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Bargi Dam Jabalpur -- बरगी बांध एक खूबसूरत जगह

Bargi Dam - Famous tourist place of Jabalpur City

बरगी बांध- जबलपुर शहर का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल

बरगी बांध नर्मदा नदी पर बना हुआ पहला बांध है। बरगी बांध जबलपुर जिले में बना हुआ है। मगर बरगी बांध का भराव क्षेत्र मंडला जिले तक है। बरगी बांध एक बहुत ही खूबसूरत बांध है। बरगी बांध जबलपुर का एक खूबसूरत दर्शनीय स्थल है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। आप इस जगह पर अपना पूरा दिन बिता सकते हैं। यहां पर आपको बहुत ही खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। बरगी बांध में चारों तरफ आपको पानी पानी देखने मिलता है।

Bargi Dam Jabalpur -- बरगी बांध एक खूबसूरत जगह

Bargi Dam Gate 


बरगी बांध जबलपुर में कहां स्थित है और आप कैसे जा सकते हैं

बरगी बांध जबलपुर में स्थित है। बरगी बांध जबलपुर से करीब 38 किलोमीटर की दूरी पर है। जबलपुर मध्यप्रदेश का एक जिला है। बरगी बांध में आपको पहुंचने के लिए किसी भी तरह की बस या ऑटो की सर्विस नहीं रहती है। बरगी बांध आप अपने वाहन से आ सकते हैं या आप  गाड़ी या आटो वगैरह बुक करके बरगी बांध तक पहुंच सकते हैं। आपके बरगी बांध जाने के लिए एक साधन और है। यहां पर आपका घंसौर और सिवनी के आसपास के गांव जाने के लिए बस भी चलती हैं। ये बसें बरगी बांध रूट से होते हुए जाते है, तो आप इन बस से भी बरगी बांध जा सकते है। आप जबलपुर से इन बसों में बैठ कर बरगी बांध में उतर सकते हैं। बाकी बरगी बांध तक जाने के लिए और कोई साधन नहीं है। 

बरगी बांध में आप नेशनल हाईवे 7 के द्वारा भी आसानी से पहुंच सकते हैं।  आप जबलपुर किसी अन्य शहर से आते है, तो आप बरगी बांध असानी से आ सकते है। नेशनल हाईवे 7 से बरगी बांध 5 से 6 किलोमीटर की दूरी पर होगा। नेशनल हाईवे 7 जबलपुर को नागपुर शहर को जोडता है।

अगर आप अपने वाहन से बरगी बांध आते है, तो आपको पहले से जबलपुर मंडला वाला रोड से आना होगा और गौर चौराहा से आपको आगे बढना होगा गौर चौराहा से बरगी बांध 25 किमी है। 

Bargi Dam Jabalpur -- बरगी बांध एक खूबसूरत जगह

Bargi Dam Gate 

Bargi Dam Jabalpur -- बरगी बांध एक खूबसूरत जगह

Bargi Dam view 

बरगी बांध की खूबसूरती
The beauty of Bargi Dam


बरगी बांध एक खूबसूरत बांध है। अर्थात बरगी बांध का एक बहुत बडा जलाशय है। आप जब बरगी बांध जाते हैं, तो आपको यहां पर दूर-दूर तक पानी ही पानी नजर आता है। यहां पर आपको चारों तरफ पानी ही पानी देखने मिलता है। आप यहां पर पानी से सम्बान्धित गतिविधि भी कर सकते है। आप बरगी बांध में अपना पूरा दिन बिता सकते है। 

बरगी बांध जाने वाला रास्ता भी बहुत खूबसूरत है। आपको इस रास्ते में पेड़ पौधे देखने मिलते हैं। गर्मी के टाइम में पेड़ पौधों में लाल वाले फूल खिलते हैं, जिससे पूरे रास्ते में फुल फूल बिछ जाते है। ऐसा लगता है कि बरगी बांध आपका स्वागत कर रहा हो। 

आप बरगी बांध के गेट पर पहुंचते हैं, तो आपको यहां पर रेस्टोरेंट दिखाई देता है। जहां पर आप स्नेक वगैरह ले सकते हैं। चाय कॉफी पी सकते हैं। आप बरगी बांध के गेट से प्रवेश करते हैं, तो आपको बरगी बांध का खूबसूरत व्यू देखने स्टार्ट हो जाता है। आपको यहां पर नहर भी देखने मिलती है। यहां पर फोटो बहुत बढ़िया आती है। गर्मी के टाइम में बरगी बांध का पानी नीचे खिसक जाता है। बरगी बांध पर गर्मी के टाइम में आप शाम को आते हैं, तो आपको शाम को बहुत ही सुंदर दृश्य देखने मिलता है। आप पैदल ही बरगी बांध के गेट तक जा सकते हैं। इसकी दूरी काफी है, करीब 2 से 3 किमी होगा। बरगी बांध के प्रवेश गेट से बरगी बांध के गेट जहां से पानी निकलता है तक की दूरी बहुत ज्यादा है। यहां पर आप गाड़ी नहीं ले जा सकते हैं। पैदल ही जाना रहता है। बरगी बाध का प्रवेश द्वार कभी कबार का खुला रहता है, तो आप गाड़ी ले जा सकते हैं। बरगी बांध का गेट हमेशा ही बंद रहता है।

बरगी बांध के गेट जहां से पानी निकलता है के पास जाते हैं, तो गेट के अंदर जाने की मनाही है। ये गेट आपको बरसात के सीजन या फिर सण्डे के दिन आप जाते है, तो यह गेट खुले रहते है। तो आप लोग जा सकते है या फिर आपको गेट के पास बैठे चैकीदार को 10 या 20 रू देकर बरगी बांध घूम सकते है। 

वैसे मुझे तो बरगी बांध के इन गेटों पर बहुत ही डर लगता है। मगर आपको गेट के बाहर से बरगी बांध का बहुत ही प्यारा व्यू देखने मिलता है। बरगी बांध में वैसे बरसात एवं ठंडा के मौसम में ज्यादा भीड रहती है। गर्मी के मौसम में यहां पर कम भीड रहती है। बरगी बांध के गेट के पास ही मैं आपको उबली बैर और मक्के बेचते हुए लोग मिल जाएंगे। यह गांव वाले ही लोग रहते हैं जो ये सामान बेचते हैं, तो आप इनका आनंद भी उठा सकते हैं। 
आप बरगी बांध घूम के बरगी बांध के सामने का एरिया भी देख सकते हैं। आप बरगी बांध के गेट बरगी बांध के समाने से भी देख सकते है। बरगी बांध के सामने से घंसौर जाने के लिए रास्ता निकलता है। यह पर एक पुल बना है। आप इस पुल पर खंडे होकर बरगी बांध के पूरे गेट देख सकते है। बरगी बांध में 21 गेट है। 

आपको बरगी बांध में एक रेस्टोरेंट मिलता है। जहां पर आप कुछ स्नैक वगैरह खा सकते है। आप यहां पर चाय काफी भी ले सकते है। बरगी बांध में आपको वाटर स्र्पोटश का आंनद ले सकते है। यहां पर आपको बहुत सारे एडवेंचरस गेम भी देखने के लिए मिल जाते हैं जिसमें बोट राइड, फिशिंग वाटर, स्कूटर आदि सुविधाएं हैं। जिससे बरगी डैम की आपकी यात्रा और भी मनोरंजक बन जाएगी। 

बरगी बांध का नजारा बहुत ही खूबसूरत होता है। बरसात में बरगी बांध के  गेट खोल दिए जाते हैं। जो देखने में बहुत ही आकर्षक लगते हैं। पानी बहुत ज्यादा रहता है बरसात के टाइम में। जो बरगी बांध के गेट है उनके उपर से पानी छलकता है। बरगी बांध गर्मी के टाइम में भी बहुत प्यारा लगता है। 

Bargi Dam Jabalpur -- बरगी बांध एक खूबसूरत जगह

Bargi Dam Canal 

बरगी बांध के आसपास में घूमने वाली जगह
Places to visit in the vicinity of Bargi Dam.


बरगी बांध के आस-पास भी बहुत सारे दर्शनीय स्थल है। जहां पर आप घूम सकते हैं। यहां पर आपको घूमने के लिए एक शिव भगवान जी का मंदिर है। जो ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। जहां पर जाकर आपको बरगी बांध का बहुत ही खूबसूरत व्यू दिखाई देता है। यह शिव मंदिर है। यह पूरी तरह सफेद मार्बल से बना हुआ है और बहुत खूबसूरत मंदिर है। इस मंदिर में अच्छे से साफ सफाई की गई है। इस मंदिर तक आप अपनी गाड़ी लेकर जा सकते हैं। यह बरगी बांध का व्यूप्वाइंट है जो बहुत अच्छा है। आप यहां पर   घूम सकते हैं। इसके अलावा बरगी बांध में आपको काली जी प्रतिमा भी देखने मिलती है। यहां जबलपुर की सबसे ऊंची प्रतिमा देखने मिल जाएगी। यह प्रतिमा काली जी की है और यह करीब 106 फीट ऊंची है। इस प्रतिमा के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। नवरात्रि में यहां पर बहुत भीड़ रहती है। यह प्रतिमा लोगों को दूर से दिखाई दी जाती है। इस मंदिर को काली गढ़ स्टेट के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर फेमस है।

आपको अगर यह जानकारी अच्छी लगी हो या फिर आप बरगी बांध घूमा हो तो अपने अनुभव हमसे जरूर साझा करें और इस लेख को जरूर शेयर करें।

Khandari Lake jabalpur | खंदारी झील जबलपुर | khandari waterfall

खंदारी झील जबलपुर - खंदारी जलप्रपात

Khandari Jheel Jabalpur / Khandari waterfall

 

