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Katai Ghat - Katai Ghat Katni | Katai Ghat mandir | Radha Krishna mandir, Katai Ghat, Katni

कटाये घाट - राधा कृष्ण मंदिर कटनी | कटाये घाट मंदिर | Katni mandir | Katni tourism कटनी शहर में कटाये घाट नाम की जगह बहुत प्रसिद्ध है। इस जगह में कटनी नदी बहती है। यहां पर आपको मंदिर भी देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर राधा और कृष्ण जी को समर्पित है। कटाये घाट में स्थित राधे कृष्ण जी का मंदिर बहुत पुराना है और यह मंदिर बहुत सुंदर भी है। आपको यहां आकर राधा कृष्ण जी की बहुत ही भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर और भी बहुत सारी प्रतिमा विराजमान है। यहां पर आपको पंचमुखी हनुमान जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। दत्तात्रेय की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है और दुर्गा जी की प्रतिमा भी आपको यहां पर देखने के लिए मिलती है। यह जगह प्राकृतिक खूबसूरती से भरी हुई है। मंदिर के बाजू में ही कटनी नदी बहती है, जिसका दृश्य बहुत ही खूबसूरत रहता है। बरसात के समय में इस नदी में बाढ़ आती है, तो आप नदी के आर-पार नहीं जा सकते हैं। मगर गर्मी के समय जब नदी में पानी कम  हो  जाता है, तो आप नदी के आर-पार जा सकते हैं। नदी के उस पार भी आपको मंदिर देखने के लिए मिलता है, जो खूबसूरत लगता है।  नदी के आर-पार जाने क

माँ शारदा मंदिर मैहर - Maa sharda temple maihar | Maihar sharda mata mandir

शारदा मंदिर मैहर - Sharda mandir maihar |  मैहर  मैहर शारदा माता मंदिर मैहर का शारदा माता का मंदिर पूरे मध्यप्रदेश में प्रसिद्ध है। यह 1 शक्तिपीठ है और यहां पर हजारों की संख्या में भक्त शारदा माता के दर्शन करने के लिए आते हैं। शारदा माता का मंदिर सतना जिले के मैहर में स्थित है। मैहर में शारदा माता का मंदिर त्रिकूट पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। इस पहाड़ी तक जाने के लिए सीढ़ियां बनाई गई है। आप चाहे तो कार में भी जा सकते हैं और यहां पर आप रोपवे की मदद से भी जा सकते हैं।  उदल की कहानी - Udal ki kahani मैहर का शारदा माता का मंदिर एक चमत्कारिक मंदिर है। कहा जाता है कि यहां पर हर दिन आल्हा और उदल आकर पहली पूजा करते हैं। आल्हा और उदल मां शारदा के परम भक्त थे और मां शारदा ने उन्हें अमर होने का वरदान दिया था। इसलिए सबसे पहले पूजा आकर आल्हा और उदल के द्वारा की जाती है। पंडित जी जब सुबह मंदिर के द्वार खोलते है, तो उन्हें फूल एवं जल चढ़ा हुआ मिलता है। यह चमत्कार शारदा माता के मंदिर में रोज होता है। मैहर मंदिर कैसे पहुँचें - how to reach maihar temple आप मैहर के शारदा मंदिर घू

उज्जैन के मंदिर - Ujjain famous temple | ujjain mandir list

उज्जैन दर्शनीय स्थल - Ujjain ke mandir | Ujjain temple list | Ujjain ka mandir उज्जैन मध्य प्रदेश में स्थित एक खूबसूरत शहर है। उज्जैन को प्राचीन काल में उज्जैनि या अवंतीका के नाम से जाना जाता था। उज्जैन में प्राचीन काल में राजा विक्रमादित्य का शासन था। उज्जैन शहर को मंदिरों के शहर के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा उज्जैन में करीब 2000 से भी अधिक मंदिर स्थित है। आज के लेख में हम उज्जैन शहर के  मुख्य मंदिरों के बारे में जानकारी देने वाले हैं।  महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग - Mahakal mandir ujjain उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर पूरे भारत देश में प्रसिद्ध है। उज्जैन मध्यप्रदेश का एक  प्राचीन नगरी माना जाता है। महाकालेश्वर मंदिर एक धर्मिक स्थल है। महाकालेश्वर हिंदू लोगों के लिए एक पवित्र स्थल है। महाकालेश्वर में स्थित शिवलिंग 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और महाकालेश्वर में स्थित शिवलिंग स्वयंभू है, अर्थात यह धरती से स्वयं उत्पन्न हुआ है। इसकी स्थापना किसी ने भी नहीं की है। महाकालेश्वर मंदिर शिप्रा नदी के पास स्थित है। यहां मंदिर बहुत ही भव्य है। यह मंदिर बहुत बडे क्षेत

