सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

पोस्ट

Dam की खोज से मिलान करने वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

नीमच पर्यटन स्थल - Neemuch tourist place | Places to visit in Neemuch

नीमच  के दर्शनीय स्थल - Tourist places in Neemuch| Places to visit near Neemuch | Neemuch Tourism
नीमच में घूमने की जगहें
गांधी सागर बांध नीमच - Gandhi sagar dam Neemuchगांधी सागर बांध नीमच जिले के पास स्थित एक महत्वपूर्ण आकर्षण स्थल है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। गांधी सागर बांध चंबल नदी पर बना हुआ सबसे बड़ा बांध है और चंबल नदी मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण नदी है। यह बाँध बहुत सुंदर है और विशाल है। गांधी सागर बांध चंबल घाटी परियोजना के अंतर्गत आता है। गांधी सागर बांध मध्यप्रदेश और राजस्थान की सीमा पर बनाया गया है। इस बांध के पानी का और बिजली का बंटवारा आधा-आधा दोनों राज्यों में होता है। यहां पर हाइड्रो पावर प्लांट भी बनाया गया है, जिससे 115 मेगावाट बिजली बनाई जाती है। इस पावर प्लांट में 5 छोटी छोटी इकाइयां स्थापित की गई है। इस बांध का निर्माण 1953  में बनना शुरू हुआ था और 1960 में बनकर तैयार हो गया। बरसात के समय अगर आप यहां पर आते हैं, तो गांधी सागर बांध पानी से पूरी तरह भरा होता है और इसके गेट खोले जाते हैं। इस बांध में 19 गेट है। यह गेट बरसात के समय खोले जाते हैं, जिससे अपार जल राशि नि…

रतलाम पर्यटन स्थल - Ratlam tourist place | Tourist places near Ratlam

रतलाम दर्शनीय स्थल - Places to visit in Ratlam | Ratlam famous places | Ratlam picnic spot | Ratlam sightseeing
रतलाम में घूमने की जगहें
धोलावाड़ बांध रतलाम - Dholawad dam Ratlamधोलावाड़ बांध रतलाम के पास स्थित एक मुख्य आकर्षण स्थल है। धोलावाड़ रतलाम शहर में स्थित एक जलाशय है और रतलाम शहर में पीने के पानी के लिए धोलावाड़ जलाशय से पानी का उपयोग किया जाता है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां का नजारा बहुत खूबसूरत रहता है। चारों तरफ हरियाली रहती है। अगर आप बरसात के समय आते हैं, तो आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। बरसात के समय धोलावाड़ बांध में पानी बढ़ जाता है, जिससे पानी ओवरफ्लो होता है, जो बहुत ही खूबसूरत दिखता है। आप यहां पर बरसात के समय घूमने के लिए आ सकते हैं और आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। 
धोलावाड़ इको टूरिज्म पार्क रतलाम - Dholawad eco tourism park Ratlamधोलावाड़ इको टूरिज्म पार्क में आप बहुत सारी पानी में होने वाली गतिविधियों का मजा ले सकते हैं। धोलावाड़ बांध बहुत खूबसूरत है और आप यहां घूमने के लिए आ सकते हैं। घूमने के साथ-साथ आप इस बांध में होने वाली विभिन्न प्रकार की गतिवि…

सिवनी जिले के पर्यटन स्थल - Seoni tourist place | Places to visit in seoni

सिवनी जिले के दर्शनीय स्थल - Places to visit near Seoni | Seoni Tourism
सिवनी में घूमने की जगहें
दलसागर झील सिवनी - Dalsagar Lake Seoniदलसागर झील सिवनी शहर का एक मुख्य पर्यटन आकर्षण है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आप बोटिंग का मजा भी ले सकते हैं। झील के मध्य में एक द्वीप बना हुआ है, जो बहुत ही आकर्षक लगता है। दलसागर झील सिवनी शहर के बीचोंबीच स्थित है। आप यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। आप यहां अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं। झील से सूर्यास्त का नजारा बहुत ही मनोरम होता है। 
अंबा माई सिवनी - Amba mai Seoniअंबा माई एक धार्मिक स्थल होने के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। यह सिवनी जिले का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह घने जंगलों के बीच में पहाड़ों पर स्थित है। यह सिवनी जिले के बरहट तहसील के अम्मा माई गांव में स्थित है। आपको यहां पर एक नदी देखने के लिए मिलती है। इसके अलावा यहां पर एक कुंड है। यहां पर शंकर भगवान जी की बहुत ही भव्य प्रतिमा भी आपको देखने के लिए मिलती है और यहां अंबा मां की मूर्ति भी विराजमान है। यहां पर खूबसूरत मंदिर बना हुआ है। यहां पर आपको…

