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नीमच पर्यटन स्थल - Neemuch tourist place | Places to visit in Neemuch

नीमच  के दर्शनीय स्थल - Tourist places in Neemuch| Places to visit near Neemuch | Neemuch Tourism


नीमच में घूमने की जगहें


गांधी सागर बांध नीमच - Gandhi sagar dam Neemuch

गांधी सागर बांध नीमच जिले के पास स्थित एक महत्वपूर्ण आकर्षण स्थल है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। गांधी सागर बांध चंबल नदी पर बना हुआ सबसे बड़ा बांध है और चंबल नदी मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण नदी है। यह बाँध बहुत सुंदर है और विशाल है। गांधी सागर बांध चंबल घाटी परियोजना के अंतर्गत आता है। गांधी सागर बांध मध्यप्रदेश और राजस्थान की सीमा पर बनाया गया है। इस बांध के पानी का और बिजली का बंटवारा आधा-आधा दोनों राज्यों में होता है। यहां पर हाइड्रो पावर प्लांट भी बनाया गया है, जिससे 115 मेगावाट बिजली बनाई जाती है। इस पावर प्लांट में 5 छोटी छोटी इकाइयां स्थापित की गई है। इस बांध का निर्माण 1953  में बनना शुरू हुआ था और 1960 में बनकर तैयार हो गया। बरसात के समय अगर आप यहां पर आते हैं, तो गांधी सागर बांध पानी से पूरी तरह भरा होता है और इसके गेट खोले जाते हैं। इस बांध में 19 गेट है। यह गेट बरसात के समय खोले जाते हैं, जिससे अपार जल राशि निकलती है। इस दृश्य को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग बरसात के समय यहां पर आते हैं। आप यहां पर आते हैं, तो आपको यहां पर गार्डन भी देखने के लिए मिलता है। इस गार्डन को चंबल माता गार्डन के नाम से जाना जाता है। यह गार्डन बहुत खूबसूरत है। इस गार्डन से आपको गांधी सागर बांध का दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर वॉच टावर भी बने हुए हैं, जहां से आप को चंबल नदी के खूबसूरत दृश्य देखने मिलते हैं। इस गार्डन में आपको एक मूर्ति देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही खूबसूरत है। इस बांध का उद्घाटन 1960 में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु के द्वारा किया गया था। गांधी सागर बांध नीमच जिले से करीब 100 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर अपनी गाड़ी से पहुंच सकते हैं। 


नव तोरण मंदिर खोर नीमच - Nav Toran Temple Khor Neemuch

नव तोरण मंदिर नीमच जिले में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर नीमच जिले के खोर में स्थित है। यह मंदिर मुख्य नीमच शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर है। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है और यह मंदिर पत्थरों से बना हुआ है। मंदिर में आप आते हैं, तो आपको शिवलिंग देखने के लिए मिलता है। यहां पर आप वराह अवतार में विष्णु भगवान की प्रतिमा देख सकते हैं, जो पत्थर के बने हुए हैं। नव तोरण मंदिर 11वीं शताब्दी में बना हुआ था। इस मंदिर में 10 अलंकृत मेहराब है, या स्तंभ है। जिनमें खूबसूरत नक्काशी की गई है और उनमें मालाएं बनाई गई हैं। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं। 


समर कुंड महादेव मंदिर नीमच - Samer Kund Mahadev Temple Neemuch

समर कुंड महादेव मंदिर नीमच शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। इस मंदिर में आपको एक कुंड देखने के लिए मिलता है, जो बहुत सुंदर लगता है। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। यह मंदिर नीमच शहर से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पर महाशिवरात्रि को बहुत बड़ा मेले का आयोजन होता है। 


श्री भंवर माता मंदिर नीमच - Shri Bhanwar Mata Temple Neemuch

श्री भंवर माता मंदिर नीमच जिले के पास स्थित एक प्राचीन मंदिर है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं। इस मंदिर के आसपास घना जंगल स्थित है। यहां पर आपको बहुत सारे बंदर भी देखने के लिए मिलते हैं। आप यहां बंदरों से सावधान रहे हैं। यहां पर आपको मां दुर्गा की बहुत बड़ी प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही अद्भुत लगती है। आप यहां पर आ कर अपना समय बिता सकते हैं। यहां पर एक जलप्रपात भी है, जो बरसात के समय आपको देखने के लिए मिलता है। आपको यहां पर प्रकृति का बहुत अच्छा नजारा देखने को मिलेगा और यहां पर आपको हरियाली से भरी घाटी देखने के लिए मिलेगी। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। भंवर माता मंदिर प्रतापगढ़ जिले की छोटी सदरी तहसील से 3 किमी दूर स्थित है। यह मंदिर नीमच जिले से करीब 26 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर अपने वाहन से आ सकते हैं। आप यहां पर किराए से टैक्सी बुक करके भी आ सकते हैं। इस मंदिर को भंवर माता शक्ति पीठ के रूप में भी जाना जाता है। यहां पर आपको ज्यादा दुकानें देखने के लिए नहीं मिलेगी, इसलिए आप यहां पर आते हैं, तो आप अपनी तैयारी करके आएं। 


भंवर माता झरना नीमच - Bhanwar Mata Waterfall Neemuch

भंवर माता झरना भंवर माता मंदिर के पास स्थित एक प्राकृतिक जगह है। भंवर माता झरना नीमच शहर के पास स्थित एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आप बरसात के समय आते हैं, तो यहां पर आपको भंवर माता झरना देखने के लिए मिलता है। यह झरना बहुत खूबसूरत है और बरसात के समय पूरी तरह से पानी से भरा रहता है। आप इस झरने में नहाने का मजा भी ले सकते हैं। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यह जगह बहुत अच्छी है और चारों तरफ से प्राकृतिक वातावरण से घिरी हुई है। 


सुखानंद महादेव जी मंदिर - Sukhanand Mahadev Ji Temple Neemuch

सुखानंद मंदिर और आश्रम नीमच शहर में स्थित एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह धार्मिक स्थल है। यह स्थल भगवान शिव को समर्पित है। यहाँ पर भगवान शिव और संत सुखदेव जी का मंदिर है। यहां पर आपको भगवान शिव का शिवलिंग देखने के लिए मिलता है। यह जगह प्राकृतिक खूबसूरती से भरी हुई है। यहां पर बरसात के समय आपको झरना देखने के लिए मिलता है। यह झरना पहाड़ों से गिरता है, जो बहुत ही शानदार दृश्य लगता है। इस झरने में आप नहाने का मजा भी ले सकते हैं। यहां पर जलकुंड भी बना हुआ है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह मंदिर मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा पर स्थित है। यहां पर घूमने के लिए आया जा सकता है। सुखानंद धाम नीमच शहर से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर गाड़ी से आ सकते हैं। इस जगह का नाम सुखानंद है। यह जगह अपने नाम के अनुरूप है। सुखानंद का मतलब होता है सुख और आनंद। यहां पर आकर आपको आनंद ही मिलेगा और परम सुख मिलेगा। यहां पर आपको बहुत शांति मिलेगी।  प्राचीन समय में यहां पर सुखानंद मुनि ने तपस्या की थी इसलिए इस जगह को सुखानंद धाम के नाम से जाना जाता है। यहां पर प्राचीन गुफा है। यह एक दिन की सैर के लिए सबसे अच्छी जगह है। सुखानंद धाम के रास्ते में आपको हनुमान जी की एक मूर्ति देखने के लिए मिलती है, जो विशाल है। 


सीताराम जाजू सागर नीमच - Sitaram Jeju Sagar Neemuch

सीताराम जाजू सागर नीमच जिले में घूमने की अच्छी जगह है। यह एक जलाशय है। यह बहुत बड़ा जलाशय है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यहां पर आपको सूर्योदय एवं सूर्यास्त का बहुत ही मनोरम दृश्य देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर अपने दोस्तों के साथ आ सकते हैं।  इस बांध की कुल लंबाई 46.03 किलोमीटर है और बांध की जल संचयन क्षमता 78.12500 लाख किलोलीटर है। यह बांध नीमच जल प्रदाय योजना के अंतर्गत आता है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यह नीमच शहर के पास स्थित एक अच्छा पिकनिक स्थल है। आप यहां पर आकर गार्डन में भी घूम सकते हैं। यहां पर बहुत खूबसूरत गार्डन बना हुआ है। बरसात के समय डैम का पानी ओवरफ्लो होता है, जिसका नजारा बहुत ही मनोरम होता है। आप बरसात के समय यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको डैम में मगरमच्छ भी देखने के लिए मिल जाते हैं, क्योंकि डैम में मगरमच्छ भी है। 


श्री किलेश्वर महादेव मंदिर नीमच - Shri Kileshwar Mahadev Temple Neemuch

किलेश्वर महादेव मंदिर नीमच शहर में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। मंदिर में गार्डन भी स्थित है, जहां पर बहुत सारे झूले लगे हैं और बच्चे यहां पर खेल सकते हैं। आपको मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आपको शिवलिंग के दर्शन करने मिल जाते हैं। इस मंदिर के आसपास बहुत सारे पेड़ पौधे लगे हुए हैं, जिससे यहां का वातावरण बहुत अच्छा लगता है। आप यहां पर आ कर अपना समय शांति से बिता सकते हैं। यह मंदिर समिति द्वारा बहुत अच्छी तरह से प्रबंधित रखा गया है। मंदिर में आपको फव्वारा भी देखने के लिए मिलेगा। मंदिर के प्रवेश द्वार में दो हाथी बने हुए हैं, जो बहुत ही आकर्षक लगते हैं। श्री किलेश्वर महादेव मंदिर नीमच रेलवे स्टेशन के बहुत करीब है। आप यहां पर पैदल भी पहुंच सकते हैं। 


बालाजी धाम नीमच - Balaji Dham Neemuch

बालाजी धाम नीमच शहर में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है। यहां पर आपको हनुमान जी की भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। इस मंदिर की बनावट भी बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर आकर शांति से समय बिता सकते हैं। मंदिर में मंगलवार को बहुत भीड़ रहती है। 


सांवरिया सेठ मंदिर नीमच - Sawariya Seth Temple Neemuch

सवारिया सेठ मंदिर नीमच शहर के पास स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है और बहुत ही भव्य मंदिर है। यह मंदिर श्री कृष्ण जी को समर्पित है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं। इस मंदिर की दीवारों पर  बहुत ही खूबसूरत नक्काशी की गई है। सांवरिया सेठ मंदिर में दीवारों पर सोने की नक्काशी की गई है। आप यहां पर आकर इस मंदिर की भव्यता को देख सकते हैं। इस मंदिर में आपको राधे कृष्ण जी की भव्य मूर्ति देखने के लिए मिल जाती है। 


पिपलिया का किला नीमच - Piplia Fort Neemuch

पिपलिया किला नीमच शहर में स्थित एक प्राचीन किला है। यहां पर आपको एक बावली देखने के लिए मिलती है, जिसमें सीढ़ियां बनी हुई है। यह बावड़ी बहुत खूबसूरत लगती है। यहां पर एक मंदिर भी है। आप मंदिर भी घूम सकते हैं। बरसात के समय बावड़ी में पानी भर जाता है। इस किले को कुंड वाले मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर जो मंदिर स्थित है, वह पत्थर से बना हुआ है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 


भादवा माता मंदिर नीमच - Bhadwa mata mandir Neemuch

भादवा माता मंदिर नीमच में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर पूरे मध्यप्रदेश में प्रसिद्ध है। यह एक चमत्कारिक मंदिर है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इस मंदिर में एक कुंड है, जिसमें स्नान करने से लकवा रोग और पोलियो से ग्रसित इंसान ठीक हो सकता है। यहां पर लोग अपनी बीमारियां लेकर आते हैं और ठीक होकर जाते हैं। यहां पर आप भादवा माता के दर्शन कर सकते हैं। भदवामाता चांदी के सिंहासन पर विराजमान है। कहा जाता है कि यहां पर आकर मन्नत मानने से जरूर पूरी होती है। आप भी यहां पर आ सकते हैं। यहां पर आप अपनी फैमिली के साथ आ सकते हैं। मंदिर के चारों तरफ आपको बाजार देखने के लिए मिलता है, जिसमें काफी भीड़ भाड़ होती है। नवरात्रि के समय मंदिर को सजाया जाता है। नवरात्रि के समय भदवामाता को गहनों और नए वस्त्रों से सजाया जाता है, जिससे मूर्ति और भी अद्भुत लगती है। मूर्ति के नीचे आपको नौ देवियों के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा। भादवा माता मंदिर नीमच शहर से करीब 18 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। आप यहां पर ऑटो बुक करके भी आ सकते हैं। यहां पर एक अखंड ज्योत जल रही है, जो यहां पर बहुत प्राचीन समय से जल रही है। मंदिर में आपको सभी तरह की सुविधाएं मिल जाती है और आपको यहां आकर अच्छा लगेगा। 


नीलकंठ महादेव मंदिर नीमच - Neelkanth Mahadev Temple Neemuch

नीलकंठ महादेव मंदिर नीमच शहर में स्थित एक अच्छी जगह है। यह मंदिर से भगवान शिव जी को समर्पित है। यहां पर चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको तालाब भी देखने के लिए मिलता है, जिसे नीलकंठ सागर कहा जाता है। आप यहां पर घूमने का प्लान बना सकते हैं। यह पिकनिक मनाने के लिए बहुत अच्छी जगह है। मंदिर में शिवलिंग विराजमान हैं। आप यहां पर आकर शांति से अपना समय बिता सकते हैं। यह मंदिर मनसा और नीमच के बीच में स्थित है। 


चतुर्भुज नाथ जी का मन्दिर नीमच - Chaturbhuj Nath Temple Neemuch

चतुर्भुज नाथ जी का मंदिर गांधी सागर अभ्यारण्य में स्थित है। यह अभ्यारण्य नीमच शहर के बहुत करीब है। यह नीमच शहर के पास स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं। इस मंदिर में आपको शंकर भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आ कर आपको बहुत अच्छा लगेगा। चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है। यहां पर एक नदी भी बहती है, जिसका दृश्य बहुत ही खूबसूरत रहता है। आप यहां पर आ कर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं।


