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माधव उद्यान विदिशा - Madhav Park Vidisha

माधव उद्यान या माधव पार्क विदिशा मध्य प्रदेश -  Madhav Udyan or Madhav Park Vidisha Madhya Pradesh माधव उद्यान या माधव पार्क विदिशा शहर का एक मुख्य स्थल है। यहां पर आपको आकर बहुत अच्छा लगेगा, क्योंकि यहां पर आपको झील देखने के लिए मिलेगी। यहां चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलेगी। फूलों के पौधे देखने के लिए मिलेंगे। माधव उद्यान विदिशा में स्थित एक सुंदर बगीचा है। यहां पर बहुत सारे बदक भी रखे गए हैं। यहां पर आप अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर बहुत सारे लोग घूमने के लिए आते हैं। इस पार्क में प्रवेश निशुल्क है। यहां पर किसी प्रकार का कोई भी शुल्क नहीं लिया जाता है। यहां पर  झील बहुत बड़े क्षेत्र में फैली हुई है। झील के चारों तरफ वॉक करने के लिए रोड बना हुआ है। झील के किनारे पर कसरत करने के लिए यंत्र लगाए गए हैं। यहां पर अलग-अलग यंत्र लगे हुए हैं, जिससे आप आसानी से  कसरत  कर सकते हैं। यहां पर आकर अच्छा लगता है और अच्छा समय बिताया जा सकता है। माधव पार्क पर विदिशा शहर में रहने वाले बहुत सारे लोग शाम के समय और सवेरे के समय घूमने के लिए आते हैं।  हम लोग माधव उद्यान में घूमने के लि

बज्र मठ ग्यारसपुर, विदिशा - Bajra Math Gyaraspur, Vidisha

बज्र मठ अथवा बाजरा मठ ग्यारसपुर तहसील, विदिशा -  Bajra Math Gyaraspur Tehsil, Vidisha बज्र मठ या बाजरा मठ के नाम से यह मंदिर ग्यारसपुर का प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर विदिशा शहर के ग्यारसपुर तहसील में स्थित है। यह मंदिर मुख्य सड़क से कुछ ही दूरी पर बना हुआ है। आपको मुख्य सड़क से ही यह मंदिर देखने के लिए मिल जाता है। यह मंदिर पूरी तरह पत्थर का बना हुआ है। यह मंदिर ऊंचे मंडप पर बना हुआ है। मंडप के ऊपर तीन मंदिर देखने के लिए मिलते हैं, जिसमें जैन तीर्थ कारों की प्रतिमाएं विराजमान है। इस मंदिर की बाहरी दीवार में बहुत ही सुंदर नक्काशी की गई है। यहां पर आपको बहुत सारी नक्काशी देखने के लिए मिलती हैं। यह मंदिर ग्यारसपुर में मुख्य सड़क से अंदर की तरफ स्थित है। यहां पर आप बहुत ही आराम से पहुंच सकते हैं। यह मंदिर बहुत खूबसूरत लगता है।  हम लोग ग्यारसपुर के मंदिर घूमने के बाद, इस मंदिर में गए थे। यह मंदिर हमें मुख्य सड़क से देखा था। इसलिए हम लोग इस मंदिर में गए थे। इस मंदिर में जाने के लिए कच्ची सड़क है। यह मंदिर मुख्य सड़क से करीब 0.2 km दूर होगा। यहां पर बहुत बड़ा मैदान देखने के लिए मिलता है। य

ढेकीनाथ बौद्ध स्तूप ग्यारसपुर, विदिशा - Dhekinath Buddhist Stupa Gyaraspur, Vidisha

