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महेश्वर पर्यटन स्थल - Maheshwar tourist place

महेश्वर दर्शनीय स्थल - Maheshwar sightseeing | महेश्वर पिकनिक स्पॉट



महेश्वर में घूमने की जगह 
Places to visit in Maheshwar


श्री अहिल्येश्वर मंदिर, महेश्वर - Shri Ahilyeshwar Temple, Maheshwar

श्री अहिल्येश्वर मंदिर महेश्वर में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरती से पत्थरों को तराश कर बनाया गया है। यह पूरा मंदिर पत्थर से बना हुआ है। मंदिर एक ऊंचे मंडप पर बना हुआ है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यह मंदिर नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है। इस मंदिर की वास्तुकला बहुत ही सुंदर है। यहां आकर आपको शांति मिलेगी और आप सकारात्मक ऊर्जा से भर जाएंगे। मंदिर की दीवारों में आपको नक्काशी देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है। 


महेश्वर दुर्ग - Maheshwar Durg

महेश्वर दुर्ग महेश्वर में स्थित घूमने की एक प्रमुख जगह है। यह एक प्राचीन किला है। इस किले का प्रवेश द्वार बहुत ही भव्य है। प्रवेश द्वार के चारों तरफ खूबसूरत नक्काशी की गई है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है। किले के अंदर होलकर साम्राज्य की बहुत सारी वस्तुएं आपको देखने के लिए मिल जाते हैं। किले के अंदर आपको म्यूजियम देखने के लिए मिलेगा। यह किला बहुत खूबसूरत है और बलुआ पत्थर से बना हुआ है। 


श्री राज राजेश्वर सहस्त्रबाहु मंदिर महेश्वर - Shri Raj Rajeshwar Sahastrabahu Temple Maheshwar

श्री राज राजेश्वर सहस्त्रबाहु मंदिर महेश्वर में प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर राजा सहस्त्रबाहु को समर्पित है। श्री राज राजेश्वर मंदिर एक ऐतिहासिक मंदिर है। यह मंदिर महिष्मति, जिसे आज महेश्वर की नाम से जाना जाता है, के राजा सहस्त्रबाहु के समय पर बनाया गया था। यहां पर आपको 11 दीपक देखने के लिए मिलते हैं, जो उस समय से जल रहे हैं। जब यह मंदिर बनाया गया था। माना जाता है कि यह सोमवंशी राजा सहस्त्रार्जुन कीर्ति वीर्य की समाधि मंदिर है। यहां पर राजा सहस्त्रार्जुन की प्रतिमा भी आपको देखने के लिए मिलेगी और यहां पर शंकर जी का शिवलिंग भी देखने के लिए मिल जाता है। राजा सहस्त्रार्जुन का जन्मदिन महेश्वर में बड़े उत्साह से मनाया जाता है। यहां 3 दिन उत्सव मनाया जाता है और यहां पर भंडारा भी किया जाता है। आप भी आकर इस मंदिर को देख सकते हैं। यहां आकर आपको अच्छा लगेगा। 


महेश्वर के घाट, महेश्वर  - Maheshwar Ghats, Maheshwar

महेश्वर के घाट महेश्वर में घूमने के मुख्य स्थान है। यह  घाट नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है।आप इन घाटों से नर्मदा नदी का मनोरम दृश्य देख सकते हैं। यहां पर आपको ढेर सारी मछलियां भी देखने के लिए मिलती है। आप मछलियों को खाने के लिए कुछ डाल सकते हैं। यहां पर आपको शांति मिलती है और आप यहां पर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यह घाट साफ-सुथरे हैं। आपको यहां पर ढेर सारे मंदिर देखने के लिए मिल जाएंगे। आप यहां नर्मदा नदी में नौकायन का भी मजा ले सकते हैं। यहां पर बॉलीवुड की फिल्म पैडमैन की भी शूटिंग हुई है। यहां पर आकर आप अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। 


बाणेश्वर महादेव मंदिर महेश्वर - Baneshwar Mahadev Temple Maheshwar

बाणेश्वर मंदिर महेश्वर में स्थित एक मंदिर है। यह मंदिर नर्मदा नदी के बीच में बने एक टापू पर बनाया गया है। यह मंदिर पूरी तरह से पत्थर का बना हुआ है। मंदिर में शिवलिंग और नंदी भगवान आपको देखने के लिए मिल जाते हैं। माना जाता है कि द्वापर युग में, बाणासुर ने यहां कठिन तपस्या करके भगवान शिव को प्रसन्न किया था। बाणेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण 9 वीं से 10 वीं शताब्दी में हुआ है। इस मंदिर में आप नाव के द्वारा पहुंच सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा महसूस होगा। 


सहस्त्रधारा जलप्रपात महेश्वर - Sahastradhara Falls Maheshwar

सहस्त्रधारा जलप्रपात महेश्वर में घूमने के लिए एक मुख्य जगह है। यहां पर आपको नर्मदा नदी पर एक जलप्रपात देखने के लिए मिलता है। यह जलप्रपात बहुत तीव्र गति से बहता है। यहां पर नर्मदा नदी छोटी-छोटी धाराओं में बहती है और जलप्रपात बनाती है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आप आते हैं, तो जूते पहन कर आइएगा, क्योंकि यहां का जो एरिया है। वह चट्टानों से भरा हुआ है। यहां आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा और आप यहां पर अच्छा समय बिता सकते हैं। अगर आप यहां आते हैं, तो खाने के लिए खाना और पीने के लिए पानी जरूर लाएं, क्योंकि आसपास यहां पर कोई दुकान नहीं है। 


श्री दत्तधाम महेश्वर - Shri Dattadham Maheshwar

श्री दत्तधाम महेश्वर में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। यह मंदिर करीब 30 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है। यह मंदिर बहुत खूबसूरती से बनाया हुआ है। यह मंदिर दत्तात्रेय को समर्पित है। यह चार दत्ता धामों में से पहला दत्ता धाम है। इस मंदिर को श्री नारायण महाराज द्वारा बनवाया गया है। यह मंदिर नर्मदा नदी के किनारे पर बना हुआ है। यहां पर आपको भगवान एक मुखी दत्ता जी, गणेश भगवान जी की, और मां नर्मदा जी की प्रतिमा देखने के लिए मिल जाएगी। 


पंढरीनाथ मंदिर महेश्वर - Pandharinath Temple Maheshwar

पंढरीनाथ मंदिर महेश्वर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर पंढरी भगवान जी को समर्पित है। पंढरी भगवान जी भगवान विष्णु जी के अवतार हैं। यह प्राचीन मंदिर है। यहां पर आपको खूबसूरत मंदिर देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर प्राचीन समय में अहिल्या बाई होलकर जी के द्वारा मंदिर में पूजा की जाती थी। 


चिंतामणि गणेश मंदिर महेश्वर - Chintamani Ganesh Temple Maheshwar

चिंतामणि गणेश मंदिर महेश्वर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर आपको गणेश जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यह एक प्राचीन मंदिर है। यहां पर बुधवार को भक्तों की भीड़ रहती है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं और भगवान गणेश के दर्शन कर सकते हैं। 


शालिवाहन शिव मंदिर महेश्वर (Shalivahan Shiva Temple Maheshwar)

कालेश्वर मंदिर महेश्वर (Kaleshwar Temple Maheshwar)

जलेश्वर मंदिर महेश्वर (Jaleshwar Temple Maheshwar)

जगन्नाथ धामपुर मंदिर महेश्वर (Jagannath Dhampur Temple Maheshwar)


चंदेरी के दर्शनीय स्थल

ओरछा दर्शनीय स्थल

पन्ना पर्यटन स्थल

छतरपुर के दर्शनीय स्थल


नरसिंहपुर पर्यटन स्थल - Narsinghpur tourist place | Narsinghpur tourism

नरसिंहपुर के दर्शनीय स्थल - Places to visit in Narsinghpur | Tourist places near Narsinghpur | Narsinghpur District


नरसिंहपुर में घूमने की जगह

बरमान घाट नरसिंहपुर - Barman ghat narsinghpur

बरमान घाट नरसिंहपुर जिले का एक प्रसिद्ध जगह है। बरमान घाट नर्मदा नदी के किनारे स्थित एक बहुत ही खूबसूरत घाट है। यह एक पवित्र स्थल हैं। साल भर लाखों लोग नर्मदा में स्नान करने आते हैं। इस जगह पर नर्मदा नदी सात धाराओं में बहती है। यहां पर आपको बहुत सारे प्रसिद्ध मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आप ब्रह्मा जी की यज्ञ स्थली, रानी दुर्गावती का मंदिर और भगवान विष्णु का वराह अवतार की प्रतिमा देख सकते हैं। यहां पर मकर संक्रांति और नर्मदा जयंती के समय बहुत बड़े मेले का आयोजन होता है, जिसमें लाखों की संख्या में लोग आते हैं। बरमान घाट नरसिंहपुर में बरमान नगर में स्थित है। यहां पर आप गाड़ी से आ सकते हैं। यह घाट सागर नरसिंहपुर हाईवे रोड पर स्थित है। बरमान घाट का नजदीकी रेलवे स्टेशन  करेली है। आप यहां पर ट्रेन के माध्यम से भी आ सकते हैं। यहां पर दोस्त और परिवार के साथ जा सकता है। बरमान घाट के दूसरी तरफ जाने के लिए नर्मदा नदी में पुल बनाया गया है। इस पुल से आप बरमान घाट के दूसरी तरफ जाकर नर्मदा जी के मंदिर घूम सकते हैं। इस्कॉन मंदिर घूम सकते हैं। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। 

सूरजकुंड बरमान घाट नरसिंहपुर - Suraj Kund Barman ghat Narsinghpur

सूरजकुंड नरसिंहपुर में बरमान घाट के पास स्थित एक प्रसिद्ध  कुंड है। यह एक पवित्र कुंड है और जो भी यहां पर आता है। वह इस कुंड में डुबकी जरुर लगाता है। यह कुंड नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 

सतधारा बरमान घाट नरसिंहपुर - Satdhara Barman Ghat Narsinghpur

सतधारा नरसिंहपुर में बरमान घाट के पास स्थित एक प्रसिद्ध स्थान है। इस जगह पर आपको नर्मदा नदी सात धाराओं में विभक्त देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको नर्मदा नदी का बहुत ही सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर नर्मदा नदी पर एक पुराना पुल भी बना है, जो आप देख सकते हैं। उसके बाजू में ही नया पुल बना हुआ है। 

