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नरसिंहपुर पर्यटन स्थल - Narsinghpur tourist place | Narsinghpur tourism

नरसिंहपुर के दर्शनीय स्थल - Places to visit in Narsinghpur | Tourist places near Narsinghpur | Narsinghpur District
नरसिंहपुर में घूमने की जगहबरमान घाट नरसिंहपुर - Barman ghat narsinghpur बरमान घाट नरसिंहपुर जिले का एक प्रसिद्ध जगह है। बरमान घाट नर्मदा नदी के किनारे स्थित एक बहुत ही खूबसूरत घाट है। यह एक पवित्र स्थल हैं। साल भर लाखों लोग नर्मदा में स्नान करने आते हैं। इस जगह पर नर्मदा नदी सात धाराओं में बहती है। यहां पर आपको बहुत सारे प्रसिद्ध मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आप ब्रह्मा जी की यज्ञ स्थली, रानी दुर्गावती का मंदिर और भगवान विष्णु का वराह अवतार की प्रतिमा देख सकते हैं। यहां पर मकर संक्रांति और नर्मदा जयंती के समय बहुत बड़े मेले का आयोजन होता है, जिसमें लाखों की संख्या में लोग आते हैं। बरमान घाट नरसिंहपुर में बरमान नगर में स्थित है। यहां पर आप गाड़ी से आ सकते हैं। यह घाट सागर नरसिंहपुर हाईवे रोड पर स्थित है। बरमान घाट का नजदीकी रेलवे स्टेशन  करेली है। आप यहां पर ट्रेन के माध्यम से भी आ सकते हैं। यहां पर दोस्त और परिवार के साथ जा सकता है। बरमान घाट के दूसरी तरफ जाने के लि…

पचमढ़ी के मंदिर - Pachmarhi temple | Pachmarhi yatra

पचमढ़ी मंदिर - Pachmarhi ka mandir 
महादेव मंदिर चौरागढ़ पचमढ़ी - Mahadev mandir chauragarh pachmarhi | chauragarh mandirचौरागढ़पचमढ़ी का एक धार्मिक स्थल है। चौरागढ़ पर एक मंदिर स्थित है, जो शिव भगवान जी को समर्पित है। चौरागढ़ का महादेव मंदिर बहुत प्राचीन मंदिर है। महादेव मंदिर पचमढ़ी में एक ऊंचे पहाड़ी पर स्थित है। महादेव मंदिर में जाने के लिए आपको करीब 2 से 3 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। महादेव मंदिर में पहुंचने का जो रास्ता है, वह पूरा जंगल से घिरा हुआ है। महादेव मंदिर में आपको शंकर भगवान जी की अद्भुत प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। आप इस मंदिर से पचमढ़ी के चारों तरफ का दृश्य देख सकते हैं, जो बहुत ही मनोरम होता है। इस मंदिर में नागद्वार, महाशिवरात्रि और सावन सोमवार के समय बहुत भीड़ रहती है। यहां पर मेला लगता है और लाखों की संख्या में लोग भगवान शंकर जी के दर्शन करने के लिए आते हैं।

काल भैरव गुफा चौरागढ़ - Kaal bhairav gufa chauragarhकाल भैरव गुफा चौरागढ़ जाने वाले रास्ते में ही पड़ती है।  यहां पर आपको एक गुफा देखने के लिए मिलती है। इस गुफा तक जाने का रास्ता बहुत ही दुर्गम है। आप यहां पर शिवरा…

कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni

कटनी में घूमने वाली जगह | Katni paryatan sthal | Places to visit near Katniकटनी जिले के बारे में जानकारी
Information about Katni district
कटनीमध्य प्रदेश का एक जिला है। कटनी जिलें को मुडवारा के नाम से भी जाना जाता है। कटनी का संभागीय मुख्यालय जबलपुर है। 28 मई 1998 को कटनी को जिलें के रूप में घोषित किया गया है। कटनी में कटनी नदी बहती है, जो पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत है। कटनी जिलें में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन है। कटनी रेल्वे जंक्शन में 6 प्लेटफार्म है। यहां पर हमेशा भीड रहती है। कटनी की 8 तहसील कटनी शहर, कटनी ग्रामीण,रीठी, बड़वारा, बहोरीबंद, विजयराघवगढ, ढीमरखेड़ा, बरही है। कटनी जिले की सीमाएं उमरिया, जबलपुर, दमोह, पन्ना, और सतना जिले की सीमाओं को छूती हैं। कटनी जिले में बहुत सारी ऐतिहासिक और प्राकृतिक जगह है, जहां पर आप जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं। 



Katni places to visitकटनी में घूमने की जगहें
जागृति पार्क - Jagriti Park Katniजागृति पार्ककटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है। जागृति पार्क कटनी में माधव नगर में स्थित है। जागृति पार्क में आप आकर बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। जागृति …