ढेकीनाथ बौद्ध  स्तूप  पुरातत्व स्थल -  Dhekinath  Buddhist Stupa Archaeological Site ढेकीनाथ स्तूप ग्यारसपुर शहर का एक प्राचीन स्थल है। यहां पर आपको स्तूप देखने के लिए मिलता है। यह स्तूप ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। इस स्तूप तक जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। यह स्तूप ग्यारसपुर शहर से थोड़ी दूरी पर स्थित है। यह स्तूप करीब एक से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा। आप यहां पर अपनी बाइक से या कार से पहुंच सकते हैं।  हम लोग माला देवी मंदिर घूमने के बाद इस स्तूप में घूमने के लिए गए थे। यह मुख्य शहर से करीब 1 किलोमीटर दूर होगा। हम लोग अपनी स्कूटी से स्तूप में घूमने गए थे। इस स्तूप तक जाने के लिए पक्की सड़क बनी हुई है। इस स्तूप में पहुंचकर हमें सीढ़ियों चढ़ने थी, क्योंकि यह स्तूप ऊंचाई पर बना हुआ है। यहां पर करीब 100 सीढ़ियां हैं। स्तूप के आसपास हरियाली है और शांति थी। हम लोगों को यहां पर बहुत अच्छा लगा। यहां पर हम लोग सीढ़ियां चढ़कर स्तूप के पास पहुंच गए। यह स्तूप पूरी तरह पत्थर का बना हुआ है। स्तूप के ऊपर रेलिंग बनी हुई है। इस रेलिंग में चढ़ने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। इस स्तूप में एक छो

ग्यारसपुर का किला, ग्यारसपुर, विदिशा - Gyaraspur Fort, Gyaraspur, Vidisha

ग्यारसपुर का किला और माँ बिजासन माता मंदिर ग्यारसपुर, विदिशा, मध्य प्रदेश -  Gyaraspur ka kila aur Maa Bijasan Mata Mandir Gyaraspur, Vidisha, Madhya Pradesh ग्यारसपुर का किला विदिशा शहर का एक प्राचीन किला है। मगर इस किले का अब आपको कुछ ही अवशेष देखने के लिए मिलेगा, क्योंकि यह किला पूरी तरह से नष्ट हो गया है और यहां पर आम लोगों का कब्जा हो गया है। यह किला पूरी तरह से लुप्त हो गया है। किले से थोड़ी ही दूरी पर बिजासन मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर भी बहुत प्राचीन है और यह मंदिर पहाड़ी के ऊपर बना हुआ है।  इस मंदिर में जाने के लिए रास्ता पक्का बना दिया गया है। मंदिर में पहाड़ी के नीचे के साइड तालाब बना हुआ है। यह तालाब भी प्राचीन है और यह तालाब बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है।  इस तालाब को मानसरोवर तालाब कहते हैं।  तालाब के बाजू में ही छोटा सा गार्डन बना दिया गया है और यहां पर आपको प्राचीन मंदिर के अवशेष देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर बहुत सारे सीताफल के पेड़ लगे हुए थे। पूरी पहाड़ी में सीताफल के पेड़ लगे हुए थे।  पहाड़ी में हमें स्मारक देखने के लिए मिले। यह स्मारक बहुत ही अद्भु

हिंडोला तोरण ग्यारसपुर विदिशा - Hindola Toran Gyaraspur Vidisha

हिंडोला तोरण ( चौखंबा ) ग्यारसपुर विदिशा,  मध्य प्रदेश -  Hindola toran Gyaraspur Vidisha, Madhya Pradesh ग्यारसपुर का हिंडोला तोरण एक प्राचीन स्थल है।  हिंडोला तोरण को चौखंबा भी कहा जाता है, क्योंकि यहां पर चार खंबे आपको देखने के लिए मिलते हैं।  हिंडोला तोरण बहुत ही सुंदर है। यहां पर आपको चार स्तंभ देखने के लिए मिलते हैं। हिंडोला तोरण को देखने से लगता है, कि यहां पर प्राचीन मंदिर रहा होगा, जो समय के साथ नष्ट हो गया है। यहां पर उस मंदिर के अवशेष पड़े हुए हैं। यहां पर आपको चार खंबे देखने के लिए मिलते हैं। यह चारों खंभे बहुत ही सुंदर और नक्काशी दार है। इसके अलावा इस का प्रवेश द्वार देखने के लिए मिलता है। यह प्रवेश द्वार बहुत ही सुंदर है। इस प्रवेश द्वार में भी बहुत सुंदर नक्काशी की गई है।  हिंडोला का मतलब होता है - झूला और यहां पर यह सुंदर  प्रवेश द्वार  किसी झूले के सामान लगता है।  हिंडोला तोरण बहुत ही सुंदर और अलंकृत है। इस तोरण के स्तंभ में आपको विष्णु भगवान के 10 अवतारों का चित्रण देखने के लिए मिलता है। इसके चारों तरफ विष्णु भगवान के अवतार बनाए गए हैं। इसमें आपको विष्णु भगवान जी

