Rai Bhagat Kothi Ramnagar Mandla - राय भगत की कोठी रामनगर, मंडला

Rai Bhagat Kothi Ramnagar, Mandla

राय भगत की कोठी रामनगर, मंडला


राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothiएक खूबसूरत प्राचीन महल है। आपको यहां एक खूबसूरत महल देखने मिलता है। आपको इस लेख में राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothiकी जानकारी मिलेगी। राय भगत कोठी का निर्माण गोंड राजा हृदय शाह ने अपने मंत्री राय भगत के निवास स्थान के रूप में करवाया था । यहां महल मोती महल से छोटा है, और इस महल के चारों ओर खूबसूरत कमरे बने हुए हैं। जिन्हें आप देख सकते हैं ।

Rai Bhagat Kothi Ramnagar Mandla - राय भगत की कोठी रामनगर, मंडला

Rai Bhagat's Kothi 


राय भगत की कोठी कहां स्थित है

Where is Rai Bhagat's Kothi located


राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) मध्यप्रदेश राज्य के मंडला शहर में स्थित है। आप यहां पर अपनी गाडी से यहां पर असानी से आ सकते है। राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) रामनगर (Ramnagar) से में स्थित है। यह महल मोती महल से करीब 1 किमी या इससे से भी कम दूरी पर होगा। 

रामनगर मंडला में स्थित प्रसिद्ध जगह
Famous place located in Ramnagar Mandla


मोती महल घूमने के बाद हम लोग निकल पड़े। यहां की किसी अन्य जगह  देखने के लिए, और गूगल ने भी हमें सही जानकारी नहीं दी कि हम लोग यहां पर कहां कहां जा सकते है। मगर आप मंडला जिले के रामनगर में आते हैं। तो आपको यहां पर बहुत सारी जगह घूमने मिलती हैं। यहां पर आपको मोती महल और राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) के अलावा भी बहुत सारी जगह है। जहां पर आप घूम सकते हैं। मोती महल एवं रायभगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothiयह तो रामनगर पुल के पास ही में है। तो यहां पर लोग आ जाते है। मगर अन्य जगहों की जानकारी लोगों को नहीं रहती है। 

बेगम पैलेस रामनगर मंडला 

 Begum Palace Ramnagar, Mandla


यहां पर आपको प्राचीन बेगम पैलेस देखने मिलता है। यह प्राचीन महल है और यह महल भी गोंड शासक ने बनवाया था। मगर हमें इस महल के बारे में जानकारी नहीं थी। इसलिए हम लोग इस जगह पर नहीं जा पाए थे। 

काला पहाड़ रामनगर मंडला

Kala Pahad Ramnagar, Mandla

इसके अलावा रामनगर में घूमने के लिए आपको काला पहाड़ नाम की एक जगह है। आप इस जगह में भी घूमने जा सकते हैं। हमको इस जगह के बारे में जानकारी नहीं थी। इसलिए हम इस जगह पर नहीं गए थे। इस जगह मैं आपको बड़ी-बड़ी चट्टानों के टुकड़े देखने मिलेंगे। जो एक विशेष आकृति के हैं। जो हेक्साडेसिमल आकृति के मतलब इन पत्थर में 6 या 8 कोने है। यहां पर लोग काफी मात्रा में आते हैं। इन पत्थरों को देखने के लिए और यहां पर मंदिर भी है। इस जगह के बारे में कहा जाता है कि गोंड राजा ने अपनी तंत्र साधना के द्वारा काला पहाड के पत्थर आपने महल तक लाये थे। 

विष्णु मंदिर रामनगर मंडला

Vishnu Temple Ramnagar, Mandla


रामनगर में प्रसिद्ध विष्णु मंदिर भी है। जो प्राचीन समय का है और इस मंदिर को भी गोंड राजाओं ने बनवाया था। इस मंदिर में आपको जरूर देखना चाहिए यह भी पुराने समय का है। हम लोग इस मंदिर में नहीं जा पाए थे क्योंकि हम लोगों को इस मंदिर की जानकारी नहीं थी।

दल बादल महल रामनगर मंडला

Dal Badal Mahal Ramnagar, Mandla


यह महल भी रामनगर में स्थित है। यह महल मोती महल के पास ही में है।  आप इस महल में भी जा सकते हैं। इस महल में आपको पुराना और प्राचीन महल देखने मिलेगा।

चौगुना रामनगर मंडला

Chauguna Ramanagar, Mandla

चैगुना रामनगर (Ramnagar) से करीब 3 किलोमीटर दूर है। यहां एक खाली मैदान है। यह मैदान बहुत बडे क्षेत्र में फैला है। यह पर प्राचीन समय युध्द का अभ्यास किया जाता था। यहां पर मंदिर भी स्थित है और नवरात्रि में यहां पर भीड़ लगती है। 

मैंने आपको इन सभी जगह की जानकारी इसलिए दी हूं, क्योंकि अगर आप मंडला जिले के रामनगर में घूमने जाते हैं। तो आप इन सभी जगहों पर जाकर घूम सकते हैं। हम लोगों को इन जगह की जानकारी नहीं थी इसलिए हम नहीं जा पायें। मगर आप इस जगह जाये तो यहां पर जरूर घूमें। 

राय भगत कोठी का निर्माण

Construction of Rai Bhagat Kothi

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) का निर्माण 17 वीं शताब्दी ईस्वी में गौड शासक हृदय शाह के दीवान राय भगत के निवास के रूप में हुआ था। यह भवन पूर्व मुखी है। इस महल का प्रवेश द्वार की चैखट संगमरमर पत्थर द्वारा निर्मित किया गया है। आंगन के चारों ओर कमरे एवं मेहराबों से युक्त दालान निर्मित किया गए है। भवन के चारों ओर फलक दार गुंबद निर्मित है। अपनी भव्यता और विशालता को संजोए हुए यह महल मोती महल का संक्षिप्त संस्करण है। जो इस तथ्य का प्रतीक है कि केवल शासक के लिए नहीं अपितु राजाओं के सहकर्मियों के लिए भी भवनों का निर्माण किया जाता था।

Rai Bhagat Kothi Ramnagar Mandla - राय भगत की कोठी रामनगर, मंडला

Rai Bhagat's Kothi


राय भगत कोठी का सफर
Journey of Rai Bhagat Kothi


हम लोगों को यहां पर कौन कौन सी जगह जाने था। इस बारे में जानकारी नहीं थी। तो हम ने यहां पर किसी से पूछ कि यहां पर कौन सी जगह है जहां हम घूमने के लिए जायें तो उन्होनें हमें राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) की जानकारी दी। मोती महल से करीब 1 किमी की दूरी पर आपको मोती महल देखने मिल जाएगां। हम लोग राय भगत की कोठी के लिए निकल पड़े और मोती महल से ज्यादा दूर नहीं है 1 किलोमीटर दूर होगा। राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) के आसपास आपको बहुत सारी दुकान मिल जाती है। जहां पर आप चाय और नाश्ता कर सकते है। इसके अलावा राय भगत की कोठी के पास ही मुझे लगता है कि बस स्टॉप है। क्योंकि यहां पर आकर गाड़ियां रूकती है। तो यहां पर छोटी छोटी होटल भी है। 

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) के बाहर ही आपको एक बोर्ड देखने मिल जाएगा। इस बोर्ड में इस महल के बारें में इंफॉर्मेशन लिखी होती है। यहां पर आपकी स्कूटी का किसी भी प्रकार का स्टैड चार्ज नहीं लगता है। आप रोड के किनारे गाडी खडे कर दें और महल में प्रवेश कर सकते है। महल में प्रवेश का भी किसी प्रकार का चार्ज नहीं लगता है। 

Rai Bhagat Kothi Ramnagar Mandla - राय भगत की कोठी रामनगर, मंडला


Pond inside Rai bhagat's kothi 

Rai Bhagat Kothi Ramnagar Mandla - राय भगत की कोठी रामनगर, मंडला

 Inside View of Rai bhagat's kothi 

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) के बाहर बहुत अच्छा गार्डन बना हुआ है। गार्डन के बीच से महल में जाने का रास्ता है। महल में हम लोगों ने प्रवेश किया। महल का प्रवेश द्वार संगमरमर पत्थर से निर्मित है और यह महल में लाल कलर का पेंट पुता हुआ है और प्रवेश द्वार पर महल के छत में खूबसूरत पेंटिंग देखने मिलती है। यहां पर महल के बीच में एक छोटा सा तालाब बना हुआ। जिसमें पानी भरा था और कमल के फूल खिले हुए थे।

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) ज्यादा बड़ा नहीं था। आप इस महल को आधे घंटे में या इससे भी कम समय में पूरा घूम सकते हैं। वह हम लोगों ने भी घूमना स्टार्ट। हम लोग पहले महल के उपर वाले कमरे देखें। हम लोग ऊपर चढ़े और यहां पर जो सीढ़ियां हैं। वह काफी बड़ी बड़ी है और ऊंची ऊंची है। तो आपको  सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत जा सकती है। मुझे तो बहुत दिक्कत हुई। सीढ़ियां  चढ़ने में । 