पचमढ़ी के मंदिर - Pachmarhi temple | Pachmarhi yatra

पचमढ़ी मंदिर - Pachmarhi ka mandir  महादेव मंदिर  चौरागढ़  पचमढ़ी - Mahadev mandir chauragarh pachmarhi |  chauragarh mandir चौरागढ़   पचमढ़ी का एक धार्मिक स्थल है। चौरागढ़ पर एक मंदिर स्थित है, जो शिव भगवान जी को समर्पित है। चौरागढ़ का महादेव मंदिर बहुत प्राचीन मंदिर है। महादेव मंदिर पचमढ़ी में एक ऊंचे पहाड़ी पर स्थित है। महादेव मंदिर में जाने के लिए आपको करीब 2 से 3 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। महादेव मंदिर में पहुंचने का जो रास्ता है, वह पूरा जंगल से घिरा हुआ है। महादेव मंदिर में आपको शंकर भगवान जी की अद्भुत प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। आप इस मंदिर से पचमढ़ी के चारों तरफ का दृश्य देख सकते हैं, जो बहुत ही मनोरम होता है। इस मंदिर में नागद्वार , महाशिवरात्रि और सावन सोमवार के समय बहुत भीड़ रहती है। यहां पर मेला लगता है और लाखों की संख्या में लोग भगवान शंकर जी के दर्शन करने के लिए आते हैं। काल भैरव गुफा  चौरागढ़ - Kaal bhairav gufa chauragarh काल भैरव गुफा चौरागढ़  जाने वाले रास्ते में ही पड़ती है।  यहां पर आपको एक गुफा देखने के लिए मिलती है। इस गुफा तक जाने का रास्ता

झोतेश्वर मंदिर गोटेगांव | Jhoteshwar temple | jyoteshwar dham

ज्योतिश्वर मंदिर गोटेगांव - Jhoteshwar ka mandir | Jyoteshwar temple narsinghpur   ज्योतिश्वर मंदिर (jyoteshwar mandir) मध्य प्रदेश में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर को ज्योतिश्वर और झोतेश्वर मंदिर (jhoteshwar mandir) के नाम से जाना जाता है। ज्योतिश्वर मंदिर (jyoteshwar mandir) मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिलें के गोटेगांव तहसील में स्थित है। यह बहुत ही खूबसूरत मंदिर है। ज्योतिश्वर मंदिर (jyoteshwar mandir) मां राजराजेश्वरी को समर्पित है। यह मंदिर बहुत भव्य है। यह मंदिर बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। ज्योतिश्वर मंदिर (jyoteshwar mandir) के शिखर पर एक स्वर्ण कलश स्थापित किया गया है। मंदिर के उपर छोटे-छोटे गुंबद बनाए गए हैं, जिससे मंदिर बहुत ही खूबसूरत लगता है। मंदिर की छत पर कमल की नक्काशी की गई है, जिससे मंदिर बहुत ही सुंदर लगता है। मंदिर में मां राजराजेश्वरी की मूर्ति की स्थापना की गई है। मां राजराजेश्वरी मां दुर्गा का रूप है। मां राजराजेश्वरी की मूर्ति के पीछे एक मां दुर्गा की पेंटिग बनी हुई है। आपको यहां पर कुछ फोटोग्राफ भी देखने मिल जाती है। मंदिर के अं

त्रिपुर सुंदरी मंदिर जबलपुर - Tripur sundari mandir jabalpur | Tripura Sundari Temple Jabalpur

  जबलपुर का त्रिपुर सुंदरी मंदिर Tripur sundari mata jabalpur   त्रिपुर सुंदरी मंदिर जबलपुर (tripur sundari mandir jabalpur) का एक धार्मिक स्थल (dharmik sthal) है। त्रिपुर सुंदरी मंदिर जबलपुर (tripur sundari mandir jabalpur) का एक दर्शनीय स्थल (darshaniy sthal) है। यहां पर हजारों की संख्या में लोग माता के दर्शन करने के लिए आते हैं। त्रिपुर सुंदरी मंदिर ( tripur sundari mandir ) माता राजराजेश्वरी (mata raj rajeshwari) को समर्पित है। त्रिपुर सुंदरी मंदिर ( tripur sundari mandir ) पहाड़ी पर बना हुआ है। यहां पर मंदिर के बाहर पर्किग की उचित व्यवस्था है। यहां पर आप मंदिर में आकर त्रिपुर सुंदरी के दर्शन कर सकते है। यहां पर मुख्य मंदिर राजराजेश्वरी माता (raj rajeshwari mata ) का है। कहा जाता है कि माता की मूर्ति स्वयंभू है। माता के मूर्ति की स्थापना नहीं की गई है। मूर्ति स्वयं जमीन से निकली है। यहां पर आपको राजराजेश्वरी माता (raj rajeshwari mata ) की मूर्ति देखने के लिए मिलती हैं, जो काले रंग की हैं। माता का शृंगार किया हुआ है। माता को चांदी का मुकुट भी चढ़ा हुआ है। यहां पर