दीपेश्वर मंदिर बरमान घाट नरसिंहपुर - Deepeshwar Temple Barman Ghat Narsinghpur

दीपेश्वर मंदिर नरसिंहपुर में स्थित एक धार्मिक जगह है। इस  जगह का ऐतिहासिक महत्व है। यह मंदिर भगवान शिव जी को समर्पित है। दीपेश्वर मंदिर बरमान घाट के पास स्थित है। यह  मंदिर नर्मदा नदी पर एक टापू पर स्थित है। कहा जाता है कि  बरमान घाट को ब्रह्मा जी की यज्ञ स्थली के रूप में जाना जाता है। ब्रह्मा जी ने यहां पर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए तपस्या की थी और शिवलिंग की स्थापना की थी। यह शिवलिंग बहुत प्राचीन है। यहां पर बहुत सारे लोग सूरज कुंड में स्नान करके शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए सूरजकुंड से जल लेकर आते हैं और अपनी मनोकामना की पूर्ति हेतु प्रार्थना करते हैं। 

रानीदहारा शिव पार्वती मंदिर नरसिंहपुर - Ranidahara Shiva Parvati Temple Narsinghpur

रानीदहारा नरसिंहपुर में स्थित एक प्राकृतिक स्थल है। यह जगह पहाड़ों के बीच में स्थित है। आजू बाजू पहाड़ों का दृश्य बहुत ही मनोरम होता है। यहां पर आपको एक नदी देखने के लिए मिलती है। नदी के किनारे मंदिर बना हुआ है। यह मंदिर शिव और पार्वती माता जी को समर्पित है। यहां पर आप आकर बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। प्रकृति के बीच आप आते हैं, तो आपको बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर नदी का पानी साफ और स्वच्छ है। रानीदहारा नरसिंहपुर के गाडरवारा के पास स्थित है। यहां पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। यह पिकनिक के लिए बहुत अच्छी जगह है। 

चौरागढ़ का किला नरसिंहपुर - Chauragarh Fort Narsinghpur

Or
चौगान का किला नरसिंहपुर - Chaugan Fort Narsinghpur

चैरागढ़ का किला नरसिंहपुर के गाडरवारा के पास में स्थित है। चैरागढ़ का किला एक ऐतिहासिक किला है। यह किला घने जंगलों के बीच में स्थित है। यह किला खंडहर अवस्था में है। चैरागढ़ किले को चैगान का किला भी कहा जाता है। चौरागढ़ का किला सतपुड़ा की पहाड़ियों पर बना हुआ है। यह  किला पत्थर और चूने पत्थर से निर्मित है। किले के पास में एक तालाब बना हुआ हैए जिसे रेवा कुंड कहा जाता है। यह कुंड खूबसूरत है। यहां पर आपको एक मंदिर भी देखने के लिए मिलता हैए जो प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर नरसिंह भगवान को समर्पित है। आप यहां पर आ कर प्राकृतिक दृश्य का मजा ले सकते हैं। इस जगह में आप अपने दोस्तों और फैमिली वालों के साथ आकर बहुत मजे कर सकते हैं। यह अच्छा पिकनिक स्पॉट है। चौरागढ़ किले का निर्माण गोंड शासक संग्राम शाह ने 15 वीं शताब्दी में कराया था। यह किला गाडरवारा रेलवे स्टेशन से लगभग 19 किलोमीटर दूर है। आपको यहां से पहाड़ों का दृश्य देखने के लिए मिलेगाए जो बहुत ही अद्भुत रहता है। 

मिनी धुआँधार वॉटरफॉल नरसिंहपुर - Mini Dhuandhar Waterfall Narsinghpur

मिनी धुआंधार जलप्रपात नरसिंहपुर में स्थित एक बहुत ही अच्छी जगह है। यह नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है। आप यहां पर पिकनिक मनाने आ सकते हैं। यहां पर किसी भी प्रकार की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर ज्यादा भीड़ नहीं रहती है। यह जलप्रपात ज्यादा बड़ा नहीं है, मगर अच्छा लगता है। धुआंधार में आपको संगमरमर की चट्टानें देखने मिलती है, मगर यहां पर आपको काली चट्टानें देखने मिलेगी। इसलिए इस जलप्रपात को मिनी धुआंधार जलप्रपात कहा जाता है। आप यहां पर आकर अच्छा समय बिता सकते हैं। मिनी धुआंधार जलप्रपात नरसिंहपुर से करीब 20 किलोमीटर दूर है। आप यहां गाड़ी से जा सकते हैं। 

गोंड राज महल नरसिंहपुर या पठेहरा किला नरसिंहपुर - Gond Raj Mahal Narsinghpur or Pathehra Fort Narsinghpur

पठेहरा किला नरसिंहपुर जिले का एक प्राचीन स्थल है। यह एक प्राचीन किला है, जो नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ है। यह किला अब खंडहर अवस्था में मौजूद है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। इस महल का निर्माण गोंड शासक राजा बलवंत सिंह ने 16वीं या 17 वी सदी ईसवी में कराया था। यह महल 3 मंजिल रहा होगा। अब यह मलबे में तब्दील हो गया है। इस महल का निर्माण में ईट एवं अनगढ़ पत्थरों के मिश्रण से हुआ है। आप यहां पर फैमिली और दोस्तों के साथ आकर घूम सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 

प्राचीन गरुण मंदिर नरसिंहपुर - Ancient Garun Temple Narsinghpur

प्राचीन गरुण मंदिर नरसिंहपुर में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यह मंदिर गरुण भगवान जी को समर्पित है। आप यहां पर आकर बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यह जगह बरसात के समय और भी खूबसूरत लगती है, चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है। नर्मदा नदी का नजारा बहुत ही खूबसूरत रहता है। इस मंदिर में आप अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यह मंदिर नरसिंहपुर के गररु गांव के पास स्थित है। इस मंदिर का निर्माण 17वीं शताब्दी में किया गया था। यह मंदिर गोंड राजा बलवंत सिंह द्वारा बनाया गया था। यह मंदिर पंचायतन शैली में निर्मित किया गया है। गर्भ ग्रह के चारों ओर परिक्रमा पथ बना हुआ है। 

हाथीनाला झरना नरसिंहपुर - Hathinala Waterfall Narsinghpur

हाथीनाला जलप्रपात नरसिंहपुर का एक प्राकृतिक जलप्रपात है। यह जलप्रपात घने जंगलों के बीच में स्थित है। आपको इस जलप्रपात तक पहुंचने के लिए ट्रैकिंग करनी पड़ती है। यह जलप्रपात 5 स्तरों में नीचे गिरता है, जो बहुत ही लुभावना होता है। आपको यह जलप्रपात बहुत पसंद आएगा। यह जलप्रपात हाईवे रोड से करीब 1 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं। यहां पर आप ग्रुप के साथ आएंगे, तो अच्छा होगा, क्योंकि यह जगह सुनसान रहती है। यहां पर आप अच्छा समय बिता सकती हैं। यह जलप्रपात प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। यह बिल्लाधा गाँव से 1 किमी की दूरी पर है। यहां पर किसी भी तरह की कोई भी दुकान उपलब्ध नहीं है। अगर आप यहां पर आते हैंए तो खाने पीने का सामान लेकर आए और यहां पर आकर आप मजे कर सकते हैं। 

जबरेश्वर महादेव मंदिर नरसिंहपुर - Jabreshwar Mahadev Temple Narsinghpur

जबरेश्वर महादेव मंदिर नरसिंहपुर का एक प्रसिध्द मंदिर है। यह एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। मंदिर में एक शिवलिंग स्थापित है। शिवलिंग के बारे में कहा जाता है कि यह शिवलिंग हर साल बढ़ता है। यह शिवलिंग करीब 1 मीटर ऊंचा है। इस शिवलिंग की मोटाई इतनी है कि आप दोनों हाथों से भी इस शिवलिंग को पकड़ नहीं सकते है। आप यहां पर आकर नर्मदा नदी का बहुत ही मनोरम दृश्य देख सकते हैं। यहां पर नर्मदा नदी में स्नान कर सकते हैं। 

झोतेस्वर मंदिर नरसिंहपुर या राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मंदिर नरसिंहपुर - Jhoteswar Temple Narsinghpur or Rajrajeshwari Tripur Sundari Temple Narsinghpur

झोतेश्वर मंदिर नरसिंहपुर में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर नरसिंहपुर के गोटेगांव के पास स्थित है। यह मंदिर गोटेगांव से करीब 10 किलोमीटर दूर होगा। आप इस मंदिर तक अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यहां पर आपको भव्य मंदिर देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही खूबसूरत है। मंदिर में माता राजराजेश्वरी की प्रतिमा विराजमान है। मंदिर की छत पर बहुत ही खूबसूरत कमल की नक्काशी की गई है, जो देखने में बहुत ही आकर्षक लगती हैं। यह मंदिर एक पहाड़ी के ऊपर बना हुआ है और मंदिर में जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। आप इस मंदिर में जाकर शांति के साथ बैठ सकते हैं और अपना समय बिता सकते हैं। मंदिर में आप जब भी जाते हैं, तो 12:00 बजे से पहले जाएंगे, तो आपको माता के दर्शन करने मिल जाते हैं। 12:00 बजे के बाद मंदिर के द्वार बंद कर दिए जाते हैं। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह जगह बहुत ही अच्छी है। माता राज राजेश्वरी मंदिर के आजू.बाजू भी बहुत सारे मंदिर हैंए जिन्हें आप देख सकते हैं। 

हनुमान टेकरी झोतेश्वर - Hanuman Tekri Jhoteshwar

हनुमान टेकरी झोतेश्वर में पहाड़ी के ऊपर स्थित एक मंदिर है।  आपको इस मंदिर तक जाने के लिए सड़क मिलती है। इस मंदिर में हनुमान जी की बहुत ही भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। इस मंदिर के आसपास आपको बहुत सारे बंदर देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर पीने के पानी के लिए हेडफोन लगा हुआ है।  आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। 

