप यहां पर अपने दोस्तों और फैमिली मेंबर्स के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आप अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यहां पर टू व्हीलर या फोर व्हीलर गाड़ी से पहुंचा जा सकता है।


रानी दुर्गावती अभयारण्य का प्रवेश शुल्क 
Entrance fee of Rani Durgavati Sanctuary


आपको रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में प्रवेश का शुल्क लिया जाता है। यहां पर स्कूटी का ₹60 लिया जाता है और आपको टिकट मिलता है। आप उस टिकट से रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में जो भी दर्शनीय स्थल है। उनको घूम सकते हैं। यहां पर और भी दर्शनीय स्थल मौजूद है। यहां पर आपको निदान जलप्रपात और कुंड देखने के लिए मिलता है। यह बहुत ही खूबसूरत झरना है और पहाड़ों के बीच में से बहता है और बहुत अच्छा लगता है। आप यहां पर भी नहाने का मजा ले सकते हैं। यहां पर आपको नजारा व्यू प्वाइंट देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही खूबसूरत व्यू प्वाइंट है और यहां से आप रानी दुर्गावती अभ्यारण्य का दृश्य देखने के लिए मिलता है। आप इन जगहों में भी घूम सकते हैं। अगर आप पैदल घूमना चाहते हैं, तो आपका चार्ज लगता है। 


रानी दुर्गावती अभयारण्य कहाँ है 
Where is Rani Durgavati Sanctuary


रानी दुर्गावती अभ्यारण्य दमोह जिले में स्थित है। यह दमोह जिले के सिंग्रामपुर ग्राम में स्थित है। इस अभ्यारण में पहुंचने के लिए पक्की सड़क उपलब्ध है। आप जबलपुर  दमोह हाईवे रोड से इस अभ्यारण में पहुंच सकते हैं। रानी दुर्गावती अभ्यारण के अंदर ही सिंगौरगढ़  का किला स्थित है। आप किले तक भी आसानी से पहुंच सकते हैं।


निदान कुंड जलप्रपात, दमोह

नजारा व्यूप्वाइंट, दमोह

वीरांगना दुर्गावती वन्य जीव अभ्यारण

रूपनाथ धाम कटनी


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कटाये घाट - राधा कृष्ण मंदिर कटनी | कटाये घाट मंदिर | Katni mandir | Katni tourism


Katai Ghat  - Katai Ghat Katni | Radha Krishna mandir,  Katai Ghat, Katni


कटनी शहर में कटाये घाट नाम की जगह बहुत प्रसिद्ध है। इस जगह में कटनी नदी बहती है। यहां पर आपको मंदिर भी देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर राधा और कृष्ण जी को समर्पित है। कटाये घाट में स्थित राधे कृष्ण जी का मंदिर बहुत पुराना है और यह मंदिर बहुत सुंदर भी है। आपको यहां आकर राधा कृष्ण जी की बहुत ही भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर और भी बहुत सारी प्रतिमा विराजमान है। यहां पर आपको पंचमुखी हनुमान जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। दत्तात्रेय की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है और दुर्गा जी की प्रतिमा भी आपको यहां पर देखने के लिए मिलती है। यह जगह प्राकृतिक खूबसूरती से भरी हुई है। मंदिर के बाजू में ही कटनी नदी बहती है, जिसका दृश्य बहुत ही खूबसूरत रहता है। बरसात के समय में इस नदी में बाढ़ आती है, तो आप नदी के आर-पार नहीं जा सकते हैं। मगर गर्मी के समय जब नदी में पानी कम  हो  जाता है, तो आप नदी के आर-पार जा सकते हैं। नदी के उस पार भी आपको मंदिर देखने के लिए मिलता है, जो खूबसूरत लगता है। 


नदी के आर-पार जाने के लिए एक छोटी सी पुलिया बनी हुई है। इस पुलिया के माध्यम से आप नदी के उस पार जा सकते हैं। नदी के किनारे खूबसूरत घाट बना हुआ है। इस घाट को ही शायद कटाये घाट के नाम से जाना जाता है। यहां पर आपको पंप हाउस भी देखने के लिए मिलता है, जिससे कटनी शहर में पीने के लिए पानी भेजा जाता है। यह जगह बहुत खूबसूरत है और बरसात के समय अगर आप यहां पर जाते है, तो यहां पर चारों तरफ आपको हरियाली देखने मिलेगी और नदी में बहुत सारा पानी रहता है, जो बहुत खूबसूरत लगता है। यहां पर बरसात के समय हम लोग  गए थे। आप यहां पर अपनी फैमिली वालों के साथ और दोस्तों के साथ जा सकते हैं। आपको मंदिर में पंडित जी भी मिलेंगे, जो यहीं पर रहते हैं और मंदिर की पूजा करते हैं। राधे कृष्ण जी के मंदिर के थोड़ा आगे आपको राम जी का मंदिर भी देखने के लिए मिलता है। जब हम लोग इस जगह पर घूमने गए थे। तब राम जी का मंदिर कंप्लीट नहीं हुआ था। शायद अब कंप्लीट हो गया। राम मंदिर के सामने ही आपको गणेश जी की बहुत ही भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है और यहां का माहौल बहुत अच्छा लगता है। 


कटाई घाट में स्थित राधे कृष्ण जी का मंदिर कटनी शहर से ज्यादा दूर नहीं है। यह कटनी शहर से करीब 3 या 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा। आप यहां पर अपनी गाड़ी से जा सकते हैं। यह एरिया कटनी शहर के बाहरी क्षेत्र में स्थित है। यहां पर ज्यादा भीड़ नहीं रहती है। कटाये घाट जाने वाले रास्ते में आपको सुरमया पार्क देखने के लिए मिलता है। सुरमया पार्क कटनी शहर का एक प्रसिद्ध पार्क है और यह पार्क खूबसूरत है। आपको यहां पर बोटिंग करने मिल जाती है और यहां पर टॉय ट्रेन है, जिससे आप पूरे पार्क की यात्रा  भी कर सकते हैं। यह पार्क सुबह 11 बजे खुलता है। आप इस पार्क के मजे ले सकते हैं। इस पार्क के थोड़ा आगे ही कटाई घाट स्थित है। यहां पर रास्ते पर एक और गार्डन स्थित है। इस गार्डन में आपको बहुत सारे पेड़ पौधे देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आप मेडिटेशन कर सकते हैं। सुबह के समय यहां पर म्यूजिक बजता रहता है। आप यहां पर घूम सकते हैं और यह जगह बहुत अच्छी है।


माँ शारदा मंदिर मैहर

उज्जैन के मंदिर

पचमढ़ी के मंदिर

झोतेश्वर मंदिर गोटेगांव


रतलाम पर्यटन स्थल - Ratlam tourist place | Tourist places near Ratlam

रतलाम दर्शनीय स्थल - Places to visit in Ratlam | Ratlam famous places | Ratlam picnic spot | Ratlam sightseeing


रतलाम में घूमने की जगहें


धोलावाड़ बांध रतलाम - Dholawad dam Ratlam

धोलावाड़ बांध रतलाम के पास स्थित एक मुख्य आकर्षण स्थल है। धोलावाड़ रतलाम शहर में स्थित एक जलाशय है और रतलाम शहर में पीने के पानी के लिए धोलावाड़ जलाशय से पानी का उपयोग किया जाता है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां का नजारा बहुत खूबसूरत रहता है। चारों तरफ हरियाली रहती है। अगर आप बरसात के समय आते हैं, तो आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। बरसात के समय धोलावाड़ बांध में पानी बढ़ जाता है, जिससे पानी ओवरफ्लो होता है, जो बहुत ही खूबसूरत दिखता है। आप यहां पर बरसात के समय घूमने के लिए आ सकते हैं और आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। 


धोलावाड़ इको टूरिज्म पार्क रतलाम - Dholawad eco tourism park Ratlam

धोलावाड़ इको टूरिज्म पार्क में आप बहुत सारी पानी में होने वाली गतिविधियों का मजा ले सकते हैं। धोलावाड़ बांध बहुत खूबसूरत है और आप यहां घूमने के लिए आ सकते हैं। घूमने के साथ-साथ आप इस बांध में होने वाली विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का मजा ले सकते हैं। आप यहां पर वाटर स्कूटर का मजा ले सकते हैं। हॉट एयर बैलून का मजा ले सकते हैं। बोट राइड और बनाना राइड का मजा ले सकते हैं। माउंटेन बाइकिंग कर सकते हैं। तीरंदाजी कर सकते हैं। कैमल हॉर्स राइड का मजा ले सकते हैं। आपको इन सब गतिविधियां करने में बहुत मजा आएगा। यहां पर पैरासेलिंग भी होती है। आप यहां पर कैंपिंग का भी मजा ले सकते हैं। इन सभी के प्राइस अलग-अलग रहते हैं और आपको यह सभी गतिविधियां करके बहुत अच्छा लगेगा। यह 1 दिन की पिकनिक के लिए बहुत अच्छा स्थान है और आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आकर बहुत मजे कर सकते हैं।

