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Samudra Koop Allahabad (Prayagraj) - समुद्र कूप इलाहाबाद (प्रयागराज)

समुद्र कूप इलाहाबाद या उल्टा किला इलाहाबाद Samudra Koop Allahabad or Ulta Kila Allahabad समुद्रकूप या उल्टे किला के नाम से प्रसिद्ध यह जगह इलाहाबाद की एक प्राचीन स्थल है। यहां पर आपको एक प्राचीन कुआं देखने के लिए मिलता है, जिसके बारे में कहा जाता है कि इस कुएं का संबंध समुद्रगुप्त से है। इस कुएं के बारे में यह भी कहा जाता है, कि यह कूप समुद्र से जुड़ा हुआ है। हम लोग भी इस कूप  को देखने के लिए गए थे। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है और यह प्राचीन कूप देखने लायक है।    समुद्रकूप इलाहाबाद की एक प्रसिद्ध जगह है। समुद्र कूप संगम के दूसरी तरफ झूसी   स्थित है और यहां पर पहुंचने के लिए आपको गंगा नदी पर जो पुल बना हुआ है, उसको पार करके जाना पड़ता है। यहां पर हम लोग माघ मेले के समय गए थे, तो यहां पर गंगा नदी पर अस्थाई पुल बने हुए थे, तो हम लोग उन पुल को पार करके समुद्रकूप  देखने के लिए गए। समुद्रकूप तक पहुंचने के लिए आपको खड़ी सीढ़ियां चढ़ने पड़ती है। यह थोड़ी पुरानी सीढ़ियां हैं, जिनको चढ़ते समय डर लगता है। मगर आप आराम से इन सीढ़ियां में चल सकते हैं। यहां पर आपको एक हनुमान मंदिर भी देखने के लिए मि

प्राचीन श्री हनुमान गुफा इलाहाबाद - Hanuman Mandir Allahabad

हनुमान मंदिर इलाहाबाद - प्राचीन श्री हनुमान गुफा इलाहाबाद   Hanuman Temple Allahabad - Ancient Sri Hanuman Cave Allahabad   प्राचीन श्री हनुमान गुफा इलाहाबाद में प्रसिद्ध मंदिर है और यह मंदिर इलाहाबाद में गंगा नदी के दूसरी तरफ झूसी में स्थित है।  यहां पर आपको एक गुफा देखने के लिए मिलती है। आपको यहां पर हनुमान जी के दर्शन करने मिलते हैं। यह मंदिर एक ऊंचे टीले पर स्थित है और टीले पर चढ़ने के लिए सीढ़ियां चढ़ने पड़ती है, और जो यहां पर सीढ़ियां है। वह इतनी पुरानी है और इतनी पतली है, कि चढ़ने में बहुत डर लगता है और बिलकुल खड़ी सीढ़ियां है, तो डर लगेगा ही।  प्राचीन श्री हनुमान गुफा मंदिर पहुंचकर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर आप मंदिर में प्रवेश करते हैं, तो आपको एक बड़ा सा आंगन देखने के लिए मिलता है और इसके साथ ही यहां पर एक चबूतरे में शिवलिंग भी विराजमान है। आप उनके दर्शन कर सकते हैं। यहां पर एक संत की मूर्ति रखी रही। आप उनके भी दर्शन कर सकते हैं और आगे साइड छोटा सा गार्डन बना हुआ है, जहां पर फूलों के प्लांट लगे हुए हैं। यहां पर आपको एक कुआं भी देखने के लिए मिलता है।  आप हनुमान जी के दर्शन के लिए सीढ़