Khandari Lake jabalpur | खंदारी झील जबलपुर | khandari waterfall
खंदारी बांध
खंदारी झील जबलपुर (Khandari Lake jabalpur) शहर का एक खूबसूरत जलाशय है। खंदारी झील जबलपुर (Khandari Lake jabalpur) शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। खंदारी जलाशय (Khandari Lake) डुमना नेचर पार्क (Dumna Nature Park) के अंदर में स्थित है। खंदारी झील (Khandari Jheel) चारों तरफ से जंगल से घिरी हुई है। खंदारी झील (Khandari Jheel) में बहुत सारे मगरमच्छ है और झील में उतरना मना है। झील में आपको मगरमच्छ भी देखने मिल सकता है। खंदारी झील (Khandari Jheel) में नहाने की मनाही है। खंदारी जलाशय (Khandari lake) अंग्रेजों के समय बनाई गई थी और यह झील 19 वीं शदीं पर बनी थी। खंदारी जलाशय (Khandari lake) लोगों के पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत थी। जलाशय में जहां पर पानी ओवरफ्लो होता है, वहां पर अग्रेजों की समय की एक बिल्डिंग देखने के लिए मिल जाएगी और यहां पर लोगों को जाने की मनाही है। यहां पर तार लगे हुए हैं। ताकि कोई भी डैम पर न जायें। यहां पर लोगों की जान की भी हानि हो सकती है। खंदारी डैम (Khandari dam) में घूमने का सबसे अच्छा समय बरसात का होता है, क्योंकि बरसात के समय खंदारी डैम (Khandari dam) पूरी तरह पानी से भर जाता है। खंदारी डैम (Khandari dam) का दृश्य बहुत ही मनोरम होता है। 

खंदारी झील
(Khandari dam) डुमना पार्क (dumna park) के बीचोंबीच स्थित है। डुमना नेचर पार्क जबलपुर (Dumna Nature Park Jabalpur) का दर्शनीय स्थल (darshaniy sthal) है। डुमना नेचर पार्क (Dumna Nature Park) पर आपको तरह तरह के जंगली जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। आप डुमना नेचर पार्क (Dumna Nature Park) पर साइकिल की सवारी भी कर सकते हैं। साइकिल की सवारी का आपको चार्ज लगता है। आप यहां पर अलग अलग दूरी पर साइकिल की सवारी कर सकते है। आपको साइकिल की सवारी के लिए गाइड की जरूरत होती है। साइकिल की सवारी करके आप जंगली जानवरों को देख सकते हैं।

डुमना नेचर पार्क (
Dumna Nature Park) में एक व्यूप्वाइंट बनाया गया है, जहां से आप पूरे डैम का दृश्य देख सकते है। डैम के पास बैठने के लिए चेयर बनाये गए है। डैम का नजारा बहुत प्यारा रहता है। खंदारी झील (Khandari Jheel) के पास बहुत सारे विभिन्न तरह की पेड पौधों लगे है। जब खंदारी बांध (Khandari dam) पानी से पूरी तरह भर जाता है, तो बांध का पानी ओवरफलो होता है, जिससे यहां पर जलप्रपात बनता है, जिसे खंदारी वॉटरफॉल (Khandari waterfall) कहा जाता है। खंदारी जलप्रपात (Khandari jalprapat) से पानी थोडी दूर पर जाकर एक छोटा सा झरना बनता है। यहां झरने की उचाई कम है, मगर यहां झरना बहुत अच्छा लगता है। यहां पर बहुत सारे लोग पिकनिक मनाने के लिए आते हैं। 

खंदारी झील
(Khandari Jheel) पर आकर आप अपना समय बिता सकते हैं। खंदारी झील (Khandari Jheel) के पास आकर आप बैठ सकते है। झील के पास बहुत सारे पेड पौधे लगे है। खंदारी झील (Khandari Jheel) पर आपको पशु पक्षी देखने मिल जाते हैं। खंदारी झील (Khandari Jheel) के पास आपको बंदर और आपकी किस्मत हुई तो आपको हिरन देखने मिल जाएगी। यहां पर बैठकर आप पक्षियों की चहचहाहट सुन सकते है। खंदारी जलाशय बहुत खूबसूरत है। यहां पर आकर आप अपना समय गुजार सकते हैं।  यहां पर आप अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ आ सकते हैं। 

आपने अपना समय दिया उसके लिए धन्यवाद


Dumna Nature Reserve Park Jabalpur - डुमना नेचर पार्क

Dumna Nature Park Jabalpur
डुमना नेचर पार्क


आज के लेख में हम लोग सैर करने जा रहे हैं डुमना नेचर रिजर्व पार्क (Dumna Nature Reserve Park) की 

Dumna Nature Reserve Park Jabalpur - डुमना नेचर पार्क

 खंदारी डैम का दृश्य

डुमना नेचर रिजर्व पार्क (Dumna Nature Reserve Parkजबलपुर शहर की एक इकोटूरिज्म साइट है। डुमना नेचर रिजर्व पार्क (Dumna Nature Reserve Parkको डुमना नेचर पार्क (Dumna Nature Park) के नाम से भी जाना जाता है और बहुत से लोग इसी नाम से इस पार्क को जानते हैं। यह पार्क बहुत खूबसूरत है और यहां पर चारों तरफ आपको प्रकृति का अद्भुत नजारा देखने मिलेगा और यहां पर बहुत सारे जंगली जानवर भी है। जिनको आप देख सकते हैं। यहां पर आपको हिरण देखने मिल सकता है और जंगली सूअर भी देखने मिल सकते हैं। यहां पर बहुत सारे मोर भी है, जिन्हें आप देख सकते है। 

डुमना नेचर पार्क (Dumna Nature Park) में बहुत सारे जंगली जानवर हैं। मगर इन जंगली जानवरों को आसानी से नहीं देख सकते हैं। इनको देखने के लिए आपको बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और बहुत ज्यादा आपको धैर्य रखना पड़ता है। यहां आपकी किस्मत पर भी डिपेंड करता है। यह जानवर आपको दिन में, तो नहीं मगर आपको सुबह जरूर दिख जायेगें। इस जगह पर आपको बहुत अच्छा लगेगा। 

Dumna Nature Reserve Park Jabalpur - डुमना नेचर पार्क

डुमना नेचर पार्क का खूबसूरत दृश्य 

डुमना नेचर पार्क (Dumna Nature Parkमें आपको बहुत अच्छा वातावरण रहता है। बरसात के समय यहां पर चारों तरफ हरियाली होती है। डुमना नेचर पार्क में आना भी आसान है। यहां तक आने के लिए पक्की रोड है। आप अपनी गाड़ी से डुमना नेचर पार्क (Dumna Nature Park) आ सकते हैं। यहां पर आपको अपनी गाड़ी से ही आना पड़ेगा, क्योंकि यहां पर किसी भी तरह की बस या टैक्सी वगैरह नहीं चलती है। तो आप अपनी गाड़ी से आइए यहां पर। 

डुमना नेचर पार्क (Dumna Nature Park) में आप अपना बहुत अच्छा टाइम बिता सकते है। डुमना नेचर पार्क (Dumna Nature Park) में पहुॅचने का रास्ता बहुत ही बढिया है। जबलपुर से करीब डुमना नेचर पार्क 15 किलोमीटर दूर होगा। यहां पार्क डुमना एयरपोर्ट रोड (Dumna Airport Road) पर स्थित है। आप अगर चाहे तो इस रोड पर लॉन्ग ड्राइव का प्लान बना सकते है। 

डुमना एयरपोर्ट रोड 

Dumna Airport Road


डुमना एयरपोर्ट रोड (Dumna Airport Road) बहुत खूबसूरत सडक है। डुमना एयरपोर्ट रोड (Dumna Airport Road) में लॉन्ग ड्राइव का बहुत मजा आता है। यह रोड पूरी सुनसान रहती है, मतलब गाड़ियां बहुत कम मात्रा में इस रोड पर चलती है। आपको इस रोड से काफी अच्छा खूबसूरत दृश्य देखने मिलता है। इस रोड में बहुत से मैगी प्वाइंट है, जहां पर आप मेगी का मजा ले सकते हैं।  वैसे यह रोड बहुत फेमस है, मैंगी के लिए। यहां पर आप लॉन्ग ड्राइव करते है, तो आपको यहां पर बहुत सारी शराब की बोतल देखने मिलेगी। कुछ लोग आते हैं, और यहां पर शराब पीकर बोतल को यही पर छोड जाते है। जो रोड पर बिखरी हुई देख जाती है। आपको यहां पर  बहुत खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। अगर आप चाहे तो डुमना एयरपोर्ट (Dumna Airportमें भी जाकर हवाई जहाज देख सकते हैं। यहां पर जाने पर मनाही है, मगर आप अगर वहां के चैकीदार को कहोगे तो वह आपको जाने देगा। बाकी इस रोड में आकर बहुत अच्छा लगता है। हम लोग भी इस रास्ते में गए थे। यहां पर हम बहुत अच्छा लगा था। यह पर हम लोगों ने एक जगह चाय भी पिया था। यह पर आपको चारों तरफ हरियाली भर माहौल देखने मिलता है। 

हम लोग डूमना नेचर पार्क (Dumna Nature Park) अपनी स्कूटी से गए थे। डूमना नेचर पार्क (Dumna Nature Park) के रास्तें में हम लोग को रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी (Rani Durgavati University) भी देखने मिलती है। यहां पर आपको पक्की सड़क मिलती है। 

Dumna Nature Reserve Park Jabalpur - डुमना नेचर पार्क

रास्ते के दोनों तरफ हरे भरे वृक्ष

डूमना नेचर पार्क (Dumna Nature Park) पर आपको पार्किंग स्पेस मिलता है, जो काफी बडा है। यहां पर आप अपनी गाड़ी खड़ी कर सकते हैं। उसके बाद हम लोगों ने यहां पर टिकट लिया। टिकट यहां पर 10 रू एक पर्सन का लगता है और गाड़ी का  पार्किंग चार्ज अलग लगता है। जो 10 रू पार्किंग चार्ज था। उसके बाद हम लोग पार्क के अंदर गए। यहां पर आप अंदर जाते हैं, तो आपको काफी लंबा रास्ता मिलता है, जो दोनों तरफ हरे भरे पेड़ों से घिरा रहता है। इस लंबे रास्ते से आप चलते हैं, तो आपको आगे चलकर एक कॉफी शॉप देखने मिलता है। जहां पर आप खाने पीने का सामान ले सकते हैं और चाय या कॉफी का आनंद भी उठा सकते हैं। इस कॉफी शॉप के बाहर बैठने के लिए अच्छी जगह है और यहां पर वॉशरूम भी है। इसके अलावा आप यहां पर बैठकर अपना कुछ टाइम बता सकते हैं। आप काफी शाॅप से बाहर आते हैं, और थोडा दूर चलते है। तो आपको खंदारी डैम (Khandari Dam) देखने मिलता है। खंदारी डैम (Khandari Damबहुत बड़ा डैम है। और यह काफी बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। खंदारी डैम (Khandari Dam) के उपर एक व्यू प्वांइट बना है, जिससे आपको खंदारी डैम (Khandari Dam) का खूबसूरत नजारा देखने मिलता है। यहां पर आपको एक बोर्ड भी देखने मिलता है जिसमें लिखा है कि डैम में जाना मना है क्योंकि डैम में मगरमच्छ है। 