चतुर्भुज नाला रॉक पेंटिंग नीमच - Chaturbhuj Nala Rock Painting Neemuch

चतुर्भुज नाला गांधी सागर वन्य जीव अभ्यारण के अंदर स्थित एक पुरातात्विक स्थल है। यहां पर आपको रॉक पेंटिंग देखने के लिए मिल जाएगी, जो आदिमानव के समय की बनाई गई है। यह पेंटिंग चतुर्भुज नाला के दोनों तरफ स्थित है। आप यहां पर आकर प्रकृति के खूबसूरत दृश्य देख सकते हैं। यह जगह बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर अपने दोस्तों परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं। इन रॉक पेंटिंग में आपको प्राचीन समय में होने वाली गतिविधियों को दर्शाया गया है। यहां पर बहुत बड़ी संख्या में रॉक पेंटिंग उपलब्ध है। आप यहां पर आकर इन पेंटिंग को देख सकते हैं। 


मोरवान डैम नीमच - Morwan Dam Neemuch

मोरवान बांध नीमच शहर के पास स्थित एक पर्यटन स्थल है। आप यहां पर बरसात के समय घूमने के लिए आ सकते हैं। बरसात के समय इस बांध में पानी पूरी तरह से भर जाता है और पानी ओवरफ्लो होता है, जिसका दृश्य बहुत ही मनोरम होता है। यहां पर आप को आकर अच्छा लगेगा। यहां पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। मोरवान डैम नीमच शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर गाड़ी से पहुंच सकते हैं। 


मेनाल जलप्रपात नीमच - Menal Waterfall Neemuch

मेनाल जलप्रपात नीमच शहर के पास स्थित एक खूबसूरत झरना है। आप यहां पर बरसात के समय घूमने के लिए जा सकते हैं। यह झरना ऊंची पहाड़ी से गिरता हैए जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। यह झरना जंगल के बीच में स्थित है और झरना घाटी में गिरता है। यहां पर घाटी का दृश्य बहुत ही अद्भुत होता है। आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। अपने दोस्तों के साथ और अपनी फैमिली लोगों के साथ। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा और यहां पर आपको शांति मिलेगी। 


मेनाल शिव मंदिर नीमच - Menal Shiva Temple Neemuch

मेनाल शिव मंदिर प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर मेनाल वॉटरफॉल के पास ही में स्थित है। आप यहां पर मेनाल वॉटरफॉल देखने के लिए आते हैं, तो मंदिर में भी आ सकते हैं। यह मंदिर पत्थरों से बना हुआ है और इस मंदिर की दीवारों में आपको खूबसूरत नक्काशी देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा और शांति मिलेगी। 


गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य नीमच - Gandhi Sagar Wildlife Sanctuary Neemuch

गांधी सागर वन्य जीव अभयारण्य नीमच शहर के पास स्थित  एक पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको बहुत सारी जंगली जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। इस अभयारण्य को चंबल नदी दो भागों में विभाजित करती है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यहां का प्राकृतिक वातावरण आपको बहुत अच्छा लगेगा। गांधी सागर वन्य जीव अभ्यारण में गांधी सागर बांध भी आपको देखने के लिए मिलता है। अगर आप बरसात के समय आते हैं, तो यहां पर चारों तरफ हरियाली होती है और बांध के गेट भी खोले जाते हैं, जिसका दृश्य बहुत ही अद्भुत होता है। 


श्री चारभुजा मंदिर मेग्पुरा नीमच


रतलाम पर्यटन स्थल

विदिशा के दर्शनीय स्थल

सागर पर्यटन स्थल

नरसिंहपुर पर्यटन स्थल


बैतूल पर्यटन स्थल - Betul tourist place | Betul famous places

बैतूल दर्शनीय स्थल - Places to visit near Betul | Betul tourist spot | Betul city


Betul jilaबैतूल जिला


बैतूल मध्यप्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है। बैतूल जिला सतपुडा की पहाडियों से घिरा हुआ है। बैतूल जिला के मुलताई में ताप्ती नदी का उदगम हुआ है। ताप्ती मध्यप्रदेश की मुख्य नदी है। बैतूल जिले की सीमा छिंदवाड़ा, नागपुर, अमरावती, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, और होशंगाबाद की सीमाओं को छूती है। बैतूल जिला 10 विकास खंडों में बटा हुआ है। यह विकासखंड है - बैतूल, मुलताई, भैंसदेही, शाहपुर, अमला, प्रभातपट्टन, घोड़ाडोंगरी, चिचोली, भीमपुर, आठनेर,बैतूल नर्मदापुरम संभाग के अंर्तगत आता है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से बैतूल की दूरी करीब 178 किलोमीटर है। बैतूल जिलें में घूमने के लिए बहुत सारी दर्शनीय जगह मौजूद है, जहां पर जाकर आप बहुत अच्छा समय बिता सकते है। 


बैतूल में घूमने की जगहें
Places to visit in Betul


बालाजीपुरम - Balajipuram betul | Betul ka Balajipuram | Balajipuram temple betul


बालाजीपुरम बैतूल जिले में स्थित दर्शनीय स्थल है। यह भारत का पांचवा धाम है। बालाजीपुरम दक्षिण भारतीय शैली में बना हुआ एक खूबसूरत मंदिर है। बालाजीपुरम नागपुर भोपाल हाईवे रोड पर स्थित है। बालाजीपुरम मंदिर का प्रवेश द्वार बहुत ही सुंदर बना हुआ है। बालाजीपुरम मंदिर बहुत ही भव्य है। मंदिर में आपको बहुत सारी मूर्तियां देखने के लिए मिलती है। यहां पर शिव भगवान जी का शिवलिंग बना हुआ है, जिसमें शिव भगवान जी की प्रतिमा को उकेरा गया है। मंदिर में बालाजी भगवान की मूर्ति स्थापित है। मंदिर में राम भगवान और सीता जी की मूर्ति स्थापित है। यहां पर बच्चों के लिए एक पार्क भी स्थित है। यहां पर वैष्णो माता का मंदिर का भी प्रतिरूप ही बना हुआ है। यहां पर हूबहू वैष्णो माता के मंदिर जैसी गुफा बनाई गई है। यहां पर आकर बहुत शांती मिलती है। इस मंदिर में आप आकर वैष्णो माता के दर्शन करने के लिए मिलता है। 

मुक्तागिरी दिगंबर जैन मंदिर - Muktagiri Digambar Jain Temple | Muktagiri Jain Mandir | Muktagiri Betul | Muktagiri

मुक्तागिरी बैतूल जिला का एक दर्शनीय स्थल है। मुक्तागिरी पूरे भारतवर्ष में प्रसिध्द है। यहा पर आपको जैन मंदिर देखने मिलते है। यहां पर 52 जैन मंदिर बने हुए है। यह मंदिर पहाडों के उपर बने हुए है। मुक्तागिरी मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर पडता है। मुक्तागिरी बैतूल जिले में भैंसदेही तहसील के अंतर्गत आता है। मुक्तागिरी के जैन मंदिर 13 वीं -14 वीं शताब्दी के दौरान बनाया गए थे। मुक्तागिरी के इन जैन मंदिर में जाने के लिए आपको पैदल ही पहाडों पर जाना पडता है। आपको यह कार्य बहुत रोमांचक लगेगा। मुक्तागिरी में जैन मंदिर के अलावा आपको एक जलप्रपात भी देखने मिलता है। यह जलप्रपात आपको बरसात के समय देखने के लिए मिलता है। यहां पर रहने और खाने की भी व्यवस्था उपलब्ध है। यहां पर आप यात्रा के लिए कभी भी आ सकते है। यहां पर यात्रा का निश्चित समय है। 

सपना बांध - Sapna Dam Betul | Sapna bandh betul 

सपना बांध बैतूल जिले में ही घूमने वाली जगह है। सपना बैतूल जिलें में स्थित एक जलाशय है। सपना बांध में आप बरसात के समय घूम सकते हैं। बरसात के समय यहां का दृश्य बहुत रमणीय होता है। यह बांध बैतूल नागपुर हाईवे रोड पर स्थित है। यह जगह प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इस बांध के पानी का उपयोग सिंचाई के लिए किया जाता है। आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं।

कुकरु - Kukru khamla Betul | Kukru hill station | Kukru khamla hill station

कुकरू महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित एक खूबसूरत दर्शनीय स्थल है। यह बैतूल जिले की भैसदेही तहसील के अंतर्गत आता है।  कुकरू गांव बैतूल जिले की मनोरम जगह है। आप यहां पर घूमने का जा सकते हैं। यहां पर आपको खूबसूरत पहाड़ियों का दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर कॉफी का उत्पादन किया जाता है। आप यहां पर कॉफी के बागान भी घूम सकते हैं। कुकरू सूर्यास्त और सूर्योदय के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर आप आकर सूर्यास्त का मनोरम दृश्य देख सकते है। यहां पर आप बरसात के समय घूमने के लिए आ सकते हैं। बरसात के समय कुकरू स्वर्ग जैसी लगती है। यहां पर आपको हर जगह पर छोटे-छोटे झरनें देखने के लिए मिल जाते हैं। कुकरू में आपको ठहरने के लिए होटल भी मिल जाते है। आप सरकारी वेवसाईड पर जाकर कुकरू जाने के लिए बुकिंग करा सकते है। इसमें आपको अलग अलग पैकेज मिल जाएगें। 

बुच स्थल विहंगम दृश्य - Buch Point | Buch point betul 

बुच स्थल कुकरू का एक व्यू पांइट है। कुकरू बैतूल जिला का दर्शनीय स्थल है। आप इस जगह से सतपुडा की हरी भरी वदियां देख सकते है। यहां पर आप बरसात के समय आते है, तो आपको बहुत ही रमणीय नजारा देखने मिलता है। यहां की पूरी घाटियां हरियाली की चादर ओढी रहती है। आपको बुच स्थल से सूर्यास्त और सूर्यादय का बहुत अच्छा नजारा देखने मिलता है। आपको यहां पर पवन चक्की भी देखने मिलती है। पवन चक्की से बिजली बनाई जाती है। 

सालबर्डी शिवलिंग गुफाएं - Salbardi shiv gufa | salbardi information | Salbardi Shivlinga Caves


सालबर्डी बैतूल जिले की एक दर्शनीय जगह है। बैतूल जिलें के सालबर्डी को शिवधाम के रूप में जाना जाता है। यहां पर शिव भगवान जी की एक गुफा है, जहां पर आपको ट्रैकिंग करके जाना पड़ता है। गुफा पर शिवलिंग विराजमान है। शिवलिंग पर पहाड से पानी गिरता रहता है और यह पानी कहां से आता है। यहां किसी को नहीं पता है। यहां पर शिवलिंग का आभिषेक स्वयं प्रकृति के द्वारा किया जाता है। यह जगह घने जंगलों के बीच में स्थित है। सालबर्डी महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर हर साल मेला का आयोजन होता है और यह मेला आठ दिनों तक चलता है। यहां आकर बहुत शांति और सुकून मिलता है।

पांडव कालीन गुफाएं सालबर्डी - Pandav Caves Salbardi | Salbardi betul

पांडव कालीन गुफाएं सालबर्डी में देखने लायक एक प्राचीन जगह है। यहां पर आपको एक गुफा देखने मिलती है। इन गुफाएं के बारे में कहा जाता है, कि यहां पर पांडव अपने वनवास काल के दौरान रुके थे। यहां पर आपको बहुत सारी प्राचीन गुफाएं देखने मिलती है। यह गुफाएं पत्थर से बनी हुई है। यहां पर बरसात के समय बहुत ही अच्छा नजारा रहता है। 

मठारदेव बाबा मंदिर - Mathardev Temple | Mathardev temple sarni | Mathardev mandir

मठारदेव बाबा मंदिर बैतूल जिले की एक दर्शनीय स्थल है। मठारदेव बाबा मंदिर बैतूल जिले के सारणी में स्थित है। यह मंदिर पहाड़ी के शिखर पर स्थित है। यहां पर शिव भगवान जी का मंदिर स्थित है। पहाड़ी के शिखर पर आपको पैदल चलकर जाना पड़ता है। यहां पर सीढियां के द्वारा आप मंदिर तक पहुॅच सकते है। पहाड़ी के शिखर पर पहुॅचकर आपको सारणी का बहुत ही मनोरम दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर मकर संक्रांति के समय मेला लगता है, जिसमें भारी संख्या में लोग इकट्ठे होते हैं। मेलें में तरह तरह की दुकानें लगती है। 

सतपुड़ा बांध - Satpura Dam betul | Satpura bandh | Sarni dam

सतपुड़ा बांध बैतूल जिले के सारणी में स्थित है। यह बहुत खूबसूरत बांध है। यह बांध चारों तरफ से पहाड़ियों से घिरा हुआ है। सतपुड़ा बांध तवा नदी पर बना हुआ है। सतपुड़ा बांध में 14 गेट हैं। बरसात के समय डैम पानी से भर जाता है और इसके गेट खोले जाते हैं। बांध के गेट खोलने पर नजारा बहुत ही खूबसूरत होता है। बरसात के समय बांध के चारों तरफ का नजारा बहुत ही रमणीय होता है। पहाडों में हरियाली की चादर बिछी होती है। सतपुड़ा डैम के पानी का उपयोग सतपुड़ा पावर प्लांट में किया जाता है।