Hanuman Mandir Civil Lines Allahabad - हनुमान मंदिर सिविल लाइंस इलाहाबाद

हनुमत  निकेतन मंदिर इलाहाबाद (प्रयागराज ) -  हनुमान मंदिर सिविल लाइंस इलाहाबाद ( प्रयागराज ) Hanumat Niketan Temple Allahabad (Prayagraj )  - Hanuman Mandir Allahabad civil lines हनुमत निकेतन मंदिर  इलाहाबाद में प्रसिद्ध मंदिर हैं। यह मंदिर इलाहाबाद के सिविल लाइन इलाके में स्थित है। इसलिए इस मंदिर को सिविल लाइन के हनुमान मंदिर के नाम से भी जाना जाता है और इसे हनुमत निकेतन मंदिर के  नाम  में जाना जाता है। यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है। आपको इस मंदिर में हनुमान जी की बहुत ही भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। हनुमत निकेतन मंदिर   का प्रवेश द्वार बहुत ही भव्य है। मंदिर के प्रवेश द्वार के ऊपर आपको रथ का डिजाइन देखने के लिए मिल जाएगा, जो बहुत ही आकर्षक लगता है। यह रथ भीष्म पितामह जी का है। आप प्रवेश द्वार से अंदर जाएंगे, तो आपको यहां पर बहुत बड़ा ग्राउंड देखने के लिए मिलेगा। ग्राउंड के एक साइड में आपको प्रसाद की दुकान देखने के लिए मिलेगी, जहां से आप हनुमान जी को प्रसाद चढ़ाने के लिए खरीद सकते हैं। आपको दूसरे साइट एक मंदिर देखने मिलेगा और मुख्य मंदिर आपको सामने देखने के लिए मिलेगा। मुख्

Old Yamuna Bridge Allahabad (Prayagraj) - पुराना यमुना ब्रिज इलाहाबाद (प्रयागराज)

पुराना नैनी पुल प्रयागराज उत्तर प्रदेश - इलाहाबाद का पुराना पुल / नैनी ब्रिज प्रयागराज Old Naini Bridge Prayagraj Uttar Pradesh - Allahabad ka Pul / Yamuna Pul Allahabad पुराना नैनी ब्रिज या  पुराना  यमुना ब्रिज इलाहाबाद में स्थित भारत का सबसे पुराना पुल में से एक है। पुराना नैनी ब्रिज एक महत्वपूर्ण संरचना है। पुराना नैनी ब्रिज एक पुल है। इस पुल की महत्वपूर्ण बात यह है, कि इस पुल से आप ट्रेन से भी सफर कर सकते हैं और अपनी गाड़ी से भी सफर करते हैं, क्योंकि इस पुल में आपको रेलवे मार्ग भी देखने के लिए भी मिल जाएगी और सड़क मार्ग भी देखने के लिए मिल जाएगी। वह भी एक साथ, यह इस पुल की महत्वपूर्ण बात है। यह एक डबल डेक पुल है। यह स्टील धातु से निर्मित पुल है। यह पुल इलाहाबाद शहर के दक्षिणी भाग में यमुना नदी पर बना हुआ है। यह ब्रिज इलाहाबाद शहर को नैनी क्षेत्र से जोड़ता है। इस यमुना ब्रिज में रोडवेज और रेलवे की क्षमता एक साथ है। इसके ऊपरी भाग में रेलवे की दो लेन हैं, जो नैनी जंक्शन रेलवे स्टेशन को  प्रयागराज ( इलाहाबाद) जंक्शन रेलवे स्टेशन से जोड़ती है और इसके निचला डेक 1927 से सफलतापूर्वक सड़क म

New Yamuna Bridge Allahabad - न्यू यमुना ब्रिज इलाहाबाद या नैनी ब्रिज इलाहाबाद

नया यमुना पुल - नैनी पुल प्रयागराज / यमुना पुल इलाहाबाद  Naini bridge Prayagraj / Yamuna bridge Allahabad / New yamuna pul नया यमुना पुल या नैनी ब्रिज इलाहाबाद शहर का एक प्रमुख स्थल है। प्रमुख स्थल इसलिए है, क्योंकि यहां से आपको यमुना नदी का बहुत ही खूबसूरत व्यू देखने के लिए मिलता है और यहां से आप संगम का भी दृश्य देख सकते हैं। इस ब्रिज के आस पास बहुत सारी जगह है, जहां पर आप घूम सकते हैं और अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। वैसे यमुना ब्रिज भी देखने लायक है। यमुना एक विशाल नदी है और उस नदी पर यह ब्रिज बना है, जिससे गाड़ियों का आवागमन होता है। यहां पर बहुत सारे लोग फोटो खींचते हुए देखने के लिए मिलते हैं और बहुत सारे लोग नीचे यमुना नदी पर बोटिंग करते हुए देखने के लिए मिल जाते हैं।  न्यू यमुना ब्रिज इलाहाबाद में स्थित एक केबल स्टे ब्रिज है।  न्यू यमुना ब्रिज का निर्माण 2001 में शुरू हुआ था और इसका निर्माण 2004 तक चला था। इस पुल का निर्माण ओल्ड नैनी ब्रिज पर यातायात को कम करने के उद्देश्य किया गया था। न्यू यमुना ब्रिज इलाहाबाद को नैनी क्षेत्र से जोड़ता है। इस पुल की कुल लंबाई 1510 म