विचार शिला झोतेश्वर - Vichar Shila jyoteshwar

विचार शिला झोतेश्वर में स्थित एक बहुत ही खूबसूरत धार्मिक स्थल है। यहां पर एक शिला है, जिसे विचार शीला के नाम से जाना जाता है। यहां पर खूबसूरत गार्डन भी बना हुआ है। इस गार्डन में रंग बिरंगे फूल लगे हुए हैं, जो बहुत ही खूबसूरत लगते हैं। 

राधा कृष्ण मंदिर झोतेश्वर - Radha Krishna Temple Jhoteshwar

राधा कृष्ण मंदिर झोतेश्वर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरत है और मंदिर में राधा कृष्ण जी की मूर्ति विराजमान है, जो देखने में बहुत ही भव्य लगती हैं। यहां पर आपको आकर बहुत अच्छा लगेगा।

लक्ष्मीनारायण मंदिर झोतेश्वर - Laxminarayan Temple Jhoteshwar

झोतेश्वर मंदिर के पास में ही लक्ष्मी नारायण मंदिर है। यह छोटा सा मंदिर है, मगर खूबसूरत मंदिर है। आपको यहां पर श्री कृष्ण जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। 

श्री श्री बाबा जी धाम और श्री सत्य सरोवर नरसिंहपुर - Sri Sri Baba Ji Dham and Shri Satya Sarovar Narsinghpur

श्री श्री बाबा जी धाम झोतेश्वर जाने वाले के रास्ते में पड़ता है। यह मंदिर बहुत ही सुंदर है। इस मंदिर में बहुत बड़ा तालाब है। तालाब में आपको मछलियां देखने के लिए मिलती हैं। यहां पर मछलियों को खाने के लिए दाना भी आप खरीद सकते हैं। इस तालाब के बीच में एक मंदिर बना हुआ है। इस तालाब के बीच में हम जा सकते हैं और आप मछलियों को दाना डाल सकते हैं और आपको अच्छा लगेगा। तालाब के किनारे यहां पर शिव भगवान जी का शिवलिंग विराजमान है। यहां पर आपको श्री कृष्ण भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर गार्डन भी बना हुआ है और गार्डन में आपको शंकर जी की बहुत ही भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको अच्छा लगेगा। यहां पर आप अपने  फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। 

टोनघाट नरसिंहपुर - Ton ghat Narsinghpur

टोन घाट नरसिंहपुर में स्थित एक प्राकृतिक स्थल है। टोन घाट नरसिंहपुर के बेलखेड़ी में स्थित है। आप यहां पर आकर प्रकृति के नजारे देख सकते हैं। यहां घाट शेर नदी पर स्थित है। टोन घाट को छोटा धुआंधार भी कहा जाता है। यहां पर छोटा सा झरना है, जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। यहां पर आप को  चट्टानों से बहता हुआ झरना देखने मिलता हैं, जो बहुत ही आकर्षक है। 

श्री दादा दरबार या दादा दूल्हा देव महाराज मंदिर नरसिंहपुर - Shri Dada Darbar or Dada Dulha Dev Maharaj Temple Narsinghpur

श्री दादा दरबार मंदिर नरसिंहपुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर नरसिंहपुर हाईवे रोड में स्थित है। यह एक पवित्र है। इस मंदिर को दादा महाराज या दूल्हा देव के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर हाईवे रोड पर स्थित है। इस मंदिर में आप आसानी से आ सकते हैं। मंदिर परिसर बहुत खूबसूरत है और साफ सुथरा है। यह मंदिर नरसिंहपुर से 7 किमी की दूरी पर स्थित है। परिवार के साथ घूमने के लिए अच्छा स्थान है।

घोघरनाथ जल प्रपात नरसिंहपुर - Ghogarnath waterfall Narsinghpur

घोघरनाथ जलप्रपात नरसिंहपुर जिले के पास स्थित एक बहुत ही खूबसूरत जलप्रपात हैं। यह झरना घने जंगलों के बीच में स्थित है। यहां पर आप अपनी बाइक से आ सकते हैं। यह एक बरसाती जलप्रपात है। बरसात के समय आपको यह जलप्रपात देखने के लिए मिलता है। गर्मी के समय यह जलप्रपात में पानी सूख जाता है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। आप यहां पर अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं।

डमरू घाटी नरसिंहपुर - Damru ghati Narsinghpur

डमरू घाटी नरसिंहपुर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। डमरू घाटी एक प्रसिद्ध मंदिर है और एक पवित्र जगह है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यहां पर आपको एक विशाल शिवलिंग एवं शिव मूर्ति देखने के लिए मिलती है। शिवलिंग का ऊंचाई करीब 19 फीट है। यह मध्य प्रदेश का सबसे ऊंचा शिवलिंग है। आपको हाईवे रोड से ही भगवान शिव की प्रतिमा देखने मिल जाएगी। यहां पर शिव भगवान जी की मूर्ति योग अवस्था में विराजमान है। यहां पर हनुमान जी की विशाल मूर्ति भी विराजमान है, जो खड़ी हुई अवस्था में है। आपको यहां पर नंदी भगवान जी की भी प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो शिव भगवान जी के सामने स्थित है। यहां पर आप आते हैं, तो आपको बहुत अच्छा लगेगा। यह बहुत अच्छी जगह है। मंदिर के बाहर बहुत सारी दुकानें हैं, जहां से आप प्रसाद ले सकते हैं।  मंदिर के बाहर आपको चाय नाश्ते की दुकान भी मिल जाती है। यहां पर पार्किंग की अच्छी व्यवस्था है और पार्किंग का चार्ज लिया जाता है। यहां पर एक छोटा सा तालाब भी है। डमरू घाटी नरसिंहपुर में गाडरवारा के पास शक्कर नदी के पास स्थित है।  आप यहां पर अपनी गाड़ी से आराम से आ सकते हैं या किराए के वाहन से भी यहां पर पहुंच सकते हैं। 

नरसिंह मंदिर नरसिंहपुर - Narsingh Temple Narsinghpur

नरसिंह मंदिर नरसिंहपुर का प्रसिद्ध मंदिर है। नरसिंह मंदिर के नाम पर ही इस शहर को नरसिंहपुर कहा जाता है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है। यह करीब 600 वर्ष पुराना है। मंदिर में आपको नरसिंह भगवान जी की मूर्ति देखने के लिए मिलती है। इस मंदिर में मूर्ति की स्थापना इस प्रकार की गई है, कि आप मूर्ति को मंदिर के अंदर से देखे या मंदिर के किसी भी कोने से देखे या फिर आप मंदिर के बाहर रोड के उस पार से मूर्ति को देखे। मूर्ति आपको एक जैसी ही दिखाई देती है। इस मंदिर में एक भूमिगत सुरंग है, जो यहां के राजा के राजमहल तक जाती है। आप आकर इस मंदिर को देख सकते हैं। बहुत अच्छी जगह है। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आकर घूम सकते हैं। नरसिंह जयंती के समय यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। बहुत ज्यादा संख्या में लोग यहां पर आते हैं। नरसिंह मंदिर के पास ही नरसिंह तालाब स्थित है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। नरसिंह मंदिर मुख्य नरसिंहपुर शहर में ही स्थित है। आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं। 

राम मंदिर नरसिंहपुर - Ram Temple Narsinghpur

राम मंदिर नरसिंहपुर में स्थित एक बहुत ही प्राचीन मंदिर है। यह एक धार्मिक स्थल है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आपको श्री राम जी, माता सीता जी और लक्ष्मण जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर मुख्य नरसिंहपुर में स्थित है। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। इस मंदिर में बहुत ही सुंदर सजावट की गई है। मंदिर की छत को झूमर से सजाया गया हैए जो आपको बहुत ही अच्छा लगेगा। यह मंदिर नरसिंहपुर शहर के बीचोबीच स्थित है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 

सदर मढ़िया नरसिंहपुर - Sadar Madhiya Narsinghpur

सदर मढ़िया नरसिंहपुर शहर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर नरसिंहपुर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर दुर्गा जी को समर्पित है। इस मंदिर को सदर मड़िया के नाम से जाना जाता है। यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा। यह मंदिर मुख्य नरसिंहपुर शहर में स्थित है। आप इस मंदिर में आकर शांति का अनुभव कर सकते हैं। इस मंदिर में आकर आप दुर्गा जी के दर्शन कर सकते हैं। मंदिर परिसर में अन्य मंदिर भी हैं। यहां पर आप शारदा माता के दर्शन कर सकते हैं। भगवान शिव के दर्शन कर सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। यह एक अच्छी जगह है। 

गौरीशंकर दुबे पार्क नरसिंहपुर (Gaurishankar Dubey Park Narsinghpur)
माँ नर्मदा मंदिर बरमान नरसिंहपुर (Maa Narmada Temple Barman Narsinghpur)
घोघरा झरना नरसिंहपुर (Ghoghara waterfall Narsinghpur)
काकारा घाट नरसिंहपुर (Kakara Ghat Narsinghpur)
गणेश मंदिर नरसिंहपुर (Ganesh Temple Narsinghpur)
सिध्देश्वर दुर्गा मंदिर नरसिंहपुर (Sidheshwar Durga Temple Narsinghpur)



पचमढ़ी के मंदिर - Pachmarhi temple | Pachmarhi yatra


पचमढ़ी मंदिर - Pachmarhi ka mandir 

पचमढ़ी के मंदिर -  Pachmarhi temple | Pachmarhi yatra

महादेव मंदिर चौरागढ़ पचमढ़ी - Mahadev mandir chauragarh pachmarhi | chauragarh mandir

चौरागढ़ पचमढ़ी का एक धार्मिक स्थल है। चौरागढ़ पर एक मंदिर स्थित है, जो शिव भगवान जी को समर्पित है। चौरागढ़ का महादेव मंदिर बहुत प्राचीन मंदिर है। महादेव मंदिर पचमढ़ी में एक ऊंचे पहाड़ी पर स्थित है। महादेव मंदिर में जाने के लिए आपको करीब 2 से 3 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। महादेव मंदिर में पहुंचने का जो रास्ता है, वह पूरा जंगल से घिरा हुआ है। महादेव मंदिर में आपको शंकर भगवान जी की अद्भुत प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। आप इस मंदिर से पचमढ़ी के चारों तरफ का दृश्य देख सकते हैं, जो बहुत ही मनोरम होता है। इस मंदिर में नागद्वार, महाशिवरात्रि और सावन सोमवार के समय बहुत भीड़ रहती है। यहां पर मेला लगता है और लाखों की संख्या में लोग भगवान शंकर जी के दर्शन करने के लिए आते हैं।

