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सिंगौरगढ़ किला दमोह - Singaurgarh Fort Damoh | Rani Durgavati abhyaran

सिंगौरगढ़ किला, रानी दुर्गावती अभयारण्य 
Singourgarh Fort, Rani Durgavati Sanctuary

सिंगौरगढ़ किला दमोह - Singaurgarh Fort Damoh | Rani Durgavati abhyaran

सिंगौरगढ़ किला दमोह - Singaurgarh Fort Damoh | Rani Durgavati abhyaran


सिंगौरगढ़ किला दमोह जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण आकर्षण है। यह किला रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में स्थित है। यह किला घने जंगलों के बीच में स्थित है। इस किले तक पहुंचने के लिए आपको पैदल चलना पड़ता है। यहाँ किला बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। हम लोग इस किले तक नहीं गए थे, क्योंकि हम लोग अकेले थे। आप अगर यहां पर जाते हैं, तो ग्रुप में जाइएगा, क्योंकि यह किला सुनसान में स्थित है और यहां पर किसी भी तरह की सुरक्षा नहीं रहती है। यहां पर ना ही कोई गाइड रहता है और ना ही कोई सिक्योरिटी वाला। 


आप सिंगौरगढ़ किला तक आसानी से पहुंच सकते हैं। किले तक पहुंचने के लिए आधा रास्ता कच्चा रास्ता है और आधे रास्ते में पक्की सड़क बनी हुई है। किले के रास्ते के दोनों तरफ आपको बहुत ही खूबसूरत जंगल के दृश्य देखने के लिए मिल जाते हैं। आपको यहां पर जंगली जानवर भी देखने के लिए मिलेंगे। यहां पर आप हिरण, सांप, मोर देख सकते हैं। यहां पर रास्ते में आपको साइन बोर्ड भी देखने के लिए मिलते हैं। रास्ते में हाथी द्वार आपको देखने के लिए मिलता है। आप उस साइन बोर्ड को फॉलो कीजिएगा और आप हाथी द्वार तक पहुंच जाते हैं। हाथी द्वार से ही सिंह और गढ़ किले के लिए सीढ़ियां गई हुई है। आपको सीढ़ियां चढ़ना है और करीब आधे घंटे में आप इस किले   तक पहुंच जाते हैं। हाथी द्वार भी बहुत खूबसूरत बना हुआ है। इसमें भी बहुत बड़े बड़े दरवाजे बनाए गए हैं। खूबसूरत नक्काशी की गई है और यह जगह जंगल के बीच में स्थित है, इसलिए बहुत खूबसूरत लगती है। 


सिंगौरगढ़ किला के बारे में ज्यादा लोगों को नहीं पता है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। इस किले के पास ही में आपको एक तालाब भी देखने के लिए मिलता है। कहा जाता है कि पुराने समय में रानी दुर्गावती इस तालाब में स्नान किया करती थी। इस तालाब में मगरमच्छ भी है। आप उन्हें भी देख सकते हैं। तालाब में उतरना मना है। तालाब के बाजू में ही बोर्ड लगा हुआ है, जिसे आप पढ़ सकते हैं। तालाब का जो दृश्य होता हैए  वह बहुत अद्भुत होता है। कहा जाता है कि यह किला एक भूतिया किला है और यहां पर आकर आपको नकारात्मक ऊर्जा महसूस होती है। मगर आप एडवेंचर प्रेमी है, तो आप इस किले में घूमने के लिए आ सकते हैं।


बरसात के समय यह जगह हरियाली से भरी रहती है और बहुत अच्छा लगता है। आप यहां पर अपने दोस्तों और फैमिली मेंबर्स के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आप अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यहां पर टू व्हीलर या फोर व्हीलर गाड़ी से पहुंचा जा सकता है।


रानी दुर्गावती अभयारण्य का प्रवेश शुल्क 
Entrance fee of Rani Durgavati Sanctuary


आपको रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में प्रवेश का शुल्क लिया जाता है। यहां पर स्कूटी का ₹60 लिया जाता है और आपको टिकट मिलता है। आप उस टिकट से रानी दुर्गावती अभ्यारण्य में जो भी दर्शनीय स्थल है। उनको घूम सकते हैं। यहां पर और भी दर्शनीय स्थल मौजूद है। यहां पर आपको निदान जलप्रपात और कुंड देखने के लिए मिलता है। यह बहुत ही खूबसूरत झरना है और पहाड़ों के बीच में से बहता है और बहुत अच्छा लगता है। आप यहां पर भी नहाने का मजा ले सकते हैं। यहां पर आपको नजारा व्यू प्वाइंट देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही खूबसूरत व्यू प्वाइंट है और यहां से आप रानी दुर्गावती अभ्यारण्य का दृश्य देखने के लिए मिलता है। आप इन जगहों में भी घूम सकते हैं। अगर आप पैदल घूमना चाहते हैं, तो आपका चार्ज लगता है। 


रानी दुर्गावती अभयारण्य कहाँ है 
Where is Rani Durgavati Sanctuary


रानी दुर्गावती अभ्यारण्य दमोह जिले में स्थित है। यह दमोह जिले के सिंग्रामपुर ग्राम में स्थित है। इस अभ्यारण में पहुंचने के लिए पक्की सड़क उपलब्ध है। आप जबलपुर  दमोह हाईवे रोड से इस अभ्यारण में पहुंच सकते हैं। रानी दुर्गावती अभ्यारण के अंदर ही सिंगौरगढ़  का किला स्थित है। आप किले तक भी आसानी से पहुंच सकते हैं।


निदान कुंड जलप्रपात, दमोह

नजारा व्यूप्वाइंट, दमोह

वीरांगना दुर्गावती वन्य जीव अभ्यारण

रूपनाथ धाम कटनी


Balancing Rock Jabalpur - बैलेंसिंग रॉक जबलपुर

Balancing Rock Jabalpur
बैलेंसिंग रॉक जबलपुर


जबलपुर शहर आश्चर्य से भर हुआ है। आज हम ऐसे ही एक जगह के बारे में बात करने वाले है। जबलपुर में एक ऐसी आश्चर्यजनक जगह है। जहां पर आप कह सकते हैं कि गुरुत्वाकर्षण बल काम नहीं करता है। हां जी आप समझ गये होगे मै कहा की बात कर रही हूॅ। मै बैलेंसिंग रॉक (Balancing Rock) की बात कर रही हूॅ। यहां पर एक चट्टान दूसरी चट्टान के उपर एक अदुभ्त अवस्था में रखी हुई है जिसे देखकर सभी को आरचर्य होता है।

बैलेंसिंग रॉक (Balancing Rock) में एक बडी चट्टान दूसरी चट्टान के ऊपर इस अवस्था में रखी हुई है कि वह नीचे गिरने वाली है, ऐसा लगता है, मगर वह अभी तक गिर नहीं। इस चट्टान को भूकम्प भी नहीं हिल सका है। 1997 को भारत में जोरदार भूकंप आया था। मगर इस चटटान को कुछ नहीं हुआ है और ये अभी तक खडी हुई है। इन दोनों चटटानों में ऐसा सतुंलन है कि यह एक दूसरे के उपर टिकी हुई है। 


Balancing Rock Jabalpur - बैलेंसिंग रॉक जबलपुर

बैलेंसिंग रॉक जबलपुर 

बैलेंसिंग रॉक कहाँ स्थित है

Where is the balancing rock located


बैलेंसिंग रॉक (Balancing Rock) को लोग दूर दूर से देखने आते हैं। आप भी इस चट्टान को देखने जा सकते हैं। यह चट्टान जबलपुर जिले के मदन महल क्षेत्र में रखी गई है। जबलपुर मध्य प्रदेश का एक जिला है। जबलपुर को संस्कृत संस्कारधानी के नाम से भी जाना जाता है। जबलपुर में यह एक प्रकृति का उपहार है कि यहां पर इतनी खूबसूरती से चट्टान एक दूसरे के ऊपर रखी हुई है। यहां पर और भी जगह है आपके देखने के लिए है। आप यहां पर रानी दुर्गावती का किला देख सकते हैं। उसके अलावा यहां पर शारदा माता जी का मंदिर है। वह भी देख सकते हैं। यहां पहुंचने के लिए आप मेडिकल रोड से आ सकते हैं या आप गुप्तेश्वर रोड से भी बैलेंसिंग रॉक तक पहुंच सकते हैं। 

 बैलेंस रॉक (जबलपुर) की पूरी जानकारी
Complete information of Balance Rock (Jabalpur)


यहां पर एक गार्डन बना हुआ है। गार्डन में बहुत सारी चट्टाने रखी हुई है।  बैलेंस रॉक (Balancing Rock) भी आपको यहां पर देखने मिलता है। गार्डन में उतनी ज्यादा देखरेख नहीं होती है। मगर यहां पर एक चैकीदार हमेशा ही तैनात रहता है क्योंकि यहां पर कुछ असामाजिक तत्व इस खूबसूरत चट्टान की छेड़छाड़ करते हैं और इसे गिराने की कोशिश करते हैं। इस चट्टान पर चढ़ जाते हैं। अगर आप इन्टरनेट में सर्च करेंगे तो आपको बहुत से लोग इस तरह के देखने मिलते हैं। जो इस चट्टान के ऊपर चढ़ गए हैं। लोगों ने इस चटटान के उपर  चढ़कर फोटो खिचाया है और नेट में अपलोड किया है। तो इसलिए यहां पर एक चैकीदार हमेशा तैनात रहता है और वह इसकी देखभाल करता है। इसके अलावा यह जो गार्डन बनाया हुआ है, यह चारों तरफ से बाउंड्री वॉल से घिरा हुआ है। यह गार्डन मेन रोड में ही स्थित है। यहां ज्यादा बडे क्षेत्र में नही फैला हुआ है। आधा एकड में फैला होगा। आप अपनी गाड़ी से आते हैं तो गार्डन के बाहर गाड़ी खड़ी करके। गार्डन में प्रवेश कर सकते है। ये गार्डन मेन रोड में ही स्थित है। गेट के बाजू में ही एक बोर्ड लगा हुआ है जिसमें बैलेंसिंग रॉक (Balancing Rock) के बारे में जानकारी लिखी गई है। आप जानकारी पढ़ सकते हैं जिससे आपको इसके बारे में और अधिक जान सके। आप गार्डन के अंदर जाते हैं, तो आपके अंदर बैठने की व्यवस्था है। आप यहां बैठकर कुछ टाइम को इस चटटान को देख सकते हैं और कुदरत के नमूने की तारीफ कर सकते हैं।  यहां पर आपको और भी जगह घूमने मिल जाएगी यहां पर रानी दुर्गावती का किला (Rani Durgavati Fort) है और यहां पर शारदा माता जी का मंदिर (Temple of Sharda Mata) है जिसमें नवरात्रि के टाइम में बहुत ज्यादा भीड़ होती है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है बहुत शांत रहता है यहां का वातावरण। यहां पर लोग आते ही रहते हैं भीड़ भाड़ बनी रहती है। आप भी आकर यहां पर घूम सकते हैं। बैलेंस रॉक (Balancing Rock) के पास ही में तक्षशिला इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी काॅलेज और माउंट लीटर जी विद्यालय स्थित है। यहां पर एंट्री फ्री है। किसी भी तरह का चार्ज नहीं लिया जाता है। ना ही पार्किंग का और ना ही गार्डन में एंटर करने का।

बैलेंस रॉक (Balancing Rock) में आप अपने फैमिली वालों के साथ और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यहां पर बहुत इंजॉय कर सकते हैं। यहां पर बैलेंस राॅक (Balancing Rock) के अलावा भी बहुत सारी जगह है, जैसे यहां पर शारदा माता जी का मंदिर (Temple of Sharda Mata) है, जो बहुत शांत जगह है और शांति मिलती है बहुत ज्यादा यहां पर। इसके अलावा यहां पर रानी दुर्गावती जी का महल (Rani Durgavati Fort) है या मदन महल किला (Madan Mahal Fort) है। मदन महल किला (Madan Mahal Fort) एक ऐतिहासिक किला है और यह जो किला है वह आपको देखकर बहुत अच्छा लगेगा यह किला एक चट्टान पर बना हुआ है, जो बहुत ही आकर्षक है तो आप यहां पर आकर इन जगहों को देख सकते हैं। आप यहां पर अपना एक दिन बहुत अच्छे से बिता सकते हैं। 1 दिन गुजारने के लिए यह जगह बहुत पर्फेक्ट है। आप यहां पर पिकनिक मानने आ सकते है। 

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Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Jabalpur to Jaipur Travel

