जल महल, जयपुर की यात्रा

जल महल जयपुर


जल महल, जयपुर की यात्रा


जल महल (Jal Mahalजैसा कि आपको नाम से समझ आ रहा होगा कि जल में बना महल 

जलमहल (Jal Mahal) जयपुर शहर में एक झील के बीच में बना है। यह जयपुर शहर की एक शानदार जगह है। यह एक ऐतिहासिक इमारत है। आप इस महल को दूर से रोड से देख सकते है। मगर इस महल में जाने की मनाही है। 

जलमहल (Jal Mahal) मान सागर झील (Man Sagar Lake) के बीच में बना हुआ है। जलमहल (Jal Mahal) लाल बलुआ पत्थर से बना हुआ है। इस महल में पाँच मंजिला है, जिसमें से चार मंजिल पानी में ही डूबे रहते है और उपर का एक ही तल दिखाई देता है। 

जल महल (Jal Mahal) जयपुर जिले की शान है और यह महल देखने में बहुत ही बढ़िया लगता है। इसका मुख्य आकर्षण है कि यह महल झील के बीच में है और इस महल में आप जा नहीं सकते हैं। यह आपका बैड लक है, कि आप इस जगह जा नहीं सकते हैं। आप इसको दूर से ही देख सकते हैं। ठंड के समय में यहां पर विदेशी पक्षी आते हैं, जो झील के चारों तरफ घूमते रहते है और रोड के पास में महल में बैठे हुए आपको देखने मिल जाते है। यह बहुत खूबसूरत लगते हैं। मानसागर झील (Man Sagar Lake) पहाडों से घिर हुई है। झील के एक तरफ बाउंड्री बनी है, बाउंड्री के बाजू से एक गलियारा गया है जहां पर आप खडे होकर इस जल महल (Jal Mahal) को निहार सकते है। यह पर आपको बहुत सारे खाने पीने की दुकान नजर आ जायेगी और गलियारे में शाम के समय बाजार भी भरता है। इस गलियारे से आप झील का मनोरम व्यू देख सकते है।

जल महल, जयपुर की यात्रा


हम लोग सुबह नाहरगढ़ किला देखने जा रहे थे। तब इस महल के हमें दर्शन हुए थे। हम लोग तब इस महल में नहीं रूके थे। सुबह के समय हम लोगों को विदेशी पक्षी भी देखने मिले थे। नाहरगढ़, जयगढ़ और आमेर किले को देखने के बाद शाम को हम लोग वापस लौटे। तो फिर हम लोगों ने जल महल (Jal Mahal) में कुछ समय बिताया। 

जल महल (Jal Mahal) को शाम के समय लाइटों से सजाया जाता है और यह दूर से देखने में बहुत ज्यादा अदुभ्त लगता है। झील की बाउंड्री के बाजू में जो गलियारा बना हुआ है। वहां पर बहुत बड़ा मार्केट भरता है। शाम के टाइम तो आप मार्केट से बहुत सारे सामान ले सकते हैं। यहां पर आपको राजस्थानी जूतियां मिल जाती है। आपको यहां पर बारगेन करने की जरूरत रहती है। अगर आप कुछ लेते है, तो हम लोगों ने यहां पर कुछ नहीं लिया था। अगर आप बारगेन करते हैं, तो आपको वह सामान सस्ते में मिल सकता है। यहां पर आपको बहुत सारे लोग राजस्थानी ड्रेस किराए पर उपलब्ध कराते है, जिसे पहन कर आप फोटो खिचा सकते है। राजस्थानी ड्रेस के अलावा आपको पूरी ज्वेलरी उपलब्ध कराई जाती है। इन राजस्थानी ड्रेस का किराया 150 से 200 रू तक रहता है। 

मेरे हिसाब से झील में समय बिताने का सबसे अच्छा समय शाम का रहता है, क्योंकि यहां पर शाम को झील रोशनी से जगमगाता हुआ महल बहुत मनोरम लगता है।  आप झील के सामने बैठकर इस खूबसूरत नजारे को इंजॉय कर सकते हैं। आप यहां पर ठंड में दिन के समय भी झील के सामने बैठकर झील को देख सकते हैं। यहां पर आपको अच्छा लगेगा और आपका अच्छा समय बीतेगा।

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जयगढ़ किले (Jaigarh fort) की यात्रा

जयगढ़ किला


जयगढ़ किले (Jaigarh fort) की यात्रा

जयगढ़ किले से जयपुर सिटी का व्यू  

जयगढ़ का किला जयपुर का एक दर्शनीय स्थल है। वैसे जयपुर शहर में बहुत सारे प्राचीन किलें हैं और इन किलों को देखने के लिए पूरी दुनिया से लोग आते हैं। इन सभी किलो में जयगढ़ का किला बहुत फैमस है। 

जयगढ़ का किला यहां पर रखी तोप के कारण प्रसिद्ध है। इस तोप के बारे में कहा जाता है, कि यह दुनिया की सबसे बड़ी तोप है। जयगढ़ का किला एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। इस किलें तक पहुॅचने के लिए हम लोगों ने गाडी बुक किया था। पहले हम लोग नाहरगढ़ किले घूमे थे। उसके बाद हम लोग ने जयगढ़ के किले गए थे। नाहरगढ़ किला और जयगढ़ का किला दोनों एक ही रोड में हैं। पहले हम लोगों ने  नाहरगढ़ किला घूमा। उसके बाद जयगढ़ किला गए थे। जयगढ़ किला नाहरगढ़ किला से करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर होगा।

जयगढ़ का पूरा किला हम लोगों ने अपनी गाडी से घूमा था। आप चाहे तो पैदल भी घूम सकते हैं। आप जयगढ़ किला पहुॅचते है, तो सबसे पहले आपको किलें में प्रवेश के लिए टिकट लेना पडता है। प्रवेश द्वार पर टिकट मिलता है। यहां पर आपको टिकट लेनी पड़ती है। टिकट के लिए बहुत लंबी लाइन लगती है। यहां पर दो टिकट घर है, जहां पर आप को टिकट मिलती है। किले में प्रवेश करने के लिए गाड़ी का अलग चार्ज होता है। इसके बाद आप किलें में गाड़ी लेकर प्रवेश कर सकते हैं। हम लोग गाडी से ही तोप के पास तक गए थे। हमारे गाडी चालाक ने रोड पर गाडी रूक दिया था। उसके बाद हम लोग गाड़ी से उतरकर तोप को देखने के लिए पैदल गए थे। यहां पर आपको तोप देखने जाने वाले रास्तें में एक साइड में एक कुंड देखने मिलता है। हम लोग तोप के पास पहुॅच गए। 

जयगढ़ किले (Jaigarh fort) की यात्रा

जयगढ़ किले में रखी तोप  

जयगढ़ किले (Jaigarh fort) की यात्रा

 जयगढ़ किले में रखी तोप का दृश्य


Jaivana cannon
जयावाण तोप


जयगढ़ किलें में रखी तोप दुनिया की सबसे बडी तोप है। इस तोप को जयावाण तोप के नाम से भी जाना जाता है।  तोप एक शेड के नीचे रखी गई है। इस तोप के बारे में कहा जाता है कि प्राचीन समय में एक ही बार इस तोप को चलाया गया था और जो भी इस तोप को चलाता था। वहां तोप के बाजू में बने कुंड में छलाग लगा देता था, क्योंकि यह तोप इतनी शक्ति शाली थी और इस तोप की आवाज बहुत जोरदार थी। जिससे जो भी इस तोप को चलाता उसकी मृत्यु हो जाती। इसलिए वह इस कुंड में तोप को चलाने के बाद कूद जाया करता थे। इस तोप का निर्माण 1720 में हुआ था। इस तोप से निकला बारूद 35 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता था। तोप के बैरल की लंबाई 6.15 मीटर है। इस तोप का वजन 50 टन है। यह जानकारी हम लोग का हमारे ड्राइवर ने दिया था। आप यहां पर गाइड करना चाहते है, तो कर सकते हैं। गाइड आपको पूरी तरह से इस जगह की जानकारी देगा और आपका ड्राइवर सीमित जानकारी दे पायेगा। 