Dumna Nature Reserve Park Jabalpur - डुमना नेचर पार्क

खंदारी डैम का दृश्य 

खंदारी डैम (Khandari Dam) में मगरमच्छ नहीं देखते हैं और आप इस डैम में नहीं उतरें। नेचर पार्क जो है वह अच्छी जगह है आप यहां पर अपना टाइम बिता सकते हैं। यहां पर आप घूम सकते हैं और चारों तरफ पेड़ पौधे ही हैं। यहां पर कुछ औषधीय पौधे भी हैं, जिनके बारे में आपको पूरी जानकारी मिल जाती है। उनका नाम उनकी विशेषता क्या है। वह सभी जानकारी पेड़ों पर ही एक बोर्ड पर लिखी रहती है, जिससे आप उनके बारे में पढ सकते हैं। पार्क में काफी लंबा रास्ता है, जो पेड़ों से घिरा हुआ है। 

डुमना नेचर पार्क (Dumna Nature Park) में, आप साइकिल के द्वारा भी डुमना नेचर पार्क (Dumna Nature Park) की खूबसूरती का आनंद ले सकते हैं। यहां पर आपको साइकिल भी उपलब्ध की जाती है,ताकि आप साइकिल में सवार होकर पूरा डुमना नेचर पार्क (Dumna Nature Park) घूम सके। उसका चार्ज अलग रहता है। उसका चार्ज 100 रू रहता है। तो आप चाहे तो यहां पर घूम सकते हैं, साइकिल से भी। यहां पर टॉय ट्रेन भी है, जिससे आपको राइड दी जाती है, तो आप टॉय ट्रेन की राइड का भी आनंद उठा सकते हैं। डुमना नेचर पार्क (Dumna Nature Parkमें और भी खूबसूरत जगह है, जहां पर आप प्रकृति का अनुपम रूप देख सकते हैं।

यहां पर बंदर बहुत सारे हैं, तो आप इन बंदर से बच के रहना चाहिए। यहां पर आपकी फोटो बहुत मस्त आती है। यहां पर ज्यादातर जो लोग रहते हैं। वह कपल्स लोग आते हैं। यहां पर बहुत ज्यादा कपल्स लोग देखने मिल जाएंगे। यहां पर फैमिली मेंबर्स भी आते हैं मगर बहुत कम मात्रा में आते हैं, तो आप इंजॉय कर सकते हैं। 

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बालाघाट दर्शनीय स्थल - Balaghat tourist place | Tourist places near Balaghat

बालाघाट पर्यटन स्थल - Picnic spot near Balaghat | Balaghat famous places | Balaghat Jila


बालाघाट जिला
Balaghat District


बालाघाट मध्य प्रदेश का एक जिला है। बालाघाट छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा के पास स्थित है। बालाघाट में वैनगंगा नदी बहती है। बालाघाट में भारत की सबसे बड़ी कॉपर की खदान मौजूद है। बालाघाट का मलाजखंड क्षेत्र कॉपर का सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र है। यहां खुली खदान मौजूद है। बालाघाट जबलपुर संभाग के अतंर्गत आता है। बालाघाट 10 तहसीलों में बटा हुआ है। यह तहसील है - बालाघाट, बैहर, बिरसा, परसवाडा ,कटंगी, वारासिवनी, लालबर्रा, खैरलांजी, लांजी, किरनापूर। बालाघाट जिलें में घूमने के लिए बहुत सारे प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक स्थल मौजूद है, जहां पर जाकर आप आप अपना समय बिता सकते है।

Places to visit in Balaghat
बालाघाट में घूमने लायक जगहें


बोटैनिकल गार्डन - Botanical Garden Balaghat

वनस्पति उद्यान बालाघाट जिले में स्थित एक दर्शनीय जगह है। यह बालाघाट में घूमने के लिए अच्छी जगह है। यह उद्यान वैनगंगा नदी के किनारे स्थित है। यहां पर आपको विभिन्न तरह के वनस्पतियां देखने मिलती है। यहां पर झूले भी लगे हुए हैं, जो बच्चों के लिए एक अच्छी जगह है। 

गांगुलपारा बांध - Gangulpara Dam Balaghat | Gangulpara baandh Balaghat | Gangulpara Reservoir

गंगुलपारा बांध बालाघाट की एक दर्शनीय स्थल है। गंगुलपारा बांध पहाड़ों से घिरा हुआ है। गंगुलपारा बांध बालाघाट शहर से करीब 14 किलोमीटर दूर है। यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यह जगह हरी भरी प्रकृति से घिरी हुई है। आप यहां पर अपने दोस्तों के साथ आ सकते है। गंगुलपारा बांध में घूमने का सबसे अच्छा समय बरसात का है। 

गांगुलपारा झरना - Gangulpara Waterfall Balaghat | Gangulpara jharna Balaghat

गांगुलपरा झरना बालाघाट का एक दर्शनीय स्थल है। यह झरना घने जंगलों के बीच में स्थित है। यह झरना बहुत खूबसूरत है। यहां पर पहाड़ से गिरता हुआ पानी बहुत ही मनोरम लगता है। यहां जगह प्रकृति प्रेमी को देखने लायक है। आपको मुख्य सड़क से झरने तक पैदल जाना पड़ता है। यह झरना बालाघाट से करीब 16 किलोमीटर दूर होगा। गांगुलपरा झरना को देखने का सबसे अच्छा समय बरसात का होता है।

बजरंग घाट - Bajrang Ghat Balaghat

बजरंग घाट बालाघाट जिले की एक दर्शनीय जगह है। बजरंग घाट वैनगंगा नदी के किनारे स्थित है। यहां पर आकर तैरने का मजा ले सकते हैं। यहां पर नदी ज्यादा गहरी नहीं है। बजरंग घाट में हनुमान जी का मंदिर भी है, जहां पर आप जा सकते हैं। बजरंग घाट बालाघाट के घूमने लायक जगह है। आप यहां पर अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ जा सकते है। यहां का इलाका जंगल से घिरा हुआ है। बरसात के समय वैनगंगा नदी पर बाढ आ जाती है, इसलिए यहां पर आप बरसात में संभलकर जाएं। 

राजीव सागर बांध - Rajiv Sagar Dam Balaghat | Rajiv sagar bandh Balaghat

राजीव सागर बांध बालाघाट में स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यह बालाघाट शहर में बरसात के समय में घूमने की अच्छी जगह है। राजीव सागर बांध मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित है। यह बांध बालाघाट से करीब 90 किलोमीटर दूर होगा। आप यहां पर पिकनिक का प्लान बनाकर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आप दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ घूमने के लिए आया जा सकता है। राजीव सागर बांध को बावनथडी बांध भी कहा जाता है। राजीव सागर बांध बावनथडी नदी पर बना हुआ है। 

धुटी डैम - Dhuti Dam Balaghat | Dhuti bandh Balaghat | Dhuty Reservoir

धुटी बांध बालाघाट जिले की एक दर्शनीय जगह है। धुटी बांध पर आप बरसात के समय आते है, तो आपको बहुत ही मनोरम दृश्य देखने के लिए मिलता है। जब धुटी बांध ओवरफ्लो होता है, तो बांध का पानी बांध के ऊपर से गिरता है, जो झरने की तरह लगता है। यह बांध अंग्रेजो के समय बनाया गया था। धुटी बांध बालाघाट से करीब 50 किलोमीटर दूर होगा। बांध के आसपास का नजारा भी बहुत शानदार है। 

नहलेसरा डैम - Nahlesra Dam Balaghat | Nahlesara bandh Balaghat | Nahlesra Reservoir

नहलेसरा बांध बालाघाट में घूमने की एक अच्छी जगह है। यह बालाघाट के पास स्थित एक जलाशय है, जहां पर आप पिकनिक मनाने के लिए आ सकते है। नहलेसरा बांध में घूमने का सबसे अच्छा समय बरसात का होता है। नहलेसरा बांध बालाघाट से करीब 58 किलोमीटर दूर है। यह बांध चंदन नदी पर बनाया गया है। यह एक पुराना बांध है। आप यहां पर आकर अपना अच्छा समय बिता सकते है। 

अंबा माई मंदिर - Amba Mai Temple Balaghat | Amba mai mandir Balaghat

अंबा माई मंदिर नहलेसरा बांध के पास स्थित एक खूबसूरत मंदिर है। यह मंदिर घने जंगलों के बीच में स्थित है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां है। यहां पर आपको बहुत सारे बंदर देखने के लिए मिलते हैं। यह जगह बहुत खूबसूरत है। यहां का वातावरण शात है। 

लांजी का किला - Lanji Fort Balaghat | Lanji ka kila Balaghat

लांजी का किला बालाघाट में देखने के लिए एक प्राचीन किला है। लांजी का किला बालाघाट का दर्शनीय स्थल है। यह किला बालाघाट से करीब 60 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। लांजी का किला करीब 7 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां पर आपको पत्थर पर बनी हुई नक्काशी देखने के लिए मिलती है। इस किलें में आपको एक प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर एक जलाशय भी है। किलें के परिसर में आपको बरगद एवं पीपल देखने के लिए मिलते है। 

गोमजी - सोमजी मंदिर - Gomji Somji Temple Balaghat | gomji - Somji mandir Balaghat | Jwala devi mandir balaghat

गोमजी सोमजी मंदिर बालाघाट में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर पहाड़ी पर स्थित है। गोमजी सोमजी मंदिर बालाघाट के भरवेली क्षेत्र में स्थित है। यह मंदिर ज्वाला देवी को समर्पित है। यह मंदिर बालाघाट से करीब 8 किलोमीटर दूर है। 

शंकर घाट - Shankar Ghat Balaghat

शंकर घाट बालाघाट की सुंदर जगह है। यह घाट वैनगंगा नदी के किनारे स्थित है। यहां का वातावरण हरियाली से भरा हुआ है। दोस्तों और परिवार के साथ घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। यहां पर आपको शिव भगवान का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको नंदी भगवान, कछुआ और नाग देवता का मूर्ति देखने के लिए मिलती है। यहां पर और भी मूर्तियां बनी हुई है। 

हट्टा की बावली - Hatta ki baoli Balaghat 

हट्टा की बावड़ी बालाघाट जिले की एक प्राचीन जगह है। यहां पर आपको एक बावड़ी देखने के लिए मिलती है, जिसमें पानी भरा हुआ है। इस बावड़ी में स्तंभों में खूबसूरत नक्काशी की गई है। यह बावड़ी प्राचीन समय में बनाई गई थी। यह बावडी बालाघाट जिले से करीब 20 किलोमीटर दूर होगी।