 

महालक्ष्मी मंदिर रतलाम - Mahalaxmi mandir Ratlam

महालक्ष्मी मंदिर रतलाम शहर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। महालक्ष्मी मंदिर मुख्य रतलाम शहर में स्थित है। आप इस मंदिर में आसानी से पहुंच सकते है। आप इस मंदिर में साल में कभी भी घूमने के लिए आ सकते हैं। मगर आप दीपावली के समय आते हैं, तो मंदिर में बहुत ही खूबसूरत सजावट की जाती है। दीपावली के समय सोना चांदी और रुपए से इस मंदिर को सजाया जाता है। लाखों करोड़ों रुपए से इस मंदिर को सजाया जाता है। रतलाम शहर के बड़े-बड़े व्यापारी इस मंदिर में नगदी, सोने, चांदी जमा करते हैं और उसी नगदी और सोने चांदी से मंदिर को सजाया जाता है। दीपावली 2 दिन तक मंदिरों को इसी तरह से सजा के रखा जाता है। उसके बाद व्यापारी अपने नकदी और सोने-चांदी वापस लेकर जाते हैं। आपको इस समय मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगेगा और अगर आप दीपावली के समय रतलाम में है, तो दीपावली के समय इस मंदिर में आप जरूर जाएं और मां लक्ष्मी जी के दर्शन करें। 


कालिका माता मंदिर रतलाम - Kalika mata mandir Ratlam

कालिका माता मंदिर रतलाम शहर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर मुख्य रतलाम शहर में स्थित है। आप इस मंदिर में आसानी से आ सकते हैं। यह मंदिर बहुत प्राचीन है और कहा जाता है कि इस मंदिर का संबंध राजघराने से रहा है। इस मंदिर में नवरात्रि के समय 10 दिन का मेला आयोजित किया जाता है, जिसमें शहर के लोग आते हैं। नवरात्रि में यहां पर गरबे का आयोजन होता हैए जिसमें बहुत सारे लोग भाग लेते हैं। आपको यहां पर तालाब देखने के लिए मिलता है, जिसे झाली तालाब कहते हैं। तालाब में फव्वारा लगा हुआ है। तालाब के पास ही में गार्डन भी बना हुआ है, जहां पर आप शांति से बैठ कर अपना समय बिता सकते हैं। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको यहां आकर बहुत अच्छा लगेगा। इस मंदिर के पास ही में एक पार्क स्थित है। पार्क में बच्चों के लिए बहुत से झूले लगे हुए हैं।


कैक्टस गार्डन सैलाना रतलाम - Cactus garden sailana Ratlam

कैक्टस गार्डन रतलाम शहर का एक प्रमुख आकर्षण है। यहां पर आपको कैक्टस की अनेकों प्रजातियां देखने के लिए मिलती हैं। यह गार्डन रतलाम शहर से करीब 22 किलोमीटर दूर होगा।आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यह गार्डन रतलाम शहर में सैलाना में स्थित है। आप इस गार्डन में आ सकते हैं। इस गार्डन में एंट्री का चार्ज लिया जाता है। इस गार्डन में आपको कैक्टस की विभिन्न प्रजातियां देखने के लिए मिलती है। यह गार्डन एशिया का सबसे बड़ा कैक्टस गार्डन है। आपको यहां पर एक राज महल भी देखने के लिए मिलता है। इस गार्डन में कैक्टस के जो प्लांट लगे हैं, उन्हें बाहर से लाया गया है। इनमें से कुछ प्रजाति भारतीय है। यह कैक्टस गार्डन बहुत प्राचीन है और इस कैक्टस गार्डन की स्थापना यहां के राजा दिग्विजय सिंह द्वारा की गई थी। आपको कैक्टस गार्डन में एक राज महल भी देखने के लिए मिलता है, जिसमें यहां के राजा निवास करते थे। यह राज महल अब बंद है। आप इस राज महल को बाहर से देख सकते हैं। इस गार्डन में बैठने के लिए चेयर बने हुए हैं। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। आपको यहां आकर अच्छा लगेगा। 


कीर्ति स्तंभ सैलाना रतलाम - Kirti stambh Sailana Ratlam

कीर्ति स्तंभ रतलाम के सेलिना में स्थित एक प्राचीन इमारत है। इस स्तंभ का निर्माण तत्कालीन नरेश जसवंत सिंह द्वारा कराया गया था। इस स्तंभ का निर्माण 1859 से 1919 के बीच करवाया गया था। यह कीर्ति स्तंभ पत्थर व चूना से बना हुआ है। इस स्तंभ का निर्माण ब्रिटिश शासन के 100 वर्ष पूर्ण होने पर स्मारक स्तंभ के रूप में किया गया था। इस स्तंभ में ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां बनाई गई हैं। आप इस स्तंभ के ऊपर जा सकते हैं और चारों तरफ का खूबसूरत व्यू देखने के लिए मिलता है। 


श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर रतलाम - Kedareshwar temple Ratlam

श्री केदारेश्वर महादेव रतलाम शहर का एक दर्शनीय स्थल है। केदारेश्वर मंदिर मंदिर रतलाम जिले में सैलाना में स्थित है। यह सैलाना से करीब 6 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यहां पर शिव भगवान जी का मंदिर है। यह मंदिर चारों तरफ से खूबसूरत पहाड़ियों से घिरा हुआ है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर अगर आप बरसात के समय आते हैं, तो बरसात के समय आपको यहां पर जलप्रपात देखने के लिए मिलता है और जलप्रपात एक कुंड पर गिरता है। यह कुंड गहरा है। केदारेश्वर मंदिर में जलप्रपात के नीचे चट्टानों को काटकर गुफा बनाई गई है। यह गुफा मानव निर्मित है और यहीं पर शिवलिंग विराजमान है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह जगह चारों तरफ ऊंची ऊंची पहाड़ियों से घिरी हुई है। यहां पर बरसात के समय चारों तरफ हरियाली रहती है। यहां पर सावन सोमवार के समय और महाशिवरात्रि के समय मेले का भी आयोजन होता है और लाखों की संख्या में लोग यहां पर आते हैं। 


बिरला मंदिर नागदा रतलाम - Birla mandir nagda Ratlam

बिरला मंदिर रतलाम के पास नागदा में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर बहुत ही भव्य है। यह मंदिर पत्थर से बना हुआ है। यह मंदिर बिरला फाउंडेशन के द्वारा बनाया गया है। आप यहां पर आकर इस विशाल मंदिर को देख सकते हैं। इस मंदिर की दीवारों पर खूबसूरत नक्काशी की गई है। बिरला मंदिर पिकनिक के लिए एक बहुत अच्छी जगह है। यहां पर आपको गार्डन भी देखने के लिए मिलता है, जिसमें तरह-तरह की फूल लगे हुए हैं। यह मंदिर श्री राधा कृष्ण जी को समर्पित है। आप यहां पर आते हैं, तो आपको राधा कृष्ण जी की भव्य मूर्ति देखने के लिए मिलती है।  नागदा रतलाम शहर से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। नागदा एक छोटा सा शहर है।  आप यहां पर गाड़ी से आ सकते हैं। आप यहां पर ट्रेन से भी आ सकते हैं। बिरला मंदिर रेलवे स्टेशन से बहुत करीब में स्थित है। आपको मंदिर के बाहर गार्डन में फव्वारे भी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर यहां का आसपास का दृश्य बहुत ही खूबसूरत रहता है। चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है। मंदिर के अंदर भी बहुत ही खूबसूरत कलाकृतियां बनाई गई हैंए जिन्हें आप देख सकते हैं। मंदिर की छत में खूबसूरत नक्काशी की गई है। 