जबलपुर से जयपुर यात्रा 

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Birla Temple Jaipur 

जबलपुर से जयपुर यात्रा का प्लान हमारा नया साल में बना था। हम लोगों ने ट्रेन से जयपुर जाने का प्लान बनाया था। हम लोगों ने दयोदय एक्सप्रेस ट्रेन में बुकिंग की थी। हम लोग फैमिली और फ्रेंड्स के साथ जा रहे थे। हम लोग जबलपुर रेलवे स्टेशन (Jabalpur Railway Stationसे दयोदया एक्सप्रेस ट्रेन (Dayodaya Express Train) से जयपुर जाने वाले थे। दयोदय एक्सप्रेस ट्रेन हम लोगों की शाम की ट्रेन थी। हम लोग अपने सही समय पर ट्रेन में पहुंच गए और ट्रेन में बैठ गए। उसके बाद ट्रेन भी अपने सही समय पर जबलपुर रेल्वे स्टेशन (Jabalpur Railway Station) से चली दी थी। दयोदया एक्सप्रेस ट्रेन (Dayodaya Express Train) का स्टार्टिंग पॉइंट जबलपुर ही है। यह ट्रेन जबलपुर से ही बनती है, और जबलपुर से यह आपको अजमेर तक लेकर जाती है। अगर आप अजमेर डायरेक्ट जाना चाहते हैं तो आप इस ट्रेन से जा सकते हैं। आप इस ट्रेन से 15 से 20 घंटे में जयपुर पहॅुच जाते है। 

दयोदय एक्सप्रेस ट्रेन आपको सिहोरा रोड रेलवे स्टेशन (Sihora Road Railway Station), कटनी रेलवे स्टेशन (Katni Railway Station), दमोह रेलवे स्टेशन (Damoh Railway Station), मुंगेली रेलवे स्टेशन (Mungeli Railway Station), अशोकनगर रेलवे स्टेशन (Ashoknagar Railway Station), और गुना रेलवे स्टेशन (Guna Railway Station) से डायरेक्ट आपको जयपुर और अजमेर पहॅुच सकती है। आप जयपुर और अजमेर डायरेक्ट ट्रेन से जा सकते हैं। 

जबलपुर से जयपुर के यात्रा (Travels from Jabalpur to Jaipur) हमारी शुरू हो गए थी। जबलपुर रेल्वे स्टेशन (Jabalpur Railway Station) से ट्रेन हमारी चलना स्टार्ट हो गई। शाम का समय था। हम लोग थोड़ी देर बातचीत की, उसके बाद हम लोगों ने खाना खाए। करीब 9 बजे हम लोग ने खाना खाया। उसके बाद हम लोग सो गए, क्योंकि रात हो गई थी। इसलिए हम लोग सो गए। हम लोग पर सुबह उठे। सुबह ट्रेन से हम लोग कोटा जंक्शन (Kota Junction) पहुंच गए थे।  कोटा जंक्शन (Kota Junction) में ट्रेन का डब्बा चेंज होता है। तो वहां पर डब्बा चेंज हुआ। इसके बाद हमारे आगे का सफर चालू हुआ। हम यहां पर राजस्थान की सीमा पर पहुॅच गए है। आपको इस जगह पर ट्रेन के आजू-बाजू बहुत सारे खेत देखने मिलते है। जब हम लोग गए थे तो हम लोगों को बीही की खेती बहुत ज्यादा देखने मिली थी। हम लोगों को और सरसों और चना भाजी भी देखने मिली थी। इस रूट में एक स्टेशन है। जिसका नाम याद नहीं आ रहा है। वह स्टेशन बहुत खूबसूरत था। बहुत साफ-सफाई थी उसमें और काफी अच्छा था। 

आपको कोटा स्टेशन से ही राजस्थानी लोगों का दिखने लगते हैं। उनका पहनावा और उनका जो कल्चरल सिंबल आपको नजर आने लगता है। यहां महिलाओं का जो पहनावे रहता है। वह स्कर्ट रहती है। लॉन्ग स्कर्ट और ब्लाउज रहता है, ऊपर चुन्नी रहती है। महिलाए काफी चूड़ियां पहनी रहती है। टैटू (The tattoo) भी उनके हाथ में आपको देखने मिल जाता है जिसे गोदना (Tattooना कहते हैं। टैटू (The tattoo) नहीं कहते हैं। आपको देखने मिल जाता है।

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Jaipur Railway Station


आप इन सभी नजारों को देखते हुए जयपुर पहुंच जाते हैं। जयपुर पहुंचकर आप स्टेशन से उतरकर बाहर आते हैं। जयपुर स्टेशन (Jaipur station) के बाहर ही आपको कैब और टैक्सी  मिल जाती है। आप टैक्सी बुक करके अपने होटल जा सकते हैं। हम लोगों ने भी कैब बुक किया और अपने होटल गए। हम लोग का होटल 3 से 4 किलोमीटर दूर होगा।  हम लोग ने होटल ओयों से बुक किया था। हम लोग का होटल उतना अच्छा नहीं था। आप ओयो में जो होटल की फोटो देखते है। वहां कभी कभी सही नही रहती है। ओयो एप में होटल की फोटो तो काफी अच्छी दिखा देते हैं। मगर होटल बहुत बेकार रहता है। हम लोगों की ओयो वालों ने किसी भी तरह की कोई भी मदद नहीं किया था। न ओयो वाले होटल आपका चेंज करता है और ना ही पैसे रिटर्न करते है। 

आप चाहे तो होटल बुक करने से पहले आप होटल पहुंच जाएयें। उसके बाद आप होटल देख लीजिए। उसके बाद आप उसे बुक कर लीजिए। आपके लिए यहां अच्छा रहेगा, क्योंकि उसमें आप रूम देख सकते हैं और बाकी सुविधाए भी चेक कर सकते है। हमारा होटल जो था वह तो बहुत बेकार था। मगर कुछ भी नहीं किया जा सकता था। आप ओयो से होटल बुक करें तो पैसे पहले पे नहीं करें। हम लोगों ने होटल में थोड़ी देर आराम किया। वैसे भी जिस दिन हम लोग पहुंचे थे। उस दिन तो कहीं जाना हमारा संभव नहीं था। तो हम लोगों ने थोड़ा आराम किया।

Birla temple of Jaipur city

जयपुर शहर का बिरला मंदिर


हम लोग शाम को जयपुर शहर के प्रसिद्ध मंदिर बिरला मंदिर (Birla Mandirगए। बिरला मंदिर जयपुर मेन सिटी में स्थित है। आप यहां मंदिर घूम सकते है। बिरला मंदिर (Birla Mandir) बहुत खूबसूरत मंदिर है। यह मंदिर बहुत बडे क्षेत्र में फैला हुआ है। आपको मंदिर में भगवान राम, सीता और लक्ष्मण जी की मूर्ति देखने मिल जाती है। मंदिर में आपको बहुत शांति मिलती है। हम लोग आटों से मंदिर पहुॅचे थे।

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Birla Temple Jaipur 


बिरला मंदिर (Birla Mandirमें बहुत बड़ा गार्डन है। मंदिर में गार्डन के बीच में बहुत ही खूबसूरत शिव भगवान की मूर्ति देखने मिलती है। जो बहुत प्यारी लगती है। आप मूर्ति के पास नहीं जा सकते हैं। सिर्फ बाहर से दर्शन कर सकते हैं। हम लोग मंदिर के गार्डन से होते हुए मुख्य मंदिर तक पहूॅच गए। आप जूते चप्पल बाहर ही उतरना पडता है।  मंदिर नंगे पैर जाना पड़ता है। मुख्य मंदिर सफेद मारबल से बना हुआ है। हम लोगों ने भगवान के दर्शन किए। उसके बाद हम लोग मंदिर से बाहर आए। मंदिर के बाहर भी आपको बहुत ही खूबसूरत कलात्मक मूर्तियां देखने मिलती हैं। आप यहां पर फोटोग्राफी कर सकते हैं। आपकी फोटो बहुत ही मस्त आती है। आपका यहां पर बहुत अच्छा लगता है। 

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Birla Temple Jaipur 


हम लोगों को बिरला मंदिर (Birla Mandir) जाकर बहुत मजा आया था। यह मंदिर बहुत अच्छा है।  मंदिर में आपको म्यूजियम (Museumभी देखने मिलता है। म्यूजियम मुख्य मंदिर के नीचे है। आप म्यूजियम देख सकते हैं। यह संग्रहालय की स्थापना बिरला मंदिर जिन्होंने स्थापित किया है, उनके बारे में बहुत सी जानकारी आपको मिल जाती है। मंदिर बहुत खूबसूरत है। बहुत बड़ा मंदिर है। सफेद मार्बल से बना हुआ है। यहां पर बहुत बड़ा गार्डन भी है। आप गार्डन में बैठ सकते हैं। कुछ टाइम अपना समय बिता सकते हैं। बिरला मंदिर (Birla Mandir) जयपुर में जवाहरलाल नेहरू मार्ग (Jawaharlal Nehru Margपर स्थित है। यहां पर आपको श्रीमती इंदिरा गांधी जी (Mrs. Indira Gandhiकी प्रतिमा भी देखने मिलती है। 

Moti Dungri Fort and Shiva Temple

मोती डूंगरी का किला और शिव मंदिर


आपको मंदिर के बाजू में पहाड़ी देखने मिलती है। पहाड़ी में मोती डूंगरी का किला (Moti Dungri Fort) है। जिसमें जाने की मनाही है। यहां पर शिव भगवान जी का प्राचीन मंदिर है। यहां पर जाना मना है। मोती डूंगरी किला (Moti Dungri Fort) एक प्राइवेट प्रॉपर्टी है। मोती डूंगरी किला जयपुर राज दरबार के शाही परिवार की निजी संपत्ति है। महारानी गायत्री देवी (Maharani Gayatri Devi) जब जीवित थीं, तब उन्होंने यहां निवास किया था। यहां पर राज परिवार के पूजा करने के लिए रॉयल फैमिली प्राइवेट शिव मंदिर बनाया हैं। शिवरात्रि के टाइम पर यह मंदिर खोला जाता है तो उस टाइम पर ही विजिट किया जा सकता है। इस शिव मंदिर एकलिंगेश्वर महादेव मंदिर (Ekalingeshwar Mahadev Temple) कहा जाता है।

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Moti Dungri Fort, Jaipur 


बिरला मंदिर के बाहर आपको बहुत सारी दुकानें मिलती हैं। जहां पर डोसा, चाट, फुलकी, और कोल्ड ड्रिंक का मजा ले सकते है। जहां पर आप यह सब आइटम खा सकते हैं। मंदिर परिसर में आपको वॉशरूम की सुविधा भी मिल जाती है। अगर आप यहां पर जाना चाहे तो जा सकते हैं। वाॅशरूम में कोई भी चार्ज नहीं लिया जाता है।   यह जो एरिया है वहां बहुत भीड़ वाला एरिया है। 

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मंडला का किला - Mandla Fort | Mandla ka kila | मंडला का दर्शनीय स्थल

मंडला का किला - Mandla ka kila | नरेंद्र शाह बुर्ज | सतखंडा महल | मंडला शहर

मंडला का किला - Mandla Fort | Mandla ka kila | मंडला का दर्शनीय स्थल

नरेंद्र शाह बुर्ज


मंडला का किला - Mandla Fort | Mandla ka kila | मंडला का दर्शनीय स्थल

नरेंद्र शाह बुर्ज


मंडला का किला मंडला शहर में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यह किला नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यह किला खंडहर अवस्था में यहां पर मौजूद है। यह किला बहुत बड़े क्षेत्र में फैला है। मगर अब यह किला धीरे.धीरे समाप्त होते जा रहा है। यहां पर स्थानीय लोगों द्वारा अतिक्रमण करके घर बना लिया गए हैं और आपको किले के खंडहर ही देखने के लिए मिलते हैं। इस किले में आने के लिए आपको एक पतली सी सड़क देखने के लिए मिलती है। इस सड़क के नीचे एक नाला है। यह नाला यहां के राजा के द्वारा खुदवाया गया था। यह नाला अब गंदे पानी से भरा हुआ है। मगर प्राचीन समय में इस नाले के दोनों छोर नर्मदा नदी को छूते थे और इस नाले में मगरमच्छ एवं जहरीले सांपों को रखा जाता था। ताकि बाहर से कोई भी आक्रमण हो, तो किले की रक्षा की जा सके। मंडला का किला कि ज्यादा देखरेख नहीं की जा रही है। अब यह किला चमगादड़ का घर बन गया है। आप यहां पर आते हैं, तो आपको यहां पर चमगादड़ देखने के लिए मिलते हैं और चमगादड़ इस किले को बहुत गंदा करते हैं। यहां पर बहुत ज्यादा बदबू भी आती है। 