काली पाठ माता मंदिर बालाघाट - Kali Peeth Mata Temple Balaghat | Kali Peeth mata mandir Balaghat

कालीपीठ माता मंदिर बालाघाट में स्थित एक धार्मिक स्थल है। यहां मंदिर काली माता को समार्पित है। यहां पर काली माता जी की काले रंग की मूर्ति है। यह मूर्ति स्वयंभू है, अर्थात जमीन से स्वयं निकाली है। धीरे धीरे इस मूर्ति का आकार बढा रहा है। यहां पर नवरात्रि में बहुत भीड़ लगती है। बहुत सारे लोग माता के दर्शन के लिए आते हैं। यहां पर आकर आप को शांति मिलती है।

दादा कोटेश्वर धाम - Dada Koteshwar Dham Balaghat

दादा कोटेश्वर धाम बालाघाट जिले में घूमने की एक प्रमुख जगह है। यह बालाघाट जिले का एक प्राचीन शिव मंदिर है। यहां शिव मंदिर 12 वीं शताब्दी में बनाया गया था। यह शिव मंदिर बालाघाट से करीब 70 किलोमीटर दूर है। आप इस मंदिर में  गाड़ी से आ सकते हैं। यहां पर आपको पत्थर की मूर्तियां देखने के लिए मिलती है, जो पत्थर पर तराशकर बनाई गई है। यहां पर सावन सोमवार को कावड यात्रा निकाली जाती है।

मंडला जिले के पर्यटन स्थल
कटनी दर्शनीय स्थल
परियट बांध जबलपुर
शारदा मंदिर बरेला जबलपुर



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बैतूल पर्यटन स्थल - Betul tourist place | Betul famous places

बैतूल दर्शनीय स्थल - Places to visit near Betul | Betul tourist spot | Betul city


Betul jilaबैतूल जिला


बैतूल मध्यप्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है। बैतूल जिला सतपुडा की पहाडियों से घिरा हुआ है। बैतूल जिला के मुलताई में ताप्ती नदी का उदगम हुआ है। ताप्ती मध्यप्रदेश की मुख्य नदी है। बैतूल जिले की सीमा छिंदवाड़ा, नागपुर, अमरावती, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, और होशंगाबाद की सीमाओं को छूती है। बैतूल जिला 10 विकास खंडों में बटा हुआ है। यह विकासखंड है - बैतूल, मुलताई, भैंसदेही, शाहपुर, अमला, प्रभातपट्टन, घोड़ाडोंगरी, चिचोली, भीमपुर, आठनेर,बैतूल नर्मदापुरम संभाग के अंर्तगत आता है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से बैतूल की दूरी करीब 178 किलोमीटर है। बैतूल जिलें में घूमने के लिए बहुत सारी दर्शनीय जगह मौजूद है, जहां पर जाकर आप बहुत अच्छा समय बिता सकते है। 


बैतूल में घूमने की जगहें
Places to visit in Betul


बालाजीपुरम - Balajipuram betul | Betul ka Balajipuram | Balajipuram temple betul


बालाजीपुरम बैतूल जिले में स्थित दर्शनीय स्थल है। यह भारत का पांचवा धाम है। बालाजीपुरम दक्षिण भारतीय शैली में बना हुआ एक खूबसूरत मंदिर है। बालाजीपुरम नागपुर भोपाल हाईवे रोड पर स्थित है। बालाजीपुरम मंदिर का प्रवेश द्वार बहुत ही सुंदर बना हुआ है। बालाजीपुरम मंदिर बहुत ही भव्य है। मंदिर में आपको बहुत सारी मूर्तियां देखने के लिए मिलती है। यहां पर शिव भगवान जी का शिवलिंग बना हुआ है, जिसमें शिव भगवान जी की प्रतिमा को उकेरा गया है। मंदिर में बालाजी भगवान की मूर्ति स्थापित है। मंदिर में राम भगवान और सीता जी की मूर्ति स्थापित है। यहां पर बच्चों के लिए एक पार्क भी स्थित है। यहां पर वैष्णो माता का मंदिर का भी प्रतिरूप ही बना हुआ है। यहां पर हूबहू वैष्णो माता के मंदिर जैसी गुफा बनाई गई है। यहां पर आकर बहुत शांती मिलती है। इस मंदिर में आप आकर वैष्णो माता के दर्शन करने के लिए मिलता है। 

मुक्तागिरी दिगंबर जैन मंदिर - Muktagiri Digambar Jain Temple | Muktagiri Jain Mandir | Muktagiri Betul | Muktagiri

मुक्तागिरी बैतूल जिला का एक दर्शनीय स्थल है। मुक्तागिरी पूरे भारतवर्ष में प्रसिध्द है। यहा पर आपको जैन मंदिर देखने मिलते है। यहां पर 52 जैन मंदिर बने हुए है। यह मंदिर पहाडों के उपर बने हुए है। मुक्तागिरी मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर पडता है। मुक्तागिरी बैतूल जिले में भैंसदेही तहसील के अंतर्गत आता है। मुक्तागिरी के जैन मंदिर 13 वीं -14 वीं शताब्दी के दौरान बनाया गए थे। मुक्तागिरी के इन जैन मंदिर में जाने के लिए आपको पैदल ही पहाडों पर जाना पडता है। आपको यह कार्य बहुत रोमांचक लगेगा। मुक्तागिरी में जैन मंदिर के अलावा आपको एक जलप्रपात भी देखने मिलता है। यह जलप्रपात आपको बरसात के समय देखने के लिए मिलता है। यहां पर रहने और खाने की भी व्यवस्था उपलब्ध है। यहां पर आप यात्रा के लिए कभी भी आ सकते है। यहां पर यात्रा का निश्चित समय है। 

सपना बांध - Sapna Dam Betul | Sapna bandh betul 

सपना बांध बैतूल जिले में ही घूमने वाली जगह है। सपना बैतूल जिलें में स्थित एक जलाशय है। सपना बांध में आप बरसात के समय घूम सकते हैं। बरसात के समय यहां का दृश्य बहुत रमणीय होता है। यह बांध बैतूल नागपुर हाईवे रोड पर स्थित है। यह जगह प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इस बांध के पानी का उपयोग सिंचाई के लिए किया जाता है। आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं।

कुकरु - Kukru khamla Betul | Kukru hill station | Kukru khamla hill station

कुकरू महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित एक खूबसूरत दर्शनीय स्थल है। यह बैतूल जिले की भैसदेही तहसील के अंतर्गत आता है।  कुकरू गांव बैतूल जिले की मनोरम जगह है। आप यहां पर घूमने का जा सकते हैं। यहां पर आपको खूबसूरत पहाड़ियों का दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर कॉफी का उत्पादन किया जाता है। आप यहां पर कॉफी के बागान भी घूम सकते हैं। कुकरू सूर्यास्त और सूर्योदय के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर आप आकर सूर्यास्त का मनोरम दृश्य देख सकते है। यहां पर आप बरसात के समय घूमने के लिए आ सकते हैं। बरसात के समय कुकरू स्वर्ग जैसी लगती है। यहां पर आपको हर जगह पर छोटे-छोटे झरनें देखने के लिए मिल जाते हैं। कुकरू में आपको ठहरने के लिए होटल भी मिल जाते है। आप सरकारी वेवसाईड पर जाकर कुकरू जाने के लिए बुकिंग करा सकते है। इसमें आपको अलग अलग पैकेज मिल जाएगें। 

बुच स्थल विहंगम दृश्य - Buch Point | Buch point betul 

बुच स्थल कुकरू का एक व्यू पांइट है। कुकरू बैतूल जिला का दर्शनीय स्थल है। आप इस जगह से सतपुडा की हरी भरी वदियां देख सकते है। यहां पर आप बरसात के समय आते है, तो आपको बहुत ही रमणीय नजारा देखने मिलता है। यहां की पूरी घाटियां हरियाली की चादर ओढी रहती है। आपको बुच स्थल से सूर्यास्त और सूर्यादय का बहुत अच्छा नजारा देखने मिलता है। आपको यहां पर पवन चक्की भी देखने मिलती है। पवन चक्की से बिजली बनाई जाती है। 

सालबर्डी शिवलिंग गुफाएं - Salbardi shiv gufa | salbardi information | Salbardi Shivlinga Caves


सालबर्डी बैतूल जिले की एक दर्शनीय जगह है। बैतूल जिलें के सालबर्डी को शिवधाम के रूप में जाना जाता है। यहां पर शिव भगवान जी की एक गुफा है, जहां पर आपको ट्रैकिंग करके जाना पड़ता है। गुफा पर शिवलिंग विराजमान है। शिवलिंग पर पहाड से पानी गिरता रहता है और यह पानी कहां से आता है। यहां किसी को नहीं पता है। यहां पर शिवलिंग का आभिषेक स्वयं प्रकृति के द्वारा किया जाता है। यह जगह घने जंगलों के बीच में स्थित है। सालबर्डी महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर हर साल मेला का आयोजन होता है और यह मेला आठ दिनों तक चलता है। यहां आकर बहुत शांति और सुकून मिलता है।

पांडव कालीन गुफाएं सालबर्डी - Pandav Caves Salbardi | Salbardi betul

पांडव कालीन गुफाएं सालबर्डी में देखने लायक एक प्राचीन जगह है। यहां पर आपको एक गुफा देखने मिलती है। इन गुफाएं के बारे में कहा जाता है, कि यहां पर पांडव अपने वनवास काल के दौरान रुके थे। यहां पर आपको बहुत सारी प्राचीन गुफाएं देखने मिलती है। यह गुफाएं पत्थर से बनी हुई है। यहां पर बरसात के समय बहुत ही अच्छा नजारा रहता है। 

मठारदेव बाबा मंदिर - Mathardev Temple | Mathardev temple sarni | Mathardev mandir

मठारदेव बाबा मंदिर बैतूल जिले की एक दर्शनीय स्थल है। मठारदेव बाबा मंदिर बैतूल जिले के सारणी में स्थित है। यह मंदिर पहाड़ी के शिखर पर स्थित है। यहां पर शिव भगवान जी का मंदिर स्थित है। पहाड़ी के शिखर पर आपको पैदल चलकर जाना पड़ता है। यहां पर सीढियां के द्वारा आप मंदिर तक पहुॅच सकते है। पहाड़ी के शिखर पर पहुॅचकर आपको सारणी का बहुत ही मनोरम दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर मकर संक्रांति के समय मेला लगता है, जिसमें भारी संख्या में लोग इकट्ठे होते हैं। मेलें में तरह तरह की दुकानें लगती है। 