कुंड वाली चामुंडा माता मंदिर रतलाम - Kund wali Chamunda Mata Temple Ratlam

चामुंडा माता मंदिर नागदा में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर चंबल नदी के बीच में स्थित है। बरसात के समय इस नदी में बाढ़ का पानी आ जाता है और मंदिर पूरी तरह पानी में डूब जाता है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको यहां पर बहुत अच्छा लगेगा। इस मंदिर में आपको चामुंडा माता की भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। गर्मी में यहां पर पानी सूख जाता है। आप यहां पर आकर माता के दर्शन कर सकते हैं और एक शांत वातावरण में बैठ सकते हैं। यहां पर नवरात्र के समय बहुत सारे लोग मां के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां पर नवरात्रि के समय दुकानें भी लगती हैं। आपको यहां पर अन्य छोटी.छोटी मंदिर और मूर्तियां देखने के लिए मिलती है। यहां का नजारा बहुत प्यारा रहता है। चंबल नदी का दृश्य अद्भुत दिखाई देता है। यहां पर नदी का पानी नहीं सूखता है। 


अष्टपद जैन तीर्थ रतलाम - Ashtapad Jain Tirtha Ratlam

अष्टापद जैन तीर्थ एक धार्मिक स्थल है। यह जैन समुदाय का धार्मिक स्थल है। आपको यहां पर आकर बहुत ही खूबसूरत मार्बल से बना हुआ मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर बहुत ही अद्भुत लगता है। यह मंदिर मेन हाईवे रोड में स्थित है। आप यहां पर आसानी से घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर ठहरने के लिए और भोजशाला उपलब्ध है। 


श्री नागेश्वर पार्श्वनाथ जैन मंदिर रतलाम - Nageshwar jain mandir Ratlam

श्री नागेश्वर पाश्र्वनाथ जैन मंदिर मध्य प्रदेश का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर मध्यप्रदेश और राजस्थान के बॉर्डर पर स्थित है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है और बहुत भव्य है। आपको यहां पर आकर बहुत शांति मिलेगी। यह जैन तीर्थ स्थल है। यहां पर 23 वें तीर्थंकर श्री पार्श्वनाथ भगवान की बहुत ही भव्य मूर्ति हैं। यह मूर्ति प्राचीन है। यहां मूर्ति लगभग 2800 साल पुरानी है। इस मंदिर में स्थापित मूर्ति लगभग 2800 साल पुरानी है। यह मंदिर सफेद संगमरमर से बना हुआ है और बहुत भव्य लगता है। मंदिर का प्रवेश द्वार भी बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर आते हैं, तो यहां पर ठहरने की और भोजन की व्यवस्था है, जो बहुत ही कम कीमत पर उपलब्ध है। यहां पर आपको बहुत शांति मिलेगी। यहां पर और भी मंदिर आपको देखने के लिए मिलते हैं। आप यहां पर अपने दोस्तों और फैमिली वालों के साथ आ सकते हैं। यह बहुत अच्छी जगह है। यहां पर आकर आपको शांति मिलेगी।

 

विरुपाक्ष मंदिर बिलपांक रतलाम - Virupaksha Temple Bilpank Ratlam

विरुपाक्ष महादेव मंदिर एक प्राचीन मंदिर है। यह रतलाम शहर में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह एक ऐतिहासिक स्थल है। यह मंदिर शंकर भगवान जी को समर्पित है। मंदिर के गर्भ गृह में शिवलिंग स्थापित है। यह मंदिर महाशिवरात्रि में होने वाले प्रसाद वितरण को लेकर प्रसिद्ध है। यह मंदिर 1000 साल पुराना है। मंदिर में आपको बहुत सारे स्तंभ देखने के लिए मिलते हैं। स्तंभों में आपको खूबसूरत नक्काशी देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर बिलपांक ग्राम में स्थित है। यह मंदिर रतलाम से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से जा सकते हैं। यहां पर आने के लिए अच्छी सड़क है। इस मंदिर में लोग बच्चों के लिए मन्नत मांगने के लिए आते हैं, और कहा जाता है कि जो भी इस मंदिर में मन्नत मानता है। उसकी मन्नत पूरी होती है और वह यहां महाशिवरात्रि में वितरित होने वाले प्रसाद को ग्रहण करते हैं। कहा जाता है कि यहां पर खीर प्रसाद के रूप में बांटी जाती है और वह भी हफ्तों पुरानी खीर और लोग उसे प्रसाद के रूप में खाते हैं। जिससे उनकी बच्चों की मन्नत पूरी होती है। यहां पर सावन सोमवार पर कावड़ यात्रा निकाली जाती हैए जिसमें हजारों की संख्या में कावड़ यात्री भाग लेते हैं। 


मांगल्य मंदिर रतलाम - Mangalya mandir Ratlam

मांगल्य मंदिर रतलाम में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह बहुत खूबसूरत मंदिर है। आपको यहां पर बहुत सारी मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं, जो बहुत अद्भुत लगती हैं। आपको यहां पर बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिल जाएंगे। यहां पर गार्डन भी है, जहां पर आप घूम सकते हैं। मंदिर में मोबाइल ले जाना की पाबंदी है। इस मंदिर को जे वी एल के नाम से जाना जाता है। 


गढ़ खंखाई माताजी रतलाम - Garh Khankhai Mataji Ratlam

गढ़ खंखाई माताजी मंदिर रतलाम शहर में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर माही नदी के किनारे स्थित है। इस मंदिर से माही नदी का मनोरम दृश्य देखने के लिए मिलता है। नवरात्रि के समय यहां पर मां के दर्शन करने के लिए लोगों की भीड़ जमा होती है। यहां पर चारों तरफ का दृश्य बहुत ही अद्भुत है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह मंदिर रतलाम से करीब 38 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह बाजना रोड पर स्थित है। 


सैलाना वन्यजीव अभयारण्य रतलाम - Sailana Wildlife Sanctuary Ratlam

सैलाना वन्यजीव अभयारण्य रतलाम का एक प्रसिद्ध अभ्यारण है। यहां पर आपको बहुत सारे जानवर और पक्षियों की प्रजातियां देखने के लिए मिलती हैं। यह अभयारण्य रतलाम के सैलाना में  स्थित है। यह अभयारण्य 13 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आकर घूम सकते हैं। आपको यहां पर अच्छा लगेगा। 


माही बजाज सागर बांध रतलाम - Mahi bajaj sagar Pariyojana

माही बजाज सागर बांध रतलाम के पास स्थित एक खूबसूरत बांध है। यहाँ पर आपको बहुत सारे टापू देखने मिलते हैं। आप यहां पर एक दिन पिकनिक बनाने के लिए आ सकते हैं। यह जगह बहुत खूबसूरत है और बरसात के समय अगर आप यहां पर आते हैं, तो आपको यहां पर ज्यादा आनंद आएगा। यह जगह हरियाली से घिरी होती है।


रणजीत हनुमान मंदिर  रतलाम (Ranjit Hanuman Temple Ratlam)

करमदी जैन मंदिर  रतलाम (Karamadi Jain Temple Ratlam)


विदिशा के दर्शनीय स्थल

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अमरकंटक के दर्शनीय स्थल


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रीवा में घूमने की जगहें


रीवा का किला - Rewa Fort

रीवा का किला एक ऐतिहासिक स्थल है। यह मध्य प्रदेश के रीवा शहर में स्थित है। यह किला बिहर और बिछिया नदी के किनारे पर बना हुआ है। किले से इन दोनों नदियों का दृश्य बहुत ही लुभावना नजर आता है। रीवा के किले में आपको एक पुरानी बिल्डिंग देखने के लिए मिलती है। इस किले के अंदर आपको म्यूजियम भी देखने के लिए मिलता है। इस म्यूजियम में रीवा राजघराने की बहुत सारी पुरानी वस्तुओं का संग्रह करके रखा गया है। किले के अंदर स्थित संग्रहालय को बघेला संग्रहालय कहा जाता है। आप इन वस्तुओं को देख सकते हैं। किले के अंदर मध्य में आपको महाराजा गुलाब सिंह की मूर्ति देखने के लिए मिलती है। रीवा किले के अंदर दो मंदिर भी हैं। दोनों मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। एक मंदिर राधा कृष्ण जी को समर्पित है और एक मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। रीवा किले में प्रवेश के लिए आपको टिकट लगता है। 