जयगढ़ किले (Jaigarh fort) की यात्रा

जयगढ़ किले का पूरा व्यू  

आप महल की चोटी से पूरा जयपुर शहर का नजारा देख सकते है। तोप के पास ही में व्यू पांइट है, जहां पर खडे होकर व्यू का मजा ले सकते है। यहां से आपको जल महल देखने मिलता है। आप यहां से आगे बढते है, तो आपको ऊंट देखने मिल जाते है। जिस पर आप सवारी कर सकते है। हम लोग जब गए थे, तब यहां पर हमको हाथी देखने नहीं मिले थे। आप यहां पर हाथी की सवारी भी कर सकते है। यहां पर रेस्टोरेंट भी है, जहां पर आप खाना पीना खा सकते हैं। कुछ देर रेस्ट कर सकते हैं। इसके अलावा यहां पर हम लोगों को बहुत ढेर सारे बंदर भी देखने मिले थे, जो आपसे आपका सामान छीन सकते है, तो आप यहां पर अपना सामान संभल कर रखें। 

जयगढ़ किले को अगर आप पैदल घूमते है, तो आपको इस महल के बारे में अच्छे जानकारी मिल जाएगी और यहां की पूरी जगह आप घूम सकते है। अगर आप यहां पर कार से घूमते हैं, तो आप यहां पर आधे घंटे में घूम सकते हैं और आप पैदल घूमेंगे तो आपका करीब एक से डेढ़ घंटा लग सकता है। आप किलें के बाहर आते है, तो आपको यहां पर बहुत सारी छोटे छोटे सामान बेचने वाले देखने मिल जाती है। यहां पर आपको राजस्थानी पगड़ी देखने मिलती हैं, जो यहां पर बहुत फेमस है। आप चाहे तो याद की तरह इन पगड़ी को लेकर जा सकते हैं।

यह ब्लॉग यही तक था, अगर आपको अच्छा लगा हो, तो आप इसे शेयर जरूर कीजिएगा। अपने दोस्तों के साथ, और अगर आपका जयपुर जाने का एक्सपीरियंस हो, तो आप हमें कमेंट करके जरूर बताइए क्या कि आप की जयपुर की यात्रा कैसी रही।


जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर का किला जैसलमेर जिलें के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। जैसलमेर का किला जैसलमेर जिले में स्थित एक बहुत ही विशाल किला है।  यह किला आपको जैसलमेर शहर के किसी भी हिस्से से देखने मिल जाता है।  यह किला एक पहाड़ी पर स्थित है और यह किला रेलवे स्टेशन से करीब 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा। आप इस किलें तक पहुॅचने के लिए  ऑटो लेकर आराम से जा सकते हैं। रेल्वे स्टेशन में ही आटों वाले आ जाते है, और आपसे पूछते है, कि आप कहां जाएगें। आप आटो वालों से मोलभाव करके इस किलें तक आ सकते है। 


जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर किले का रानी महल 


इस किलें की स्थापना राव जैसल द्वारा सन ११५६ में की गई थी। यह किला त्रिकूट पहाड़ी पर स्थित है। रेगिस्तान में स्थित होने के कारण इसे सोनार किला या सुनहरा किला भी कहते हैं। इस किला को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर की रूप में शामिल किया गया है। 

जैसलमेर का किलें तक जाने के लिए हम लोग ने भी आटों बुक किया था।  यह किला बहुत बड़ा है और यह दुनिया का पहला लिबिंग फोर्ट है, मतलब आज भी इस किलें में लोग रहते हैं। यह किला बहुत बड़ा है, तो आप इस किलें में जाते है तो आपको एक गाइड जरूर लेकर जाए। आपको किलें के प्रवेश द्वार ही में आपको बहुत सारे गाइड मिल जाते है, जो 100 रू में आपको उपलब्ध हो जाते है। हम लोगों ने गाइड नहीं लिया था, जिससे किलें के बहुत सारी जगह के बारें में हमें जानकारी नहीं मिली। बस हम लोगों ने किलें के अंदर  के कुछ दर्शनीय स्थल ही घूम पायें। इसलिए मैं आपको सलाह देती हूं कि आप जैसलमेर का किलें जाए, तो गाइड लेकर जरूर जाए। गाइड आपको यहां की महत्वपूर्ण जगह के बारे में अच्छे से जानकारी दे पाएगा।

जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर का किला 

जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर का किला 

जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर किले का प्रवेश द्वार 


जैसलमेर का किलें में हम लोगों ने तीन जगह घूमा थे। आप जैसे ही किले में प्रवेश करते हैं। आपको यहां पर पहले बहुत सारी दुकानें देखने मिलती हैं। यह पर आपकों किलें की उची उची दीवारें भी देखने मिलती है। इन दुकानों में आपको ऊंट के चमड़े  की सामान की दुकानें मिलती है, मगर इन सामान के प्राइस बहुत ज्यादा हाई रहते है। इसके अलावा यहां पर आपको राजस्थानी पगड़ी मिल जाएंगी और राजस्थानी ड्रेस मिल जाएंगी। आप इन सब दुकानों को देखते हुए जैसलमेर का किलें में प्रवेश करते है। आपको किले का एक विशाल प्रवेश द्वार देखने मिलेगा और जहां पर छोटे छोटे मंदिर बने हुए हैं। इस किलें में हम लोग पैदल आये थे। मगर आप चाहे तो बाइक से इस किलें के अंदर तक जा सकते है। 

जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर किले का रानी महल 


जैसलमेर का किलें का पहला आकर्षण है रानी महल रानी महल जैसलमेर का किलें के अंदर स्थित है। यह महल बहुत खूबसूरत है। इस महल के चारों तरफ बहुत सारी दुकानें है। कहा जाता है कि राजा रानी रहा करते थे। रानी महल का इतिहास के बारें में हमे जानकारी नहीं है। मगर महल बहुत सुंदर है। आपको यह महल देख कर बहुत अच्छा लगेगा।

इस महल को देखकर आप आगे बढ़ते हैं, तो महल के बाजू से एक संकरा रास्ता गया है। आपको इस रास्तें में आगे बढना है। आप आगे बढ़ते हैं, तो आपको एक खूबसूरत बालकनी देखने मिलती है, जिसकी फोटो खींचने पर 10 रू चार्ज किया जाता है। मगर यह बालकनी बहुत खूबसूरत है। मगर हम पैसे देकर फोटो खींचने में कोई रूचि नहीं थी। आप इस रोड से आगे बढते है, तो आपको यहां पर एक तोप देखने मिलती है, जो पुराने समय की लोहे की एक मजबूत तोप है। यह तोप ऊंचे शिखर पर रखी हुई है और इस जगह से पूरी सिटी का व्यू देखने मिलता है। इस तोप के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है। 

जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर किले की तोप  

जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

 जैसलमेर किले से पूरे शहर का दृश्य  


जैसलमेर का किलें में अभी भी इंसान रहते हैं और इस महल में घूमने के लिए आपको तंग गलियों से गुजरना पड़ता है। यहां पर जो सड़कें हैं, वह बहुत ही संकरी हैं और अगर यहां पर आप बीच में फंस जाते है, तो आपको इंतजार करना होता है। हम लोगों के साथ भी ऐसा हीं हुआ था। यह पर हम लोगों के रास्तें में एक गाय कुछ खा रहीं थीं। हम लोग उस जगह से निकल नहीं पाए और हम लोगों को 5 से 10 मिनट का इंतजार करना पडा गया था। 

जैसलमेर का किलें के अंदर ही आपको खाने पीने की वस्तुएं मिल जाती है। इसके अलावा यह पर कपडें भी आपको मिल जाते है। यह पर कपडें और घर को सजाने वालें समान की बहुत सारी दुकानें है। आपको कहीं कहीं पर आपको सुंदर कंगन भी मिलते है। 

जैसलमेर का किला (Jaisalmer Fort) की यात्रा

जैसलमेर किले का जैन मंदिर 


जैसलमेर किले में एक और आकर्षण है जैन मंदिर। जैन मंदिर जैसलमेर किले के अंदर स्थित है। यह बहुत ही खूबसूरत मंदिर है। मंदिर में पत्थर की नक्काशी बहुत ही खूबसूरत है। 

आपको इस किलें में बहुत सारे होटल्स भी मिलेगें। जिनमें जाकर आप इस किलें के शिखर से पूरी सिटी का व्यू देख सकते है और बहुत अच्छा भी रहता है, यहां पर आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा।

इस तरह हम लोगों की जैसलमेर किले की यात्रा रही और हम लोगों को यह सफर बहुत यादगार रहेगा।

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Madan Mahal Fort or Queen Durgavati Fort

मदन महल का किला, जबलपुर 

Madan Mahal Fort or Queen Durgavati Fort


मदन महल का किला (Madan Mahal Fort) या रानी दुर्गावती का किला (Rani Durgavati Fort) जबलपुर में स्थित है। यह जबलपुर जिले के मदन महल क्षेत्र में स्थित है। इस किले को मदन महल का किला (Madan Mahal Fortया रानी दुर्गावती के किले (Rani Durgavati Fort) के नाम से जाना जाता है। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। यहां पर पहुंचने के लिए आपको सीढ़ियां मिलती है और इन सीढ़ियों से चलकर आप इस किले तक पहुॅच सकते है।  

रानी दुर्गावती का किला (Rani Durgavati Fort) आप दिन में कभी भी जा सकते हैं। यहां पर सिक्योरिटी गार्ड रहते है, यह पर एक गार्ड मेल और फीमेल रहते है। यहां पर आप सुबह 10 बजे से शाम को 5 बजे तक जा सकते है। वैसे यह किला बहुत ज्यादा बडा नही है, मगर यह किला बहुत प्राचीन है। 

मदन महल किले (Madan Mahal Fort) का निर्माण लगभग 1100 ई. में राजा मदन सिंह द्वारा करवाया गया था। इस किले का इस्तेमाल सेनाएं के वॉच टावर के रूप में किया जाता था। लेकिन यह किला अब खंडहर में बदल गया है, लेकिन यह पर बहुत से पर्यटक किलें को देखने के लिए आते है। मदन महल किला (Madan Mahal Fort) एक बड़ी ग्रेनाईट चट्टान को तराशकर बनाया गया है। यह किला 500 मीटर की उंचाई पर स्थित है। यह किला राजा की मां रानी दुर्गावती से भी जुड़ा हुआ है, जो कि एक बहादुर गोंड रानी के रूप के जानी जाती है। इस किले का नाम भी रानी दुर्गावती जी के नाम पर रखा गया है। आप यह पर घूमने जाते है, तो आपको यह पर मुख्य किला और नष्ट हुए किले के अवशेष देखने मिल जाते है। यह पर आपको मुख्य किला, अस्तबल, एक तालाब आपके अभी देखने मिलता है। 

Madan Mahal Fort or Queen Durgavati Fort


इस किले तक आप अपने वाहन से जा सकते हैं। यह पहुॅचने के लिए अच्छी रोड हैं। यहां पर ऑटो भी बुक कर के जा सकते हैं। रानी दुर्गावती का किला (Rani Durgavati Fortहम लोग गए थे। मै और मेरी मम्मी इस किले में घूमने गए थे। हम लोग यहां पर गर्मी के समय में गए थे, गर्मी के मौसम में सीढियां चढने में बहुत दिक्कत होती है, क्योंकि गर्मी बहुत ज्यादा रहती है। सीढ़ियां चढ़ने में  हालत खराब हो जाती है। इसलिए मेरे हिसाब से यह पर बरसात के मौसम में जाना बेहतर होगा। यहां पर रास्ते में आपको मंदिर भी देखने मिलता है, जो शंकर जी का मंदिर है। यह मंदिर बडी चट्टानों से बना हुआ है। आप इस मंदिर में भी जा सकते है। आप आगे बढते है, तो आपको यह पर एक छोटी सी झील देखने मिलती है, जिसमे बरसात के मौसम में पानी भर जाता है और गर्मी में सूख जाता है। फिर आपको आगे बढते है, तो आपको यह मदन महल किला (Madan Mahal Fort) देखने मिलता है। किले के उपर जाने के लिए सीढियां बनी हुई है। किले के ऊपर से जबलपुर के चारों तरफ का खूबसूरत नजारा देखने मिलता है। किले के उपर आपको दो कमरे देखने मिलते है, जिनमें नक्काशी की गई है। उसके बाद हम लोग नीचे आकर पूरा किला घूमें। किले के सामने तरफ का कुछ हिस्सा नष्ट हो गया है। यहां पर आप घोडों का अस्तबल देख सकते है, जो अच्छी कडीशन में है। यहां पर एक छोटा सा कुंड बना हुआ है, जिसमें बरसात में पानी भर जाता है। कहा जाता है, कि प्राचीन समय में रानी इस कुंड में स्नान किया करती थी। 

इस किले के बारे में यह भी कहा जाता है कि यह पर बहुत सारे गुप्त रास्तें थें, जिन्हें सरकार ने अब बंद कर दिया है। यहां पर एक गुफा निकली है, जो शायद मंडला के रामनगर किले तक जाती है। सरकार के द्वारा इन गुप्त रास्तों को सील कर दिया गया है। किले की चोटी पर पहुंचने पर आपको जबलपुर शहर का खूबसूरत नजारा दिखाई देगा। अगर आप यह पर बरसात में जाते है, तो चारों तरफ आपको हरियाली देखने मिलती है। यह पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ जा सकते है। 

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Nahargarh Fort - नाहरगढ़ का किला

नाहरगढ़ का किला

नाहरगढ़ किला हम लोगों ने घुमा और हम लोगों को बहुत मजा आया। नाहरगढ़ किले से आपको जयपुर गुलाबी नगरी का बहुत ही खूबसूरत दृश्य नजर आता है। हम लोगों ने नाहरगढ़ किला सुबह ही घूमने चले गए थे, तो हम लोगों को ज्यादा भीड़ नहीं मिले। हम लोग नाहरगढ़ किला कार बुक करके गए थे, तो कार का सफर बहुत अच्छा रहा। रास्ते में हम लोगों को जल महल देखने मिला और उसके बाद हम लोग अरावली की पर्वत श्रेणियों से होते हुए नाहरगढ़ किले में पहुंचे। 