ताप्ती नदी का उद्गम स्थल - Origin of tapti river | Tapti nadi ka udgam sthal

ताप्ती नदी का उद्गम बैतूल जिलें के मुलताई में हुआ है। ताप्ती मध्यप्रदेश की एक मुख्य नदी है। भारत में नदियों को मां के रूप में पूजा जाता है। ताप्ती नदी को भी पूजा जाता है। ताप्ती सूर्य भगवान की पु़त्री है और शनि देव एवं यमराज की बहन है। ताप्ती नदी का उद्गम एक कुंड से हुआ है। ताप्ती नदी का उद्गम स्थल पर बहुत सारे मंदिर बने हुए है। कुंड के आस पास बहुत सारे मंदिर बने हुए हैं। कुंड पर भी किया जाता है।  यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यह बैतूल का एक प्रसिध्द स्थल है। हर वर्ष ताप्ती नदी का जन्मोत्सव पर यहां पर मेलें का आयोजन होता है। पूरे मंदिर को सजाया जाता है। मेलें मे बहुत दूर दूर से लोग आते है। 

शिव मंदिर भोपाली - छोटा महादेव भोपाली | Shiv Temple Bhopali - Chhota Mahadev Bhopali | Chhota mahadev Betul

शिव मंदिर भोपाली बैतूल की एक रमणीय जगह है। यह शिव मंदिर सतपुडा की पहाड़ियों पर स्थित है। यहां पर आपको एक गुफा देखने के लिए मिलती है, जिसमें शिवलिंग स्थापित है। यह जगह बरसात में स्वर्ग जैसी हो जाती है। चारों तरफ हरियाली देखने मिलती है। आपको मंदिर तक पहुॅचने के लिए पैदल चलकर जाना पडता है। मंदिर तक पहुॅचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। रास्तें में आपको जलप्रपात भी देखने मिलता है। यह शिव मंदिर बैतूल जिलें से करीब 30 किलोमीटर दूर है। सारणी से यह शिव मंदिर करीब 20 किलोमीटर दूर होगा। 

श्री हनुमान मंदिर केरपानी - Sri Hanuman Temple Kerapani Betul

श्री हनुमान मंदिर बैतूल जिलें का एक धर्मिक स्थल है। यह मंदिर पूरे बैतूल जिलें में प्रसिध्द है। यहां मंदिर बैतूल जिलें से करीब 22 किलोमीटर दूर है। यहां मंदिर भैसदेही मुख्य सडक पर ही स्थित है। आप यहां पर अपनी गाडी या बस से असानी से आ सकते है। मंदिर में शनिवार के दिन बहुत लोग आते है। मंदिर में स्थित हनुमान प्रतिमा स्वयं भू है। हनुमान जयंती के अवसर पर यहां हजारों की संख्या में भक्त आत है और हनुमान जी की पूजा-अर्चना करते है। 

पारसडोह बांध - Parasdoh dam betul | Parasdoh bandh betul

पारसडोह बांध बैतूल जिलें में घूमने की एक अच्छी जगह है। यहां एक जलाशय है। इस बांध के पानी का उपयोग पीने के लिए एवं सिचांई के लिए किया जाता है। आप यहां पर पिकनिक मनाने आ सकते है। पारसडोह बांध ताप्ती नदी पर बना हुआ है। इस बांध पर 6 गेट है। बरिश में इस बांध का नजारा बहुत ही अच्छा होता है। बरिश में गेट से पानी छोडा जाता है, जिसका दृश्य बहुत ही सुंदर रहता है। पारसडोह बांध बैतूल की अठनेर तहसील से 14 किलोमीटर दूर है। 

पारसडोह जलप्रपात बैतूल - Parsadoh waterfalls Betul | parasdoh jalaprapat betul

पारसडोह जलप्रपात बैतूल जिलें का दर्शनीय स्थल है। यह जलप्रपात तवा नदी पर बना हुआ है। यहां जलप्रपात बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर बरसात के समय घूमने के लिए आ सकते है, क्योंकि बरसात में ही इस झरनें में पानी रहता है। पारसडोह झरनें के पास बहुत सारे मंदिर है, जहां पर आप घूम सकते है। पारसडोह जलप्रपात बैतूल जिलें की अठनेर तहसील में स्थित है। पारसडोह जलप्रपात अठनेर तहसील से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर है। 

चंडी माता मंदिर चिचोली - Chandi Mata Temple Chicholi Betul | chandi mandir chicholi betul

चंडी माता मंदिर बैतूल जिलें का एक धर्मिक स्थल है। यहां मंदिर बैतूल चिचोली के पास स्थित है। यह मंदिर पूरे बैतूल जिलें में प्रसिध्द मंदिर है। यहां प्राचीन काली मंदिर है। यह मंदिर मुख्य बैतूल शहर से 55 किलोमीटर दूर है। यहां मंदिर नेशनल हाईवे 49 से करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पर स्थापित काली जी की प्रतिमा अत्यंत सुंदर और मनोहारी है। इस मंदिर में साल भर भीड लगी रहती है। यहां पर आकर बहुत शांती मिलती है। यहां पर मां काली को मुर्गी और बकरी की बली चढाई जाती है। इस मंदिर में मांगी गई दुआ जरूर पूरी होती है। यहां पर लोग अपनी मुराद लेकर आते है। 



सागर पर्यटन स्थल - Sagar tourist place | Places to visit in sagar

सागर दर्शनीय स्थल -  Sagar madhya pradesh tourism |  Sagar famous place | Sagar visiting places | Sagar sightseeing | सागर के प्रसिद्ध स्थान


सागर में घूमने की जगहें


लाखा बंजारा झील सागर - Lakha banjara lake sagar

लाखा बंजारा झील सागर शहर में एक प्रसिद्ध जगह है। यह झील सागर शहर के मध्य में स्थित है और सागर शहर इस झील के चारों तरफ बसा हुआ है। यह झील बहुत बड़े क्षेत्रफल में फैली हुई है। इस झील को लेकर बहुत सी मान्यताएं हैं। झील के आसपास बहुत सारी जगह है, जहां पर आप घूम सकते हैं। यह झील सागर जिले का एक मुख्य आकर्षण है और यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। लाखा बंजारा नाम के एक व्यापारी थे। उन्होंने पानी के लिए यहां पर खुदाई की थी। मगर यहां पर पानी नहीं निकला। तब उनके करीबी ने सलाह दी, कि वहां यहां पर उन्हें किसी खास का कुर्बानी देनी पड़ेगी। झील के बीच में उनको बैठाकर झूला झूल ना पड़ेगा। तभी झील में पानी आएगा। राजा में अपने नवविवाहित बेटे और बहू को इस झील के बीच में बैठाकर झूला झुलाया और झील पानी से भर गई और उस पानी में डूबकर उनके बेटे और बहू की मृत्यु हो गई। इस प्रकार इस झील को लाखा बंजारा झील के नाम से जाना जाता है। इस झील में बहुत सारी सुविधाएं उपलब्ध है। यहां पर आप बोटिंग का मजा ले सकते हैं। झील के आसपास बहुत सारे मंदिर है, जहां पर आप जाकर अपना समय शांति से बिता सकते हैं। 

गंगा मंदिर सागर - Ganga temple Sagar

गंगा मंदिर सागर शहर में लाखा बंजारा झील के मध्य में स्थित है। मंदिर में जाने के लिए पुल बना हुआ है। आपको मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह मंदिर झील में बने एक टापू के समान लगता है। यहां पर गंगा जी की मूर्ति स्थापित है। आप जब भी सागर में घूमने आते हैं, तो इस मंदिर में भी आ सकते हैं। 

चकरा घाट सागर - Chakra Ghat Sagar

चकरा घाट सागर में लाखा बंजारा झील के किनारे पर स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर एक मंदिर स्थित है, जहां पर आकर आपको शांति मिलेगी। शाम के समय यहां पर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर आप के बैठने की अच्छी व्यवस्था है। आप यहां पर शांति से बैठ सकते हैं। यहाँ पर महा कवि पद्माकर की एक मूर्ति भी लगी हुई है। यह जगह बहुत अच्छी लगेगी। 

डा राम मनोहर लोहिया उद्यान सागर - Dr. Ram Manohar Lohia Udyan Sagar

डॉ राम मनोहर लोहिया पार्क सागर में लाखा बंजारा झील के किनारे पर स्थित एक खूबसूरत पार्क है। यहां पर आप वाकिंग का मजा ले सकते हैं। 

संजय ड्राइव  सागर - Sanjay Drive Sagar

संजय ड्राइव सागर शहर में लाखा बंजारा झील के बीच में स्थित एक अच्छी जगह है। आप यहां पर आ सकते हैं। संजय ड्राइव के दोनों तरफ लाखा बंजारा झील स्थित है। 

लाखा बंजारा पार्क सागर - Lakha Banjara Park Sagar

लाखा बंजारा पार्क सागर में लाखा बंजारा झील के किनारे ही पर ही स्थित है। यह पार्क खूबसूरत है। आप यहां पर आकर बैठ सकते हैं। आपको यहां पर अच्छा लगेगा। आप यहां से झील का सुंदर नजारा देख सकते हैं। यहां पर शाम के समय सूर्यास्त को देखना बहुत ही अच्छा लगता है। यह पार्क बस स्टैंड के बहुत करीब है। 


मोराजी दिगंबर जैन मंदिर सागर - Moraji Digambar Jain Temple Sagar

मोराजी दिगंबर जैन मंदिर सागर शहर का एक प्राचीन मंदिर है। यह दिगंबर जैन समुदाय का सागर में स्थित सबसे बड़ा मंदिर है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है। यहाँ मंदिर सागर में बड़े बाजार के पास स्थित है। इस मंदिर में भगवान महावीर की और भगवान बाहुबली की बहुत बड़ी काले रंग की प्रतिमा स्थित है। इस मंदिर में धर्मशाला भी स्थित है। यहां पर तीर्थयात्री आकर रुक सकते हैं। 

जॉगर्स पार्क सागर - Joggers park sagar

जॉगर्स पार्क सागर में स्थित एक अच्छा पार्क है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यहां पर बहुत सारे झूले लगे हैं, जो बच्चों को बहुत पसंद आएंगे। यह पार्क हरियाली से घिरा हुआ है और यहां का वातावरण बहुत ही अच्छा है। आप यहां पर आ कर रिलैक्स महसूस करेंगे। आप यहां पर दोस्तों और परिवार के साथ आ सकते हैं। 

चंद्रा पार्क सागर - Chandra Park Sagar

चंद्रा पार्क सागर में स्थित एक अच्छी जगह है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यह पार्क हरियाली से भरपूर है। पार्क में फव्वारा भी लगा हुआ है, जो आकर्षित करता है। यह पार्क सभी आयु वर्ग के लिए अच्छा है। यहां पर आप अपने फैमिली दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यहां पर बहुत सारे झूले हैं, जो बच्चों को आकर्षित करते हैं। 

डॉ हरीसिंह गौर उद्यान सागर - Dr. Harisingh Gaur Garden Sagar

डॉ हरिसिंह गौर उद्यान सागर में स्थित एक अच्छा पार्क है। आप यहां पर घूमने आ सकते हैं। यह पार्क हरियाली से भरा हुआ है। यहां पर एक फाउंटेन भी है, जो खूबसूरत लगता है। यहां पर बहुत सारे झूले लगे हुए हैं, जो बच्चों को आकर्षित करते हैं। यह पार्क सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए अच्छा है। यह पार्क मुख्य सागर शहर में स्थित है। यहां पर आप अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं। 

बया इको पार्क सागर - Baya Eco Park Sagar

बया इको पार्क सागर जिले में रहली के पास स्थित है। यह एक बहुत ही खूबसूरत इको पार्क है। यहां पर आपको ढेर सारे  पक्षियों की प्रजातियां देखने के लिए मिलती है। यह मुख्य रूप से बया पक्षियों का प्राकृतिक आवास है। बया एक प्रकार का पक्षी होता है। यह पक्षी अपना घोंसला बहुत ही सुंदर तरीके से बनाता है। यहां पर आपको प्रकृति की अनुपम छटा देखने के लिए मिलती है। यह जगह चारों तरफ से पहाड़ियों से घिरी हुई है। यहां पर बहुत सारे एडवेंचर खेल भी खेले जाते हैं, जो आपको बहुत पसंद आएंगे। यहां आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यह परिवार के साथ पिकनिक मनाने के लिए बहुत ही बढ़िया जगह है। 

राहतगढ़ जलप्रपात सागर या भालकुंड जलप्रपात सागर - Rahatgarh ka waterfall or Bhalkund waterfall

राहतगढ़ जलप्रपात या भालकुंड जलप्रपात सागर शहर में स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यह खूबसूरत झरना है। यह झरना सागर जिले के राहतगढ़ नगर में स्थित है। यह झरना जंगलों के बीच में स्थित है। झरने तक पहुंचने का कच्चा रास्ता है। झरना बहुत खूबसूरत लगता है। बरसात के समय यह झरना पानी से भर जाता है। बरसात में चट्टानों से बहता हुआ पानी बहुत ही मनोरम दिखता है। आप इस झरने में आसानी से पहुंच सकते हैं। इस झरने के आसपास किसी भी तरह की सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। यहां पर बाथरूम उपलब्ध नहीं है। खाने पीने के लिए किसी भी तरह की शॉप यहां पर उपलब्ध नहीं है। यह झरना राहतगढ़ नगर से करीब 6 किलोमीटर की दूरी पर है और सागर से करीब 40 किलोमीटर दूर है। 

राहतगढ़ का किला सागर - Rahatgarh fort sagar

राहतगढ़ का किला सागर शहर में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यह एक ऐतिहासिक किला है। यह किला खंडहर अवस्था में है, राहतगढ़ का किला खूबसूरत है। राहतगढ़ किले में आपके देखने के लिए बहुत सारी जगह है। यहां पर आपको एक कुंड देखने मिलता है। इस कुंड का पानी साफ है और आपको इसमें मछलियां भी देखने के लिए मिलती है। यह कुंड गहरा है, इसलिए आप इस कुंड में उतरने की कोशिश ना करें। यहां पर आपको रंग महल देखने के लिए मिलता है, जो खंडहर अवस्था में मौजूद है। यहां पर फांसी घर भी है, जहा पर लोगों को फांसी दी जाती थी। फांसी घर से आपको राहतगढ़ नगर का बहुत ही खूबसूरत दृश्य देखने के लिए मिलता है। इस किले मंदिर-मस्जिद भी है। राहतगढ़ का किला राहतगढ़ नगर में स्थित है। यह किला सागर से करीब 35 किलोमीटर दूर है। 