सतपुड़ा बांध - Satpura Dam betul | Satpura bandh | Sarni dam

सतपुड़ा बांध बैतूल जिले के सारणी में स्थित है। यह बहुत खूबसूरत बांध है। यह बांध चारों तरफ से पहाड़ियों से घिरा हुआ है। सतपुड़ा बांध तवा नदी पर बना हुआ है। सतपुड़ा बांध में 14 गेट हैं। बरसात के समय डैम पानी से भर जाता है और इसके गेट खोले जाते हैं। बांध के गेट खोलने पर नजारा बहुत ही खूबसूरत होता है। बरसात के समय बांध के चारों तरफ का नजारा बहुत ही रमणीय होता है। पहाडों में हरियाली की चादर बिछी होती है। सतपुड़ा डैम के पानी का उपयोग सतपुड़ा पावर प्लांट में किया जाता है।

ताप्ती नदी का उद्गम स्थल - Origin of tapti river | Tapti nadi ka udgam sthal

ताप्ती नदी का उद्गम बैतूल जिलें के मुलताई में हुआ है। ताप्ती मध्यप्रदेश की एक मुख्य नदी है। भारत में नदियों को मां के रूप में पूजा जाता है। ताप्ती नदी को भी पूजा जाता है। ताप्ती सूर्य भगवान की पु़त्री है और शनि देव एवं यमराज की बहन है। ताप्ती नदी का उद्गम एक कुंड से हुआ है। ताप्ती नदी का उद्गम स्थल पर बहुत सारे मंदिर बने हुए है। कुंड के आस पास बहुत सारे मंदिर बने हुए हैं। कुंड पर भी किया जाता है।  यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यह बैतूल का एक प्रसिध्द स्थल है। हर वर्ष ताप्ती नदी का जन्मोत्सव पर यहां पर मेलें का आयोजन होता है। पूरे मंदिर को सजाया जाता है। मेलें मे बहुत दूर दूर से लोग आते है। 

शिव मंदिर भोपाली - छोटा महादेव भोपाली | Shiv Temple Bhopali - Chhota Mahadev Bhopali | Chhota mahadev Betul

शिव मंदिर भोपाली बैतूल की एक रमणीय जगह है। यह शिव मंदिर सतपुडा की पहाड़ियों पर स्थित है। यहां पर आपको एक गुफा देखने के लिए मिलती है, जिसमें शिवलिंग स्थापित है। यह जगह बरसात में स्वर्ग जैसी हो जाती है। चारों तरफ हरियाली देखने मिलती है। आपको मंदिर तक पहुॅचने के लिए पैदल चलकर जाना पडता है। मंदिर तक पहुॅचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। रास्तें में आपको जलप्रपात भी देखने मिलता है। यह शिव मंदिर बैतूल जिलें से करीब 30 किलोमीटर दूर है। सारणी से यह शिव मंदिर करीब 20 किलोमीटर दूर होगा। 

श्री हनुमान मंदिर केरपानी - Sri Hanuman Temple Kerapani Betul

श्री हनुमान मंदिर बैतूल जिलें का एक धर्मिक स्थल है। यह मंदिर पूरे बैतूल जिलें में प्रसिध्द है। यहां मंदिर बैतूल जिलें से करीब 22 किलोमीटर दूर है। यहां मंदिर भैसदेही मुख्य सडक पर ही स्थित है। आप यहां पर अपनी गाडी या बस से असानी से आ सकते है। मंदिर में शनिवार के दिन बहुत लोग आते है। मंदिर में स्थित हनुमान प्रतिमा स्वयं भू है। हनुमान जयंती के अवसर पर यहां हजारों की संख्या में भक्त आत है और हनुमान जी की पूजा-अर्चना करते है। 

पारसडोह बांध - Parasdoh dam betul | Parasdoh bandh betul

पारसडोह बांध बैतूल जिलें में घूमने की एक अच्छी जगह है। यहां एक जलाशय है। इस बांध के पानी का उपयोग पीने के लिए एवं सिचांई के लिए किया जाता है। आप यहां पर पिकनिक मनाने आ सकते है। पारसडोह बांध ताप्ती नदी पर बना हुआ है। इस बांध पर 6 गेट है। बरिश में इस बांध का नजारा बहुत ही अच्छा होता है। बरिश में गेट से पानी छोडा जाता है, जिसका दृश्य बहुत ही सुंदर रहता है। पारसडोह बांध बैतूल की अठनेर तहसील से 14 किलोमीटर दूर है। 

पारसडोह जलप्रपात बैतूल - Parsadoh waterfalls Betul | parasdoh jalaprapat betul

पारसडोह जलप्रपात बैतूल जिलें का दर्शनीय स्थल है। यह जलप्रपात तवा नदी पर बना हुआ है। यहां जलप्रपात बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर बरसात के समय घूमने के लिए आ सकते है, क्योंकि बरसात में ही इस झरनें में पानी रहता है। पारसडोह झरनें के पास बहुत सारे मंदिर है, जहां पर आप घूम सकते है। पारसडोह जलप्रपात बैतूल जिलें की अठनेर तहसील में स्थित है। पारसडोह जलप्रपात अठनेर तहसील से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर है। 

चंडी माता मंदिर चिचोली - Chandi Mata Temple Chicholi Betul | chandi mandir chicholi betul

चंडी माता मंदिर बैतूल जिलें का एक धर्मिक स्थल है। यहां मंदिर बैतूल चिचोली के पास स्थित है। यह मंदिर पूरे बैतूल जिलें में प्रसिध्द मंदिर है। यहां प्राचीन काली मंदिर है। यह मंदिर मुख्य बैतूल शहर से 55 किलोमीटर दूर है। यहां मंदिर नेशनल हाईवे 49 से करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पर स्थापित काली जी की प्रतिमा अत्यंत सुंदर और मनोहारी है। इस मंदिर में साल भर भीड लगी रहती है। यहां पर आकर बहुत शांती मिलती है। यहां पर मां काली को मुर्गी और बकरी की बली चढाई जाती है। इस मंदिर में मांगी गई दुआ जरूर पूरी होती है। यहां पर लोग अपनी मुराद लेकर आते है। 



झांसी पर्यटन स्थल - Places to visit in Jhansi | Jhansi tourist places in hindi

झांसी के दर्शनीय स्थल - Jhansi ki famous jagah | Jhansi sightseeing | Jhansi places to visit| झांसी के प्रसिद्ध स्थान


झांसी में घूमने की जगहें
Jhansi mein ghumne ki jagah



झांसी का किला - Jhansi ka kila

झांसी का किला झांसी शहर का एक मुख्य आकर्षण है। झांसी का किला झांसी रेलवे स्टेशन के बहुत करीब है। आप यहां पर आकर घूम कर अपने इतिहास के बारे में जान सकते हैं। झांसी के किले का निर्माण ओरछा के राजा वीर सिंह जूदेव ने 1613 में करवाया था। झांसी का किला उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में स्थित है। झांसी जिले को प्राचीन काल में बलवंत नगर के नाम से जाना जाता था। झांसी का किला बंगरा नाम की पहाड़ी पर बना है। किले में 10 गेट है - इनमें से कुछ गेट महत्वपूर्ण है। दतिया गेट, उन्नाव गेट, लक्ष्मी गेट, सागर गेट, ओरछा गेट और चांद गेट हैं। यह किला बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। इसलिए इस किले में  घूमने में आपको करीब 3 से 4 घंटे लग सकते हैं। किले में प्रवेश करने के लिए आपको टिकट लेना पड़ता है। टिकट ऑनलाइन भी आपको मिल जाता है। किले में पार्किंग की व्यवस्था भी है। 

झांसी के किले के अंदर देखने के लिए बहुत सारी जगह है। 

कड़क बिजली तोप 

कड़क बिजली तोप झांसी किले का एक मुख्य आकर्षण है। कड़क बिजली तोप का नाम इसके कार्य के अनुरूप रखा गया है, क्योंकि जब यह तोप चलाई जाती थी, तोप की आवाज जैसे बादल में बिजली कड़कती है, उस तरह की थी। इसलिए इस तोप को कड़क बिजली तोप कहा जाता है। यह तोप बहुत पुरानी है। यह तोप झाँसी किले के  मुख्य द्वार पर है। 

शिव मंदिर 

झांसी किले के अंदर शिव मंदिर स्थित है। यह भी झांसी किले के अंदर स्थित मुख्य आकर्षण हैं। 

गणेश जी का मंदिर 

झांसी किले के अंदर गणेश जी का मंदिर भी स्थित है। आप यहां पर भी घूम सकते हैं। 

झांसी के किले के एक स्थल से रानी लक्ष्मीबाई जी ने अपने घोड़े के साथ एवं अपने पुत्र के साथ छलांग लगाई थी। आप वह भी देख सकते हैं। किले के भीतर आपको बरादरी, मेमोरियल सिमेट्री, कालकोठरी, फांसी स्तंभ, गुलाम गौस खां , खुदा बख्श व मोतीबाई की कब्र भी देखने मिल जाएगी। किले में भवानी शंकर नाम की भी एक तोप है। आपको इस किले से झांसी शहर का मनोरम दृश्य भी देखने के लिए मिल जाता है। यह किला बहुत सुंदर है और आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। 


राजकीय संग्रहालय झाँसी - Sarkari sangrahalaya Jhansi

झांसी राजकीय संग्रहालय झांसी जिले में घूमने की एक प्रमुख जगह है। यहां पर आपको प्राचीन पेंटिंग्स और मूर्तियों का संग्रह देखने के लिए मिल जाता है। यहां पर पेंटिंग्स और मूर्तियों के लिए अलग-अलग गैलरी है। आप यहां पर 1857 की क्रांति की पेंटिंग्स भी देख सकते हैं। इसके अलावा इस संग्रहालय में झांसी के इतिहास को भी दर्शाया गया है। वह भी आप देख सकते हैं। यहां पर आपको प्राचीन आभूषण, बर्तन, झांसी रियासत के नक्शे, राइफल, पिस्तौल, एवं  प्राचीन समय में सैनिकों के द्वारा उपयोग किए जाने वाले हथियार भी देखने के लिए मिल जाते हैं। झांसी संग्रहालय झांसी किले से थोड़ी दूरी पर स्थित है। आप यहां पर पैदल भी आ सकते हैं। यह संग्रहालय सरकार के द्वारा प्रबंधित किया जाता है। इसलिए इस संग्रहालय का प्रवेश शुल्क बहुत ही कम है। आप यहां पर फोटो भी खींच सकते हैं। उसका भी शुल्क लिया जाता है, जो बहुत कम है। यहां संग्रहालय सुबह 10 बजे से 5 बजे तक खुला रहता है। 