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Jabalpur to Jaipur Travel जबलपुर से जयपुर यात्रा 
जबलपुर से जयपुर यात्रा का प्लान हमारा नया साल में बना था। हम लोगों ने ट्रेन से जयपुर जाने का प्लान बनाया था। हम लोगों ने दयोदय एक्सप्रेस ट्रेन में बुकिंग की थी। हम लोग फैमिली और फ्रेंड्स के साथ जा रहे थे। हम लोग जबलपुर रेलवे स्टेशन (Jabalpur Railway Stationसे दयोदया एक्सप्रेस ट्रेन (Dayodaya Express Train) से जयपुर जाने वाले थे। दयोदय एक्सप्रेस ट्रेन हम लोगों की शाम की ट्रेन थी। हम लोग अपने सही समय पर ट्रेन में पहुंच गए और ट्रेन में बैठ गए। उसके बाद ट्रेन भी अपने सही समय पर जबलपुर रेल्वे स्टेशन (Jabalpur Railway Station) से चली दी थी। दयोदया एक्सप्रेस ट्रेन (Dayodaya Express Train) का स्टार्टिंग पॉइंट जबलपुर ही है। यह ट्रेन जबलपुर से ही बनती है, और जबलपुर से यह आपको अजमेर तक लेकर जाती है। अगर आप अजमेर डायरेक्ट जाना चाहते हैं तो आप इस ट्रेन से जा सकते हैं। आप इस ट्रेन से 15 से 20 घंटे में जयपुर पहॅुच जाते है। 
दयोदय एक्सप्रेस ट्रेन आपको सिहोरा रोड रेलवे स्टेशन (Sihora Road Railway Station), कटनी रेलवे स्टेशन (Katni Railway Station), दम…

बैतूल पर्यटन स्थल - Betul tourist place | Betul famous places

बैतूल दर्शनीय स्थल - Places to visit near Betul | Betul tourist spot | Betul city
Betul jilaबैतूल जिला
बैतूल मध्यप्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है। बैतूल जिला सतपुडा की पहाडियों से घिरा हुआ है। बैतूल जिला के मुलताई में ताप्ती नदी का उदगम हुआ है। ताप्ती मध्यप्रदेश की मुख्य नदी है। बैतूल जिले की सीमा छिंदवाड़ा, नागपुर, अमरावती, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, और होशंगाबाद की सीमाओं को छूती है। बैतूल जिला 10 विकास खंडों में बटा हुआ है। यह विकासखंड है - बैतूल, मुलताई, भैंसदेही, शाहपुर, अमला, प्रभातपट्टन, घोड़ाडोंगरी, चिचोली, भीमपुर, आठनेर,बैतूल नर्मदापुरम संभाग के अंर्तगत आता है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से बैतूल की दूरी करीब 178 किलोमीटर है। बैतूल जिलें में घूमने के लिए बहुत सारी दर्शनीय जगह मौजूद है, जहां पर जाकर आप बहुत अच्छा समय बिता सकते है। 

बैतूल में घूमने की जगहें
Places to visit in Betul
बालाजीपुरम - Balajipuram betul | Betul ka Balajipuram | Balajipuram temple betul
बालाजीपुरम बैतूल जिले में स्थित दर्शनीय स्थल है। यह भारत का पांचवा धाम है। बालाजीपुरम दक्षिण भारतीय शैली में बना हुआ एक खूबसू…

सागर पर्यटन स्थल - Sagar tourist place | Places to visit in sagar

सागर दर्शनीय स्थल -  Sagar madhya pradesh tourism |  Sagar famous place | Sagar visiting places | Sagar sightseeing | सागर के प्रसिद्ध स्थान
सागर में घूमने की जगहें
लाखा बंजारा झील सागर - Lakha banjara lake sagar लाखा बंजारा झील सागर शहर में एक प्रसिद्ध जगह है। यह झील सागर शहर के मध्य में स्थित है और सागर शहर इस झील के चारों तरफ बसा हुआ है। यह झील बहुत बड़े क्षेत्रफल में फैली हुई है। इस झील को लेकर बहुत सी मान्यताएं हैं। झील के आसपास बहुत सारी जगह है, जहां पर आप घूम सकते हैं। यह झील सागर जिले का एक मुख्य आकर्षण है और यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। लाखा बंजारा नाम के एक व्यापारी थे। उन्होंने पानी के लिए यहां पर खुदाई की थी। मगर यहां पर पानी नहीं निकला। तब उनके करीबी ने सलाह दी, कि वहां यहां पर उन्हें किसी खास का कुर्बानी देनी पड़ेगी। झील के बीच में उनको बैठाकर झूला झूल ना पड़ेगा। तभी झील में पानी आएगा। राजा में अपने नवविवाहित बेटे और बहू को इस झील के बीच में बैठाकर झूला झुलाया और झील पानी से भर गई और उस पानी में डूबकर उनके बेटे और बहू की मृत्यु हो गई। इस प्रकार इस झील को लाखा बंजारा झील के…