मगरमच्छ रॉक सागर - Crocodile Rock Sagar

क्रोकोडाइल रॉक सागर में स्थित एक बहुत ही खूबसूरत और प्राकृतिक स्थल है। यहां पर आपको एक चट्टान देखने के लिए मिलती है, जो मगरमच्छ के समान है। इसलिए इस जगह को क्रोकोडाइल रॉक कहा जाता है। यह जगह सागर के पास स्थित है। यहां पर आपको आश्रम देखने मिलता है। यह जगह पहाड़ों के आसपास स्थित है, जिससे यहां का वातावरण बहुत अच्छा लगता है। आप यहां पर आ कर अपना समय बिता सकते हैं। यहां पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। 

अमृतझिरा गुफा मंदिर सागर - Amritjhira Caves Temple Sagar

अमृतझिरा गुफा सागर जिले के पास स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यहां पर आपको प्राचीन गुफाएं देखने के लिए मिलती हैं, जिनमें कहा जाता है कि यह पर आदिमानव रहा करते थे। यहां पर खूबसूरत शेल चित्रों भी आपको देखने के लिए मिलती है। इस जगह में आपको आश्रम भी देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर आ कर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। आप यहां फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। 

गढ़पहरा का किला सागर - Garhpahra Fort Sagar

गढ़पहरा का किला सागर में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यह एक ऐतिहासिक किला है। प्राचीन समय में गढ़पहरा को पुराना सागर कहा जाता है, जो डांगी साम्राज्य की राजधानी थी। गढ़पहरा सागर से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर आ सकते हैं। इस किले का निर्माण संग्राम सिंह के द्वारा किया गया था। यह सम्राट संग्राम शाह के 52 गढ़ों में से एक था। सम्राट की मृत्यु के बाद डांगी राजपूतों ने इस नगर को अपने कब्जे में ले लिया। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। किले के पास ही एक प्राचीन हनुमान मंदिर है। हनुमान मंदिर के बाद ही यह किला स्थित है। यह किला खंडहर अवस्था में है। आप इस किले में  घूमने के लिए आ सकते हैं। इस किले से सूर्यास्त का दृश्य बहुत ही खूबसूरत दिखाई देता है। गढ़पहरा किला सागर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग -26 के पास स्थित है। गढ़पहरा किला तक जाने के लिए आपको पैदल जाना पड़ता है।  गढ़पहरा किला का रानी महल बहुत खूबसूरत है। 

श्री हनुमान जी मंदिर गढ़पहरा सागर - Shree hanuman ji temple garhpahra sagar

श्री हनुमान मंदिर गढ़पहरा सागर जिले में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह हनुमान मंदिर गढ़पहरा किले के पास में ही स्थित है।  इस मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। हनुमान मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां पर आकर मन्नत मानने से मन्नत पूरी होती है। यहां पर बहुत सारे लोग हनुमान जी के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां पर बहुत सारे बंदर भी हैं आपको अपना सामान संभाल कर रखने की आवश्यकता होती है  नहीं तो बंदर आपसे सामान छीन सकते हैं। आप यहां पर फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। 

वरुण स्मृति उद्यान सागर - Varun Smriti Garden Sagar

वरुण स्मृति पार्क सागर शहर में स्थित एक अच्छी जगह है।  यह पार्क हरियाली से भरा है। यहां पर आपको बहुत सारी चीजें मिलती है, जिसमें आप इंजॉय कर सकते हैं। यहां पर एक स्विमिंग पूल है और उसमें स्लाइड भी है। जिसमें आप यहां पर मजे कर सकते हैं। यहां पर बहुत सारे झूले लगे हुए हैं, जिसमें बच्चे इंजॉय कर सकते हैं। यहां पर रेस्टोरेंट भी उपलब्ध है, जहां पर आपको अच्छा खाना मिलता है। आप यहां पर आकर बहुत इंजॉय कर सकते हैं। फैमिली के साथ आने के लिए यह अच्छी जगह है। वरुण स्मृति पार्क सागर शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर होगा। 

रमना इको पार्क सागर - Ramna Eco Park Sagar

रमना सागर में स्थित एक इको टूरिज्म पार्क है। यह सागर जिले के गढ़ कोटा में स्थित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर बहुत सारी एक्टिविटी आप कर सकते हैं। यहां पर आप जिपलाइन का मजा ले सकते है।  यहां पर जिपलाइन के अलावा भी और भी बहुत सारी गतिविधियां हैं, जो आप कर सकते हैं। यहां पर बच्चों के लिए अलग गतिविधियां हैं और यंग लोगों के लिए अलग गतिविधियां हैं। यहां का एंट्री चार्ज बहुत कम रहता है और इन गतिविधियों को करने के लिए जो चार्ज लिया जाता है। वह भी बहुत कम रहता है। यहां पर सेफ्टी का बहुत ध्यान दिया जाता है और आप जो भी गतिविधि करते हैं, उसमें सेफ्टी गियर का उपयोग किया जाता है। यह जगह चारों तरफ जंगलों से घिरी हुई है। यहां पर सब चीज बांस से बना हुआ है। आपको एक पुराना महल देखने के लिए मिलता है, जो खंडहर अवस्था में है। इस महल में आपको एक बावड़ी देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही खूबसूरत लगती है। इस बावड़ी में नीचे जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह जगह एडवेंचर्स प्रेमियों के लिए बहुत अच्छी है। रमना इको टूरिज्म पार्क को रमना ट्री एडवेंचर पार्क के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर आपको एक झील भी देखने के लिए मिलती है। यह जंगल के अंदर है। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। 

प्राचीन आबचंद गुफाएं सागर - Ancient Abchand Caves Sagar

प्राचीन आबचंद गुफाएं सागर जिले के गढ़ाकोटा में स्थित है। यहाँ प्राचीन गुफाएं हैं। यह गुफाएं वन आरक्षित क्षेत्र के अंतर्गत स्थित है। इन गुफाओं के निर्माण के बारे में किसी को भी पता नहीं है। कहा जाता है कि इन गुफाओं में आदिमानव रहा करते थे। यहां पर आपको रॉक पेंटिंग भी देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर पांच गुफा मौजूद हैं, जिनमें से आप कुछ गुफाओं में जा सकते हैं। यहां पर एक कुंड बना हुआ है, जो आप देख सकते हैं। आप यहां पर फैमिली के साथ पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। यह जगह बहुत अच्छी है और प्राकृतिक वातावरण से घिरी हुई है। यहां पर एक नदी बहती है, जिसे गोधरी नदी कहा जाता है। यहां पर आपको जंगल का दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको जंगली जानवर भी देखने के लिए मिल जाते हैं। आप इन गुफाओं में बहुत आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां आने के लिए अच्छी रोड बनी हुई है। यहां पर हनुमान जी का मंदिर स्थित है। मंदिर में भजन कीर्तन होते रहते हैं, जो बहुत ही अच्छे लगते हैं। गर्मी में भी गोधरी नदी में पानी आपको देखने के लिए मिल जाता है। बरसात में इस नदी में बहुत ज्यादा पानी रहता है। आप इस नदी में नहाने का भी मजा ले सकते हैं। 

गौरझामर का किला सागर - Gourjhamar Fort Sagar

गौरझामर का किला एक प्राचीन किला है। यह किला गौरझामर सागर में स्थित है। यह किला खंडहर अवस्था में मौजूद है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। इस किले के बारे में ज्यादा लोगों को नहीं पता है, मगर यह किला खूबसूरत है। आप यहां आ सकते हैं। यह किला बरमान - सागर हाईवे रोड के पास स्थित है। यहां किला ईंट और चूने पत्थर से बना हुआ हैं।

हजारिया महादेव मंदिर सागर - Hajariya Mahadev Temple Sagar

हजारिया महादेव मंदिर सागर के खुरई तहसील में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर पूरी तरह पत्थरों से बना हुआ है। मंदिर के अंदर गर्भ गृह में पत्थर का शिवलिंग विराजमान है। मंदिर के मंडप में नंदी भगवान की प्रतिमा विराजमान है, जो पत्थर की है। यह मंदिर बहुत खूबसूरत है और देखने में बहुत ही अद्भुत लगता है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं और भगवान के दर्शन कर सकते हैं। 

खुरई का किला सागर - Kurai Fort Sagar

खुरई का किला सागर जिले में खुरई तहसील में स्थित है। यह एक प्राचीन किला है। इस किले को खुरई का लाल किला भी  कहा जाता है। खुरई किले के अंदर आपको मंदिर और बगीचा देखने के लिए मिलता है। यहां पर बहुत ही सुंदर मूर्तिकला भी आपको देखने के लिए मिलती है। यह किला खुरई झील के पास स्थित है। यहां पर हर साल जनवरी के महीने में संगीत कार्यक्रम आयोजित किया जाता हैए जिसे डोहेला महोत्सव कहा जाता है। इस महोत्सव में बहुत सारे लोग आते हैं। यह महोत्सव किले में आयोजित होता है। जो बहुत ही भव्य होता है। 

डोहेला मंदिर सागर - Dohela Temple Sagar

दोहेला मंदिर सागर में खुरई तहसील में खुरई किले के पास में स्थित है। यह मंदिर एक झील में बना हुआ है। यह मंदिर  बहुत खूबसूरत है। यहां पर आकर आपको बहुत सारी मछलियां भी देखने के लिए मिलती हैं। 

एरण  सागर - Eran Sagar

एरण सागर में स्थित एक पुरातात्विक स्थल है। एरण सागर जिले के बीना तहसील के एरण नामक जगह पर स्थित है। यह जगह बीना नदी के किनारे स्थित है। आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं। यहां आने के लिए सड़क उपलब्ध है, मगर कच्ची सड़क है। यहां पर आपको पत्थर के बहुत सारे अवशेष देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर विष्णु मंदिर हैं। यहां पर आपको विष्णु भगवान के वराह अवतार की 10 फीट ऊंची प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो अद्भुत है। यहां पर पाई गई वराह अवतार की मूर्ति भारत में सबसे बड़ी विष्णु भगवान की मूर्ति है। भगवान विष्णु की वराह्मूर्ति में बहुत सारी आकृतियां उभरी हुई है, जो आप देख सकते हैं। यहां पर विष्णु भगवान की और भी मूर्तियां उपलब्ध है। मगर वह सारी मूर्तियां अब खंडित अवस्था में है। आप यहां पर आएंगे तो आपको विष्णु भगवान जी की नरसिंह मूर्ति देखने के लिए मिलेगी। भगवान विष्णु की मूर्ति के अलावा भी यहां पर स्तंभ बने हुए हैं। वह भी आप देख सकते हैं। यह जगह पिकनिक के लिए अच्छी है। 

नौरादेही वन्यजीव अभ्यारण - Nauradehi Wildlife Sanctuary

नौरादेही वन्यजीव अभ्यारण सागर में घूमने की एक मुख्य जगह है। यह सागर का एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण है। यहां पर आपको विभिन्न प्रकार के जंगली जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। यह अभ्यारण सागर में जबलपुर सागर रोड पर स्थित है। आप यहां पर आकर पिकनिक मना सकते हैं। आपको यहां पर आपको यहां पर विभिन्न प्रकार के पक्षी की प्रजाति देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको हिरण चीता लोमड़ी जैसे जंगली जानवर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको मगरमच्छ भी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर बाघ को भी लाया गया है और वह भी आपको यहां पर देखने के लिए मिलेगा। यह जगह बहुत अच्छी है। आप यहां पर आ कर अपना समय बिता सकते हैं। 

सागर जिले के अन्य पर्यटन स्थल
Other tourist places in Sagar district


बननी घाट मंदिर राहतगढ़ सागर (Banani Ghat Temple Rahatgarh Sagar)
मसूर बावरी बांध सागर (Masoor Bawri Dam Sagar)
श्री आदिनाथ जैन बड़ा मंदिर सागर (Shri Adinath Jain Bada Mandir Sagar)
श्री अनगढ़ देवी गुफा मंदिर गढ़पहरा सागर (Shri Anagarh Devi Cave Temple Garhpahra Sagar)
श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर अतिशय क्षेत्र जैन मंदिर सागर (Shri Parshwanath Digambar Atishay Kshetra Jain Temple Sagar)
दीनदयाल उपाध्याय पार्क खुरई सागर (Deendayal Upadhyay Park Khurai Sagar)
गोपालगंज जैन मंदिर सागर (Gopalganj Jain Temple Sagar)
चोपड़ा कुंड बावड़ी सागर (Chopra Kund Bawdi Sagar)


पन्ना पर्यटन स्थल - Panna tourist places | Places to visit in Panna

पन्ना जिले के दर्शनीय स्थल - Panna visiting Places | Panna Tourism | पन्ना के आकर्षण स्थल | Panna sightseeing | पन्ना शहर



पन्ना में घूमने की जगहें
Panna me ghumne ki jagah


पन्ना राष्ट्रीय उद्यान, पन्ना - Panna National Park, Panna

पन्ना नेशनल पार्क मध्य प्रदेश का एक प्रमुख नेशनल पार्क है। पन्ना नेशनल पार्क मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में स्थित है। पन्ना नेशनल पार्क पन्ना और छतरपुर जिले में फैला हुआ है। पन्ना राष्ट्रीय उद्यान में आपको बाघ देखने के लिए मिल जाता है। यहां पर आप और भी अन्य जंगली जानवरों के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर आप तेंदुआ, भालू, हिरण, बंदर और विभिन्न प्रकार की चिड़ियों के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर आपका एंट्री फीस लिया जाता है। यहां पर एंट्री करने के लिए दो गेट है एक मेधा गेट और दूसरा हिनौता गेट है। यहां पर आपको आकर अच्छा लगेगा। आप यहां पर आते हैं, तो आपको यहां पर गाइड भी लेना पड़ता है और आपको वन विभाग से जीप भी लेनी पड़ती है।