महामृत्युंजय मंदिर  रीवा किला - Mahamrityunjaya Temple Rewa Fort

महामृत्युंजय मंदिर रीवा शहर में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह एक धार्मिक स्थल है। महामृत्युंजय मंदिर रीवा किले के अंदर स्थित है। यह मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है। इस मंदिर की विशेषता यह है कि इस मंदिर में लोग शिव भगवान जी के दर्शन करते हैं और शिव भगवान जी के दर्शन करने से लोगों की अकाल मृत्यु दूर होती है। यहां पर एक अद्भुत शिवलिंग विराजमान है, जिसमें 1000 नेत्र है। इसलिए इस शिवलिंग को सहस्त्र नेत्री शिवलिंग कहा जाता है। यहां पर मकर संक्रांति के समय विशाल मेला लगता है। मेले में हजारों की संख्या में लोग शामिल होते हैं। महामृत्युंजय शिवलिंग के दर्शन करने से लोगों की इच्छाएं पूरी होती है। लोग यहां पर नारियल बांधकर जाते हैं, अपने इच्छा की पूर्ति के लिए और जब किसी की भी इच्छा पूरी होती है, तो वह यहां पर नारियल खोलने के लिए आते हैं। यह मंदिर खूबसूरत है और प्राचीन है। आप भी यहां पर आकर इस मंदिर को देख सकते हैं। 


गोविंदगढ़ पैलेस रीवा - Govindgarh Palace Rewa

गोविंदगढ़ रीवा से करीब 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गोविंदगढ़ का किला बहुत प्रसिद्ध है। यहां किला प्राचीन है। आपको यहाँ पर एक पुराना किला देखने के लिए मिलता है, जो अब खंडहर अवस्था में है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। गोविंदगढ़ किला गोविंदगढ़ झील के पास है। गोविंदगढ़ किले से आपको गोविंदगढ़ झील का बहुत ही मनोरम  दृश्य देखने के लिए मिलता है। गोविंदगढ़ किला रीवा महाराज की ग्रीष्मकालीन राजधानी थी। किले में प्रवेश का शुल्क लिया जाता है। इस किले के अंदर बहुत सारी चीजें देख सकते हैं। यहां पर आपको प्राचीन मीनार देखने के लिए मिलते हैं। प्राचीन मंदिर देख सकते हैं। पुरानी पेंटिंग देख सकते हैं और गोविंदगढ़ झील का दृश्य देख सकते हैं। आप यहां पर अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। 


गोविंदगढ़ झील रीवा - Govindgarh Lake Rewa

गोविंदगढ़ झील रीवा का एक मुख्य आकर्षण है। गोविंदगढ़ रीवा जिले से करीब 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पर एक विशाल झील स्थित है। यह झील प्राचीन भी है। आप इस झील में आ सकते हैं।  झील के चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है। यहां पर आप अपना अच्छा समय बिता सकते हैं और अपने दोस्तों और फैमिली मेंबर के साथ यहां घूमने के लिए आ सकते हैं। 


चचाई जलप्रपात रीवा - Chachai jalprapat rewa

चचाई जलप्रपात रीवा शहर में स्थित एक मुख्य आकर्षण है। चचाई जलप्रपात में बरसात के समय आप घूमने के लिए आ सकते हैं। बरसात के समय इस जलप्रपात में बहुत ज्यादा पानी रहता है। गर्मी के समय इस जलप्रपात में पानी सूख जाता है। चचाई जलप्रपात रीवा शहर में स्थित सबसे ऊंचा जलप्रपात है। यह जलप्रपात बहुत खूबसूरत लगता है। यह जलप्रपात बीहर नदी पर बना हुआ है। आप यहां पर अपने दोस्तों और फैमिली मेंबर के साथ आ सकते हैं। चचाई जलप्रपात उची उची चट्टानों से नीचे गिरता है और घाटियों से बहता है। यहां पर आपको खूबसूरत घाटी देखने के लिए मिलती है और आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। बरसात के समय यहां पर चारों तरफ हरियाली रहती है। आप यहां पर अपने दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आप अपनी गाड़ी से पहुंच सकते हैं। यहां आने के लिए आपको अच्छी सड़क मिल जाती है। 


केवटी झरना रीवा - Keoti waterfall rewa

केवटी जलप्रपात रीवा शहर में स्थित एक बहुत ही सुंदर पर्यटन स्थल है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको यहां पर झरना देखने के लिए मिलता है। यह झरना बहुत ही खूबसूरत है। बरसात के समय अगर आप यहां पर आते हैं, तो आपको यहां पर चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है। गर्मी के समय झरने में पानी सूख जाता है। यह झरना मोहना नदी पर स्थित है। आप यहां पर आ कर झरने की खूबसूरती का आनंद ले सकते हैं। झरने के आस पास बहुत सारे मंदिर भी आपको देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर आप शिव भगवान जी का मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। आप झरने के निचले स्तर पर भी जा सकते हैं। नीचे जाने के लिए आपको ट्रैकिंग करनी पड़ती है। नीचे से भी झरने का दृश्य बहुत ही खूबसूरत रहता है। आप यहां पर आकर  झरने की खूबसूरती का आनंद उठा सकते हैं। आप झरने में नहाने का आनंद भी ले सकते हैं। 


केवटी का किला - Keoti Fort Rewa

केवटी का किला केवटी झरने के पास स्थित है। यह किला झरने से करीब  2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा। आप यहां पर पैदल भी जा सकते हैं। यह प्राचीन किला है। केवटी का किला खंडहर अवस्था में मौजूद है। किले से आपको केवटी झरना का दृश्य भी देखने के लिए मिलता है और आपको खूबसूरत घाटी का दृश्य देखने के लिए मिलता है। 


बाहुती जलप्रपात रीवा - Bahuti waterfall Rewa

बहुति जलप्रपात रीवा शहर में स्थित एक पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको खूबसूरत झरना देखने के लिए मिलता है। यह झरना बरसात के समय आपको देखने के लिए मिलता है, क्योंकि गर्मी के समय इस झरने में पानी नहीं रहता है। रीवा शहर को झरनों का शहर कहा जाता है। रीवा शहर में बहुत सारे झरने हैं। यह झरना बहुत खूबसूरत लगता है। झरना चट्टानों के ऊपर से बहता है। आपको यहां से खूबसूरत घाटियां देखने के लिए मिलती हैं। आप यहां पर अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं। 


पूर्वा जलप्रपात रीवा - Purwa waterfall Rewa

पुरवा जलप्रपात रीवा शहर में स्थित एक पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको एक सुंदर जलप्रपात देखने के लिए मिलता है। यह जलप्रपात बहुत खूबसूरत है। बरसात के समय इस जलप्रपात में बहुत ज्यादा पानी रहता है, तभी यह जलप्रपात आपको आकर्षक लगता है। यहां पर पानी दूध के समान लगता है और ऐसा लगता है जैसे दूध की धाराएं बह रही हो। यहां पर आकर बहुत इंजॉय कर सकते हैं। यहां पर आप आकर प्राकृतिक व्यू को एंजॉय कर सकते हैं और यहां पर आपको बंदर भी देखने के लिए मिलते हैं। बरसात के समय यहां हरियाली से भरी रहती है। चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से पहुंच सकते हैं। आप अगर इस जलप्रपात को घूमने के लिए जाते हैं, तो यहां पर आप खाने के लिए खाना और पीने के लिए पानी जरूर लेकर जाएं, क्योंकि झरने के आसपास किसी भी तरह की दुकानें नहीं है। पुरवा जलप्रपात रीवा शहर से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यह जलप्रपात तमसा नदी पर बना हुआ है। 


बसामन मामा मंदिर रीवा - Basaman Mama Temple Rewa

बासमन मामा मंदिर एक ऐतिहासिक मंदिर है। बसामन मामा का मंदिर तमसा नदी के किनारे स्थित है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है। यह मंदिर प्राचीन है। इस मंदिर के बारे में बहुत सारी मान्यताएं हैं। यह मंदिर रीवा से लगभग 33 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर आकर तमसा नदी में स्नान कर सकते हैं। मंदिर में आप बसामन मामा के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर एक विशाल पीपल का वृक्ष लगा हुआ है। कहते हैं कि बसामन मामा को पीपल के वृक्ष से बहुत लगाव था। आपको इस मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगेगा और आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यह मंदिर पुरवा जलप्रपात के निकट स्थित है। बसमान मामा को यक्ष भगवान के रूप में भी जाना जाता है।