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) 3 मंजिला भवन है और काफी खूबसूरत है। इस महल का  रखरखाव काफी अच्छा किया गया है। क्योंकि यहां पर किसी भी तरह की कोई गंदगी नहीं थी। पर यहां पर लोग आते हैं और गंदा जरूर करते है। पालीथिन वगैरह जरूर छोडकर जाते है। हम जब यहां पर आये थे। तब यहां पर स्कूल से छुटटी मारकर आये हुए बच्चों देख थे। यह बच्चे महल के बाहर गार्डन में बैठा थे। यहां पर बैठकर टाइम पास कर रहे थे। आप महल के उपरी मंजिल से बाहर देख सकते हैं। बाहर का नजारा बहुत अच्छा है। मंडला कृषि प्रधान जिला है और इस महल के उपर से आप खड़े होकर खेत देख सकते है। इस महल के सामने खेत का दृश्य देखने मिलता है। जब हम लोग गए थे। तब यहां पर धान की खेती हुई थी और वही काटकर यहां पर रखी हुई थी। तो आप काफी दूर का एरिया देख सकते हैं खेतों का और यहां पर गार्डन भी बहुत खूबसूरती से बनाया गया है तो आप उसे भी देख सकते हैं जो बहुत अच्छा लगता है ऊपर वाली मंजिल से।

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothiमें कई कमरें बने हुए है। यहां पर जो उपर जो कमरे है वहां काफी अच्छे है और उसमें पर्याप्त मात्रा में रोशनी आती है। यहां पर बहुत बडे बडे बरामदे भी है। जहां पर आप घूम सकते हैं। यहां पर बने हुए हैं या भवन बने हुए हैं और काफी खूबसूरत बने हुए हैं। इसके अलावा जहां पर बहुत ज्यादा अंधेरा रहता है तो चमगादड़ ने अपना घर बना लिया है और बहुत ज्यादा गंदा किया है। जहां पर चमगादड़ रहते है। वहां पर बहुत बदबू आती है। महल के नीचे वाले कमरे में चमगादड़ ज्यादा मात्रा में है क्योकि यहां पर सूरज की रोशनी कम आती है। महल के चारों कोने पर खूबसूरत गुम्बद बने हुए है। जो खूबसूरत लगते है। 

यहां काफी शांत जगह है। यहां पर शहरों की तरह बहुत ज्यादा शोर-शराबा और भीड़भाड़ वाला माहौल नहीं है। काफी अच्छा माहौल है। शांत इलाका है। यहां पर हमारे साथ कुछ और लोग भी घूमने आये हुए थे। 

हमारा इस महल का एक्सपीरियंस अच्छा रहा है। महल छोटा सा है। मगर रामनगर में आपके घूमने के लिए बहुत सारी जगह हैं। जहां पर आप घूम सकते है। 

यहां पर किसी भी तरह की वॉशरूम की सुविधा उपलब्ध नहीं है। आपको खुले में ही जाकर वाॅशरूम जाना होगा। यहां पर खाने-पीने की व्यवस्था तो है। चाय पानी के ठेले हैं ढेर सारे, तो आप चाय, पानी, नाश्ता कर सकते हैं। यहां पर हम लोग ने राय भगत की कोठी के घूमने के बाद चाय पिया क्योंकि हम लोग सुबह से घूम रहें थे। 

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो आप जरूर इस लेख को शेयर करें और अगर आपने रामनगर की किसी भी जगह की सैर की हो तो अपने जो भी अनुभव है वह हमसे जरूर साझा करिएगा ।

आपने अपना बहुमूल्य समय दिया उसके लिए धन्यवाद


Moti Mahal, Mandla - खूबसूरत मोती महल मंडला

मोती महल रामनगर, मंडला शहर 
Moti Mahal Ramnagar, Mandla City


रामनगर (Ramnagar) का किला मोती महल (Moti Mahal) नर्मदा नदी के किनारा बना हुआ है। इस महल को आप नर्मदा नदी के रामनगर पुल से देख सकते है। मोती महल मंडला (Moti Mahal, Mandla) शहर का एक प्राचीन किला है। मोती महल मंडला (Moti Mahal, Mandla) शहर में रामनगर गांव में स्थित है। आज के लेख में हम मोती महल के बारें में जानकारी दूॅगी।

Moti Mahal, Mandla - खूबसूरत मोती महल मंडला

Moti Mahal 


मोती महल मंडला में कहां स्थित है
Where is Moti Mahal located in Mandla?


रामनगर मंडला शहर से करीब 20 से 25 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आसानी से पहुंच सकते हैं। मंडला शहर के रामनगर गांव में मोती महल एवं अन्य प्राचीन स्मारक स्थित है। रामनगर जाने का रास्ता बहुत अच्छा है। रामनगर में आपको कई मंदिर एवं प्राचीन किलें देखने मिल जाते है। 

हम लोगों ने रपटा घाट घूम लिए थे। हम लोग रपटा घाट से अपनी स्कूटी से रामनगर की तरफ जाने के लिए निकले गए। रामनगर फोर्ट जाने वाला रास्ता मुख्य मंडला शहर से होकर रास्ता जाता है। फिर आपका हाईवे रोड मिल जाती है। हम लोग स्कूटी चला रहे थे। मंडला के इस रास्ते में आपको जंगल और पहाड देखने मिल जाते है। आपको मंडला के इस रोड में बहुत कम दुकान एवं देखने मिलेगी। जहां पर आप चाय नाश्ता कर सकें। हम लोगों को एक चाय वाले की दुकान देखी थी। इस दुकान में हम लोगों ने चाय पी और एक स्नैक का पैकेट लिया और कुछ देर बैठकर चाय पी और स्नैक खाया। उसके बाद आप लोग आगे निकल गए। आपको इस रोड में एक तीर्थ स्थल और देखने मिल जाता है। 


Arandi Shrine Place
एरंडी तीर्थ स्थल


एरन्डी तीर्थ संगम (Arandi Shrine Place) यह तीर्थ स्थल आपको इस रोड में देखने मिल जाएगा। इस तीर्थ स्थल का बोर्ड भी आपको रोड में ही देखने मिल जाएगा। मुख्य सडक से यह तीर्थ स्थल करीब एक से डेढ़ किलोमीटर आपको अंदर जाना पड़ता है। यह पर जो रास्ता आपको मिलेगा वो उबाड खबाड रहता है। आपकी गाडी एरन्डी तीर्थ संगम तक आराम से चली जाती है। यह पर आपको नर्मदा नदी का किनारा देखने मिलता है और शिव भगवान जी का शिवलिंग एक चबूतरे में विराजमान है। इस जगह पर आपको एक छोटी नदी नर्मदा नदी से मिलती है। यह जगह काफी शांत है। यहां पर आपकी गाड़ी तो चली जाती है मगर गाड़ी ऊपरी खड़ी करनी पड़ती है और नीचे आपको आना पड़ता है। यह पर ढलान होती है तो आपको अपनी गाडी संभलकर खडी करनी होती है और आपको संभलकर चलना होता है। 

Moti Mahal, Mandla - खूबसूरत मोती महल मंडला

Arandi Shrine Place 


हम लोग नर्मदा जी के दर्शन करने के बाद आगे बढ़े। रामनगर का जो रास्ता है। वह बहुत बढ़िया रास्ता है। यह पर चारों ओर जंगल है। आप इस जंगल वाले रास्ते से होते हुए रामनगर के पुल तक पहुॅच गए थे। 

नर्मदा नदी में पानी अभी कम हो गया था। रामनगर में नर्मदा जी उथली हुई है। यहां पर आप नहा सकते है, मगर यहां पर कपडे बदलने के लिए चेजिंग रूम नहीं है। नर्मदा नदी में बरिश के मौसम में पानी से लबालब भर जाती है और गर्मी आती है तो नर्मदा नदी पानी कम हो जाता है और इस खाली जगह में खेती होने लगती है। जब इस खाली जगह में खेती लगाते है, उसे तरी कहते है। यहां पर रामनगर पुल से ही हम लोगों को मोती महल देखने लगा। 

मोती महल रामनगर, मंडला की पूरी जानकारी
Complete information about Moti Mahal Ramnagar, Mandla


नर्मदा नदी के पास से हम लोग मोती महल पहुॅचे। मोती महल के बाहर एक मंदिर है जो शिव भगवान को समार्पित है। यह बहुत सुंदर मंदिर है मंदिर ज्यादा बड़ा नहीं है छोटा सा है। मगर लोगों की श्रद्धा बहुत बड़ी रहती है। इस मंदिर में बहुत सारे लोग भगवान के मंदिर में भजन कर रहे थे। यहां का माहौल काफी अच्छा था। यहां पर भंडारे का भी कार्यक्रम चल रहा था।

मोती महल (Moti Mahal) का निर्माण राजा हृदय शाह ने करवाया था और राजा हृदय शाह का यह निवास स्थल था उन्होंने इस महल का निर्माण 1651 में कराया था। 

Moti Mahal, Mandla - खूबसूरत मोती महल मंडला

Narmada River view 

Moti Mahal, Mandla - खूबसूरत मोती महल मंडला

View in front of Moti Mahal 


मुझे लगता है कि मोती महल (Moti Mahal) का प्रवेश द्वार पहले नर्मदा नदी की ओर होगा। मगर अब यह नहीं है। इस प्रवेश द्वार को बंद कर दिया गया है। महल के  बाजू से एक चढ़ाई वाला रास्ता है। इस रास्ते पर आपकी गाडी भी चली जाती है। वहां से आप मोती महल में प्रवेश कर सकते है। 