 

पांडव गुफा एवं झरना पन्ना - Pandav cave and waterfall, Panna

पांडव गुफा एवं झरना पन्ना शहर में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। आपको यहां पर एक सुंदर झरना देखने के लिए मिलता है। झरना एक कुंड पर गिरता है। झरने के सामने ही एक गुफा बनी हुई है, जिसके बारे में कहा जाता है, कि प्राचीन काल में यहां पर पांडव ने निवास किया था। यहां पर आपको शिवलिंग भी देखने के लिए मिलता है, जिसके बारे में कहा जाता है कि पांडवों के द्वारा इस शिवलिंग की स्थापना की गई है। यह जगह बहुत खूबसूरत है। पांडव गुफा एवं झरना पन्ना नेशनल पार्क के अंदर स्थित है। आप जब भी पन्ना से खजुराहो की तरफ जाते हैं, तो यह आपको देखने के लिए मिलता है। आप यहां पर आकर बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। आप यहां पर गाइड को लेकर भी आ सकते हैं। गाइड आपको इस जगह के बारे में पूरी जानकारी देगा। पांडव फॉल आपको बरसात में देखने के लिए मिल जाता है और गर्मी में यह फॉल सूख जाता है। यहां पर आपको आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह जगह प्राकृतिक खूबसूरती से भरी हुई है। 


किमासन जलप्रपात पन्ना - Kimasan Falls Panna

किमासन झरना पन्ना नेशनल पार्क में ही स्थित है। यह झरना हिनौता गेट की तरफ जाने वाले रोड में ही स्थित है। आप इस झरने को बरसात के समय देख सकते हैं। यह झरना बहुत ऊंचाई से गिरता है। झरने के नीचे कुंड बनता है और आप इस झरने को ऊपर से देख सकते हैं। झरने में पानी करीब 25-30 फीट ऊपर से गिरता है। 


श्री पद्मावती देवी मंदिर पन्ना - Shri Padmavati Devi Temple Panna

श्री पद्मावती मंदिर पन्ना जिले में स्थित एक प्रमुख मंदिर है। आप यहां पर भी घूमने के लिए आ सकते हैं। यह एक धार्मिक स्थल है। इस मंदिर को पद्मावती शक्तिपीठ के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि यहां पर सती माता की दाहिने पैर गिरा था। यहां पर आपको आकर शांति मिलेगी। यह एक अच्छी जगह है। आप यहां अपनी फैमिली के साथ आ सकते हैं। मंदिर के पीछे की तरफ किलकिला नदी बहती है। आप उसका नजारा भी यहां पर आकर देख सकते हैं। श्री पद्मावती मंदिर पन्ना जिले में अजयगढ़ बाईपास रोड में स्थित है। आप यहां पर अपने वाहन से पहुंच सकते हैं। 


किलकिला झरना पन्ना - Kilkila Falls Panna

किलकिला जलप्रपात पन्ना जिले में घूमने लायक जगह है। यहां पर एक सुंदर जलप्रपात आपको देखने के लिए मिलता है। यह जलप्रपात अजयगढ़ बाईपास रोड पर स्थित है। आप यहां पर बरसात के समय आएंगे, तो आपको यह जलप्रपात देखने के लिए मिलेगा। जलप्रपात के पास में एक मंदिर भी है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। आप यहां पर आकर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। गर्मी में यह जलप्रपात सूख जाता है। आप यहां पर अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं। 


प्राणनाथ जी मंदिर, पद्मावती पुरी धाम पन्ना - Prannathji Temple, Padmavati Puri Dham Panna

श्री प्राणनाथ मंदिर पन्ना जिले में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मंदिर प्रनामी लोगों के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। प्राणनाथ जी एक संत थे और उन्होंने यहां पर समाधि ली थी। यह मंदिर बहुत बड़ी क्षेत्र में फैला हुआ है। यह मंदिर बहुत खूबसूरती से बनाया गया है। मंदिर में आपको कांच का काम देखने के लिए मिल जाता है। मंदिर में आपको म्यूजियम भी देखने के लिए भी मिलेगा, जिसमें प्राणनाथ जी की बहुत सारी चीजों को संभाल कर रखा गया है। यहां पर आपको बुक्स वगैरह देखने के लिए मिल जाएंगे। मंदिर की छत को बहुत ही खूबसूरत पेंटिंग से सजाया गया है। यहां पर श्री कृष्ण जी की बहुत सारी पेंटिंग आपको देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर शरद पूर्णिमा के दिन बहुत बड़े मेले का आयोजन होता है, जिसमें बहुत सारे लोग आते हैं। 


श्री राम जानकी मंदिर पन्ना - Shri Ram Janaki Temple Panna

श्री राम जानकी मंदिर पन्ना जिले में स्थित मुख्य धार्मिक स्थल है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आपको श्री राम जी, माता सीता जी, लक्ष्मण जी और हनुमान जी के दर्शन करने के लिए मिल जाएंगे। यह मंदिर मुख्य पन्ना शहर में ही स्थित है। यहां पर रामनवमी के समय बहुत भीड़ होती है।


श्री जुगल किशोर जी मंदिर पन्ना - Shri Jugal Kishore Ji Temple Panna

श्री जुगल किशोर मंदिर पन्ना शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर मुख्य पन्ना शहर में ही स्थित है। इस मंदिर में आपको श्री कृष्ण जी और राधा जी की मूर्ति देखने के लिए मिलेगी। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरती से बुंदेला वास्तु कला में बनाया गया है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह मंदिर बहुत बड़ा है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


श्री बलदेव जी मंदिर पन्ना - Shri Baldev Ji Temple Panna

बलदेव जी का मंदिर पन्ना शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर मुख्य पन्ना शहर में स्थित है। यह मंदिर श्री कृष्ण जी के बड़े भाई बलदाऊ जी को समर्पित है। यह मंदिर खूबसूरती से बनाया गया है और बहुत बड़ा है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यह मंदिर 1993 में राजा रूद्र प्रताप सिंह के द्वारा बनवाया गया था। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। यह मंदिर रोमन वास्तुकला में बना हुआ है और मंदिर में आपको काले रंग की बलदाऊ भगवान की प्रतिमा देखने के लिए मिलेगी। यहां पर आपको एक बड़ा सा हॉल देखने के लिए मिलेगा और बड़े-बड़े मंडप देखने के लिए मिलेंगे। 


छत्रसाल उद्यान पन्ना - Chhatrasal Garden Panna

छत्रसाल पार्क पन्ना जिले में स्थित एक घूमने लायक जगह है। आप जब भी पन्ना जिले में आते हैं, तो आप इस पार्क में भी घूमने के लिए आ सकते हैं। इस पार्क में आपको महाराजा छत्रसाल की मूर्ति देखने के लिए मिलती है, जो काले कलर की है और घोड़े पर सवार है। यह पार्क बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। पार्क में आपको तरह तरह के फूल देखने के लिए मिलते हैं। पार्क में आपको बदक एवं खरगोश भी देखने के लिए मिल जाते हैं। पार्क में बहुत सारे झूले लगे हुए हैं, जो बच्चों को बहुत पसंद आएंगे। यह बच्चों के लिए बहुत अच्छी जगह है। पार्क में एक ट्रेन भी है, जिसके मजे आप ले सकते हैं। पार्क में जानवरों के स्टैचू भी बने हुए हैं, जो बहुत अच्छे लगते हैं। आप यहां पर आकर अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। 


दहलन चौकी झरना पन्ना - Dhalan Chowki Waterfall Panna

दलहन चौकी झरना पन्ना शहर में स्थित एक अच्छी घूमने लायक जगह है। आप यहां पर बारिश के समय घूमने के लिए जा सकते हैं। यहां झरना घने जंगलों के बीच में स्थित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर पहाड़ों से पानी बहता है, जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। 


जिला पुरातत्व संग्रहालय पन्ना  - District Archaeological Museum Panna

जिला पुरातत्व संग्रहालय पन्ना शहर में घूमने का एक मुख्य स्थल है। यह एक पुराना बिल्डिंग है।  इस बिल्डिंग में आपको पुरानी मूर्तियां देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर आपको पुरानी पेंटिंग भी देखने के लिए मिल जाएगी। आप यहां पर आकर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यह जगह छत्रसाल पार्क के पास ही में स्थित है। 


भपतपुर बांध पन्ना - Bhapatpur Dam Panna

भपतपुर बांध पन्ना जिले के पास स्थित एक अच्छी जगह है। आप यहां पर घूमने आ सकते हैं। यह एक जलाशय है और यहां से सूर्योदय और सूर्यास्त का बहुत अच्छा व्यू देखने के लिए मिल जाएगा।

 

महाराजा हृदय शाह का छत्री पन्ना - Chhatri of Maharaja Hriday Shah Panna 

महाराजा हृदय शाह का छत्री पन्ना में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यह छत्री धर्म सागर झील के पास स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए जा सकते हैं। यहां पर आपको एक प्राचीन इमारत देखने के लिए मिलते हैं। मकबरे के अंदर आपको समाधि भी देखने के लिए मिल जाएगी। यह छतरी बुंदेलखंडी शैली में बना हुआ है। 


रनेह जलप्रपात पन्ना - Raneh Falls Panna

रनेह जलप्रपात पन्ना शहर में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह एक सुंदर झरना है। इस जलप्रपात में जाने के लिए आपको टिकट लगती है। यह झरना जंगल के बीच में स्थित है। यह जलप्रपात बहुत खूबसूरत है और आपको यहां पर कैनियन देखने के लिए मिलता है। यहां पर चट्टानों की बहुत ही खूबसूरत श्रंखला देखने के लिए मिलती है। यहां पर ग्रेनाइट चट्टाने है, जिनके बीच से केन नदी बहती है, जो बहुत ही सुंदर लगती है। आप यहां पर करीब 5 किलोमीटर इन चट्टानों की श्रंखला देख सकते हैं। 


केन घड़ियाल सेंचुरी पन्ना - Ken Gharial Sanctuary Panna

केन घड़ियाल सेंचुरी पन्ना शहर में स्थित एक अच्छी जगह है। यहां पर आपको घड़ियाल देखने के लिए मिलते हैं और मगरमच्छ देखने के लिए मिलते हैं। यह सेंचुरी रनेह जलप्रपात के पास ही में स्थित है। केन नदी के पास बहुत सारे व्यूप्वाइंट बने हुए हैं, जहां से आप घड़ियाल और मगरमच्छ को आराम करते हुए देख सकते हैं। आप इन व्यूप्वाइंट से केन नदी का सुंदरता देख सकते हैं। आपको यहां पर गाइड भी मिलता है, जो आपको इस सेंचुरी के बारे में जानकारी देता है। यहां पर आपको अन्य जंगली जानवर भी देखने के लिए मिल जाएंगे। 


बृहस्पति कुंड झरना पन्ना - Brihaspati kund jharna panna

बृहस्पति कुंड झरना पन्ना शहर में स्थित एक सुंदर जलप्रपात है। आप यहां पर घूमने के लिए बरसात के समय आ सकते हैं। यह जलप्रपात बहुत ही सुंदर दिखता है। आप इस झरने के नीचे भी जा सकते हैं और नहाने का मजा भी ले सकते हैं। इस झरने का पानी एक कुंड में गिरता है। आपको यहां पर खूबसूरत घाटी देखने के लिए मिलती है। यह झरना आपको बरसात के समय में देखने के लिए मिलेगा। आप यहां पर अपनी फैमिली और परिवार वालों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। बृहस्पति कुंड झरने के पास आपको प्राचीन गुफाएं भी देखने के लिए मिलती है। यहां पर शिव भगवान जी का शिवलिंग भी आपको देखने के लिए मिल जाएगा। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं।

 

बेनीसागर जलाशय पन्ना - Benisagar Reservoir Panna

बेनीसागर जलाशय एक खूबसूरत जगह है। आप यहां पर भी घूमने के लिए आ सकते हैं। बेनीसागर जलाशय पन्ना शहर के बहुत करीब है और आप यहां पर अपना एक दिन पिकनिक का प्लान बनाकर घूमने के लिए आ सकते हैं। 


अजयगढ़ किला पन्ना - Ajaygarh Fort Panna

अजय गढ़ का किला पन्ना जिले में स्थित एक प्राचीन स्थल है। अजय गढ़ का किला पन्ना जिले के अजय गढ़ कस्बे में स्थित है। यह एक पहाड़ी पर बना हुआ है। पहाड़ी का आकार तिकोना है। अजय गढ़ के किले तक पहुंचने के लिए आपको सीढ़ियों से आना पड़ता है। यह किला जंगल में स्थित है। आपको यहां पर खंडहर ही देखने के लिए मिलेंगे। अजय गढ़ किले के गेट में नक्काशी की गई है, जो बहुत सुंदर है। आपको किले के अंदर रंग महल देखने के लिए मिलता है। रंग महल के पास में ही 2 तालाब है। आप उनको देख सकते हैं। इन  तालाब को गंगा और जमुना के नाम से जाना जाता है। यह महल बुंदेला शासकों के द्वारा बनाया गया था। इस महल को कोई भी जीत नहीं सकता है था। इसलिए इस महल को अजय गढ़ किले के नाम से जाना जाता है। किले में बहुत सारे लोग पिकनिक मनाने आते हैं। आप भी यहां पर आकर अच्छा समय बिता सकते हैं।


पन्ना जिले के पास घूमने वाले अन्य दर्शनीय स्थल

निरपत सागर झील पन्ना
धर्म सागर झील पन्ना
बेनीसागर झील पन्ना
छत्रसाल की गढ़ी पन्ना
रानीपुर झरना पन्ना
लखनपुर सेहा झरना पन्ना
दहलन चौकी झरना पन्ना
राजगढ़ का किला  पन्ना
मनियागढ़ का किला पन्ना
स्वर्गेश्वर मंदिर पन्ना