वेंकट भवन पैलेस रीवा - Venkat bhawan Rewa

वेंकट भवन पैलेस रीवा शहर में स्थित सबसे पुरानी इमारतों में से एक है। यह रीवा शहर में स्थित एक संग्रहालय है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यहां पर प्रवेश का शुल्क लिया जाता है। आपको यहां पर खूबसूरत पेंटिंग देखने के लिए मिल जाती हैं और यहां पर एक टनल है। यह पैलेस राजा वेंकटरमन के द्वारा बनाया गया था। यह इमारत 1907 में बनाई गई थी। उसके बाद यह संग्रहालय में परिवर्तित कर दी गई। यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा। वेंकट भवन पैलेस रीवा शहर के बीचोंबीच स्थित है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आसानी से पहुंच सकते हैं। वेंकटरमन भवन पैलेस सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक खुला रहता है और प्रत्येक सोमवार को यह बंद रहता है। आप यहां पर अपने दोस्तों और परिवार के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं और यहां पर पुरानी चीजों को देख सकते हैं। 


रानी तालाब रीवा - Rani talab Rewa

रानी तालाब रीवा शहर का एक प्रसिद्ध जगह है। रानी तालाब के आसपास बहुत सारे प्राचीन मंदिर है। आपको यहां पर गार्डन में देखने के लिए मिलता है। रानी तालाब एक प्राचीन तालाब है। रानी तालाब असल में एक कुआं है, जिसका उपयोग पीने के पानी के लिए पुराने समय में किया जाता था। इस तालाब के बीच में एक मंदिर है, जो शिव भगवान जी को समर्पित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। इस तालाब के चारों तरफ आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। तालाब के पास एक बहुत खूबसूरत पार्क भी है। यहां बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। 


शिव मंदिर रानी तालाब रीवा - Shiva Temple Rani Talab Rewa

शिव मंदिर रानी तालाब के बीच में स्थित है। कहा जाता है कि यह मंदिर लगभग 400 साल पुराना है। मंदिर का निर्माण बघेल राजा ने करवाया है। आप वोट करके इस मंदिर तक पहुंच सकते हैं। इस मंदिर में पहुंचकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। चारों तरफ तालाब का नजारा बहुत ही शानदार होता है। 


रानी तालाब पार्क रीवा - Rani talab park Rewa

रानी तालाब पार्क रीवा में स्थित एक सुंदर पार्क है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर  जोगिंग और मॉर्निंग वॉक कर सकते है। यहां से रानी तालाब का दृश्य बहुत ही शानदार रहता है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। इस पार्क में प्रवेश का शुल्क लिया जाता है। 


देउर कोठार रीवा - Deur Kothar Rewa

देउर कोठार एक प्रसिद्ध बौद्ध स्थल है। यह रीवा शहर के पास में स्थित है। यहां पर आपको बहुत सारे बौद्ध स्तूप देखने के लिए मिलते हैं। यह एक प्राचीन स्थल है और आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यह रीवा इलाहाबाद राजमार्ग पर देउर नाम के ग्राम में स्थित है। माना जाता है कि प्राचीन काल में इस स्थल का संबंध भरहुत तथा कौशांबी से भी रहा होगा। यह स्तूप पहली और तीसरी शताब्दी के बीच बनाए गए हैं। इन स्तूप का संबंध कौशांबी और भरहुत से माना जाता है। यहां पर आपको बहुत सारे स्तूप देखने के लिए मिलते हैं। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। आप यहां पर दोस्तों और फैमिली मेंबर्स के साथ आ सकते हैं। यहां से आपको सूर्यास्त का नजारा भी देखने के लिए मिलता है। अगर आप यहां बरसात के समय आते हैं, तो बरसात में यहां चारों तरफ हरियाली रहती है और जो आपको नजारा देखने के लिए मिलता है, घाटियों का, वादियों का बहुत ज्यादा अद्भुत होता है। यहां पर आपको पत्थर पर आदिमानव के काल की पेंटिंग भी देखने के लिए मिलती है। यह जगह बहुत अच्छी है और आप अपना बहुत अच्छा समय यहां पर बिता सकते हैं। 


चिरहुला हनुमान मंदिर रीवा - Chirhula Hanuman Temple Rewa

चिरहुला हनुमान मंदिर रीवा शहर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है। यहां पर शनिवार और मंगलवार को भक्तों की बहुत ज्यादा भीड़ होती है। यहां पर हनुमान जी की बहुत ही भव्य प्रतिमा विद्यमान है। यहां पर आपको शिव भगवान जी के भी दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के पास आपको गार्डन देखने के लिए मिलता है। इसके अलावा यहां पर एक तालाब भी स्थित है। आप यहां पर आ कर अपना समय शांति से बिता सकते हैं।  यह  जगह बहुत अच्छी है। यहां पर भंडारा भी होता है। आप यहां भंडारा भी ग्रहण कर सकते हैं। 


साईं बाबा मंदिर रीवा - Sai Baba Temple Rewa

साईं बाबा का मंदिर रीवा शहर का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है।  यह मंदिर मुख्य  रीवा शहर में घंटाघर के पास स्थित है। इस मंदिर में गुरुवार के दिन बहुत भीड़ लगती है। इस दिन यहां पर भंडारा होता है और प्रसाद बांटा जाता है। यहां पर आप साईं भगवान जी के दर्शन करने के लिए आ सकते हैं और आपको यहां पर आकर बहुत शांति मिलेगी। 


स्वामी विवेकानंद पार्क रीवा - Swami Vivekananda Park Rewa

स्वामी विवेकानंद पार्क रीवा शहर में स्थित एक बगीचा है। यह बगीचा बहुत खूबसूरत है। बगीचे में आपको स्वामी विवेकानंद जी की मूर्ति देखने के लिए मिलती है। विवेकानंद पार्क कॉलेज चैराहा में स्थित है। यह पार्क मॉर्निंग वॉक और योगा के लिए एक अच्छी जगह है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। आपको यह पर आकर   अच्छा लगेगा। 


लक्ष्मण बाग मंदिर रीवा - Laxman Bagh Temple Rewa

लक्ष्मण बाग मंदिर रीवा शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको एक प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलता है। मंदिर में आपको राधा कृष्ण जी के और जगन्नाथ भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिल जाते हैं। यह मंदिर रीवा शहर में बिछिया नदी के किनारे स्थित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर चारों तरफ का नजारा बहुत खूबसूरत है। नदी के किनारे नारियल के पेड़ लगे हुए हैं, जो बहुत ही खूबसूरत लगते हैं। मंदिर में प्राचीन कुंड बना हुआ है। वह आप देख सकते हैं। यहां आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। 


व्हाइट टाइगर सफारी मुकुंदपुर रीवा - White tiger safari mukundpur Rewa

मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी रीवा जिले का एक मुख्य पर्यटन आकर्षण है। मुकुंदपुर रीवा जिले से करीब 17 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर आकर सफेद बाघ को देख सकते हैं। सबसे पहले सफेद बाघ की खोज रीवा शहर के महाराजा मार्तंड सिंह जूदेव द्वारा की गई थी और उन्होंने सफेद बाघ को संरक्षित भी किया था। यहां पर आप चाहे तो पैदल सफारी करने का मजा ले सकते हैं। साइकिल से सफारी करने का मजा ले सकते हैं या आप चाहे तो जीप से भी सफारी करने का मजा ले सकते हैं। यहां पर सभी सफारी के प्राइस अलग-अलग है। यहां पर आपको सफेद बाघ के बारे में जानकारी भी दी जाती है। यहां का टाइमिंग सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक है। वाइट टाइगर सफारी में अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ जा सकते हैं। अगर आप यहां पर जा रहे हैं, तो हॉलीडे वाले दिन यहां पर नहीं जाएं। क्योंकि यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। 


पावन घिनौची धाम रीवा - Paawan ghinauchi dham Rewa

पावन घिनौची धाम रीवा शहर का एक ईकोटूरिज्म पर्यटन स्थल है। पावन घिनौची धाम को पिया वन के नाम से भी जाना जाता है। यह सिरमौर के पास स्थित है। आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर आने के लिए कच्ची सड़क आपको मिल जाती हैं। यह जगह बहुत खूबसूरत है और प्राकृतिक वातावरण से भरी हुई है। आपको यहां पर बरसात के समय खूबसूरत जलप्रपात देखने के लिए मिलता है, जो पहाड़ों से बहता है। यह जलप्रपात का स्त्रोत कहां से है। यह मालूम नहीं चलता है। इस जलप्रपात के नीचे शिवलिंग विराजमान है। जलप्रपात का पानी शिवलिंग पर गिरता है, जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। यहां पर बहुत सारे लोग आते हैं और यहां पर नहाने का मजा भी लेते हैं। पावन घिनौची धाम में प्रवेश का टिकट लिया लगता है। यहां पर आपको पार्किंग की अच्छी व्यवस्था दी गई है। यहां पर बैठने के लिए भी अच्छी व्यवस्था है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। खूबसूरत घटिया देखने के लिए मिलेंगी, जो आपको बहुत अच्छे लगेंगे। 