मोती महल (Moti Mahal) में हम लोगों ने प्रवेश किया। मोती महल (Moti Mahal) के सामने गाडी पर्किग का स्पेस है। यह पर आप गाडी खडी सकती है। गाडी खडी करने में किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता है। बिल्कुल फ्री है। अब अपनी गाड़ी खड़ी करके अंदर जा सकते हैं। आपको महल के जो प्रवेश द्वार है, उसके बाहर ही आपको ढेर सारे मिट्ठू देखने मिल जाते हैं। यहां पर बहुत सारे मिट्ठू है। मिट्ठू तो आपको पता होगे तोते। तोते अपनी आवाज में चैं चैं करते रहते है। 

उसके बाद हम लोग मोती महल (Moti Mahal) के अंदर गए। प्रवेश करने के लिए एक छोटा द्वार है। आप प्रवेश करते हैं, तो आपको महल के बीचोंबीच एक तालाब देखने मिलता है। हम जब गए थे। तब तलाब में थोड़ा पानी था। बरसात के समय में यह तालाब भरा रहता होगा। हम लोगों ने तालाब और चारों तरफ का महल का स्ट्रक्चर देख रहे थे। उसके बाद महल की रखरखाव करने वाले एक व्यक्ति ने हमें महल के एक तरफ से ऊपर चढ़ने को कहा और पूरा महल घूमते हुए दूसरी तरफ से नीचे उतरने के लिए कहा। हम लोग उसी प्रकार एक तरफ से ऊपर चढ़ गए और पूरा महल देखते हुए नीचे आ गए। महल काफी अच्छी तरह से बना हुआ है। महल में किसी भी तरह का भी नुकसान नहीं हुआ है। महल में अलग-अलग गुंबद देख सकते हैं। यह महल तीन मंजिला है आप देख सकते हैं।

मोती महल (Moti Mahal) में हम लोगों ने देखा कि लोग अपने नाम दीवारों पर लिख देते हैं।  महल की दीवारों को गंदा कर देते हैं। ये सब नहीं करना चाहिए। मोती महल छोटा ही है। ज्यादा बड़ा नहीं है। आप पूरा महल आधे घंटे में घूम सकते हैं। और इसके अलावा हम लोग महल के नीचे भी गए थे। महल के नीचे तहखाने में कमरें बने हुए थे। मगर इन तहखाने में थोड़ा अंधेरा रहता है। हम लोग ने बाहर से सब देख। हम लोग ज्यादा अंधेरे में नहीं गए। आप देखना चाहे तो अंदर जाकर देख सकते है। आप टॉर्च का जरूर प्रयोग करिएगा। तहखाने में पानी को निकलने की व्यवस्था की गई है वो आप देख सकते है। 

Moti Mahal, Mandla - खूबसूरत मोती महल मंडला

View inside Moti Mahal 


मोती महल (Moti Mahal) में बहुत सारे बंदर है। जो आपका सामान छीन कर भाग सकते हैं। तो आप अपना सामान अपने बैग में अच्छे से अपने पास रखें। खाने का सामान हाथ में लटका कर ना चले नहीं, तो बंदर आपका सामान छीन कर भाग सकते हैं। तो बंदरों से यहां पर आप सावधान जरूर रहे।

इस तरह हम लोगों ने पूरा महल घुमा और काफी अच्छा लगा हम लोग को महल घूम कर और यह महल ज्यादा बड़ा नहीं है, छोटा है। महल के ऊपर से नर्मदा नदी का बहुत अच्छा व्यू देखने मिलता है। महल में आपको वॉशरूम की सुविधा नहीं मिलती है। तो आपको इस चीज का जरूर ध्यान देना है। महल के आजू-बाजू में किसी भी तरह की खाने पीने की दुकान नहीं है। आपकी यात्रा यहां पर शुभ हो।

आपको अगर यह जानकारी अच्छी लगी हो और आप मंडला जिले के रामनगर के मोती महल गयें हों, तो अपना अनुभव हमसे जरूर साझा करें और इस लेख को जरूर शेयर करें।

धन्यवाद अपना बहुमूल्य समय देने के लिए


Rapta Ghat, Mandla City - मंडला शहर का रपटा घाट

Rapta Ghat Of Mandla City

रपटा घाट मंडला शहर का खूबसूरत घाट

रपटा घाट मंडला जिले का खूबसूरत है। रपटा घाट मुख्य मंडला जिले में स्थित है। रपटा घाट नर्मदा नदी पर मंडला शहर में स्थित एक मुख्य घाट है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। रपटा घाट मंडला जिले में बहुत फेमस है। इस घाट में बहुत सारे मंदिर हैं। आज के लेख में मैं आपको मंडला जिले की यात्रा में रपटा घाट के बारे में जानकारी दूंगी। यहां पर मेरे हिसाब से वृद्धजनों के रहने के लिए आश्रम भी स्थित है। हमारी मंडला की यात्रा 2 दिन की थी, और हम लोग पहले सहस्त्रधारा घूमने गए थे। उसके बाद हम लोग रपट घाट घूमने गए थे। 

Rapta Ghat, Mandla City - मंडला शहर का रपटा घाट

रपटा घाट  


रपटा घाट मंडला में कहां स्थित है
Where Is Rapta Ghat Located In Mandla?


रपटा घाट मंडला शहर में स्थित एक खूबसूरत घाट है। मंडला शहर मध्यप्रदेश शहर का एक जिला है। रपटा घाट मुख्य मंडला शहर में स्थित है। सहस्त्रधारा से रपटा घाट 4 से 5 किलोमीटर की दूरी पर होगा। हम लोग अपनी स्कूटी में गए थे। आप इस घाट में आराम से पहुंच सकते हैं। हम लोग  अपनी स्कूटी से लगभग 30 मिनट रपटा घाट पर पहुंच गए थे। यहां पर आप अपनी स्कूटी खड़ी कर सकते हैं।

रपटा घाट बहुत बड़ा घाट है। यह पर बहुत सारा स्पेस है। आप यहां पर आकर अपनी गाड़ी खड़ी कर सकते हैं और पूरा घाट घूम सकते हैं। घाट में बहुत सारी मंदिर है। घाट में बहुत सुंदर गार्डन बना हुआ है। जहां पर आप बैठ सकते हैं। 

मेरे द्वारा की गई रपटा घाट की यात्रा
My Trip To Rapta Ghat


हम लोग होटल में रुके थे और मैंने सुबह नहाया नहीं था। तो मुझे नहाना था, तो रपटा घाट में मैंने नहाया और घाट में आपको कपड़े चेंज करने के लिए छोटे-छोटे रूम मिलते हैं। जो लोहे के बने रहते हैं। तो मैंने वहां कपड़े चेंज किए। रपटा घाट में पानी इतना गहरा नहीं है। यह काफी खूबसूरत है। यहां पर घाट के पास ही में और नर्मदा नदी में एक चबूतरा बना हुआ है। इस चबूतरे में शंकर जी की मूर्ति स्थापित है तो उनकी पूजा कर सकते हैं। इस चबूतरा के पास आप जा सकते है। यह पर नदी थोडी गहरी होती है। 


हम ने नहा लिया और कपड़े बदले लिए। उसके बाद हम लोगों ने घाट में    घूमना शुरू किया। हम लोग रपटा घाट के उपर बहुत सारे मंदिर देखने मिले है। आपके बैठने के लिए रपटा घाट में बहुत अच्छी व्यवस्था है। आप कुछ समय यहां बैठकर रपटा घाट का देख सकते हैं। वैसे हम ने यहां पर एक मृत पशु की लाश बहती हुए देखी जो हम लोगों को बिल्कुल अच्छा नहीं लगा।  कुछ लोग इस तरह से पशुओं की लाश को नर्मदा नदी में बह देते है। 

Rapta Ghat, Mandla City - मंडला शहर का रपटा घाट

रपटा घाट  

नर्मदा नदी मध्य प्रदेश की फेमस नदी है, और हमें अपनी नदियों को साफ    रखना चहिए। नदियों में कचरा नहीं डालना चहिए उन्हे स्वच्छ रखना चहिए। हमें अपनी नदियों को साफ सुथरा रखना चाहिए। किसी तरह की गंदगी हमें नदियों में नहीं डालना चाहिए। तो यह दृश्य देखकर हम लोग को बहुत बुरा लगा। मगर इसके लिए क्या कर सकते हैं। बस लोगों को जागरूक कर सकते हैं, कि कोई भी इस तरह का काम नहीं करें। नर्मदा नदी में किसी भी प्रकार की गंदगी ना करें। किसी भी प्रकार का कचरा ना फैलाएं। 

रपटा घाट में नर्मदा नदी का खूबसूरत व्यू के अलावा यह पर बहुत सारे मंदिर है। यह मंदिर घाट के ऊपर बने हुए है। आप नर्मदा नदी व्यू देखने के बाद इन मंदिरों के दर्शन कर सकते हो। आपको यहां पर मां नर्मदा मां की रसोई  देखने मिल जाएगी, और साईं बाबा जी का मंदिर है। श्री गणेश जी का मंदिर भी है। 

श्री गणेश जी का बहुत खूबसूरत मंदिर है। यहां पर गणेश जी की बहुत खूबसूरत मूर्ति है और काफी बड़ी मूर्ति है। इसके अलावा यहां पर साईं बाबा जी का बहुत ही भव्य मंदिर है। हम लोग मतलब मैं मंदिर के अंदर नहीं गई थी। मै सभी मंदिर के बाहर से ही दर्शन किया। यहां पर नर्मदा रसोई भी है, जहां पर नर्मदा मां की मूर्ति विराजमान है। साईं बाबा जी के दर्शन करने के बाद आप नर्मदा मां के दर्शन कर सकते है।  