काल भैरव गुफा चौरागढ़ - Kaal bhairav gufa chauragarh

काल भैरव गुफा चौरागढ़ जाने वाले रास्ते में ही पड़ती है।  यहां पर आपको एक गुफा देखने के लिए मिलती है। इस गुफा तक जाने का रास्ता बहुत ही दुर्गम है। आप यहां पर शिवरात्रि और नाग पंचमी के समय जा सकते हैं, क्योंकि इस समय यहां पर बहुत भीड़ रहती है। यहां पर बहुत सारे लोग इस समय यात्रा करते हैं, तो आप भी इस समय काल भैरव गुफा घूम सकते हैं।

वैदेही गुफा चौरागढ़ - Vaidehi gufa chauragarh

वैदेही गुफा चौरागढ़ जाने वाले रास्ते में पड़ती है। यह एक छोटी सी गुफा है। कहा जाता है कि प्राचीन समय में सीता जी इस गुफा में स्नान किया करती थी। आप यहां पर रुक कर फोटोग्राफी का मजा ले सकते हैं और यहां से पचमढ़ी की खूबसूरत वादियों का दृश्य देख सकते हैं।

बड़ा महादेव पचमढ़ी  - Bada mahadev pachmarhi

बड़ा महादेव पचमढ़ी का एक धार्मिक स्थल है। बड़ा महादेव एक प्राचीन मंदिर है। यहां पर आपको एक गुफा देखने के लिए मिलती है। इस गुफा में हमेशा पानी रिसता रहता है। गुफा के अंदर शिव भगवान जी का एक शिवलिंग विराजमान है। गुफा के प्रवेश द्वार पर एक पत्थर का शिवलिंग विराजमान है।  गुफा में एक कुंड भी बना हुआ है। यहां पर आकर आपको बहुत शांति मिलती है। यहां पर आपको बहुत सारे बंदर देखने के लिए मिलते हैं।

पचमढ़ी के मंदिर -  Pachmarhi temple | Pachmarhi yatra


गुप्त महादेव पचमढ़ी  - Gupt mahadev pachmarhi

गुप्त महादेव पचमढ़ी में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। गुप्त महादेव बड़ा महादेव मंदिर से करीब 1 किलोमीटर दूर होगा। आपको मंदिर तक पैदल चलकर जाना पड़ता है। यहां पर आपको एक सकरी गुफा देखने के लिए मिलती है, जिसके अंदर शिवलिंग विराजमान है। इस गुफा में एक बार में केवल 8 लोग ही अंदर जा सकते हैं। इस गुफा के बाहर आपको हनुमान जी की विशाल प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगता है।

पचमढ़ी के मंदिर -  Pachmarhi temple | Pachmarhi yatra


जटाशंकर मंदिर पचमढ़ी - Jatashankar mandir pachmarhi

जटाशंकर पचमढ़ी का एक दर्शनीय स्थान है। यह एक धार्मिक स्थल है। यहां पर शिव भगवान जी का शिवलिंग विराजमान है। यह मंदिर खाई में स्थित है। आप को मंदिर जाने के लिए नीचे उतरना पड़ता है। नीचे जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है।  जटाशंकर की गुफा जाने के रास्ते में आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं, जो बहुत ही सुंदर लगते हैं। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। जटाशंकर गुफा में  24 घंटे पानी रिसता रहता है। यहां पर एक कुंड बना हुआ है। कुंड के ऊपर एक पत्थर लटका हुआ है, जो देखने में बहुत ही अद्भुत लगता है। आपको यहां पर पत्थर पर बहुत सारी आकृतियां देखने के लिए मिल जाती हैं।  यह जगह बहुत ही मनोरम है और यहां पर आकर बहुत शांति मिलती है।

पचमढ़ी के मंदिर -  Pachmarhi temple | Pachmarhi yatra


नागद्वार मंदिर पचमढ़ी - Nagdwar mandir pachmarhi

नागद्वार पचमढ़ी का एक दर्शनीय स्थान है।  इस जगह में साल में सिर्फ एक ही बार जाया जा सकता है। यह जगह नाग पंचमी के समय 10 दिनों के लिए खोली जाती है। इस समय पचमढ़ी में विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें लाखों की संख्या में लोग भाग लेते हैं। नागद्वार के मंदिरों में जाने का रास्ता बहुत ही दुर्गम है। यह मंदिर जंगल के बीच में है। इन मंदिरों में पहुंचने के लिए आपको ऊंची ऊंची घाटियां, पहाड़ियां,  बहते हुए झरने पार करने पड़ते हैं। इस जगह में आकर आपको बहुत सारी शांति मिलती है। यहां पर बहुत सारे मंदिर है। इन मंदिरों के बारे में आइए जानते हैं।

पचमढ़ी के मंदिर -  Pachmarhi temple | Pachmarhi yatra


श्री नागद्वार स्वामी मंदिर या श्री पद्म शेष मंदिर - shri nagdwar swami mandir or  padamshesh mandir pachmarhi

पद्म शेष मंदिर नागद्वार का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर में आने के लिए आपको पैदल चलना पड़ता है। इस मंदिर में जाने का रास्ता जंगल से भरा हुआ है। यहां पर आपको ऊंची ऊंची घाटियां, बहते हुए झरने, पहाड़ियां देखने के लिए मिलती हैं। यह मंदिर नाग देवता को समर्पित है। यहां पर आपको भगवान शंकर जी का शिवलिंग देखने के लिए मिलता है। यहां पर एक  गुफा है। इस गुफा में जाने के लिए नाग पंचमी के समय पर बहुत लंबी लाइन लगती है। नाग पंचमी के समय पर यहां पर लोगों के ठहरने की व्यवस्था भी रहती है और उनके खाने पीने की व्यवस्था भी रहती है। यहां पर नाग पंचमी के समय जो माहौल रहता है। वह पूरा भक्तिमय रहता है और इस माहौल में आपको आकर मन की शांति मिलेगी। यहां पर आपको ऊंची ऊंची पहाड़ियां और पहाड़ियों में उभरी हुई आकृतियां देखने के लिए मिलती हैं, जो बिल्कुल नाग भगवान की तरह रहती हैं। यह जगह आश्चर्य से भरी हुई है और यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है।

पचमढ़ी के मंदिर -  Pachmarhi temple | Pachmarhi yatra


पश्चिम द्वार पचमढ़ी - Paschim dwar nagdwar pachmarhi

पश्चिम द्वार नागद्वार की एक धार्मिक जगह है। यहां पर आपको एक गुफा देखने के लिए मिलती हैं। इस गुफा में शिवलिंग विराजमान है। यहां पर आपको पहाड़ी से गिरता हुआ झरना देखने के लिए मिलता है, जो बहुत सुंदर लगता है, जिसमें बहुत सारे लोग आप को नहाते हुए देखने के लिए मिल जाते हैं। इस झरने का पानी गुफा के अंदर से तेजी से बहता है, जो एक अलग अनुभव रहता है। नाग पंचमी के समय बहुत से यात्री नागद्वार की यात्रा करते हैं, तो जगह-जगह पर आपको भंडारे की व्यवस्था मिलती है। यह जगह बहुत खूबसूरत है और पूरी तरह प्राकृतिक है।

निशानगढ़ पर्वत नागद्वार पचमढ़ी - Nishan gad pachmarhi

निशान गढ़ पर्वत नागद्वार में स्थित एक ऊंचा पर्वत है। इस पर्वत के ऊपर शिव भगवान जी विराजमान है। बहुत सारे लोग इस पर्वत के दर्शन करने के लिए आते हैं और इस पर्वत पर चढ़ाई करते हैं।  यहां से चारों तरफ का व्यू बहुत ही अद्भुत होता है और शिव भगवान जी के दर्शन का एक अलग ही अनुभव होता है।

स्वर्गद्वार पचमढ़ी - Swargadwar pachmarhi

स्वर्गद्वार नागद्वार में स्थित एक ऊंचा पहाड़ है। यहां पर शंकर भगवान जी की एक गुफा स्थित है।  गुफा के अंदर शिवलिंग विराजमान हैं। यहां से आपको पचमढ़ी की खूबसूरत वादियां देखने के लिए मिलती है। यहां पर पहुंचने का रास्ता बहुत कठिन है। स्वर्गद्वार ऊंचे पहाड़ पर स्थित है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर भी आपके रुकने की और खाने पीने की व्यवस्था रहती है। यहां पर पहाड़ी के ऊपर एक गुफा बनी हुई है, जिस पर लोग नींबू फेंकते हैं और नींबू उस गुफा के अंदर जाना चाहिए। माना जाता है, कि जिसका भी नीबू गुफा के अंदर जाएगा। उसकी मनोकामना पूरी होगी और यहां पर बहुत सारे लोग आपको नींबू गुफा के अंदर फेंकते हुए देखने के लिए मिल जाएंगे। यहां पर भगवान शिव के भजन चलते रहते हैं। यहां पर आकर एक अलग ही अनुभव होता है।

चित्रशाला पचमढ़ी - Chitrashala pachmarhi

चित्रशाला पचमढ़ी में स्थित एक दर्शनीय जगह है। यहां पर पहाड़ी के ऊपर एक मंदिर स्थित है। मंदिर तक जाने के लिए सीढ़ियां बनी है। यहां पर एक प्रकार से बहुत बड़ा मेला लगता है और आपको बहुत सारे खाने-पीने की दुकानें मिल जाती हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर आप ऊंचे ऊंचे पहाड़ देख सकते हैं। आप इन पहाड़ों पर भी जा सकते हैं। मगर बरसात के समय आपको इन पहाड़ों पर संभल कर जाना चाहिए, क्योंकि पहाड़ों पर बहुत ज्यादा फिसलन होती है।

नंदीगढ़ पचमढ़ी - Nandigarh pachmarhi

नंदीगढ़ नागद्वार में घूमने की एक बहुत ही खूबसूरत जगह है। यहां पर एक ऊंचा पहाड़ है, जिसका आकार नंदी के समान है।  यहां पर पहाड़ के ऊपर शिव भगवान जी का शिवलिंग स्थापित है।  इस पहाड़ के ऊपर बहुत से लोग चढ़ाई करके जाते हैं।  इस पहाड़ से चारों तरफ का दृश्य बहुत ही अद्भुत होता है और यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है।

