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हनुमान धारा चित्रकूट मध्यप्रदेश - Hanuman Dhara Chitrakoot Madhya Pradesh

हनुमान धारा चित्रकूट - Hanuman Dhara Chitrakoot / सीता रसोई चित्रकूट / हनुमान मंदिर चित्रकूट हनुमान धारा चित्रकूट में स्थित एक प्राचीन और धार्मिक स्थल है। हनुमान धारा पर आपको हनुमान जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है, जो ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको सीढ़ियां चढ़ने पड़ती है। हनुमान जी के मंदिर के ऊपर सीता जी की रसोई आपको देखने के लिए मिलती है, जहां पर सीता जी ने ऋषियों के लिए खाना बनाया था। यहां पर आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर आपको एक जलधारा भी देखने के लिए मिलती है, जो पहाड़ियों से बहती है। यह जलधारा हमेशा ही बहती है। इसके अलावा बरसात में आपको यहां पर झरना देखने के लिए मिलता है।     हनुमान धारा का महत्व - Importance of Hanuman Dhara हनुमान धारा के बारे में कहा जाता है, कि जब हनुमान जी ने लंका पर आग लगाई थी, तो उनकी पूछ में जो आग लगी थी।  उसकी जलन शांत नहीं हो रही थी। उसकी जलन शांत करने के लिए हनुमान जी राम जी के पास गए, तो राम जी ने उन्हें चित्रकूट के इस जगह के बारे में बताया और कहा कि आप वहां जाइए। वहां पर जल की एक धारा निकलेगी, जिससे

स्फटिक शिला चित्रकूट मध्य प्रदेश - Sphatik Shila Chitrakoot Madhya Pradesh

स्फटिक शिला चित्रकूट - Sphatik Shila Chitrakoot / स्फटिक शिला / मंदाकिनी नदी   स्फटिक शिला चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के किनारे पर स्थित बहुत ही सुंदर स्थल है। यह स्थल बहुत ही पवित्र है और यहां पर आपको एक प्राचीन शिला देखने के लिए मिलती है। इस शिला के बारे में कहा जाता है, कि इस शिला में श्री राम जी और माता सीता जी आराम करते थे और प्रकृति के नजारो का लुफ्त उठाते थे। यह शिलाखंड मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित है।     स्फटिक शिला राम दर्शन संग्रहालय के बहुत करीब है। हम लोग जब यहां पर गए थे, तो हमारे ऑटो वाले ने हमें स्फटिक शिला के बहुत करीब उतार था। यहां पर उस टाइम ज्यादा भीड़ नहीं थी। यहां पर चने बेचने वाले और मछलियों का दाना बेचने वाले आपको देखने के लिए मिलते हैं, तो अगर आप चाहें तो मछलियों का दाना और चने ले सकते हैं। बंदरों को खिलाने के लिए। उसके बाद हम लोग स्फटिक शिला के पास गए, तो वहां पर एक पंडित जी बैठे थे, जो हमें इस शिला के बारे में जानकारी दिए।       स्फटिक शिला चित्रकूट का महत्व -  Importance of Sphatik Shila Chitrakoot स्फटिक शिला में श्री राम जी और माता सीता जी विश्राम कि

सती अनुसुइया चित्रकूट - Sati Anusuiya Chitrakoot

सती अनसूया चित्रकूट /  सती अनुसुइया / सती अनसूया मंदिर / परमहंस आश्रम चित्रकूट सती अनसूया मंदिर चित्रकूट की एक अद्भुत जगह है। यहां पर आपको प्रकृति का अनोखा दृश्य और एक भव्य मंदिर देखने के लिए मिलता है, जो माता सती अनुसुइया को समर्पित है। यहां पर परमहंसी आश्रम आपको देखने के लिए मिलता है। परमहंसी आश्रम में माता सती अनुसुइया जी का मंदिर है। मंदिर के अंदर आपको संतों की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। मंदिर की दीवारों पर आपको रामायण के बहुत सारे दृश्यों को चित्रों के माध्यम से और मूर्तियों के माध्यम से दर्शाया गया है।      सती अनुसुइया का महत्व - Importance of Sati Anusuiya मान्यताओं के अनुसार त्रिदेव पूज्य महर्षि अत्रि एवं माता अनसूया की तपोस्थली है। इसी स्थान पर माता अनुसुइया ने अपने तप के बल से ब्रह्मा जी विष्णु जी और शंकर जी को बालक के रूप में परिवर्तित कर दिया था और यहीं पर माता अनुसुइया ने माता सीता को पति धर्म के गूढ उपदेश दिए थे। यहीं पर माता अनुसुइया के तपोबल से मंदाकिनी गंगा का उद्गम हुआ था।     सती अनसूया मंदिर हम लोग ऑटो से गए थे। ऑटो वाले ने हम लोगों को सती अनसूया मंदि

गुप्त गोदावरी चित्रकूट - Gupt Godavari Chitrakoot

गुप्त गोदावरी गुफा चित्रकूट - Gupt Godavari Caves Chitrakoot / गुप्त गोदावरी चित्रकूट / Gupt Godavari Chitrakoot    गुप्त गोदावरी गुफा एक प्राचीन और धार्मिक जगह है। यह चित्रकूट में स्थित धार्मिक स्थलों में से एक है। यहां पर आपको दो गुफाएं देखने के लिए मिलती है। इन गुफाओं के बारे में कहा जाता है, कि जब राम जी चित्रकूट में वनवास के दौरान आए थे। तब इन गुफाओं में राम जी का दरबार लगता था। यहां पर एक गुफा में आपको रामदरबार देखने के लिए मिल जाता है और दूसरी गुफा में आपको गोदावरी नदी देखने के लिए मिल जाती है। जिसे गुप्त गोदावरी के नाम से जाना जाता है।    गुप्त गोदावरी का महत्व - Importance of Gupt Godavari गुप्त गोदावरी गुफा के अंदर श्री राम जी और लक्ष्मण जी ने दरबार लगाया था। ऐसी मान्यता है कि प्रभु श्री राम ने माता सीता के स्नान हेतु गोदावरी मैया को प्रकट किया था। इसे गुप्त गोदावरी कहते हैं। क्योंकि यह माता सीता का स्नान कुंड है। पताल तोड़कर गोदावरी तभी से यहां लगातार बह रही है।    गुप्त गोदावरी गुफा हम लोग ऑटो से आए थे। ऑटो वाले ने हम लोगों को मंदिर से कुछ आगे छोड़ दिया और हम लोग मंदिर