इन मंदिर के पास भी बैठने की भी अच्छी जगह है। जहां से आप नर्मदा नदी का बहुत ही खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। नर्मदा नदी के घाट के बाजू में ही आपको हाईवे रोड देखने मिल जाती है। नर्मदा नदी पर एक पुल बना हुआ है। इस हाईवे रोड से होते हुए आप नरसिंहपुर, सिवनी जा सकते है। यहां पर नर्मदा नदी पर एक छोटा पुल भी बना हुआ है। शायद पहले इसी पुल का प्रयोग किया जाता होगा। अब इस छोटे पुल में लोग घूमते रहते है और आपको बहुत से लोग यहां पर मछली पकडते दिख जाते है। नर्मदा नदी के एक सिरे से दूसरे सिरे पर जाने के लिए अभी बड़ा पुल का प्रयोग किया जाता है। नर्मदा नदी के बडे पुल में बड़ी बड़ी गाड़ियों को एक सिरे से दूसरे सिरे पर ले जाने के लिए इस पुल का प्रयोग किया जाता है। 

Rapta Ghat, Mandla City - मंडला शहर का रपटा घाट

रपटा घाट  

Rapta Ghat, Mandla City - मंडला शहर का रपटा घाट

रपटा घाट  

रपटा घाट पर एक छोटा पुल और भी बना हुआ है। इस छोटे पुल पर आप भी घूम सकते है। इस छोटे पुल से आप नर्मदा नदी के आर पार जा सकते है।  यह पुल पानी को रोकने के लिए मतलब पुल बना दिए हैं। पुल के नीचे गोल छिद्र बने हुए जिसमें से पानी निकलता है। इन छिद्रों से बहुत तेजी पानी निकलता है। यहां पर हमने कुछ लोगों को देखा जो टोकरी को इन छिद्र में बांधकर मछली पकडते थे। जो भी पानी के साथ मछलियां आती थी तो वो उनके टोकरी में आ जाती थी मतलब पानी बहुत ज्यादा निकलता है, तो टोकरी में मछली आ जाती थी। पुल के छिद्र में जहां पर पानी फोर्स फुली निकलता है। वहां पर टोकरी बांध दिया थे। इस छोटे पुल में कम से कम 10 से 15 छिद्र थे। बीच में नर्मदा जी का बहाव बहुत तेज था। जहां पर बहाव तेज था। वहां पर टोकरी बंधी हुई थी। हमने इन टोकरी में मछली भी देखा। मुझे लगता है कि दिन भर में करीब 10 से 20 किलो मछली ये लोग आराम से पकड लेते होगें। 

रपटा घाट में वृध्दााश्रमा बना हुआ है। आपको बहुत से वृध्द लोग जिनके घर वाले उन्हें नहीं रखते हैं, तो उनके लिए आश्रम बना हुआ है। यहां पर आप देख सकते हैं, उन लोगों को और रपटा घाट में बहुत से गरीब लोग जिनके रहने की किसी भी तरह की व्यवस्था नहीं है। वो भी यह पर शेड बनी हुई है यहां पर रहते है और खाना पीना बना रात को वही पर सो जाते हैं। 

रपटा घाट बहुत खूबसूरत है। हम लोग रपटा घाट में छोटे पुल बना है। हम लोग एक नर्मदा घाट से दूसरे तरफ जाने के लिए इस पुल से जा रहे थे। मगर हम लोग नही गए आधे से ही वापस आ गए। ये पुल काफी ज्यादा लंबा था, इसलिए हम लोग आगे नही गए थे। इस पुल में जहां पर नर्मदा नदी का तेज बहाव है। वहां पर पानी निकलता है वहां पर देखने में बहुत अच्छा लगता है। 

आप यहां पर अपनी फैमिली के साथ आ सकते हैं और यहां पर आप इंजॉय कर सकते हैं। वैसे मेरे हिसाब से मंडला सिटी जो है वह काफी सस्ती है, अगर आप यहां यात्रा करते हैं। तो आपका बहुत कम पैसा खर्चा होगा यहां पर और खाना भी ज्यादा महंगा नहीं है। हम लोगों को यहां पर खाना काफी कम दामों पर मिला। हम लोग लॉज रुके थे। उस लाॅज का खाना उतना अच्छा नहीं था मगर सस्ता था। 

हम लोग का रपटा घाट का एक्सपीरियंस बहुत अच्छा रहा। यहां पर आप आकर बहुत अच्छा टाइम बिता सकते हैं। यह घाट मुख्य शहर के बीच में स्थित है तो आप अगर यहां पर आते हैं। तो आराम से घाट तक पहुंच सकते हैं। आप गूगल मैप से इस जगह पर असानी से पहुंच सकते हैं। मंडला शहर में यह मुख्य घाट है और इस घाट पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते है। 

रपटा घाट में मुझे वॉशरूम की व्यवस्था नहीं देखी। यह पर जो लोग शेड के नीचे रहते है, वहां नर्मदा जी के किनारे वॉशरूम के लिए जा रहे थे। तो यह बात मुझे अच्छी नहीं लगी, नर्मदा नदी के किनारे गंदगी करना अच्छी बात नहीं है। सरकार को और लोगों को इस बात का विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए कि नर्मदा जी को इस तरह से गंदा ना किया जाए।

मै आप सब लोगों से ये ही कहना चाहती हूॅ कि आप लोग नर्मदा जी को स्वच्छ रखें। नर्मदा नदी में कचडा न डालें और नर्मदा नदी के किनारे शौच न करें। 

आपको अगर यह जानकारी अच्छी लगी हो। आप मंडला जिले के रपटा घाट   घूमें हो तो तो अपना अनुभव हमसे जरूर साझा करें और इस लेख को जरूर शेयर करें।

धन्यवाद अपना बहुमूल्य समय देने के लिए


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Waterfalls Near Jabalpur City

जबलपुर जिला के आसपास के झरने


जबलपुर मध्य प्रदेश राज्य का एक जिला है। जबलपुर को संस्कारधानी के नाम से भी जाना जाता है। जबलपुर में बहुत सारे दर्शनीय स्थल है। आज के लेख में मैं आपको जबलपुर जिले के झरनों के बारे में बताऊंगी। जबलपुर जिले में बहुत सारे झरने हैं। जहां पर आप जाकर घूम सकते हैं और अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। चलिए जानते हैं जबलपुर जिले के झरनों के बारे में

Waterfalls Near Jabalpur - जबलपुर के आसपास  झरने

Bagdari Falls 


 जबलपुर के आसपास  झरने (Waterfalls Near Jabalpur)

1. धुआंधार जलप्रपात - Dhuandhar Falls (Bhedaghat)

धुआंधार जलप्रपात (Dhuandhar Fallsजबलपुर में स्थित है। यह जलप्रपात पूरे देश में प्रसिद्ध है। यह जबलपुर शहर की शान है। यह पर आप अपना अच्छा टाइम बिता सकते है यह जलप्रपात जबलपुर मुख्य शहर से लगभग 25 किमी की दूरी पर भेडाघाट में स्थित है। यह झरना नर्मदा नदी पर बना है। यह पर नर्मदा नदी 30 फीट उची चटटानों से नीचे गिरती है। यह बहुत ही खूबसूरत दिखाता है। यह पर आपको संगमरमर की चटटानें देखने मिलती है। इन संगमरमर के चटटानों के बीच से नर्मदा नदी बहती है। यह पर जलप्रपात देखने के अलावा आप शापिंग भी कर सकते है। यह पर आपको बहुत सारी दुकान देखने मिल जाएगी। यह पर रोपवे की भी सुविधा है। रोपवे से आप धुआधार का खूबसूरत नजारा देख सकते है। आप यह पर नर्मदा नदी मे बोटिग भी कर सकते है और सगमरमर की वदियों का मजा ले सकते है। इस जलप्रपात का मजा आप पूरे साल ले सकते है।

धुआंधार जलप्रपात (Dhuandhar Falls) से करीब 1 से डेढ किमी की दूरी पर चौसठ योगिनी मंदिर (Chausath Yogini Temple) स्थित है। यहां पर आप प्राचीन समय के चौसठ योगिनी मंदिर (Chausath Yogini Temple) के भी दर्शन कर सकते हैं। चौसठ योगिनी मंदिर (Chausath Yogini Temple) में आपको 64 मूर्तियां देखने के लिए मिल जाती है, जो खंडित अवस्था में है। यहां पर मंदिर के बीच में शिव भगवान जी का मंदिर बना हुआ है। जो प्राचीन समय का है जिस में शिव जी की पत्थर की मूर्ति विद्यमान है।

पचमट्ठा मंदिर धुआंधार जलप्रपात से करीब 2 से ढाई किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर पैदल भी जा सकते हैं। इस मंदिर में पांच मंदिर बने हुए हैं जिनमें शिव शिवलिंग स्थापित है।