मंडला किला के इतिहास के बारे में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है। मगर यह किला राजा शंकर शाह रघुनाथ जी ने बनवाया था। आप यहां पर आते हैं, तो यहां पर आपको नरेंद्र शाह बुर्ज देखने के लिए मिलता है। यह बुर्ज भी अब खंडहर अवस्था में है। बुर्ज का प्रयोग पुराने समय में वॉच टावर के की तरह किया जाता था। नरेंद्र शाह बुर्ज में ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां है। आप इन सीढ़ियों से ऊपर जा सकते हैं और चारों तरफ का दृश्य देख सकते हैं। इस बुर्ज के ऊपर से नर्मदा नदी का बहुत ही अद्भुत दृश्य आपको देखने के लिए मिलता है। यह स्थान नरेंद्र शाह रघुनाथ की जन्मस्थली भी है। आपको इस बुर्ज के आस पास बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको प्राचीन हनुमान जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है और शीतला माता जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है और राजराजेश्वरी माता जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह सारे मंदिर प्राचीन है और आप इन मंदिरों की डिजाइन देख सकते हैं, जो बहुत ही अद्भुत लगती हैं। आप नरेंद्र शाह बुर्ज के थोड़ा आगे जाते हैं, तो आपको यहां पर नर्मदा नदी के किनारे सतखंडा महल देखने के लिए मिलता है। सतखंडा महल बहुत खूबसूरत महल है और अभी भी अच्छी हालत में मौजूद है। आप इस महल को देख सकते हैं। इस महल में शिवलिंग विराजमान है। बरसात के समय नर्मदा नदी में बाढ़ आती है, जिसके कारण महल में पानी भर जाता है और शिवलिंग पूरी तरह से पानी में डूब जाता है। बाढ़ का पानी जब कम होता है, तो शिवलिंग पूरी तरह मिट्टी में ढक जाता है। आप यहां पर आते हैं, तो आप यह देख सकते हैं, क्योंकि हम लोग भी यहां बरसात के बाद गए थे, तो हम लोगों को इस तरह का दृश्य यहां पर देखने के लिए मिला था।आप इस किले में घूमने के लिए आते हैं, तो यहां पर आपको बहुत सारे लोग मछली सूखते हुए देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर बहुत सारे स्थानीय लोग मछली पकड़ते हैं और मछली सुखाते हैं। यहां पर बहुत सारे लोगों का रोजगार का साधन यही है और यहां पर आपको मछलियों की बदबू आती है। 


मंडला किले के आस पास बहुत सारी जगह है, जहां पर आप घूम सकते हैं और आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। सतखंडा महल में आप नर्मदा नदी के उस पार भी जा सकते हैं। यहां पर बोटिंग की सुविधा उपलब्ध है और आप यहां पर बोटिंग का मजा ले सकते हैं। नर्मदा नदी के उस पर आपको राधे कृष्ण जी का बहुत ही भव्य मंदिर देखने के लिए मिलता है, जो सफेद रंग का है और बहुत खूबसूरत लगता है। यहां आकर आपको अच्छा लगेगा। 


मंडला का किला कहां स्थित है

मंडला का किला मुख्य मंडला शहर में स्थित है। मंडला का किला नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। आप इस किला में  आसानी से पहुंच सकते हैं। आप इस किले तक सड़क मार्ग से भी पहुंच सकते हैंए या आप चाहे तो नर्मदा नदी में बोटिंग करके भी पहुंच सकते हैं। संगम घाट से आप इस किले तक बोटिंग करके भी पहुंच सकते हैं। 


चौसठ योगिनी मंदिर भेड़ाघाट, जबलपुर

निदान कुंड जलप्रपात, दमोह

पचमढ़ी दर्शनीय स्थल

वीरांगना दुर्गावती वन्य जीव अभ्यारण


रीवा पर्यटन स्थल - Rewa tourist place | Places to visit in Rewa | Rewa Tourism

रीवा जिले के दर्शनीय स्थल - Tourist places near Rewa | Rewa famous place | Rewa visiting place



रीवा में घूमने की जगहें


रीवा का किला - Rewa Fort

रीवा का किला एक ऐतिहासिक स्थल है। यह मध्य प्रदेश के रीवा शहर में स्थित है। यह किला बिहर और बिछिया नदी के किनारे पर बना हुआ है। किले से इन दोनों नदियों का दृश्य बहुत ही लुभावना नजर आता है। रीवा के किले में आपको एक पुरानी बिल्डिंग देखने के लिए मिलती है। इस किले के अंदर आपको म्यूजियम भी देखने के लिए मिलता है। इस म्यूजियम में रीवा राजघराने की बहुत सारी पुरानी वस्तुओं का संग्रह करके रखा गया है। किले के अंदर स्थित संग्रहालय को बघेला संग्रहालय कहा जाता है। आप इन वस्तुओं को देख सकते हैं। किले के अंदर मध्य में आपको महाराजा गुलाब सिंह की मूर्ति देखने के लिए मिलती है। रीवा किले के अंदर दो मंदिर भी हैं। दोनों मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। एक मंदिर राधा कृष्ण जी को समर्पित है और एक मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। रीवा किले में प्रवेश के लिए आपको टिकट लगता है। 


महामृत्युंजय मंदिर  रीवा किला - Mahamrityunjaya Temple Rewa Fort

महामृत्युंजय मंदिर रीवा शहर में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह एक धार्मिक स्थल है। महामृत्युंजय मंदिर रीवा किले के अंदर स्थित है। यह मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है। इस मंदिर की विशेषता यह है कि इस मंदिर में लोग शिव भगवान जी के दर्शन करते हैं और शिव भगवान जी के दर्शन करने से लोगों की अकाल मृत्यु दूर होती है। यहां पर एक अद्भुत शिवलिंग विराजमान है, जिसमें 1000 नेत्र है। इसलिए इस शिवलिंग को सहस्त्र नेत्री शिवलिंग कहा जाता है। यहां पर मकर संक्रांति के समय विशाल मेला लगता है। मेले में हजारों की संख्या में लोग शामिल होते हैं। महामृत्युंजय शिवलिंग के दर्शन करने से लोगों की इच्छाएं पूरी होती है। लोग यहां पर नारियल बांधकर जाते हैं, अपने इच्छा की पूर्ति के लिए और जब किसी की भी इच्छा पूरी होती है, तो वह यहां पर नारियल खोलने के लिए आते हैं। यह मंदिर खूबसूरत है और प्राचीन है। आप भी यहां पर आकर इस मंदिर को देख सकते हैं। 


गोविंदगढ़ पैलेस रीवा - Govindgarh Palace Rewa

गोविंदगढ़ रीवा से करीब 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गोविंदगढ़ का किला बहुत प्रसिद्ध है। यहां किला प्राचीन है। आपको यहाँ पर एक पुराना किला देखने के लिए मिलता है, जो अब खंडहर अवस्था में है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। गोविंदगढ़ किला गोविंदगढ़ झील के पास है। गोविंदगढ़ किले से आपको गोविंदगढ़ झील का बहुत ही मनोरम  दृश्य देखने के लिए मिलता है। गोविंदगढ़ किला रीवा महाराज की ग्रीष्मकालीन राजधानी थी। किले में प्रवेश का शुल्क लिया जाता है। इस किले के अंदर बहुत सारी चीजें देख सकते हैं। यहां पर आपको प्राचीन मीनार देखने के लिए मिलते हैं। प्राचीन मंदिर देख सकते हैं। पुरानी पेंटिंग देख सकते हैं और गोविंदगढ़ झील का दृश्य देख सकते हैं। आप यहां पर अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। 


गोविंदगढ़ झील रीवा - Govindgarh Lake Rewa

गोविंदगढ़ झील रीवा का एक मुख्य आकर्षण है। गोविंदगढ़ रीवा जिले से करीब 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पर एक विशाल झील स्थित है। यह झील प्राचीन भी है। आप इस झील में आ सकते हैं।  झील के चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है। यहां पर आप अपना अच्छा समय बिता सकते हैं और अपने दोस्तों और फैमिली मेंबर के साथ यहां घूमने के लिए आ सकते हैं। 


चचाई जलप्रपात रीवा - Chachai jalprapat rewa

चचाई जलप्रपात रीवा शहर में स्थित एक मुख्य आकर्षण है। चचाई जलप्रपात में बरसात के समय आप घूमने के लिए आ सकते हैं। बरसात के समय इस जलप्रपात में बहुत ज्यादा पानी रहता है। गर्मी के समय इस जलप्रपात में पानी सूख जाता है। चचाई जलप्रपात रीवा शहर में स्थित सबसे ऊंचा जलप्रपात है। यह जलप्रपात बहुत खूबसूरत लगता है। यह जलप्रपात बीहर नदी पर बना हुआ है। आप यहां पर अपने दोस्तों और फैमिली मेंबर के साथ आ सकते हैं। चचाई जलप्रपात उची उची चट्टानों से नीचे गिरता है और घाटियों से बहता है। यहां पर आपको खूबसूरत घाटी देखने के लिए मिलती है और आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। बरसात के समय यहां पर चारों तरफ हरियाली रहती है। आप यहां पर अपने दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आप अपनी गाड़ी से पहुंच सकते हैं। यहां आने के लिए आपको अच्छी सड़क मिल जाती है। 


केवटी झरना रीवा - Keoti waterfall rewa

केवटी जलप्रपात रीवा शहर में स्थित एक बहुत ही सुंदर पर्यटन स्थल है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको यहां पर झरना देखने के लिए मिलता है। यह झरना बहुत ही खूबसूरत है। बरसात के समय अगर आप यहां पर आते हैं, तो आपको यहां पर चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है। गर्मी के समय झरने में पानी सूख जाता है। यह झरना मोहना नदी पर स्थित है। आप यहां पर आ कर झरने की खूबसूरती का आनंद ले सकते हैं। झरने के आस पास बहुत सारे मंदिर भी आपको देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर आप शिव भगवान जी का मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। आप झरने के निचले स्तर पर भी जा सकते हैं। नीचे जाने के लिए आपको ट्रैकिंग करनी पड़ती है। नीचे से भी झरने का दृश्य बहुत ही खूबसूरत रहता है। आप यहां पर आकर  झरने की खूबसूरती का आनंद उठा सकते हैं। आप झरने में नहाने का आनंद भी ले सकते हैं। 


केवटी का किला - Keoti Fort Rewa

केवटी का किला केवटी झरने के पास स्थित है। यह किला झरने से करीब  2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा। आप यहां पर पैदल भी जा सकते हैं। यह प्राचीन किला है। केवटी का किला खंडहर अवस्था में मौजूद है। किले से आपको केवटी झरना का दृश्य भी देखने के लिए मिलता है और आपको खूबसूरत घाटी का दृश्य देखने के लिए मिलता है। 


बाहुती जलप्रपात रीवा - Bahuti waterfall Rewa

बहुति जलप्रपात रीवा शहर में स्थित एक पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको खूबसूरत झरना देखने के लिए मिलता है। यह झरना बरसात के समय आपको देखने के लिए मिलता है, क्योंकि गर्मी के समय इस झरने में पानी नहीं रहता है। रीवा शहर को झरनों का शहर कहा जाता है। रीवा शहर में बहुत सारे झरने हैं। यह झरना बहुत खूबसूरत लगता है। झरना चट्टानों के ऊपर से बहता है। आपको यहां से खूबसूरत घाटियां देखने के लिए मिलती हैं। आप यहां पर अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं। 


पूर्वा जलप्रपात रीवा - Purwa waterfall Rewa

पुरवा जलप्रपात रीवा शहर में स्थित एक पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको एक सुंदर जलप्रपात देखने के लिए मिलता है। यह जलप्रपात बहुत खूबसूरत है। बरसात के समय इस जलप्रपात में बहुत ज्यादा पानी रहता है, तभी यह जलप्रपात आपको आकर्षक लगता है। यहां पर पानी दूध के समान लगता है और ऐसा लगता है जैसे दूध की धाराएं बह रही हो। यहां पर आकर बहुत इंजॉय कर सकते हैं। यहां पर आप आकर प्राकृतिक व्यू को एंजॉय कर सकते हैं और यहां पर आपको बंदर भी देखने के लिए मिलते हैं। बरसात के समय यहां हरियाली से भरी रहती है। चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से पहुंच सकते हैं। आप अगर इस जलप्रपात को घूमने के लिए जाते हैं, तो यहां पर आप खाने के लिए खाना और पीने के लिए पानी जरूर लेकर जाएं, क्योंकि झरने के आसपास किसी भी तरह की दुकानें नहीं है। पुरवा जलप्रपात रीवा शहर से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यह जलप्रपात तमसा नदी पर बना हुआ है। 