इन जगहों के अलावा भी नागद्वार में बहुत सारी जगह है, जहां पर आप घूम सकते हैं। यहां पर आपको पैदल यात्रा करनी पड़ती है। यह यात्रा करीब 18 से 20 किलोमीटर लंबी रहती है और यहां का पूरा रास्ता जंगल का रहता है।  ऊंचे ऊंचे नदी, नाले, पहाड़ी, चट्टाने आपको देखने के लिए मिलती है और इन्हीं रास्तों से होकर आप इन मंदिरों तक पहुंच सकते हैं।

अम्बा माई मंदिर पचमढ़ी - Amba mai mandir pachmarhi

अंबा माई मंदिर पचमढ़ी जाने वाले रास्ते में पड़ता है। यह मंदिर बहुत ही भव्य है। मंदिर के प्रवेश द्वार बहुत ही भव्य है। यहां पर दो शेरों की मूर्ति विराजमान की गई है। आप मंदिर के अंदर जाते हैं, तो मंदिर में आपको अंबा माई की मूर्ति देखने के लिए मिलती है। इसके अलावा यहां पर शिवलिंग स्थापित है। भैरव बाबा की मूर्ति स्थापित है। राधा कृष्ण की मूर्ति स्थापित है और श्री राम और माता सीता की मूर्ति स्थापित है। यहां पर आकर बहुत शांति मिलती है। अंबा माई मंदिर के थोड़ा ही आगे आपको बेगम पैलेस देखने के लिए मिलता है, जो एक प्राचीन महल है।

रजत प्रपात पचमढ़ी
बी फॉल पचमढ़ी
अप्सरा विहार जलप्रपात पचमढ़ी
पचमढ़ी यात्रा

छतरपुर पर्यटन स्थल - Chhatarpur tourist places

छतरपुर के दर्शनीय स्थल - Places to visit in chhatarpur | Chhatarpur tourism



छतरपुर में घूमने की जगह


खजुराहो  छतरपुर  - Khajuraho Chhatarpur

खजुराहो मध्य प्रदेश में स्थित एक विश्व प्रसिद्ध स्थल है। खजुराहो में आपको पुराने मंदिर देखने के लिए मिलते हैं, जो बहुत ही भव्य हैं। खजुराहो की मूर्तिकला भी बहुत ही अद्भुत है। खजुराहो मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित है। खजुराहो में आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं, जो प्राचीन है। खुजराहो में 100 से भी ज्यादा पुराने मंदिर थे, जिसमें से अब कुछ ही मंदिर बचे हुए हैं, जो अच्छी अवस्था में है। यहां पर सबसे प्रसिद्ध मंदिर कंदरिया महादेव मंदिर है। इस मंदिर के गर्भ गृह में आपको महादेव का शिवलिंग देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर खजुराहो में स्थित सबसे बड़े मंदिरों में से एक है। इसके अलावा भी खजुराहो में आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको वाराह मंदिर, विश्वनाथ मंदिर चित्रगुप्त मंदिर जैसे अन्य प्रसिद्ध मंदिर भी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर चैसठ योगिनी माता का मंदिर भी है, जिसमें 64 मंदिर आपको देखने के लिए मिलते हैं। यह मंदिर भी खंडार अवस्था में यहां पर मौजूद है। इसके अलावा यहां पर आपको शिवसागर झील भी देखने के लिए मिलती है, जो प्राचीन समय की है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा और अपने इतिहास के बारे में जानकर आपको अच्छा महसूस होगा। खजुराहो में आपको संग्रहालय भी देखने के लिए मिलते हैं, जहां पर आपको प्राचीन वस्तुओं का संग्रह देखने के लिए मिलता है। 


रानेह जल प्रपात  छतरपुर  - Raneh waterfall Chhatarpur

रानेह जल प्रपात छतरपुर के पास में स्थित सबसे अच्छा स्थान है।  यहां पर आप अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आपको चट्टानों की श्रंखला देखने के लिए मिलती है, जो करीब 5 किलोमीटर तक में फैली हुई है। यहां पर केन नदी बहती है, इसमें बहुत ही खूबसूरत जलप्रपात बनता है। इस जलप्रपात को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। यहां पर जो चट्टाने है। वह बहुत ही खूबसूरत है। यह चट्टाने आपको गुलाबी, लाल रंग में देखने के लिए मिलती है। कहा जाता है कि यह चट्टानें ज्वालामुखी विस्फोट से बनी हुई है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। रनेह जलप्रपात छतरपुर से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। रनेह जलप्रपात खुजराहो से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर गाड़ी से पहुंच सकते हैं। आपको जलप्रपात में अंदर जाने के लिए टिकट लेनी पड़ती है। 


कुटनी बांध  छतरपुर  - Kutni Dam Chhatarpur

कुटनी बांध छतरपुर के पास में स्थित एक अच्छी जगह है। यह एक अच्छा पिकनिक स्थल है। यह एक खूबसूरत जलाशय है। कुटनी बांध कुटनी नदी पर बना हुआ है। यहां पर एमपी टूरिज्म का एक गेस्ट हाउस में बना हुआ है, जहां पर आपको रुकने के लिए और खाने पीने की व्यवस्था है। यह बांध बहुत खूबसूरत है और आपको बहुत अच्छा लगेगा। यह बांध छतरपुर से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप गाड़ी से इस बांध तक पहुंच सकते हैं। 


बेनीसागर जलाशय  छतरपुर  - Benisagar reservoir Chhatarpur

बेनीसागर जलाशय छतरपुर के पास में स्थित एक अच्छी जगह है। आप जब भी खजुराहो घूमने के लिए जाते हैं, तो आप बेनीसागर जलाशय भी घूमने के लिए जा सकते हैं। आपको यहां से खूबसूरत सूर्यास्त का नजारा देखने के लिए मिलेगा। यहां पर आप अच्छी फोटो भी खींच सकते हैं। 


रंगुवान बांध  छतरपुर  - Ranguwan Dam Chhatarpur

रंगुवान बांध छतरपुर शहर में स्थित घूमने के लिए एक अच्छी जगह है।  यह एक बहुत बड़ा जलाशय है और यह बांध मुख्य तौर पर सिंचाई के उद्देश्य बनाया गया है। यह बांध 1957 में बनाया गया है। यह बांध छतरपुर जिले के रंगुवान गांव में स्थित है। यहां पर आप आकर अपना समय बिता सकते हैं। 


हनुमान टोरिया  छतरपुर  - Hanuman Toriya Chhatarpur

हनुमान टोरिया छतरपुर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां पर हनुमान जी का मंदिर है। यहां पर हनुमान जी की बहुत ही खूबसूरत प्रतिमा आपको देखने के लिए मिलती है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यह जगह पहाड़ी की चोटी पर स्थित है और मंदिर तक जाने के लिए सीढ़ियां हैं। यहां पर आकर अच्छा लगता है। यहां पर हनुमान जी के मंदिर के अलावा आपको राम जी का मंदिर, साईं बाबा जी का मंदिर और शिव भगवान जी का मंदिर भी देखने के लिए मिलेगा। यहां से आपको छतरपुर शहर का बहुत ही खूबसूरत नजारा देखने के लिए भी मिल जाता है। 


फूला देवी मंदिर छतरपुर - Phula Devi Temple Chhatarpur

फूला देवी मंदिर छतरपुर शहर का एक धार्मिक स्थल है। यहां पर नवरात्रि में बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। बहुत सारे लोग माता के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां पर खूबसूरत गार्डन है, जहां पर आप बैठ सकते हैं और शांति का अनुभव कर सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। मंदिर में आपको शेष नाग जी की और हनुमान जी की प्रतिमा भी देखने के लिए मिलती है। 


पितांबरा मंदिर छतरपुर - Pitambra Temple Chhatarpur

पितांबरा मंदिर छतरपुर शहर का एक धार्मिक स्थल है। यहां पर आकर आपको माता जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। कहा जाता है, कि इस मंदिर में आकर लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर नवरात्रि के समय लोग माता के दर्शन करने के लिए आते हैं। 


महाराजा छत्रसाल संग्रहालय  छतरपुर - Maharaja Chhatrasal Museum Chhatarpur

महाराजा छत्रसाल पुरातत्व संग्रहालय छतरपुर में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह संग्रहालय धुबेला झील के पास में स्थित है। यह संग्रहालय झांसी हाईवे रोड में स्थित है। आप यहां पर आकर पुरानी वस्तुओं का संग्रह देख सकते हैं। यहां पर 8 गैलरी है, जहां पर आपको अलग-अलग प्राचीन वस्तुएं देखने के लिए मिलती हैं। यहां पर आप राजा के वस्त्र देख सकते हैं। पुरानी नक्काशी दार मूर्तियां देख सकते हैं। शिव लिंग देख सकते हैं और पुराने हथियार भी देख सकते हैं। यहां पर मस्तानी महल भी बना हुआ है, वह भी आप देख सकते हैं। यहां का एंट्री टिकट 20 रू है और विदेशियों के लिए 200 रू हैं। यहां पर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी का अलग चार्ज लिया जाता है। इस संग्रहालय का उद्घाटन 1955 में पंडित जवाहरलाल नेहरू के द्वारा किया गया था। 


धुबेला झील छतरपुर - Dhubela Lake Chhatarpur

धुबेला झील छतरपुर में मऊ सहानिया के पास में स्थित एक खूबसूरत झील है। आप यहां घूमने के लिए आ सकते हैं। यह झील बहुत बड़ी है और बहुत सुंदर लगती है। 


हृदय शाह का महल छतरपुर - Hriday Shah's Palace Chhatarpur

हृदय शाह का महल छतरपुर में स्थित एक प्राचीन महल है। यह महल महाराजा छत्रसाल संग्रहालय के पास में स्थित है। यह महल बुंदेला वास्तुकला में बनाया गया है। यह महल बहुत खूबसूरत है। इस महल में आपको गुंबद और गेट देखने के लिए मिल जाएगा। यह महल दो मंजिला है। 

 