लुकेश्वर्नाथ मंदिर रीवा - Lukeshwarnath Temple Rewa

लुकेश्वर्नाथ  मंदिर रीवा शहर में सिरमौर के पास स्थित है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत लोकेशन में स्थित है। यहां पर आपको एक पहाड़ी देखने के लिए मिलती है। जिस पर मंदिर स्थित है। यह पहाड़ी बैल के आकार की है और आपको इस पहाड़ी पर ट्रैकिंग करके जाना पड़ता है। शिवरात्रि के समय यहां पर बहुत बड़ा मेला लगता है, जिसमें लाखों की संख्या में लोग यहां पर आते हैं। आप यहां पर आकर ट्रैकिंग का मजा ले सकते हैं और भोलेनाथ जी के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर एक झील भी है। वह देख सकते हैं। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। इस मंदिर के चारों तरफ का वातावरण हरियाली से भरा हुआ है। आप यहां पर अपने दोस्तों के साथ आकर बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। 


टोंस वाटरफॉल्स, सिरमौर (Tons Waterfalls, Sirmaur)

आल्हा घाट सिरमौर, रीवा (Alha Ghat Sirmaur, Rewa)

गंगा वाटिका  बाल उद्यान (Ganga Vatika Children's Park)


सिवनी जिले के पर्यटन स्थल

विदिशा के दर्शनीय स्थल

सागर पर्यटन स्थल

नरसिंहपुर पर्यटन स्थल





सिवनी जिले के पर्यटन स्थल - Seoni tourist place | Places to visit in seoni

सिवनी जिले के दर्शनीय स्थल - Places to visit near Seoni | Seoni Tourism


सिवनी में घूमने की जगहें


दलसागर झील सिवनी - Dalsagar Lake Seoni

दलसागर झील सिवनी शहर का एक मुख्य पर्यटन आकर्षण है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आप बोटिंग का मजा भी ले सकते हैं। झील के मध्य में एक द्वीप बना हुआ है, जो बहुत ही आकर्षक लगता है। दलसागर झील सिवनी शहर के बीचोंबीच स्थित है। आप यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। आप यहां अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं। झील से सूर्यास्त का नजारा बहुत ही मनोरम होता है। 


अंबा माई सिवनी - Amba mai Seoni

अंबा माई एक धार्मिक स्थल होने के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। यह सिवनी जिले का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह घने जंगलों के बीच में पहाड़ों पर स्थित है। यह सिवनी जिले के बरहट तहसील के अम्मा माई गांव में स्थित है। आपको यहां पर एक नदी देखने के लिए मिलती है। इसके अलावा यहां पर एक कुंड है। यहां पर शंकर भगवान जी की बहुत ही भव्य प्रतिमा भी आपको देखने के लिए मिलती है और यहां अंबा मां की मूर्ति भी विराजमान है। यहां पर खूबसूरत मंदिर बना हुआ है। यहां पर आपको बहुत सारे बंदर भी देखने के लिए मिलते हैं। आपको बंदर से संभल कर रहने की आवश्यकता है।


भीमगढ़ जलाशय सिवनी - Bhimgarh bandh

भीमगढ़ जलाशय सिवनी के छपारा ब्लॉक के पास स्थित एक बांध है। यह बांध बहुत बड़ी क्षेत्र में फैला हुआ है। आप इस बांध को देखने के लिए बरसात के समय आ सकते हैं। बरसात के समय इस बांध का नजारा बहुत ही रमणीय होता है। आप नेशनल हाईवे 7 से इस बांध तक आसानी से पहुंच सकते हैं। यह बांध 1970 - 1980 के बीच  बना है। इस बांध को संजय गांधी बांध भी कहा जाता है। यह बांध वैनगंगा नदी पर बनाया बना हुआ है, जिसका उद्गम सिवनी के मुंडेर गांव में हुआ है। भीमगढ़ जलाशय एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी का बांध है। इस बांध के पास में ही जल विद्युत का संयंत्र लगाया गया है। इस बांध से जल विद्युत बनाया जाता है। 


गुरु रत्नेश्वर धाम मंदिर सिवनी - Guru Ratneshwar Dham Temple Seoni

गुरु रत्नेश्वर धाम सिवनी जिले में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको एक भव्य मंदिर देखने के लिए मिलता है। इस मंदिर में स्फटिक शिवलिंग रखा गया है। स्फटिक एक प्रकार का पत्थर होता है, जो पारदर्शी होता है, जिसके आर पार देखा जा सकता है। इस पत्थर का शिवलिंग यहां पर रखा गया है, जो बहुत ही अद्भुत लगता है। आप यहां पर आते हैं, तो स्फटिक शिवलिंग के दर्शन कर सकते हैं। गुरु रत्नेश्वर धाम सिवनी से करीब 16 किलोमीटर की दूरी पर दिघोरी नामक गांव में स्थित है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। इस स्थान के बारे में कहा जाता है कि यहां पर श्री शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज का जन्म स्थान है। आपको यहां आकर बहुत अच्छा लगेगा। मंदिर के बाहर बगीचा भी है और यह मंदिर साउथ इंडियन स्टाइल में बना हुआ है और बहुत खूबसूरत है। इस मंदिर में सावन सोमवार और महाशिवरात्रि की समय इस अद्भुत शिवलिंग के दर्शन करने के लिए ज्यादा तादाद में लोग आते हैं। 


समनापुर जैन मंदिर सिवनी - Samnapur Jain Temple Seoni

समनापुर जैन मंदिर सिवनी के लखनादौन में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह एक जैन धार्मिक स्थल है। यह एक  दिगंबर जैन मंदिर है। यह मंदिर मार्बल से बना हुआ है और बहुत ही भव्य लगता है। मंदिर में आपको जैन संत की मूर्ति देखने के लिए  मिलेगी। इस मंदिर में आपको सभी प्रकार की सुविधा मिल जाती है। यहां पर ठहरने की व्यवस्था भी है। आप यहां पर रुक सकते हैं। इसके अलावा यहां पर आपको पार्किंग की, ड्रिंकिंग वाटर की, वॉशरूम की सभी सुविधाएं मिल जाती है। 


आदेगांव का किला सिवनी - Adegaon Fort Seoni

आदेगांव का किला सिवनी जिले के लखनादौन के पास स्थित है। यह एक प्राचीन स्थल है। यहां पर आपको एक किला देखने के लिए मिलता है। किले का अधिकांश भाग नष्ट हो गया है। किले में चारों तरफ के कोने में आपको प्राचीन बुर्ज देखने के लिए मिलते हैं, जो उस समय शत्रुओं से रक्षा करने के लिए बनाए गए थे। यह किला आदेगांव में एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यह किला लखनादौन से नरसिंहपुर जाने वाली सड़क के पास स्थित आदे गांव नामक ग्राम में स्थित है। यह किला लखनादौन से करीब 15 या 16 किलोमीटर दूर होगा। इस किले तक आप अपनी गाड़ी से जा सकते हैं। यहां पर आप बस या ऑटो से भी जाया जा सकता है। किले में जाने के लिए सीढ़ियां हैं। किले में भैरव बाबा का प्राचीन मंदिर है, जो बहुत प्रसिद्ध है। किले के बाहर एक मस्जिद भी है। किले के पीछे आपको एक झील देखने के लिए मिलती है। किले के पीछे झील के तरफ जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। यहां पर आपको आकर अच्छा लगेगा। किले के अंदर प्राचीन समय में जो भी निर्माण हुए थे। वह ध्वस्त हो गए हैं और वहां पर अब पेड़ पौधे उगाई है। आपको यहां पर अच्छा लगेगा और यह प्राचीन स्थल होने के साथ-साथ धार्मिक स्थल भी है, तो आप यहां आकर अच्छा समय बिता सकते हैं। आप इस किले में आकर आदेगांव ग्राम का पूरे क्षेत्र का दृश्य देख सकते हैं। आपको इस किले से दूर-दूर तक का नजारा देखने के लिए मिलता है। इस किले का जो सामने का हिस्सा है, वो टूट कर गिर गया है। मगर यह किला देखने में बहुत ही जबरदस्त लगता है।  आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 