भरतकूप चित्रकूट (Bharat Koop Chitrakoot) - चित्रकूट का चमत्कारी कुआ

भरतकूप मंदिर चित्रकूट - Bharatkoop Mandir Chitrakoot /  Bharat Koop Chitrakoot / चारों भाइयों का मंदिर   भरतकूप चित्रकूट के पास में स्थित एक धार्मिक जगह है। यहां पर आपको चारों भाइयों का मंदिर देखने के लिए मिलता है अर्थात यहां पर आपको श्री राम जी, लक्ष्मण जी, भरत जी और शत्रुघ्न जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको एक कुआं भी देखने के लिए मिलता है। जिसके बारे में कहा जाता है, कि इस कुएं में भरत जी ने सभी पवित्र जल स्त्रोत का जल लाकर इस कुआँ में डाला था।    इस कुएं के बारे में लोगों की मान्यता यह है, कि इस कुएं का जल बहुत ज्यादा पवित्र है और इस कुएं के जल से अगर आप स्नान करते हैं, तो आपके जो भी रोग रहते हैं। वह नष्ट हो जाते हैं। इस कुआँ के जल को लोग पीते हैं और अपने साथ शीशी में भरकर लेकर जाते हैं। भरत जी ने सभी तीर्थ स्थलों के पवित्र जल को इस कुआ में डाला था। इसलिए इस कुएं को भरतकूप के नाम से जाना जाता है।    कहा जाता है कि प्राचीन समय में भरत जी, श्री राम जी के राज अभिषेक के लिए यह जल सभी पवित्र तीर्थों से इकट्ठा किए थे। मगर राम जी अयोध्या वापस नहीं लौटे, तो  ऋषि अत्री के क

राम शैय्या चित्रकूट - Ram Shaiya Chitrakoot

राम शैय्या चित्रकूट - Ram shaiyya Chitrakoot / राम शैय्या मंदिर चित्रकूट   राम शैय्या चित्रकूट में स्थित एक पवित्र स्थान है। इस स्थान पर आपको  प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलेगा। यहां पर एक चट्टान भी देखने के लिए मिलती है, जिसके बारे में कहा जाता है कि इसी चट्टान में श्री राम जी और माता सीता जी रात के समय आराम करते थे। आज भी इस चट्टान में आपको उनके चिन्ह देखने के लिए मिलते हैं। राम भगवान जी की कितनी लंबाई थी। वह आप इस चट्टान में देखकर पता लगा सकते हैं। राम जी और सीता जी के बीच में धनुष रखा जाता था। उस धनुष का चिन्ह भी आपको चट्टान में देखने के लिए मिल जाएगा।     राम शैय्या में आपको हनुमान जी के दर्शन करने के लिए मिल जाएंगे। श्री कृष्ण जी के भी दर्शन करने के लिए यहां पर आपको मिल जाते हैं। यहां पर आपको एक प्राचीन कुआं भी देखने के लिए मिलता है, जो पूरी तरह कवर कर दिया गया है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है।     राम शैय्या चित्रकूट से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप यहां पर आते हैं, तो ऑटो से आइए या आप अपने वाहन से यहां पर आ सकते हैं। हम लोग राम सिया में ऑटो से आए थे। हमारा ऑटो स

नाहन देवी मंदिर जबलपुर - Nahan Devi Temple Jabalpur

नाहन देवी मंदिर जबलपुर - Nahan devi Jabalpur / Nahan Devi Mandir Jabalpur   नाहन देवी मंदिर जबलपुर जिले में स्थित एक बहुत ही अद्भुत मंदिर है। इस मंदिर में आपको एक बड़ी सी चट्टान देखने के लिए मिलती है, जिसे देवी के रूप में पूजा जाता है। यहां के आसपास गांव के लोगों में इस मंदिर के प्रति बहुत श्रद्धा रखते है। बहुत से दूर दूर से लोग इस मंदिर में घूमने के लिए आते हैं। इस मंदिर में मन्नत मानते हैं। कहा जाता है कि, जो भी लोग  इस मंदिर में आकर देवी के सामने मन्नत मानता है। उसकी मन्नत जरूर पूरी होती है और वह इस मंदिर में दोबारा जरूर आता है।     नाहन देवी मंदिर जबलपुर जिले में हिरण नदी के बीचो-बीच बना है। हिरण नदी के बीचों-बीच एक बहुत बड़ी चट्टान है, जिसे देवी के रूप में पूजा जाता है। इसी चट्टान में आपको छोटे-छोटे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। जब नदी में बाढ़ आती है, तब यह  छोटे-छोटे मंदिर डूब जाते हैं और बड़ी सी चट्टान देखने के लिए मिलती है, जिनकी पूजा लोग करते हैं।       नाहन देवी मंदिर कहाँ है  Where is Nahan Devi temple   नाहन देवी मंदिर जबलपुर जिले में जबलपुर दमोह रोड में स्थित है। यह मंदि