Nahargarh Fort - नाहरगढ़ का किला

नाहरगढ़ किले का  ऊपर का दृश्य 

नाहरगढ़ किले के लिए प्रवेश शुल्क

Entry fee for Nahargarh Fort


हम लोग नाहरगढ पहुॅचकर प्रवेश द्वार से प्रवेश किया, तो यहां पर आपके वाहन का चार्ज लिया जाता है। उसके बाद दूसरे प्रवेश द्वार पर आपसे प्रवेश शुल्क लिया जाता है। तो सबसे पहले हम लोग नाहरगढ़ के मोम संग्रहालय पहुंचे। मैंने अलग ब्लॉक लिखा है। आप उसे पढ़ सकते हैं। मोम संग्रहालय में घूम कर हम लोग आगे बढ़े। हम लोग नाहरगढ़ किले के तरफ चल दिए। मोम संग्रहालय से नाहरगढ किला ज्यादा दूर नहीं है। 

आप जब नाहरगढ किला पहुॅचते है, तो आपको प्रवेश द्वार से प्रवेश करते हैं, तो आपको यहां पर एंट्री टिकट लेनी पड़ती है। यहां एंट्री टिकट लगभग 30 रू का होता है। उसके बाद आप इस किले में प्रवेश करते हैं। वह एंट्री टिकट आपको अपने पास ही रखना पडता है, क्योंकि आप यहां टिकट नाहरगढ़ किले में प्रवेश के समय दिखाना पडता है। नाहरगढ़ किले के एंट्री गेट पर पुलिस वाले बैठे रहते हैं, और आपकी टिकट चेक करते है। आप एंट्री टिकट अपने पास रखिए। आप नाहरगढ़ किले की तरफ आगे बढ़ते हैं, तो आपको बहुत ही खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। पहाड़ियों का खूबसूरत व्यू भी देख सकते हैं। इसके अलावा यहां पर आपको बावली देखने मिलती है, जो आपने देखा होगा "रंग दे बसंती "

Nahargarh Fort - नाहरगढ़ का किला

बावली का दृश्य 


नाहरगढ़ किले का दृश्यNahargarh Fort  view


यह बावली आपको यहां पर देखने मिलती है। यह बहुत बड़ी है और जो इसकी डिजाइन है, बहुत खूबसूरत है और इस बबली का प्रयोग प्राचीन काल में राजा किया करते थे। राजा बावली में कार्यक्रम का आयोजन किया करते थे। लोगों के मनोरंजन के लिए यहां पर राजा अपने रानियों के साथ और अपने मेहमानों के साथ बैठकर कार्यक्रम का आंनद लिया करते है। यहां पर बावली में बैठने के लिए अच्छी व्यवस्था है। बावली में जो सीढ़ियां बनाई हुई है। वह घुमावदार सीढ़ियां हैं। बावली के बीच में पानी भरा हुआ है, जो बहुत खूबसूरत लगता है। यह बावली देखने में बहुत ही खूबसूरत लगती है। 

इसके अलावा आपको नाहरगढ़ किले के बाहर एक बड़ा सा पानी को एकत्र करने के लिए एक टैंक या कुंआ बना है। यह टैंक बावली के आगे और नाहरगढ़ किले सामने है। यहां टैंक बहुत विशाल है। पुराने समय में यह टैक खुला हुआ होगा मगर अभी इस टैंक को ढक दिया गया है। इसमें बरसात का पानी इकट्ठा होता है।

इन सभी चीजों के दर्शन करने के बाद हम लोग नाहरगढ किले के प्रवेश द्वार के तरफ बढें। आपको एक बहुत बड़ा गेट देखने मिलता है। आप गेट के अंदर प्रवेश कर सकते हैं आपको यहां पर टिकट दिखाना होता है। गेट के बाहर छोटा सा आगन है, जहां पर आपको दो तोप देखने मिल जाएंगे। गेट पर पुलिस वाले खड़े रहते हैं, जो आपकी टिकट चेक करते हैं और फिर आपको अंदर प्रवेश करने दिया जाता है। आपको एक मेटल डिटेक्टर मशीन से होकर जाना पड़ता है कि आपने कोई हथियार तो नहीं लिया है और उसके बाद आप किलें के अंदर प्रवेश कर सकते हैं।

Nahargarh Fort - नाहरगढ़ का किला

नाहरगढ़ किले के अंदर का दृश्य 

Nahargarh Fort - नाहरगढ़ का किला

महल के अंदर रखी खूबसूरत कलाकृति 


आप महल के अंदर प्रवेश करते हैं, तो आपको एक बड़ा सा आगन या बरामदा देखने मिलता है। महल में आपको बहुत सारे कमरे देखने मिल जाते है, जिनमें बहुत सारी खूबसूरत एवं अदुभ्त वस्तुए देखने मिलती है। यहां पर एक वाइट कलर का खूबसूरत नक्काशी भरा पत्थर का बना हुआ शोपीस रखा था। जो बहुत बड़ा था और बहुत खूबसूरत था। 

Nahargarh Fort - नाहरगढ़ का किला

महल के पीछे बना मंदिर और जयपुर का दृश्य 


हम लोग महल के ऊपर गए ऊपर जाकर। हम लोगों ने पूरा महल घुमा। ऊपर से जो आपको जयपुर का व्यू दिखता है। बहुत ही प्यारा व्यू दिखता है और यहां पर सबसे अच्छा चीज है। वह यही अनुभव रहता है कि पूरा जयपुर ऊपर से देखना बहुत अच्छा अनुभव रहता है। यहां पर हमने पूरा घूमा और महल से नीचे आते हैं, तो नीचे आप खूबसूरत पेंटिंग देख सकते हैं। इसके अलावा यहां के जो दरवाजे हैं पुराने टाइम के वह देख सकते हैं, किस तरह से बनाए गए हैं, कितनी खूबसूरती से उन्हें तराशा गया है। वह आप देख सकते हैं। यहां पर महल बहुत बड़ा है। हम लोगों ने महल का कुछ हिस्सा घूमा। उसके बाद हम लोग बाहर आ गए और यहां पर महल के बाजू में आपको वॉशरूम भी मिल जाती है। वाॅशरूम में जाने का चार्ज लिया जाता है। यहां  पर वॉशरूम है। उसके थोड़ा आगे आपको मंदिर भी देखने मिल जाता है, यह किस देवता का मंदिर था। यह हम नहीं देख पाए थे, क्योंकि यहां पर बहुत सारे बंदर थे और बंदर आपका सामान छीन सकते हैं इसलिए आप अपना सामान अच्छे से रखें।  यहां से भी आपको जयपुर शहर का बहुत ही खूबसूरत व्यू देखने मिलता है और आपको अच्छा लगेगा यहां पर।

यह सब घूमने के बाद हम लोग आगे बढ़े, अपने जयपुर की यात्रा में उसका लेख आपको आगे मिल जाएगा और आपको यह लेख पसंद आया हो तो इसे शेयर जरूर करें अपने दोस्तों के साथ और अगर आपका जयपुर जाने का अनुभव हो तो वह भी हमसे साझा करें ।

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Jaipur Trip - Nahargarh Fort -- जयपुर का नाहरगढ़ किला