भैरव बाबा का मंदिर आदेगांव सिवनी - Bhairav Baba's temple Adegaon Seoni

भैरव बाबा का मंदिर आदेगांव ग्राम में आदेगांव किले के अंदर स्थित है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है और इस मंदिर का निर्माण अंग्रेजों के समय किया गया है। आप यहां पर आकर भैरव बाबा का मंदिर देख सकते हैं। इस मंदिर में भैरव बाबा की प्रतिमा विद्वान है। यहां पर शिवलिंग भी विराजमान है। आप जैसे ही किले के अंदर प्रवेश करेंगे। आपको बाएं तरफ एक मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको भैरव बाबा की प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं।किले के अंदर बाकी का हिस्सा मैदान में बदल गया है। सिर्फ आपको यह मंदिर ही किले के अंदर देखने के लिए मिलता है। किले के पीछे आपको एक तालाब देखने के लिए मिलता है। इस तालाब के किनारे एक पेड़ लगा हुआ है, जिसे श्यामलता का पेड़ कहा जाता है। कहा जाता है कि इसकी पत्तियों में आपको श्री कृष्णा और राधा जी का नाम लिखा हुआ देखने के लिए मिलता है, यह बहुत ही अद्भुत बात है और आप यहां पर आकर अद्भुत चीजों के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर साल में एक बार विशाल मेले का आयोजन होता है। अगर आप रविवार के दिन यहां पर आते हैं, तो रविवार के दिन यहां पर सब्जी की मार्केट भरता है, जिससे आप यहां पर मुख्य सड़क से किले तक नहीं पहुंच सकते हैं। रविवार के दिन यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ होती है। आपको किले तक जाने के लिए दूसरे रास्ते से जाना पड़ता है। 


मठ घोघरा झरना सिवनी - Math Ghoghara Waterfall Seoni

मठ घोघरा झरना सिवनी जिले में लखनादौन में स्थित एक प्राकृतिक स्थल है। यह जगह प्राकृतिक स्थल होने के साथ-साथ एक धार्मिक स्थल भी है। यहां पर शिव भगवान का एक बहुत ही प्राचीन शिवलिंग विराजमान है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आपको बरसात के समय एक जलप्रपात देखने के लिए मिलता है। जलप्रपात के नीचे आपको एक गुफा देखने मिलती है। यह गुफा पत्थरों को काटकर बनाई गई है। यहां पर आपको शिव भगवान जी का शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। इसके अलावा यहां पर 12 ज्योतिर्लिंगों के प्रतिरूप भी रखे हुए हैं। आप उनके दर्शन भी कर सकते हैं। यहां पर शिव भगवान जी की एक प्रतिमा भी है। आप उसके भी दर्शन कर सकते हैं। इस गुफा में ठहरने के लिए छोटे से कमरा बनाया गया है। आप यहां पर आकर पिकनिक मना सकते हैं और बहुत सारे लोग यहां पर आकर पिकनिक मनाते हैं। मगर अगर आप इस जगह आते हैं, तो इस जगह को गंदा मत करिएगा। बहुत खूबसूरत जगह है और इस का आनंद लीजिएगा। यहां पर आपको पीने का पानी पहाड़ों से आता है। पहाड़ों से झरना गिरता है, जो पीने योग्य पानी है। वह पानी एक टैंक में आता है और उस टैंक से आप पानी पी सकते हैं। यहां आने का जो रास्ता है। वह भी बहुत खूबसूरत है। घुमावदार सड़क से होते हुए आप मंदिर तक पहुंचते हैं। इस जगह को परमहंसी आश्रम भी कहा जाता है।  यहां पर आपको बड़े-बड़े त्रिशूल देखने के लिए मिलते हैं और यहां पर बरसात के समय पहाड़ों का नजारा बहुत ही प्यारा होता है। चारों तरफ हरियाली रहती है और यहां पर आपको झरना देखने के लिए मिलता है। उसके ऊपर भी झरना पहाड़ों से बहता हुआ बहुत खूबसूरत लगता है। 


बंजारी माता मंदिर सिवनी - Banjari Mata Mandir Seoni

बंजारी माता का मंदिर सिवनी जिले के छपारा ब्लॉक में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको बंजारी माता की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर जंगल के बीच में स्थित है। यह मंदिर जबलपुर नागपुर हाईवे रोड पर स्थित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। मंदिर में आपके ठहरने की व्यवस्था है। आपको ठहरने के लिए मंदिर ट्रस्ट से परमिशन लेनी पड़ती है। यहां पर आपको बंदर भी देखने के लिए मिलते हैं। बंजारी माता मंदिर सिवनी जिले का एक अच्छी जगह है। आप जब भी जबलपुर से नागपुर की यात्रा रहती है। तब आप यह मंदिर घूम सकते हैं। आप यहां फैमिली वालों के साथ और दोस्तों के साथ भी आ सकते हैं। 


बड़ा दिगंबर जैन मंदिर सिवनी - Bada Digambar Jain Mandir Seoni

बड़ा दिगंबर जैन मंदिर सिवनी शहर का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह जैन मंदिर है। यह मुख्य सिवनी शहर में स्थित है। आप यहां आसानी से आ सकते हैं। यह मंदिर बहुत पुराना मंदिर है। मंदिर में आपको जैन संतों की मूर्तियां देखने के लिए मिलेंगी। मंदिर के गर्भ गृह में विराजमान मूर्ति बहुत ही खूबसूरत है और मंदिर की सजावट भी बहुत ही आकर्षक है। इस मंदिर में आपको एक रथ देखने के लिए मिलता है, जो चांदी का है। रथ में घोड़े भी हैं, वह भी चांदी के हैं। यह एक प्राचीन मंदिर है और आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। 


आष्टा काली मंदिर सिवनी - Ashta Kali Mandir Seoni

आष्टा का काली मंदिर एक प्राचीन मंदिर है। यह सिवनी शहर में स्थित एक मुख्य आकर्षण है। यह एक धार्मिक जगह है। यह मंदिर पत्थरों से बनाया गया है और कहा जाता है कि यह मंदिर एक रात में बनाया गया था। मंदिर में आपको मां काली की मूर्ति देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है। आपको आसपास बहुत सारी कलाकृतियां देखने के लिए मिलती हैं, जो पत्थर पर बनाई गई है। आप यहां आकर शांति से अपना समय बिता सकते हैं। मंदिर में मां काली की बहुत ही भव्य प्रतिमा विराजमान है। यहां पर नवरात्रि में बहुत सारे श्रद्धालु मां के दर्शन करने के लिए आते हैं। आपको यहां पर नवरात्रि के समय जवारे भी देखने के लिए मिलते हैं। यह मंदिर सिवनी जिले के बरहट तहसील के आष्टा नाम के गांव में स्थित है। आप यहां पर अपने वाहन से आ सकते हैं। 


अमोदागढ़ सिवनी - Amodagarh Seoni

अमोदागढ़ सिवनी में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। अमोदागढ़ एक प्राकृतिक स्थल है। यहां पर आपको नदी, पहाड़, चट्टाने, जंगल और जंगली जानवर देखने के लिए मिल जाएंगे। अमोदागढ़ घने जंगलों के बीच में स्थित है। यहां आने के लिए कच्ची सड़क उपलब्ध है। अमोदागढ़ सिवनी से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अमोदागढ़ सिवनी मंडला हाईवे रोड पर स्थित है। यहां पर किसी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं है। आप अगर यहां पर आते हैं, तो अपने साथ खाने के लिए खाना और पीने के लिए पानी अवश्य लाएं। यहां पर बाथरूम की भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। अगर आप यहां पर बरसात के समय आते हैं, तो चारों तरफ हरियाली रहती है और नदी में पानी रहता है। आप यहां पर आकर पिकनिक मना सकते हैं। इस जगह को मोगली लैंड के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि द जंगल बुक की कहानी इसी जगह से प्रेरित होकर लिखी गई है। यह जगह बहुत खूबसूरत है और परिवार और दोस्तों के साथ आने के लिए बहुत अच्छी है। यहां पर आपको नदी पर जाने के लिए सीढ़ियों मिलती हैं। सीढ़ियों से आप नदी तक पहुंच सकते हैं। आपको यहां पर बड़ी-बड़ी चट्टानें मिलती है, जिस पर आपको संभलकर चलने की आवश्यकता होती है। यहां पर वॉच टावर भी आपको देखने के लिए मिलता है, जिससे आप आसपास के नजारों का आनंद ले सकते हैं। 


रुमल जलाशय सिवनी - Rumal reservoir Seoni

रुमल जलाशय सिवनी शहर में स्थित एक जलाशय है। यहां पर आपको खूबसूरत नजारा देखने के लिए मिलता है। यह जलाशय सिवनी शहर के रुमल नाम के गांव में स्थित है और यहां पर आप अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। बरसात के समय यह डैम पानी से भर जाता है, तो बहुत ही खूबसूरत लगता है। यह डैम अंग्रेजों के समय में बनाया गया है। 