बसामन मामा मंदिर रीवा - Basaman Mama Temple Rewa

बासमन मामा मंदिर एक ऐतिहासिक मंदिर है। बसामन मामा का मंदिर तमसा नदी के किनारे स्थित है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है। यह मंदिर प्राचीन है। इस मंदिर के बारे में बहुत सारी मान्यताएं हैं। यह मंदिर रीवा से लगभग 33 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर आकर तमसा नदी में स्नान कर सकते हैं। मंदिर में आप बसामन मामा के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर एक विशाल पीपल का वृक्ष लगा हुआ है। कहते हैं कि बसामन मामा को पीपल के वृक्ष से बहुत लगाव था। आपको इस मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगेगा और आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यह मंदिर पुरवा जलप्रपात के निकट स्थित है। बसमान मामा को यक्ष भगवान के रूप में भी जाना जाता है।


वेंकट भवन पैलेस रीवा - Venkat bhawan Rewa

वेंकट भवन पैलेस रीवा शहर में स्थित सबसे पुरानी इमारतों में से एक है। यह रीवा शहर में स्थित एक संग्रहालय है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यहां पर प्रवेश का शुल्क लिया जाता है। आपको यहां पर खूबसूरत पेंटिंग देखने के लिए मिल जाती हैं और यहां पर एक टनल है। यह पैलेस राजा वेंकटरमन के द्वारा बनाया गया था। यह इमारत 1907 में बनाई गई थी। उसके बाद यह संग्रहालय में परिवर्तित कर दी गई। यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा। वेंकट भवन पैलेस रीवा शहर के बीचोंबीच स्थित है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आसानी से पहुंच सकते हैं। वेंकटरमन भवन पैलेस सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक खुला रहता है और प्रत्येक सोमवार को यह बंद रहता है। आप यहां पर अपने दोस्तों और परिवार के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं और यहां पर पुरानी चीजों को देख सकते हैं। 


रानी तालाब रीवा - Rani talab Rewa

रानी तालाब रीवा शहर का एक प्रसिद्ध जगह है। रानी तालाब के आसपास बहुत सारे प्राचीन मंदिर है। आपको यहां पर गार्डन में देखने के लिए मिलता है। रानी तालाब एक प्राचीन तालाब है। रानी तालाब असल में एक कुआं है, जिसका उपयोग पीने के पानी के लिए पुराने समय में किया जाता था। इस तालाब के बीच में एक मंदिर है, जो शिव भगवान जी को समर्पित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। इस तालाब के चारों तरफ आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। तालाब के पास एक बहुत खूबसूरत पार्क भी है। यहां बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। 


शिव मंदिर रानी तालाब रीवा - Shiva Temple Rani Talab Rewa

शिव मंदिर रानी तालाब के बीच में स्थित है। कहा जाता है कि यह मंदिर लगभग 400 साल पुराना है। मंदिर का निर्माण बघेल राजा ने करवाया है। आप वोट करके इस मंदिर तक पहुंच सकते हैं। इस मंदिर में पहुंचकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। चारों तरफ तालाब का नजारा बहुत ही शानदार होता है। 


रानी तालाब पार्क रीवा - Rani talab park Rewa

रानी तालाब पार्क रीवा में स्थित एक सुंदर पार्क है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर  जोगिंग और मॉर्निंग वॉक कर सकते है। यहां से रानी तालाब का दृश्य बहुत ही शानदार रहता है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। इस पार्क में प्रवेश का शुल्क लिया जाता है। 


देउर कोठार रीवा - Deur Kothar Rewa

देउर कोठार एक प्रसिद्ध बौद्ध स्थल है। यह रीवा शहर के पास में स्थित है। यहां पर आपको बहुत सारे बौद्ध स्तूप देखने के लिए मिलते हैं। यह एक प्राचीन स्थल है और आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यह रीवा इलाहाबाद राजमार्ग पर देउर नाम के ग्राम में स्थित है। माना जाता है कि प्राचीन काल में इस स्थल का संबंध भरहुत तथा कौशांबी से भी रहा होगा। यह स्तूप पहली और तीसरी शताब्दी के बीच बनाए गए हैं। इन स्तूप का संबंध कौशांबी और भरहुत से माना जाता है। यहां पर आपको बहुत सारे स्तूप देखने के लिए मिलते हैं। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। आप यहां पर दोस्तों और फैमिली मेंबर्स के साथ आ सकते हैं। यहां से आपको सूर्यास्त का नजारा भी देखने के लिए मिलता है। अगर आप यहां बरसात के समय आते हैं, तो बरसात में यहां चारों तरफ हरियाली रहती है और जो आपको नजारा देखने के लिए मिलता है, घाटियों का, वादियों का बहुत ज्यादा अद्भुत होता है। यहां पर आपको पत्थर पर आदिमानव के काल की पेंटिंग भी देखने के लिए मिलती है। यह जगह बहुत अच्छी है और आप अपना बहुत अच्छा समय यहां पर बिता सकते हैं। 


चिरहुला हनुमान मंदिर रीवा - Chirhula Hanuman Temple Rewa

चिरहुला हनुमान मंदिर रीवा शहर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है। यहां पर शनिवार और मंगलवार को भक्तों की बहुत ज्यादा भीड़ होती है। यहां पर हनुमान जी की बहुत ही भव्य प्रतिमा विद्यमान है। यहां पर आपको शिव भगवान जी के भी दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के पास आपको गार्डन देखने के लिए मिलता है। इसके अलावा यहां पर एक तालाब भी स्थित है। आप यहां पर आ कर अपना समय शांति से बिता सकते हैं।  यह  जगह बहुत अच्छी है। यहां पर भंडारा भी होता है। आप यहां भंडारा भी ग्रहण कर सकते हैं। 


साईं बाबा मंदिर रीवा - Sai Baba Temple Rewa

साईं बाबा का मंदिर रीवा शहर का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है।  यह मंदिर मुख्य  रीवा शहर में घंटाघर के पास स्थित है। इस मंदिर में गुरुवार के दिन बहुत भीड़ लगती है। इस दिन यहां पर भंडारा होता है और प्रसाद बांटा जाता है। यहां पर आप साईं भगवान जी के दर्शन करने के लिए आ सकते हैं और आपको यहां पर आकर बहुत शांति मिलेगी। 


स्वामी विवेकानंद पार्क रीवा - Swami Vivekananda Park Rewa

स्वामी विवेकानंद पार्क रीवा शहर में स्थित एक बगीचा है। यह बगीचा बहुत खूबसूरत है। बगीचे में आपको स्वामी विवेकानंद जी की मूर्ति देखने के लिए मिलती है। विवेकानंद पार्क कॉलेज चैराहा में स्थित है। यह पार्क मॉर्निंग वॉक और योगा के लिए एक अच्छी जगह है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। आपको यह पर आकर   अच्छा लगेगा। 


लक्ष्मण बाग मंदिर रीवा - Laxman Bagh Temple Rewa

लक्ष्मण बाग मंदिर रीवा शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको एक प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलता है। मंदिर में आपको राधा कृष्ण जी के और जगन्नाथ भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिल जाते हैं। यह मंदिर रीवा शहर में बिछिया नदी के किनारे स्थित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर चारों तरफ का नजारा बहुत खूबसूरत है। नदी के किनारे नारियल के पेड़ लगे हुए हैं, जो बहुत ही खूबसूरत लगते हैं। मंदिर में प्राचीन कुंड बना हुआ है। वह आप देख सकते हैं। यहां आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। 


व्हाइट टाइगर सफारी मुकुंदपुर रीवा - White tiger safari mukundpur Rewa

मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी रीवा जिले का एक मुख्य पर्यटन आकर्षण है। मुकुंदपुर रीवा जिले से करीब 17 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर आकर सफेद बाघ को देख सकते हैं। सबसे पहले सफेद बाघ की खोज रीवा शहर के महाराजा मार्तंड सिंह जूदेव द्वारा की गई थी और उन्होंने सफेद बाघ को संरक्षित भी किया था। यहां पर आप चाहे तो पैदल सफारी करने का मजा ले सकते हैं। साइकिल से सफारी करने का मजा ले सकते हैं या आप चाहे तो जीप से भी सफारी करने का मजा ले सकते हैं। यहां पर सभी सफारी के प्राइस अलग-अलग है। यहां पर आपको सफेद बाघ के बारे में जानकारी भी दी जाती है। यहां का टाइमिंग सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक है। वाइट टाइगर सफारी में अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ जा सकते हैं। अगर आप यहां पर जा रहे हैं, तो हॉलीडे वाले दिन यहां पर नहीं जाएं। क्योंकि यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। 


पावन घिनौची धाम रीवा - Paawan ghinauchi dham Rewa

पावन घिनौची धाम रीवा शहर का एक ईकोटूरिज्म पर्यटन स्थल है। पावन घिनौची धाम को पिया वन के नाम से भी जाना जाता है। यह सिरमौर के पास स्थित है। आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर आने के लिए कच्ची सड़क आपको मिल जाती हैं। यह जगह बहुत खूबसूरत है और प्राकृतिक वातावरण से भरी हुई है। आपको यहां पर बरसात के समय खूबसूरत जलप्रपात देखने के लिए मिलता है, जो पहाड़ों से बहता है। यह जलप्रपात का स्त्रोत कहां से है। यह मालूम नहीं चलता है। इस जलप्रपात के नीचे शिवलिंग विराजमान है। जलप्रपात का पानी शिवलिंग पर गिरता है, जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। यहां पर बहुत सारे लोग आते हैं और यहां पर नहाने का मजा भी लेते हैं। पावन घिनौची धाम में प्रवेश का टिकट लिया लगता है। यहां पर आपको पार्किंग की अच्छी व्यवस्था दी गई है। यहां पर बैठने के लिए भी अच्छी व्यवस्था है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। खूबसूरत घटिया देखने के लिए मिलेंगी, जो आपको बहुत अच्छे लगेंगे। 


लुकेश्वर्नाथ मंदिर रीवा - Lukeshwarnath Temple Rewa

लुकेश्वर्नाथ  मंदिर रीवा शहर में सिरमौर के पास स्थित है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत लोकेशन में स्थित है। यहां पर आपको एक पहाड़ी देखने के लिए मिलती है। जिस पर मंदिर स्थित है। यह पहाड़ी बैल के आकार की है और आपको इस पहाड़ी पर ट्रैकिंग करके जाना पड़ता है। शिवरात्रि के समय यहां पर बहुत बड़ा मेला लगता है, जिसमें लाखों की संख्या में लोग यहां पर आते हैं। आप यहां पर आकर ट्रैकिंग का मजा ले सकते हैं और भोलेनाथ जी के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर एक झील भी है। वह देख सकते हैं। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। इस मंदिर के चारों तरफ का वातावरण हरियाली से भरा हुआ है। आप यहां पर अपने दोस्तों के साथ आकर बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। 


टोंस वाटरफॉल्स, सिरमौर (Tons Waterfalls, Sirmaur)

आल्हा घाट सिरमौर, रीवा (Alha Ghat Sirmaur, Rewa)

गंगा वाटिका  बाल उद्यान (Ganga Vatika Children's Park)


सिवनी जिले के पर्यटन स्थल

विदिशा के दर्शनीय स्थल

सागर पर्यटन स्थल

नरसिंहपुर पर्यटन स्थल





नरसिंहपुर पर्यटन स्थल - Narsinghpur tourist place | Narsinghpur tourism

नरसिंहपुर के दर्शनीय स्थल - Places to visit in Narsinghpur | Tourist places near Narsinghpur | Narsinghpur District


नरसिंहपुर में घूमने की जगह

बरमान घाट नरसिंहपुर - Barman ghat narsinghpur

बरमान घाट नरसिंहपुर जिले का एक प्रसिद्ध जगह है। बरमान घाट नर्मदा नदी के किनारे स्थित एक बहुत ही खूबसूरत घाट है। यह एक पवित्र स्थल हैं। साल भर लाखों लोग नर्मदा में स्नान करने आते हैं। इस जगह पर नर्मदा नदी सात धाराओं में बहती है। यहां पर आपको बहुत सारे प्रसिद्ध मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आप ब्रह्मा जी की यज्ञ स्थली, रानी दुर्गावती का मंदिर और भगवान विष्णु का वराह अवतार की प्रतिमा देख सकते हैं। यहां पर मकर संक्रांति और नर्मदा जयंती के समय बहुत बड़े मेले का आयोजन होता है, जिसमें लाखों की संख्या में लोग आते हैं। बरमान घाट नरसिंहपुर में बरमान नगर में स्थित है। यहां पर आप गाड़ी से आ सकते हैं। यह घाट सागर नरसिंहपुर हाईवे रोड पर स्थित है। बरमान घाट का नजदीकी रेलवे स्टेशन  करेली है। आप यहां पर ट्रेन के माध्यम से भी आ सकते हैं। यहां पर दोस्त और परिवार के साथ जा सकता है। बरमान घाट के दूसरी तरफ जाने के लिए नर्मदा नदी में पुल बनाया गया है। इस पुल से आप बरमान घाट के दूसरी तरफ जाकर नर्मदा जी के मंदिर घूम सकते हैं। इस्कॉन मंदिर घूम सकते हैं। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। 