रानी लक्ष्मी बाई पार्क झाँसी - Rani Laxmi Bai Park Jhansi

रानी लक्ष्मी बाई पार्क झांसी शहर में घूमने की एक अच्छी जगह है। यह झांसी शहर का सबसे अच्छा पार्क है। यह पार्क बहुत अच्छी तरह से मैनेज किया गया है। इस पार्क में चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको बहुत सारे झूले और फिसलपट्टी मिल जाती है। यह जगह बच्चों के लिए बहुत अच्छी है। यहां पर फव्वारा भी लगा हुआ है। यहां पर जोगिंग के लिए, वॉकिंग के लिए, एक्सरसाइज के लिए अलग-अलग ट्रैक बनाए गए हैं। आप यहां पर योगा भी कर सकते हैं। आपको यहां पर बहुत अच्छा लगेगा। रानी लक्ष्मी बाई पार्क झांसी किले के पास ही में स्थित है। आप यहां पर झांसी किले से पैदल भी पहुंच सकते हैं। 


मैथिलीशरण गुप्त पार्क झांसी - Maithili Sharan gupt park jhansi

मैथिलीशरण गुप्त पार्क झांसी शहर में स्थित एक खूबसूरत पार्क है।  यह पार्क रानी लक्ष्मी बाई पार्क के पास ही में स्थित है। यह पार्क मॉर्निंग वॉक के लिए बहुत अच्छा है। आप यहां पर आकर वाकिंग और रनिंग कर सकते हैं। इस पार्क में भी चारों तरफ आपको हरियाली देखने के लिए मिल जाती है। 


इस्कॉन मंदिर झाँसी - Iskcon mandir Jhansi

इस्कॉन मंदिर झांसी में घूमने का एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर सफेद संगमरमर से बना हुआ है और बहुत खूबसूरत लगता है। यह मंदिर श्री राधा और कृष्ण जी को समर्पित है। मंदिर में आपको प्रतिदिन खिचड़ी का प्रसाद खाने के लिए भी मिलता है। मंदिर के बाहर आपको बहुत सारी प्रसाद की दुकान देखने के लिए मिलती है। आप वहां से प्रसाद ले सकते हैं। मंदिर में गौशाला भी बनी हुई है और यहां पर छोटा सा गार्डन भी है, जहां पर आप बैठ सकते हैं और बच्चे खेल सकते हैं। मंदिर का वातावरण बहुत शांत है और मंदिर में भजन-कीर्तन होते रहते हैं, जिससे मन को बहुत शांति मिलती है। 


रानी महल झांसी - Rani Mahal Jhansi

रानी महल झांसी शहर की एक महत्वपूर्ण जगह है। यह एक प्राचीन महल है। यह महल प्राचीन समय में रानी लक्ष्मीबाई का निवास स्थल रहा है। इस महल का निर्माण रघुनाथ द्वितीय ने करवाया है, जो उस समय झांसी के सूबेदार रहे थे। इस महल के फर्स्ट फ्लोर को म्यूजियम में परिवर्तित कर दिया गया है। म्यूजियम में आपको प्राचीन समय की पुरानी मूर्तियां और पुराने सामान देखने के लिए मिल जाते हैं। यह महल दो मंजिला है। इस महल में 6 हाल है और आंगन है। इस महल में आपको फव्वारा भी देखने के लिए मिल जाता है। महल में एक कुआ भी है। यहां पर आपको दीवारों पर खूबसूरत पेंटिंग देखने के लिए मिल जाती है। इस महल में प्रवेश का आपसे शुल्क लिया जाता है, जो बहुत ही कम रहता है। आप यहां पर अपने दोस्त और परिवार के लोगों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। 

 

राजकीय उद्यान नारायण बाग झांसी - Narayan Bagh Jhansi

नारायण बाग झांसी शहर में स्थित एक उद्यान है। यह उद्यान हरे भरे पेड़ों से घिरा हुआ है। आप यहां पर सुबह मॉर्निंग वॉक पर भी आ सकते हैं। यहां पर आपको तरह तरह के फूल देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर वाकिंग के लिए और एक्सरसाइज के लिए अलग-अलग जगह है। यहां पर आपको वॉलीबॉल और बैडमिंटन के लिए अलग-अलग जगह खेलने के लिए मिलती है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। 


हर्बल गार्डन झांसी - Herbal Garden Jhansi

हर्बल गार्डन झांसी में घूमने की एक जगह है। यह एक गार्डन है। इस गार्डन में बहुत सारे मूर्तियां और अलग-अलग प्रकार की कलाकृतियां आपको देखने के लिए मिलेंगे, जो बेकार सामान या अनुपयोगी सामान से बनाई गई है। यह बहुत अच्छे क्रिएटिविटी है। यहां पर आपको चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर वाकिंग ट्रेक है, जहां पर आप वाकिंग कर सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 


सेंट जूड चर्च झांसी - St. Jude Church Jhansi

सैंट जूड चर्च झांसी में स्थित एक प्रमुख चर्च है। यह चर्च झांसी का एक प्रमुख आकर्षण स्थल है। यह चर्च बहुत बड़ा और खूबसूरत है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा अनुभव मिलेगा। यह चर्च भारत के सबसे बड़े चर्चों में से एक है। यह चर्च झाँसी रेलवे स्टेशन से लगभग 3 या 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।


पहुज बांध झांसी  - Pahuj Dam Jhansi

पहुज बांध झांसी शहर में घूमने का आकर्षण स्थल है। यह एक खूबसूरत जलाशय है। यह जलाशय झांसी शहर से करीब 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर गाड़ी से पहुंच सकते हैं। यहां आने के लिए अच्छी सड़क आपको मिल जाती है। यह बांध पहुज नदी पर बना हुआ है। आप यहां पर आकर बांध की खूबसूरती को देख सकते हैं। आप अगर बरसात के समय आते हैं, तो आपको बांध के गेट खुले हुए देखने के लिए मिलते हैं, जो एक अलग अनुभव होता है। इस बांध में आठ गेट है। 


परिछा बांध झांसी  - Parichha Dam Jhansi

परीछा बांध झांसी शहर में घूमने का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यहां पर एक खूबसूरत झील है। यह बांध ब्रिटिश के समय का बना हुआ है। इस बांध के पास ही में गार्डन बना हुआ है। आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। आप यहां पर अपने दोस्तों और फैमिली वालों के साथ में घूमने के लिए आ सकते हैं। आप यहां पर बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यह  बांध उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बॉर्डर पर बना हुआ है। यह बांध बेतवा नदी पर बना हुआ है। आप यहां पर बरसात के टाइम पर आते हैं, तो बरसात भी टाइम पर बांध का जो पानी ओवरफ्लो होता है। वह झरने की तरह बहता है, जिसका दृश्य खूबसूरत रहता है। 


सुकमा दुकमा बांध झांसी - Sukma Dukma Dam Jhansi

सुकमा दुकमा बांध झांसी शहर के पास में स्थित एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह झांसी शहर से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां गाड़ी से पहुंच सकते हैं। यह बांध  बरसात के समय बहुत ही खूबसूरत लगता है। यह खूबसूरत झरने की तरह लगता है। यह बांध बहुत लंबा बांध है और उसका दृश्य बहुत ही आकर्षक रहता है। आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। यहां पर बहुत सारे लोग पिकनिक मनाते हैं और कुकिंग करते हैं। यह बांध बेतवा नदी पर बना हुआ है। इस बांध को बबीना बांध के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि यह बबीना के पास में स्थित है। यह बांध अंग्रेजों के समय का बना हुआ है। आप यहां पर नहाने का मजा भी ले सकते हैं। 


माताटीला बांध झांसी  - Matatila Dam Jhansi

माताटीला बांध झांसी शहर के पास में स्थित एक पर्यटन स्थल है। यह बांध झांसी शहर से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह बांध बेतवा नदी पर बना हुआ है। इस बांध के पास ही में गार्डन भी बना हुआ है, जिसे माताटीला पार्क के नाम से जाना जाता है और इस पार्क में आपको फव्वारा भी देखने के लिए मिलता हैं। माताटीला बांध में 24 गेट हैं। यह बांध मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की बॉर्डर पर बना हुआ है। आप यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। आप यहां पर बारिश के मौसम में आएंगे, तो बांध के गेट खुलते हैं, जिसका दृश्य बहुत अच्छा रहता है। बांध से थोड़ी दूरी पर एक मंदिर है, जिसे माताटीला मंदिर के नाम से जाना जाता है। आप यहां पर भी जाकर माताजी के दर्शन कर सकते हैं। 


गढ़मऊ झील झांसी - Garhmau Lake Jhansi

गढ़मऊ झील झांसी शहर की एक खूबसूरत जगह है। यहां पर आपको एक खूबसूरत झील देखने के लिए मिलती है। यह झील झांसी शहर से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगी। यह झील चारों तरफ से खूबसूरत पहाड़ों से घिरी हुई है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। बरसात के समय यह जगह हरियाली से घिरी होती है। यहां पर सूर्योदय का बहुत खूबसूरत दृश्य आपको देखने के लिए मिल जाएगा। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। 


बरुआ सागर झील झांसी  - Barua Sagar Lake Jhansi

बरुआ सागर झील झांसी शहर से करीब 22 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यह एक खूबसूरत झील है। इस झील में बरसात के समय आपको बहुत खूबसूरत दृश्य देखने के लिए मिलता है। झील का पानी ओवरफ्लो होता है, जिससे यहां पर झरना बहता है, जिसका दृश्य बहुत ही मनोरम होता है। आप यहां पर आ कर अपना समय बिता सकते हैं। 


बरुआ सागर का किला झांसी - Barua Sagar Fort Jhansi

बरुआसागर का किला झांसी के पास में स्थित एक अच्छा पर्यटन स्थल है। आप यहां पर घूमने के लिए जा सकते हैं। यह एक प्राचीन किला है। किले के सामने एक झील है, जिसे बरुआ सागर झील कहते हैं। किले से झील का नजारा बहुत ही खूबसूरत रहता है। यह किला झांसी से करीब 22 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस किले तक जाने के लिए अच्छी सड़क है। इस किले का निर्माण बुंदेला राजा ओरछा महाराजा उदित सिंह ने 16 वीं शताब्दी में करवाया था। बरुआसागर किले  में एक शिव मंदिर भी स्थित है, जिसमें बहुत सारे लोग पूजा करने के लिए आते हैं। आपको किले में आकर बहुत अच्छा लगेगा। आप यहां पर फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। 