सिद्ध घाट केवलारी सिवनी - Siddha Ghat Kevalari Seoni

सिद्ध घाट सिवनी शहर का एक मुख्य पर्यटन आकर्षण है। यहां पर बैन गंगा नदी बहती है, वैनगंगा नदी चट्टानों से बहती है, जो बहुत ही मनोरम दृश्य प्रस्तुत करती है। यहां पर आप आते हैं, तो आपको बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर नदी के बीच में शिव भगवान जी का मंदिर एक चट्टान पर बना हुआ है, जहां पर आप जा सकते हैं। यह जगह जंगल के बीच में स्थित है। सिद्ध घाट केवलारी तहसील में बिछुआ मल गांव के पास स्थित है। यहां पर आप आकर नहाने का मजा भी ले सकते हैं और यह एक अच्छा पिकनिक स्थल भी है। जंगल और नदी का दृश्य बहुत ही मनोरम रहता है। अगर आप बरसात के समय आते हैं। बरसात के समय चारों तरफ हरियाली रहती है और नदी में भी पानी बहुत रहता है। यहां पर आप अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं। 


पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी - Pench Tiger Reserve Seoni

पेंच टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश में स्थित एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में स्थित है। पेंच टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में फैला हुआ है। यह एक प्रमुख बाघ बाघ अभ्यारण है। यहां पर आप बाघ के दर्शन कर सकते हैं। इसके अलावा यहां पर कई जंगली जानवर, विभिन्न पक्षियों की प्रजातियों आप देख सकते हैं। लेकिन मुख्य आकर्षण टाइगर और तेंदुआ है। यहां पर रुकने के लिए आपको कई रिसोर्ट मिल जाते हैं, जिनमें आप उचित मूल्य पर ठहर सकते हैं। आप पेंच टाइगर रिजर्व की बुकिंग ऑनलाइन कर सकते हैं। इसकी जानकारी आपको सरकारी ऑनलाइन वेबसाइट पर मिल जाती है। आपको वहां पर सारी जानकारी मिल जाएगी,  आप सफारी बुक करने की और होटल बुक करने की भी जानकारी मिल जाएगी। आप यहां अपने परिवार और दोस्तों के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आपको देखने के लिए बहुत सारी चीजें मिलती है। जंगल, पहाड़, नदी, जंगली जानवर जो आपको एक दौड़ भाग भरी जिंदगी से दूर ले जाती है। 


तोतलादोह बांध सिवनी - Totladoh Dam Seoni 

तोतलादोह बांध सिवनी जिले के पास स्थित एक खूबसूरत जलाशय है। यह जलाशय पेंच नदी पर बना हुआ है। यह जलाशय पेंच टाइगर रिजर्व के अंदर स्थित है। आप इस जलाशय में घूमने के लिए आ सकते हैं। यह जलाशय सिवनी शहर से करीब 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।  आप यहां अपनी गाड़ी से घूमने के लिए आ सकते हैं। तोतलड़ोह बांध बरसात के समय बहुत अच्छा लगता है। बरसात के समय यह बांध पूरी तरह पानी से भर जाता है और इस बांध के गेट खोले जाते हैं। यह बांध खूबसूरत लगता है, जब इस के गेट खोले जाते हैं। 


अरी झील सिवनी - Ari Lake Seoni

अरी बांध सिवनी शहर का एक मुख्य पर्यटक स्थल है। अरी बांध हरियाली से घिरा हुआ है। अरी बांध घने जंगलों के बीच में स्थित है। अरी बांध सिवनी शहर के अरी नामक गांव के पास स्थित है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यह बांध  बरसात के समय बहुत ही खूबसूरत लगता है। बरसात के समय यह बांध पानी से भर जाता है और इसका पानी बहता है, जो झरने का रूप लेता है, जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। यहां पर आप पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। बरसात के समय यहां पर चारों तरफ हरियाली रहती है। इस बांध को शुक्ला बांध के नाम से भी जाना जाता है। इस बांध के आसपास किसी भी प्रकार के दुकाने वगैरह नहीं है। अगर आप यह पर पिकनिक मनाने के लिए आते हैं, तो आप  अपने साथ खाने पीने का सामान लेकर आइए। 


बोरी टैंक सिवनी - Bori Tank Seoni

बोरी टैंक सिवनी जिले के पोनिया नाम के गांव में स्थित है। आप यहां पर आकर पिकनिक बना सकते हैं। बरसात में इस बांध में पानी रहता है और आप बरसात में यहां पर आकर इंजॉय कर सकते हैं। 


वैनगंगा नदी का उद्गम स्थल मुंडारा सिवनी - The origin of Wainganga river, Mundara Seoni

वैनगंगा नदी मध्य प्रदेश के 1 मुख्य नदी है। वैनगंगा नदी का उद्गम सिवनी जिले मुंडारा नामक स्थान पर हुआ है। आपको यहां पर एक कुंड देखने के लिए मिलता है। इस कुंड से ही वैनगंगा नदी का उद्गम हुआ है। कुंड के बीच में छोटा सा मंदिर बना हुआ है। वैनगंगा नदी का उद्गम स्थल सिवनी जिले से करीब 20 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यहां आने के लिए अच्छी सड़क बनी हुई है। वैनगंगा नदी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य में बहती है। वैनगंगा नदी मध्य प्रदेश के सिवनी और बालाघाट जिले को अपने जल से सिंचित करती हुई बहती है। वैनगंगा नदी के उद्गम स्थल पर आपको अन्य मंदिर भी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको राधा कृष्ण का मंदिर देखने के लिए मिलता है। हनुमान जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। भूरा भगत का मंदिर देखने के लिए मिलता है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। यहां पर शांति मिलेगी। यहां पर कुंड में आप स्नान भी कर सकते हैं। 


वैष्णो देवी मंदिर सिलादेही सिवनी - Vaishno Devi Temple Siladehi Seoni

वैष्णो देवी मंदिर सिवनी जिले में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर तक पहुंचने के लिए यहां पर सीढ़ियां बनी हुई है। यह मंदिर पहाड़ों को काटकर बनाया गया है और यहां पर वैष्णो देवी की स्थापना की गई है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। यह मंदिर सिवनी जिले से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा। वैष्णो देवी मंदिर से सूर्यास्त का दृश्य बहुत ही मनोरम देखने के लिए मिलता है। यहां पर वैष्णो देवी की मूर्ति के अलावा भी और भी मूर्तियां विराजमान हैं। यहां पर मां दुर्गा जी की मूर्ति विराजमान है। शिवलिंग विराजमान है। आप इनकी भी दर्शन कर सकते हैं। 


दीवान महल एवं बावड़ी सिवनी - Diwan Mahal and Bawdi Seoni

दीवान महल एवं बावड़ी सिवनी जिले में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यहां पर आपको एक महल देखने के लिए मिलता है और एक बावड़ी देखने के लिए मिलती है। कहा जाता है कि यह महल रानी दुर्गावती के दीवान का था। इस महल से जबलपुर के रानी दुर्गावती के किले और मंडला के रामनगर के किले के लिए सुरंग जाती है। यह महल मुख्य सिवनी शहर में स्थित है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। 


मठ मंदिर सिवनी - Math Mandir Seoni

मठ मंदिर सिवनी जिले का धार्मिक स्थल है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यह एक प्राचीन मंदिर है और मंदिर के पास ही में एक तालाब है, जिसे मठ तालाब के नाम से जाना जाता है। आप इस मंदिर में आकर शांति से अपना समय बिता सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। यह मंदिर मुख्य सिवनी शहर में स्थित है। आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं। 


सिवनी संग्रहालय (Seoni Museum)

रिछारिया बाबा धाम धनोरा सिवनी (Richaria Baba Dham Dhanora Seoni)

शहीद स्मारक तुरिया सिवनी (Shaheed Smarak Turiya Seoni)

बाबरिया जलाशय सिवनी (Babaria Reservoir Seoni)

चिलचौंद झील सिवनी (Chilchand Lake Seoni)

महाबलीपुरम मंदिर सिवनी (Mahabalipuram Temple Seoni)



विदिशा के दर्शनीय स्थल

सागर पर्यटन स्थल

नरसिंहपुर पर्यटन स्थल

छिंदवाड़ा पर्यटन स्थल