Nahargarh Fort Jaipur
नाहरगढ़ किला जयपुर



नाहरगढ़ किला जयपुर (Nahargarh Fort Jaipur) का एक प्रसिद्ध किला है। नाहरगढ़ किला (Nahargarh Fort ) पूरे राजस्थान में फेमस है। इस किले को देखने के लिए बहुत सारे पर्यटक आते हैं। नाहरगढ़ किला  (Nahargarh Fort की खूबसूरती निहारने के लिए फिल्मी हस्तियां भी आती है। नाहरगढ़ किला में बहुत सारी शूटिग भी हो चुकी है। नाहरगढ़ किले (Nahargarh Fort ) से आप पूरे शहर का खूबसूरत व्यू देख सकते हैं। नाहरगढ़ किले (Nahargarh Fort में आपके देखने के लिए बहुत सारी जगह है, जहां से आप इसके इतिहास को जान सकते हैं। नाहरगढ़ किले (Nahargarh Fort से आप खूबसूरत सनसेट का नजारा भी देखने मिलता है। 

Jaipur Trip - Nahargarh Fort -- जयपुर का नाहरगढ़ किला

Nahargarh Fort, Jaipur 


हम लोगों का जयपुर में 2 दिन रुकने का प्लान था। पहले दिन हम लोग जयपुर शहर के सभी किले घूमने वाले थे। सबसे पहले हम लोगों ने गाड़ी बुक किया था। गाडी हम लोगों की करीब 1600 रू. बुक किया गया था। हम लोग 6 लोग थे। हम लोगों की गाड़ी हम लोगों के होटल में आ गई। हम लोग नाहरगढ किले (Nahargarh Fort ) की ओर चल पडे। 

जलमहल जयपुर
Jal Mahal Jaipur


जब आप जयपुर से नाहरगढ़ किले (Nahargarh Fort) की तरफ जाते हैं, तो आपको खूबसूरत जल महल भी देखने मिलता है। आप ठंड के टाइम में यहां पर आते हैं, तो आपको यहां पर बहुत सारे प्रवासी पक्षी भी देखने मिलते हैं। जो यहां ठंड के समय आते हैं और यहां पक्षी  आपको दिन के समय देखने मिल जाएंगे। जो बहुत खूबसूरत लगते हैं। आप यहां दिन के समय आते हैं, तो यहां पर आपको एक भी भीड़ नहीं देखने मिलती है। बहुत कम लोग यहां पर रहते हैं। मगर यहां पर शाम के समय बाजार लगता है। जल महल में एक स्ट्रीट बनी हुई है। इस स्ट्रीट में बाजार लगता है, तो यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ होती है। शाम के समय में जल महल काफी अच्छा लगता है। क्योंकि इसमें लाइट जलती रहती है। यह महल जगमगाता रहता है। जल महल में जाने की मनाही है। जल महल को आप बाहर से देख सकते हैं। वहां पर जाने की इजाजत नहीं है। जल महल में बहुत खूबसूरत इमारत बनी हुई है। जो पानी में डूबी हुई है जिसको आप दूर से ही देख सकते हैं।

नाहरगढ़ किला पहुंचने का रास्ता
The way to reach Nahargarh Fort


जयपुर में हम लोग पहले नाहरगढ़ किले (Nahargarh Fort) गए। नाहरगढ़ किले (Nahargarh Fort) के रास्ते में आपको जो सड़क देखने मिलती है। वह पूरी घुमावदार सड़क रहती है और इस सड़क में आपको गाड़ी में चलाने में बहुत मजा आएगा।  आप यहां पर अपनी गाड़ी या स्कूटर लेकर भी जा सकते हैं। जयपुर में गाड़ी या स्कूटर आराम से रेन्ट में मिल जाती है। मगर इन  घुमावदार सडक में आपको गाड़ी संभाल कर चलाना होना होता है। यह पूरा पहाड़ी रास्ता है। इस पहाड़ी रास्ते में आपको बहुत सारे मोर देखने मिलते हैं। यहां पर मोर बहुत सारे हैं और नाहरगढ़ के पहाडी रास्ते में घूमते रहते हैं। मोर हमारा राष्ट्रीय पक्षी होता है और यहां पर पूरा समूह देख सकते है। आपको हर जगह यहां पर मोर देखने मिल जाते हैं और यहां पर मोर स्वतंत्रता से घूमते रहते हैं।

Jaipur Trip - Nahargarh Fort -- जयपुर का नाहरगढ़ किला

Nahargarh Fort, Jaipur 

नाहरगढ़ किले (Nahargarh Fort) के पहाड़ी रास्तें से आपको जयपुर शहर का बहुत खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। आप इस पहाडी रास्ते से गुजरते हुए नाहरगढ़ किले (Nahargarh Fortएंट्री गेट पहुॅचते है। एंट्री गेट के पहले आपको पर्किग का बहुत बडा स्पेस देखने मिलता है। हम लोग इस किले में जल्दी आ गये थे। इसलिए हम लोगों को यह पर एंट्री गेट के अंदर जाने मिल गया था, नहीं तो हम लोग को एंट्री गेट से पैदल चलना पडता। आपको एंट्री गेट से करीब 1 किमी चलना होता है। हम एंट्री गेट देखने मिल । एंट्री गेट से आप अंदर जाते हैं। एंट्री गेट में आपका गाडी ले जाने का अलग चार्ज लिया जाता है। शायद 100 रू लिया गया था। उसके बाद हम लोग अंदर गए। अंदर आपको गाडी के लिए पर्किग और एक एंट्री गेट और दिखाया देता है। 

यहां पर आपको अपनी गाड़ी पार्क करना है। अगर आप जल्दी आते है तो यहां पर अपनी गाडी पार्क कर सकते है। हम लोगों ने भी यहां पर अपनी गाड़ी पार्क कि, यहां पर आपको खाने के लिए कुछ सामग्रियां मिल जाती है। जिन्हें आप खरीद सकते हैं। मगर यहां पर ये वस्तुए बहुत महंगा मिलता है, तो आप देख लीजिएगा। हम लोग ने यहां पर एक बीही लिया था। यहां पर एक बीही 50 रू. की थी। बीही बड़ी थी, मगर 50 रू. बहुत ज्यादा होता है। इसके अलावा यहां पर हम लोगों को चावल के पापड़ एवं मसाले वाले चने खाने मिले थे। 

आप नाहरगढ़ किले (Nahargarh Fort) में सुबह आते है, तो आपको भीड कम मिलती है। मगर यहां पर दोपहर का बहुत ज्यादा भीड हो जाती है। आप यहां पर दोपहर में आते है तो आपको गाडी पहले वाले एंट्री गेट से बाहर खडी करना होगा और वहां से पैदल आना होगा। 

Jaipur Trip - Nahargarh Fort -- जयपुर का नाहरगढ़ किला

Nahargarh Fort Entry gate 


नाहरगढ़ किले (Nahargarh Fort) पर जो एंट्री गेट देखने मिलता है। वह भी पुराने जमाने का  गेट है। जो बहुत शानदार लगता है। हम लोगों ने एंट्री गेट से टिकट लिया। यहां पर टिकट लेना पड़ता है। यहां से आप टिकट लेते हैं। करीब 50 या 30 रू. का टिकट मिलता है। मुझे अभी याद नहीं है। टिकट लेने के बाद आप अंदर प्रवेश करते हैं। आपको यहां पर बहुत सारी चीजें देखने मिलती है। सबसे पहले यहां पर आपको देखने मिलता है। मोम संग्रहालय, मोम संग्रहालय बहुत खूबसूरत संग्रहालय है। इसके बारे में मैं एक अलग लेख लिखूगी। उसके बाद आप अंदर जाते हैं तो यहां पर आपको बहुत ही खूबसूरत किला देखने मिलता है। यहां पर जो किला है वह नाहरगढ़ किले के नाम से प्रसिद्ध है और यहां पर किले से एक दीवार गुजरती है। यहां दीवार आपको पूरा अरावली पर्वत पर देखने मिल जाती है। यह दीवार नाहरगढ किला (Nahargarh Fort ), जयगढ किला (Jaigarh Fortऔर आमेर किले (Amer Fortका घेर हुई है। किले के सामने एक खूबसूरत बावड़ी है। वह भी आप देख सकते हैं। इसके अलावा यहां पर पानी एकत्र करने के लिए एक बड़ी सी कुआं बना है। उसको भी आप देख सकते हैं। इसके अलावा यहां पर और भी बहुत खूबसूरत व्यू  पॉइंट है। जिनकी खूबसूरती आप निहार सकते हैं। आप जब महल के उपरी सिरे में जाते है तो आपको पूरे जयपुर शहर का यह मनोरम दृश्य मिलता है।