सूरजकुंड बरमान घाट नरसिंहपुर - Suraj Kund Barman ghat Narsinghpur

सूरजकुंड नरसिंहपुर में बरमान घाट के पास स्थित एक प्रसिद्ध  कुंड है। यह एक पवित्र कुंड है और जो भी यहां पर आता है। वह इस कुंड में डुबकी जरुर लगाता है। यह कुंड नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 

सतधारा बरमान घाट नरसिंहपुर - Satdhara Barman Ghat Narsinghpur

सतधारा नरसिंहपुर में बरमान घाट के पास स्थित एक प्रसिद्ध स्थान है। इस जगह पर आपको नर्मदा नदी सात धाराओं में विभक्त देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको नर्मदा नदी का बहुत ही सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर नर्मदा नदी पर एक पुराना पुल भी बना है, जो आप देख सकते हैं। उसके बाजू में ही नया पुल बना हुआ है। 

दीपेश्वर मंदिर बरमान घाट नरसिंहपुर - Deepeshwar Temple Barman Ghat Narsinghpur

दीपेश्वर मंदिर नरसिंहपुर में स्थित एक धार्मिक जगह है। इस  जगह का ऐतिहासिक महत्व है। यह मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है। दीपेश्वर मंदिर बरमान घाट के पास स्थित है। यह  मंदिर नर्मदा नदी पर एक टापू पर स्थित है। कहा जाता है कि  बरमान घाट को ब्रह्मा जी की यज्ञ स्थली के रूप में जाना जाता है। ब्रह्मा जी ने यहां पर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए तपस्या की थी और शिवलिंग की स्थापना की थी। यह शिवलिंग बहुत प्राचीन है। यहां पर बहुत सारे लोग सूरज कुंड में स्नान करके शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए सूरजकुंड से जल लेकर आते हैं और अपनी मनोकामना की पूर्ति हेतु प्रार्थना करते हैं। 

रानीदहारा शिव पार्वती मंदिर नरसिंहपुर - Ranidahara Shiva Parvati Temple Narsinghpur

रानीदहारा नरसिंहपुर में स्थित एक प्राकृतिक स्थल है। यह जगह पहाड़ों के बीच में स्थित है। आजू बाजू पहाड़ों का दृश्य बहुत ही मनोरम होता है। यहां पर आपको एक नदी देखने के लिए मिलती है। नदी के किनारे मंदिर बना हुआ है। यह मंदिर शिव और पार्वती माता जी को समर्पित है। यहां पर आप आकर बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। प्रकृति के बीच आप आते हैं, तो आपको बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर नदी का पानी साफ और स्वच्छ है। रानीदहारा नरसिंहपुर के गाडरवारा के पास स्थित है। यहां पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। यह पिकनिक के लिए बहुत अच्छी जगह है। 

चौरागढ़ का किला नरसिंहपुर - Chauragarh Fort Narsinghpur

Or
चौगान का किला नरसिंहपुर - Chaugan Fort Narsinghpur

चैरागढ़ का किला नरसिंहपुर के गाडरवारा के पास में स्थित है। चैरागढ़ का किला एक ऐतिहासिक किला है। यह किला घने जंगलों के बीच में स्थित है। यह किला खंडहर अवस्था में है। चैरागढ़ किले को चैगान का किला भी कहा जाता है। चौरागढ़ का किला सतपुड़ा की पहाड़ियों पर बना हुआ है। यह  किला पत्थर और चूने पत्थर से निर्मित है। किले के पास में एक तालाब बना हुआ हैए जिसे रेवा कुंड कहा जाता है। यह कुंड खूबसूरत है। यहां पर आपको एक मंदिर भी देखने के लिए मिलता हैए जो प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर नरसिंह भगवान को समर्पित है। आप यहां पर आ कर प्राकृतिक दृश्य का मजा ले सकते हैं। इस जगह में आप अपने दोस्तों और फैमिली वालों के साथ आकर बहुत मजे कर सकते हैं। यह अच्छा पिकनिक स्पॉट है। चौरागढ़ किले का निर्माण गोंड शासक संग्राम शाह ने 15 वीं शताब्दी में कराया था। यह किला गाडरवारा रेलवे स्टेशन से लगभग 19 किलोमीटर दूर है। आपको यहां से पहाड़ों का दृश्य देखने के लिए मिलेगाए जो बहुत ही अद्भुत रहता है। 

मिनी धुआँधार वॉटरफॉल नरसिंहपुर - Mini Dhuandhar Waterfall Narsinghpur

मिनी धुआंधार जलप्रपात नरसिंहपुर में स्थित एक बहुत ही अच्छी जगह है। यह नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है। आप यहां पर पिकनिक मनाने आ सकते हैं। यहां पर किसी भी प्रकार की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर ज्यादा भीड़ नहीं रहती है। यह जलप्रपात ज्यादा बड़ा नहीं है, मगर अच्छा लगता है। धुआंधार में आपको संगमरमर की चट्टानें देखने मिलती है, मगर यहां पर आपको काली चट्टानें देखने मिलेगी। इसलिए इस जलप्रपात को मिनी धुआंधार जलप्रपात कहा जाता है। आप यहां पर आकर अच्छा समय बिता सकते हैं। मिनी धुआंधार जलप्रपात नरसिंहपुर से करीब 20 किलोमीटर दूर है। आप यहां गाड़ी से जा सकते हैं। 

गोंड राज महल नरसिंहपुर या पठेहरा किला नरसिंहपुर - Gond Raj Mahal Narsinghpur or Pathehra Fort Narsinghpur

पठेहरा किला नरसिंहपुर जिले का एक प्राचीन स्थल है। यह एक प्राचीन किला है, जो नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है। यह किला अब खंडहर अवस्था में मौजूद है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। इस महल का निर्माण गोंड शासक राजा बलवंत सिंह ने 16वीं या 17 वी सदी ईसवी में कराया था। यह महल 3 मंजिल रहा होगा। अब यह मलबे में तब्दील हो गया है। इस महल का निर्माण में ईट एवं अनगढ़ पत्थरों के मिश्रण से हुआ है। आप यहां पर फैमिली और दोस्तों के साथ आकर घूम सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 

प्राचीन गरुण मंदिर नरसिंहपुर - Ancient Garun Temple Narsinghpur

प्राचीन गरुण मंदिर नरसिंहपुर में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यह मंदिर गरुण भगवान जी को समर्पित है। आप यहां पर आकर बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यह जगह बरसात के समय और भी खूबसूरत लगती है, चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है। नर्मदा नदी का नजारा बहुत ही खूबसूरत रहता है। इस मंदिर में आप अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यह मंदिर नरसिंहपुर के गररु गांव के पास स्थित है। इस मंदिर का निर्माण 17वीं शताब्दी में किया गया था। यह मंदिर गोंड राजा बलवंत सिंह द्वारा बनाया गया था। यह मंदिर पंचायतन शैली में निर्मित किया गया है। गर्भ ग्रह के चारों ओर परिक्रमा पथ बना हुआ है। 

हाथीनाला झरना नरसिंहपुर - Hathinala Waterfall Narsinghpur

हाथीनाला जलप्रपात नरसिंहपुर का एक प्राकृतिक जलप्रपात है। यह जलप्रपात घने जंगलों के बीच में स्थित है। आपको इस जलप्रपात तक पहुंचने के लिए ट्रैकिंग करनी पड़ती है। यह जलप्रपात 5 स्तरों में नीचे गिरता है, जो बहुत ही लुभावना होता है। आपको यह जलप्रपात बहुत पसंद आएगा। यह जलप्रपात हाईवे रोड से करीब 1 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं। यहां पर आप ग्रुप के साथ आएंगे, तो अच्छा होगा, क्योंकि यह जगह सुनसान रहती है। यहां पर आप अच्छा समय बिता सकती हैं। यह जलप्रपात प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। यह बिल्लाधा गाँव से 1 किमी की दूरी पर है। यहां पर किसी भी तरह की कोई भी दुकान उपलब्ध नहीं है। अगर आप यहां पर आते हैंए तो खाने पीने का सामान लेकर आए और यहां पर आकर आप मजे कर सकते हैं। 

जबरेश्वर महादेव मंदिर नरसिंहपुर - Jabreshwar Mahadev Temple Narsinghpur

जबरेश्वर महादेव मंदिर नरसिंहपुर का एक प्रसिध्द मंदिर है। यह एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। मंदिर में एक शिवलिंग स्थापित है। शिवलिंग के बारे में कहा जाता है कि यह शिवलिंग हर साल बढ़ता है। यह शिवलिंग करीब 1 मीटर ऊंचा है। इस शिवलिंग की मोटाई इतनी है कि आप दोनों हाथों से भी इस शिवलिंग को पकड़ नहीं सकते है। आप यहां पर आकर नर्मदा नदी का बहुत ही मनोरम दृश्य देख सकते हैं। यहां पर नर्मदा नदी में स्नान कर सकते हैं। 

झोतेस्वर मंदिर नरसिंहपुर या राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मंदिर नरसिंहपुर - Jhoteswar Temple Narsinghpur or Rajrajeshwari Tripur Sundari Temple Narsinghpur

झोतेश्वर मंदिर नरसिंहपुर में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर नरसिंहपुर के गोटेगांव के पास स्थित है। यह मंदिर गोटेगांव से करीब 10 किलोमीटर दूर होगा। आप इस मंदिर तक अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यहां पर आपको भव्य मंदिर देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही खूबसूरत है। मंदिर में माता राजराजेश्वरी की प्रतिमा विराजमान है। मंदिर की छत पर बहुत ही खूबसूरत कमल की नक्काशी की गई है, जो देखने में बहुत ही आकर्षक लगती हैं। यह मंदिर एक पहाड़ी के ऊपर बना हुआ है और मंदिर में जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। आप इस मंदिर में जाकर शांति के साथ बैठ सकते हैं और अपना समय बिता सकते हैं। मंदिर में आप जब भी जाते हैं, तो 12:00 बजे से पहले जाएंगे, तो आपको माता के दर्शन करने मिल जाते हैं। 12:00 बजे के बाद मंदिर के द्वार बंद कर दिए जाते हैं। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह जगह बहुत ही अच्छी है। माता राज राजेश्वरी मंदिर के आजू.बाजू भी बहुत सारे मंदिर हैंए जिन्हें आप देख सकते हैं। 

हनुमान टेकरी झोतेश्वर - Hanuman Tekri Jhoteshwar

हनुमान टेकरी झोतेश्वर में पहाड़ी के ऊपर स्थित एक मंदिर है।  आपको इस मंदिर तक जाने के लिए सड़क मिलती है। इस मंदिर में हनुमान जी की बहुत ही भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। इस मंदिर के आसपास आपको बहुत सारे बंदर देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर पीने के पानी के लिए हेडफोन लगा हुआ है।  आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। 

विचार शिला झोतेश्वर - Vichar Shila jyoteshwar

विचार शिला झोतेश्वर में स्थित एक बहुत ही खूबसूरत धार्मिक स्थल है। यहां पर एक शिला है, जिसे विचार शीला के नाम से जाना जाता है। यहां पर खूबसूरत गार्डन भी बना हुआ है। इस गार्डन में रंग बिरंगे फूल लगे हुए हैं, जो बहुत ही खूबसूरत लगते हैं। 

राधा कृष्ण मंदिर झोतेश्वर - Radha Krishna Temple Jhoteshwar

राधा कृष्ण मंदिर झोतेश्वर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरत है और मंदिर में राधा कृष्ण जी की मूर्ति विराजमान है, जो देखने में बहुत ही भव्य लगती हैं। यहां पर आपको आकर बहुत अच्छा लगेगा।

लक्ष्मीनारायण मंदिर झोतेश्वर - Laxminarayan Temple Jhoteshwar

झोतेश्वर मंदिर के पास में ही लक्ष्मी नारायण मंदिर है। यह छोटा सा मंदिर है, मगर खूबसूरत मंदिर है। आपको यहां पर श्री कृष्ण जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। 

श्री श्री बाबा जी धाम और श्री सत्य सरोवर नरसिंहपुर - Sri Sri Baba Ji Dham and Shri Satya Sarovar Narsinghpur