Waterfalls Near Jabalpur - जबलपुर के आसपास  झरने

Dhuandhar Fall
s


2. घुघरा जलप्रपात - Ghughra Falls

घुघरा जलप्रपात (Ghughra Falls) नर्मदा नदी पर बना है। यह बहुत खूबसूरत एवं शांत जगह है। घुघरा जलप्रपात (Ghughra Falls) एक छोटा सा मगर बहुत खूबसूरत जलप्रपात है। यह पर आपको नर्मदा नदी का बहुत ही खूबसूरत नजरा देखने मिलता है। यह पर आप अपनी गाडी सीधे जलप्रपात के पास तक लेके जा सकते है। यह पर पानी का बहाव बहुत तेज है। यह पर ज्यादा भीड नही होती है या कहा जाए तो बिल्कुल भीड ही नहीं रहती है। तो यह पर आप अपना अच्छा समय बिता सकते है यह पर आप अपनी फैमिली और फेडस के साथ आ सकते है। यह झरना जबलपुर से करीब 20 किमी की दूरी पर स्थित होगा। यह पर आप अपने वाहन से जा सकते है। यह जलप्रपात धुआधार से लगभग 5 से 6 किमी की दूरी पर होगा। यह पर ज्यादा शाॅप नहीं है केवल एक ही शाॅप है इसलिए आप ज्यादा समय के लिए जा रहे तो अपने लिए खाना और पानी लेकर जाए। 

Waterfalls Near Jabalpur - जबलपुर के आसपास  झरने

Ghughra Falls


3. भदाभदा जलप्रपात - Bhadbhada Falls

भदाभदा जलप्रपात (Bhadbhada Falls) गौर नदी पर बनता है। यह बहुत खूबसूरत जलप्रपात है। यह का दृश्य बहुत ही मनमोहक होता है। यह पर ज्यादा भीड नही रहती है इसलिए यह पर आप अपना अच्छा समय बिता सकते है। यह पर पानी का वहाव बहुत तेज होता है। यह पर आप अपने फैमिली और फेडस के साथ जाये । यह पर आपको बहुत सुंदर दृश्य दिखने मिलेगा। यह पर आप अपनी वाहन से असानी से पहुॅचा सकता है। यह पर बस या आटो नही चलती है। यह एक अच्छी जगह है। यह झरना आपको साल भर देखने नहीं मिलेगा यह गर्मी में पानी नही रहता है। इसका झरने का मजा आप बरसात और ठंड मे ले सकते है। यह झरना जबलपुर से 15 से 20 किमी की दूरी पर स्थित है। 

भदाभदा जलप्रपात (Bhadbhada Falls) से लगभग 5 से 6 किमी की दूरी पर जमतरा ब्रिज है। जहां से आपको नर्मदा मैया का खूबसूरत नजारा दिखेगा। यह पर गौर नदी आकर नर्मदा नदी से मिलती है आप वो भी देख सकते है। यह पर एक पुराना ब्रिज है जिसमें से पुराने समय में रेल निकलती थी। अब यहां से रेल नहीं निकलती है अब यहां पर आप घूमने जा सकते है। 

Waterfalls Near Jabalpur - जबलपुर के आसपास  झरने

Bhadbhada Falls

4. निदान जलप्रपात - Nidan Falls

निदान जलप्रपात (Nidan falls) बहुत खूबसूरत है। इस जगह की खूबसूरत की लाजाबाब है। निदान जलप्रपात  (Nidan falls) चारों तरफ खूबसूरत पहाडो से घिरा हुआ है। यह जबलपुर शहर 50 से 55 किमी की दूरी पर कंटगी पर स्थित है। आपको बरसात के समय मे कंटगी रोड से यह जलप्रपात दिखता है। यह पर आपको पर्किग चार्ज लगता है। आपको पार्किग चार्ज 20 रू लगता है। मै इस जलप्रपात 2019 में गई थी। हम लोग बरसात के मौसम में गए थे। आपको यह पर जाकर पर्किग स्थल से 1 किमी पैदल चलना पडता है। यहां चारों तरफ हरियाली और बहता हुआ पानी बहुत खूबसूरत लगता है। यह पर आप ग्रुप मे जाया क्योकि यहां पर जलप्रपात तक जाने के लिए जंगल वाला रास्ता पडता है इसलिए सेफटी का ध्यान जरूर दे। यह पर कुंड पर भी आप सेफटी का ध्यान दे क्योकि यह का कुंड गहरा है।  

Waterfalls Near Jabalpur - जबलपुर के आसपास  झरने


5. खंदारी जलप्रपात एवं जलाशय - Khandari Lake and Falls

खंदारी जलप्रपात (Khandari fall) जबलपुर शहर का एक मुख्य जलप्रपात है। इस जलप्रपात का मजा आपको बरसात में लेने मिलता है। यह पर एक छोटा सा जलप्रपात बनता है, जो बहुत ही आकर्षक लगता है। हम यहां पर 2019 में गए थे। यहां पर खंदारी जलाशय (Khandari Lake) है। साल 2019 में बरसात बहुत ज्यादा हुई थी जिससे खंदारी जलाशय (Khandari Lake) ओवरफलो हो गया था, जिसको देखने के लिए पूरे जबलपुर से लोग आये हुए थे। यह पर खंदारी जलाशय (Khandari Lake) के पास ही मे एक छोटी सा झरना बनता है जो बहुत खूबसूरत लगता है। आप यहां पर नहा भी सकते। यहां का आसपास का वातावरण बहुत अच्छा है। यह जबलपुर शहर से 10 से 12 किमी की दूरी पर स्थित है। यह पर आप अपने वाहन से जा सकते है।

6. बगदरी झरना - Bagdari Falls

बगदरी झरना (Bagdari falls) जबलपुर शहर से 50 से 55 किमी की दूरी पर है। बगदरी झरने (Bagdari falls) तक आप अपने वाहन से असानी से पहॅुच जायेगे। यह पर बहुत खूबसूरत झरना है। यहां पर आकर बहुत एजांय कर सकते है। यह पर खासकर लडके ही ज्यादा देखने मिलता है। आप यहां पर आकर खूबसूरत पहडियों का दृश्य देखने मिल जायेगा। यह पर आप अपने फैडस और फैमिली के साथ आ सकते है। यह पर पानी बरसात मे होता है गर्मी मे पानी नहीं रहता है। यहां पर आप एक बडी सी चटटान में बैठकर झरने का सुंदर व्यू देखने मिल जाएगा।

Waterfalls Near Jabalpur - जबलपुर के आसपास  झरने

Bagdari Waterfalls 


7. टेमर झरना - Temar Falls

टेमर झरना (Temar Falls) जबलपुर के बरगी बांध पास ही मे स्थित है। इस झरने तक आप अपनी गाडी से जा सकते है। यह झरना बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर जाकर अच्छा समय बिता सकते है। यह जलप्रपात बरगी में काली जी विशाल मूर्ति के पास ही मे है। झरने तक जाने के लिए रोड कच्ची है। आप यहां पर अपने दोस्तों के साथ जा सकते है और एजांय कर सकते है। 

आपको अगर यह जानकारी अच्छी लगी हो। अपने इन झरनों में घूमा हो तो अपना अनुभव हमसे जरूर साझा करें और इस लेख को जरूर शेयर करें।

धन्यवाद अपना बहुमूल्य समय देने के लिए

Bargi Dam Jabalpur -- बरगी बांध एक खूबसूरत जगह

Bargi Dam - Famous tourist place of Jabalpur City

बरगी बांध- जबलपुर शहर का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल

बरगी बांध नर्मदा नदी पर बना हुआ पहला बांध है। बरगी बांध जबलपुर जिले में बना हुआ है। मगर बरगी बांध का भराव क्षेत्र मंडला जिले तक है। बरगी बांध एक बहुत ही खूबसूरत बांध है। बरगी बांध जबलपुर का एक खूबसूरत दर्शनीय स्थल है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। आप इस जगह पर अपना पूरा दिन बिता सकते हैं। यहां पर आपको बहुत ही खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। बरगी बांध में चारों तरफ आपको पानी पानी देखने मिलता है।

Bargi Dam Jabalpur -- बरगी बांध एक खूबसूरत जगह

Bargi Dam Gate 


बरगी बांध जबलपुर में कहां स्थित है और आप कैसे जा सकते हैं

बरगी बांध जबलपुर में स्थित है। बरगी बांध जबलपुर से करीब 38 किलोमीटर की दूरी पर है। जबलपुर मध्यप्रदेश का एक जिला है। बरगी बांध में आपको पहुंचने के लिए किसी भी तरह की बस या ऑटो की सर्विस नहीं रहती है। बरगी बांध आप अपने वाहन से आ सकते हैं या आप  गाड़ी या आटो वगैरह बुक करके बरगी बांध तक पहुंच सकते हैं। आपके बरगी बांध जाने के लिए एक साधन और है। यहां पर आपका घंसौर और सिवनी के आसपास के गांव जाने के लिए बस भी चलती हैं। ये बसें बरगी बांध रूट से होते हुए जाते है, तो आप इन बस से भी बरगी बांध जा सकते है। आप जबलपुर से इन बसों में बैठ कर बरगी बांध में उतर सकते हैं। बाकी बरगी बांध तक जाने के लिए और कोई साधन नहीं है। 

बरगी बांध में आप नेशनल हाईवे 7 के द्वारा भी आसानी से पहुंच सकते हैं।  आप जबलपुर किसी अन्य शहर से आते है, तो आप बरगी बांध असानी से आ सकते है। नेशनल हाईवे 7 से बरगी बांध 5 से 6 किलोमीटर की दूरी पर होगा। नेशनल हाईवे 7 जबलपुर को नागपुर शहर को जोडता है।