Minto park Allahabad - मिंटो पार्क इलाहाबाद

मदन मोहन मालवीय पार्क  या  मिंटो  पार्क  इलाहाबाद     (प्रयागराज)  - M adan Mohan Malviya Park Allahabad  or Minto Park  Allahabad ( Prayagraj)  मदन मोहन मालवीय पार्क या मिंटो पार्क प्रयागराज में स्थित एक प्रमुख ऐतिहासिक जगह है। मिंटो पार्क एक राष्ट्रीय स्थल है। यहां पर आपको हमारे देश का राष्ट्रीय चिन्ह अशोक स्तंभ देखने के लिए मिलता है। आप मिंटो पार्क में घूमने के लिए आ सकते हैं। मिंटो पार्क न्यू यमुना ब्रिज के पास में स्थित है।  मिंटो पार्क की ऐतिहासिक कहानी  Historical story of minto park ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की नीतियों के अत्याधिक विरोध के कारण भारत में स्वतंत्रता की मांग मुखर हुई, जिसके फल स्वरूप 1857 में भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का सूत्रपात हुआ। इससे विवश होकर 1 नवंबर 1858 को ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया द्वारा  भारत का अधिपत्य पूर्णत ईस्ट इंडिया कंपनी से लेकर ब्रिटिश सरकार को सौंपने की उद्घोषणा की गई। इस उद्घोषणा को लार्ड कैनिंग द्वारा प्रयागराज जनपद में यमुना नदी के बाएं तट पर स्थित एक खुली जगह में पढ़ा गया था, जिसे पहले मिंटो पार्क और अब  महामना  पंडित मदन

बडे हनुमान मंदिर इलाहाबाद - Bade Hanuman Mandir Allahabad

लेटे हुए हनुमान जी का मंदिर  इलाहाबाद  या श्री बडे हनुमान जी इलाहाबाद   - L ete hue hanuman ji ka mandir  Allahabad or  Bade hanuman ji Allahabad लेटे हुए हनुमान जी का मंदिर इलाहाबाद में बहुत प्रसिद्ध है। श्री बड़े हनुमान जी मंदिर संगम के पास ही में स्थित है।  श्री बड़े हनुमान जी मंदिर  हनुमान जी को समर्पित है। आपने हनुमान जी के बहुत सारे मंदिर देखे होंगे, जहां पर आप को हनुमान जी की प्रतिमा खड़ी हुई अवस्था में देखने के लिए मिली होगी। मगर इस मंदिर में आपको हनुमान जी की प्रतिमा लेटी हुई अवस्था में देखने के लिए मिलती है। यहां पर हनुमान जी की मूर्ति लेटी हुई अवस्था में विराजमान है और  श्री बड़े हनुमान जी मंदिर  में इस मूर्ति को देखने के लिए बहुत भीड़ लगती है। दूर-दूर से लोग जो भी संगम स्नान के लिए आते हैं। वह  श्री बड़े हनुमान जी मंदिर  में आकर हनुमान जी की मूर्ति के दर्शन जरूर करते हैं।  इस मंदिर को  श्री  बड़े हनुमान जी के मंदिर के नाम से भी जाना जाता है और यह बहुत प्रसिद्ध मंदिर है। यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ लगती है। हम लोगों को भी यहां पर दर्शन करने नहीं मिले थे। हम लोग यहां पर दो बार दर

नाग वासुकी मंदिर इलाहाबाद (प्रयागराज) - Nag Vasuki Temple Allahabad (Prayagraj)