Jaipur Trip - Nahargarh Fort -- जयपुर का नाहरगढ़ किला

Inside Nahargarh Fort 


नाहरगढ़ किला (Nahargarh Fort) बहुत ही खूबसूरत किला है। आप यहां पर आकर अपनी यात्रा का भरपूर आंनद ले सकते है। आप यहां पर अपने परिवार और दोस्तों के साथ आकर बहुत एजाॅय कर सकते है। 

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो, तो आप इस लेख को शेयर जरूर करें। अगर आप जयपुर गए हो या आपको नाहरगढ़ किले का अनुभव हो। तो आप अपने विचार हमसे साझा जरूर करें। 

Jaipur Trip :- जयपुर शहर के बारे में जानकारी

जयपुर शहर की यात्रा का मेरा अनुभव
My Experience of Traveling to Jaipur city


मेरी जयपुर (Jaipur) शहर  की यात्रा बहुत ही मजेदार रही है। हम ठंड के टाइम में जयपुर (Jaipur) गए थे। हमें जयपुर पर बहुत मजा आया है। जयपुर  बहुत अच्छा शहर है। जयपुर में आपको बहुत सारी आधुनिक चीजों के दर्शन करने मिल जाएंगे। हम लोगों जयपुर (Jaipur) जाकर यहां के दर्शनीय स्थलों की सैर किया। जयपुर के खाने का स्वाद लिया और जयपुर के बाजार भी घूमें। जयपुर (Jaipur) को पिंक सिटी (Pink City) कहा जाता है या गुलाबी नगरी के नाम से जाना जाता है। जयपुर (Jaipur) की बहुत सी इमारतों पिंक कलर की है। 


Jaipur Trip :- जयपुर शहर के बारे में जानकारी

Jaipur View

जयपुर (Jaipur) शहर भारत देश के राजस्थान राज्य की राजधानी है। राजस्थान सबसे बडे क्षेत्रफल का राज्य है। राजस्थान की कला एवं संस्कृति इसे अन्य राज्यों से एक अनोखी पहचान दिलाती है। राजस्थान राज्य का एक शहर जयपुर (Jaipur) है जो अपने पुरानी इमारतों और किलो के लिए बहुत प्रसिद्ध है। यहां पर दुनिया भर से पर्यटक लोग जयपुर के किलो एवं इसके पुरानी इमारतों के दर्शन करने आते है। जयपुर (Jaipur) शहर की स्थापना आमेर के महाराजा सवाई जयसिंह (द्वितीय) ने की थी। यूनेस्को द्वारा जयपुर शहर को जुलाई 2019 में वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा दिया गया है। 

जयपुर के दर्शनीय स्थल
Places to visit in Jaipur


जयपुर शहर अपने पुराने किलो एवं पुरानी इमारतों के लिए बहुत प्रसिद्ध है। जयपुर शहर में आपको यहां का प्रसिद्ध किला नाहरगढ़ का किला, जयगढ़ का किला और आमेर का किला यह तीनों किले के लिए जयपुर शहर में प्रसिद्ध है। पर्यटक इनके किले के दर्शन करने के लिए ही जयपुर आते हैं। इसके अलावा जयपुर में आपको हवा महल देखने मिलता है। हवा महल एक खूबसूरत महल है। हवा महल आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। इसके अलावा यहां पर आपको जंतर-मंतर देखने मिलता है। जंतर-मंतर को पुराने समय में समय ज्ञात करने के लिए बनाया गया था। जंतर-मंतर राजा सवाई जयसिंह के द्वारा बनाया गया था। जंतर मंतर के पास आपको सिटी पैलेस भी देखने मिलता है। जयपुर में अल्बर्ट हाॅल संग्रहालय है। यहां संग्रहालय प्राचीन इमारत में बनाया गया है। यह इमारत बहुत खूबसूरत है। आप यहां पर कनक घाटी घूम सकते है। जयपुर में जलमहल बहुत ही प्रसिध्द है, जो एक झील के बीच में बना है। आप उसे देख सकते है। वह बहुत ही खूबसूरत है और देखने में बहुत अद्भुत लगती है। इसके अलावा यहां पर आपको और भी बहुत सारे दर्शनीय स्थलों के दर्शन करने मिलते है। 

Jaipur Trip :- जयपुर शहर के बारे में जानकारी

Jaipur city view 

जयपुर के बाजार
Jaipur Market


जयपुर (Jaipur) के बाजार घूमने के लिए एक बहुत अच्छी जगह है। जयपुर (Jaipur) के बाजार में आपको राजस्थान वस्त्र मिलते है। यहां पर जयपुर (Jaipur) की जूतियां भी आपको मिलती है। जयपुर (Jaipur) में बहुत सारे बाजार हैं। हम लोगों ने भी एक बाजार घुमा था बापू बाजार। बापू बाजार में बहुत सारी दुकानें हैं। इस बाजार में काफी भीड़ होती है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। यहां पर आप किसी भी सामान को लेते हैं तो अब बारगेन जरूर करिएगा और अगर आपको समान नहीं लेना है तो आप बाजार घूमने तो आई सकते हैं और घूम सकते हैं।

बापू बाजार बहुत अच्छा बाजार है। यहां बाजार अच्छी तरह प्रबंधित है। आपको बहुत सारे तरह-तरह के समान बाजार में मिलते है। आपको यहां पर लाख के कंगन मिलते हैं, जो पूरे भारत देश में प्रसिद्ध है। मगर यहां पर आप सोच समझकर खरीदारी करें। क्योंकि यहां पर सामानों में जितने वैरायटी है, उतना ही यहां दुकानदार ग्राहक को बेवकूफ भी बनाते हैं। इसलिए आप जो भी सामान लेते हैं। वह अच्छे से बारगेनिंग करके ले। यहां पर आप जो भी सामान देखते है। उसका मूल्य बहुत ज्यादा बताते हैं। मगर आप उस सामान को किसी अन्य दुकान में जाकर पता करेंगे। तो उस समान की उतनी कीमत नहीं रहती है। वह समान काफी कम रेट में आपको मिल सकता है। यहां पर हम लोगों को इस बात का भी अनुभव हुआ, इसलिए मैने यह बात आपसे शेयर किया। 

जयपुर का खाना
Food of Jaipur


जयपुर (Jaipur) का खाना बहुत अच्छा रहता है। यहां पर आपको रीजनेवल प्राइस में खाना मिल जाता है। जो रेट हर जगह मिलता है, उसी रेट में खाना मिल जाता है। 150 रू में आपको फुल थाली मिल जाती है। खाने में वैरायटी और टेस्ट दोनों रहता है।  150 रू फुल थाली मिलती है। आप जितना खाना खाना चाहो खा सकते हैं। आपको थाली में दो टाइप की सब्जी, दाल, चावल, रोटी, सलाद, और पापड मिल जाता है। कहीं-कहीं पर दही भी मिल जाता है। खाना भी बहुत अच्छा टेस्टी रहता है। अगर आप खाली ना लेना चाहे अलग अलग सब्जी ले सकते है, रोटी ले सकते है। आप अपने अनुसार खाना का आर्डर दे सकते है। आपको जयपुर में अच्छी होटल सस्ती और टिकाऊ होटल मिल जाती है। 