गुना पर्यटन स्थल

चंदेरी के दर्शनीय स्थल

ओरछा दर्शनीय स्थल

झांसी के दर्शनीय स्थल


विदिशा पर्यटन स्थल - Vidisha tourist places | Tourist places in Vidisha

विदिशा के दर्शनीय स्थल - Places to visit in Vidisha | Tourist places near Vidisha | Vidisha historical place

विदिशा में घूमने की जगहें


सांची स्तूप - Sanchi  ka stupa

सांची एक विश्व धरोहर स्थल है। सांची एक प्रसिद्ध बौद्ध स्मारक है। सांची मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में स्थित है। यह भारत की सबसे पुरानी पत्थर की संरचना में से एक है। यहां पर आपको बौद्ध स्मारक देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर पूरी दुनिया से लोग सांची के स्तूप को देखने के लिए आते हैं। सांची के स्तूप भोपाल से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप भोपाल से यहां पर ट्रेन के माध्यम से और रोड के माध्यम से आ सकते हैं। सांची के स्तूप एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। यहां पर आपको बहुत सारे बौद्ध स्मारक देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको मंदिर, महल, खंडित स्तंभ, और मठ देखने के लिए मिल जाते हैं। सांची के बौद्ध स्तूप को पहली और दूसरी शताब्दी के मध्य बनाया गया था। यह स्तूप सम्राट अशोक के द्वारा बनाए गए थे। यहां पर सम्राट अशोक का शिलालेख भी पाया जाता है। यहां पर आपको तीन स्तूप देखने के लिए मिलते हैं, जिसमें से एक स्तूप सबसे बड़ा है और इस स्तूप के बारे में कहा जाता है, कि यहां पर भगवान बुद्ध की अस्थियों को रखा गया है। यहां पर मुख्य स्तूप बहुत खूबसूरत है और इसमें बहुत खूबसूरत कारीगरी की गई है। यहां पर तोरण द्वार बने हुए, जिसमें भगवान बुद्ध के जीवन काल को दर्शाया गया है। यहां पर आपको गुप्त काल के मंदिर भी देखने के लिए मिलते हैं। यह सारे मंदिर पत्थर के बने हुए हैं और इन मंदिरों में शंकर जी का शिवलिंग भी आपको देखने के लिए मिलेगा। यह जगह बहुत बड़े क्षेत्र में फैली हुई है। आप यहां पर घूम सकते हैं। सांची के स्तूप में प्रवेश के लिए टिकट लगता है और टिकट का मूल्य बहुत ही कम है। यह स्तूप सुबह 11:00 बजे से 5:00 बजे तक खुले रहते हैं। आप दो या तीन घंटों में पूरे सांची के पूरे परिसर को घूम सकते हैं। यहां पर लाइट और साउंड शो भी किया जाता है, जो यहां शाम के समय होता है। 

एएसआई संग्रहालय सांची विदिशा - ASI Museum Sanchi

ए एस आई संग्रहालय सांची बौद्ध परिसर के बाहर स्थित एक संग्रहालय है। यह संग्रहालय सांची के बौद्ध स्मारक के पास स्थित है। आप सांची बौद्ध स्मारक में प्रवेश के लिए टिकट लेते हैं, तो संग्रहालय के लिए भी आप को टिकट मिल जाता है। आपको यहां पर विभिन्न तरह के मूर्तियां देखने के लिए मिलेंगे। यहां पर बौद्ध परिसर में मिली बहुत सी प्रतिमाओं को सहेज कर रखा गया है। आप इन प्रतिमाओं को देख सकते हैं और इनके बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। जो प्रतिमाएं यहां पर रखी गई हैं, उनके बारे में जानकारी आपको नीचे एक तख्ती पर लिखी हुई मिल जाती हैं। यहां पर आपको हमारा राष्ट्रीय चिन्ह अशोक स्तंभ देखने के लिए मिलता है। 

माला देवी मंदिर ग्यारसपुर विदिशा - Mala Devi Temple Gyarspur Vidisha

माला देवी मंदिर विदिशा जिले में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर एक ऐतिहासिक मंदिर है। यह मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यह मंदिर विदिशा जिले की ग्यारसपुर तहसील पर स्थित है। ग्यारसपुर विदिशा का एक छोटा सा कस्बा है, जो बहुत खूबसूरत है और हरियाली से भरपूर है। आपको यहां पर बहुत सारे मंदिर देखने मिलेंगे और माला देवी मंदिर भी ग्यारसपुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर में आप आसानी से आ सकते हैं। यह मंदिर विदिशा सागर राजमार्ग पर स्थित है। यह मंदिर पूरी तरह से पत्थर से बना हुआ है। मंदिर की दीवारों पर नक्काशी बनी हुई है। इस मंदिर से आप चारों तरफ का दृश्य देख सकते हैं। यह मंदिर पहाड़ी के किनारे पर बना हुआ है। इस मंदिर का निर्माण 9 वीं शताब्दी में प्रतिहार राजवंश द्वारा किया गया था। यह मंदिर शक्ति की देवी और माला देवी को समर्पित है। यहां पर आपको जैन संतों की भी मूर्तियां  देखने के लिए मिलेगी। यहाँ से सूर्यास्त का दृश्य शानदार है। 

बाजरामठ मंदिर या बज्र मठ मंदिर विदिशा - Bajramath Temple or Bajra Math Temple Vidisha

बाजरा मठ मंदिर विदिशा के ग्यारसपुर में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह एक ऐतिहासिक मंदिर है। यह मंदिर पत्थर से बना हुआ है। पत्थर पर खूबसूरत नक्काशी उभरी हुई है। मंदिर की दीवारों पर खूबसूरत मूर्तियों की नक्काशी की गई है, जो बहुत ही आकर्षक लगती हैं। आपको यहां पर 3 मंदिर देखने के लिए मिलेंगे। इन तीनों स्थल पर जैन संतों की मूर्तियां विद्यमान है। यह मंदिर 10 वीं शताब्दी में बनाया गया था। यह मंदिर बहुत सुंदर है। इस मंदिर के दरवाजे, चैखट व पृष्ठ भाग में शिव, गणेश, विष्णु ब्रह्मा आदि का कलात्मक अंकन किया है।

हिंडोला तोरण विदिशा - Hindola toran vidisha

हिंडोला तोरण विदिशा के ग्यारसपुर में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है। यहां पर आपको चार खंबे देखने के लिए मिलेंगे, जो बहुत ही नक्काशी दार हैं। यहां पर एक तोरण भी बना बना हुआ है, जो आप देख सकते हैं। 

उदयगिरी गुफाएं विदिशा - Udayagiri Caves Vidisha

उदयगिरि की गुफाएं पूरे भारत देश में प्रसिद्ध है। उदयगिरि की गुफाएं मध्य प्रदेश का एक प्रमुख आकर्षण है। उदयगिरी की गुफाएं मध्य प्रदेश के विदिशा शहर में स्थित प्राचीन गुफाएं हैं। इन गुफाओं में आपको हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं। यह सारी गुफाएं उदयगिरि की पहाड़ियों पर स्थित है। बरसात के समय अगर आप यहां पर आते हैं, तो यहां का नजारा बहुत ही खुशनुमा होता है। चारों तरफ हरियाली होती है और आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर 20 गुफाएं मौजूद है, जो चट्टान पर बनी हुई हैं। इनमें से कुछ गुफाएं हिंदू भगवान को समर्पित है और कुछ गुफाएं जैन भगवान को समर्पित हैं। इन गुफाओं का निर्माण गुप्त काल के दौरान हुआ था। यहां पर आपको विष्णु भगवान की वराह अवतार की पत्थर पर उकेरी गई प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो बहुत विशाल है और देखने में बहुत अद्भुत लगती है। इसके अलावा यहां पर शिव पार्वती के अर्धनारीश्वर प्रतिमा, विष्णु भगवान की शेष शैया की प्रतिमाए गणेश जी की प्रतिमाए कार्तिकेय की प्रतिमा देखने मिलती है, जो चट्टान पर उकेर कर बनाई गई है। आप दो.तीन घंटों में पूरी उदयगिरी की गुफा घूम सकते हैं। यह जगह बहुत खूबसूरत है और आपको यहां आकर बहुत अच्छा लगेगा। 

उदयगिरि बांध  विदिशा  - Udayagiri Dam Vidisha

उदयगिरी बांध हलाली नदी पर बना हुआ एक छोटा सा स्टॉप डैम है। यह खूबसूरत लगता है। पहाड़ी के ऊपर से उदयगिरि का दृश्य खूबसूरत लगता है। 

जिला संग्रहालय विदिशा - District Museum Vidisha

जिला पुरातत्व संग्रहालय विदिशा शहर में स्थित एक अच्छी है। जो भी इतिहास प्रेमी है, वह इस जगह में घूम सकते हैं। इस  संग्रहालय में जाने के लिए प्रवेश शुल्क बहुत ही कम है। भारतीयों लोग का अलग शुल्क है। विदेशी नागरिकों के लिए अलग शुल्क है। अगर आप फोटोग्राफ और वीडियो ग्राफ करना चाहते हैं, तो उसके लिए अलग शुल्क लगेगा। इस संग्रहालय का खुलने का समय 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक रहता है। सोमवार को यह संग्रहालय बंद रहता है। आपको  इस संग्रहालय में प्राचीन मूर्तियों का बहुत बड़ा संग्रह देखने के लिए मिलता है। यह सारी मूर्तियां पत्थरों से बनी हुई है। यहां पर आप विष्णु भगवान के वराह अवतार की मूर्ति देख सकते हैं। इस पूरी मूर्ति में देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी उकेरी गई है। आपको यहां पर भगवान गणेश जी की मूर्ति भी देखने के लिए मिलेगी। इसके अलावा यहां पर जैन धर्म के संतों की भी मूर्तियां देखने के लिए भी मिलती है। यह संग्रहालय विदिशा शहर में रेलवे स्टेशन के बहुत करीब है। आप इस संग्रहालय में बहुत ही आसानी से पहुंच सकते हैं और अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। 

बीजा मंडल मंदिर या विजय मंदिर विदिशा - Bija Mandal Temple or Vijay Mandir Vidisha

बीजा मंडल मंदिर को पुराने समय में बिजया मंदिर के नाम से भी जाना जाता होगा। यह मंदिर विदिशा में स्थित एक प्राचीन स्थल है। यहां पर आपको पत्थर की बहुत सारी कलाकृतियां देखने के लिए मिलेगी। यहां पर आपको एक पुरानी बावड़ी भी देखने के लिए मिलेगी। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां पर पहले मंदिर हुआ करता था, जो परमार वंश के द्वारा बनाया गया था। इस मंदिर में पाए गए शिलालेख के अनुसार यह मंदिर चर्चिका देवी या चंडिका देवी को समर्पित था। यह मंदिर 10 वीं शताब्दी के आसपास बनाया गया था। यहां पर खुदाई की गई जिसमें यहां पर अष्टभुजी गणेश जी की प्रतिमा, नृत्य करती हुई नारियों की प्रतिमा और महिषासुर मर्दिनी प्रतिमा पाई गई है। यहां पर खंडित परमार अभिलेख भी पाए गए हैं। इस स्मारक के उत्तर में एक बावड़ी है, जिसका मुंह वृत्ताकार है। बावड़ी पर लगभग आठवीं सदी की दो सुंदर अलंकृत स्तंभ है, जिसमें कृष्ण लीला के विभिन्न दृश्य उकरे गये हैं। मगर इस स्मारक को मुस्लिम शासक औरंगजेब ने मस्जिद में परिवर्तित कर दिया और मंदिर को ध्वस्त कर दिया। इस प्रकार आज आप इस जगह पर मंदिर के अवशेष देख सकते हैं। यहां पर आपको बहुत सारे पत्थर पर खूबसूरती से नक्काशी दार कलाकृतियां देखने के लिए मिलती हैं। यह जगह विदिशा से अशोकनगर जाने वाली सड़क के पास स्थित है। यह स्थान अब एएसआई द्वारा अच्छी तरह से बनाए रखा गया है।

चरन तीर्थ विदिशा - Charan Teerth Vidisha

चरण तीर्थ एक धार्मिक स्थल है। चरण तीर्थ मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में स्थित है। यह विदिशा जिले का एक मुख्य आकर्षण है। चरण तीर्थ बेतवा नदी में स्थित है। यहां पर आपको दो मंदिर देखने के लिए मिलते हैं, जो बेतवा नदी के बीच में बने हुए हैं। इन मंदिर में जाने के लिए पुल बनाया गया है। आप इन मंदिरों में आ सकते हैं। आपको यहां का माहौल बहुत अच्छा लगेगा और बेतवा नदी का दृश्य बहुत अद्भुत होता है। चरण तीर्थ के बारे में कहा जाता है कि यहां पर श्री राम जी के चरण पडे थे। वनवास काल के दौरान राम जी यहां पर आए हुए थे। इसलिए इस  जगह को चरण तीर्थ के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि यहां पर च्यवन  ऋषि ने तपस्या की थी। यह जगह ऋषियों की तपोस्थली है। चरण तीर्थ में घाट भी बना हुआ है, जहां पर आप स्नान कर सकते हैं। 

नवग्रह शनि देव मंदिर विदिशा - Navagraha Shani Dev Temple Vidisha

नवग्रह शनि मंदिर विदिशा जिले में चरण तीर्थ के पास में स्थित है। यह प्राचीन मंदिर है। यहां पर शनि भगवान जी की मूर्ति विराजमान है। यहां पर आपको भगवान शिव की भी प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। आप यहां पर आकर शनि भगवान जी के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर हनुमान जी की भी प्रतिमा विद्यमान है। 

विश्वनाथ मंदिर देवपुर विदिशा - Vishwanath Temple Devpur Vidisha

विश्वनाथ मंदिर विदिशा के पास स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर एक कुंड बना हुआ है। जिसका जल बहुत ही पवित्र है और साफ है। विश्वनाथ मंदिर बहुत ही भव्य है। मंदिर परिसर में बहुत सारे मंदिर हैं। यहां पर शिवजी, विष्णुजी, द्वारकाधीश, मंदिर आपको देखने मिलता है। विश्वनाथ मंदिर देवपुर में स्थित है। देवपुर सिरोंज से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको यहां पर बहुत शांति मिलेगी। 