अगर आप अपने वाहन से बरगी बांध आते है, तो आपको पहले से जबलपुर मंडला वाला रोड से आना होगा और गौर चौराहा से आपको आगे बढना होगा गौर चौराहा से बरगी बांध 25 किमी है। 

Bargi Dam Jabalpur -- बरगी बांध एक खूबसूरत जगह

Bargi Dam Gate 

Bargi Dam Jabalpur -- बरगी बांध एक खूबसूरत जगह

Bargi Dam view 

बरगी बांध की खूबसूरती
The beauty of Bargi Dam


बरगी बांध एक खूबसूरत बांध है। अर्थात बरगी बांध का एक बहुत बडा जलाशय है। आप जब बरगी बांध जाते हैं, तो आपको यहां पर दूर-दूर तक पानी ही पानी नजर आता है। यहां पर आपको चारों तरफ पानी ही पानी देखने मिलता है। आप यहां पर पानी से सम्बान्धित गतिविधि भी कर सकते है। आप बरगी बांध में अपना पूरा दिन बिता सकते है। 

बरगी बांध जाने वाला रास्ता भी बहुत खूबसूरत है। आपको इस रास्ते में पेड़ पौधे देखने मिलते हैं। गर्मी के टाइम में पेड़ पौधों में लाल वाले फूल खिलते हैं, जिससे पूरे रास्ते में फुल फूल बिछ जाते है। ऐसा लगता है कि बरगी बांध आपका स्वागत कर रहा हो। 

आप बरगी बांध के गेट पर पहुंचते हैं, तो आपको यहां पर रेस्टोरेंट दिखाई देता है। जहां पर आप स्नेक वगैरह ले सकते हैं। चाय कॉफी पी सकते हैं। आप बरगी बांध के गेट से प्रवेश करते हैं, तो आपको बरगी बांध का खूबसूरत व्यू देखने स्टार्ट हो जाता है। आपको यहां पर नहर भी देखने मिलती है। यहां पर फोटो बहुत बढ़िया आती है। गर्मी के टाइम में बरगी बांध का पानी नीचे खिसक जाता है। बरगी बांध पर गर्मी के टाइम में आप शाम को आते हैं, तो आपको शाम को बहुत ही सुंदर दृश्य देखने मिलता है। आप पैदल ही बरगी बांध के गेट तक जा सकते हैं। इसकी दूरी काफी है, करीब 2 से 3 किमी होगा। बरगी बांध के प्रवेश गेट से बरगी बांध के गेट जहां से पानी निकलता है तक की दूरी बहुत ज्यादा है। यहां पर आप गाड़ी नहीं ले जा सकते हैं। पैदल ही जाना रहता है। बरगी बाध का प्रवेश द्वार कभी कबार का खुला रहता है, तो आप गाड़ी ले जा सकते हैं। बरगी बांध का गेट हमेशा ही बंद रहता है।

बरगी बांध के गेट जहां से पानी निकलता है के पास जाते हैं, तो गेट के अंदर जाने की मनाही है। ये गेट आपको बरसात के सीजन या फिर सण्डे के दिन आप जाते है, तो यह गेट खुले रहते है। तो आप लोग जा सकते है या फिर आपको गेट के पास बैठे चैकीदार को 10 या 20 रू देकर बरगी बांध घूम सकते है। 

वैसे मुझे तो बरगी बांध के इन गेटों पर बहुत ही डर लगता है। मगर आपको गेट के बाहर से बरगी बांध का बहुत ही प्यारा व्यू देखने मिलता है। बरगी बांध में वैसे बरसात एवं ठंडा के मौसम में ज्यादा भीड रहती है। गर्मी के मौसम में यहां पर कम भीड रहती है। बरगी बांध के गेट के पास ही मैं आपको उबली बैर और मक्के बेचते हुए लोग मिल जाएंगे। यह गांव वाले ही लोग रहते हैं जो ये सामान बेचते हैं, तो आप इनका आनंद भी उठा सकते हैं। 
आप बरगी बांध घूम के बरगी बांध के सामने का एरिया भी देख सकते हैं। आप बरगी बांध के गेट बरगी बांध के समाने से भी देख सकते है। बरगी बांध के सामने से घंसौर जाने के लिए रास्ता निकलता है। यह पर एक पुल बना है। आप इस पुल पर खंडे होकर बरगी बांध के पूरे गेट देख सकते है। बरगी बांध में 21 गेट है। 

आपको बरगी बांध में एक रेस्टोरेंट मिलता है। जहां पर आप कुछ स्नैक वगैरह खा सकते है। आप यहां पर चाय काफी भी ले सकते है। बरगी बांध में आपको वाटर स्र्पोटश का आंनद ले सकते है। यहां पर आपको बहुत सारे एडवेंचरस गेम भी देखने के लिए मिल जाते हैं जिसमें बोट राइड, फिशिंग वाटर, स्कूटर आदि सुविधाएं हैं। जिससे बरगी डैम की आपकी यात्रा और भी मनोरंजक बन जाएगी। 

बरगी बांध का नजारा बहुत ही खूबसूरत होता है। बरसात में बरगी बांध के  गेट खोल दिए जाते हैं। जो देखने में बहुत ही आकर्षक लगते हैं। पानी बहुत ज्यादा रहता है बरसात के टाइम में। जो बरगी बांध के गेट है उनके उपर से पानी छलकता है। बरगी बांध गर्मी के टाइम में भी बहुत प्यारा लगता है। 

Bargi Dam Jabalpur -- बरगी बांध एक खूबसूरत जगह

Bargi Dam Canal 

बरगी बांध के आसपास में घूमने वाली जगह
Places to visit in the vicinity of Bargi Dam.


बरगी बांध के आस-पास भी बहुत सारे दर्शनीय स्थल है। जहां पर आप घूम सकते हैं। यहां पर आपको घूमने के लिए एक शिव भगवान जी का मंदिर है। जो ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। जहां पर जाकर आपको बरगी बांध का बहुत ही खूबसूरत व्यू दिखाई देता है। यह शिव मंदिर है। यह पूरी तरह सफेद मार्बल से बना हुआ है और बहुत खूबसूरत मंदिर है। इस मंदिर में अच्छे से साफ सफाई की गई है। इस मंदिर तक आप अपनी गाड़ी लेकर जा सकते हैं। यह बरगी बांध का व्यूप्वाइंट है जो बहुत अच्छा है। आप यहां पर   घूम सकते हैं। इसके अलावा बरगी बांध में आपको काली जी प्रतिमा भी देखने मिलती है। यहां जबलपुर की सबसे ऊंची प्रतिमा देखने मिल जाएगी। यह प्रतिमा काली जी की है और यह करीब 106 फीट ऊंची है। इस प्रतिमा के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। नवरात्रि में यहां पर बहुत भीड़ रहती है। यह प्रतिमा लोगों को दूर से दिखाई दी जाती है। इस मंदिर को काली गढ़ स्टेट के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर फेमस है।

आपको अगर यह जानकारी अच्छी लगी हो या फिर आप बरगी बांध घूमा हो तो अपने अनुभव हमसे जरूर साझा करें और इस लेख को जरूर शेयर करें।

Pandav Caves Pachmarhi - पचमढ़ी के पांडव गुफा की यात्रा

Information about Pandava Cave of Pachmarhi
पचमढ़ी के पांडव गुफा की जानकारी 


पांडव गुफा पचमढ़ी की एक खूबसूरत और धार्मिक जगह है। पांडव गुफा पचमढ़ी शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। पचमढ़ी शहर का नाम पांच पांडव गुफा के नाम पर रखा गया है। यहां पर एक बहुत बड़ी चट्टान है। जिस पर गुफा बनाई गई है। यह पचमढ़ी शहर का एक खूबसूरत जगह है। यहां पर खूबसूरत गार्डन भी है, जिसमें आपको तरह तरह के फूल देखने मिलते हैं।

Pandav Caves Pachmarhi - पचमढ़ी के पांडव गुफा की यात्रा

Pandav Cave Garden 


पचमढ़ी के पांडव गुफा की स्थिति
Status of Pandav Cave of Pachmarhi


पचमढ़ी एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। पचमढ़ी सतपुडा की पहाडियों में बसा है। पचमढ़ी को सतपुडा की रानी कहा जाता है। पचमढ़ी होशंगाबाद शहर में स्थित है। होशंगाबाद शहर मध्य प्रदेश का एक जिला है। पचमढ़ी में आप रेलगाडी के माध्यम से पहूॅच सकते है। पचमढ़ी मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है। पांडव गुफा पचमढ़ी में स्थित है। पांडव गुफा पचमढ़ी से करीब 2 या 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगी। आप यहां पर पैदल भी जा सकते हैं। बहुत से लोग जिप्सी या ऑटो से यहां आते है। 

यहां पर हम लोग बहुत पहले करीब 10 साल पहले पैदल ही आये थे। उस समय पचमढ़ी में इतनी गाड़ियां वगैरह नहीं चलती थी। उस टाइम पर यहां पर इतने ज्यादा टूरिस्ट लोग नहीं आते थे। अभी तो बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। यहां पर उस टाइम पर हम लोग पांडव गुफा तक पैदल आ गए थे और अभी हम लोग गाड़ी से यहां पर घूमने गए थे। हम पाडंव गुफा अभी 2019 गए थें इस समय पचमढ़ी में बहुत बदलाव हो चुका है। यहां पर मै और मेरी मम्मी और हमारे साथ एक अंकल जो हम लोगों के साथ जिप्सी शेयरिंग किया था। हम लोग पांडव गुफा पहुॅचे यहां पर मेरी मम्मी गुफा के उपर नहीं चढी वहां नीचे खडी रही और मै अंकल हम दोनों इस गुफा के उपर चढकर पूरी गुफा  घूमें।  यहां पर मेरा अनुभव अच्छा रहा जो मै आपके साथ शेयर कर रही हूॅ। 