श्री श्री बाबा जी धाम झोतेश्वर जाने वाले के रास्ते में पड़ता है। यह मंदिर बहुत ही सुंदर है। इस मंदिर में बहुत बड़ा तालाब है। तालाब में आपको मछलियां देखने के लिए मिलती हैं। यहां पर मछलियों को खाने के लिए दाना भी आप खरीद सकते हैं। इस तालाब के बीच में एक मंदिर बना हुआ है। इस तालाब के बीच में हम जा सकते हैं और आप मछलियों को दाना डाल सकते हैं और आपको अच्छा लगेगा। तालाब के किनारे यहां पर शिव भगवान जी का शिवलिंग विराजमान है। यहां पर आपको श्री कृष्ण भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर गार्डन भी बना हुआ है और गार्डन में आपको शंकर जी की बहुत ही भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको अच्छा लगेगा। यहां पर आप अपने  फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। 

टोनघाट नरसिंहपुर - Ton ghat Narsinghpur

टोन घाट नरसिंहपुर में स्थित एक प्राकृतिक स्थल है। टोन घाट नरसिंहपुर के बेलखेड़ी में स्थित है। आप यहां पर आकर प्रकृति के नजारे देख सकते हैं। यहां घाट शेर नदी पर स्थित है। टोन घाट को छोटा धुआंधार भी कहा जाता है। यहां पर छोटा सा झरना है, जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। यहां पर आप को  चट्टानों से बहता हुआ झरना देखने मिलता हैं, जो बहुत ही आकर्षक है। 

श्री दादा दरबार या दादा दूल्हा देव महाराज मंदिर नरसिंहपुर - Shri Dada Darbar or Dada Dulha Dev Maharaj Temple Narsinghpur

श्री दादा दरबार मंदिर नरसिंहपुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर नरसिंहपुर हाईवे रोड में स्थित है। यह एक पवित्र है। इस मंदिर को दादा महाराज या दूल्हा देव के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर हाईवे रोड पर स्थित है। इस मंदिर में आप आसानी से आ सकते हैं। मंदिर परिसर बहुत खूबसूरत है और साफ सुथरा है। यह मंदिर नरसिंहपुर से 7 किमी की दूरी पर स्थित है। परिवार के साथ घूमने के लिए अच्छा स्थान है।

घोघरनाथ जल प्रपात नरसिंहपुर - Ghogarnath waterfall Narsinghpur

घोघरनाथ जलप्रपात नरसिंहपुर जिले के पास स्थित एक बहुत ही खूबसूरत जलप्रपात हैं। यह झरना घने जंगलों के बीच में स्थित है। यहां पर आप अपनी बाइक से आ सकते हैं। यह एक बरसाती जलप्रपात है। बरसात के समय आपको यह जलप्रपात देखने के लिए मिलता है। गर्मी के समय यह जलप्रपात में पानी सूख जाता है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। आप यहां पर अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं।

डमरू घाटी नरसिंहपुर - Damru ghati Narsinghpur

डमरू घाटी नरसिंहपुर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। डमरू घाटी एक प्रसिद्ध मंदिर है और एक पवित्र जगह है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यहां पर आपको एक विशाल शिवलिंग एवं शिव मूर्ति देखने के लिए मिलती है। शिवलिंग का ऊंचाई करीब 19 फीट है। यह मध्य प्रदेश का सबसे ऊंचा शिवलिंग है। आपको हाईवे रोड से ही भगवान शिव की प्रतिमा देखने मिल जाएगी। यहां पर शिव भगवान जी की मूर्ति योग अवस्था में विराजमान है। यहां पर हनुमान जी की विशाल मूर्ति भी विराजमान है, जो खड़ी हुई अवस्था में है। आपको यहां पर नंदी भगवान जी की भी प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो शिव भगवान जी के सामने स्थित है। यहां पर आप आते हैं, तो आपको बहुत अच्छा लगेगा। यह बहुत अच्छी जगह है। मंदिर के बाहर बहुत सारी दुकानें हैं, जहां से आप प्रसाद ले सकते हैं।  मंदिर के बाहर आपको चाय नाश्ते की दुकान भी मिल जाती है। यहां पर पार्किंग की अच्छी व्यवस्था है और पार्किंग का चार्ज लिया जाता है। यहां पर एक छोटा सा तालाब भी है। डमरू घाटी नरसिंहपुर में गाडरवारा के पास शक्कर नदी के पास स्थित है।  आप यहां पर अपनी गाड़ी से आराम से आ सकते हैं या किराए के वाहन से भी यहां पर पहुंच सकते हैं। 

नरसिंह मंदिर नरसिंहपुर - Narsingh Temple Narsinghpur

नरसिंह मंदिर नरसिंहपुर का प्रसिद्ध मंदिर है। नरसिंह मंदिर के नाम पर ही इस शहर को नरसिंहपुर कहा जाता है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है। यह करीब 600 वर्ष पुराना है। मंदिर में आपको नरसिंह भगवान जी की मूर्ति देखने के लिए मिलती है। इस मंदिर में मूर्ति की स्थापना इस प्रकार की गई है, कि आप मूर्ति को मंदिर के अंदर से देखे या मंदिर के किसी भी कोने से देखे या फिर आप मंदिर के बाहर रोड के उस पार से मूर्ति को देखे। मूर्ति आपको एक जैसी ही दिखाई देती है। इस मंदिर में एक भूमिगत सुरंग है, जो यहां के राजा के राजमहल तक जाती है। आप आकर इस मंदिर को देख सकते हैं। बहुत अच्छी जगह है। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आकर घूम सकते हैं। नरसिंह जयंती के समय यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। बहुत ज्यादा संख्या में लोग यहां पर आते हैं। नरसिंह मंदिर के पास ही नरसिंह तालाब स्थित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। नरसिंह मंदिर मुख्य नरसिंहपुर शहर में ही स्थित है। आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं। 

राम मंदिर नरसिंहपुर - Ram Temple Narsinghpur

राम मंदिर नरसिंहपुर में स्थित एक बहुत ही प्राचीन मंदिर है। यह एक धार्मिक स्थल है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आपको श्री राम जी, माता सीता जी और लक्ष्मण जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर मुख्य नरसिंहपुर में स्थित है। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। इस मंदिर में बहुत ही सुंदर सजावट की गई है। मंदिर की छत को झूमर से सजाया गया हैए जो आपको बहुत ही अच्छा लगेगा। यह मंदिर नरसिंहपुर शहर के बीचोबीच स्थित है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 

सदर मढ़िया नरसिंहपुर - Sadar Madhiya Narsinghpur

सदर मढ़िया नरसिंहपुर शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर नरसिंहपुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर दुर्गा जी को समर्पित है। इस मंदिर को सदर मड़िया के नाम से जाना जाता है। यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा। यह मंदिर मुख्य नरसिंहपुर शहर में स्थित है। आप इस मंदिर में आकर शांति का अनुभव कर सकते हैं। इस मंदिर में आकर आप दुर्गा जी के दर्शन कर सकते हैं। मंदिर परिसर में अन्य मंदिर भी हैं। यहां पर आप शारदा माता के दर्शन कर सकते हैं। भगवान शिव के दर्शन कर सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। यह एक अच्छी जगह है। 

गौरीशंकर दुबे पार्क नरसिंहपुर (Gaurishankar Dubey Park Narsinghpur)
माँ नर्मदा मंदिर बरमान नरसिंहपुर (Maa Narmada Temple Barman Narsinghpur)
घोघरा झरना नरसिंहपुर (Ghoghara waterfall Narsinghpur)
काकारा घाट नरसिंहपुर (Kakara Ghat Narsinghpur)
गणेश मंदिर नरसिंहपुर (Ganesh Temple Narsinghpur)
सिध्देश्वर दुर्गा मंदिर नरसिंहपुर (Sidheshwar Durga Temple Narsinghpur)



भिंड पर्यटन स्थल - Tourist places near Bhind

भिंड के दर्शनीय स्थल - Best places to visit in Bhind | Bhind sightseeing | भिंड शहर


भिंड में घूमने की जगहें
Places to visit in Bhind


वनखंडेश्वर मंदिर भिंड - Vankhandeshwar Temple Bhind 

वनखंडेश्वर मंदिर  भिंड शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। वनखंडेश्वर मंदिर भिंड शहर में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है। कहा जाता है कि इस मंदिर में मांगी गई मुराद जरूर पूरी होती है। यह मंदिर गौरी तालाब के पास में स्थित है। गौरी तालाब भिंड शहर में स्थित एक खूबसूरत झील है। वनखंडेश्वर मंदिर का निर्माण राजा पृथ्वीराज चौहान के समय में किया गया था। इस मंदिर में अखंड ज्योत जलाई गई है, जो प्राचीन समय से अभी तक जल रही है। इस मंदिर में सोमवार के दिन बहुत भीड़ लगती है। श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन करने के लिए यहां पर आते हैं। यहां पर सोमवार के दिन महाआरती भी होती है। यहां पर महाशिवरात्रि और सावन सोमवार की समय बहुत बड़े मेले का भी आयोजन किया जाता है। 


गौरी तालाब भिंड - Gauri Talab Bhind

गौरी तालाब भिंड शहर में स्थित एक झील है। गौरी तालाब भिंड शहर का एक मुख्य पर्यटन आकर्षण है। गौरी तालाब के आसपास बहुत सारे मंदिर है, जिनमें आप जाकर घूम सकते हैं और आपको वहां पर शांति मिलेगी।  गौरी तालाब के पास में गौरी लेक पार्क स्थित है। यह पार्क बहुत खूबसूरत है और यहां पर आप अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां से आप सूर्यास्त का मनोरम दृश्य देख सकते हैं। 


भिंड का किला या जिला पुरातत्व संग्रहालय भिंड - Bhind Fort or District Archaeological Museum Bhind

भिंड का किला भिंड शहर में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यह एक प्राचीन किला है। इस किले को संग्रहालय में परिवर्तित कर दिया गया है। किले में आपको बहुत सारी मूर्तियां देखने के लिए मिल जाती हैं। यह किला ऊंचाई में स्थित है, जिससे पूरे भिंड शहर के दृश्य को आप देख सकते हैं। इस किले को जिला पुरातत्व संग्रहालय भी कहा जाता है। आप यहां पर आकर भिंड के इतिहास के बारे में जान सकते हैं। 


नक्षत्र वाटिका भिंड - Nakshatra Vatika Bhind

नक्षत्र वाटिका भिंड शहर में स्थित एक खूबसूरत पार्क है। यहां पर आपको तरह तरह के पेड़ पौधे देखने के लिए मिल जाते हैं। यह पार्क हरियाली से घिरा हुआ है। आप यहां पर मॉर्निंग वॉक के लिए आ सकते हैं। यह पार्क मुख्य भिंड शहर में ही स्थित है। 


गोहद का किला भिंड - Gohad Fort Bhind

गोहद का किला भिंड शहर के पास में गोहद नाम की जगह में स्थित है। यह एक प्राचीन किला है। यह किला बहुत बड़ी क्षेत्र में फैला हुआ है। इस किले के अंदर आपको किलेबंदी, मीनारें, तालाब एवं मंदिर देखने के लिए मिल जाएंगे। इस किले का निर्माण 1505 में जाट शासक राणा सिंघम देव द्वितीय ने कराया था। इस किले के पास में वैशाली नदी बहती है। यहां पर वैशाली नदी गोलाकार आकार में बहती है। किले के अंदर आपको बहुत सारी इमारतें देखने के लिए मिलेगी। यहां पर आपको शीश महल, और रानी बाग देखने के लिए मिल जाएगा। 


गोहद बांध भिंड - Gohad Dam Bhind

गोहद बांध एक खूबसूरत जलाशय है। यह जलाशय भिंड जिले के पास में स्थित गोहद नाम के स्थान पर स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। बरसात के समय गोहद जलाशय से पानी ओवरफ्लो होता है और बहता है, तो ऐसा लगता है। जैसे झरना बह रहा है। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। 


चंबल वैली भिंड - Chambal Valley Bhind

चंबल नदी भिंड शहर के पास से गुजरती है।  चंबल नदी भारत देश की सबसे शुद्ध नदी है। चंबल नदी में किसी भी तरह का कोई भी प्रदूषण नहीं होता है, क्योंकि इस नदी के लिए किसी भी तरह की कथाएं प्रसिद्ध नहीं है। इस नदी के किनारे ना ही धार्मिक स्थल है और ना ही किसी भी तरह का धार्मिक कार्य किया जाता है। इसलिए यह नदी प्रदूषण मुक्त है। चंबल नदी का ज्यादातर हिस्सा भी बीहड़ है। आप चंबल वैली में बर्डवाचिंग कर सकते हैं। यहां पर आपको देशी और विदेशी पक्षियों की भरमार देखने के लिए मिल जाएगी। इसके अलावा चंबल नदी में मगरमच्छ देख सकते हैं। ठंड के समय मगरमच्छ नदियों के किनारे आराम करते हुए देखने के लिए आपको मिल जाएंगे। यहां चंबल नदी का जो एरिया है, वह बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर आकर चंबल वैली का लुफ्त उठा सकते हैं। 