महाराजा छत्रसाल की समाधि छतरपुर -  Mahaaraaja chhatrasal ki samadhi chhatarpur

महाराजा छत्रसाल की समाधि छतरपुर में मऊ सानिया के पास में स्थित है। आपको यहां पर एक प्राचीन इमारत देखने के लिए मिलती है। इस इमारत में एक बहुत बड़ा गुंबद है और इमारत के चारों तरफ आपको छोटे-छोटे 10 गुंबद देखने के लिए मिलते हैं। यह इमारत बहुत खूबसूरत लगती है। 

 

शीतल गढ़ी छतरपुर -  Sheetal Garhi Chhatarpur

शीतल गढ़ी छतरपुर में स्थित एक प्राचीन इमारत है। यह एक ऊंचे पहाड़ी पर स्थित है।  प्राचीन समय में इस गढ़ी का निर्माण सुरक्षा की दृष्टि से ऊंचाई पर करवाया गया था। इस इमारत का निर्माण दीवान कीरत सिंह, जो महाराजा छत्रसाल के नाती एवं द्वितीय पुत्र जगत राज के पुत्र थे, उन्होंने करवाया था। यह 2 मंजिला इमारत है। अभी यह इमारत खंडहर अवस्था में है। आप यहां पर आकर इस इमारत की खूबसूरती को देख सकते हैं। 


श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर महेवा छतरपुर - Shri Krishna Pranami Temple Maheva Chhatarpur 

श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर छतरपुर में महेवा में स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह एक धार्मिक स्थल है और प्राचीन स्थल भी है। इस स्थान पर महाराज छत्रसाल के आध्यात्मिक गुरु स्वामी प्राणनाथ ने एक सभा ली थी। इस मंदिर का निर्माण सन 1729 में महाराजा छत्रसाल द्वारा किया गया था। 


भीमकुंड मंदिर समूह छतरपुर -  Bhimkund Temple Group Chhatarpur

भीमकुंड मंदिर समूह छतरपुर में स्थित प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर 13वीं 14वीं शताब्दी के हैं। आप यहां आते हैं, तो आपको पत्थर के बने हुए मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। इस मंदिर के सामने आपको बावड़ी भी देखने के लिए मिल जाएगी। 


शनि मंदिर छतरपुर - Shani Temple Chhatarpur

शनि मंदिर छतरपुर में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह एक प्राचीन स्थल है। यह मंदिर छतरपुर से नौगांव के बीच मऊ सानिया में जगतसागर तालाब के बीचो बीच में स्थित है। यह मंदिर अति प्राचीन है और यहां पर आपको शनि भगवान जी की नौ रूपों की प्रतिमाएं देखने के लिए मिलती है। यहां पर शनिचरी अमावस्या को बहुत सारे कार्यक्रम किए जाते हैं। यहां पर आपको आकर बहुत अच्छा लगेगा। शनिवार को यहां पर बहुत सारे लोग शनि भगवान जी के दर्शन करने के लिए आते हैं। बरसात के समय में जगतसागर तालाब में बहुत ज्यादा पानी भर जाता है, जिससे यह शनि मंदिर भी डूब जाता है। 


बिहारी जू मंदिर छतरपुर - Bihari joo Temple Chhatarpur

बिहारी जू मंदिर छतरपुर में जगत सागर तालाब के पास में स्थित है। इस मंदिर का निर्माण महाराजा छत्रसाल के द्वारा किया गया था। यह मंदिर श्री कृष्ण जी को समर्पित है। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं। यह एक प्राचीन मंदिर है। 


गौरैया माता का मंदिर छतरपुर - Gauraiya mata ka mandir chhatarpur

गौरैया माता का मंदिर छतरपुर में मऊ सहानिया में स्थित है। यह मंदिर ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यहां पर आकर आप माताजी के दर्शन कर सकते हैं। आपको यहां पर आकर मऊ सानिया का खूबसूरत नाजरा देखने के लिए मिल जाता है। यहां से सूर्योदय और सूर्यास्त का भी बहुत खूबसूरत नजारा देखने के लिए मिलता है। 


पहाड़ी बांध छतरपुर - Pahadi bandh chhatarpur

पहाड़ी बांध छतरपुर में घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। यह एक जलाशय है। यह एक बहुत बड़ा जलाशय है और बहुत सुंदर लगता है। आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। यह जलाशय धसन नदी पर बना हुआ है। 


चौधरी चरण सिंह लहचूरा बांध छतरपुर - Chaudhary Charan Singh Lahchura Dam Chhatarpur

चैधरी चरण सिंह लहचूरा बांध छतरपुर शहर के पास घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। यह एक खूबसूरत जलाशय है। यह जलाशय धसन नदी पर बना हुआ है। यह जलाशय बहुत सुंदर है। यहां पर बहुत सारे आपको सेल्फी प्वाइंट देखने के लिए मिलते हैं, जहां से आप सुंदर तस्वीरें क्लिक कर सकते हैं। आप यहां पर आकर पिकनिक मना सकते हैं। 


कमला पंत की समाधि मऊ सहानिया, छतरपुर (Kamala Pant's Samadhi Mau Sahania, Chhatarpur)

बादल महल मऊ सहानिया, छतरपुर (Badal Mahal Mau Sahania, Chhatarpur)

महेवा गेट मऊ सहानिया, छतरपुर (Maheva Gate Mau Sahania, Chhatarpur)

बेरछा रानी का मकबरा मऊ सहानिया, छतरपुर (Bercha Rani's Tomb Mau Sahania, Chhatarpur

सवाई सिंह का मकबरा मऊ सहानिया, छतरपुर (Sawai Singh's Tomb Mau Sahania, Chhatarpur)

चौसठ योगिनी मंदिर मऊ सहानिया, छतरपुर (Chausath Yogini Temple Mau Sahania, Chhatarpur)

गणेश मंदिर मऊ सहानिया, छतरपुर (Ganesh Temple Mau Sahania, Chhatarpur

नाग मंदिर मऊ सहानिया, छतरपुर (Nag Mandir Mau Sahania, Chhatarpur)

कबीर आश्रम मऊ सहानिया, छतरपुर (Kabir Ashram Mau Sahania, Chhatarpur)

सूर्य मंदिर मऊ सहानिया, छतरपुर (Sun Temple Mau Sahania, Chhatarpur)

मुखर्जी पार्क छतरपुर (Mukherjee Park Chhatarpur)

पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क छतरपुर (Pandit Deendayal Upadhyay Park Chhatarpur)

गुरूनानक पार्क छतरपुर (Gurunanak Park Chhatarpur)


मंडला जिले के पर्यटन स्थल

बालाघाट पर्यटन स्थल

बैतूल पर्यटन स्थल

दमोह जिले के पर्यटन स्थल


कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni

कटनी में घूमने वाली जगह | Katni paryatan sthal | Places to visit near Katni

कटनी जिले के बारे में जानकारी
Information about Katni district


कटनी मध्य प्रदेश का एक जिला है। कटनी जिलें को मुडवारा के नाम से भी जाना जाता है। कटनी का संभागीय मुख्यालय जबलपुर है। 28 मई 1998 को कटनी को जिलें के रूप में घोषित किया गया है। कटनी में कटनी नदी बहती है, जो पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत है। कटनी जिलें में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन है। कटनी रेल्वे जंक्शन में 6 प्लेटफार्म है। यहां पर हमेशा भीड रहती है। कटनी की 8 तहसील कटनी शहर, कटनी ग्रामीण, रीठी, बड़वारा, बहोरीबंद, विजयराघवगढ, ढीमरखेड़ा, बरही है। कटनी जिले की सीमाएं उमरिया, जबलपुर, दमोह, पन्ना, और सतना जिले की सीमाओं को छूती हैं। कटनी जिले में बहुत सारी ऐतिहासिक और प्राकृतिक जगह है, जहां पर आप जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं। 


कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni


Katni places to visitकटनी में घूमने की जगहें


जागृति पार्क - Jagriti Park Katni

जागृति पार्क कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है। जागृति पार्क कटनी में माधव नगर में स्थित है। जागृति पार्क में आप आकर बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। जागृति पार्क में आप सुबह 5 बजे से 8 बजे तक आ सकते हैं और दोपहर में 12 बजे से 4 बजे तक जा सकते हैं। जागृति पार्क बहुत सुंदर है। जागृति पार्क में प्रवेश का शुल्क लिया जाता है। इस पार्क में आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा।

विजयराघवगढ़ किला - Vijayaraghavgarh Fort Katni / Vijayaraghavgarh ka kila

विजयराघवगढ़ किला एक प्राचीन किला है। यह किला कटनी शहर की विजयराघवगढ़ तहसील में स्थित है। विजयराघवगढ़ किलें का आकार आयताकार है। विजयराघवगढ़ किला का निर्माण 1826 में राजा बिसन सिंह के द्वारा किया गया था। राजा बिसन सिंह मैहर के राजा प्रयाग दास पुत्र थे। यह महल बलुआ पत्थर से बना हुआ है। विजयराघवगढ़ किलें में घूमने के लिए आपको बहुत सारे दर्शनीय स्थल देखने मिलते है। यहां पर आप रंगमहल, ब्रम्हा चबूतरा, समाधि स्थल, देखने मिलता है। इस किलें का बहुत सारा हिस्सा अब क्षतिग्रस्त होकर धराशयी हो गया है। 

राधा कृष्ण मंदिर या कटाये घाट मंदिर - Radha Krishna Temple Katni or Katay Ghat Temple Katni 

राधा कृष्ण मंदिर कटनी शहर का प्रसिध्द पर्यटन स्थल है। राधा कृष्ण मंदिर कटनी शहर में कटाये घाट के पास स्थित है। कटाये घाट एक प्राकृतिक स्थल है। आपको यहां पर हनुमानजी, पंच मुखी हनुमानजी, दुर्गाजी, दत्तत्रेय जी, और राधा कृष्ण की मूर्ति देखने मिलती है। इस मंदिर का चारों तरफ का वातावरण बहुत ही मनोरम है। यहां पर सीता और राम जी मंदिर भी स्थित है। यह मंदिर बहुत पुराना है। त्यौहार के समय कटाये घाट पर बहुत भीड लगती है। मंदिर के बाजू से एक नदी बहती है, जिसे कटनी नदी कहते है। बरसात के समय यहां पर आपको बहुत अच्छा लगेगा।