विदिशा पर्यटन स्थल - Vidisha tourist places | Tourist places in Vidisha

विदिशा के दर्शनीय स्थल - Places to visit in Vidisha | Tourist places near Vidisha | Vidisha historical placeविदिशा में घूमने की जगहें
सांची स्तूप - Sanchi  ka stupa सांची एक विश्व धरोहर स्थल है। सांची एक प्रसिद्ध बौद्ध स्मारक है। सांची मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में स्थित है। यह भारत की सबसे पुरानी पत्थर की संरचना में से एक है। यहां पर आपको बौद्ध स्मारक देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर पूरी दुनिया से लोग सांची के स्तूप को देखने के लिए आते हैं। सांची के स्तूप भोपाल से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप भोपाल से यहां पर ट्रेन के माध्यम से और रोड के माध्यम से आ सकते हैं। सांची के स्तूप एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। यहां पर आपको बहुत सारे बौद्ध स्मारक देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको मंदिर, महल, खंडित स्तंभ, और मठ देखने के लिए मिल जाते हैं। सांची के बौद्ध स्तूप को पहली और दूसरी शताब्दी के मध्य बनाया गया था। यह स्तूप सम्राट अशोक के द्वारा बनाए गए थे। यहां पर सम्राट अशोक का शिलालेख भी पाया जाता है। यहां पर आपको तीन स्तूप देखने के लिए मिलते हैं, जिसमें से एक स्तूप सबसे बड़ा है और इस स्तूप…

सागर पर्यटन स्थल - Sagar tourist place | Places to visit in sagar

सागर दर्शनीय स्थल -  Sagar madhya pradesh tourism |  Sagar famous place | Sagar visiting places | Sagar sightseeing | सागर के प्रसिद्ध स्थान
सागर में घूमने की जगहें
लाखा बंजारा झील सागर - Lakha banjara lake sagar लाखा बंजारा झील सागर शहर में एक प्रसिद्ध जगह है। यह झील सागर शहर के मध्य में स्थित है और सागर शहर इस झील के चारों तरफ बसा हुआ है। यह झील बहुत बड़े क्षेत्रफल में फैली हुई है। इस झील को लेकर बहुत सी मान्यताएं हैं। झील के आसपास बहुत सारी जगह है, जहां पर आप घूम सकते हैं। यह झील सागर जिले का एक मुख्य आकर्षण है और यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। लाखा बंजारा नाम के एक व्यापारी थे। उन्होंने पानी के लिए यहां पर खुदाई की थी। मगर यहां पर पानी नहीं निकला। तब उनके करीबी ने सलाह दी, कि वहां यहां पर उन्हें किसी खास का कुर्बानी देनी पड़ेगी। झील के बीच में उनको बैठाकर झूला झूल ना पड़ेगा। तभी झील में पानी आएगा। राजा में अपने नवविवाहित बेटे और बहू को इस झील के बीच में बैठाकर झूला झुलाया और झील पानी से भर गई और उस पानी में डूबकर उनके बेटे और बहू की मृत्यु हो गई। इस प्रकार इस झील को लाखा बंजारा झील के…

छिंदवाड़ा पर्यटन स्थल - Chhindwara tourist place | Chhindwara picnic spot

छिंदवाड़ा दर्शनीय स्थल - Places to visit in Chhindwara | Chhindwara places to visit | Chhindwara Cityछिंदवाड़ा मे घुमने की जगहें बादल भोई जनजातीय संग्रहालय - Badal bhoi tribal museum श्री बादल भोई राज्य आदिवासी संग्रहालय छिंदवाड़ा का एक दर्शनीय स्थल है। यह संग्रहालय 10 एकड़ की भूमि पर फैला हुआ है। यह भवन 1923 में बना था। सन 1954 के पहले यह संग्रहालय में रिसर्च अधिकारियों का प्रशिक्षण केंद्र था। इसके बाद 26 अप्रैल 1954 को इस भवन को जनजातीय संग्रहालय में बदल दिया गया। इस संग्रहालय का संचालन आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्थान मध्यप्रदेश के द्वारा किया जाता है। 8 सितंबर 1997 को इस संग्रहालय का नाम परिवर्तित कर श्री बादल भोई राज्य आदिवासी संग्रहालय कर दिया गया। यहां पर आप को  मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ राज्य में निवासरत विभिन्न जनजातियों की जीवन शैली और सांस्कृतिक धरोहर, प्रतीक, चिन्ह को दिखाया गया है। संग्रहालय में 17 कक्ष एवं 6 गैलरी है। संग्रहालय में प्रवेश शुल्क 10 रू प्रति व्यक्ति लिया जाता है। यह संग्रहालय सोमवार को बंद रहता है। 
माचागोरा बांध छिंदवाड़ा - Machagora dam chhindwara माचागोरा बा…