श्री परमहंस आश्रम समन्ना भिंड - Sri Paramahams Ashram Samanna Bhind

श्री परमहंस आश्रम भिंड से इटावा जाने वाले रास्ते में पड़ता है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको यहां पर बहुत शांति मिलेगी। यहां पर आप गुरु जी के दर्शन कर सकते हैं। 


महामृत्युंजय जैन तीर्थ भिंड - Mahamrityunjaya Jain Tirtha Bhind

महामृत्युंजय जैन तीर्थ भिंड शहर के पास चंबल नदी के किनारे पर स्थित है। यह स्थल एक जैन तीर्थ स्थल है। आप यहां पर आ कर इस मंदिर को देख सकते हैं। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरती से बना हुआ है। यह मंदिर भिंड से इटावा आने वाले रास्ते में पड़ता है। आपको यहां पर आकर बहुत शांति मिलेगी।

 

श्री रतनगढ़ माता का मंदिर भिंड - Temple of Shri Ratangarh Mata Bhind

श्री रतनगढ़ माता का मंदिर भिंड जिले के पास में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह एक बहुत अच्छी एवं धार्मिक जगह है। यह जगह जंगल के बीच में स्थित है। यहां पर माता का मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। पहाड़ी से चारों तरफ का दृश्य बहुत ही खूबसूरत दिखता है। सोमवार के दिन यहां पर मेला लगता है, जिसमें आसपास के लोकल लोगों के द्वारा मेला लगाया जाता है।  यहां पर नवरात्रि के समय बहुत बड़ा मेला लगता है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह भिंड शहर से करीब 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। 


कन्हरगढ़ का किला स्योंधा भिंड - The fort of Kanhargarh is Sayondha Bhind 

कन्हार गढ़ का किला भिंड शहर के पास में स्थित एक प्राचीन किला है। यह किला सिंध नदी के पास में स्थित है। यह किला स्योंधा में स्थित है। स्योंधा भिंड से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं।


संकुआ कुंड स्योंधा भिंड - Sankua Kund Sayondha Bhind

संकुआ कुंड सिंध नदी पर स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यहां पर आपको एक खूबसूरत कुंड देखने के लिए मिलता है। यहां पर सिंध नदी पर एक झरना देखने मिलता है। यह जगह बहुत खूबसूरत लगती है। आप यहां पर नहाने का मजा भी ले सकते हैं। संकुआ कुंड भिंड शहर से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्योंधा में स्थित है। 


कालका माता का मंदिर भिंड - Kalka Mata Temple Bhind

कालका माता का मंदिर भिंड शहर के पास में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर सिंध नदी के किनारे स्थित हैं। मंदिर से आपको सिंध नदी का बहुत ही खूबसूरत दृश्य देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर कालका माता जी को समर्पित है। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरती से बनाया गया है। आप यहां पर घूमने आ सकते हैं। आपको यहां पर बहुत अच्छा लगेगा और शांति मिलेगी।


झांसी के दर्शनीय स्थल

ग्वालियर पर्यटन स्थल

मुरैना दर्शनीय स्थल

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सागर पर्यटन स्थल - Sagar tourist place | Places to visit in sagar

सागर दर्शनीय स्थल -  Sagar madhya pradesh tourism |  Sagar famous place | Sagar visiting places | Sagar sightseeing | सागर के प्रसिद्ध स्थान


सागर में घूमने की जगहें


लाखा बंजारा झील सागर - Lakha banjara lake sagar

लाखा बंजारा झील सागर शहर में एक प्रसिद्ध जगह है। यह झील सागर शहर के मध्य में स्थित है और सागर शहर इस झील के चारों तरफ बसा हुआ है। यह झील बहुत बड़े क्षेत्रफल में फैली हुई है। इस झील को लेकर बहुत सी मान्यताएं हैं। झील के आसपास बहुत सारी जगह है, जहां पर आप घूम सकते हैं। यह झील सागर जिले का एक मुख्य आकर्षण है और यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। लाखा बंजारा नाम के एक व्यापारी थे। उन्होंने पानी के लिए यहां पर खुदाई की थी। मगर यहां पर पानी नहीं निकला। तब उनके करीबी ने सलाह दी, कि वहां यहां पर उन्हें किसी खास का कुर्बानी देनी पड़ेगी। झील के बीच में उनको बैठाकर झूला झूल ना पड़ेगा। तभी झील में पानी आएगा। राजा में अपने नवविवाहित बेटे और बहू को इस झील के बीच में बैठाकर झूला झुलाया और झील पानी से भर गई और उस पानी में डूबकर उनके बेटे और बहू की मृत्यु हो गई। इस प्रकार इस झील को लाखा बंजारा झील के नाम से जाना जाता है। इस झील में बहुत सारी सुविधाएं उपलब्ध है। यहां पर आप बोटिंग का मजा ले सकते हैं। झील के आसपास बहुत सारे मंदिर है, जहां पर आप जाकर अपना समय शांति से बिता सकते हैं। 

गंगा मंदिर सागर - Ganga temple Sagar

गंगा मंदिर सागर शहर में लाखा बंजारा झील के मध्य में स्थित है। मंदिर में जाने के लिए पुल बना हुआ है। आपको मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह मंदिर झील में बने एक टापू के समान लगता है। यहां पर गंगा जी की मूर्ति स्थापित है। आप जब भी सागर में घूमने आते हैं, तो इस मंदिर में भी आ सकते हैं। 

चकरा घाट सागर - Chakra Ghat Sagar

चकरा घाट सागर में लाखा बंजारा झील के किनारे पर स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर एक मंदिर स्थित है, जहां पर आकर आपको शांति मिलेगी। शाम के समय यहां पर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर आप के बैठने की अच्छी व्यवस्था है। आप यहां पर शांति से बैठ सकते हैं। यहाँ पर महा कवि पद्माकर की एक मूर्ति भी लगी हुई है। यह जगह बहुत अच्छी लगेगी। 

डा राम मनोहर लोहिया उद्यान सागर - Dr. Ram Manohar Lohia Udyan Sagar

डॉ राम मनोहर लोहिया पार्क सागर में लाखा बंजारा झील के किनारे पर स्थित एक खूबसूरत पार्क है। यहां पर आप वाकिंग का मजा ले सकते हैं। 

संजय ड्राइव  सागर - Sanjay Drive Sagar

संजय ड्राइव सागर शहर में लाखा बंजारा झील के बीच में स्थित एक अच्छी जगह है। आप यहां पर आ सकते हैं। संजय ड्राइव के दोनों तरफ लाखा बंजारा झील स्थित है। 

लाखा बंजारा पार्क सागर - Lakha Banjara Park Sagar

लाखा बंजारा पार्क सागर में लाखा बंजारा झील के किनारे ही पर ही स्थित है। यह पार्क खूबसूरत है। आप यहां पर आकर बैठ सकते हैं। आपको यहां पर अच्छा लगेगा। आप यहां से झील का सुंदर नजारा देख सकते हैं। यहां पर शाम के समय सूर्यास्त को देखना बहुत ही अच्छा लगता है। यह पार्क बस स्टैंड के बहुत करीब है। 


मोराजी दिगंबर जैन मंदिर सागर - Moraji Digambar Jain Temple Sagar

मोराजी दिगंबर जैन मंदिर सागर शहर का एक प्राचीन मंदिर है। यह दिगंबर जैन समुदाय का सागर में स्थित सबसे बड़ा मंदिर है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है। यहाँ मंदिर सागर में बड़े बाजार के पास स्थित है। इस मंदिर में भगवान महावीर की और भगवान बाहुबली की बहुत बड़ी काले रंग की प्रतिमा स्थित है। इस मंदिर में धर्मशाला भी स्थित है। यहां पर तीर्थयात्री आकर रुक सकते हैं। 

जॉगर्स पार्क सागर - Joggers park sagar

जॉगर्स पार्क सागर में स्थित एक अच्छा पार्क है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यहां पर बहुत सारे झूले लगे हैं, जो बच्चों को बहुत पसंद आएंगे। यह पार्क हरियाली से घिरा हुआ है और यहां का वातावरण बहुत ही अच्छा है। आप यहां पर आ कर रिलैक्स महसूस करेंगे। आप यहां पर दोस्तों और परिवार के साथ आ सकते हैं। 

चंद्रा पार्क सागर - Chandra Park Sagar

चंद्रा पार्क सागर में स्थित एक अच्छी जगह है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यह पार्क हरियाली से भरपूर है। पार्क में फव्वारा भी लगा हुआ है, जो आकर्षित करता है। यह पार्क सभी आयु वर्ग के लिए अच्छा है। यहां पर आप अपने फैमिली दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यहां पर बहुत सारे झूले हैं, जो बच्चों को आकर्षित करते हैं। 

डॉ हरीसिंह गौर उद्यान सागर - Dr. Harisingh Gaur Garden Sagar

डॉ हरिसिंह गौर उद्यान सागर में स्थित एक अच्छा पार्क है। आप यहां पर घूमने आ सकते हैं। यह पार्क हरियाली से भरा हुआ है। यहां पर एक फाउंटेन भी है, जो खूबसूरत लगता है। यहां पर बहुत सारे झूले लगे हुए हैं, जो बच्चों को आकर्षित करते हैं। यह पार्क सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए अच्छा है। यह पार्क मुख्य सागर शहर में स्थित है। यहां पर आप अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं। 

बया इको पार्क सागर - Baya Eco Park Sagar

बया इको पार्क सागर जिले में रहली के पास स्थित है। यह एक बहुत ही खूबसूरत इको पार्क है। यहां पर आपको ढेर सारे  पक्षियों की प्रजातियां देखने के लिए मिलती है। यह मुख्य रूप से बया पक्षियों का प्राकृतिक आवास है। बया एक प्रकार का पक्षी होता है। यह पक्षी अपना घोंसला बहुत ही सुंदर तरीके से बनाता है। यहां पर आपको प्रकृति की अनुपम छटा देखने के लिए मिलती है। यह जगह चारों तरफ से पहाड़ियों से घिरी हुई है। यहां पर बहुत सारे एडवेंचर खेल भी खेले जाते हैं, जो आपको बहुत पसंद आएंगे। यहां आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यह परिवार के साथ पिकनिक मनाने के लिए बहुत ही बढ़िया जगह है। 

राहतगढ़ जलप्रपात सागर या भालकुंड जलप्रपात सागर - Rahatgarh ka waterfall or Bhalkund waterfall

राहतगढ़ जलप्रपात या भालकुंड जलप्रपात सागर शहर में स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यह खूबसूरत झरना है। यह झरना सागर जिले के राहतगढ़ नगर में स्थित है। यह झरना जंगलों के बीच में स्थित है। झरने तक पहुंचने का कच्चा रास्ता है। झरना बहुत खूबसूरत लगता है। बरसात के समय यह झरना पानी से भर जाता है। बरसात में चट्टानों से बहता हुआ पानी बहुत ही मनोरम दिखता है। आप इस झरने में आसानी से पहुंच सकते हैं। इस झरने के आसपास किसी भी तरह की सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। यहां पर बाथरूम उपलब्ध नहीं है। खाने पीने के लिए किसी भी तरह की शॉप यहां पर उपलब्ध नहीं है। यह झरना राहतगढ़ नगर से करीब 6 किलोमीटर की दूरी पर है और सागर से करीब 40 किलोमीटर दूर है। 

राहतगढ़ का किला सागर - Rahatgarh fort sagar

राहतगढ़ का किला सागर शहर में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यह एक ऐतिहासिक किला है। यह किला खंडहर अवस्था में है, राहतगढ़ का किला खूबसूरत है। राहतगढ़ किले में आपके देखने के लिए बहुत सारी जगह है। यहां पर आपको एक कुंड देखने मिलता है। इस कुंड का पानी साफ है और आपको इसमें मछलियां भी देखने के लिए मिलती है। यह कुंड गहरा है, इसलिए आप इस कुंड में उतरने की कोशिश ना करें। यहां पर आपको रंग महल देखने के लिए मिलता है, जो खंडहर अवस्था में मौजूद है। यहां पर फांसी घर भी है, जहा पर लोगों को फांसी दी जाती थी। फांसी घर से आपको राहतगढ़ नगर का बहुत ही खूबसूरत दृश्य देखने के लिए मिलता है। इस किले मंदिर-मस्जिद भी है। राहतगढ़ का किला राहतगढ़ नगर में स्थित है। यह किला सागर से करीब 35 किलोमीटर दूर है। 