कैलाश पर्वत बरुआसागर झांसी - Kailash Mountains Baruasagar Jhansi

कैलाश पर्वत बरुआ सागर झील के पास ही में स्थित एक पर्वत है। इस पर्वत के बारे में कहा जाता है कि शिव जी ने अपने चरण यहां पर रखे थे। इस पर्वत पर एक मंदिर है, जो शिव जी को समर्पित है।  इस मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको सीढ़ियां मिल जाती है। मंदिर में पहुंचकर बहुत ही अच्छा लगता है। 


भारत माता मंदिर झांसी - Bharat Mata Temple Jhansi

भारत माता का मंदिर झांसी में स्थित एक धार्मिक स्थल है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। इस मंदिर का मुख्य आकर्षण मंदिर के ऊपर बना बड़ा सा शिवलिंग है, जो बहुत ही खूबसूरत लगता है। आप यहां आकर इस के दर्शन कर सकते हैं। 


पंचतंत्र पार्क झांसी - Panchatantra Park Jhansi

पंचतंत्र पार्क झांसी में स्थित एक फेमस जगह है। यह एक खूबसूरत बगीचा है। यहां पर आपको तरह तरह के जंगली जानवर के स्टेचू देखने के लिए मिल जाते हैं, जो बहुत खूबसूरत लगते हैं। यहां पर बच्चे काफी इंजॉय कर सकते हैं। यहां पर बोट राइडिंग भी है। यहां पर तरह-तरह के झूले हैं, जो बच्चों को आकर्षित करेंगे। आप अपने फैमिली वालों के साथ यहां पर आकर अच्छा समय बिता सकते हैं। 


राजा गंगाधर राव की छतरी झांसी - Raja gangadhar rao ki chhatri Jhansi

राजा गंगाधर राव की छतरी झांसी जिले का एक मुख्य आकर्षण स्थल है। राजा गंगाधर राव की छतरी उनकी मृत्यु के पश्चात रानी लक्ष्मीबाई के द्वारा बनवाई गई थी। यह छतरी 1853 में  बनवाई गई थी। यह छतरी झांसी में लक्ष्मी तालाब के पास में स्थित है। यह झांसी किले से करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। छतरी के चारों तरफ दीवार बनाई गई हैए उसके बीच में बगीचा है और  बगीचे के बीच में राजा की समाधि आपको देखने के लिए मिल जाती है। यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा। 


लक्ष्मी मंदिर झांसी - Lakshmi mandir jhansi 

लक्ष्मी मंदिर झांसी शहर का एक पुराना मंदिर है। यह मंदिर झांसी शहर में बहुत फेमस है। यह मंदिर 18वीं शताब्दी में बना था। रानी लक्ष्मीबाई इस मंदिर में पूजा करने के लिए आती थी। मंदिर के बाजू में ही एक झील बनी हुई है, जिसको लक्ष्मी ताल के नाम से जाना जाता है। यहां आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा और शांति मिलेगी। 


मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा झांसी - Major Dhyanchand's statue Jhansi

मेजर ध्यानचंद को हॉकी का जादूगर कहा जाता था। मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा झांसी शहर में स्थित एक मुख्य आकर्षण है। आप यहां पर आ कर इस प्रतिमा के देख सकते हैं। यह प्रतिमा बहुत खूबसूरत लगती है। आप इस प्रतिमा के पास पहुंचकर झांसी शहर का मनोरम व्यू देख सकते हैं। इस प्रतिमा तक पहुंचने के लिए आपको सीढ़ियां चढ़ने पड़ती है। यह प्रतिमा एक पहाड़ी के ऊपर बनी है। इस पहाड़ी को ध्यानचंद हिल के नाम से भी जाना जाता है। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा। 


कैमासन देवी मंदिर झांसी - Kaimasan devi mandir jhansi 
करगुवां जी जैन मंदिर झांसी - Karguwan ji jain mandir Jhansi
बलिदान पार्क झांसी - Balidan park Jhansi 
पंचकुइयां मंदिर झांसी - Panchakuiyaan mandir Jhansi


ग्वालियर पर्यटन स्थल
मुरैना दर्शनीय स्थल
जबलपुर पर्यटन स्थल
मंदसौर पर्यटन स्थल





कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni

कटनी में घूमने वाली जगह | Katni paryatan sthal | Places to visit near Katni

कटनी जिले के बारे में जानकारी
Information about Katni district


कटनी मध्य प्रदेश का एक जिला है। कटनी जिलें को मुडवारा के नाम से भी जाना जाता है। कटनी का संभागीय मुख्यालय जबलपुर है। 28 मई 1998 को कटनी को जिलें के रूप में घोषित किया गया है। कटनी में कटनी नदी बहती है, जो पीने के पानी का मुख्य स्त्रोत है। कटनी जिलें में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन है। कटनी रेल्वे जंक्शन में 6 प्लेटफार्म है। यहां पर हमेशा भीड रहती है। कटनी की 8 तहसील कटनी शहर, कटनी ग्रामीण, रीठी, बड़वारा, बहोरीबंद, विजयराघवगढ, ढीमरखेड़ा, बरही है। कटनी जिले की सीमाएं उमरिया, जबलपुर, दमोह, पन्ना, और सतना जिले की सीमाओं को छूती हैं। कटनी जिले में बहुत सारी ऐतिहासिक और प्राकृतिक जगह है, जहां पर आप जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं। 


कटनी दर्शनीय स्थल | Katni tourist place in hindi | Tourist places near Katni


Katni places to visitकटनी में घूमने की जगहें


जागृति पार्क - Jagriti Park Katni

जागृति पार्क कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है। जागृति पार्क कटनी में माधव नगर में स्थित है। जागृति पार्क में आप आकर बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। जागृति पार्क में आप सुबह 5 बजे से 8 बजे तक आ सकते हैं और दोपहर में 12 बजे से 4 बजे तक जा सकते हैं। जागृति पार्क बहुत सुंदर है। जागृति पार्क में प्रवेश का शुल्क लिया जाता है। इस पार्क में आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा।

विजयराघवगढ़ किला - Vijayaraghavgarh Fort Katni / Vijayaraghavgarh ka kila

विजयराघवगढ़ किला एक प्राचीन किला है। यह किला कटनी शहर की विजयराघवगढ़ तहसील में स्थित है। विजयराघवगढ़ किलें का आकार आयताकार है। विजयराघवगढ़ किला का निर्माण 1826 में राजा बिसन सिंह के द्वारा किया गया था। राजा बिसन सिंह मैहर के राजा प्रयाग दास पुत्र थे। यह महल बलुआ पत्थर से बना हुआ है। विजयराघवगढ़ किलें में घूमने के लिए आपको बहुत सारे दर्शनीय स्थल देखने मिलते है। यहां पर आप रंगमहल, ब्रम्हा चबूतरा, समाधि स्थल, देखने मिलता है। इस किलें का बहुत सारा हिस्सा अब क्षतिग्रस्त होकर धराशयी हो गया है। 

राधा कृष्ण मंदिर या कटाये घाट मंदिर - Radha Krishna Temple Katni or Katay Ghat Temple Katni 

राधा कृष्ण मंदिर कटनी शहर का प्रसिध्द पर्यटन स्थल है। राधा कृष्ण मंदिर कटनी शहर में कटाये घाट के पास स्थित है। कटाये घाट एक प्राकृतिक स्थल है। आपको यहां पर हनुमानजी, पंच मुखी हनुमानजी, दुर्गाजी, दत्तत्रेय जी, और राधा कृष्ण की मूर्ति देखने मिलती है। इस मंदिर का चारों तरफ का वातावरण बहुत ही मनोरम है। यहां पर सीता और राम जी मंदिर भी स्थित है। यह मंदिर बहुत पुराना है। त्यौहार के समय कटाये घाट पर बहुत भीड लगती है। मंदिर के बाजू से एक नदी बहती है, जिसे कटनी नदी कहते है। बरसात के समय यहां पर आपको बहुत अच्छा लगेगा।

रूपनाथ मंदिर - Roopnath Temple Katni / Rupnath mandir Katni/ Roopnath dham

रूपनाथ धाम एक धार्मिक स्थल है। रूपनाथ धाम कटनी शहर की एक दर्शनीय जगह है। रूपनाथ धाम बहोरीबंद तहसील से करीब 3 किलोमीटर दूर है। यहां पर आपको शिव भगवान जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर प्राचीन गुफा है, जिसमें चमगादड रहते है। गुफा पर शिवलिंग विराजमान है। यहां पर राम कुंड, सीता कुंड, और लक्ष्मण कुंड नाम के तीन तालाब है। रूपनाथ मंदिर के उपर एक तालाब भी मौजूद है। यहां पर पहाडियों का दृश्य मनोरम है। यहां पर बरसात पर आपको झरना भी देखने मिलता है। 

कामकंदला किला - Kamakandla Fort Katni / Kamakandla Kila bilhari Katni

कामकंदला किला कटनी शहर का एक प्राचीन किला है। कामकंदला किला कटनी शहर के बिलहरी में स्थित है। कामकंदला किला कटनी शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर है। यहां पर आपको एक बावली भी देखने के लिए मिलती है, जो प्राचीन है और इसमें पानी भी है। यहां पर आपको मछली भी देखने मिलती है। यहां पर आपको हनुमान जी की मूर्ति भी देखने मिलती है। कामकंदला किला पर एक शिव भगवान जी का मंदिर है और मंदिर के छत पर आपको पेंटिग देखने मिलती है। शिव मंदिर पर शिवलिंग मौजूद नहीं है। कामकंदला किलें के अंदर कुछ प्राचीन मूर्तियां भी आपको देखने मिलती है। बिलहरी के आसपास आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते है, जो प्राचीन है। 

श्री तारन तारन दिगंबर जैन मंदिर - Shri Taran Taran Digambar Jain Temple Katni

तारन तरन एक जैन मंदिर है, जो कटनी शहर के बिलहरी में स्थित है। यह मंदिर कटनी शहर में घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। 

सेंटर पॉइंट ऑफ़ इंडिया - Center point of india Katni

सेंटर पॉइंट ऑफ़ इंडिया भारत का भौगोलिक केंद्र बिंदु है। यह कटनी शहर के पास घूमने के लिए एक अच्छी जगह है। सेंटर पॉइंट ऑफ़ इंडिया कटनी शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर है। यह जगह कटनी के पान उमरिया के करीब स्थित है। यहाँ पर प्रसिद्ध महर्षि विद्या पीठ संस्थान स्थापित हैं। आप यहां पर स्वयं के वाहन से आसानी से पहुँच सकते हैं।