नाग वासुकी मंदिर  प्रयागराज ( इलाहाबाद) - Nagvasuki mandir Prayagraj ( Allahabad ) श्री  नाग वासुकी मंदिर इलाहाबाद का एक प्रसिद्ध मंदिर है।  श्री  नागवासुकी मंदिर नाग देवता को समर्पित है। यह मंदिर गंगा नदी के किनारे स्थित है। इस मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगता है और शांति मिलती है। यह मंदिर दारागंज में स्थित है। नाग वासुकी मंदिर श्री कृष्ण के वेणी माधव मंदिर से करीब 1 से डेढ़ किलोमीटर दूर है। यह मंदिर भी तंग गलियों के बीच में स्थित है। इस मंदिर में पहुंचने के लिए आप पैदल भी जा सकते हैं और ई रिक्शा ऑटो का प्रयोग भी कर सकते हैं। हम लोग ई रिक्शा ऑटो से गए थे, क्योंकि हम लोग वेणी माधव मंदिर तक पैदल ही चल कर आए थे। इसलिए बहुत ज्यादा थक गए थे।  नाग वासुकी मंदिर के बारे में यह मंदिर नागराज वासुकी को समर्पित है। इनकी गणना प्रयाग के प्रमुख देवों में की जाती है। पुराणों के अनुसार देव और असुर द्वारा किए गए सागर मंथन में मथनी बने मंदार चल पर्वत के चारों और रस्सी के रूप में नागराज वासुकी ने अपने को प्रयुक्त होने हेतु समर्पित किया था। पुराण में इस स्थान को पृथ्वी पर नाग ह्रद तीर्थ कहा गया है। प्रतिवर

Veni Madhav Temple Allahabad - वेणी माधव मंदिर इलाहाबाद

Veni Madhav Mandir Allahabad ( Prayagraj ) - वेणी माधव मंदिर इलाहाबाद ( प्रयागराज ) श्री  वेणी माधव मंदिर इलाहाबाद का एक प्रसिद्ध मंदिर है।  इलाहाबाद का वेणी माधव मंदिर श्री कृष्ण जी को समर्पित है। श्री कृष्ण जी को इलाहाबाद शहर का नगर देवता कहा जाता है। वेणी माधव मंदिर इलाहाबाद में दारागंज में स्थित है। यह मंदिर दारागंज की तंग गली में स्थित है। मंदिर में लोगों की भीड़ हमेशा लगी रहती है और मंदिर में भजन-कीर्तन हमेशा चलते रहते हैं।  श्री वेणी माधव मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि सृष्टिकर्ता ब्रह्मा ने सृष्टि कार्य पूर्ण होने के बाद प्रयाग में प्रथम यज्ञ किया था। पुराणों के अनुसार प्रयाग में सभी तीर्थों का उद्गम है। इस पावन नगरी की निर्माता भगवान श्री विष्णु स्वयं है और वह यहां भगवान श्री वेणी माधव के रूप में विराजमान है। भगवान के प्रयाग में 12 स्वरूप विद्यमान है, जिन्हें द्वादश माधव कहा जाता है। जिनमें से भगवान श्री वेणी माधव प्रयाग के प्रधान देवता माने गए हैं, क्योंकि इनका निवास गंगा यमुना और सरस्वती नदियों के संगम से बने त्रिवेणी क्षेत्र के मध्य में स्थित है। संगम स्नान के बाद भग

Mankameshwar mandir Allahabad - मनकामेश्वर मंदिर इलाहाबाद

Mankameshwar mandir allahabad or M ankameshwar mandir Prayagraj मनकामेश्वर मंदिर इलाहाबाद या मनकामेश्वर मंदिर प्रयागराज श्री मनकामेश्वर मंदिर इलाहाबाद शहर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। श्री मनकामेश्वर मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है और यह मंदिर यमुना नदी के किनारे पर बना हुआ है। इस मंदिर में आकर बहुत शांति मिलती है। यहां पर आपको हमेशा भीड़ देखने के लिए मिल जाएगी। श्री मनकामेश्वर मंदिर परिसर में आपको और भी मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। श्री मनकामेश्वर मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर श्री मनकामेश्वर का मंदिर बना हुआ है और यहां पर ऋण मुक्तेश्वर मंदिर भी बना हुआ है। यहां पर एक पीपल का पेड़ है, उसके नीचे भी शिवलिंग विराजमान है। मंदिर से आपको यमुना नदी का बहुत ही विहंगम दृश्य देखने के लिए मिलता है।  मनकामेश्वर मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि मनकामेश्वर मंदिर श्रद्धालुओं की मनोकामना को पूर्ण करने के लिए प्रसिद्ध है। सच्चे मन से यहां पर दर्शन एवं पूजन करने से मनोकामना की पूर्ति होती है। मंदिर के दक्षिणी भाग से सीडी नुमा मार्ग नीचे की ओर यमुना नदी में जाता है। यहीं से यमुना आगे चलकर उत्तर दिशा म