जयपुर और राजस्थान के बहुत से जिलों में तीखा कम खाया जाता है। यहां पर हरी मिर्ची मांगने पर आपको मोटी वाली मिर्ची दी जाती है। जो तीखी बिल्कुल नहीं रहती है। 

राजस्थान का फेमस खाना दाल बाटी है। आप अगर राजस्थान के किसी भी जिले में जाते हैं तो आपको दाल बाटी जरूर मिलती है। जयपुर के हर जगह आपको दाल बाटी मिलती है। हर ढाबे में हर होटल में दाल बाटी आपको जरूर मिलेगी। तो आप ट्राई कर सकते हैं।

मेरा जयपुर शहर का अनुभव
My Jaipur city experience


मेरा जयपुर (Jaipur) शहर का अनुभव बहुत ही बढ़िया रहा है। यहां पर हम लोगों ने जयपुर (Jaipur) शहर का खाना ट्राई किया जो बहुत ही मस्त रहा है। जयपुर (Jaipur) शहर  के किलें घुमा, जो प्राचीन है और बहुत ही खूबसूरत है। यहां के बाजारों को घुमा जहां पर हम थोड़ा लूट भी गए मगर अच्छा लगा। कुछ नया अनुभव मिला। जयपुर (Jaipur) बहुत खूबसूरत शहर है। यहां पर हमें बहुत मजा आया यहां पर हम अपने फैमिली और दोस्तों के साथ गए थे। जयपुर शहर का अनुभव बहुत अच्छा रहा। जयपुर का आगे आने वाले लेखों में आपको जयपुर की जगह के बारे में पता चलेगा और उन जगहों का क्या एक्सपीरियंस था। उन सभी का आने वाले लेखों में आपको विस्तारपूर्वक पता चलेगा।

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो। तो इस लेख को जरुर शेयर करें। अगर आपने जयपुर घुमा हो तो अपने विचार हम से सांझा जरूर करें। 

आपने अपना अमूल्य समय दिया हमें उसके लिए धन्यवाद


Rai Bhagat Kothi Ramnagar Mandla - राय भगत की कोठी रामनगर, मंडला

Rai Bhagat Kothi Ramnagar, Mandla

राय भगत की कोठी रामनगर, मंडला


राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothiएक खूबसूरत प्राचीन महल है। आपको यहां एक खूबसूरत महल देखने मिलता है। आपको इस लेख में राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothiकी जानकारी मिलेगी। राय भगत कोठी का निर्माण गोंड राजा हृदय शाह ने अपने मंत्री राय भगत के निवास स्थान के रूप में करवाया था । यहां महल मोती महल से छोटा है, और इस महल के चारों ओर खूबसूरत कमरे बने हुए हैं। जिन्हें आप देख सकते हैं ।

Rai Bhagat Kothi Ramnagar Mandla - राय भगत की कोठी रामनगर, मंडला

Rai Bhagat's Kothi 


राय भगत की कोठी कहां स्थित है

Where is Rai Bhagat's Kothi located


राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) मध्यप्रदेश राज्य के मंडला शहर में स्थित है। आप यहां पर अपनी गाडी से यहां पर असानी से आ सकते है। राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) रामनगर (Ramnagar) से में स्थित है। यह महल मोती महल से करीब 1 किमी या इससे से भी कम दूरी पर होगा। 

रामनगर मंडला में स्थित प्रसिद्ध जगह
Famous place located in Ramnagar Mandla


मोती महल घूमने के बाद हम लोग निकल पड़े। यहां की किसी अन्य जगह  देखने के लिए, और गूगल ने भी हमें सही जानकारी नहीं दी कि हम लोग यहां पर कहां कहां जा सकते है। मगर आप मंडला जिले के रामनगर में आते हैं। तो आपको यहां पर बहुत सारी जगह घूमने मिलती हैं। यहां पर आपको मोती महल और राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) के अलावा भी बहुत सारी जगह है। जहां पर आप घूम सकते हैं। मोती महल एवं रायभगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothiयह तो रामनगर पुल के पास ही में है। तो यहां पर लोग आ जाते है। मगर अन्य जगहों की जानकारी लोगों को नहीं रहती है। 

बेगम पैलेस रामनगर मंडला 

 Begum Palace Ramnagar, Mandla


यहां पर आपको प्राचीन बेगम पैलेस देखने मिलता है। यह प्राचीन महल है और यह महल भी गोंड शासक ने बनवाया था। मगर हमें इस महल के बारे में जानकारी नहीं थी। इसलिए हम लोग इस जगह पर नहीं जा पाए थे। 

काला पहाड़ रामनगर मंडला

Kala Pahad Ramnagar, Mandla

इसके अलावा रामनगर में घूमने के लिए आपको काला पहाड़ नाम की एक जगह है। आप इस जगह में भी घूमने जा सकते हैं। हमको इस जगह के बारे में जानकारी नहीं थी। इसलिए हम इस जगह पर नहीं गए थे। इस जगह मैं आपको बड़ी-बड़ी चट्टानों के टुकड़े देखने मिलेंगे। जो एक विशेष आकृति के हैं। जो हेक्साडेसिमल आकृति के मतलब इन पत्थर में 6 या 8 कोने है। यहां पर लोग काफी मात्रा में आते हैं। इन पत्थरों को देखने के लिए और यहां पर मंदिर भी है। इस जगह के बारे में कहा जाता है कि गोंड राजा ने अपनी तंत्र साधना के द्वारा काला पहाड के पत्थर आपने महल तक लाये थे। 

विष्णु मंदिर रामनगर मंडला

Vishnu Temple Ramnagar, Mandla


रामनगर में प्रसिद्ध विष्णु मंदिर भी है। जो प्राचीन समय का है और इस मंदिर को भी गोंड राजाओं ने बनवाया था। इस मंदिर में आपको जरूर देखना चाहिए यह भी पुराने समय का है। हम लोग इस मंदिर में नहीं जा पाए थे क्योंकि हम लोगों को इस मंदिर की जानकारी नहीं थी।

दल बादल महल रामनगर मंडला

Dal Badal Mahal Ramnagar, Mandla


यह महल भी रामनगर में स्थित है। यह महल मोती महल के पास ही में है।  आप इस महल में भी जा सकते हैं। इस महल में आपको पुराना और प्राचीन महल देखने मिलेगा।

चौगुना रामनगर मंडला

Chauguna Ramanagar, Mandla

चैगुना रामनगर (Ramnagar) से करीब 3 किलोमीटर दूर है। यहां एक खाली मैदान है। यह मैदान बहुत बडे क्षेत्र में फैला है। यह पर प्राचीन समय युध्द का अभ्यास किया जाता था। यहां पर मंदिर भी स्थित है और नवरात्रि में यहां पर भीड़ लगती है। 

मैंने आपको इन सभी जगह की जानकारी इसलिए दी हूं, क्योंकि अगर आप मंडला जिले के रामनगर में घूमने जाते हैं। तो आप इन सभी जगहों पर जाकर घूम सकते हैं। हम लोगों को इन जगह की जानकारी नहीं थी इसलिए हम नहीं जा पायें। मगर आप इस जगह जाये तो यहां पर जरूर घूमें। 