घोघरा नर्सरी जलप्रपात - Ghoghara Nursery Falls Katni

घोघरा नर्सरी जलप्रपात एक खूबसूरत जलप्रपात है, जो कटनी शहर में स्थित है। यह छोटा जलप्रपात है, मगर खूबसूरत है। यह झरना कटनी नदी पर बना हुआ है। यहां पर आकर आप पिकनिक मना सकते हैं। यहां पर झरने के पास एक मंदिर भी है, जहां जाकर आप शिव भगवान के दर्शन कर सकते है। यह झरना बरसात के समय देखने के लिए मिलता है। यहां पर आसपास के गांव के बच्चे नहाते हुए आपको देखने के लिए मिल जाते हैं। यह जगह खूबसूरत है। 

वसुधा झरना - Vasudha Falls Katni

वसुधा झरना कटनी शहर का एक खूबसूरत दर्शनीय स्थल है। यह कटनी शहर में घूमने वाली एक प्राकृतिक जगह है। यहां पर आप आकर प्रकृति और झरने का मजा ले सकते हैं। इस झरने पर पहुंचने के लिए आपको थोड़ी सी ट्रेकिंग करनी पड़ती है। वसुधा झरना घने जंगलों के बीच में स्थित है। यहां पर आपको झरना और एक कुंड देखने के लिए मिलता है, जो बहुत खूबसूरत लगता है। वसुधा झरना वसुधा नाम के गांव में स्थित है।

हनुमान मंदिर मुहास - Hanuman Temple Muhas Katni

मुहास का हनुमान मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। मुहास हनुमान मंदिर कटनी शहर की रीठी तहसील में स्थित है। इस हनुमान मंदिर में हनुमान जी को डॉक्टर माना जाता है, जो लोगों की हड्डियों का इलाज करते हैं। यहां पर बहुत दूर-दूर से लोग आते हैं। यहां पर शनिवार को बहुत ज्यादा भीड़ रहती है।

लिपरी जलाशय - Lipri reservoir / Lipri Dam

लिपरी कटनी में स्थित एक जलाशय है। यह बरसात के समय में पानी से भर जाता है, तो बहुत खूबसूरत लगता है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। यह कटनी शहर के बहुत करीब है।

वैष्णव देवी मंदिर कटनी - Vaishnav Devi Temple Katni / Vaishnav Devi Mandir Katni

वैष्णव देवी मंदिर कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है। वैष्णव देवी धाम कटनी शहर की एक धार्मिक जगह है। यह मंदिर एक ऊंचे पहाड़ी पर स्थित है। वैष्णव देवी मंदिर करीब 15 किलोमीटर दूर सुंगरहा गाँव में स्थित है। आप यहां पर आकर हरे-भरे माहौल में माता के दर्शन कर सकते हैं। यह जगह खूबसूरत है। यह मंदिर जंगल के बीच में स्थित है। 

चतुर्युग धाम बडेरा - Chaturyug Dham Badera Katni

चतुर्युग धाम बडेरा कटनी शहर का एक धार्मिक स्थल है। यह कटनी शहर के बड़ेरा गांव में स्थित है। चतुर्युग धाम बडेरा कटनी से करीब 15 किलोमीटर दूर है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग से करीब 2 किलोमीटर दूर है। यहां पर आपको पांच मंजिलें देखने के लिए मिलती हैं, जो अलग-अलग युग को समर्पित है। यहां पर पहली मंजिल  सतयुग को समार्पित है। दूसरी मंजिल त्रेता युग को समर्पित है। तीसरी मंजिल द्वापर युग को समार्पित है। चैथी मंजिल पर कलयुग को समार्पित है और सबसे ऊपरी मंजिल मां दुर्गा मंदिर को समार्पित है।

सुरम्या पार्क कटाये घाट - Surmya Park Katay Ghat Katni

सुरम्या पार्क कटनी में स्थित एक दर्शनीय स्थल है। यह पार्क कटायें घाट जाने वाले रास्ते पर स्थित है। आप इस पार्क में बोंटिग का मजा ले सकते है। यहां पर बच्चों के मनोरंजन के लिए बहुत सारे झूले है। इस पार्क का प्रबंधन सरकार के द्वारा किया जाता है। यहां पर एक टॉय ट्रेन भी है, जिसके आप मजे ले सकते हैं।

कैमोरी डैम - Kaimori dam Katni / Kaimori reservoir Katni

कैमोरी जलाशय कटनी जिले में घूमने वाली एक जगह है। यह एक छोटा सा मगर एक देखने लायक जगह है। यह जलाशय पहाडों से घिरी हुई है। बरसात के टाइम में यह जलाशय पानी से भर जाता है और पानी ओवरफलो होता है, जो बहुत मनोरम होता है। यहां पर एक हनुमान मंदिर भी है। यहां पर सूर्यास्त का नजारा बहुत ही अच्छा होता है। 

कंकाली देवी मंदिर या तिगवा - Kankali Devi Temple Katni or Tigwa Katni

तिगवा कटनी शहर की एक ऐतिहासिक जगह है। इस जगह पर आपको बहुत सारी  पत्थर की नक्काशी देखने के लिए मिलती है। यहां पर कंकाली देवी का मंदिर भी है। कंकाली देवी का मंदिर छोटा सा है। यह गुप्तकालीन मंदिर है और लगभग 5 वी शताब्दी में बना हुआ है। इसके सामने मंडप बना हुआ है और इसमें अलग-अलग कलाकृतियां देखने के लिए मिलती है। यहां पर विष्णु भगवान जी की प्रतिमाएं दीवार पर उकेरी गई है। तिगवा देखने लायक जगह है। आपको यहां पर बहुत सारी पत्थर पर उकेरी कलाकृतियां देखने मिलती है। तिगवा कंकाली देवी मंदिर कटनी के बहोरीबंद तहसील में स्थित है। यह बहोरीबंद तहसील से 5 किलोमीटर दूर है।

बहोरीबंद जलाशय - Bahoriband reservoir Katni / Bahoribund dam Katni

बहोरीबंद जलाशय कटनी शहर में स्थित है। यह कटनी जिलें की बहोरीबंद तहसील में स्थित है। यह खूबसूरत जलाशय है। खूबसूरत पहाड़ों से घिरा हुआ है। आप यहां पर आ कर अपना समय बिता सकते हैं। बहोरीबंद जलाशय घूमने के लिए अच्छी जगह है। मगर यहां पर किसी भी तरह की कोई सुविधा नहीं है। 

प्राचीन विष्णु वराह मंदिर - Ancient Vishnu Varaha Temple Katni

प्राचीन विष्णु मंदिर कटनी शहर का एक दर्शनीय स्थल है। यह एक ऐतिहासिक जगह है। यहां पर आपको बहुत सारी पत्थर की प्रतिमाएं देखने के लिए मिलती है। यहां पर विष्णु भगवान के सुकर अवतार की प्रतिमा है, जो पत्थर की बनी है। 





खंदारी झरना जबलपुर - Khandari waterfall jabalpur | khandari Dam jabalpur

खंदारी जलप्रपात जबलपुर - Khandari Falls Jabalpur | Khandari  jalaprapat

खंदारी झरना जबलपुर - Khandari waterfall jabalpur | khandari Dam jabalpur

खंदारी जलप्रपात (khandari waterfall) छोटा सा मगर बहुत खूबसूरत जलप्रपात है। खंदारी जलप्रपात (khandari waterfall) डुमना नेचर पार्क में स्थित खंदारी झील (khandari lake)  में पानी के ओवरफलो के होने पर बनता है। यह जलप्रपात जबलपुर जिले में स्थित है। आपको खंदारी जलप्रपात (khandari waterfall) बरसात के समय देखने मिल जाएगा। बरसात के समय में ही खंदारी जलाशय (khandari lake) पानी से भर जाता है और डैम का पानी ओवरफ्लो होने लगता है। खंदारी जलाशय (khandari lake) का पानी जहां ओवरफ्लो होता है, उससे थोड़ा आगे एक और जलप्रपात बनता है, जो बहुत खूबसूरत होता है। यह जलप्रपात छोटा रहता है और यहां पर पहाड़ों से पानी गिरता है, जो बहुत ही अच्छा लगता है। यहां पर आप आकर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आप  पिकनिक मना सकते हैं। यह जगह हरियाली से भरी हुई है।

आप खंदारी जलप्रपात
(khandari waterfall) के नजदीक जा सकते हैं और यहां पर इंजॉय कर सकते हैं। बरसात के समय आप यहां पर आते हैं, तो खंदारी नदी की तेज धार को पार करते हुए आपको आना पड़ता है। खंदारी जलप्रपात (khandari waterfall) में पहुंचने के लिए आपको धोबी घाट से होते हुए आना पडता है। यहां रोड पक्की है। उसके बाद आप गाड़ी को रोड के किनारे खडा कर सकते है। यहां पर जाने का कोई भी शुल्क नहीं लिया जाता है। मगर यहां पर ज्यादा भीड़ होने की स्थिति में पार्किंग का चार्ज लिया जाता है, मगर यहां पर भीड़ नहीं रहती है, तो यहां पर ऐसा कोई चार्ज नहीं लिया जाता है। यहां पर आप आकर इंजॉय कर सकते हैं। रोड से झरना करीब 500 मीटर दूर होगा। आपको कच्चे रास्ते में पैदल चलना पड़ता है। आप इस झरने के नीचे नहाने का भी मजा ले सकते हैं। इस झरने की खूबसूरती को देख सकते हैं।

साल 2019 में खंदारी झरना
(khandari waterfall) के पास एक दुर्घटना हो गई थी। यहां पर जो पानी ओवरफ्लो होता है, झरने से थोड़ा आगे एक पूल बनता है, जो गहरा है। पूल में एक आदमी की डूबकर मृत्यु हो गई थी, जिसके कारण इस झरने पर जाने पर रोक लगा दी गई थी। इसलिए अगर आप इस झरने में जाते हैं, तो संभल कर जाएं। किसी भी तरह की असावधानी ना बरतें। अगर आप यहां पर नहाने का आनंद भी लेते हैं, तो सावधानी जरूर बरतें। क्योंकि बरसात में फिसलन बहुत होती है। आप यहां पर अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ जाकर अच्छा समय बिता सकते है।