नीलकंठेश्वर मंदिर उदयपुर विदिशा - Neelkantheshwar Temple Udaipur Vidisha

नीलकंठेश्वर मंदिर विदिशा में स्थित एक ऐतिहासिक मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है। यह मंदिर 11 वीं शताब्दी में बनाया गया था। यहां मंदिर परमार राजा उदयादित्य द्वारा निर्मित किया था। यह मंदिर लाल बलुआ पत्थर से निर्मित है। नीलकंठेश्वर मंदिर की दीवारों पर खूबसूरत नक्काशी की गई है। यहां पर स्तंभ बनाए गए हैं और स्तंभों में खूबसूरत नक्काशी बनाई गई हैं। गर्भ ग्रह में शिव भगवान जी का शिवलिंग विराजमान है। यहां पर अर्धनारेश्वर शिवलिंग विराजमान है। यह शिवलिंग बहुत अद्भुत लगेगा। शिवलिंग के सामने ही नंदी भगवान की प्रतिमा विराजमान हैं। यहां पर आपको मंडप गर्भ ग्रह देखने के लिए मिल जाते हैं। 

लोहांगी पर्वत विदिशा - Lohangi Mountain Vidisha

लोहांगी पर्वत विदिशा में स्थित एक घूमने की अच्छी जगह है। यह एक विशाल पर्वत है, जो शहर के बीचोंबीच स्थित है। इस जगह से आपको विदिशा शहर का मनोरम दृश्य देखने के लिए मिलता है। शहर की चोटी पर एक मंदिर और मस्जिद स्थित है।  आप यहां पर अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं। यह जगह बहुत ही खूबसूरत रहती है। बरसात के पहाड़ में समय चारों तरफ हरियाली रहती है। यहां पर आने का सबसे अच्छा समय बरसात और ठंड का रहता है। लोहांगी पर्वत पर  जगह जगह पर बैठने के लिए जगह बनी हुई है, ताकि आप यहां पर बैठकर शहर की सुंदरता को निहार सकें। 

माधव उद्यान विदिशा - Madhav garden vidisha

माधव उद्यान एक बहुत ही खूब सुंदर पार्क है। यह पार्क विदिशा शहर में स्थित है और विदिशा शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। इस पार्क में आप को हरा-भरा बगीचा देखने के लिए मिलता है और यहां पर एक झील भी है। इस झील में बोटिंग का मजा भी ले सकते हैं। माधव उद्यान का निर्माण स्वर्गीय श्री माधव राव सिंधिया जी की याद में किया गया है। यह पार्क बहुत खूबसूरत है और आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यह पार्क योग, जॉगिंग और मॉर्निंग वॉक करने के लिए अच्छा है। यह पार्क विदिशा नगर निगम द्वारा प्रबंधित किया जाता है। यह विदिशा में सबसे अच्छा पार्क है। पार्क के खुलने का समय सुबह 6:00 से 9:00 बजे है और शाम को 5:00 से 8:00 बजे हैं। 

बौद्ध स्मारक सतधारा विदिशा - Buddhist Monument Satadhara Vidisha

बौद्ध स्मारक सतधारा विदिशा के पास में स्थित एक प्राचीन जगह है। यहां पर आपको बौद्ध स्तूप देखने के लिए मिलते हैं। बौद्ध बिहार देखने के लिए मिलते हैं और मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यह जगह प्रकृति के बीच में स्थित है। इन स्तूप के बाजू में हलाली नदी बहती है। यहां का दृश्य देखने लायक रहता है। आप यहां पर बरसात के समय आते हैं, तो यहां पर हरियाली चारो तरफ रहती है। इसके कारण यह जगह बहुत ही आकर्षक लगती हैं। बौद्ध स्मारक सतधारा सांची के स्तूप से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर है। आप यहां गाड़ी से आ सकते हैं। 

हेलिओडोरस स्तंभ या खंबा बाबा विदिशा - Heliodorus pillar or Khamba Baba Vidisha

खंबा बाबा या हेलिओडोरस स्तंभ विदिशा के पास में स्थित एक पिलर है। यह पिलर या खंबा विदिशा से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह खंबा 2000 साल से भी ज्यादा पुराना है। खंबे की ऊंचाई 20 फीट से भी अधिक है। खंबे में शिलालेख खुदे हुए हैं, जिससे मालूम चलता है कि यह खंबा गरुड़ध्वज है। इस खंभे को यहां के कुछ स्थानीय लोग पूजा भी करते हैं। इन लेखों के अनुसार हेलिओडोरस नामक एक यूनानी ने इस स्तंभ को स्थापित किया था। यह खंबा बेतवा और हलाली नदी के संगम के पास ही में स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा।

त्रिवेणी घाट विदिशा - Triveni Ghat Vidisha

त्रिवेणी संगम यहां पर बेतवा और हलाली नदी का संगम हुआ है। यहां पर आपको और भी धार्मिक जगह देखने के लिए मिल जाती हैं। यह जगह विदिशा में स्थित एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण है और आप यहां पर गाड़ी से पहुंच सकते हैं। यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा। 

हलाली बांध विदिशा - Halali dam vidisha

हलाली बांध विदिशा के पास में स्थित एक खूबसूरत जलाशय है। यह जलाशय भोपाल विदिशा हाईवे रोड के पास में पड़ता है। आप इस जलाशय में आसानी से आ सकते हैं। अगर आप बरसात के समय इस जलाशय में आते हैं, तो जलाशय का दृश्य अद्भुत होता है। यहां पर जलाशय में पानी पूरी तरह से भरा रहता है। आप यहां पर वोटिंग का भी मजा ले सकते हैं। आप यहां पर अपने दोस्तों और फैमिली के साथ जाकर बहुत मजे कर सकते हैं। 

हलाली जलप्रपात विदिशा - Hallali falls vidisha

हलाली जलप्रपात हलाली नदी पर बनता है। यह जलप्रपात हलाली बांध से करीब 200 मीटर की दूरी पर बनता है। इस जलप्रपात तक पहुंचने के लिए आपको थोड़ा सा पैदल चलना पड़ता है। यह जलप्रपात की लोकेशन बहुत खूबसूरत है। चारों तरफ हरियाली है और चट्टानों से पानी नीचे आता है, जो बहुत ही मनोरम लगता है। 


रंगाई हनुमान मंदिर विदिशा (Rangai Hanuman Temple Vidisha)
दिगंबर जैन मंदिर उदयगिरी विदिशा (Digambar Jain Temple Udayagiri Vidisha)
म्यूज़िकल पार्क विदिशा (Musical park vidisha)




मंदसौर पर्यटन स्थल - Mandsaur tourist place | Tourist places near Mandsaur | MP tourism Mandsaur

मंदसौर जिले के दर्शनीय स्थल - Places to visit in Mandsaur | Mandsaur visiting places | Mandsaur famous places | Picnic spot near Mandsaur



मंदसौर में घूमने की जगह


पशुपतिनाथ मंदिर मंदसौर - Pashupatinath mandir mandsaur

श्री पशुपतिनाथ मंदिर मंदसौर जिले का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यह मंदिर बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। मंदिर पर स्थित शिवलिंग बहुत प्राचीन है। यह मंदिर अनोखा है, क्योंकि यहां पर आप भगवान शिव जी के 8 मुख देख सकते हैं। इस प्रकार के सिर्फ दो मंदिर है। एक मंदिर नेपाल के काठमांडू शहर में पशुपतिनाथ मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है और दूसरा मंदिर मध्यप्रदेश में मंदसौर जिले में स्थित है। मंदसौर रेलवे स्टेशन से श्री पशुपतिनाथ मंदिर करीब 3 किलोमीटर दूर है। आप यहां पर अपने वाहन से या ऑटो से आ सकते हैं। श्री पशुपतिनाथ मंदिर शिवना नदी के किनारे स्थित है। शिवना नदी का दृश्य बहुत ही मनोरम होता है। आपको इस मंदिर में आकर बहुत शांति मिलेगी। यह मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। श्री पशुपतिनाथ मंदिर के पास आपको अच्छी पार्किंग की व्यवस्था मिलती है। यहां पर आप आसानी से आ सकते हैं। यहां पर सावन सोमवार के समय और महाशिवरात्रि के समय बहुत बड़ी संख्या में लोग पशुपतिनाथ जी के दर्शन करने के लिए आते हैं। इस मंदिर में आपको विष्णु भगवान की अलग-अलग अवतारों की पेंटिंग देखने के लिए मिल जाती है, जो बहुत ही खूबसूरत लगती है। मंदिर में आने का सबसे अच्छा समय सुबह का और शाम का है। आपको इस समय आरती में शामिल होने का भी मौका मिल जाता है। 


नालछा माता मंदिर मंदसौर - Nalachha Mata Temple Mandsaur

नालछा माता मंदिर मंदसौर जिले का एक धार्मिक स्थल है। नालछा माता का मंदिर प्राचीन है। यह मंदिर पशुपतिनाथ मंदिर से करीब 2 से 3 किलोमीटर दूर होगा। नालछा माता मंदिर मंदसौर के पास नालछा गाँव में स्थित है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं। पशुपतिनाथ मंदिर के बाद नालछा माता का मंदिर मंदसौर जिले में प्रसिद्ध है। यहां पर आपको नालछा माता के दर्शन करने के लिए मिलते है,ं जो देवी दुर्गा जी का स्वरुप है। आपको यहां पर दो दीपस्तंभ देखने के लिए मिलेंगे, जिसमें दीपक जलाया जाता है, जो बहुत ही भव्य लगते हैं। आप इस मंदिर में नालछा माता के साथ भैरव बाबा की प्रतिमा एक साथ देख सकते हैं, जो आपको यहीं पर देखने के लिए मिलेगी। यहां पर नवरात्रि के समय बहुत सारे लोग नालछा माता जी के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां पर गार्डन भी है, जहां पर आप बैठ सकते हैं और बच्चों के मनोरंजन के लिए गार्डन में झूले भी लगे हुए हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 


तेलिया तालाब मंदसौर - Teliya Talab Mandsaur

तेलिया तालाब मंदसौर जिले में घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। यह मंदसौर जिले में स्थित एक तालाब है। यह तालाब बहुत खूबसूरत लगता है। आपको यहां पर सूर्योदय और सूर्यास्त का बहुत ही खूबसूरत नजारा देखने के लिए मिलेगा। यहां पर एक छोटा सा पार्क भी है, जहां पर अपनी फैमिली और बच्चों के साथ आकर एंजॉय कर सकते हैं। यहां तेलिया तालाब फोटोशूट के लिए अच्छी जगह है। यहां पर आप अपनी अच्छी फोटो क्लिक कर सकते हैं। आप यहां पर अपने दोस्त और फैमिली वालों के साथ आ सकते हैं। यहां पर पक्षियों की आवाज बहुत ही मधुर लगती है। तालाब में मछलियां है। आप यहां पर आकर मछलियों को दाना भी खिला सकते हैं। बरसात के समय तालाब का पानी ओवरफ्लो होता है और यहां पर पानी ओवरफ्लो होकर झरने की तरह बहता है, जो खूबसूरत लगता है। बरसात में आप आकर यह दृश्य देख सकते हैं। 


यशोधर्मन संग्रहालय मंदसौर - Yashodharman Museum Mandsaur

यशोधर्मन पुरातत्व संग्रहालय मंदसौर जिले में घूमने वाली एक अच्छी जगह है। आप यहां पर आकर भारत के प्राचीन इतिहास के बारे में जान सकते हैं। इस संग्रहालय में परमार वंश कालीन, मौर्य वंश कालीन एवं होल्कर वंश की मूर्तियां आपको देखने के लिए मिलती हैं। आपको यहां पर प्राचीन मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं, जो पत्थर पर नक्काशी करके बनाई गई हैं। यहां पर पेंटिंग भी आपको देखने के लिए मिलती है। यशोधर्मन पुरातत्व संग्रहालय सोमवार को बंद रहता है। सरकारी छुट्टी के दिन भी संग्रहालय बंद रहता है। संग्रहालय खुलने का समय 10 बजे से शाम 5 बजे तक है। भारतीय नागरिकों का 10 रू लगता है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यशोधर्मन पुरातत्व संग्रहालय मंदसौर रतलाम हाईवे रोड पर स्थित है। आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। 


यशोधर्मन विजय स्तम्भ मंदसौर - Yashodharman Vijay Pillar Mandsaur

यशोधर्मन विजय स्तंभ या सोधनी स्तंभ मंदसौर की एक ऐतिहासिक स्थल है। यहां पर आपको दो स्तंभ देखने के लिए मिलते हैं, जो राजा यशोधर्मन द्वारा बनाए गए थे। हूणों पर विजय के लिए। आपको यहां पर और भी बहुत सारी पत्थर पर उकेरी गई मूर्तियां देखने के लिए मिल जाती है, जो प्राचीन समय की है। यह जगह प्राकृतिक वातावरण से भरी है और आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा।


कोटेश्वर महादेव मंदिर सीतामऊ, मंदसौर - Koteshwar Mahadev Temple Sitamau, Mandsaur

श्री कोटेश्वर मंदिर सीतामऊ मंदसौर जिले में स्थित एक मंदिर है। यह मंदिर खूबसूरत है और सीतामऊ से करीब 4 से 5 किलोमीटर दूर है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यहां पर आपको शिवलिंग के दर्शन करने मिलते हैं। यहां पर नदी बहती है, जिस का दृश्य बहुत खूबसूरत होता है। यहां पर नदी छोटा सा झरना बनाती है, जो खूबसूरत लगता है। यहां पर आप आते हैं, तो नदी और चट्टानों का खूबसूरत दृश्य देख सकते हैं। यहां पर आप स्नान भी कर सकते हैं। 


श्री मोड़ी माता जी का मंदिर सीतामऊ, मंदसौर - Shri modi mata ji temple sitamau, Mandsaur