राय भगत कोठी का निर्माण

Construction of Rai Bhagat Kothi

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) का निर्माण 17 वीं शताब्दी ईस्वी में गौड शासक हृदय शाह के दीवान राय भगत के निवास के रूप में हुआ था। यह भवन पूर्व मुखी है। इस महल का प्रवेश द्वार की चैखट संगमरमर पत्थर द्वारा निर्मित किया गया है। आंगन के चारों ओर कमरे एवं मेहराबों से युक्त दालान निर्मित किया गए है। भवन के चारों ओर फलक दार गुंबद निर्मित है। अपनी भव्यता और विशालता को संजोए हुए यह महल मोती महल का संक्षिप्त संस्करण है। जो इस तथ्य का प्रतीक है कि केवल शासक के लिए नहीं अपितु राजाओं के सहकर्मियों के लिए भी भवनों का निर्माण किया जाता था।

Rai Bhagat Kothi Ramnagar Mandla - राय भगत की कोठी रामनगर, मंडला

Rai Bhagat's Kothi


राय भगत कोठी का सफर
Journey of Rai Bhagat Kothi


हम लोगों को यहां पर कौन कौन सी जगह जाने था। इस बारे में जानकारी नहीं थी। तो हम ने यहां पर किसी से पूछ कि यहां पर कौन सी जगह है जहां हम घूमने के लिए जायें तो उन्होनें हमें राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) की जानकारी दी। मोती महल से करीब 1 किमी की दूरी पर आपको मोती महल देखने मिल जाएगां। हम लोग राय भगत की कोठी के लिए निकल पड़े और मोती महल से ज्यादा दूर नहीं है 1 किलोमीटर दूर होगा। राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) के आसपास आपको बहुत सारी दुकान मिल जाती है। जहां पर आप चाय और नाश्ता कर सकते है। इसके अलावा राय भगत की कोठी के पास ही मुझे लगता है कि बस स्टॉप है। क्योंकि यहां पर आकर गाड़ियां रूकती है। तो यहां पर छोटी छोटी होटल भी है। 

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) के बाहर ही आपको एक बोर्ड देखने मिल जाएगा। इस बोर्ड में इस महल के बारें में इंफॉर्मेशन लिखी होती है। यहां पर आपकी स्कूटी का किसी भी प्रकार का स्टैड चार्ज नहीं लगता है। आप रोड के किनारे गाडी खडे कर दें और महल में प्रवेश कर सकते है। महल में प्रवेश का भी किसी प्रकार का चार्ज नहीं लगता है। 

Rai Bhagat Kothi Ramnagar Mandla - राय भगत की कोठी रामनगर, मंडला


Pond inside Rai bhagat's kothi 

Rai Bhagat Kothi Ramnagar Mandla - राय भगत की कोठी रामनगर, मंडला

 Inside View of Rai bhagat's kothi 

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) के बाहर बहुत अच्छा गार्डन बना हुआ है। गार्डन के बीच से महल में जाने का रास्ता है। महल में हम लोगों ने प्रवेश किया। महल का प्रवेश द्वार संगमरमर पत्थर से निर्मित है और यह महल में लाल कलर का पेंट पुता हुआ है और प्रवेश द्वार पर महल के छत में खूबसूरत पेंटिंग देखने मिलती है। यहां पर महल के बीच में एक छोटा सा तालाब बना हुआ। जिसमें पानी भरा था और कमल के फूल खिले हुए थे।

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) ज्यादा बड़ा नहीं था। आप इस महल को आधे घंटे में या इससे भी कम समय में पूरा घूम सकते हैं। वह हम लोगों ने भी घूमना स्टार्ट। हम लोग पहले महल के उपर वाले कमरे देखें। हम लोग ऊपर चढ़े और यहां पर जो सीढ़ियां हैं। वह काफी बड़ी बड़ी है और ऊंची ऊंची है। तो आपको  सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत जा सकती है। मुझे तो बहुत दिक्कत हुई। सीढ़ियां  चढ़ने में । 

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothi) 3 मंजिला भवन है और काफी खूबसूरत है। इस महल का  रखरखाव काफी अच्छा किया गया है। क्योंकि यहां पर किसी भी तरह की कोई गंदगी नहीं थी। पर यहां पर लोग आते हैं और गंदा जरूर करते है। पालीथिन वगैरह जरूर छोडकर जाते है। हम जब यहां पर आये थे। तब यहां पर स्कूल से छुटटी मारकर आये हुए बच्चों देख थे। यह बच्चे महल के बाहर गार्डन में बैठा थे। यहां पर बैठकर टाइम पास कर रहे थे। आप महल के उपरी मंजिल से बाहर देख सकते हैं। बाहर का नजारा बहुत अच्छा है। मंडला कृषि प्रधान जिला है और इस महल के उपर से आप खड़े होकर खेत देख सकते है। इस महल के सामने खेत का दृश्य देखने मिलता है। जब हम लोग गए थे। तब यहां पर धान की खेती हुई थी और वही काटकर यहां पर रखी हुई थी। तो आप काफी दूर का एरिया देख सकते हैं खेतों का और यहां पर गार्डन भी बहुत खूबसूरती से बनाया गया है तो आप उसे भी देख सकते हैं जो बहुत अच्छा लगता है ऊपर वाली मंजिल से।

राय भगत की कोठी (Rai Bhagat's Kothiमें कई कमरें बने हुए है। यहां पर जो उपर जो कमरे है वहां काफी अच्छे है और उसमें पर्याप्त मात्रा में रोशनी आती है। यहां पर बहुत बडे बडे बरामदे भी है। जहां पर आप घूम सकते हैं। यहां पर बने हुए हैं या भवन बने हुए हैं और काफी खूबसूरत बने हुए हैं। इसके अलावा जहां पर बहुत ज्यादा अंधेरा रहता है तो चमगादड़ ने अपना घर बना लिया है और बहुत ज्यादा गंदा किया है। जहां पर चमगादड़ रहते है। वहां पर बहुत बदबू आती है। महल के नीचे वाले कमरे में चमगादड़ ज्यादा मात्रा में है क्योकि यहां पर सूरज की रोशनी कम आती है। महल के चारों कोने पर खूबसूरत गुम्बद बने हुए है। जो खूबसूरत लगते है। 

यहां काफी शांत जगह है। यहां पर शहरों की तरह बहुत ज्यादा शोर-शराबा और भीड़भाड़ वाला माहौल नहीं है। काफी अच्छा माहौल है। शांत इलाका है। यहां पर हमारे साथ कुछ और लोग भी घूमने आये हुए थे। 

हमारा इस महल का एक्सपीरियंस अच्छा रहा है। महल छोटा सा है। मगर रामनगर में आपके घूमने के लिए बहुत सारी जगह हैं। जहां पर आप घूम सकते है। 

यहां पर किसी भी तरह की वॉशरूम की सुविधा उपलब्ध नहीं है। आपको खुले में ही जाकर वाॅशरूम जाना होगा। यहां पर खाने-पीने की व्यवस्था तो है। चाय पानी के ठेले हैं ढेर सारे, तो आप चाय, पानी, नाश्ता कर सकते हैं। यहां पर हम लोग ने राय भगत की कोठी के घूमने के बाद चाय पिया क्योंकि हम लोग सुबह से घूम रहें थे। 

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो आप जरूर इस लेख को शेयर करें और अगर आपने रामनगर की किसी भी जगह की सैर की हो तो अपने जो भी अनुभव है वह हमसे जरूर साझा करिएगा ।

आपने अपना बहुमूल्य समय दिया उसके लिए धन्यवाद