मगरमच्छ रॉक सागर - Crocodile Rock Sagar

क्रोकोडाइल रॉक सागर में स्थित एक बहुत ही खूबसूरत और प्राकृतिक स्थल है। यहां पर आपको एक चट्टान देखने के लिए मिलती है, जो मगरमच्छ के समान है। इसलिए इस जगह को क्रोकोडाइल रॉक कहा जाता है। यह जगह सागर के पास स्थित है। यहां पर आपको आश्रम देखने मिलता है। यह जगह पहाड़ों के आसपास स्थित है, जिससे यहां का वातावरण बहुत अच्छा लगता है। आप यहां पर आ कर अपना समय बिता सकते हैं। यहां पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। 

अमृतझिरा गुफा मंदिर सागर - Amritjhira Caves Temple Sagar

अमृतझिरा गुफा सागर जिले के पास स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यहां पर आपको प्राचीन गुफाएं देखने के लिए मिलती हैं, जिनमें कहा जाता है कि यह पर आदिमानव रहा करते थे। यहां पर खूबसूरत शेल चित्रों भी आपको देखने के लिए मिलती है। इस जगह में आपको आश्रम भी देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर आ कर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। आप यहां फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। 

गढ़पहरा का किला सागर - Garhpahra Fort Sagar

गढ़पहरा का किला सागर में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यह एक ऐतिहासिक किला है। प्राचीन समय में गढ़पहरा को पुराना सागर कहा जाता है, जो डांगी साम्राज्य की राजधानी थी। गढ़पहरा सागर से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर आ सकते हैं। इस किले का निर्माण संग्राम सिंह के द्वारा किया गया था। यह सम्राट संग्राम शाह के 52 गढ़ों में से एक था। सम्राट की मृत्यु के बाद डांगी राजपूतों ने इस नगर को अपने कब्जे में ले लिया। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। किले के पास ही एक प्राचीन हनुमान मंदिर है। हनुमान मंदिर के बाद ही यह किला स्थित है। यह किला खंडहर अवस्था में है। आप इस किले में  घूमने के लिए आ सकते हैं। इस किले से सूर्यास्त का दृश्य बहुत ही खूबसूरत दिखाई देता है। गढ़पहरा किला सागर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग -26 के पास स्थित है। गढ़पहरा किला तक जाने के लिए आपको पैदल जाना पड़ता है।  गढ़पहरा किला का रानी महल बहुत खूबसूरत है। 

श्री हनुमान जी मंदिर गढ़पहरा सागर - Shree hanuman ji temple garhpahra sagar

श्री हनुमान मंदिर गढ़पहरा सागर जिले में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह हनुमान मंदिर गढ़पहरा किले के पास में ही स्थित है।  इस मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। हनुमान मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां पर आकर मन्नत मानने से मन्नत पूरी होती है। यहां पर बहुत सारे लोग हनुमान जी के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां पर बहुत सारे बंदर भी हैं आपको अपना सामान संभाल कर रखने की आवश्यकता होती है  नहीं तो बंदर आपसे सामान छीन सकते हैं। आप यहां पर फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। 

वरुण स्मृति उद्यान सागर - Varun Smriti Garden Sagar

वरुण स्मृति पार्क सागर शहर में स्थित एक अच्छी जगह है।  यह पार्क हरियाली से भरा है। यहां पर आपको बहुत सारी चीजें मिलती है, जिसमें आप इंजॉय कर सकते हैं। यहां पर एक स्विमिंग पूल है और उसमें स्लाइड भी है। जिसमें आप यहां पर मजे कर सकते हैं। यहां पर बहुत सारे झूले लगे हुए हैं, जिसमें बच्चे इंजॉय कर सकते हैं। यहां पर रेस्टोरेंट भी उपलब्ध है, जहां पर आपको अच्छा खाना मिलता है। आप यहां पर आकर बहुत इंजॉय कर सकते हैं। फैमिली के साथ आने के लिए यह अच्छी जगह है। वरुण स्मृति पार्क सागर शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर होगा। 

रमना इको पार्क सागर - Ramna Eco Park Sagar

रमना सागर में स्थित एक इको टूरिज्म पार्क है। यह सागर जिले के गढ़ कोटा में स्थित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर बहुत सारी एक्टिविटी आप कर सकते हैं। यहां पर आप जिपलाइन का मजा ले सकते है।  यहां पर जिपलाइन के अलावा भी और भी बहुत सारी गतिविधियां हैं, जो आप कर सकते हैं। यहां पर बच्चों के लिए अलग गतिविधियां हैं और यंग लोगों के लिए अलग गतिविधियां हैं। यहां का एंट्री चार्ज बहुत कम रहता है और इन गतिविधियों को करने के लिए जो चार्ज लिया जाता है। वह भी बहुत कम रहता है। यहां पर सेफ्टी का बहुत ध्यान दिया जाता है और आप जो भी गतिविधि करते हैं, उसमें सेफ्टी गियर का उपयोग किया जाता है। यह जगह चारों तरफ जंगलों से घिरी हुई है। यहां पर सब चीज बांस से बना हुआ है। आपको एक पुराना महल देखने के लिए मिलता है, जो खंडहर अवस्था में है। इस महल में आपको एक बावड़ी देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही खूबसूरत लगती है। इस बावड़ी में नीचे जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह जगह एडवेंचर्स प्रेमियों के लिए बहुत अच्छी है। रमना इको टूरिज्म पार्क को रमना ट्री एडवेंचर पार्क के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर आपको एक झील भी देखने के लिए मिलती है। यह जंगल के अंदर है। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। 

प्राचीन आबचंद गुफाएं सागर - Ancient Abchand Caves Sagar

प्राचीन आबचंद गुफाएं सागर जिले के गढ़ाकोटा में स्थित है। यहाँ प्राचीन गुफाएं हैं। यह गुफाएं वन आरक्षित क्षेत्र के अंतर्गत स्थित है। इन गुफाओं के निर्माण के बारे में किसी को भी पता नहीं है। कहा जाता है कि इन गुफाओं में आदिमानव रहा करते थे। यहां पर आपको रॉक पेंटिंग भी देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर पांच गुफा मौजूद हैं, जिनमें से आप कुछ गुफाओं में जा सकते हैं। यहां पर एक कुंड बना हुआ है, जो आप देख सकते हैं। आप यहां पर फैमिली के साथ पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। यह जगह बहुत अच्छी है और प्राकृतिक वातावरण से घिरी हुई है। यहां पर एक नदी बहती है, जिसे गोधरी नदी कहा जाता है। यहां पर आपको जंगल का दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको जंगली जानवर भी देखने के लिए मिल जाते हैं। आप इन गुफाओं में बहुत आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां आने के लिए अच्छी रोड बनी हुई है। यहां पर हनुमान जी का मंदिर स्थित है। मंदिर में भजन कीर्तन होते रहते हैं, जो बहुत ही अच्छे लगते हैं। गर्मी में भी गोधरी नदी में पानी आपको देखने के लिए मिल जाता है। बरसात में इस नदी में बहुत ज्यादा पानी रहता है। आप इस नदी में नहाने का भी मजा ले सकते हैं। 

गौरझामर का किला सागर - Gourjhamar Fort Sagar

गौरझामर का किला एक प्राचीन किला है। यह किला गौरझामर सागर में स्थित है। यह किला खंडहर अवस्था में मौजूद है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। इस किले के बारे में ज्यादा लोगों को नहीं पता है, मगर यह किला खूबसूरत है। आप यहां आ सकते हैं। यह किला बरमान - सागर हाईवे रोड के पास स्थित है। यहां किला ईंट और चूने पत्थर से बना हुआ हैं।

हजारिया महादेव मंदिर सागर - Hajariya Mahadev Temple Sagar

हजारिया महादेव मंदिर सागर के खुरई तहसील में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर पूरी तरह पत्थरों से बना हुआ है। मंदिर के अंदर गर्भ गृह में पत्थर का शिवलिंग विराजमान है। मंदिर के मंडप में नंदी भगवान की प्रतिमा विराजमान है, जो पत्थर की है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है और देखने में बहुत ही अद्भुत लगता है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं और भगवान के दर्शन कर सकते हैं। 

खुरई का किला सागर - Kurai Fort Sagar

खुरई का किला सागर जिले में खुरई तहसील में स्थित है। यह एक प्राचीन किला है। इस किले को खुरई का लाल किला भी  कहा जाता है। खुरई किले के अंदर आपको मंदिर और बगीचा देखने के लिए मिलता है। यहां पर बहुत ही सुंदर मूर्तिकला भी आपको देखने के लिए मिलती है। यह किला खुरई झील के पास स्थित है। यहां पर हर साल जनवरी के महीने में संगीत कार्यक्रम आयोजित किया जाता हैए जिसे डोहेला महोत्सव कहा जाता है। इस महोत्सव में बहुत सारे लोग आते हैं। यह महोत्सव किले में आयोजित होता है। जो बहुत ही भव्य होता है। 

डोहेला मंदिर सागर - Dohela Temple Sagar

दोहेला मंदिर सागर में खुरई तहसील में खुरई किले के पास में स्थित है। यह मंदिर एक झील में बना हुआ है। यह मंदिर  बहुत खूबसूरत है। यहां पर आकर आपको बहुत सारी मछलियां भी देखने के लिए मिलती हैं। 

एरण  सागर - Eran Sagar

एरण सागर में स्थित एक पुरातात्विक स्थल है। एरण सागर जिले के बीना तहसील के एरण नामक जगह पर स्थित है। यह जगह बीना नदी के किनारे स्थित है। आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं। यहां आने के लिए सड़क उपलब्ध है, मगर कच्ची सड़क है। यहां पर आपको पत्थर के बहुत सारे अवशेष देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर विष्णु मंदिर हैं। यहां पर आपको विष्णु भगवान के वराह अवतार की 10 फीट ऊंची प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो अद्भुत है। यहां पर पाई गई वराह अवतार की मूर्ति भारत में सबसे बड़ी विष्णु भगवान की मूर्ति है। भगवान विष्णु की वराह्मूर्ति में बहुत सारी आकृतियां उभरी हुई है, जो आप देख सकते हैं। यहां पर विष्णु भगवान की और भी मूर्तियां उपलब्ध है। मगर वह सारी मूर्तियां अब खंडित अवस्था में है। आप यहां पर आएंगे तो आपको विष्णु भगवान जी की नरसिंह मूर्ति देखने के लिए मिलेगी। भगवान विष्णु की मूर्ति के अलावा भी यहां पर स्तंभ बने हुए हैं। वह भी आप देख सकते हैं। यह जगह पिकनिक के लिए अच्छी है। 

नौरादेही वन्यजीव अभ्यारण - Nauradehi Wildlife Sanctuary

नौरादेही वन्यजीव अभ्यारण सागर में घूमने की एक मुख्य जगह है। यह सागर का एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण है। यहां पर आपको विभिन्न प्रकार के जंगली जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। यह अभ्यारण सागर में जबलपुर सागर रोड पर स्थित है। आप यहां पर आकर पिकनिक मना सकते हैं। आपको यहां पर आपको यहां पर विभिन्न प्रकार के पक्षी की प्रजाति देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको हिरण चीता लोमड़ी जैसे जंगली जानवर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको मगरमच्छ भी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर बाघ को भी लाया गया है और वह भी आपको यहां पर देखने के लिए मिलेगा। यह जगह बहुत अच्छी है। आप यहां पर आ कर अपना समय बिता सकते हैं। 

सागर जिले के अन्य पर्यटन स्थल
Other tourist places in Sagar district


बननी घाट मंदिर राहतगढ़ सागर (Banani Ghat Temple Rahatgarh Sagar)
मसूर बावरी बांध सागर (Masoor Bawri Dam Sagar)
श्री आदिनाथ जैन बड़ा मंदिर सागर (Shri Adinath Jain Bada Mandir Sagar)
श्री अनगढ़ देवी गुफा मंदिर गढ़पहरा सागर (Shri Anagarh Devi Cave Temple Garhpahra Sagar)
श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर अतिशय क्षेत्र जैन मंदिर सागर (Shri Parshwanath Digambar Atishay Kshetra Jain Temple Sagar)
दीनदयाल उपाध्याय पार्क खुरई सागर (Deendayal Upadhyay Park Khurai Sagar)
गोपालगंज जैन मंदिर सागर (Gopalganj Jain Temple Sagar)
चोपड़ा कुंड बावड़ी सागर (Chopra Kund Bawdi Sagar)