रूपनाथ मंदिर - Roopnath Temple Katni / Rupnath mandir Katni/ Roopnath dham

रूपनाथ धाम एक धार्मिक स्थल है। रूपनाथ धाम कटनी शहर की एक दर्शनीय जगह है। रूपनाथ धाम बहोरीबंद तहसील से करीब 3 किलोमीटर दूर है। यहां पर आपको शिव भगवान जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर प्राचीन गुफा है, जिसमें चमगादड रहते है। गुफा पर शिवलिंग विराजमान है। यहां पर राम कुंड, सीता कुंड, और लक्ष्मण कुंड नाम के तीन तालाब है। रूपनाथ मंदिर के उपर एक तालाब भी मौजूद है। यहां पर पहाडियों का दृश्य मनोरम है। यहां पर बरसात पर आपको झरना भी देखने मिलता है। 

कामकंदला किला - Kamakandla Fort Katni / Kamakandla Kila bilhari Katni

कामकंदला किला कटनी शहर का एक प्राचीन किला है। कामकंदला किला कटनी शहर के बिलहरी में स्थित है। कामकंदला किला कटनी शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर है। यहां पर आपको एक बावली भी देखने के लिए मिलती है, जो प्राचीन है और इसमें पानी भी है। यहां पर आपको मछली भी देखने मिलती है। यहां पर आपको हनुमान जी की मूर्ति भी देखने मिलती है। कामकंदला किला पर एक शिव भगवान जी का मंदिर है और मंदिर के छत पर आपको पेंटिग देखने मिलती है। शिव मंदिर पर शिवलिंग मौजूद नहीं है। कामकंदला किलें के अंदर कुछ प्राचीन मूर्तियां भी आपको देखने मिलती है। बिलहरी के आसपास आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते है, जो प्राचीन है। 

श्री तारन तारन दिगंबर जैन मंदिर - Shri Taran Taran Digambar Jain Temple Katni

तारन तरन एक जैन मंदिर है, जो कटनी शहर के बिलहरी में स्थित है। यह मंदिर कटनी शहर में घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। 

सेंटर पॉइंट ऑफ़ इंडिया - Center point of india Katni

सेंटर पॉइंट ऑफ़ इंडिया भारत का भौगोलिक केंद्र बिंदु है। यह कटनी शहर के पास घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। सेंटर पॉइंट ऑफ़ इंडिया कटनी शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर है। यह जगह कटनी के पान उमरिया के करीब स्थित है। यहाँ पर प्रसिद्ध महर्षि विद्या पीठ संस्थान स्थापित हैं। आप यहां पर स्वयं के वाहन से आसानी से पहुँच सकते हैं।

घोघरा नर्सरी जलप्रपात - Ghoghara Nursery Falls Katni

घोघरा नर्सरी जलप्रपात एक खूबसूरत जलप्रपात है, जो कटनी शहर में स्थित है। यह छोटा जलप्रपात है, मगर खूबसूरत है। यह झरना कटनी नदी पर बना हुआ है। यहां पर आकर आप पिकनिक मना सकते हैं। यहां पर झरने के पास एक मंदिर भी है, जहां जाकर आप शिव भगवान के दर्शन कर सकते है। यह झरना बरसात के समय देखने के लिए मिलता है। यहां पर आसपास के गांव के बच्चे नहाते हुए आपको देखने के लिए मिल जाते हैं। यह जगह खूबसूरत है। 

वसुधा झरना - Vasudha Falls Katni

वसुधा झरना कटनी शहर का एक खूबसूरत दर्शनीय स्थल है। यह कटनी शहर में घूमने वाली एक प्राकृतिक जगह है। यहां पर आप आकर प्रकृति और झरने का मजा ले सकते हैं। इस झरने पर पहुंचने के लिए आपको थोड़ी सी ट्रेकिंग करनी पड़ती है। वसुधा झरना घने जंगलों के बीच में स्थित है। यहां पर आपको झरना और एक कुंड देखने के लिए मिलता है, जो बहुत खूबसूरत लगता है। वसुधा झरना वसुधा नाम के गांव में स्थित है।

हनुमान मंदिर मुहास - Hanuman Temple Muhas Katni

मुहास का हनुमान मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। मुहास हनुमान मंदिर कटनी शहर की रीठी तहसील में स्थित है। इस हनुमान मंदिर में हनुमान जी को डॉक्टर माना जाता है, जो लोगों की हड्डियों का इलाज करते हैं। यहां पर बहुत दूर-दूर से लोग आते हैं। यहां पर शनिवार को बहुत ज्यादा भीड़ रहती है।

लिपरी जलाशय - Lipri reservoir / Lipri Dam

लिपरी कटनी में स्थित एक जलाशय है। यह बरसात के समय में पानी से भर जाता है, तो बहुत खूबसूरत लगता है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। यह कटनी शहर के बहुत करीब है।

वैष्णव देवी मंदिर कटनी - Vaishnav Devi Temple Katni / Vaishnav Devi Mandir Katni

वैष्णव देवी मंदिर कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है। वैष्णव देवी धाम कटनी शहर की एक धार्मिक जगह है। यह मंदिर एक ऊंचे पहाड़ी पर स्थित है। वैष्णव देवी मंदिर करीब 15 किलोमीटर दूर सुंगरहा गाँव में स्थित है। आप यहां पर आकर हरे-भरे माहौल में माता के दर्शन कर सकते हैं। यह जगह खूबसूरत है। यह मंदिर जंगल के बीच में स्थित है। 

चतुर्युग धाम बडेरा - Chaturyug Dham Badera Katni

चतुर्युग धाम बडेरा कटनी शहर का एक धार्मिक स्थल है। यह कटनी शहर के बड़ेरा गांव में स्थित है। चतुर्युग धाम बडेरा कटनी से करीब 15 किलोमीटर दूर है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग से करीब 2 किलोमीटर दूर है। यहां पर आपको पांच मंजिलें देखने के लिए मिलती हैं, जो अलग-अलग युग को समर्पित है। यहां पर पहली मंजिल  सतयुग को समार्पित है। दूसरी मंजिल त्रेता युग को समर्पित है। तीसरी मंजिल द्वापर युग को समार्पित है। चैथी मंजिल पर कलयुग को समार्पित है और सबसे ऊपरी मंजिल मां दुर्गा मंदिर को समार्पित है।

सुरम्या पार्क कटाये घाट - Surmya Park Katay Ghat Katni

सुरम्या पार्क कटनी में स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यह पार्क कटायें घाट जाने वाले रास्ते पर स्थित है। आप इस पार्क में बोंटिग का मजा ले सकते है। यहां पर बच्चों के मनोरंजन के लिए बहुत सारे झूले है। इस पार्क का प्रबंधन सरकार के द्वारा किया जाता है। यहां पर एक टॉय ट्रेन भी है, जिसके आप मजे ले सकते हैं।

कैमोरी डैम - Kaimori dam Katni / Kaimori reservoir Katni

कैमोरी जलाशय कटनी जिले में घूमने वाली एक जगह है। यह एक छोटा सा मगर एक देखने लायक जगह है। यह जलाशय पहाडों से घिरी हुई है। बरसात के टाइम में यह जलाशय पानी से भर जाता है और पानी ओवरफलो होता है, जो बहुत मनोरम होता है। यहां पर एक हनुमान मंदिर भी है। यहां पर सूर्यास्त का नजारा बहुत ही अच्छा होता है। 

कंकाली देवी मंदिर या तिगवा - Kankali Devi Temple Katni or Tigwa Katni

तिगवा कटनी शहर की एक ऐतिहासिक जगह है। इस जगह पर आपको बहुत सारी  पत्थर की नक्काशी देखने के लिए मिलती है। यहां पर कंकाली देवी का मंदिर भी है। कंकाली देवी का मंदिर छोटा सा है। यह गुप्तकालीन मंदिर है और लगभग 5 वी शताब्दी में बना हुआ है। इसके सामने मंडप बना हुआ है और इसमें अलग-अलग कलाकृतियां देखने के लिए मिलती है। यहां पर विष्णु भगवान जी की प्रतिमाएं दीवार पर उकेरी गई है। तिगवा देखने लायक जगह है। आपको यहां पर बहुत सारी पत्थर पर उकेरी कलाकृतियां देखने मिलती है। तिगवा कंकाली देवी मंदिर कटनी के बहोरीबंद तहसील में स्थित है। यह बहोरीबंद तहसील से 5 किलोमीटर दूर है।

बहोरीबंद जलाशय - Bahoriband reservoir Katni / Bahoribund dam Katni

बहोरीबंद जलाशय कटनी शहर में स्थित है। यह कटनी जिलें की बहोरीबंद तहसील में स्थित है। यह खूबसूरत जलाशय है। खूबसूरत पहाड़ों से घिरा हुआ है। आप यहां पर आ कर अपना समय बिता सकते हैं। बहोरीबंद जलाशय घूमने के लिए अच्छी जगह है। मगर यहां पर किसी भी तरह की कोई सुविधा नहीं है। 

प्राचीन विष्णु वराह मंदिर - Ancient Vishnu Varaha Temple Katni

प्राचीन विष्णु मंदिर कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है। यह एक ऐतिहासिक जगह है। यहां पर आपको बहुत सारी पत्थर की प्रतिमाएं देखने के लिए मिलती है। यहां पर विष्णु भगवान के सुकर अवतार की प्रतिमा है, जो पत्थर की बनी है। 





Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Jabalpur to Jaipur Travel

जबलपुर से जयपुर यात्रा 

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Birla Temple Jaipur 

जबलपुर से जयपुर यात्रा का प्लान हमारा नया साल में बना था। हम लोगों ने ट्रेन से जयपुर जाने का प्लान बनाया था। हम लोगों ने दयोदय एक्सप्रेस ट्रेन में बुकिंग की थी। हम लोग फैमिली और फ्रेंड्स के साथ जा रहे थे। हम लोग जबलपुर रेलवे स्टेशन (Jabalpur Railway Stationसे दयोदया एक्सप्रेस ट्रेन (Dayodaya Express Train) से जयपुर जाने वाले थे। दयोदय एक्सप्रेस ट्रेन हम लोगों की शाम की ट्रेन थी। हम लोग अपने सही समय पर ट्रेन में पहुंच गए और ट्रेन में बैठ गए। उसके बाद ट्रेन भी अपने सही समय पर जबलपुर रेल्वे स्टेशन (Jabalpur Railway Station) से चली दी थी। दयोदया एक्सप्रेस ट्रेन (Dayodaya Express Train) का स्टार्टिंग पॉइंट जबलपुर ही है। यह ट्रेन जबलपुर से ही बनती है, और जबलपुर से यह आपको अजमेर तक लेकर जाती है। अगर आप अजमेर डायरेक्ट जाना चाहते हैं तो आप इस ट्रेन से जा सकते हैं। आप इस ट्रेन से 15 से 20 घंटे में जयपुर पहॅुच जाते है। 