पांडव गुफा का विवरण
Description of Pandav Cave

पांडव गुफा पर एक बड़ी सी चट्टान है, ये गुफाए चटटानों को काटकर बनाई गई है। यह पर अब इन गुफाओं में ताला लगा दिया गया है, इन गुफाओं के जानें पर मनाही है, क्योंकि लोग इन गुफाओं को गंदा करते हैं। गुफा के अंदर ही बाथरूम वगैरह कर देते हैं। इसलिए गवर्नमेंट ने इन गुफाओं में ताला लगाया है। इन गुफाओं को देखने के लिए आपको इन गुफाओं तक पहुॅचना होगा उसके लिए इन चट्टान में सीढ़ियां बनाई गई है। चट्टान को तराश कर सीढ़ियां बनाई गई है। सीढ़ियों में रेलिंग लगाई गई है, ताकि कोई इन चट्टानों से गिरे ना। क्योंकि लोग बडे ही लपरवाह होते है। लोगों की लपरवाही के कारण यह बडी चटटान से गिर सकते है। इसलिए रेलिंग लगी है। इसके अलावा यह चटटान भी बहुत बडी है। आप इन गुफाओं को देखते है तो आपको बहुत    बढिया लगती है। 
पांडव गुफा एक छोटी से गुफा है जो खुली हुई है, जिसमें सरकार ने ताला नहीं लगाया है। मगर लोग उस गुफा में ही बाथरूम कर देते है। हम इन प्राचीन गुफा में इस तरह गंदा नहीं करना चहिए। इन गुफाओं को साफ रखना चहिए।

Pandav Caves Pachmarhi - पचमढ़ी के पांडव गुफा की यात्रा

Pandav Cave 

पांडव गुफा के सामने एक उद्यान स्थित है, जो बहुत खूबसूरत है। इस उद्यान में तरह तरह के फूल लगाए गए हैं। इस उद्यान की अच्छी तरह देखभाल की जाती है। इस उद्यान से होते हुए ही पांडव गुफा तक जाने का रास्ता है। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगता है। आप इस उद्यान में बैठकर अपना समय बिता सकते हैं।

इस उद्यान पर आप फोटो भी खिंचा सकते हैं। आपकी फोटो यहां पर बहुत अच्छी आती है। यह एक अच्छी लोकेशन है और यहां पर आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ आकर खूब मजे कर सकते हैं।

पांडव गुफा के बारे में कहा जाता है कि इन गुफाओं को बौद्ध भिक्षुओं द्वारा  बनाया गया है। आपको इन गुफाओं की बनावट और रचना से देखकर इस बात की जानकारी मिल सकती है। इन गुफाओं का निर्माण 6 वीं से 10 वीं शताब्दी के मध्य किया गया होगा। पांडव गुफा में आपको स्तंभ देखने मिलेगें जिनमें खूबसूरती से उकेर कर डिजाइन बनाया गया है। 

पांडव गुफा की चोटी में आपको ईट की एक संरचना के अवशेष देखने मिल जाएगे। जो प्राचीन समय में यह पर बौध्द स्तूप होगा। इसके अलावा यहां बुद्ध भगवान की एक मूर्ति मिली थी जो अब भोपाल में है।

पांडव गुफाओं के बारे में कहा जाता है कि इन गुफाओं में प्राचीन समय में पांडव आए हुए थे। निष्कासन काल के दौरान पांडव यहां पर रहने आए थे। पांडव यहां पर काफी समय तक रहे थे। युधिष्ठिर, अर्जुन, नकुल, सहदेव, भीम पाॅच पांडव थे और उनकी पत्नी द्रौपदी थी। इसलिए इन गुफाओं को पांडव गुफा कहा जाने लगा। इन गुफाओं में अलग अलग कक्ष है, जिनमें पांडव रहते थे। यह पर कहा जाता है कि द्रोपदी के लिए अलग कक्ष था। यह कथ बडा और हवादार था। भीम के लिए जो कक्ष था वो गहरा था। 

यह घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। आप यहां पर मार्च के पहले आयेगे तो अच्छा होगा। वैसे पचमढ़ी में गर्मी में भी लोग आते है। आप यहां पर गर्मी में आते है तो आपको यह पर जरूर परेशानी हो सकती है, क्योकि यह पर पहाडी पर किसी भी प्रकार की छाया की व्यवस्था नहीं है। गार्डन में आने वाले रास्ते में शेड लगाया गया है। 

पांडव गुफा के गार्डन के बाहर आपको बहुत सारी रोमाचक गतिविधि करने मिल जाती है। यह छोटी बाइक की सवारी करने मिल जाती है, जो बच्चों के लिए होती है। बच्चे यहां पर एंजाय कर सकते है। इसके अलावा यह पर आपको बहुत सारी फास्ट फुड की दुकानें मिल जाएगी। जहां से आप मैंगी या और कुछ फास्ट फुड आर्डर कर सकते है। यहां पर आपको घोडे भी देखने मिल जाएगे। यहां पर घुडसवारी का आंनद भी ले सकते है। 

पांडव गुफा फोटोग्राफी के लिए एक अच्छी जगह है। आप पांडव गुफा के ऊपर से पचमढ़ी का पूरा दृश्य देखा जा सकता है। पांडव गुफा अच्छी तरह से प्रबंधित पर्यटक स्थल है। गार्डन का रखरखाव ठीक से किया जाता है। यह जगह काफी आकर्षण लगती है। यह एक शांतिपूर्ण जगह है। 

हमारा इस जगह का अनुभव बहुत अच्छा रहा है और आप इस जगह आ सकते है। यह पचमढ़ी के बहुत ही पास ही में स्थित है। आप यहां पर असानी से पहुॅच सकते है। आप अगर पैदल आना चाहते है तो इस जगह आ सकते है। अगर आप यहां साइकिल से आने चाहते है, तो आ सकते है। साइकिल से  पचमढ़ी का सफर बहुत बढिया होता है। यह पर गर्मी के मौसम में भी 30 से 35 डिग्री तापमान रहता है। इसलिए लोग यहां पर गर्मी में भी आते है। 

Rani Durgavati Abhyaran | Rani Durgavati Sanctuary | रानी दुर्गावती अभयारण्य

Rani Durgavati Sanctuary Beautiful Part of Damoh City.

रानी दुर्गावती अभ्यारण्य

रानी दुर्गावती अभ्यारण्य दमोह जिले का एक खूबसूरत जगह है। यह जगह प्रकृति से भरपूर एक प्राकृतिक जगह है। यहां पर आकर आप अपना पूरा दिन बिता सकते हैं। यहां पर आपको पूरा जंगल देखने मिलेगा और जंगली जानवर भी देखने मिलेंगे। रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में जंगल में घूमने के अलावा भी बहुत सारी जगह है जहां पर आप घूम सकते हैं।

Rani Durgavati Abhyaran | Rani Durgavati Sanctuary | रानी दुर्गावती अभयारण्य

Najara View Point

रानी दुर्गावती अभ्यारण्य का लोकेशन

Location in Rani Durgavati Sanctuary


यह अभ्यारण्य मध्य प्रदेश के दमोह जिले में स्थित है। दमोह जिला जबलपुर जिले के बहुत करीब है। इस अभ्यारण्य में जबलपुर जिले से भी पहुंचा जा सकता है और दमोह जिले से भी पहुंचा जा सकता है। यह अभ्यारण्य दमोह जिले के सिंग्रामपुर तहसील के पास स्थित है। यह अभ्यारण्य दमोह जिले के सिंग्रामपुर तहसील में स्थित है। सिंग्रामपुर तहसील से रानी दुर्गावती अभ्यारण्य 4 या 5 किलोमीटर की दूरी पर होगा। यह अभ्यारण्य दमोह जबलपुर हाईवे रोड पर ही पड़ता है, तो आप यहां पर सड़क के माध्यम से आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर आप अपनी बाइक के द्वारा आसानी से आ सकते हैं। आप इस अभ्यारण्य में कार से भी आ सकते हैं। 

आप रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में बाइक से अच्छी तरह घूम सकते है। रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में बहुत सारी जगह है। जहां पर आप घूम सकते हैं। रानी दुर्गावती अभ्यारण्य  जितनी भी जगह है। वह पूरी तरह प्राकृतिक एवं प्राचीन है। रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में आपको जंगली जानवर देखने मिलते है। आपको यह पर बहुत सारी जगह आपको देखने मिलती है।