मोड़ी माता मंदिर सीतामऊ में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर स्थानीय लोगों में बहुत प्रसिद्ध है। यह मंदिर मंदसौर जिले में प्रसिद्ध है। आप यहां पर घूमने आ सकते हैं। यहां पर आपको मोड़ी माता के दर्शन करने के लिए मिल जाते हैं। यह मंदिर सीतामऊ से करीब 1 किलोमीटर दूर है। आप यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। 


धर्मराजेश्वर मंदिर भानपुरा, मंदसौर - Dharmarajeshwar Temple Bhanpura, Mandsaur

धर्मराजेश्वर मंदिर मंदसौर जिले के पास घूमने का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको हिंदू और जैन धर्म के गुफा देखने के लिए मिलते हैं। धर्मराजेश्वर एक ऐतिहासिक स्थल है। इस मंदिर को धर्मनाथ अथवा धर्मराजेश्वर मंदिर कहा जाता है। यह पूर्ण मंदिर एक पहाड़ी को काटकर बनाया गया है। इस मंदिर में आपको गर्भ ग्रह, सभा मंडप तथा अर्थ मंडप देखने मिलता है। इस मंदिर का शिखर उत्तर भारतीय शैली का है। मूल रूप से यह मंदिर विष्णु जी को समर्पित था, जिनकी प्रतिमा गर्भ गृह में विधमान है। बाद में यह शिव मंदिर में परिवर्तित किया गया था। धर्मराजेश्वर मंदिर में आपको विष्णु भगवान जी की प्रतिमा के साथ.साथ शिव भगवान जी का शिवलिंग भी देखने के लिए मिलता है। प्रवेश द्वार पर भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी की प्रतिमा आपको देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर मंदसौर के भानपुरा के पास स्थित है। आप यहां पर गाड़ी से पहुंच सकते हैं। यह बारिश के मौसम में घूमने के लिए बहुत अच्छी जगह है। धर्मराजेश्वर के मंदिर चौथी और पांचवी शताब्दी में बनाए गए थे। यह मंदिर पत्थर पर बनाए गए हैं और पत्थर पर खूबसूरत नक्काशी भी की गई है। यह मंदिर ए एस आई के द्वारा संरक्षित है। इस जगह पर महाशिवरात्रि के समय और सावन सोमवार के समय बहुत सारे लोग भगवान शिव के दर्शन करने के लिए आते हैं। 


छोटा महादेव मंदिर भानपुरा, मंदसौर - Chota Mahadev Temple Bhanpura, Mandsaur

छोटा महादेव मंदिर मंदसौर में भानपुर तहसील में स्थित है।  यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यहां पर आप आते हैं, तो आपको शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। आपको यहां पर पहाड़ों और चट्टानों का बहुत ही अद्भुत दृश्य देखने के लिए मिलता है। बरसात के समय यहां पर झरना बहता है, जो चट्टानों के ऊपर से बहता है। झरने के नीचे एक कुंड बना है, जिसमें आप नहा भी सकते हैं। यहां आ कर आपको बहुत मजा आएगा। यहां पर आपको काल भैरव जी का मंदिर और हनुमान जी का मंदिर भी देखने के लिए मिलता है। बरसात के समय यहां पर चारों तरफ हरियाली रहती है। यहां पर सावन सोमवार और महाशिवरात्रि के समय भारी जनसंख्या में लोग आते हैं। आप भी यहां आकर शिव भगवान जी के दर्शन कर सकते हैं। यह एक अच्छा पिकनिक स्पॉट हैं। यहां पर आपको वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है।


होलकर छतरी भानपुरा, मंदसौर - Holkar Chhatri Bhanpura, Mandsaur

होलकर छतरी मंदसौर जिले के भानपुर में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। आपको यहां पर आप महाराजा यशवंतराव होलकर की छतरी देखने के लिए मिलती है, जो होलकर राजा की स्मृति स्थल है। यहां पर आपको संग्रहालय देखने के लिए मिलता है और मंदिर भी देखने के लिए मिलता है। यहां पर आप किला एवं गढ़ देख सकते हैं। महाराजा यशवंत राव होल्कर ने अंग्रेजों को भारत देश से बाहर निकालने के लिए भानपुरा में ही तोपों का कारखाना विकसित किया थाए जिसमें उन्होंने 200 तोपों का निर्माण किया था। अंग्रेजों को भारत से निकालने के लिए उन्होंने एक लाख सैनिकों की टुकड़ी तैयार की थी। महाराजा यशवंत राव होलकर की मृत्यु के पश्चात इस स्थल पर छतरी का निर्माण किया गया। छतरी का निर्माण 1814 में शुरू हुआ और 1841 में पूरा हुआ। छतरी का निर्माण उनकी पत्नी तुलसा बाई ने शुरू किया। आपको होलकर छतरी में महाराजा यशवंतराव की प्रतिमा देखने के लिए मिलती हैए जो संगमरमर के पत्थर की बनी हुई है। तोपों के निर्माण का कारखाना कारखाना  का भग्नावशेष आपको आज भी भानपुर के निकटवर्ती गांव नवाली और इंद्रगढ़ में देखने के लिए मिल जाएगा। 


हिंगलाजगढ़ किला भानपुरा, मंदसौर - Hinglajgarh kila Bhanpura, Mandsaur

हिंगलाज का किला मंदसौर का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। हिंगलाजगढ़ किला एक प्राचीन किला है। यह किला घने जंगलों के बीच में स्थित है। यह किला मंदसौर जिले के भानपुर तहसील के नवाली गाँव के पास स्थित है। यह किला अपनी मूर्तिकला और हिंगलाज माता मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। इस किले में विभिन्न विधियों की कलात्मक मूर्तियां उपलब्ध हैए जो आप यहां पर आकर देख सकते हैंए जो बहुत ही भव्य है। यह किला जंगलों के बीच में होने से, आपको यहां आकर बहुत अच्छा लगेगा और शांति मिलेगी। यह किला मंदसौर शहर से 165 किमी और भानपुरा शहर से 26 किमी दूर स्थित है। इस किले में अलग.अलग राजाओं ने राज किया है। यहां पर आपको हिंगलाज माता का मंदिरए राम मंदिर और शिव मंदिर देखने के लिए मिल जाएगाए जो होलकर शासन के दौरान  बनाया गया था। इस किले में आपको खंडहर अवस्था में महल के अवशेष देखने के लिए मिल जाएंगे। आप इस किले में अपनी गाड़ी से पहुंच सकते हैं। हिंगलाज किले में खूबसूरत बावली है। आप उसे भी देख सकते हैंए बरसात के समय अगर आप यहां पर आते हैंए तो बरसात के समय यहां पर चारों तरफ हरियाली रहती है। यहां का दृश्य बहुत ही मनोरम रहता है। 


हिंगलाज माता मंदिर भानपुरा, मंदसौर - Hinglaj Mata Temple Bhanpura, Mandsaur

हिंगलाज माता का मंदिर हिंगलाज किले के अंदर स्थित है। हिंगलाज का किला मंदसौर जिले के भानपुरा तहसील के पास स्थित है। आप इस किले में आसानी से पहुंच सकते हैं। आप अपनी गाड़ी से किले में आ सकते हैं। भारत में हिंगलाज माता का एकमात्र मंदिर पाकिस्तान में स्थित है, जिसे शक्तिपीठ के रूप से जाना जाता है। उसी प्रकार मध्यप्रदेश के मंदसौर में भी हिंगलाज माता का मंदिर स्थित है। यहां पर आप आकर माता के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर आपको बहुत सारे बंदर देखने के लिए मिलते हैं और यहां पर नवरात्रि के समय भी लोग दर्शन करने आते हैं। बरसात के समय यहां का मौसम बहुत अच्छा  रहता है और आप घूमने के लिए आ सकते हैं। 


तक्षेश्वर महादेव मंदिर नवाली भानपुरा, मंदसौर - Taksheshvar mahadev mandir navali bhanapura, mandsaur

तक्षेश्वर ताखाजी मन्दिर  मंदसौर जिले का एक मुख्य पर्यटन स्थल है।  यह धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का स्थान है। यह घने जंगलों के बीच में स्थित है। यह मंदिर नागों के राजा तक्षक को समर्पित है। कहा जाता है कि यहां पर नागों के राजा तक्षक रहते हैं। यहां पर उन्हें तक्षकेश्वर के रूप में पूजा जाता है। आप यहां पर आते हैं, तो आपको यहां पर प्राकृतिक जल प्रपात देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। यह झरना यहां पर कई स्तरों में बहता है और नीचे कुंड है। कुंड पर आप नहाने का मजा भी ले सकते हैं। कुंड पर आपको बहुत सारी मछलियां देखने के लिए मिलती हैं, जो खूबसूरत लगती हैं। यहां के चारों तरफ का दृश्य बहुत ही लुभावना रहता है। आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। आपकी गाड़ी इस स्थान तक आसानी से पहुंच सकती है। यह मन्दिर हिंगलाजगढ़ रोड पर भानपुरा तहसील से 22 किमी की दूरी पर स्थित है। यहां पर वैशाख महीने की पूर्णिमा को मेला का आयोजन भी होता है। आप यहां पर बरसात के समय आ सकते हैं। बरसात के समय यहां पर चारों तरफ हरियाली होती है और यहां पर खूबसूरत झरना आपको बरसात के समय देखने के लिए मिलता है। गर्मी के समय झरने में पानी नहीं रहता है। यहां पर आपको बहुत सारे बंदर भी देखने के लिए मिलते हैं। आप बंदरों को यहां पर खाना खिला सकते हैं। 


कनकेश्वर छोटा महादेव मंदिर भानपुरा, मंदसौर - Kanakeshwar Chota Mahadev Temple Bhanpura, Mandsaur

कनकेश्वर छोटा महादेव मंदिर मंदसौर जिले में भानपुरा तहसील में स्थित है। यह मंदिर घने जंगलों के बीच में स्थित है। यहां पर आप आकर शिवलिंग के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर आ कर आपको अच्छा लगेगा, क्योंकि चारों तरफ का वातावरण हरियाली से घिरा रहता है। यहां पर आपको मंदिर के पास में ही एक जलप्रपात देखने के लिए मिलता है, जो बहुत खूबसूरत लगता है। बरसात के समय में इस जलप्रपात में बहुत सारा पानी रहता है और आप इस जलप्रपात में बहुत इंजॉय कर सकते हैं। इस जलप्रपात को कनकेश्वर जलप्रपात के नाम से जाना जाता है। आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आपकी गाड़ी आसानी से पहुंच सकती है। 


चतुर्भुज नाला मंदसौर - Chaturbhuj Nala Mandsaur

चतुर्भुज नाला रॉक पेंटिंग मंदसौर में स्थित एक ऐतिहासिक महत्व की जगह है। आपको यहां पर रॉक पेंटिंग देखने के लिए मिलती है। यह जगह गांधी सागर वन्य जीव अभयारण्य के अंदर स्थित है। आप इस जगह में आसानी से पहुंच सकते हैं। आपको यहां पर नदी देखने के लिए मिलती है और नदी के दोनों तरफ पत्थरों में पेंटिंग देखने के लिए मिलती है। यह पेंटिंग आदिमानव काल की है और उस समय पर आदिमानव जो भी गतिविधियां करते थे। वह आपको इन पेंटिंग के माध्यम से दर्शाया गया है। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यहां का वातावरण प्राकृतिक है और शांत है। 


चतुर्भुजनाथ मंदिर मंदसौर - Chaturbhujnath Temple Mandsaur

चतुर्भुजनाथ मंदिर मंदसौर जिले में गांधी सागर वन्य जीव अभयारण्य के अंदर स्थित एक धार्मिक स्थल है।  चतुर्भुज नाथ मंदिर एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर शंकर जी को समर्पित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं और आपको यहां पर आकर बहुत शांति मिलेगी। 


गांधी सागर बांध मंदसौर - Gandhi Sagar Dam Mandsaur

गांधी सागर बांध मंदसौर जिले में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह बांध मंदसौर जिले में भानपुरा तहसील के पास स्थित है। आप इस बांध में बरसात के समय घूमने के लिए आ सकते हैं। बरसात के समय बांध में पानी भर जाता है, जिससे बांध के गेट खोले जाते हैं और गेट खुलने पर बांध का नजारा बहुत ही मनोरम होता है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह बांध चंबल नदी पर बना हुआ है और चंबल नदी गांधी सागर वन्य जीव अभयारण्य को दो भागों में विभाजित करती है। यह जगह बहुत खूबसूरत है। गांधी सागर बांध के पास ही में गार्डन स्थित है, जिसे आप देख सकते हैं। यहां पर आपको एक मूर्ति देखने के लिए मिलती है, जो अद्भुत लगती है । यहां पर वॉच टावर भी हैए जिससे आप आसपास का नजारा भी देख सकते हैं।  गांधी सागर बांध में 19 गेट हैंए और जब यह गेट खोले जाते हैंए तो दृश्य बहुत ही अद्भुत होता है। 1954 में बांध का निर्माण प्रारंभ हुआ तथा 1960 में बनकर तैयार हो गया । इस बांध को देखने के लिए आसपास के जिले के लोग बरसात के समय आते हैं। आप भी यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। अपनी फैमिली वालों के साथ और अपने दोस्तों के साथ। 


गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य मंदसौर - Gandhi Sagar Wildlife Sanctuary Mandsaur

गांधी सागर वन्य जीव अभ्यारण मंदसौर जिले में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यहां पर आकर आपको जंगली जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर आप नीलगायए हिरणए चीता देख सकते हैं। अगर आप यहां पर बरसात के समय आते हैंए तो यहां पर आपको चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है। गांधीसागर वन्य जीव अभ्यारण के अंदर और भी दर्शनीय स्थल हैंए जिन्हें आप देख सकते हैं। आप यहां पर आकर गांधी सागर बांध देख सकते हैं। चतुर्भुज नाला रॉक पेंटिंग देख सकते हैं। चतुर्भुज नाथ मंदिर देख सकते हैं। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह जगह प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। 


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