माला देवी मंदिर ग्यारसपुर विदिशा - Mala Devi Temple Gyaraspur Vidisha

मालादेवी मंदिर ग्यारसपुर,  विदिशा मध्य प्रदेश -  Maladevi Mandir Gyaraspur, Vidisha, Madhya Pradesh ग्यारसपुर का माला देवी मंदिर एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर विदिशा जिले के ग्यारसपुर तहसील में स्थित है। यह मंदिर ग्यारसपुर में ऊंची पहाड़ी पर पहाड़ी के आखिरी छोर पर बना हुआ है। माला देवी मंदिर प्राचीन मंदिर है और इस मंदिर की बाहरी दीवारों पर बहुत ही सुंदर मूर्ति कला देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर पहाड़ी के किनारे बना हुआ है। इस मंदिर का कुछ हिस्सा पहाड़ी को काटकर बनाया गया है और यह मंदिर बहुत ही सुंदर लगता है। इस मंदिर में बहुत ही सुंदर नक्काशी की गई है। मंदिर के अंदर गर्भ गृह में अब जाने नहीं दिया जाता है। मगर आप बाहर से ही मंदिर को देख सकते हैं। मंदिर का जो गर्भ ग्रह है। उसकी छत पर बहुत ही सुंदर नक्काशी की गई है। यह पूरा मंदिर पत्थरों को काटकर और पत्थरों को एक के ऊपर एक रखकर जोड़कर बनाया गया है। माला देवी टेम्पल ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। इसलिए आप पहाड़ी से चारों तरफ की दृश्य को देख सकते हैं। दूर-दूर तक फैला हुआ मैदान और खेत, पहाड़ देखने के लिए मिलते हैं।  ग्यारसपुर विदिशा जिल

विदिशा पर्यटन स्थल - Vidisha tourist places | Tourist places in Vidisha

विदिशा के दर्शनीय स्थल - Places to visit in Vidisha | Tourist places near Vidisha | Vidisha historical place विदिशा में घूमने की जगहें सांची स्तूप -  Sanchi  ka stupa सांची एक विश्व धरोहर स्थल है। सांची एक प्रसिद्ध बौद्ध स्मारक है। सांची मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में स्थित है। यह भारत की सबसे पुरानी पत्थर की संरचना में से एक है। यहां पर आपको बौद्ध स्मारक देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर पूरी दुनिया से लोग सांची के स्तूप को देखने के लिए आते हैं। सांची के स्तूप भोपाल से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप भोपाल से यहां पर ट्रेन के माध्यम से और रोड के माध्यम से आ सकते हैं। सांची के स्तूप एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। यहां पर आपको बहुत सारे बौद्ध स्मारक देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको मंदिर, महल, खंडित स्तंभ, और मठ देखने के लिए मिल जाते हैं। सांची के बौद्ध स्तूप को पहली और दूसरी शताब्दी के मध्य बनाया गया था। यह स्तूप सम्राट अशोक के द्वारा बनाए गए थे। यहां पर सम्राट अशोक का शिलालेख भी पाया जाता है। यहां पर आपको तीन स्तूप देखने के लिए मिलते हैं, जिसमें से एक स्तूप सबसे बड़ा