रानी दुर्गावती अभ्यारण का एंट्री चार्ज
Rani Durgavati sanctuary's entry charge


रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में आपके वाहन का 60 रू. लगता है। आपको एक एंट्री टिकट मिलती है। इस टिकट के जरिये आप इस अभ्यारण्य में जितने भी  दर्शनीय स्थल है वो आप इस एंट्री टिकट से घूम सकते है। ये 60 रू. आपकी गाडी का चार्ज होता है आपकी जितनी भी गाडी रहेगी उन सभी गाडी का 60 रू. लगेगा। हम लोगों ने कार का पता नहीं किया था कि कितना चार्ज लगेगा कार का। मेरे हिसाब से कार का चार्ज भी 60 रू. लगता होगा। हम लोग स्कूटी ले गए थे तो स्कूटी का हम लोग का 60 रू. लगा था। आप यह 60 रू. देकर रानी दुर्गावती अभ्यारण्य की निदान जलप्रपात, नजारा व्यू पांइट, सिंगौरगढ का किला, दानीताल तालाब, सद्भावाना शिखर, और भी बहुत से जगह देख सकते है। रानी दुर्गावती अभयारण्य में मैंने जिन भी जगह घुमा है। मैं आपको उन जगहों की जानकारी आपसे शेयर कर रही हूं।

निदान जलप्रपात - Nidan Waterfalls 

निदान जलप्रपात रानी दुर्गावती अभ्यारण में स्थित है और यह बहुत ही खूबसूरत जलप्रपात है। यह जलप्रपात चारों तरफ से सुंदर पहाड़ियों से घिरा हुआ है और आपको जलप्रपात तक पहुंचने के लिए करीब एक से डेढ़ किलोमीटर का पहाड़ी रास्ता तय करना पड़ता है। आप दूर से भी इस जलप्रपात को देख सकते हैं जो बहुत खूबसूरत दिखता है यहां पर आप जाकर जलप्रपात के नजदीक में बैठ सकते हैं। यहां पर एक कुंड भी है जहां पर आप स्नान कर सकते हैं।

Rani Durgavati Abhyaran | Rani Durgavati Sanctuary | रानी दुर्गावती अभयारण्य

Nidan Waterfall

Rani Durgavati Abhyaran | Rani Durgavati Sanctuary | रानी दुर्गावती अभयारण्य

Nidan Waterfall 

निदान जलप्रपात, दमोह

सिगौरगढ का किला - Fort of Singaurgarh

रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में आपको सिगौरगढ का किला देखने मिलता है। यह एक खूबसूरत महल हुआ करता था अर्थात प्राचीन समय में यहां पर रानी दुर्गावती का गढ हुआ करता है। यह पर रानी दुर्गावती का विवाह हुआ था। यह किला रानी दुर्गावती अभ्यारण्य के अंदर स्थित है। आपको इस किले तक पहुॅचने के लिए आपको रानी दुर्गावती अभ्यारण्य की मुख्य सडक से 3 से 4 किमी की दूरी दूरी तक चलना होता है। आप यह पर अपनी गाडी से आसानी से जा सकते है। आपको यह पर जाने के लिए आधी दूर पर कच्ची सडक मिलती है। आपकी गाडी या कार इस सडक पर असानी से चल जाती है। कहीं कहीं पर आपको पक्की सडक मिल जाती है। इसके अलावा आपको यहां पर एक तालाब भी देखने मिलेगा। यह तालाब भी प्राचीन समय का है। इस तालाब में पुराने समय में रानी दुर्गावती जी स्नान करने के लिए आती थी। यहां पर आपको एक हनुमान मंदिर भी देखने मिल जाएगा, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह हनुमान मंदिर प्राचीन समय का है। इस हनुमान जी के प्रतिमा के दर्शन करने के लिए दूर दूर से लोगों आते है और जो भी फॉरेस्ट ऑफिसर ड्यूटी जॉइन करता है। वह जरूर इस हनुमान मंदिर में दर्शन करने के लिए आते है। इस तालाब के बारे में कहा जाता है कि यहां पर मगरमच्छ है। तालाब के पास बोर्ड लगा हुआ है जिसमें इस बारें में सूचना दी गई है। इसके अलावा यहां पर जो व्यू रहता है, वो बहुत मस्त है। तालाब के आसपास का नजारा बहुत ही मनोरम रहता है। यहां पर आपको अद्भुत दृश्य देखने मिलता है। तालाब के किनारे बेल के पेड़ हैं जो बहुत प्यारे लगते हैं। इस तालाब के आगे भी आपको खूबसूरत व्यू देखने मिलता है।

इस महल के जाने वाले रास्ते में एक महल और है जो ऐसा लगता है कि सैनिकों के रहने के लिए बनाया गया है। यह महल भी बहुत पुराना है और बहुत खूबसूरत लगता है। आप जब जंगल की सैर करने जाते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे आप एक अलग दुनिया में आ गए हैं।

Rani Durgavati Abhyaran | Rani Durgavati Sanctuary | रानी दुर्गावती अभयारण्य

Fort of singaurgarh


नजारा व्यूप्वाइंट - Najara View Point

रानी दुर्गावती अभयारण्य में आपको नजारा व्यूप्वाइंट भी देखने मिलता है। नजारा व्यूप्वाइंट्स में आपको दमोह जिले के रानी दुर्गावती अभ्यारण का खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। चारों तरफ आपको हरियाली देखने मिलती है और यहां पर आपको आकर बहुत अच्छा लगता है। दमोह शहर का सबसे ऊंचा पॉइंट है जहां से अब दूर दूर तक का व्यू देख सकते हैं।

नजारा व्यू प्वाइंट, दमोह जिला


दानी तालाब - Dani Talab

रानी दुर्गावती अभयारण्य में आपको दानी तालाब देखने मिलता है। दानी  तालाब हाईवे रोड के बाजू में ही स्थित है। आप इस तालाब में ढेर सारे कमल के फूल देख सकते हैं और दानी  तालाब  के आसपास का जो जंगल का एरिया है वह भी आप देख सकते हैं।

वॉच टावर - Watch Tower

रानी दुर्गावती अभयारण्य में वॉच टावर भी स्थित है। यह वॉच टावर हाईवे रोड से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है। आपको करीब 1 एक से डेढ़ किलोमीटर चलना पड़ता है। आपकी गाड़ी भी टावर तक आसानी से चली जाती है। यहां पर एक टावर बनाया गया है जिसमें आपको सीढ़ियों से चढ़कर जाना पड़ता है। आप इस टावर से रानी दुर्गावती अभ्यारण्य की खूबसूरती देख सकते हैं। आपको इस टावर से चारों तरफ पहाड़ियों का व्यू देखने मिलता है। इसके अलावा यहां पर फॉरेस्ट के जो कर्मचारी हैं। उनके रहने के लिए भी एक घर बनाया गया है। वह भी आप देख सकते हैं। वह भी बहुत खूबसूरत है।

रानी दुर्गावती अभयारण्य  अन्य जगह

Other Place in Rani Durgavati Sanctuary 

आप रानी दुर्गावती अभयारण्य में बड़ा चक्कर और छोटा चक्कर लगा सकते हैं आप बड़ा चक्कर और छोटे चक्कर लगाकर रानी दुर्गावती अभयारण्य का पूरी जगह घूम सकते हैं। आपको इस यात्रा में बहुत सारी जंगली जानवर देखने मिल जाएंगे। इसके अलावा रानी दुर्गावती अभयारण्य में जो भी जगह थी मैने उन सभी जगह की जानकारी आपको नहीं दी हूॅ क्योकि मै रानी दुर्गावती अभयारण्य की सभी जगह नहीं घूम पाई हूॅ। इसके अलावा भी रानी दुर्गावती अभयारण्य में बहुत सारी जगह है। जहां पर आप घूम सकते हैं। यह जो भी जगह मैंने आपको बताया है। यह जगह मैं खुद घूमी हूं तो इनके बारे में मैंने आपको डिटेल में जानकारी दे दी हूं। जिन जगहों में आप रानी दुर्गावती अभयारण्य में घूम सकते हैं।

रानी दुर्गावती अभयारण्य में रतन कुंड है। 52 बजरिया है। आप गिरी दर्शन देख सकते है। सद्भावना शिखर है, जहां पर आप जाकर घूम सकते हैं। इन जगह पर हम नहीं घूमे थे मगर आप इन जगहों पर जाकर घूम सकते हैं। 

Rani Durgavati Abhyaran | Rani Durgavati Sanctuary | रानी दुर्गावती अभयारण्य

View of Nidan falls 

रानी दुर्गावती अभयारण्य पर कहीं कहीं पर आपको फोन का नेटवर्क काम नहीं करता है, क्योंकि यहां पर पूरा जंगल और पहाड़ी वाला रास्ता है। इसलिए यहां पर फोन का नेटवर्क काम नहीं करता है। मगर आपको घूमने में बहुत मजा आएगा यहां पर जंगल में फॉरेस्ट के ऑफिस बने हुए हैं।

रानी दुर्गावती अभयारण्य पर आकर मुझको बहुत अच्छा लगा। यह हमारा  बहुत अच्छा एक्सपीरियंस रहा है। रानी दुर्गावती अभयारण्य जबलपुर जिले के पास में है, लगभग 50 से 60 किलोमीटर होगा। तो आप यहां पर कभी भी जा सकते हैं। अपनी 1 दिन का ट्रिप प्लान करके । दमोह जिले से भी रानी दुर्गावती अभयारण्य आ सकते हैं। 

रानी दुर्गावती अभयारण्य आप अपने दोस्तों और परिवार के साथ आ सकते हैं। यह जगह सुरक्षित है मगर कहीं कहीं पर सुनसान होता है। जहां पर भी दर्शनीय स्थल है। वहां पर लोग रहते हैं। मगर आप अपनी सेफ्टी का जरूर ध्यान दें। जगह अच्छी है आप जाकर काफी इजांय कर सकते है।