दयोदय एक्सप्रेस ट्रेन आपको सिहोरा रोड रेलवे स्टेशन (Sihora Road Railway Station), कटनी रेलवे स्टेशन (Katni Railway Station), दमोह रेलवे स्टेशन (Damoh Railway Station), मुंगेली रेलवे स्टेशन (Mungeli Railway Station), अशोकनगर रेलवे स्टेशन (Ashoknagar Railway Station), और गुना रेलवे स्टेशन (Guna Railway Station) से डायरेक्ट आपको जयपुर और अजमेर पहॅुच सकती है। आप जयपुर और अजमेर डायरेक्ट ट्रेन से जा सकते हैं। 

जबलपुर से जयपुर के यात्रा (Travels from Jabalpur to Jaipur) हमारी शुरू हो गए थी। जबलपुर रेल्वे स्टेशन (Jabalpur Railway Station) से ट्रेन हमारी चलना स्टार्ट हो गई। शाम का समय था। हम लोग थोड़ी देर बातचीत की, उसके बाद हम लोगों ने खाना खाए। करीब 9 बजे हम लोग ने खाना खाया। उसके बाद हम लोग सो गए, क्योंकि रात हो गई थी। इसलिए हम लोग सो गए। हम लोग पर सुबह उठे। सुबह ट्रेन से हम लोग कोटा जंक्शन (Kota Junction) पहुंच गए थे।  कोटा जंक्शन (Kota Junction) में ट्रेन का डब्बा चेंज होता है। तो वहां पर डब्बा चेंज हुआ। इसके बाद हमारे आगे का सफर चालू हुआ। हम यहां पर राजस्थान की सीमा पर पहुॅच गए है। आपको इस जगह पर ट्रेन के आजू-बाजू बहुत सारे खेत देखने मिलते है। जब हम लोग गए थे तो हम लोगों को बीही की खेती बहुत ज्यादा देखने मिली थी। हम लोगों को और सरसों और चना भाजी भी देखने मिली थी। इस रूट में एक स्टेशन है। जिसका नाम याद नहीं आ रहा है। वह स्टेशन बहुत खूबसूरत था। बहुत साफ-सफाई थी उसमें और काफी अच्छा था। 

आपको कोटा स्टेशन से ही राजस्थानी लोगों का दिखने लगते हैं। उनका पहनावा और उनका जो कल्चरल सिंबल आपको नजर आने लगता है। यहां महिलाओं का जो पहनावे रहता है। वह स्कर्ट रहती है। लॉन्ग स्कर्ट और ब्लाउज रहता है, ऊपर चुन्नी रहती है। महिलाए काफी चूड़ियां पहनी रहती है। टैटू (The tattoo) भी उनके हाथ में आपको देखने मिल जाता है जिसे गोदना (Tattooना कहते हैं। टैटू (The tattoo) नहीं कहते हैं। आपको देखने मिल जाता है।

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Jaipur Railway Station


आप इन सभी नजारों को देखते हुए जयपुर पहुंच जाते हैं। जयपुर पहुंचकर आप स्टेशन से उतरकर बाहर आते हैं। जयपुर स्टेशन (Jaipur station) के बाहर ही आपको कैब और टैक्सी  मिल जाती है। आप टैक्सी बुक करके अपने होटल जा सकते हैं। हम लोगों ने भी कैब बुक किया और अपने होटल गए। हम लोग का होटल 3 से 4 किलोमीटर दूर होगा।  हम लोग ने होटल ओयों से बुक किया था। हम लोग का होटल उतना अच्छा नहीं था। आप ओयो में जो होटल की फोटो देखते है। वहां कभी कभी सही नही रहती है। ओयो एप में होटल की फोटो तो काफी अच्छी दिखा देते हैं। मगर होटल बहुत बेकार रहता है। हम लोगों की ओयो वालों ने किसी भी तरह की कोई भी मदद नहीं किया था। न ओयो वाले होटल आपका चेंज करता है और ना ही पैसे रिटर्न करते है। 

आप चाहे तो होटल बुक करने से पहले आप होटल पहुंच जाएयें। उसके बाद आप होटल देख लीजिए। उसके बाद आप उसे बुक कर लीजिए। आपके लिए यहां अच्छा रहेगा, क्योंकि उसमें आप रूम देख सकते हैं और बाकी सुविधाए भी चेक कर सकते है। हमारा होटल जो था वह तो बहुत बेकार था। मगर कुछ भी नहीं किया जा सकता था। आप ओयो से होटल बुक करें तो पैसे पहले पे नहीं करें। हम लोगों ने होटल में थोड़ी देर आराम किया। वैसे भी जिस दिन हम लोग पहुंचे थे। उस दिन तो कहीं जाना हमारा संभव नहीं था। तो हम लोगों ने थोड़ा आराम किया।

Birla temple of Jaipur city

जयपुर शहर का बिरला मंदिर


हम लोग शाम को जयपुर शहर के प्रसिद्ध मंदिर बिरला मंदिर (Birla Mandirगए। बिरला मंदिर जयपुर मेन सिटी में स्थित है। आप यहां मंदिर घूम सकते है। बिरला मंदिर (Birla Mandir) बहुत खूबसूरत मंदिर है। यह मंदिर बहुत बडे क्षेत्र में फैला हुआ है। आपको मंदिर में भगवान राम, सीता और लक्ष्मण जी की मूर्ति देखने मिल जाती है। मंदिर में आपको बहुत शांति मिलती है। हम लोग आटों से मंदिर पहुॅचे थे।

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Birla Temple Jaipur 


बिरला मंदिर (Birla Mandirमें बहुत बड़ा गार्डन है। मंदिर में गार्डन के बीच में बहुत ही खूबसूरत शिव भगवान की मूर्ति देखने मिलती है। जो बहुत प्यारी लगती है। आप मूर्ति के पास नहीं जा सकते हैं। सिर्फ बाहर से दर्शन कर सकते हैं। हम लोग मंदिर के गार्डन से होते हुए मुख्य मंदिर तक पहूॅच गए। आप जूते चप्पल बाहर ही उतरना पडता है।  मंदिर नंगे पैर जाना पड़ता है। मुख्य मंदिर सफेद मारबल से बना हुआ है। हम लोगों ने भगवान के दर्शन किए। उसके बाद हम लोग मंदिर से बाहर आए। मंदिर के बाहर भी आपको बहुत ही खूबसूरत कलात्मक मूर्तियां देखने मिलती हैं। आप यहां पर फोटोग्राफी कर सकते हैं। आपकी फोटो बहुत ही मस्त आती है। आपका यहां पर बहुत अच्छा लगता है। 

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Birla Temple Jaipur 


हम लोगों को बिरला मंदिर (Birla Mandir) जाकर बहुत मजा आया था। यह मंदिर बहुत अच्छा है।  मंदिर में आपको म्यूजियम (Museumभी देखने मिलता है। म्यूजियम मुख्य मंदिर के नीचे है। आप म्यूजियम देख सकते हैं। यह संग्रहालय की स्थापना बिरला मंदिर जिन्होंने स्थापित किया है, उनके बारे में बहुत सी जानकारी आपको मिल जाती है। मंदिर बहुत खूबसूरत है। बहुत बड़ा मंदिर है। सफेद मार्बल से बना हुआ है। यहां पर बहुत बड़ा गार्डन भी है। आप गार्डन में बैठ सकते हैं। कुछ टाइम अपना समय बिता सकते हैं। बिरला मंदिर (Birla Mandir) जयपुर में जवाहरलाल नेहरू मार्ग (Jawaharlal Nehru Margपर स्थित है। यहां पर आपको श्रीमती इंदिरा गांधी जी (Mrs. Indira Gandhiकी प्रतिमा भी देखने मिलती है। 

Moti Dungri Fort and Shiva Temple

मोती डूंगरी का किला और शिव मंदिर


आपको मंदिर के बाजू में पहाड़ी देखने मिलती है। पहाड़ी में मोती डूंगरी का किला (Moti Dungri Fort) है। जिसमें जाने की मनाही है। यहां पर शिव भगवान जी का प्राचीन मंदिर है। यहां पर जाना मना है। मोती डूंगरी किला (Moti Dungri Fort) एक प्राइवेट प्रॉपर्टी है। मोती डूंगरी किला जयपुर राज दरबार के शाही परिवार की निजी संपत्ति है। महारानी गायत्री देवी (Maharani Gayatri Devi) जब जीवित थीं, तब उन्होंने यहां निवास किया था। यहां पर राज परिवार के पूजा करने के लिए रॉयल फैमिली प्राइवेट शिव मंदिर बनाया हैं। शिवरात्रि के टाइम पर यह मंदिर खोला जाता है तो उस टाइम पर ही विजिट किया जा सकता है। इस शिव मंदिर एकलिंगेश्वर महादेव मंदिर (Ekalingeshwar Mahadev Temple) कहा जाता है।

Jaipur Trip :- जबलपुर से जयपुर तक का सफर

Moti Dungri Fort, Jaipur 


बिरला मंदिर के बाहर आपको बहुत सारी दुकानें मिलती हैं। जहां पर डोसा, चाट, फुलकी, और कोल्ड ड्रिंक का मजा ले सकते है। जहां पर आप यह सब आइटम खा सकते हैं। मंदिर परिसर में आपको वॉशरूम की सुविधा भी मिल जाती है। अगर आप यहां पर जाना चाहे तो जा सकते हैं। वाॅशरूम में कोई भी चार्ज नहीं लिया जाता है।   यह जो एरिया है वहां बहुत भीड़ वाला एरिया है। 

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आपने अपना अमूल्य समय दिया हमें उसके लिए धन्यवाद