शारदा मंदिर बरेला जबलपुर - Sharda temple barela jabalpur

Sharda mata mandir jabalpur शारदा मंदिर बरेला जबलपुर  बरेला का शारदा माता का मंदिर  पूरे जबलपुर में प्रसिद्ध है। यह मंदिर जबलपुर के अलावा भी आसपास के क्षेत्र में भी प्रसिद्ध है। शारदा मंदिर जबलपुर का एक प्राचीन मंदिर है। बरेला में शारदा माता जी का मंदिर है। शारदा माता का मंदिर एक ऊंचे पहाड़ी पर बना हुआ है और इस पहाड़ी पर आप अपनी गाड़ी से जा सकते हैं। मंदिर तक पक्की सड़क बनी हुई है।  मगर इस सड़क पर  कहीं-कहीं  पर  खड़ी चढ़ाई है और सर्पाकार है। अगर आप यहां आते हैं, तो अपनी गाड़ी संभाल कर चलाइए। यहां पर दोपहिया और चार पहिया वाहन से पहुंचा जा सकता है। मंदिर में आपको शारदा माता की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। मंदिर में गणेश जी, शंकर जी की, राम जी की प्रतिमाएं भी स्थित हैं, जिनके आप दर्शन  कर  सकते हैं। मंदिर का परिसर बहुत शांत है। आप शारदा माता के मंदिर से चारों तरफ का दृश्य देख सकते हैं, जो बहुत ही मनोरम होता है। यहां पर पीने के पानी के लिए एक टंकी रखी गई है। मंदिर के परिसर में आप आकर शांति से बैठ सकते हैं। मंदिर में शाम के टाइम आकर सूर्य अस्त देखने में बहुत अच्छा लगता है और यहां का

बिरला मंदिर जयपुर की यात्रा

बिरला मंदिर जयपुर बिरला मंदिर का खूबसूरत दृश्य  बिरला मंदिर जयपुर शहर का एक दर्शनीय स्थल है। जयपुर का बिरला मंदिर सफेद संगमरमर से बना हुआ  है। यह मंदिर बहुत बड़ा है, जो देखने में बहुत ही आकर्षक लगता है। इस मंदिर को देखने के लिए बहुत सारे लोग दूर-दूर से आते हैं और यह पर आपको विदेश से आने वाले लोग भी देखने मिल जाएगें।  यह मंदिर बहुत ही भव्य है और पूरी तरह से वाइट मार्बल से बना हुआ है और काफी बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। इस मंदिर में आपको श्री लक्ष्मी नारायण जी की मूर्ति देखने मिलेगी। इस मंदिर में फोटो खींचना मना है। मंदिर के बाहर जाकर आप फोटो खींच सकते हैं। यहां का जो वातावरण है, वह शांत है। वैसे शाम को यह पर बहुत सारे पर्यटक मंदिर की खूबसूरती निहारने आते है।  गार्डन में स्थित शंकर भगवान जी की मूर्ति  बिरला मंदिर बहुत ही अच्छा है। यह पर आपको बहुत अच्छा लगेगा। इस मंदिर पर हम लोग ऑटो से आए थे। हम लोग इस मंदिर में शाम को आए थे। शाम को हम लोग 4 बजे करीब अपने होटल से इस मंदिर के लिए निकले थे और करीब आधे घंटे में इस मंदिर में पहुंच गए थे। इस मंदिर में बहुत बड़ा गार्डन ह

जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर का किला जैसलमेर जिलें  के प्रमुख  पर्यटन स्थलों  में से एक है।  जैसलमेर का किला जैसलमेर जिले में स्थित एक बहुत ही विशाल किला है।  यह किला आपको जैसलमेर शहर के किसी भी हिस्से से देखने मिल जाता है।  यह किला एक पहाड़ी पर स्थित है और यह किला रेलवे स्टेशन से करीब 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा। आप इस किलें तक पहुॅचने के लिए  ऑटो लेकर आराम से जा सकते हैं। रेल्वे स्टेशन में ही आटों वाले आ जाते है, और आपसे पूछते है, कि आप कहां जाएगें। आप आटो वालों से मोलभाव करके इस किलें तक आ सकते है।  जैसलमेर किले का रानी महल  इस किलें की स्थापना राव जैसल द्वारा सन ११५६ में की गई थी। यह किला त्रिकूट पहाड़ी पर स्थित है। रेगिस्तान में स्थित होने के कारण इसे सोनार किला या सुनहरा किला भी कहते हैं। इस किला को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर की रूप में शामिल किया गया है।  जैसलमेर का किलें तक जाने के लिए हम लोग ने भी आटों बुक किया था।  यह किला बहुत बड़ा है और यह दुनिया का पहला लिबिंग फोर्ट है, मतलब आज भी इस किलें में लोग रहते हैं। यह किला बहुत बड़ा है, तो आप इस किलें में जाते है तो